बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) मैट्रिक परीक्षा 2020
विषय: गणित (Mathematics) | विषय कोड: 110
कुल प्रश्न: 100 Objective + 30 Short + 8 Long | पूर्ण हल एवं व्याख्या सहित
खंड – 'अ' : वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Type)
100 × 1 = 100 अंक
Q1. निम्नलिखित में कौन-सी सबसे छोटी संयुक्त (भाज्य) संख्या है?
(A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 4
उत्तर: (D) 4
स्पष्टीकरण: सबसे छोटी अभाज्य संख्या 2 है और सबसे छोटी भाज्य संख्या 4 है (जिसके गुणनखंड 1, 2 और 4 हैं)।
Q2. π (पाई) एक ________ संख्या है।
(A) परिमेय
(B) अपरिमेय
(C) पूर्णांक
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (B) अपरिमेय
स्पष्टीकरण: π का दशमलव प्रसार अशांत-अनावर्ती (non-terminating non-repeating) होता है, अतः यह एक अपरिमेय संख्या है।
Q3. निम्नलिखित में कौन अपरिमेय संख्या है?
(A) √916
(B) √35
(C) √1100
(D) √3664
उत्तर: (B) √(3/5)
स्पष्टीकरण: √(9/16) = 3/4, √(1/100) = 1/10, √(36/64) = 6/8 = 3/4। केवल √(3/5) पूर्ण वर्ग नहीं है, अतः अपरिमेय है।
Q4. दो संख्याओं के ल०स० तथा म०स० बराबर हैं, तो संख्याएँ हैं:
(A) अभाज्य
(B) बराबर
(C) सह-अभाज्य
(D) संयुक्त
उत्तर: (B) बराबर
स्पष्टीकरण: यदि LCM(a, b) = HCF(a, b), तब निश्चित रूप से a = b होगा।
Q5. 0.29̅ (0.29 पर बार) बराबर है:
(A) 29/90
(B) 29/99
(C) 29/100
(D) 29/9
उत्तर: (B) 29/99
स्पष्टीकरण: माना x = 0.2929... ⇒ 100x = 29.2929... ⇒ 99x = 29 ⇒ x = 29/99।
Q6. (1 - sin2 60°) का मान है:
(A) 1
(B) 1/2
(C) 1/4
(D) 3/4
उत्तर: (C) 1/4
स्पष्टीकरण: sin 60° = √3/2 ⇒ sin2 60° = 3/4 ⇒ 1 - 3/4 = 1/4।
Q7. निम्नलिखित में किसका दशमलव प्रसार शांत है?
(A) 7/40
(B) 5/21
(C) 23/196
(D) 31/121
उत्तर: (A) 7/40
स्पष्टीकरण: 40 = 23 × 51। हर का गुणनखंड केवल 2n × 5m के रूप में है, अतः 7/40 शांत है।
Q8. निम्नलिखित में किसका दशमलव प्रसार अशांत है?
(A) 5/8
(B) 6/15
(C) 19/512
(D) 39/243
उत्तर: (D) 39/243
स्पष्टीकरण: 39/243 = 13/81 = 13/34। हर में 3 उपस्थित है, अतः यह अशांत आवर्ती है। (नोट: 6/15 = 2/5 शांत है)।
Q9. एक द्विघात बहुपद के शून्यकों की अधिकतम संख्या कितनी होती है?
(A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 4
उत्तर: (B) 2
स्पष्टीकरण: द्विघात बहुपद की घात 2 होती है, अतः इसके अधिकतम 2 शून्यक होते हैं।
Q10. बहुपद g(x) = x2 - 2x - 3 के शून्यक हैं:
(A) (3, 1)
(B) (3, -1)
(C) (-3, 1)
(D) (-3, -1)
उत्तर: (B) (3, -1)
स्पष्टीकरण: x2 - 3x + x - 3 = 0 ⇒ (x - 3)(x + 1) = 0 ⇒ x = 3, -1।
Q11. बहुपद p(x) = x2 - 3x - 4 का एक शून्यक 4 है, तो दूसरा शून्यक होगा:
(A) 1
(B) -1
(C) 4
(D) -4
उत्तर: (B) -1
स्पष्टीकरण: शून्यकों का गुणनफल αβ = c/a = -4 ⇒ 4 × β = -4 ⇒ β = -1।
Q12. यदि द्विघात बहुपद के शून्यक 2 तथा -6 हैं, तो द्विघात बहुपद होगा:
(A) x2 - 4x - 12
(B) x2 + 4x - 12
(C) x2 + 4x + 12
(D) x2 - 4x + 12
उत्तर: (B) x2 + 4x - 12
स्पष्टीकरण: α+β = 2+(-6) = -4, αβ = 2(-6) = -12। सूत्र: x2 - (α+β)x + αβ = x2 - (-4)x - 12 = x2 + 4x - 12।
Q13. समांतर श्रेढ़ी -10, -6, -2, 2, ... का सार्व अंतर (d) क्या है?
(A) -4
(B) 4
(C) 2
(D) -2
उत्तर: (B) 4
स्पष्टीकरण: d = a2 - a1 = -6 - (-10) = -6 + 10 = 4।
Q14. निम्नलिखित में कौन-सा पद A.P. 2, 7, 12, ... का 10वाँ पद है?
(A) 45
(B) 47
(C) 49
(D) 50
उत्तर: (B) 47
स्पष्टीकरण: a = 2, d = 5। a10 = a + 9d = 2 + 9(5) = 2 + 45 = 47।
Q15. रैखिक समीकरण 2x + 3y = 9 में यदि x = 3 हो, तो y का मान क्या होगा?
(A) 0
(B) 1
(C) 2
(D) 3
उत्तर: (B) 1
स्पष्टीकरण: 2(3) + 3y = 9 ⇒ 6 + 3y = 9 ⇒ 3y = 3 ⇒ y = 1।
Q16. समीकरण युग्म a1x + b1y + c1 = 0 और a2x + b2y + c2 = 0 का अद्वितीय हल होगा यदि:
(A) a1/a2 ≠ b1/b2
(B) a1/a2 = b1/b2
(C) a1/a2 = b1/b2 = c1/c2
(D) a1/a2 = b1/b2 ≠ c1/c2
उत्तर: (A) a1/a2 ≠ b1/b2
स्पष्टीकरण: प्रतिच्छेदी रेखाओं और अद्वितीय हल के लिए प्रतिबंध a1/a2 ≠ b1/b2 होता है।
Q17. बिंदु (-3, -5) किस पाद (चतुर्थांश) में स्थित है?
(A) प्रथम
(B) द्वितीय
(C) तृतीय
(D) चतुर्थ
उत्तर: (C) तृतीय
स्पष्टीकरण: दोनों निर्देशांक ऋणात्मक (-, -) होने पर बिंदु तृतीय पाद (3rd Quadrant) में होता है।
Q18. y-अक्ष से बिंदु P(4, 2) की दूरी है:
(A) 2
(B) 4
(C) 6
(D) √20
उत्तर: (B) 4
स्पष्टीकरण: y-अक्ष से किसी बिंदु की दूरी उस बिंदु का भुज (x-निर्देशांक) होती है, जो कि 4 है।
Q19. मूल बिंदु के निर्देशांक होते हैं:
(A) (1, 1)
(B) (0, 0)
(C) (0, 1)
(D) (1, 0)
उत्तर: (B) (0, 0)
स्पष्टीकरण: मूल बिंदु (Origin) जहाँ दोनों अक्ष प्रतिच्छेद करते हैं, (0, 0) होता है।
Q20. बिंदुओं A(2, 3) और B(4, 1) के बीच की दूरी होगी:
(A) 2
(B) 2√2
(C) 4
(D) 8
उत्तर: (B) 2√2
स्पष्टीकरण: d = √[(4-2)2 + (1-3)2] = √[22 + (-2)2] = √[4+4] = √8 = 2√2।
Q21. tan 45° का मान होता है:
(A) 0
(B) 1
(C) 1/√3
(D) √3
उत्तर: (B) 1
स्पष्टीकरण: त्रिकोणमितीय मान तालिका के अनुसार tan 45° = 1 होता है।
Q22. cosec2 θ - cot2 θ का मान है:
(A) 0
(B) 1
(C) -1
(D) 2
उत्तर: (B) 1
स्पष्टीकरण: यह मूलभूत त्रिकोणमितीय सर्वसमिका 1 + cot2θ = cosec2θ है।
Q23. sin(90° - θ) बराबर है:
(A) sin θ
(B) cos θ
(C) tan θ
(D) sec θ
उत्तर: (B) cos θ
स्पष्टीकरण: पूरक कोणों के अनुपात के सूत्र से sin(90° - θ) = cos θ।
Q24. tan 30° / cot 60° का मान है:
(A) 1
(B) √3
(C) 1/√3
(D) 0
उत्तर: (A) 1
स्पष्टीकरण: cot 60° = tan(90° - 60°) = tan 30°। अतः tan 30°/tan 30° = 1।
Q25. यदि 2cos θ = 1, तो θ का मान होगा:
(A) 30°
(B) 45°
(C) 60°
(D) 90°
उत्तर: (C) 60°
स्पष्टीकरण: cos θ = 1/2 ⇒ θ = 60°।
Q26. वृत्त की सबसे बड़ी जीवा (chord) कहलाती है:
(A) चाप
(B) व्यास
(C) त्रिज्या
(D) स्पर्श रेखा
उत्तर: (B) व्यास
स्पष्टीकरण: केंद्र से होकर गुजरने वाली जीवा वृत्त का व्यास होती है तथा यह सबसे लंबी जीवा है।
Q27. वृत्त के बाह्य बिंदु से वृत्त पर कितनी स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
(A) 1
(B) 2
(C) अनंत
(D) 0
उत्तर: (B) 2
स्पष्टीकरण: प्रमेय के अनुसार किसी बाह्य बिंदु से एक वृत्त पर ठीक 2 स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
Q28. यदि एक वृत्त का परिमाप और क्षेत्रफल संख्यात्मक रूप से बराबर हैं, तो वृत्त की त्रिज्या होगी:
(A) 2 मात्रक
(B) π मात्रक
(C) 4 मात्रक
(D) 7 मात्रक
उत्तर: (A) 2 मात्रक
स्पष्टीकरण: 2πr = πr2 ⇒ 2 = r (जहाँ r ≠ 0)। अतः त्रिज्या = 2 मात्रक।
Q29. त्रिज्या r वाले वृत्त के त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल जिसका कोण θ है, होगा:
(A) (θ/360) × 2πr
(B) (θ/360) × πr2
(C) (θ/180) × 2πr
(D) (θ/180) × πr2
उत्तर: (B) (θ/360) × πr2
स्पष्टीकरण: त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल का प्रामाणिक सूत्र (θ/360°) × πr2 है।
Q30. एक गोले की त्रिज्या 2r है, तो इसका आयतन होगा:
(A) 43 π r3
(B) 323 π r3
(C) 83 π r3
(D) 163 π r3
उत्तर: (B) (32/3)πr3
स्पष्टीकरण: V = (4/3)πR3 = (4/3)π(2r)3 = (4/3)π(8r3) = (32/3)πr3।
Q31. बेलन के वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल होता है:
(A) 2πrh
(B) πr2h
(C) 2πr(r + h)
(D) πrh
उत्तर: (A) 2πrh
स्पष्टीकरण: त्रिज्या r एवं ऊँचाई h वाले लम्बवृत्तीय बेलन का वक्रपृष्ठीय क्षेत्रफल 2πrh होता है।
Q32. संचयी बारंबारता वक्र कहलाती है:
(A) तोरण (Ogive)
(B) आयतचित्र
(C) दंडालेख
(D) बारंबारता बहुभुज
उत्तर: (A) तोरण (Ogive)
स्पष्टीकरण: संचयी बारंबारता वक्र को 'तोरण' कहा जाता है।
Q33. आँकड़ों 2, 3, 4, 3, 5, 3, 1, 2, 3 का बहुलक है:
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
उत्तर: (B) 3
स्पष्टीकरण: संख्या 3 सबसे अधिक बार (4 बार) आई है, अतः बहुलक = 3।
Q34. प्रथम 5 प्राकृत संख्याओं का माध्य है:
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
उत्तर: (B) 3
स्पष्टीकरण: माध्य = (1 + 2 + 3 + 4 + 5) / 5 = 15 / 5 = 3।
Q35. निश्चित घटना की प्रायिकता होती है:
(A) 0
(B) 1
(C) 1/2
(D) अनिश्चित
उत्तर: (B) 1
स्पष्टीकरण: किसी निश्चित (Sure) घटना के घटित होने की प्रायिकता सदैव 1 होती है।
Q36. एक पासे को फेंकने पर एक अभाज्य संख्या आने की प्रायिकता है:
(A) 1/2
(B) 1/3
(C) 1/6
(D) 2/3
उत्तर: (A) 1/2
स्पष्टीकरण: कुल परिणाम = {1, 2, 3, 4, 5, 6} = 6। अभाज्य संख्याएँ = {2, 3, 5} = 3। P = 3/6 = 1/2।
Q37. यदि P(E) = 0.05 है, तो P(E नहीं) का मान होगा:
(A) 0.5
(B) 0.95
(C) 0.05
(D) 1.05
उत्तर: (B) 0.95
स्पष्टीकरण: P(E नहीं) = 1 - P(E) = 1 - 0.05 = 0.95।
Q38. द्विघात समीकरण ax2 + bx + c = 0 का विविक्तकर (D) है:
(A) b2 - 4ac
(B) b2 + 4ac
(C) 4ac - b2
(D) √(b2 - 4ac)
उत्तर: (A) b2 - 4ac
स्पष्टीकरण: द्विघात समीकरण का विविक्तकर (Discriminant) D = b2 - 4ac होता है।
Q39. यदि द्विघात समीकरण के मूल वास्तविक और समान हों, तो विविक्तकर (D) होगा:
(A) D > 0
(B) D < 0
(C) D = 0
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर: (C) D = 0
स्पष्टीकरण: जब D = b2 - 4ac = 0 होता है, तो समीकरण के दोनों मूल वास्तविक और समान होते हैं।
Q40. बिंदुओं (a cos θ, 0) और (0, a sin θ) के बीच की दूरी होगी:
(A) a
(B) 2a
(C) a2
(D) √a
उत्तर: (A) a
स्पष्टीकरण: d = √[(0 - a cos θ)2 + (a sin θ - 0)2] = √[a2 cos2θ + a2 sin2θ] = √[a2(1)] = a।
Q41. बिंदु (4, -3) किस पाद में स्थित है?
(A) प्रथम
(B) द्वितीय
(C) तृतीय
(D) चतुर्थ
उत्तर: (D) चतुर्थ
स्पष्टीकरण: चिन्ह (+, -) चतुर्थ पाद में होता है।
Q42. समांतर श्रेढ़ी 4, 9, 14, 19, ... का कौन-सा पद 109 है?
(A) 20वाँ
(B) 21वाँ
(C) 22वाँ
(D) 23वाँ
उत्तर: (C) 22वाँ
स्पष्टीकरण: a = 4, d = 5। an = 4 + (n - 1)5 = 109 ⇒ 5(n - 1) = 105 ⇒ n - 1 = 21 ⇒ n = 22।
Q43. यदि किसी त्रिभुज के शीर्ष (0, 0), (4, 0) और (0, 3) हों, तो त्रिभुज का क्षेत्रफल होगा:
(A) 6 वर्ग मात्रक
(B) 12 वर्ग मात्रक
(C) 7 वर्ग मात्रक
(D) 24 वर्ग मात्रक
उत्तर: (A) 6 वर्ग मात्रक
स्पष्टीकरण: क्षेत्रफल = (1/2) × आधार × ऊँचाई = (1/2) × 4 × 3 = 6 वर्ग मात्रक।
Q44. सभी समबाहु त्रिभुज होते हैं:
(A) समरूप
(B) सर्वांगसम
(C) समान
(D) विषम
उत्तर: (A) समरूप
स्पष्टीकरण: सभी समबाहु त्रिभुजों के प्रत्येक कोण 60° होते हैं, अतः वे परस्पर समरूप (Similar) होते हैं।
Q45. दो समरूप त्रिभुजों की भुजाएँ 4 : 9 के अनुपात में हैं, तो इनके क्षेत्रफलों का अनुपात होगा:
(A) 2 : 3
(B) 4 : 9
(C) 16 : 81
(D) 81 : 16
उत्तर: (C) 16 : 81
स्पष्टीकरण: क्षेत्रफलों का अनुपात = (भुजाओं का अनुपात)2 = (4/9)2 = 16/81।
Q46. एक वृत्त की परिधि 44 सेमी है, तो इसका व्यास क्या होगा?
(A) 7 सेमी
(B) 14 सेमी
(C) 21 सेमी
(D) 28 सेमी
उत्तर: (B) 14 सेमी
स्पष्टीकरण: 2πr = 44 ⇒ 2 × (22/7) × r = 44 ⇒ r = 7 सेमी। अतः व्यास d = 2r = 14 सेमी।
Q47. यदि sec θ = 13/12 हो, तो cot θ का मान होगा:
(A) 5/12
(B) 12/5
(C) 13/5
(D) 5/13
उत्तर: (B) 12/5
स्पष्टीकरण: कर्ण = 13, आधार = 12 ⇒ लम्ब = √(132 - 122) = 5। cot θ = आधार/लम्ब = 12/5।
Q48. (sin2 37° + sin2 53°) का मान है:
(A) 0
(B) 1
(C) -1
(D) 2
उत्तर: (B) 1
स्पष्टीकरण: sin 53° = cos(90° - 53°) = cos 37°। अतः sin2 37° + cos2 37° = 1।
Q49. एक शंकु की ऊँचाई 12 सेमी तथा आधार की त्रिज्या 5 सेमी है, तो इसकी तिर्यक ऊँचाई होगी:
(A) 13 सेमी
(B) 17 सेमी
(C) 10 सेमी
(D) 15 सेमी
उत्तर: (A) 13 सेमी
स्पष्टीकरण: l = √(r2 + h2) = √(52 + 122) = √(25 + 144) = √169 = 13 सेमी।
Q50. किसी असंभव घटना की प्रायिकता होती है:
(A) 1
(B) 0
(C) -1
(D) 0.5
उत्तर: (B) 0
स्पष्टीकरण: असंभव घटना (Impossible event) के घटित होने की संभावना शून्य होती है।
Q51. 144 के अभाज्य गुणनखंड में 2 की घात (घातांक) है:
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
उत्तर: (C) 4
स्पष्टीकरण: 144 = 2 × 2 × 2 × 2 × 3 × 3 = 24 × 32। अतः 2 की घात 4 है।
Q52. यदि द्विघात बहुपद ax2 + bx + c के शून्यक α, β हों, तो α + β बराबर है:
(A) b/a
(B) -b/a
(C) c/a
(D) -c/a
उत्तर: (B) -b/a
स्पष्टीकरण: शून्यकों का योगफल α + β = - (x का गुणांक) / (x2 का गुणांक) = -b/a होता है।
Q53. यदि एक ऊर्ध्वाधर खंभे की ऊँचाई तथा उसकी छाया की लंबाई बराबर हो, तो सूर्य का उन्नयन कोण होगा:
(A) 30°
(B) 45°
(C) 60°
(D) 90°
उत्तर: (B) 45°
स्पष्टीकरण: tan θ = ऊँचाई / छाया = h / h = 1 ⇒ θ = 45°।
Q54. बिंदुओं (2, -4) और (4, -2) को मिलाने वाले रेखाखंड के मध्य बिंदु के निर्देशांक हैं:
(A) (6, -6)
(B) (-1, -1)
(C) (3, -3)
(D) (-3, 3)
उत्तर: (C) (3, -3)
स्पष्टीकरण: मध्य बिंदु = ((2+4)/2, (-4+(-2))/2) = (6/2, -6/2) = (3, -3)।
Q55. tan(π/2) का मान है:
(A) 0
(B) 1
(C) √3
(D) ∞ (अपरिभाषित)
उत्तर: (D) ∞ (अपरिभाषित)
स्पष्टीकरण: π/2 = 90°। tan 90° = 1/0 = अपरिभाषित (∞)।
Q56. बहुलक = 3(माध्यक) - 2(________) होता है:
(A) माध्य
(B) परिसर
(C) बहुलक
(D) मानक विचलन
उत्तर: (A) माध्य
स्पष्टीकरण: सांख्यिकी में आनुभविक सूत्र Mode = 3 Median - 2 Mean होता है।
Q57. वर्ग अंतराल 10-20 का वर्ग चिह्न है:
(A) 10
(B) 15
(C) 20
(D) 30
उत्तर: (B) 15
स्पष्टीकरण: वर्ग चिह्न = (निम्न सीमा + उच्च सीमा) / 2 = (10 + 20) / 2 = 15।
Q58. किसी वृत्त के केंद्र पर बना कोण होता है:
(A) 90°
(B) 180°
(C) 360°
(D) 270°
उत्तर: (C) 360°
स्पष्टीकरण: एक बिंदु या केंद्र के चारों ओर का कुल कोण 360° होता है।
Q59. अर्धवृत्त का कोण होता है:
(A) 60°
(B) 45°
(C) 90°
(D) 180°
उत्तर: (C) 90°
स्पष्टीकरण: प्रमेय के अनुसार अर्धवृत्त में बना कोण सदैव समकोण (90°) होता है।
Q60. दो सिक्कों को एक साथ उछालने पर दो शीर्ष (Head) आने की प्रायिकता है:
(A) 1/2
(B) 1/4
(C) 3/4
(D) 1
उत्तर: (B) 1/4
स्पष्टीकरण: कुल समष्टि = {HH, HT, TH, TT} = 4। अनुकूल घटना = {HH} = 1। अतः प्रायिकता = 1/4।
Q61. बहुपद 5y2 - 14y + 8 के शून्यकों का योग होगा:
(A) 5/2
(B) -14/5
(C) 14/5
(D) 8/5
उत्तर: (C) 14/5
स्पष्टीकरण: योग = -(-14)/5 = 14/5।
Q62. यदि समांतर श्रेढ़ी का सामान्य पद 3n + 5 हो, तो इसका सार्व अंतर क्या होगा?
(A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 5
उत्तर: (C) 3
स्पष्टीकरण: a1 = 3(1)+5 = 8, a2 = 3(2)+5 = 11। d = 11 - 8 = 3 (अथवा n का गुणांक = 3)।
Q63. समीकरण निकाय x + 2y = 3 तथा 5x + ky = 15 के अनगिनत हल होने के लिए k का मान है:
(A) 5
(B) 10
(C) 2
(D) 6
उत्तर: (B) 10
स्पष्टीकरण: 1/5 = 2/k ⇒ k = 10।
Q64. बिंदु (0, -4) किस अक्ष पर स्थित है?
(A) x-अक्ष पर
(B) y-अक्ष पर
(C) मूल बिंदु पर
(D) प्रथम चतुर्थांश में
उत्तर: (B) y-अक्ष पर
स्पष्टीकरण: जिस बिंदु का x-निर्देशांक 0 होता है, वह बिंदु y-अक्ष पर स्थित होता है।
Q65. sin 60° × cos 30° - cos 60° × sin 30° का मान है:
(A) 1
(B) 1/2
(C) √3/2
(D) 0
उत्तर: (B) 1/2
स्पष्टीकरण: (√3/2 × √3/2) - (1/2 × 1/2) = 3/4 - 1/4 = 2/4 = 1/2।
Q66. 2 tan 30° / (1 + tan2 30°) बराबर है:
(A) sin 60°
(B) cos 60°
(C) tan 60°
(D) sin 30°
उत्तर: (A) sin 60°
स्पष्टीकरण: 2(1/√3) / [1 + (1/3)] = (2/√3) / (4/3) = √3/2 = sin 60°।
Q67. यदि tan θ = 4/3 हो, तो sin θ + cos θ का मान होगा:
(A) 7/3
(B) 7/5
(C) 5/7
(D) 1/5
उत्तर: (B) 7/5
स्पष्टीकरण: कर्ण = √(42 + 32) = 5। sin θ = 4/5, cos θ = 3/5 ⇒ योग = 4/5 + 3/5 = 7/5।
Q68. एक बाह्य बिंदु P से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ PA और PB खींची गई हैं। यदि PA = 6 सेमी, तो PB की लंबाई होगी:
(A) 3 सेमी
(B) 6 सेमी
(C) 12 सेमी
(D) 9 सेमी
उत्तर: (B) 6 सेमी
स्पष्टीकरण: बाह्य बिंदु से खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ समान होती हैं (PA = PB)।
Q69. एक वृत्त का क्षेत्रफल 154 सेमी2 है, तो इसकी त्रिज्या होगी:
(A) 7 सेमी
(B) 14 सेमी
(C) 21 सेमी
(D) 3.5 सेमी
उत्तर: (A) 7 सेमी
स्पष्टीकरण: πr2 = 154 ⇒ (22/7)r2 = 154 ⇒ r2 = 49 ⇒ r = 7 सेमी।
Q70. एक शंकु के आधार की त्रिज्या r तथा तिर्यक ऊँचाई l है, तो इसका वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल होगा:
(A) πrl
(B) 2πrl
(C) πr(l + r)
(D) (1/3)πr2h
उत्तर: (A) πrl
स्पष्टीकरण: शंकु का वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल का सूत्र πrl होता है।
Q71. दो घनों के आयतनों का अनुपात 1 : 27 है, तो उनकी कोरों (भुजाओं) का अनुपात होगा:
(A) 1 : 3
(B) 1 : 9
(C) 1 : 27
(D) 3 : 1
उत्तर: (A) 1 : 3
स्पष्टीकरण: भुजाओं का अनुपात = ∛(1/27) = 1/3 = 1 : 3।
Q72. प्रथम पाँच विषम संख्याओं का माध्य होगा:
(A) 3
(B) 4
(C) 5
(D) 6
उत्तर: (C) 5
स्पष्टीकरण: विषम संख्याएँ: 1, 3, 5, 7, 9। माध्य = (1+3+5+7+9)/5 = 25/5 = 5।
Q73. ताश के 52 पत्तों की गड्डी से एक पत्ता निकाला जाता है। एक इक्का (Ace) आने की प्रायिकता होगी:
(A) 1/4
(B) 1/13
(C) 1/52
(D) 4/13
उत्तर: (B) 1/13
स्पष्टीकरण: कुल इक्के = 4। कुल पत्ते = 52। P = 4/52 = 1/13।
Q74. संख्या 0.13̅ को p/q के रूप में लिखा जा सकता है:
(A) 13/99
(B) 13/90
(C) 13/100
(D) 13/9
उत्तर: (A) 13/99
स्पष्टीकरण: दो अंकों पर आवर्ती होने पर हर में 99 आता है, अतः 13/99।
Q75. बहुपद x2 - 5x + 6 के शून्यकों का गुणनफल है:
(A) 5
(B) -5
(C) 6
(D) -6
उत्तर: (C) 6
स्पष्टीकरण: αβ = c/a = 6/1 = 6।
Q76. यदि द्विघात समीकरण 2x2 - 4x + k = 0 के मूल बराबर हों, तो k = ?
(A) 1
(B) 2
(C) 4
(D) -2
उत्तर: (B) 2
स्पष्टीकरण: b2 - 4ac = 0 ⇒ (-4)2 - 4(2)(k) = 0 ⇒ 16 - 8k = 0 ⇒ k = 2।
Q77. समांतर श्रेढ़ी 10, 7, 4, ... का 30वाँ पद क्या है?
(A) 97
(B) 77
(C) -77
(D) -87
उत्तर: (C) -77
स्पष्टीकरण: a = 10, d = -3। a30 = 10 + 29(-3) = 10 - 87 = -77।
Q78. बिंदु P(-6, 8) की मूल बिंदु से दूरी क्या होगी?
(A) 8
(B) 10
(C) 6
(D) 14
उत्तर: (B) 10
स्पष्टीकरण: दूरी = √[(-6)2 + 82] = √[36 + 64] = √100 = 10 मात्रक।
Q79. (1 + tan2 θ) बराबर होता है:
(A) sec2 θ
(B) cosec2 θ
(C) cos2 θ
(D) cot2 θ
उत्तर: (A) sec2 θ
स्पष्टीकरण: त्रिकोणमितीय सर्वसमिका: 1 + tan2 θ = sec2 θ।
Q80. cot 85° + cos 75° को 0° और 45° के बीच के कोणों में व्यक्त करने पर मान होगा:
(A) tan 5° + sin 15°
(B) cot 5° + cos 15°
(C) tan 15° + sin 5°
(D) sin 5° + cos 15°
उत्तर: (A) tan 5° + sin 15°
स्पष्टीकरण: cot 85° = tan(90° - 85°) = tan 5°; cos 75° = sin(90° - 75°) = sin 15°।
Q81. यदि दो वृत्तों के क्षेत्रफलों का अनुपात 4 : 25 है, तो उनकी त्रिज्याओं का अनुपात होगा:
(A) 2 : 5
(B) 5 : 2
(C) 4 : 5
(D) 16 : 625
उत्तर: (A) 2 : 5
स्पष्टीकरण: त्रिज्याओं का अनुपात = √(4/25) = 2/5 = 2 : 5।
Q82. एक घन का किनारा 10 सेमी है, तो उसका कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल होगा:
(A) 600 सेमी2
(B) 400 सेमी2
(C) 1000 सेमी2
(D) 100 सेमी2
उत्तर: (A) 600 सेमी2
स्पष्टीकरण: घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a2 = 6(10)2 = 600 सेमी2।
Q83. प्रथम 10 सम प्राकृत संख्याओं का माध्य है:
(A) 10
(B) 11
(C) 12
(D) 9
उत्तर: (B) 11
स्पष्टीकरण: प्रथम n सम संख्याओं का माध्य n + 1 होता है ⇒ 10 + 1 = 11।
Q84. 1 + 2 + 3 + ... + n पदों का योगफल होता है:
(A) n(n + 1) / 2
(B) n(n - 1) / 2
(C) n2
(D) n(n + 1)
उत्तर: (A) n(n + 1) / 2
स्पष्टीकरण: प्राकृत संख्याओं के योग का सूत्र Σn = n(n + 1)/2 होता है।
Q85. cos 48° - sin 42° का मान है:
(A) 1
(B) 0
(C) -1
(D) 1/2
उत्तर: (B) 0
स्पष्टीकरण: cos 48° = sin(90° - 48°) = sin 42°। अतः sin 42° - sin 42° = 0।
Q86. द्विघात समीकरण x2 + x + 5 = 0 के मूलों की प्रकृति कैसी है?
(A) वास्तविक और समान
(B) वास्तविक और असमान
(C) अवास्तविक (काल्पनिक)
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर: (C) अवास्तविक (काल्पनिक)
स्पष्टीकरण: D = b2 - 4ac = 12 - 4(1)(5) = 1 - 20 = -19 < 0। D ऋणात्मक होने पर मूल अवास्तविक होते हैं।
Q87. बिंदु (-4, 3) की स्थिति किस पाद में है?
(A) प्रथम
(B) द्वितीय
(C) तृतीय
(D) चतुर्थ
उत्तर: (B) द्वितीय
स्पष्टीकरण: निर्देशांक का रूप (-, +) द्वितीय पाद (2nd Quadrant) को दर्शाता है।
Q88. यदि sin θ = cos θ हो, तो θ का मान क्या होगा? (जहाँ 0° ≤ θ ≤ 90°)
(A) 30°
(B) 45°
(C) 60°
(D) 90°
उत्तर: (B) 45°
स्पष्टीकरण: sin θ / cos θ = 1 ⇒ tan θ = 1 ⇒ θ = 45°।
Q89. एक वृत्त की कितनी समांतर स्पर्श रेखाएँ हो सकती हैं?
(A) 1
(B) 2
(C) 4
(D) अनंत
उत्तर: (B) 2
स्पष्टीकरण: एक वृत्त के किसी दिए गए व्यास के विपरीत सिरों पर अधिकतम 2 समांतर स्पर्श रेखाएँ हो सकती हैं।
Q90. एक अर्धगोले की त्रिज्या r है, तो उसका कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल होगा:
(A) 2πr2
(B) 3πr2
(C) 4πr2
(D) πr2
उत्तर: (B) 3πr2
स्पष्टीकरण: वक्रपृष्ठ (2πr2) + वृत्ताकार आधार (πr2) = 3πr2।
Q91. संख्या रेखा पर प्रत्येक बिंदु प्रदर्शित करता है:
(A) एक वास्तविक संख्या
(B) एक प्राकृत संख्या
(C) एक परिमेय संख्या
(D) एक अपरिमेय संख्या
उत्तर: (A) एक वास्तविक संख्या
स्पष्टीकरण: वास्तविक संख्या रेखा का प्रत्येक बिंदु एक अद्वितीय वास्तविक संख्या को निरूपित करता है।
Q92. दो लगातार सम संख्याओं का म०स० (HCF) होता है:
(A) 0
(B) 1
(C) 2
(D) 4
उत्तर: (C) 2
स्पष्टीकरण: किन्हीं भी दो लगातार सम संख्याओं (जैसे 2, 4 या 10, 12) का महत्तम समापवर्तक सदैव 2 होता है।
Q93. बहुपद y3 - 2y2 - √3y + 1/2 की घात है:
(A) 1/2
(B) 2
(C) 3
(D) 0
उत्तर: (C) 3
स्पष्टीकरण: चर की अधिकतम घात को बहुपद की घात कहते हैं, जो यहाँ 3 है।
Q94. यदि α और β बहुपद f(x) = x2 - x - 2 के शून्यक हैं, तो 1/α + 1/β का मान होगा:
(A) 1/2
(B) -1/2
(C) 2
(D) -2
उत्तर: (B) -1/2
स्पष्टीकरण: α+β = 1, αβ = -2। 1/α + 1/β = (α+β)/αβ = 1/(-2) = -1/2।
Q95. यदि 2x + 3y = 11 और 2x - 4y = -24 हो, तो:
(A) x = 2, y = 4
(B) x = -2, y = 5
(C) x = -3, y = 1
(D) x = 3, y = 5
उत्तर: (B) x = -2, y = 5
स्पष्टीकरण: घटाने पर: 7y = 35 ⇒ y = 5। 2x + 3(5) = 11 ⇒ 2x = -4 ⇒ x = -2।
Q96. यदि k, 2k-1 तथा 2k+1 एक A.P. के क्रमागत पद हैं, तो k का मान होगा:
(A) 2
(B) 3
(C) -3
(D) 1
उत्तर: (B) 3
स्पष्टीकरण: 2(2k - 1) = k + (2k + 1) ⇒ 4k - 2 = 3k + 1 ⇒ k = 3।
Q97. x-अक्ष पर स्थित किसी बिंदु का y-निर्देशांक होता है:
(A) 1
(B) 0
(C) -1
(D) x
उत्तर: (B) 0
स्पष्टीकरण: x-अक्ष पर कोटि (y-निर्देशांक) का मान शून्य (0) होता है।
Q98. sin 30° का मान होता है:
(A) 1/2
(B) √3/2
(C) 1/√2
(D) 1
उत्तर: (A) 1/2
स्पष्टीकरण: मानक कोण सारणी से sin 30° = 1/2।
Q99. एक पासा फेंकने पर 7 आने की प्रायिकता है:
(A) 1
(B) 0
(C) 1/6
(D) 7/6
उत्तर: (B) 0
स्पष्टीकरण: पासे पर 1 से 6 तक ही अंक होते हैं। 7 आना एक असंभव घटना है, अतः प्रायिकता 0 है।
Q100. संचयी बारंबारता का उपयोग किसके निर्धारण में होता है?
(A) माध्य
(B) माध्यक
(C) बहुलक
(D) परिसर
उत्तर: (B) माध्यक
स्पष्टीकरण: माध्यक (Median) ज्ञात करने के लिए संचयी बारंबारता सारणी बनाई जाती है।
खंड – 'ब' : लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type)
30 प्रश्न × 2 = 60 अंक
प्र० 1. यूक्लिड के विभाजन एल्गोरिदम का प्रयोग कर 135 तथा 225 का म०स० (HCF) ज्ञात कीजिए।
हल:
यहाँ 225 > 135 है।
यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (a = bq + r) का प्रयोग करने पर:
चरण 1: 225 = 135 × 1 + 90 (शेषफल 90 ≠ 0)
चरण 2: 135 = 90 × 1 + 45 (शेषफल 45 ≠ 0)
चरण 3: 90 = 45 × 2 + 0 (शेषफल = 0)
यहाँ अंतिम भाजक 45 है।
अतः HCF(135, 225) = 45।
यहाँ 225 > 135 है।
यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (a = bq + r) का प्रयोग करने पर:
चरण 1: 225 = 135 × 1 + 90 (शेषफल 90 ≠ 0)
चरण 2: 135 = 90 × 1 + 45 (शेषफल 45 ≠ 0)
चरण 3: 90 = 45 × 2 + 0 (शेषफल = 0)
यहाँ अंतिम भाजक 45 है।
अतः HCF(135, 225) = 45।
प्र० 2. सिद्ध कीजिए कि 3 + 2√5 एक अपरिमेय संख्या है।
हल:
यदि संभव हो तो माना कि 3 + 2√5 एक परिमेय संख्या है।
अतः 3 + 2√5 = a/b (जहाँ a और b सह-अभाज्य पूर्णांक हैं तथा b ≠ 0)
⇒ 2√5 = (a/b) - 3 = (a - 3b)/b
⇒ √5 = (a - 3b) / (2b)
चूँकि a और b पूर्णांक हैं, इसलिए (a - 3b)/(2b) एक परिमेय संख्या है।
इसका अर्थ हुआ कि √5 भी एक परिमेय संख्या होगी, जो कि एक विरोधाभास है क्योंकि हम जानते हैं कि √5 अपरिमेय है।
अतः हमारी मान्यता गलत थी। इसलिए 3 + 2√5 एक अपरिमेय संख्या है।
यदि संभव हो तो माना कि 3 + 2√5 एक परिमेय संख्या है।
अतः 3 + 2√5 = a/b (जहाँ a और b सह-अभाज्य पूर्णांक हैं तथा b ≠ 0)
⇒ 2√5 = (a/b) - 3 = (a - 3b)/b
⇒ √5 = (a - 3b) / (2b)
चूँकि a और b पूर्णांक हैं, इसलिए (a - 3b)/(2b) एक परिमेय संख्या है।
इसका अर्थ हुआ कि √5 भी एक परिमेय संख्या होगी, जो कि एक विरोधाभास है क्योंकि हम जानते हैं कि √5 अपरिमेय है।
अतः हमारी मान्यता गलत थी। इसलिए 3 + 2√5 एक अपरिमेय संख्या है।
प्र० 3. द्विघात बहुपद x2 + 7x + 10 के शून्यक ज्ञात कीजिए तथा शून्यकों और गुणांकों के बीच संबंध की सत्यता की जाँच कीजिए।
हल:
बहुपद p(x) = x2 + 7x + 10 = x2 + 5x + 2x + 10 = x(x + 5) + 2(x + 5) = (x + 5)(x + 2)
शून्यकों के लिए: (x + 5)(x + 2) = 0 ⇒ x = -5, -2।
अतः शून्यक α = -5 और β = -2 हैं।
जाँच:
1. शून्यकों का योग (α + β) = -5 + (-2) = -7 = -b/a = -(7)/1 (सत्य)
2. शून्यकों का गुणनफल (αβ) = (-5)(-2) = 10 = c/a = 10/1 (सत्य)।
बहुपद p(x) = x2 + 7x + 10 = x2 + 5x + 2x + 10 = x(x + 5) + 2(x + 5) = (x + 5)(x + 2)
शून्यकों के लिए: (x + 5)(x + 2) = 0 ⇒ x = -5, -2।
अतः शून्यक α = -5 और β = -2 हैं।
जाँच:
1. शून्यकों का योग (α + β) = -5 + (-2) = -7 = -b/a = -(7)/1 (सत्य)
2. शून्यकों का गुणनफल (αβ) = (-5)(-2) = 10 = c/a = 10/1 (सत्य)।
प्र० 4. एक द्विघात बहुपद ज्ञात कीजिए जिसके शून्यकों के योग तथा गुणनफल क्रमशः 1/4 और -1 हैं।
हल:
दिया है: α + β = 1/4, αβ = -1
द्विघात बहुपद का व्यापक रूप = k[x2 - (α + β)x + αβ]
= k[x2 - (1/4)x + (-1)] = k[x2 - x/4 - 1]
k = 4 लेने पर: 4x2 - x - 4।
दिया है: α + β = 1/4, αβ = -1
द्विघात बहुपद का व्यापक रूप = k[x2 - (α + β)x + αβ]
= k[x2 - (1/4)x + (-1)] = k[x2 - x/4 - 1]
k = 4 लेने पर: 4x2 - x - 4।
प्र० 5. प्रतिस्थापन विधि द्वारा हल कीजिए: x + y = 14 तथा x - y = 4।
हल:
समीकरण (1): x + y = 14
समीकरण (2): x - y = 4 ⇒ x = y + 4
x का मान समीकरण (1) में रखने पर:
(y + 4) + y = 14 ⇒ 2y + 4 = 14 ⇒ 2y = 10 ⇒ y = 5
y का मान रखने पर: x = 5 + 4 = 9
अतः x = 9, y = 5।
समीकरण (1): x + y = 14
समीकरण (2): x - y = 4 ⇒ x = y + 4
x का मान समीकरण (1) में रखने पर:
(y + 4) + y = 14 ⇒ 2y + 4 = 14 ⇒ 2y = 10 ⇒ y = 5
y का मान रखने पर: x = 5 + 4 = 9
अतः x = 9, y = 5।
प्र० 6. k के किस मान के लिए समीकरण निकाय kx + 3y = -(k - 3) एवं 12x + ky = -k के अनंत हल होंगे?
हल:
अनंत हल होने की शर्त: a1/a2 = b1/b2 = c1/c2
k / 12 = 3 / k = (k - 3) / k
प्रथम दो अनुपातों से: k2 = 36 ⇒ k = ±6
जब k = 6: 6/12 = 1/2 और (6 - 3)/6 = 3/6 = 1/2 (संतुष्ट होता है)
अतः अभीष्ट मान k = 6 है।
अनंत हल होने की शर्त: a1/a2 = b1/b2 = c1/c2
k / 12 = 3 / k = (k - 3) / k
प्रथम दो अनुपातों से: k2 = 36 ⇒ k = ±6
जब k = 6: 6/12 = 1/2 और (6 - 3)/6 = 3/6 = 1/2 (संतुष्ट होता है)
अतः अभीष्ट मान k = 6 है।
प्र० 7. द्विघात समीकरण 2x2 - 4x + 3 = 0 का विविक्तकर ज्ञात कीजिए और मूलों की प्रकृति बताइए।
हल:
यहाँ a = 2, b = -4, c = 3।
विविक्तकर D = b2 - 4ac = (-4)2 - 4(2)(3) = 16 - 24 = -8
चूँकि D < 0 है, अतः दिए गए समीकरण के कोई वास्तविक मूल नहीं हैं (मूल काल्पनिक हैं)।
यहाँ a = 2, b = -4, c = 3।
विविक्तकर D = b2 - 4ac = (-4)2 - 4(2)(3) = 16 - 24 = -8
चूँकि D < 0 है, अतः दिए गए समीकरण के कोई वास्तविक मूल नहीं हैं (मूल काल्पनिक हैं)।
प्र० 8. गुणनखंड विधि से समीकरण x2 - 3x - 10 = 0 के मूल ज्ञात कीजिए।
हल:
x2 - 5x + 2x - 10 = 0
⇒ x(x - 5) + 2(x - 5) = 0
⇒ (x - 5)(x + 2) = 0
⇒ x - 5 = 0 या x + 2 = 0
⇒ x = 5, -2।
x2 - 5x + 2x - 10 = 0
⇒ x(x - 5) + 2(x - 5) = 0
⇒ (x - 5)(x + 2) = 0
⇒ x - 5 = 0 या x + 2 = 0
⇒ x = 5, -2।
प्र० 9. समांतर श्रेढ़ी 21, 18, 15, ... का कौन-सा पद -81 है?
हल:
a = 21, d = 18 - 21 = -3, an = -81
सूत्र: an = a + (n - 1)d
-81 = 21 + (n - 1)(-3)
⇒ -102 = -3(n - 1) ⇒ n - 1 = 34 ⇒ n = 35
अतः A.P. का 35वाँ पद -81 है।
a = 21, d = 18 - 21 = -3, an = -81
सूत्र: an = a + (n - 1)d
-81 = 21 + (n - 1)(-3)
⇒ -102 = -3(n - 1) ⇒ n - 1 = 34 ⇒ n = 35
अतः A.P. का 35वाँ पद -81 है।
प्र० 10. A.P. 2, 7, 12, ... के प्रथम 10 पदों का योगफल ज्ञात कीजिए।
हल:
a = 2, d = 7 - 2 = 5, n = 10
सूत्र: Sn = (n/2)[2a + (n - 1)d]
S10 = (10/2)[2(2) + (10 - 1)5] = 5[4 + 45] = 5 × 49 = 245।
a = 2, d = 7 - 2 = 5, n = 10
सूत्र: Sn = (n/2)[2a + (n - 1)d]
S10 = (10/2)[2(2) + (10 - 1)5] = 5[4 + 45] = 5 × 49 = 245।
प्र० 11. x-अक्ष पर वह बिंदु ज्ञात कीजिए जो (2, -5) और (-2, 9) से समदूरस्थ है।
हल:
माना x-अक्ष पर बिंदु P(x, 0) है। बिंदु A(2, -5) और B(-2, 9) हैं।
PA2 = PB2
⇒ (x - 2)2 + (0 - (-5))2 = (x - (-2))2 + (0 - 9)2
⇒ x2 - 4x + 4 + 25 = x2 + 4x + 4 + 81
⇒ -4x + 29 = 4x + 85 ⇒ -8x = 56 ⇒ x = -7
अतः अभीष्ट बिंदु (-7, 0) है।
माना x-अक्ष पर बिंदु P(x, 0) है। बिंदु A(2, -5) और B(-2, 9) हैं।
PA2 = PB2
⇒ (x - 2)2 + (0 - (-5))2 = (x - (-2))2 + (0 - 9)2
⇒ x2 - 4x + 4 + 25 = x2 + 4x + 4 + 81
⇒ -4x + 29 = 4x + 85 ⇒ -8x = 56 ⇒ x = -7
अतः अभीष्ट बिंदु (-7, 0) है।
प्र० 12. उस बिंदु के निर्देशांक ज्ञात कीजिए जो बिंदुओं (4, -3) और (8, 5) को जोड़ने वाले रेखाखंड को 3 : 1 के अनुपात में अंतर्विभाजित करता है।
हल:
विभाजन सूत्र: x = (m1x2 + m2x1) / (m1 + m2), y = (m1y2 + m2y1) / (m1 + m2)
यहाँ m1 = 3, m2 = 1; (x1, y1) = (4, -3); (x2, y2) = (8, 5)
x = (3×8 + 1×4) / (3 + 1) = (24 + 4)/4 = 28/4 = 7
y = (3×5 + 1×(-3)) / (3 + 1) = (15 - 3)/4 = 12/4 = 3
अतः बिंदु के निर्देशांक (7, 3) हैं।
विभाजन सूत्र: x = (m1x2 + m2x1) / (m1 + m2), y = (m1y2 + m2y1) / (m1 + m2)
यहाँ m1 = 3, m2 = 1; (x1, y1) = (4, -3); (x2, y2) = (8, 5)
x = (3×8 + 1×4) / (3 + 1) = (24 + 4)/4 = 28/4 = 7
y = (3×5 + 1×(-3)) / (3 + 1) = (15 - 3)/4 = 12/4 = 3
अतः बिंदु के निर्देशांक (7, 3) हैं।
प्र० 13. k का मान ज्ञात कीजिए यदि बिंदु A(2, 3), B(4, k) और C(6, -3) संरेखी हैं।
हल:
संरेखी बिंदुओं से बने त्रिभुज का क्षेत्रफल 0 होता है:
(1/2) |x1(y2 - y3) + x2(y3 - y1) + x3(y1 - y2)| = 0
⇒ 2(k - (-3)) + 4(-3 - 3) + 6(3 - k) = 0
⇒ 2(k + 3) + 4(-6) + 18 - 6k = 0
⇒ 2k + 6 - 24 + 18 - 6k = 0
⇒ -4k + 0 = 0 ⇒ k = 0।
संरेखी बिंदुओं से बने त्रिभुज का क्षेत्रफल 0 होता है:
(1/2) |x1(y2 - y3) + x2(y3 - y1) + x3(y1 - y2)| = 0
⇒ 2(k - (-3)) + 4(-3 - 3) + 6(3 - k) = 0
⇒ 2(k + 3) + 4(-6) + 18 - 6k = 0
⇒ 2k + 6 - 24 + 18 - 6k = 0
⇒ -4k + 0 = 0 ⇒ k = 0।
प्र० 14. यदि tan A = 4/3, तो कोण A के अन्य सभी त्रिकोणमितीय अनुपात ज्ञात करने हेतु sin A और cos A का मान निकालें।
हल:
tan A = लम्ब / आधार = 4/3 ⇒ लम्ब = 4k, आधार = 3k
कर्ण = √[(4k)2 + (3k)2] = √[25k2] = 5k
अतः sin A = 4/5 तथा cos A = 3/5।
tan A = लम्ब / आधार = 4/3 ⇒ लम्ब = 4k, आधार = 3k
कर्ण = √[(4k)2 + (3k)2] = √[25k2] = 5k
अतः sin A = 4/5 तथा cos A = 3/5।
प्र० 15. मान ज्ञात कीजिए: 2 tan2 45° + cos2 30° - sin2 60°।
हल:
हम जानते हैं: tan 45° = 1, cos 30° = √3/2, sin 60° = √3/2
मान प्रतिस्थापित करने पर:
2(1)2 + (√3/2)2 - (√3/2)2 = 2 + 3/4 - 3/4 = 2।
हम जानते हैं: tan 45° = 1, cos 30° = √3/2, sin 60° = √3/2
मान प्रतिस्थापित करने पर:
2(1)2 + (√3/2)2 - (√3/2)2 = 2 + 3/4 - 3/4 = 2।
प्र० 16. सिद्ध कीजिए कि: (sin θ / (1 + cos θ)) + ((1 + cos θ) / sin θ) = 2 cosec θ।
हल:
L.H.S. = [sin2 θ + (1 + cos θ)2] / [sin θ(1 + cos θ)]
= [sin2 θ + 1 + 2 cos θ + cos2 θ] / [sin θ(1 + cos θ)]
= [(sin2 θ + cos2 θ) + 1 + 2 cos θ] / [sin θ(1 + cos θ)]
= [1 + 1 + 2 cos θ] / [sin θ(1 + cos θ)] = 2(1 + cos θ) / [sin θ(1 + cos θ)]
= 2 / sin θ = 2 cosec θ = R.H.S. (इति सिद्धम्)।
L.H.S. = [sin2 θ + (1 + cos θ)2] / [sin θ(1 + cos θ)]
= [sin2 θ + 1 + 2 cos θ + cos2 θ] / [sin θ(1 + cos θ)]
= [(sin2 θ + cos2 θ) + 1 + 2 cos θ] / [sin θ(1 + cos θ)]
= [1 + 1 + 2 cos θ] / [sin θ(1 + cos θ)] = 2(1 + cos θ) / [sin θ(1 + cos θ)]
= 2 / sin θ = 2 cosec θ = R.H.S. (इति सिद्धम्)।
प्र० 17. यदि tan 2A = cot(A - 18°), जहाँ 2A एक न्यूनकोण है, तो A का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
tan 2A = cot(90° - 2A)
अतः cot(90° - 2A) = cot(A - 18°)
⇒ 90° - 2A = A - 18°
⇒ 3A = 108° ⇒ A = 36°।
tan 2A = cot(90° - 2A)
अतः cot(90° - 2A) = cot(A - 18°)
⇒ 90° - 2A = A - 18°
⇒ 3A = 108° ⇒ A = 36°।
प्र० 18. चित्र में ΔABC में DE || BC है, यदि AD = 1.5 सेमी, DB = 3 सेमी, AE = 1 सेमी तो EC ज्ञात करें।
हल:
थेल्स प्रमेय (मूल आनुपातिकता प्रमेय) से:
AD / DB = AE / EC
⇒ 1.5 / 3 = 1 / EC
⇒ 1/2 = 1 / EC ⇒ EC = 2 सेमी।
थेल्स प्रमेय (मूल आनुपातिकता प्रमेय) से:
AD / DB = AE / EC
⇒ 1.5 / 3 = 1 / EC
⇒ 1/2 = 1 / EC ⇒ EC = 2 सेमी।
प्र० 19. सिद्ध कीजिए कि वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा, स्पर्श बिंदु से जाने वाली त्रिज्या पर लंब होती है।
हल:
माना केंद्र O वाला वृत्त है और AB स्पर्श रेखा है जो P पर स्पर्श करती है।
AB पर P के अतिरिक्त कोई अन्य बिंदु Q लें।
चूँकि Q वृत्त के बाहर स्थित है, इसलिए OQ वृत्त की त्रिज्या OP से बड़ी होगी (OQ > OP)।
यह स्थिति P के अतिरिक्त AB के प्रत्येक बिंदु के लिए सत्य है।
अतः OP, O से रेखा AB के बिंदुओं की न्यूनतम दूरी है।
हम जानते हैं कि न्यूनतम दूरी लंबवत होती है, अतः OP ⊥ AB।
माना केंद्र O वाला वृत्त है और AB स्पर्श रेखा है जो P पर स्पर्श करती है।
AB पर P के अतिरिक्त कोई अन्य बिंदु Q लें।
चूँकि Q वृत्त के बाहर स्थित है, इसलिए OQ वृत्त की त्रिज्या OP से बड़ी होगी (OQ > OP)।
यह स्थिति P के अतिरिक्त AB के प्रत्येक बिंदु के लिए सत्य है।
अतः OP, O से रेखा AB के बिंदुओं की न्यूनतम दूरी है।
हम जानते हैं कि न्यूनतम दूरी लंबवत होती है, अतः OP ⊥ AB।
प्र० 20. 6 सेमी त्रिज्या वाले एक वृत्त के एक त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जिसका कोण 60° है।
हल:
r = 6 सेमी, θ = 60°
त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = (θ / 360°) × πr2
= (60/360) × (22/7) × 6 × 6 = (1/6) × (22/7) × 36 = 22 × 6 / 7 = 132/7 सेमी2 (या 18.86 सेमी2)।
r = 6 सेमी, θ = 60°
त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = (θ / 360°) × πr2
= (60/360) × (22/7) × 6 × 6 = (1/6) × (22/7) × 36 = 22 × 6 / 7 = 132/7 सेमी2 (या 18.86 सेमी2)।
प्र० 21. एक घड़ी की मिनट की सुई जिसकी लंबाई 14 सेमी है। इस सुई द्वारा 5 मिनट में रचित क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
मिनट की सुई 60 मिनट में 360° कोण बनाती है।
अतः 5 मिनट में बना कोण θ = (360/60) × 5 = 30°। r = 14 सेमी।
क्षेत्रफल = (30/360) × (22/7) × 14 × 14 = (1/12) × 22 × 2 × 14 = (44 × 14) / 12 = 154/3 सेमी2 (51.33 सेमी2)।
मिनट की सुई 60 मिनट में 360° कोण बनाती है।
अतः 5 मिनट में बना कोण θ = (360/60) × 5 = 30°। r = 14 सेमी।
क्षेत्रफल = (30/360) × (22/7) × 14 × 14 = (1/12) × 22 × 2 × 14 = (44 × 14) / 12 = 154/3 सेमी2 (51.33 सेमी2)।
प्र० 22. त्रिज्या 4.2 सेमी वाले धातु के एक गोले को पिघलाकर त्रिज्या 6 सेमी वाले एक बेलन के रूप में ढाला जाता है। बेलन की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल:
गोले का आयतन = बेलन का आयतन
(4/3) π r13 = π r22 h
⇒ (4/3) × (4.2)3 = 62 × h
⇒ (4/3) × 74.088 = 36 × h ⇒ 98.784 = 36h
⇒ h = 98.784 / 36 = 2.74 सेमी।
गोले का आयतन = बेलन का आयतन
(4/3) π r13 = π r22 h
⇒ (4/3) × (4.2)3 = 62 × h
⇒ (4/3) × 74.088 = 36 × h ⇒ 98.784 = 36h
⇒ h = 98.784 / 36 = 2.74 सेमी।
प्र० 23. दो घनों, जिनमें से प्रत्येक का आयतन 64 सेमी3 है, के संलग्न फलकों को मिलाकर एक ठोस बनाया जाता है। प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
घन की भुजा a = ∛64 = 4 सेमी।
संलग्न फलकों को जोड़ने पर बने घनाभ की विमाएँ:
लंबाई l = 4 + 4 = 8 सेमी, चौड़ाई b = 4 सेमी, ऊँचाई h = 4 सेमी।
घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl) = 2(8×4 + 4×4 + 4×8) = 2(32 + 16 + 32) = 2(80) = 160 सेमी2।
घन की भुजा a = ∛64 = 4 सेमी।
संलग्न फलकों को जोड़ने पर बने घनाभ की विमाएँ:
लंबाई l = 4 + 4 = 8 सेमी, चौड़ाई b = 4 सेमी, ऊँचाई h = 4 सेमी।
घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl) = 2(8×4 + 4×4 + 4×8) = 2(32 + 16 + 32) = 2(80) = 160 सेमी2।
प्र० 24. निम्नलिखित सारणी का माध्य ज्ञात कीजिए:
| वर्ग अंतराल | 0-10 | 10-20 | 20-30 | 30-40 | 40-50 |
|---|---|---|---|---|---|
| बारंबारता (f) | 5 | 8 | 12 | 10 | 5 |
हल:
मध्यमान (x): 5, 15, 25, 35, 45
f×x: 25, 120, 300, 350, 225
Σf = 5 + 8 + 12 + 10 + 5 = 40
Σfx = 25 + 120 + 300 + 350 + 225 = 1020
माध्य x̄ = Σfx / Σf = 1020 / 40 = 25.5।
मध्यमान (x): 5, 15, 25, 35, 45
f×x: 25, 120, 300, 350, 225
Σf = 5 + 8 + 12 + 10 + 5 = 40
Σfx = 25 + 120 + 300 + 350 + 225 = 1020
माध्य x̄ = Σfx / Σf = 1020 / 40 = 25.5।
प्र० 25. निम्नलिखित वितरण का बहुलक वर्ग ज्ञात कीजिए:
| वर्ग | 1-3 | 3-5 | 5-7 | 7-9 | 9-11 |
|---|---|---|---|---|---|
| बारंबारता | 7 | 8 | 2 | 2 | 1 |
हल:
यहाँ अधिकतम बारंबारता 8 है, जो वर्ग अंतराल 3-5 के अंतर्गत आती है।
अतः बहुलक वर्ग (Modal Class) = 3 - 5 है।
यहाँ अधिकतम बारंबारता 8 है, जो वर्ग अंतराल 3-5 के अंतर्गत आती है।
अतः बहुलक वर्ग (Modal Class) = 3 - 5 है।
प्र० 26. एक थैले में 3 लाल और 5 काली गेंदें हैं। थैले में से एक गेंद यादृच्छया निकाली जाती है। इसकी क्या प्रायिकता है कि गेंद (i) लाल हो? (ii) लाल नहीं हो?
हल:
कुल गेंदें = 3 + 5 = 8।
(i) P(लाल गेंद) = लाल गेंदों की संख्या / कुल संख्या = 3/8
(ii) P(लाल नहीं) = 1 - P(लाल) = 1 - 3/8 = 5/8।
कुल गेंदें = 3 + 5 = 8।
(i) P(लाल गेंद) = लाल गेंदों की संख्या / कुल संख्या = 3/8
(ii) P(लाल नहीं) = 1 - P(लाल) = 1 - 3/8 = 5/8।
प्र० 27. अच्छी प्रकार से फेंटी गई 52 पत्तों की ताश की एक गड्डी में से एक पत्ता निकाला जाता है। लाल रंग का बादशाह प्राप्त करने की प्रायिकता क्या होगी?
हल:
कुल परिणाम = 52
लाल रंग के बादशाह (पान का बादशाह + ईंट का बादशाह) = 2
अतः प्रायिकता P(लाल बादशाह) = 2 / 52 = 1/26।
कुल परिणाम = 52
लाल रंग के बादशाह (पान का बादशाह + ईंट का बादशाह) = 2
अतः प्रायिकता P(लाल बादशाह) = 2 / 52 = 1/26।
प्र० 28. अभाज्य गुणनखंड विधि द्वारा 96 और 404 का HCF तथा LCM ज्ञात कीजिए।
हल:
96 = 25 × 3
404 = 22 × 101
HCF = 22 = 4
LCM = (96 × 404) / HCF = (96 × 404) / 4 = 96 × 101 = 9696।
96 = 25 × 3
404 = 22 × 101
HCF = 22 = 4
LCM = (96 × 404) / HCF = (96 × 404) / 4 = 96 × 101 = 9696।
प्र० 29. त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसके शीर्ष A(1, -1), B(-4, 6) और C(-3, -5) हैं।
हल:
क्षेत्रफल = (1/2) |x1(y2 - y3) + x2(y3 - y1) + x3(y1 - y2)|
= (1/2) |1(6 - (-5)) + (-4)(-5 - (-1)) + (-3)(-1 - 6)|
= (1/2) |1(11) + (-4)(-4) + (-3)(-7)|
= (1/2) |11 + 16 + 21| = (1/2) |48| = 24 वर्ग मात्रक।
क्षेत्रफल = (1/2) |x1(y2 - y3) + x2(y3 - y1) + x3(y1 - y2)|
= (1/2) |1(6 - (-5)) + (-4)(-5 - (-1)) + (-3)(-1 - 6)|
= (1/2) |1(11) + (-4)(-4) + (-3)(-7)|
= (1/2) |11 + 16 + 21| = (1/2) |48| = 24 वर्ग मात्रक।
प्र० 30. बिना लंबी विभाजन प्रक्रिया किए बताइए कि 17/8 का दशमलव प्रसार शांत है या अशांत आवर्ती।
हल:
दी गई भिन्न = 17/8। यहाँ हर = 8।
8 का अभाज्य गुणनखंड = 2 × 2 × 2 = 23 = 23 × 50।
चूँकि हर 2n × 5m के रूप का है, अतः इसका दशमलव प्रसार शांत है।
दी गई भिन्न = 17/8। यहाँ हर = 8।
8 का अभाज्य गुणनखंड = 2 × 2 × 2 = 23 = 23 × 50।
चूँकि हर 2n × 5m के रूप का है, अतः इसका दशमलव प्रसार शांत है।
खंड – 'स' : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type)
8 प्रश्न × 5 = 40 अंक
प्र० 31. ग्राफ़ीय विधि से हल कीजिए: 2x + y = 6 तथा 4x - 2y = 4।
हल:
समीकरण (1): 2x + y = 6 ⇒ y = 6 - 2x
तालिका 1:
• यदि x = 0, y = 6 ⇒ (0, 6)
• यदि x = 2, y = 2 ⇒ (2, 2)
• यदि x = 3, y = 0 ⇒ (3, 0)
समीकरण (2): 4x - 2y = 4 ⇒ 2x - y = 2 ⇒ y = 2x - 2
तालिका 2:
• यदि x = 0, y = -2 ⇒ (0, -2)
• यदि x = 1, y = 0 ⇒ (1, 0)
• यदि x = 2, y = 2 ⇒ (2, 2)
आलेखीय निष्कर्ष:
दोनों समीकरणों की रेखाएँ आलेख पत्र (Graph paper) पर खींचने पर बिंदु (2, 2) पर एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं।
अतः हल x = 2, y = 2 है।
समीकरण (1): 2x + y = 6 ⇒ y = 6 - 2x
तालिका 1:
• यदि x = 0, y = 6 ⇒ (0, 6)
• यदि x = 2, y = 2 ⇒ (2, 2)
• यदि x = 3, y = 0 ⇒ (3, 0)
समीकरण (2): 4x - 2y = 4 ⇒ 2x - y = 2 ⇒ y = 2x - 2
तालिका 2:
• यदि x = 0, y = -2 ⇒ (0, -2)
• यदि x = 1, y = 0 ⇒ (1, 0)
• यदि x = 2, y = 2 ⇒ (2, 2)
आलेखीय निष्कर्ष:
दोनों समीकरणों की रेखाएँ आलेख पत्र (Graph paper) पर खींचने पर बिंदु (2, 2) पर एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं।
अतः हल x = 2, y = 2 है।
प्र० 32. सिद्ध कीजिए कि एक समकोण त्रिभुज में कर्ण का वर्ग शेष दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है (पाइथागोरस प्रमेय)।
हल:
दिया है: एक समकोण ΔABC जिसमें ∠B = 90° है।
सिद्ध करना है: AC2 = AB2 + BC2
रचना: BD ⊥ AC खींचा।
उपपत्ति:
ΔADB और ΔABC में:
∠ADB = ∠ABC = 90°
∠A = ∠A (उभयनिष्ठ)
अतः AA समरूपता से, ΔADB ~ ΔABC
⇒ AD / AB = AB / AC ⇒ AB2 = AD × AC ....... (समीकरण 1)
अब ΔBDC और ΔABC में:
∠BDC = ∠ABC = 90°
∠C = ∠C (उभयनिष्ठ)
अतः ΔBDC ~ ΔABC
⇒ CD / BC = BC / AC ⇒ BC2 = CD × AC ....... (समीकरण 2)
समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर:
AB2 + BC2 = AD × AC + CD × AC
AB2 + BC2 = AC(AD + CD)
चूँकि AD + CD = AC है:
AB2 + BC2 = AC × AC = AC2
अर्थात् AC2 = AB2 + BC2 (इति सिद्धम्)।
दिया है: एक समकोण ΔABC जिसमें ∠B = 90° है।
सिद्ध करना है: AC2 = AB2 + BC2
रचना: BD ⊥ AC खींचा।
उपपत्ति:
ΔADB और ΔABC में:
∠ADB = ∠ABC = 90°
∠A = ∠A (उभयनिष्ठ)
अतः AA समरूपता से, ΔADB ~ ΔABC
⇒ AD / AB = AB / AC ⇒ AB2 = AD × AC ....... (समीकरण 1)
अब ΔBDC और ΔABC में:
∠BDC = ∠ABC = 90°
∠C = ∠C (उभयनिष्ठ)
अतः ΔBDC ~ ΔABC
⇒ CD / BC = BC / AC ⇒ BC2 = CD × AC ....... (समीकरण 2)
समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर:
AB2 + BC2 = AD × AC + CD × AC
AB2 + BC2 = AC(AD + CD)
चूँकि AD + CD = AC है:
AB2 + BC2 = AC × AC = AC2
अर्थात् AC2 = AB2 + BC2 (इति सिद्धम्)।
प्र० 33. सिद्ध कीजिए कि: (sin θ - 2 sin3 θ) / (2 cos3 θ - cos θ) = tan θ।
हल:
L.H.S. = (sin θ - 2 sin3 θ) / (2 cos3 θ - cos θ)
अंश से sin θ और हर से cos θ उभयनिष्ठ लेने पर:
= [sin θ (1 - 2 sin2 θ)] / [cos θ (2 cos2 θ - 1)]
हम जानते हैं कि 1 = sin2 θ + cos2 θ:
अंश में: 1 - 2 sin2 θ = (sin2 θ + cos2 θ) - 2 sin2 θ = cos2 θ - sin2 θ
हर में: 2 cos2 θ - (sin2 θ + cos2 θ) = cos2 θ - sin2 θ
अतः व्यंजक बन जाता है:
= [sin θ (cos2 θ - sin2 θ)] / [cos θ (cos2 θ - sin2 θ)]
= sin θ / cos θ
= tan θ = R.H.S. (इति सिद्धम्)।
L.H.S. = (sin θ - 2 sin3 θ) / (2 cos3 θ - cos θ)
अंश से sin θ और हर से cos θ उभयनिष्ठ लेने पर:
= [sin θ (1 - 2 sin2 θ)] / [cos θ (2 cos2 θ - 1)]
हम जानते हैं कि 1 = sin2 θ + cos2 θ:
अंश में: 1 - 2 sin2 θ = (sin2 θ + cos2 θ) - 2 sin2 θ = cos2 θ - sin2 θ
हर में: 2 cos2 θ - (sin2 θ + cos2 θ) = cos2 θ - sin2 θ
अतः व्यंजक बन जाता है:
= [sin θ (cos2 θ - sin2 θ)] / [cos θ (cos2 θ - sin2 θ)]
= sin θ / cos θ
= tan θ = R.H.S. (इति सिद्धम्)।
प्र० 34. भूमि के एक बिंदु से एक 20 मीटर ऊँचे भवन के शिखर पर लगी एक संचार मीनार के तल और शिखर के उन्नयन कोण क्रमशः 45° और 60° हैं। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल:
माना भवन की ऊँचाई BC = 20 मीटर तथा मीनार AB की ऊँचाई = h मीटर।
भूमि पर प्रेक्षण बिंदु D है। CD = x मीटर।
दिया है: ∠BDC = 45° तथा ∠ADC = 60°।
समकोण ΔBCD में:
tan 45° = BC / CD ⇒ 1 = 20 / x ⇒ x = 20 मीटर
समकोण ΔACD में:
tan 60° = AC / CD = (AB + BC) / x
⇒ √3 = (h + 20) / 20
⇒ h + 20 = 20√3
⇒ h = 20√3 - 20 = 20(√3 - 1) मीटर
(√3 = 1.732 रखने पर: h = 20 × 0.732 = 14.64 मीटर)
अतः संचार मीनार की ऊँचाई 20(√3 - 1) मीटर (या 14.64 मीटर) है।
माना भवन की ऊँचाई BC = 20 मीटर तथा मीनार AB की ऊँचाई = h मीटर।
भूमि पर प्रेक्षण बिंदु D है। CD = x मीटर।
दिया है: ∠BDC = 45° तथा ∠ADC = 60°।
समकोण ΔBCD में:
tan 45° = BC / CD ⇒ 1 = 20 / x ⇒ x = 20 मीटर
समकोण ΔACD में:
tan 60° = AC / CD = (AB + BC) / x
⇒ √3 = (h + 20) / 20
⇒ h + 20 = 20√3
⇒ h = 20√3 - 20 = 20(√3 - 1) मीटर
(√3 = 1.732 रखने पर: h = 20 × 0.732 = 14.64 मीटर)
अतः संचार मीनार की ऊँचाई 20(√3 - 1) मीटर (या 14.64 मीटर) है।
प्र० 35. एक मोटर बोट जिसकी स्थिर जल में चाल 18 किमी/घंटा है, 24 किमी धारा के प्रतिकूल जाने में, वही दूरी धारा के अनुकूल जाने की अपेक्षा 1 घंटा अधिक लेती है। धारा की चाल ज्ञात कीजिए।
हल:
माना धारा की चाल = x किमी/घंटा।
शांत जल में बोट की चाल = 18 किमी/घंटा।
• धारा के अनुकूल बोट की चाल = (18 + x) किमी/घंटा
• धारा के प्रतिकूल बोट की चाल = (18 - x) किमी/घंटा
दूरी = 24 किमी।
प्रश्नानुसार:
समयप्रतिकूल - समयअनुकूल = 1 घंटा
24 / (18 - x) - 24 / (18 + x) = 1
⇒ 24 [ (18 + x) - (18 - x) ] / [ (18 - x)(18 + x) ] = 1
⇒ 24 [ 2x ] / [ 324 - x2 ] = 1
⇒ 48x = 324 - x2
⇒ x2 + 48x - 324 = 0
मध्य पद विभक्त करने पर: 54 × 6 = 324 तथा 54 - 6 = 48
⇒ x2 + 54x - 6x - 324 = 0
⇒ x(x + 54) - 6(x + 54) = 0
⇒ (x - 6)(x + 54) = 0
चाल ऋणात्मक नहीं हो सकती, अतः x ≠ -54। इसलिए x = 6।
अतः धारा की चाल 6 किमी/घंटा है।
माना धारा की चाल = x किमी/घंटा।
शांत जल में बोट की चाल = 18 किमी/घंटा।
• धारा के अनुकूल बोट की चाल = (18 + x) किमी/घंटा
• धारा के प्रतिकूल बोट की चाल = (18 - x) किमी/घंटा
दूरी = 24 किमी।
प्रश्नानुसार:
समयप्रतिकूल - समयअनुकूल = 1 घंटा
24 / (18 - x) - 24 / (18 + x) = 1
⇒ 24 [ (18 + x) - (18 - x) ] / [ (18 - x)(18 + x) ] = 1
⇒ 24 [ 2x ] / [ 324 - x2 ] = 1
⇒ 48x = 324 - x2
⇒ x2 + 48x - 324 = 0
मध्य पद विभक्त करने पर: 54 × 6 = 324 तथा 54 - 6 = 48
⇒ x2 + 54x - 6x - 324 = 0
⇒ x(x + 54) - 6(x + 54) = 0
⇒ (x - 6)(x + 54) = 0
चाल ऋणात्मक नहीं हो सकती, अतः x ≠ -54। इसलिए x = 6।
अतः धारा की चाल 6 किमी/घंटा है।
प्र० 36. पानी पीने वाला एक गिलास 14 सेमी ऊँचाई वाले एक शंकु के छिन्नक के आकार का है। दोनों वृत्ताकार सिरों के व्यास 4 सेमी और 2 सेमी हैं। इस गिलास की धारिता ज्ञात कीजिए।
हल:
ऊँचाई h = 14 सेमी
ऊपरी सिरे की त्रिज्या r1 = 4/2 = 2 सेमी
निचले सिरे की त्रिज्या r2 = 2/2 = 1 सेमी
शंकु के छिन्नक का आयतन (धारिता) V = (1/3) π h (r12 + r22 + r1r2)
= (1/3) × (22/7) × 14 × (22 + 12 + 2×1)
= (1/3) × 22 × 2 × (4 + 1 + 2)
= (44/3) × 7 = 308 / 3 = 102.67 सेमी3 (या 102 23 सेमी3)।
ऊँचाई h = 14 सेमी
ऊपरी सिरे की त्रिज्या r1 = 4/2 = 2 सेमी
निचले सिरे की त्रिज्या r2 = 2/2 = 1 सेमी
शंकु के छिन्नक का आयतन (धारिता) V = (1/3) π h (r12 + r22 + r1r2)
= (1/3) × (22/7) × 14 × (22 + 12 + 2×1)
= (1/3) × 22 × 2 × (4 + 1 + 2)
= (44/3) × 7 = 308 / 3 = 102.67 सेमी3 (या 102 23 सेमी3)।
प्र० 37. 5 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए। इसके केंद्र से 8 सेमी दूर स्थित बिंदु से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ खींचिए तथा उनकी लंबाई मापिए। (रचना के चरण)
रचना के चरण:
1. परकार की सहायता से बिंदु O को केंद्र मानकर 5 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचा।
2. केंद्र O से 8 सेमी की दूरी पर एक बाह्य बिंदु P अंकित किया (OP = 8 सेमी)।
3. रेखाखंड OP का लंब समद्विभाजक खींचा, जो OP को मध्य बिंदु M पर काटता है।
4. बिंदु M को केंद्र मानकर तथा MO (या MP) त्रिज्या लेकर एक अन्य वृत्त खींचा।
5. यह नया वृत्त पहले वृत्त को दो बिंदुओं A और B पर प्रतिच्छेद करता है।
6. रेखाखंड PA और PB को मिलाया। इस प्रकार PA और PB अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।
माप/गणना: समकोण ΔOAP में, PA = √(OP2 - OA2) = √(82 - 52) = √(64 - 25) = √39 ≈ 6.24 सेमी।
1. परकार की सहायता से बिंदु O को केंद्र मानकर 5 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचा।
2. केंद्र O से 8 सेमी की दूरी पर एक बाह्य बिंदु P अंकित किया (OP = 8 सेमी)।
3. रेखाखंड OP का लंब समद्विभाजक खींचा, जो OP को मध्य बिंदु M पर काटता है।
4. बिंदु M को केंद्र मानकर तथा MO (या MP) त्रिज्या लेकर एक अन्य वृत्त खींचा।
5. यह नया वृत्त पहले वृत्त को दो बिंदुओं A और B पर प्रतिच्छेद करता है।
6. रेखाखंड PA और PB को मिलाया। इस प्रकार PA और PB अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।
माप/गणना: समकोण ΔOAP में, PA = √(OP2 - OA2) = √(82 - 52) = √(64 - 25) = √39 ≈ 6.24 सेमी।
प्र० 38. निम्नलिखित आँकड़ों का माध्यक (Median) ज्ञात कीजिए:
| वर्ग अंतराल | बारंबारता (f) | संचयी बारंबारता (cf) |
|---|---|---|
| 0 - 10 | 5 | 5 |
| 10 - 20 | 8 | 13 |
| 20 - 30 | 20 | 33 |
| 30 - 40 | 15 | 48 |
| 40 - 50 | 7 | 55 |
| 50 - 60 | 5 | 60 |
हल:
यहाँ कुल बारंबारता N = 60 ⇒ N/2 = 60/2 = 30।
संचयी बारंबारता 30 से ठीक बड़ी संचयी बारंबारता 33 है, जिसका संगत वर्ग 20 - 30 है।
अतः माध्यक वर्ग (Median Class) = 20 - 30
• l (माध्यक वर्ग की निम्न सीमा) = 20
• cf (माध्यक वर्ग से ठीक पहले वर्ग की cf) = 13
• f (माध्यक वर्ग की बारंबारता) = 20
• h (वर्ग अंतराल की माप) = 10
माध्यक सूत्र: Median = l + [ (N/2 - cf) / f ] × h
= 20 + [ (30 - 13) / 20 ] × 10
= 20 + [ 17 / 20 ] × 10
= 20 + 17 / 2 = 20 + 8.5 = 28.5।
अतः आँकड़ों का अभीष्ट माध्यक 28.5 है।
यहाँ कुल बारंबारता N = 60 ⇒ N/2 = 60/2 = 30।
संचयी बारंबारता 30 से ठीक बड़ी संचयी बारंबारता 33 है, जिसका संगत वर्ग 20 - 30 है।
अतः माध्यक वर्ग (Median Class) = 20 - 30
• l (माध्यक वर्ग की निम्न सीमा) = 20
• cf (माध्यक वर्ग से ठीक पहले वर्ग की cf) = 13
• f (माध्यक वर्ग की बारंबारता) = 20
• h (वर्ग अंतराल की माप) = 10
माध्यक सूत्र: Median = l + [ (N/2 - cf) / f ] × h
= 20 + [ (30 - 13) / 20 ] × 10
= 20 + [ 17 / 20 ] × 10
= 20 + 17 / 2 = 20 + 8.5 = 28.5।
अतः आँकड़ों का अभीष्ट माध्यक 28.5 है।
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