BSEB 10 Sanskrit PYQs 2026


BSEB Class 10 Sanskrit 2026 Target Board Paper Solutions

BSEB Class 10 Board Exam 2026 - संस्कृत (Sanskrit)

सम्पूर्ण मॉडल व अभ्यास प्रश्नपत्र हल: 100 वस्तुनिष्ठ (MCQs) + 2 गद्यांश + 4 पत्रलेखनम् + 5 अनुच्छेद + 12 अनुवाद + 16 लघु उत्तरीय प्रश्न

खण्ड - 'अ' : 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (उत्तर एवं व्याख्या सहित)
1. 'उपनिषदः' कस्य अन्तिमे भागे विद्यन्ते? (उपनिषद् किसके अंतिम भाग में आते हैं?)
(A) वैदिकवाङ्मयस्य
(B) लौकिकसाहित्यस्य
(C) पुराणस्य
(D) नाटकस्य
उत्तर: (A) वैदिकवाङ्मयस्य व्याख्या: उपनिषद् वैदिक साहित्य के अंतिम दर्शन भाग हैं, अतः इन्हें वेदान्त कहा जाता है।
2. 'हिरण्मयेन पात्रेण' मन्त्र किस उपनिषद् से संकलित है?
(A) ईशावास्योपनिषद्
(B) कठोपनिषद्
(C) मुण्डकोपनिषद्
(D) श्वेताश्वतरोपनिषद्
उत्तर: (A) ईशावास्योपनिषद् व्याख्या: "हिरण्मयेन पात्रेण सत्यस्यापिहितं मुखम्" ईशावास्योपनिषद् का 15वाँ मन्त्र है।
3. किसकी जय कभी नहीं होती है?
(A) असत्यस्य (झूठ की)
(B) सत्यस्य
(C) धर्मस्य
(D) ईश्वरस्य
उत्तर: (A) असत्यस्य (झूठ की) व्याख्या: "सत्यमेव जयते नानृतम्" के अनुसार असत्य की कभी विजय नहीं होती।
4. सूक्ष्म से भी अति सूक्ष्म क्या है?
(A) आत्मा
(B) गगनम्
(C) जलम्
(D) पाषाणः
उत्तर: (A) आत्मा व्याख्या: "अणोरणीयान् महतो महीयान्" अर्थात् आत्मा अणु से भी सूक्ष्मातिसूक्ष्म है।
5. बिहार की राजधानी पाटलिपुत्र किस नदी के किनारे अवस्थित है?
(A) गङ्गायाः
(B) शोणस्य
(C) यमुनायाः
(D) सरय्वाः
उत्तर: (A) गङ्गायाः व्याख्या: पाटलिपुत्र नगर पावन गङ्गा नदी के उत्तरी-दक्षिणी पावन तट पर स्थित है।
6. सम्राट अशोक के समय पाटलिपुत्र नगर का वैभव कैसा था?
(A) समृद्धतरम्
(B) हीनम्
(C) सामान्यम्
(D) नष्टप्रायम्
उत्तर: (A) समृद्धतरम् व्याख्या: प्रियदर्शी अशोक के काल में यह नगर अत्यधिक संपन्न और समृद्ध था।
7. सिखों के दसवें गुरु कौन थे?
(A) गुरु गोविन्द सिंहः
(B) गुरु नानकः
(C) गुरु तेगबहादुरः
(D) गुरु अर्जुनदेवः
उत्तर: (A) गुरु गोविन्द सिंहः व्याख्या: गुरु गोविन्द सिंह का जन्म पाटलिपुत्र में हुआ और वे सिखों के 10वें गुरु थे।
8. 'काव्यमीमांसा' के लेखक कौन हैं?
(A) राजशेखरः
(B) दामोदरगुप्तः
(C) चाणक्यः
(D) पाणिनी
उत्तर: (A) राजशेखरः व्याख्या: कवि राजशेखर ने 'काव्यमीमांसा' ग्रन्थ में पाटलिपुत्र की शिक्षा का वर्णन किया।
9. मैथिल कोकिल के नाम से कौन प्रसिद्ध कवि हैं?
(A) विद्यापतिः
(B) कालिदासः
(C) भवभूतिः
(D) भारविः
उत्तर: (A) विद्यापतिः व्याख्या: विद्यापति मैथिली और संस्कृत दोनों भाषाओं के सुप्रसिद्ध कवि थे।
10. बीरेश्वर कौन था?
(A) मिथिला का मन्त्री
(B) मिथिला का राजा
(C) मगध का सेनापति
(D) द्वारपालः
उत्तर: (A) मिथिला का मन्त्री व्याख्या: बीरेश्वर मिथिला के दानशील और दयालु मन्त्री थे।
11. आलसियों की परीक्षा लेने के लिए क्या किया गया?
(A) आलसशाला में आग लगाई गई
(B) भोजन बन्द किया गया
(C) वस्त्र छीने गए
(D) दण्ड दिया गया
उत्तर: (A) आलसशाला में आग लगाई गई व्याख्या: बनावटी आलसियों को पहचानने हेतु नियोगी पुरुषों ने आलसशाला में आग लगाई।
12. "तुष्णीं कथं न तिष्ठथ?" यह कथन किस आलसी का था?
(A) चतुर्थ आलसी का
(B) प्रथम का
(C) द्वितीय का
(D) तृतीय का
उत्तर: (A) चतुर्थ आलसी का व्याख्या: चौथे आलसी ने कहा—"कितना बोलते हो, चुपचाप क्यों नहीं रहते?"
13. महर्षि याज्ञवल्क्य ने अपनी पत्नी मैत्रेयी को किसकी शिक्षा दी थी?
(A) आत्मतत्त्व की
(B) सांख्य की
(C) राजनीति की
(D) धनुर्विद्या की
उत्तर: (A) आत्मतत्त्व की व्याख्या: बृहदारण्यकोपनिषद् में याज्ञवल्क्य अपनी पत्नी को आत्मतत्त्व का उपदेश देते हैं।
14. जनक की सभा में शास्त्रार्थकुशला कौन विदुषी थीं?
(A) गार्गी वाचकनवी
(B) मैत्रेयी
(C) सुलभा
(D) विजयाङ्का
उत्तर: (A) गार्गी वाचकनवी व्याख्या: राजा जनक की राजसभा में ब्रह्मवादिनी गार्गी शास्त्रार्थ के लिए प्रतिष्ठित थीं।
15. आधुनिक काल की सुप्रसिद्ध संस्कृत लेखिका कौन हैं?
(A) पण्डिता क्षमाराव
(B) तिरुमलाम्बा
(C) विजयाङ्का
(D) गङ्गादेवी
उत्तर: (A) पण्डिता क्षमाराव व्याख्या: आधुनिक संस्कृत साहित्य में पण्डिता क्षमाराव (1890-1953) सर्वप्रमुख हैं।
16. 'भारत महिमा' पाठ में पौराणिक श्लोक किस पुराण से हैं?
(A) विष्णु और भागवत पुराण से
(B) शिव और वायु से
(C) मत्स्य और गरुड़ से
(D) पद्म और स्कन्द से
उत्तर: (A) विष्णु और भागवत पुराण से व्याख्या: प्रथम श्लोक विष्णु पुराण से और द्वितीय श्लोक भागवत पुराण से संकलित है।
17. भारतभूमि कैसी है?
(A) विशाला, निर्मला, वत्सला
(B) संकीर्णा
(C) शुष्का
(D) मलिना
उत्तर: (A) विशाला, निर्मला, वत्सला व्याख्या: पाठ के अनुसार भारतभूमि विशाल, पावन-निर्मल और ममतामयी है।
18. 'संस्काराः' कुल कितने हैं?
(A) 16 (षोडश)
(B) 14
(C) 12
(D) 10
उत्तर: (A) 16 (षोडश) व्याख्या: सनातन वैदिक संस्कृति में कुल 16 संस्कार मान्य हैं।
19. जन्म से पूर्व कितने संस्कार होते हैं?
(A) त्रयः (3)
(B) षट् (6)
(C) पञ्च (5)
(D) एकः (1)
उत्तर: (A) त्रयः (3) व्याख्या: गर्भाधान, पुंसवन तथा सीमन्तोन्नयन—ये 3 जन्मपूर्व संस्कार हैं।
20. शैशव संस्कार कितने होते हैं?
(A) षट् (6)
(B) पञ्च (5)
(C) त्रयः (3)
(D) चत्वारः (4)
उत्तर: (A) षट् (6) व्याख्या: जातकर्म, नामकरण, निष्क्रमण आदि 6 संस्कार शैशवावस्था के हैं।
21. विवाह संस्कार के अन्तर्गत कौन-सी मुख्य क्रिया होती है?
(A) सप्तपदी, सिन्दूरदानम्
(B) कर्णवेधः
(C) उपनयनम्
(D) मुण्डनम्
उत्तर: (A) सप्तपदी, सिन्दूरदानम् व्याख्या: कन्यादान, लाजा-होम, सप्तपदी, सिन्दूरदान विवाह के प्रमुख अंग हैं।
22. 'नीतिश्लोकाः' पाठ में किसके प्रश्न और किसके उत्तर हैं?
(A) धृतराष्ट्र के प्रश्न, विदुर के उत्तर
(B) युधिष्ठिर-भीष्म संवाद
(C) अर्जुन-कृष्ण संवाद
(D) राम-लक्ष्मण संवाद
उत्तर: (A) धृतराष्ट्र के प्रश्न, विदुर के उत्तर व्याख्या: महाभारत के उद्योगपर्व में राजा धृतराष्ट्र के प्रश्नों का समाधान महात्मा विदुर करते हैं।
23. नरक के कितने द्वार हैं जो आत्मा का नाश करते हैं?
(A) त्रयः (3)
(B) चत्वारः (4)
(C) पञ्च (5)
(D) द्वौ (2)
उत्तर: (A) त्रयः (3) व्याख्या: काम, क्रोध और लोभ नरक के तीन द्वार हैं।
24. विद्या की रक्षा किससे होती है?
(A) योगेन (अभ्यासेन)
(B) सत्येन
(C) रूपेण
(D) धनेन
उत्तर: (A) योगेन (अभ्यासेन) व्याख्या: "विद्या योगेन रक्ष्यते" अर्थात् निरंतर अभ्यास से विद्या की रक्षा होती है।
25. कुल (खानदान) की रक्षा किससे होती है?
(A) वृत्तेन (सदाचरण से)
(B) विद्यया
(C) धनेन
(D) बलेन
उत्तर: (A) वृत्तेन (सदाचरण से) व्याख्या: "कुलं वृत्तेन रक्ष्यते" अर्थात् सदाचार और अच्छे आचरण से कुल की प्रतिष्ठा रहती है।
26. 'कर्मवीर कथा' का नायक कौन है?
(A) रामप्रवेश रामः
(B) श्यामसुन्दरः
(C) मन्त्री
(D) शिक्षकः
उत्तर: (A) रामप्रवेश रामः व्याख्या: रामप्रवेश राम विपरीत परिस्थितियों को पार कर कर्मवीर बनते हैं।
27. भीखनटोला गाँव किस राज्य में स्थित है?
(A) बिहार राज्ये
(B) उत्तरप्रदेशे
(C) मध्यप्रदेशे
(D) झारखण्डे
उत्तर: (A) बिहार राज्ये व्याख्या: भीखनटोला बिहार का एक अत्यंत दुर्गम ग्रामीण अंचल है।
28. लक्ष्मी किसको प्राप्त होती है?
(A) उद्योगिनं पुरुषम् (परिश्रमी को)
(B) आलसिनम्
(C) भीरुम्
(D) मूर्खम्
उत्तर: (A) उद्योगिनं पुरुषम् (परिश्रमी को) व्याख्या: "उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मीः" अर्थात् परिश्रमी का ही वरण लक्ष्मी करती है।
29. स्वामी दयानन्द का जन्म कब हुआ था?
(A) 1824 ई.
(B) 1875 ई.
(C) 1883 ई.
(D) 1830 ई.
उत्तर: (A) 1824 ई. व्याख्या: स्वामी दयानन्द का जन्म 1824 ई. में गुजरात के टंकारा ग्राम में हुआ था।
30. स्वामी दयानन्द के गुरु कौन थे?
(A) स्वामी विरजानन्दः
(B) रामकृष्ण परमहंसः
(C) विवेकानन्दः
(D) शंकराचार्यः
उत्तर: (A) स्वामी विरजानन्दः व्याख्या: मथुरा के प्रज्ञाचक्षु स्वामी विरजानन्द उनके गुरु थे।
31. 'आर्य समाज' की स्थापना कहाँ हुई थी?
(A) मुम्बई नगरे
(B) कोलकातायाम्
(C) देहल्याम्
(D) पाटलिपुत्रे
उत्तर: (A) मुम्बई नगरे व्याख्या: 1875 ई. में मुम्बई में आर्य समाज की स्थापना स्वामी दयानन्द ने की।
32. 'मन्दाकिनीवर्णनम्' पाठ वाल्मीकि रामायण के किस काण्ड से है?
(A) अयोध्याकाण्डात्
(B) बालकाण्डात्
(C) अरण्यकाण्डात्
(D) किष्किन्धाकाण्डात्
उत्तर: (A) अयोध्याकाण्डात् व्याख्या: रामायण के अयोध्या काण्ड के 95वें सर्ग से यह पाठ संकलित है।
33. मन्दाकिनी नदी किसके निकट बहती है?
(A) चित्रकूटपर्वतस्य
(B) हिमालयस्य
(C) विन्ध्याचलस्य
(D) पारसनाथस्य
उत्तर: (A) चित्रकूटपर्वतस्य व्याख्या: मन्दाकिनी नदी चित्रकूट पर्वत के समीप प्रवाहित होती है।
34. मन्दाकिनी नदी में स्नान कौन करते हैं?
(A) ऋषयः (ऋषिगण)
(B) राक्षसाः
(C) पशवः
(D) वानराः
उत्तर: (A) ऋषयः (ऋषिगण) व्याख्या: "जटावल्कलधारिणः... ऋषयोऽवगाहन्ते" अर्थात् पवित्र मुनि स्नान करते हैं।
35. 'हितोपदेश' के रचनाकार कौन हैं?
(A) नारायण पण्डितः
(B) विष्णु शर्मा
(C) कालिदासः
(D) बाणभट्टः
उत्तर: (A) नारायण पण्डितः व्याख्या: हितोपदेश नीतिकथा ग्रन्थ नारायण पण्डित की कृति है।
36. वृद्ध बाघ क्या दान करना चाहता था?
(A) सुवर्णकङ्कणम् (सोने का कंगन)
(B) रजतपात्रम्
(C) मणिम्
(D) वस्त्रम्
उत्तर: (A) सुवर्णकङ्कणम् (सोने का कंगन) व्याख्या: बूढ़ा बाघ पथिक को लुभाने के लिए सोने का कंगन हाथ में लिए था।
37. लालची पथिक कहाँ फँस गया?
(A) महापंके (गहरे कीचड़ में)
(B) नद्याम्
(C) गुहायाम्
(D) वने
उत्तर: (A) महापंके (गहरे कीचड़ में) व्याख्या: तालाब में स्नान करने उतरा लालची पथिक गहरे कीचड़ में फँस गया।
38. 'कर्णस्य दानवीरता' पाठ किस नाटक से संकलित है?
(A) कर्णभारम्
(B) दूतवाक्यम्
(C) ऊरुभङ्गम्
(D) बालचरितम्
उत्तर: (A) कर्णभारम् व्याख्या: महाकवि भास के प्रसिद्ध एकांकी रूपक 'कर्णभारम्' से यह पाठ उद्धृत है।
39. कर्ण किसका पुत्र था?
(A) कुन्ती और सूर्य का
(B) गान्धारी का
(C) माद्री का
(D) सत्यवती का
उत्तर: (A) कुन्ती और सूर्य का व्याख्या: कर्ण कुन्ती का ज्येष्ठ पुत्र और सूर्यदेव का अंश था।
40. "न दातव्यम्, न दातव्यम्" यह कर्ण से किसने कहा?
(A) शल्यराज ने
(B) दुर्योधन ने
(C) कृष्ण ने
(D) शकुनि ने
उत्तर: (A) शल्यराज ने व्याख्या: मद्रराज शल्य ने कर्ण को कवच-कुण्डल दान देने से मना किया था।
41. विश्व में अशान्ति के कितने मुख्य कारण हैं?
(A) द्वौ (2) - द्वेष और असहिष्णुता
(B) त्रयः
(C) चत्वारः
(D) पञ्च
उत्तर: (A) द्वौ (2) - द्वेष और असहिष्णुता व्याख्या: विश्वशान्ति पाठ के अनुसार द्वेष और असहिष्णुता अशांति के 2 मूल कारण हैं।
42. 'उदारचरितानां तु वसुधैव...' क्या होती है?
(A) कुटुम्बकम्
(B) शत्रुः
(C) मित्रम्
(D) राज्यम्
उत्तर: (A) कुटुम्बकम् व्याख्या: "उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्" अर्थात् उदार लोगों के लिए सम्पूर्ण पृथ्वी ही परिवार है।
43. न्याय दर्शन के प्रवर्तक कौन हैं?
(A) महर्षि गौतमः
(B) कणादः
(C) कपिलः
(D) पतञ्जलिः
उत्तर: (A) महर्षि गौतमः व्याख्या: न्याय सूत्र और न्याय दर्शन के प्रणेता महर्षि गौतम हैं।
44. वैशेषिक दर्शन के प्रवर्तक कौन हैं?
(A) महर्षि कणादः
(B) गौतमः
(C) जैमिनिः
(D) बादरायणः
उत्तर: (A) महर्षि कणादः व्याख्या: महर्षि कणाद (उलूक) ने वैशेषिक दर्शन का प्रवर्तन किया।
45. 'मीमांसा दर्शन' के रचयिता कौन हैं?
(A) महर्षि जैमिनिः
(B) बादरायणः
(C) कपिलः
(D) यास्कः
उत्तर: (A) महर्षि जैमिनिः व्याख्या: पूर्व मीमांसा दर्शन के रचनाकार महर्षि जैमिनि हैं।
46. 'चरकसंहिता' किस शास्त्र का ग्रन्थ है?
(A) आयुर्वेदशास्त्रस्य
(B) खगोलशास्त्रस्य
(C) वास्तुशास्त्रस्य
(D) ज्योतिषस्य
उत्तर: (A) आयुर्वेदशास्त्रस्य व्याख्या: महर्षि चरक रचित चरकसंहिता आयुर्वेद का महान ग्रन्थ है।
47. 'बृहत्संहिता' के रचयिता कौन हैं?
(A) वराहमिहिरः
(B) आर्यभट्टः
(C) पराशरः
(D) भास्कराचार्यः
उत्तर: (A) वराहमिहिरः व्याख्या: वराहमिहिर ने प्रसिद्ध विशाल ग्रन्थ 'बृहत्संहिता' की रचना की।
48. छन्द शास्त्र के प्रवर्तक कौन हैं?
(A) पिङ्गलाचार्यः
(B) पाणिनिः
(C) यास्कः
(D) गार्ग्यः
उत्तर: (A) पिङ्गलाचार्यः व्याख्या: छन्दःसूत्र के प्रणेता आचार्य पिङ्गल माने जाते हैं।
49. 'उप + इन्द्रः' की सन्धि क्या होगी?
(A) उपेन्द्रः
(B) उपिन्द्रः
(C) उपैन्द्रः
(D) अपेन्द्रः
उत्तर: (A) उपेन्द्रः व्याख्या: अ + इ = ए (आद्गुणः सूत्र से गुण स्वर सन्धि)।
50. 'देव + आलयः' में कौन-सी सन्धि है?
(A) दीर्घ स्वर सन्धि
(B) गुण सन्धि
(C) यण् सन्धि
(D) वृद्धि सन्धि
उत्तर: (A) दीर्घ स्वर सन्धि व्याख्या: अ + आ = आ (अकः सवर्णे दीर्घः सूत्र से दीर्घ सन्धि)।
51. 'पवनः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) पो + अनः
(B) पौ + अनः
(C) प + वनः
(D) पव + नः
उत्तर: (A) पो + अनः व्याख्या: अयादि सन्धि (एचोऽयवायावः) के अनुसार ओ + अ = अव।
52. 'पावकः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) पौ + अकः
(B) पो + अकः
(C) पाव + कः
(D) पा + वकः
उत्तर: (A) पौ + अकः व्याख्या: औ + अ = आव् + अकः = पावकः (अयादि स्वर सन्धि)।
53. 'जगदीशः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) जगत् + ईशः
(B) जग + दीशः
(C) जगद् + ईशः
(D) जगदी + शः
उत्तर: (A) जगत् + ईशः व्याख्या: 'झलां जशोऽन्ते' से त् का तृतीय वर्ण 'द्' होकर जगदीशः बनता है।
54. 'निश्चलः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) निः + चलः
(B) निस् + चलः
(C) निश्च + लः
(D) नी + चलः
उत्तर: (A) निः + चलः व्याख्या: विसर्ग सन्धि के नियमानुसार च् परे होने पर विसर्ग का श् होता है।
55. 'पञ्चवटी' में कौन-सा समास है?
(A) द्विगु
(B) द्वन्द्व
(C) तत्पुरुष
(D) कर्मधारय
उत्तर: (A) द्विगु व्याख्या: पञ्चानां वटानां समाहारः = पञ्चवटी (द्विगु समास)।
56. 'दशाननः' किस समास का उदाहरण है?
(A) बहुव्रीहि
(B) द्विगु
(C) तत्पुरुष
(D) अव्ययीभाव
उत्तर: (A) बहुव्रीहि व्याख्या: दश आननानि यस्य सः (रावणः)—अन्य पद प्रधान बहुव्रीहि समास।
57. 'मातापितरौ' में कौन-सा समास है?
(A) द्वन्द्व
(B) द्विगु
(C) कर्मधारय
(D) बहुव्रीहि
उत्तर: (A) द्वन्द्व व्याख्या: माता च पिता च = मातापितरौ (द्वन्द्व समास)।
58. 'राजपुरुषः' का सामासिक विग्रह क्या होगा?
(A) राज्ञः पुरुषः
(B) राजा च पुरुषः
(C) राजाय पुरुषः
(D) राजेन पुरुषः
उत्तर: (A) राज्ञः पुरुषः व्याख्या: राजा का पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष समास)।
59. 'अभितः' के योग में किस विभक्ति का प्रयोग होता है?
(A) द्वितीया
(B) तृतीया
(C) चतुर्थी
(D) पञ्चमी
उत्तर: (A) द्वितीया व्याख्या: "अभितः परितः समयानिकषा..." वार्तिक से अभितः के योग में द्वितीया होती है।
60. 'सह' के योग में कौन-सी विभक्ति होती है?
(A) तृतीया
(B) चतुर्थी
(C) द्वितीया
(D) पञ्चमी
उत्तर: (A) तृतीया व्याख्या: 'सहार्थे तृतीया' सूत्र से साथ अर्थ में तृतीया विभक्ति लगती है।
61. 'वृक्षात् पत्रं पतति' में पञ्चमी किस सूत्र से है?
(A) अपादाने पञ्चमी
(B) भुवः प्रभवश्च
(C) जनीकर्तुः प्रकृतिः
(D) आख्यातोपयोगे
उत्तर: (A) अपादाने पञ्चमी व्याख्या: किसी स्थान से अलग होने पर अपादान कारक में पञ्चमी विभक्ति होती है।
62. 'अभिज्ञानम्' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) अभि
(B) अप
(C) अव
(D) आङ्
उत्तर: (A) अभि व्याख्या: अभि + ज्ञानम् = अभिज्ञानम् (अभि उपसर्ग)।
63. 'प्रचारः' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) प्र
(B) परा
(C) परि
(D) प्रति
उत्तर: (A) प्र व्याख्या: प्र + चारः = प्रचारः।
64. 'उपकारः' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) उप
(B) अप
(C) उत्
(D) अनु
उत्तर: (A) उप व्याख्या: उप + कारः = उपकारः।
65. 'भू' धातु लट् लकार प्रथम पुरुष एकवचन का रूप क्या है?
(A) भवति
(B) भवन्ति
(C) भवसि
(D) भवामि
उत्तर: (A) भवति व्याख्या: लट् लकार वर्तमान काल: भवति, भवतः, भवन्ति।
66. 'पठिष्यति' किस लकार का रूप है?
(A) लृट् लकार
(B) लट् लकार
(C) लङ् लकार
(D) लोट् लकार
उत्तर: (A) लृट् लकार व्याख्या: 'पठिष्यति' भविष्यत् काल (लृट् लकार) प्रथम पुरुष एकवचन का रूप है।
67. 'अगच्छत्' किस लकार का रूप है?
(A) लङ् लकार
(B) लट् लकार
(C) लोट् लकार
(D) विधिलिङ्
उत्तर: (A) लङ् लकार व्याख्या: 'अगच्छत्' भूतकाल (लङ् लकार) प्रथम पुरुष एकवचन का रूप है।
68. 'तिष्ठति' किस धातु का रूप है?
(A) स्था
(B) तिष्ठ्
(C) दा
(D) पा
उत्तर: (A) स्था व्याख्या: 'स्था' (ठहरना) धातु का लट् लकार में तिष्ठति रूप बनता है।
69. 'बालक' शब्द का तृतीया एकवचन रूप क्या है?
(A) बालकेन
(B) बालकाय
(C) बालकात्
(D) बालकस्य
उत्तर: (A) बालकेन व्याख्या: अकारान्त बालक शब्द का तृतीया एकवचन रूप 'बालकेन' होता है।
70. 'लतायै' किस विभक्ति का रूप है?
(A) चतुर्थी
(B) तृतीया
(C) पञ्चमी
(D) द्वितीया
उत्तर: (A) चतुर्थी व्याख्या: आकारान्त स्त्रीलिङ्ग लता का चतुर्थी एकवचन 'लतायै' होता है।
71. 'मुनये' किस विभक्ति का रूप है?
(A) चतुर्थी
(B) पञ्चमी
(C) षष्ठी
(D) तृतीया
उत्तर: (A) चतुर्थी व्याख्या: इकारान्त पुंल्लिङ्ग मुनि शब्द का चतुर्थी एकवचन 'मुनये' होता है।
72. 'साधु' शब्द का सप्तमी एकवचन रूप क्या होगा?
(A) साधौ
(B) साधुना
(C) साधवे
(D) साधोः
उत्तर: (A) साधौ व्याख्या: उकारान्त पुंल्लिङ्ग साधु शब्द का सप्तमी एकवचन 'साधौ' बनता है।
73. 'नदीम्' किस विभक्ति का रूप है?
(A) द्वितीया एकवचन
(B) तृतीया एकवचन
(C) प्रथमा एकवचन
(D) षष्ठी बहुवचन
उत्तर: (A) द्वितीया एकवचन व्याख्या: ईकारान्त नदी शब्द का द्वितीया एकवचन 'नदीम्' होता है।
74. 'अस्माकम्' में कौन-सी मूल प्रातिपदिक है?
(A) अस्मद्
(B) युष्मद्
(C) तद्
(D) इदम्
उत्तर: (A) अस्मद् व्याख्या: अस्मद् सर्वनाम शब्द का षष्ठी बहुवचन 'अस्माकम्' (हमारा) होता है।
75. 'युष्माकम्' किस विभक्ति का रूप है?
(A) षष्ठी बहुवचन
(B) पञ्चमी बहुवचन
(C) तृतीया बहुवचन
(D) सप्तमी बहुवचन
उत्तर: (A) षष्ठी बहुवचन व्याख्या: युष्मद् सर्वनाम की षष्ठी बहुवचन का रूप 'युष्माकम्' (तुम्हारा) है।
76. 'स्था + क्त्वा' से कौन-सा शब्द बनेगा?
(A) स्थित्वा
(B) स्थात्वा
(C) स्थायित्व
(D) स्थापित्वा
उत्तर: (A) स्थित्वा व्याख्या: स्था धातु में क्त्वा प्रत्यय लगाने पर 'स्थित्वा' (ठहरकर) रूप बनता है।
77. 'हन् + क्त्वा' से कौन-सा शब्द निष्पन्न होगा?
(A) हत्वा
(B) हनित्वा
(C) हन्तव्यम्
(D) घातयित्वा
उत्तर: (A) हत्वा व्याख्या: हन् धातु में क्त्वा प्रत्यय जुड़ने से नकार लोप होकर 'हत्वा' बनता है।
78. 'गम् + शतृ' से क्या रूप बनेगा?
(A) गच्छन्
(B) गच्छत्
(C) गन्तव्यम्
(D) गच्छन्ती
उत्तर: (A) गच्छन् व्याख्या: गम् धातु में वर्तमानकालिक 'शतृ' प्रत्यय लगने से पुंल्लिङ्ग में 'गच्छन्' बनता है।
79. 'पठ् + अनीयर्' से कौन-सा शब्द बनेगा?
(A) पठनीयम्
(B) पाठनम्
(C) पठितव्यम्
(D) पाठ्यम्
उत्तर: (A) पठनीयम् व्याख्या: 'अनीयर्' प्रत्यय 'चाहिए' अर्थ में जुड़कर पठनीयम् (पढ़ने योग्य) बनाता है।
80. 'कृ + तव्यत्' से निष्पन्न शब्द क्या होगा?
(A) कर्तव्यम्
(B) करणीयम्
(C) कृतम्
(D) कार्यम्
उत्तर: (A) कर्तव्यम् व्याख्या: कृ में तव्यत् जुड़ने से 'कर्तव्यम्' (करने योग्य) पद बनता है।
81. 'आ + गम् + ल्यप्' से क्या शब्द बनेगा?
(A) आगत्य
(B) आगत्वा
(C) आगमनम्
(D) आयातः
उत्तर: (A) आगत्य व्याख्या: धातु से पूर्व उपसर्ग होने पर क्त्वा के स्थान पर 'ल्यप्' होकर आगत्य बनता है।
82. 'दातुम्' में कौन-सा प्रत्यय है?
(A) तुमुन्
(B) क्त्वा
(C) ल्यप्
(D) क्त
उत्तर: (A) तुमुन् व्याख्या: दा + तुमुन् = दातुम् (देने के लिए)।
83. 'गतः' में कौन-सा प्रत्यय है?
(A) क्त
(B) क्तवतु
(C) शतृ
(D) क्त्वा
उत्तर: (A) क्त व्याख्या: गम् + क्त = गतः (भूतकाल कृदन्त प्रत्यय)।
84. 'गुरु + तरप्' से कौन-सा शब्द बनेगा?
(A) गुरुतरः
(B) गुरुतमः
(C) गौरवम्
(D) गुरुता
उत्तर: (A) गुरुतरः व्याख्या: तरप् प्रत्यय का 'तर' जुड़ता है, अतः 'गुरुतरः' बनता है।
85. 'महत् + तल्' से कौन-सा शब्द बनेगा?
(A) महत्ता
(B) महत्त्वम्
(C) महीयस्
(D) महा
उत्तर: (A) महत्ता व्याख्या: तल् प्रत्यय का 'ता' जुड़कर भाववाचक संज्ञा 'महत्ता' बनाता है।
86. 'मूषिक' शब्द का स्त्रीलिङ्ग रूप क्या होगा?
(A) मूषिका
(B) मूषिकी
(C) मूषिकानी
(D) मूषी
उत्तर: (A) मूषिका व्याख्या: मूषिक + टाप् = मूषिका (अजाद्यतष्टाप् सूत्र से टाप् प्रत्यय)।
87. 'नर्तक' + ङीष् से कौन-सा शब्द बनेगा?
(A) नर्तकी
(B) नर्तका
(C) नर्तकिनी
(D) नर्तक्या
उत्तर: (A) नर्तकी व्याख्या: 'षिद्गौरादिभ्यश्च' सूत्र से नर्तक में ङीष् प्रत्यय लगकर 'नर्तकी' बनता है।
88. 'इन्द्र' का स्त्रीलिङ्ग रूप क्या होगा?
(A) इन्द्राणी
(B) इन्द्रा
(C) इन्द्री
(D) इन्द्रिका
उत्तर: (A) इन्द्राणी व्याख्या: इन्द्र + ङीष् (आनुक् आगम के साथ) से 'इन्द्राणी' रूप बनता है।
89. 'पठेत्' किस लकार का रूप है?
(A) विधिलिङ्
(B) लट्
(C) लोट्
(D) लङ्
उत्तर: (A) विधिलिङ् व्याख्या: चाहिए अर्थ में विधिलिङ् प्रथम पुरुष एकवचन का रूप 'पठेत्' है।
90. 'वद' किस लकार और पुरुष का रूप है?
(A) लोट् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन
(B) लट् लकार, प्रथम पुरुष
(C) लङ् लकार, उत्तम पुरुष
(D) विधिलिङ्
उत्तर: (A) लोट् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन व्याख्या: लोट् लकार में वद् धातु के मध्यम पुरुष रूप: वद, वदतम्, वदत।
91. 'अहम् त्वाम् पश्यामि' में 'त्वाम्' किस विभक्ति का रूप है?
(A) द्वितीया एकवचन
(B) प्रथमा एकवचन
(C) तृतीया एकवचन
(D) षष्ठी एकवचन
उत्तर: (A) द्वितीया एकवचन व्याख्या: युष्मद् सर्वनाम के द्वितीया एकवचन का रूप 'त्वाम्' (तुझको) होता है।
92. 'सेव्' धातु लट् लकार प्रथम पुरुष एकवचन में क्या होगा?
(A) सेवते
(B) सेवति
(C) सेवेते
(D) सेवन्ते
उत्तर: (A) सेवते व्याख्या: आत्मनेपद धातु सेव् का लट् लकार प्रथम पुरुष एकवचन रूप 'सेवते' बनता है।
93. 'गुरुवे' में कौन-सी विभक्ति है?
(A) चतुर्थी एकवचन
(B) तृतीया एकवचन
(C) पञ्चमी एकवचन
(D) षष्ठी एकवचन
उत्तर: (A) चतुर्थी एकवचन व्याख्या: उकारान्त गुरु शब्द का चतुर्थी एकवचन 'गुरवे' (गुरु के लिए) होता है।
94. 'अक्ष्णा काणः' में तृतीया किस सूत्र से है?
(A) येनाङ्गविकारः
(B) सहार्थे तृतीया
(C) हेतौ
(D) करणे तृतीया
उत्तर: (A) येनाङ्गविकारः व्याख्या: शारीरिक विकृति सूचक अंग में 'येनाङ्गविकारः' सूत्र से तृतीया होती है।
95. 'नदी' शब्द का तृतीया एकवचन रूप क्या है?
(A) नद्या
(B) नद्याम्
(C) नद्यै
(D) नदीना
उत्तर: (A) नद्या व्याख्या: ईकारान्त नदी शब्द का तृतीया एकवचन रूप 'नद्या' होता है।
96. 'पितृ' शब्द का द्वितीया बहुवचन रूप क्या होगा?
(A) पितॄन्
(B) पितरान्
(C) पितृभिः
(D) पितॄणाम्
उत्तर: (A) पितॄन् व्याख्या: ऋकारान्त पुंल्लिङ्ग पितृ शब्द का द्वितीया बहुवचन 'पितॄन्' बनता है।
97. 'अप' उपसर्ग से कौन-सा शब्द बना है?
(A) अपकारः
(B) आकारः
(C) उपकारः
(D) प्राकारः
उत्तर: (A) अपकारः व्याख्या: अप + कारः = अपकारः।
98. 'सु + आगतम्' की सन्धि क्या होगी?
(A) स्वागतम्
(B) सुवागतम्
(C) स्वागातम
(D) सवागतम्
उत्तर: (A) स्वागतम् व्याख्या: उ + आ = वा (इको यणचि सूत्र से यण् स्वर सन्धि)।
99. 'नीलोत्पलम्' का विग्रह क्या होगा?
(A) नीलम् उत्पलम्
(B) नीलः उत्पलः
(C) नीलं च उत्पलं च
(D) नीले उत्पले
उत्तर: (A) नीलम् उत्पलम् व्याख्या: कर्मधारय समास में विशेषण और विशेष्य का विग्रह 'नीलम् उत्पलम्' होता है।
100. 'गच्छेयुः' किस लकार और पुरुष का रूप है?
(A) विधिलिङ्, प्रथम पुरुष बहुवचन
(B) लट्, प्रथम पुरुष
(C) लोट्, मध्यम पुरुष
(D) लङ्, उत्तम पुरुष
उत्तर: (A) विधिलिङ्, प्रथम पुरुष बहुवचन व्याख्या: गच्छेत्, गच्छेताम्, गच्छेयुः (विधिलिङ् लकार प्रथम पुरुष बहुवचन)।
खण्ड - 'ब' : 2 संस्कृत गद्यांश (हल सहित)
गद्यांश - 1
सत्यं संसारस्य मूल आधारः अस्ति। सत्येन एव पृथिवी तिष्ठति, सत्येन एव सूर्यः तपति, सत्येन एव वायुः वाति। यस्मिन् समाजे सत्यस्य आदरः न भवति, सः समाजः शीघ्रमेव विनश्यति। 'सत्यमेव जयते नानृतम्' इति अस्माकं राष्ट्रियं ध्येयवाक्यम् अस्ति। असत्यभाषणेन मनुष्यस्य पतनं भवति, विश्वासः च नश्यति। अतः सर्वदा सत्यं वद, धर्मं चर इति ऋषीणाम् उपदेशः वर्तते।
(क) एकपदेन उत्तरत:
1. संसारस्य मूल आधारः कः अस्ति? उत्तर: सत्यम्।
2. केन पृथिवी तिष्ठति सूर्यश्च तपति? उत्तर: सत्येन।
(ख) पूर्णवाक्येन उत्तरत:
1. अस्माकं राष्ट्रियं ध्येयवाक्यं किम् अस्ति? उत्तर: 'सत्यमेव जयते नानृतम्' इति अस्माकं राष्ट्रियं ध्येयवाक्यम् अस्ति।
2. असत्यभाषणेन किं भवति? उत्तर: असत्यभाषणेन मनुष्यस्य पतनं भवति तथा तस्य विश्वासः नश्यति।
(ग) अस्य गद्यांशस्य समुचितं शीर्षकं लिखत:
उत्तर: सत्यस्य महिमा (सत्यमेव जयते)।
गद्यांश - 2
पुस्तकानि अस्माकं परममित्राणि सन्ति। यदा मानवः एकाकी भवति, तदा पुस्तकानि एव तस्य मार्गदर्शनं कुर्वन्ति। पुस्तकेषु प्राचीन-विदुषां, वैज्ञानिकानां, महापुरुषाणां च अमूल्याः विचाराः सुरक्षिताः सन्ति। उत्तम-पुस्तकानां पठनेन ज्ञानस्य विस्तारः भवति, बुद्धिः तीव्रा भवति, कुविचाराः च नश्यन्ति। अतः प्रत्येकेन छात्रेण स्वाध्यायस्य अभ्यासः प्रतिदिनं करणीयः।
(क) एकपदेन उत्तरत:
1. अस्माकं परममित्राणि कानि सन्ति? उत्तर: पुस्तकानि।
2. केषां पठनेन ज्ञानस्य विस्तारः भवति? उत्तर: उत्तम-पुस्तकानाम्।
(ख) पूर्णवाक्येन उत्तरत:
1. पुस्तकेषु केषाम् अमूल्याः विचाराः सुरक्षिताः सन्ति? उत्तर: पुस्तकेषु प्राचीन-विदुषां, वैज्ञानिकानां, महापुरुषाणां च अमूल्याः विचाराः सुरक्षिताः सन्ति।
2. प्रत्येकेन छात्रेण कस्य अभ्यासः करणीयः? उत्तर: प्रत्येकेन छात्रेण स्वाध्यायस्य अभ्यासः प्रतिदिनं करणीयः।
(ग) अस्य गद्यांशस्य उपयुक्तं शीर्षकं लिखत:
उत्तर: पुस्तकानां महत्त्वम् (स्वाध्यायः)।
संस्कृत पत्रलेखनम् (4 पूर्ण पत्र हल सहित)
1. भ्रातुः विवाहोत्सवे अवकाशार्थं प्रधानाध्यापकं प्रति पत्रम् (भाई के विवाह पर अवकाश पत्र)
सेवायाम्,
श्रीमन्तः प्रधानाध्यापक महोदयाः,
राजकीय उच्च विद्यालयः, मुंगेरम्।

विषयः - दिनद्वयस्य अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्।

महोदय,
सविनयं निवेदनम् अस्ति यत् मम ज्येष्ठभ्रातुः शुभविवाहः आगामि-सोमवासरे भविष्यति। अस्मिन् मांगलिक-उत्सवे मम गृहे उपस्थितिः अतीव अनिवार्या वर्तते। अतः अहम् 16/02/2026 तः 17/02/2026 पर्यन्तं विद्यालयम् आगन्तुं न शक्नोमि।
अतः प्रार्थना अस्ति यत् मह्यं दिनद्वयस्य अवकाशं प्रदाय अनुगृह्णन्तु।

भवताम् आज्ञाकारी शिष्यः
नाम: हर्ष कुमारः
वर्गः: दशमः 'अ', रोल नं: 15
2. परीक्षा-शुल्क-प्रेषणार्थं पितरं प्रति पत्रम् (परीक्षा शुल्क हेतु पिता को पत्र)
स्थानम् - छात्रावासः, गया
दिनाङ्कः - 22.03.2026

पूज्यपादाः पितृचरणाः,
सादरं प्रणामाः।

अत्र कुशलं तत्रास्तु। मम अध्ययनम् अतीव सम्यक् प्रचलति। आगामि-सप्ताहे अस्माकं दशमकक्षायाः बोर्ड-परीक्षायाः फॉर्म-पूरणं तथा परीक्षा-शुल्क-जमाकरणं भविष्यति। एतदर्थं मह्यं सप्तशतं (700) रूप्यकाणि अतिशीघ्रं प्रेषयन्तु इति सविनयं प्रार्थये।

मातृचरणयोः मम प्रणामाञ्जलिः। अनुजाय शुभाशिषः।

भवतः आज्ञापालकः पुत्रः
शिवमः
3. परीक्षायां सफलतां प्राप्य मित्रं प्रति अभिनन्दनपत्रम् (मित्र को बधाई पत्र)
स्थानम् - पूर्णिया
दिनाङ्कः - 12.04.2026

प्रिय मित्र आयुष,
सप्रेम नमस्ते।

अद्यैव तव परीक्षापरिणामः मया ज्ञातः। त्वं दशमकक्षायां मण्डले प्रथमं स्थानं लब्धवान् इति ज्ञात्वा मम हृदयम् आनन्देन परिपूर्णम् अभवत्। तव एतस्यां महत्यां सफलतायां त्वाम् अन्तःकरणेन हार्दिकं वर्धापनं (बधाई) ददामि। तव कठोरः परिश्रमः अध्यवसायः च अद्य फलितः जातः। ईश्वरः त्वाम् अग्रेऽपि एवमेव सफलं कुर्यात्।

पितृभ्यां मम प्रणामाः निवेदनीयाः।

तव अभिन्नं मित्रम्
आदित्यः
4. विद्यालय-परित्याग-प्रमाणपत्रं (SLC) प्राप्तुं प्रधानाध्यापकं प्रति पत्रम्
सेवायाम्,
श्रीमन्तः प्रधानाचार्य महोदयाः,
जिला स्कूल, भागलपुरम्।

विषयः - विद्यालय-परित्याग-प्रमाणपत्रार्थं (SLC) प्रार्थनापत्रम्।

महोदय,
सविनयं निवेदयामि यत् मया भवतां विद्यालयात् अस्मिन् वर्षे दशमकक्षायाः परीक्षा प्रथमश्रेण्या उत्तीर्णा। सम्प्रति उच्चशिक्षार्थं मया एकादशकक्षायां नगरस्य प्रतिष्ठित-महाविद्यालये प्रवेशः स्वीकरणीयः अस्ति। तदर्थं विद्यालय-परित्याग-प्रमाणपत्रस्य आवश्यकता वर्तते।
अतः प्रार्थना अस्ति यत् मह्यं विद्यालय-परित्याग-प्रमाणपत्रं प्रदाय उपकुर्वन्तु।

भवदीयः विनीत-पूर्वछात्रः
विवेक कुमारः
क्रमांकः: 09
संस्कृत अनुच्छेद-लेखनम् (5 प्रमुख विषय)
1. मम प्रियः कविः - कालिदासः

1. महाकविः कालिदासः संस्कृतसाहित्यस्य सर्वश्रेष्ठः कविः अस्ति।
2. सः भारतस्य 'कविकुलगुरुः' इति उपाधिना विश्वविख्यातः वर्तते।
3. कालिदासस्य सप्त ग्रन्थाः समग्रे संसारे अतीव लोकप्रियाः सन्ति।
4. तेषु 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' नाम नाटकं विश्वप्रसिद्धं नाटकम् अस्ति।
5. सः 'रघुवंशम्' 'कुमारसम्भवम्' च इति द्वे उत्कृष्टे महाकाव्ये अरचयत्।
6. 'उपमा कालिदासस्य' इति उक्तिः तस्य अलङ्कारप्रयोगस्य श्रेष्ठतां प्रकटयति।
7. तस्य काव्येषु प्रकृतेः मानवीय-संवेदनानां च अनुपमं चित्रणं प्राप्यते।

2. भारतवर्षम् (अस्माकं प्रियदेशः)

1. भारतवर्षम् अस्माकं प्रियः जन्मभूमिः देशः च अस्ति।
2. अयम् देशः उत्तरदिशि हिमालयेन रक्षितः अस्ति।
3. दक्षिणदिशि हिन्दमहासागरः अस्य पादौ प्रक्षालयति।
4. अत्र गङ्गा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी इत्यादयः पावनाः नद्यः वहन्ति।
5. भारते विविधाः धर्माः, जातयः, भाषाः च सन्ति।
6. तथापि सर्वे नागरिकाः 'वसुधैव कुटुम्बकम्' भावनया मिलित्वा निवसन्ति।
7. भारतस्य संस्कृतिः विश्वे सर्वप्राचीना श्रेष्ठा च मन्यते।

3. पर्यावरण-संरक्षणम्

1. अस्माकं परितः यत् आवरणं वर्तते तत् पर्यावरणम् उच्यते।
2. वायुः, जलं, भूमिः, वनस्पतयः च पर्यावरणस्य मुख्यानि अङ्गानि सन्ति।
3. अद्यत्वे औद्योगिक-प्रदूषणेन पर्यावरणम् अतीव प्रदूषितं सञ्जातम्।
4. प्रदूषित-पर्यावरणेन मानवाः विविधाभिः व्याधिभिः पीडिताः भवन्ति।
5. पर्यावरणस्य रक्षणार्थं वृक्षाणां रोपणं संवर्धनं च अनिवार्यम् अस्ति।
6. नद्यः सरोवराः च अपशिष्टद्रव्येभ्यः सर्वदा रक्षणीयाः सन्ति।
7. 'स्वच्छं पर्यावरणं स्वस्थं जीवनम्' इति अस्माकं मूलमन्त्रः भवेत्।

4. अनुशासनम् (छात्रजीवने अनुशासनम्)

1. नियमानां विधिपूर्वकं पालनम् एव 'अनुशासनम्' इति कथ्यते।
2. मानवजीवने अनुशासनस्य परमं महत्त्वं वर्तते।
3. अनुशासनं विना समाजः राष्ट्रं वा कदापि उन्नतिं कर्तुं न शक्नोति।
4. छात्रजीवने अनुशासनं सफलतायाः मूलकुञ्जिका अस्ति।
5. यः छात्रः गुरुजनानाम् आज्ञां पालयति, सः एव जीवने यशः प्राप्नोति।
6. प्रकृतौ अपि सूर्यः, चन्द्रः, ऋतवः च नियमेन अनुशासिताः वर्तन्ते।
7. अतः सर्वैः मानवैः सर्वदा अनुशासनस्य पालनं कर्तव्यम्।

5. सरस्वती पूजा (वसन्तपञ्चमी)

1. सरस्वती पूजा हिन्दुधर्मस्य एकः अतिपवित्रः ज्ञानोत्सवः अस्ति।
2. अयम् उत्सवः माघमासस्य शुक्लपक्षस्य पञ्चम्यां तिथौ सोल्लासं मान्यते।
3. भगवती सरस्वती विद्यायाः, बुद्धेः, सङ्गीतस्य च अधिष्ठात्री देवी वर्तते।
4. अस्मिन् दिने विद्यालयेषु महाविद्यालयेषु च देव्याः प्रतिमा स्थाप्यते।
5. छात्राः पीतवस्त्राणि धारयित्वा श्रद्धाभावेन देव्याः वन्दनां कुर्वन्ति।
6. जनाः पुस्तकं लेखनीं च देव्याः चरणयोः समर्प्य ज्ञानं याचन्ते।
7. इयं पूजा अज्ञानान्धकारं दूरीकृत्य ज्ञानप्रकाशं विस्तारयति।

हिन्दी से संस्कृत में अनुवाद (12 प्रश्न हल सहित)
1. वह पुस्तक पढ़ता है।
अनुवाद: सः पुस्तकं पठति।
2. तुम दोनों घर जाओ।
अनुवाद: युवां गृहं गच्छतम्।
3. हम सब भारतवासी हैं।
अनुवाद: वयं भारतवासिनः (भारतीयाः) स्मः।
4. गंगा का जल शीतल होता है।
अनुवाद: गङ्गायाः जलं शीतलं भवति।
5. वृक्ष से एक पत्ता गिरता है।
अनुवाद: वृक्षात् एकं पत्रं पतति।
6. राम स्वभाव से सरल हैं।
अनुवाद: रामः प्रकृत्या सरलः अस्ति।
7. मुझे फल अच्छा लगता है।
अनुवाद: मह्यं फलं रोचते।
8. गरीबों को वस्त्र दो।
अनुवाद: दरिद्रेभ्यः वस्त्राणि देहि (यच्छ)।
9. पटना बिहार की राजधानी है।
अनुवाद: पाटलिपुत्रं बिहारस्य राजधानी अस्ति।
10. गुरु को नमस्कार है।
अनुवाद: गुरवे नमः।
11. सत्य की ही जीत होती है।
अनुवाद: सत्यमेव जयते।
12. राजा ब्राह्मण को गाय देता है।
अनुवाद: नृपः विप्राय गां ददाति।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (पाठ्यपुस्तक पीयूषम् - 16 प्रश्न)
1. 'मंगलम्' पाठ में सत्य के विषय में क्या उपदेश दिया गया है?
उत्तर: मुण्डकोपनिषद् के अनुसार 'मंगलम्' पाठ में बताया गया है कि हमेशा सत्य की ही विजय होती है, असत्य की कभी नहीं (सत्यमेव जयते नानृतम्)। सत्य ही वह मार्ग है जिससे होकर ज्ञानी ऋषिगण देवलोक तक पहुँचते हैं, जहाँ सत्य का वह परम खजाना और निधान अवस्थित है।
2. 'ईशावास्योपनिषद्' में सूर्य से क्या प्रार्थना की गई है?
उत्तर: मन्त्र में ऋषि भगवान सूर्य (पूषन्) से प्रार्थना करते हैं कि हे प्रभो! सत्य का मुख सोने के समान ज्योतिर्मय पात्र से आच्छादित है। मुझ सत्यधर्म का आचरण करने वाले को सत्य का प्रत्यक्ष दर्शन कराने के लिए आप उस स्वर्णिम आवरण को हटा दीजिए।
3. राजशेखर ने पाटलिपुत्र के शिक्षा-केन्द्र के विषय में क्या लिखा है?
उत्तर: राजशेखर ने अपने ग्रन्थ 'काव्यमीमांसा' में लिखा है कि पाटलिपुत्र केवल वैभव का नहीं, अपितु प्राचीन भारत में विद्या एवं शास्त्र-परीक्षा का महान केन्द्र था। यहाँ वर्ष, उपवर्ष, पाणिनि, पिंगल, व्याडि, वररुचि और पतंजलि जैसे महान वैयाकरणों एवं शास्त्रकारों की परीक्षा लेकर उन्हें ख्याति प्रदान की गई थी।
4. सिख सम्प्रदाय के लोगों के लिए पटना नगर क्यों पूज्य और महत्त्वपूर्ण है?
उत्तर: सिख सम्प्रदाय के दसवें और अन्तिम गुरु, गुरु गोविन्द सिंह जी का जन्म पाटलिपुत्र (पटना) में हुआ था। उनका पावन जन्मस्थल आज भव्य 'तख्त श्री हरिमन्दिर जी पटना साहिब' (गुरुद्वारा) के रूप में देश-विदेश के तीर्थयात्रियों के लिए अत्यंत पवित्र एवं दर्शनीय स्थल है।
5. अलसकथा पाठ में तीसरे आलसी ने क्या कहा?
उत्तर: जब आलसशाला में धूर्तों की पहचान हेतु आग लगाई गई, तब तीसरे आलसी ने कहा—"क्या यहाँ कोई ऐसा दयावान और धार्मिक व्यक्ति नहीं है, जो इस समय हम पर जल से भीगा हुआ कम्बल या चटाई डाल दे ताकि हम जलने से बच जाएँ?"
6. वास्तविक आलसियों को आग से कैसे निकाला गया?
उत्तर: जब चारों आलसी आग की लपटों के पास पहुँचने पर भी नहीं भागे और केवल बातें करते रहे, तब नियोगी पुरुषों (कर्मचारियों) ने यह देखकर कि वे जल न जाएँ, उन चारों के केशों (बालों) को पकड़कर घसीटते हुए सुरक्षित बाहर निकाला।
7. अथर्ववेद में किन पाँच ऋषिकाओं का उल्लेख मिलता है?
उत्तर: वैदिक काल में अथर्ववेद में मन्त्रों का दर्शन एवं व्याख्या करने वाली पाँच प्रमुख ऋषिकाओं (विदुषियों) का उल्लेख मिलता है—यमी, अपाला, उर्वशी, इन्द्राणी और वागाम्भृणी।
8. विजयनगर राज्य में संस्कृत भाषा के संरक्षण के क्या प्रयास किए गए?
उत्तर: विजयनगर साम्राज्य के राजाओं ने संस्कृत भाषा के संवर्धन के लिए अद्वितीय प्रयास किए। उनके अन्तःपुर में रानियाँ भी संस्कृत की कुशल विदुषी थीं। महारानी गङ्गादेवी ने 'मधुराविजयम्' महाकाव्य तथा महारानी तिरुमलाम्बा ने उत्कृष्ट प्रौढ़ चम्पूकाव्य 'वरदाम्बिकापरिणयम्' की रचना की।
9. भारतभूमि को 'निर्मला वत्सला मातृभूमिः' क्यों कहा गया है?
उत्तर: भारतभूमि को 'निर्मला' इसलिए कहा गया है क्योंकि यह पापों को धोने वाली और पावन नदियों-पर्वतों से सुशोभित है। यह 'वत्सला' (ममतामयी) इसलिए है क्योंकि यह विभिन्न जातियों, धर्मों और भाषाओं के लोगों को बिना किसी भेदभाव के अपनी सन्तान की भाँति प्रेम से पालती है।
10. शैशव संस्कारों के नाम लिखें।
उत्तर: जन्म के पश्चात शैशवावस्था में कुल 6 संस्कार संपन्न होते हैं: (1) जातकर्म, (2) नामकरण, (3) निष्क्रमण (घर से बाहर निकालना), (4) अन्नप्राशन, (5) चूड़ाकर्म (मुण्डन), और (6) कर्णवेध (कान छेदना)।
11. 'सुलभाः पुरुषा राजन्...' श्लोक के माध्यम से विदुर क्या समझाते हैं?
उत्तर: महात्मा विदुर धृतराष्ट्र से कहते हैं कि हे राजन्! प्रिय (मीठा) बोलने वाले लोग तो संसार में हमेशा सरलता से मिल जाते हैं, किन्तु अप्रिय किन्तु हितकारी (कल्याणकारी) सत्य बोलने वाले तथा ऐसे वचनों को सुनने वाले पुरुष अत्यंत दुर्लभ होते हैं।
12. कर्मवीर रामप्रवेश राम की अध्ययन-पद्धति कैसी थी?
उत्तर: रामप्रवेश राम ने 'कर्म ही पूजा है' मानकर शिक्षक के स्नेहपूर्ण सान्निध्य में कठिन स्वाध्याय किया। उन्होंने अभावों में भी धैर्य नहीं खोया, छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई का खर्च निकाला और कॉलेज में प्रथम स्थान लाकर छात्रवृत्ति प्राप्त करते हुए निरन्तर उच्च लक्ष्य की ओर अग्रसर रहे।
13. मध्यकाल में भारतीय समाज को दूषित करने वाली कौन-सी कुरीतियाँ थीं?
उत्तर: मध्यकाल में भारतीय समाज में जातिवाद, अस्पृश्यता (छुआछूत), बालविवाह, अशिक्षा, विधवाओं की दुर्दशा, स्त्रियों की उपेक्षा तथा पाखण्डपूर्ण अन्धविश्वास जैसी अनेक कुरीतियाँ फैली हुई थीं, जिसके कारण कई हिन्दू मतान्तरण करने को विवश हुए।
14. मन्दाकिनी नदी के दृश्य को देखकर श्रीराम के मन में क्या भाव जगे?
उत्तर: चित्रकूट में बहने वाली मन्दाकिनी नदी के स्वच्छ जल, सारस-हंसों की गूँज, किनारे तपस्या करते मुनियों और पर्वत की हरियाली को देखकर श्रीराम आनंदित हो उठे। उन्होंने सीता से कहा कि यह प्राकृतिक दृश्य अयोध्या के राजवैभव से भी अधिक मन को शांति और विश्राम प्रदान करने वाला है।
15. 'कर्णस्य दानवीरता' पाठ में कर्ण ने अपने कवच-कुण्डल की क्या विशेषता बताई?
उत्तर: कर्ण ने देवराज इन्द्र को बताया कि मेरे शरीर पर लगे ये कवच और कुण्डल मुझे जन्म से ही प्राप्त हैं। जब तक ये मेरे शरीर पर विद्यमान हैं, तब तक देवता, असुर या कोई भी त्रिलोकी का अस्त्र-शस्त्र मुझे युद्ध में मार या भेद नहीं सकता। फिर भी कर्ण ने उन्हें दान में दे दिया।
16. 'शास्त्रकाराः' पाठ के आधार पर वेदांगों के नाम तथा उनके प्रवर्तकों का संक्षेप में परिचय दें।
उत्तर: वेदों के सम्यक् ज्ञान हेतु छः वेदांग रचे गए हैं: (1) शिक्षा (उच्चारण शास्त्र - पाणिनीय), (2) कल्प (कर्मकाण्ड - बौधायन, भारद्वाज, गौतम), (3) व्याकरण (पाणिनि), (4) निरुक्त (वेदार्थबोध - यास्क), (5) छन्द (पिङ्गल), (6) ज्योतिष (खगोल - लगध मुनि)।

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