परिशिष्ट
I. शब्दरूपाणि (Noun Declensions)
व्याकरणवीथिः | NCERT / BSEB संस्कृत व्याकरण
i) स्वरान्त शब्दरूप (Vowel-Ending Nouns)
1. बालक (अकारान्त पुल्लिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | बालकः स् ( : ) | बालकौ औ | बालकाः अः |
| द्वितीया | बालकम् अम् | बालकौ औ | बालकान् अः (आन्) |
| तृतीया | बालकेन आ (एन) | बालकाभ्याम् भ्याम् | बालकैः भिः (ऐः) |
| चतुर्थी | बालकाय ए (आय) | बालकाभ्याम् भ्याम् | बालकेभ्यः भ्यः |
| पञ्चमी | बालकात् अस् (आत्) | बालकाभ्याम् भ्याम् | बालकेभ्यः भ्यः |
| षष्ठी | बालकस्य अस् (स्य) | बालकयोः ओ (योः) | बालकानाम् आम् (नाम्) |
| सप्तमी | बालके इ (ए) | बालकयोः ओः (योः) | बालकेषु सु (एषु) |
| सम्बोधन | हे बालक ! | हे बालकौ ! | हे बालकाः ! |
(अकारान्त पुँल्लिङ्ग शब्दों के रूप बालक के समान पढ़े जाएँगे।)
2. फल (अकारान्त नपुंसकलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | फलम् | फले | फलानि |
| द्वितीया | फलम् | फले | फलानि |
| सम्बोधन | हे फल ! | हे फले ! | हे फलानि ! |
(शेष तृतीया से सप्तमी विभक्ति पर्यन्त बालक के रूप के समान पढ़े जाएँगे। यथा— फलेन, फलाभ्याम्, फलैः आदि)
3. लता (आकारान्त स्त्रीलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | लता | लते | लताः |
| द्वितीया | लताम् | लते | लताः |
| तृतीया | लतया | लताभ्याम् | लताभिः |
| चतुर्थी | लतायै | लताभ्याम् | लताभ्यः |
| पञ्चमी | लतायाः | लताभ्याम् | लताभ्यः |
| षष्ठी | लतायाः | लतयोः | लतानाम् |
| सप्तमी | लतायाम् | लतयोः | लतासु |
| सम्बोधन | हे लते ! | हे लते ! | हे लताः ! |
(आकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्दों के रूप लता के समान होते हैं।)
4. मुनि (इकारान्त पुल्लिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | मुनिः | मुनी | मुनयः |
| द्वितीया | मुनिम् | मुनी | मुनीन् |
| तृतीया | मुनिना | मुनिभ्याम् | मुनिभिः |
| चतुर्थी | मुनये | मुनिभ्याम् | मुनिभ्यः |
| पञ्चमी | मुनेः | मुनिभ्याम् | मुनिभ्यः |
| षष्ठी | मुनेः | मुन्योः | मुनीनाम् |
| सप्तमी | मुनौ | मुन्योः | मुनिषु |
| सम्बोधन | हे मुने ! | हे मुनी ! | हे मुनयः ! |
('भूपति' आदि सभी इकारान्त पुँल्लिङ्ग शब्दों के रूप मुनि के समान पढ़े जाएँगे।)
5. पति (इकारान्त पुल्लिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पतिः | पती | पतयः |
| द्वितीया | पतिम् | पती | पतीन् |
| तृतीया | पत्या (पतिना) | पतिभ्याम् | पतिभिः |
| चतुर्थी | पत्ये (पत्यै) | पतिभ्याम् | पतिभ्यः |
| पञ्चमी | पत्युः | पतिभ्याम् | पतिभ्यः |
| षष्ठी | पत्युः | पत्योः | पतीनाम् |
| सप्तमी | पत्यौ | पत्योः | पतिषु |
| सम्बोधन | हे पते ! | हे पती ! | हे पतयः ! |
6. नदी (ईकारान्त स्त्रीलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | नदी | नद्यौ | नद्यः |
| द्वितीया | नदीम् | नद्यौ | नदीः |
| तृतीया | नद्या | नदीभ्याम् | नदीभिः |
| चतुर्थी | नद्यै | नदीभ्याम् | नदीभ्यः |
| पञ्चमी | नद्याः | नदीभ्याम् | नदीभ्यः |
| षष्ठी | नद्याः | नद्योः | नदीनाम् |
| सप्तमी | नद्याम् | नद्योः | नदीषु |
| सम्बोधन | हे नदि ! | हे नद्यौ ! | हे नद्यः ! |
7. भानु (उकारान्त पुल्लिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | भानुः | भानू | भानवः |
| द्वितीया | भानुम् | भानू | भानून् |
| तृतीया | भानुना | भानुभ्याम् | भानुभिः |
| चतुर्थी | भानवे | भानुभ्याम् | भानुभ्यः |
| पञ्चमी | भानोः | भानुभ्याम् | भानुभ्यः |
| षष्ठी | भानोः | भान्वोः | भानूनाम् |
| सप्तमी | भानौ | भान्वोः | भानुषु |
| सम्बोधन | हे भानो ! | हे भानू ! | हे भानवः ! |
8. धेनु (उकारान्त स्त्रीलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | धेनुः | धेनू | धेनवः |
| द्वितीया | धेनुम् | धेनू | धेनूः |
| तृतीया | धेन्वा (धेनुना) | धेनुभ्याम् | धेनुभिः |
| चतुर्थी | धेनवे / धेन्वै | धेनुभ्याम् | धेनुभ्यः |
| पञ्चमी | धेनोः / धेन्वाः | धेनुभ्याम् | धेनुभ्यः |
| षष्ठी | धेनोः / धेन्वाः | धेन्वोः | धेनूनाम् |
| सप्तमी | धेनौ / धेन्वाम् | धेन्वोः | धेनुषु |
| सम्बोधन | हे धेनो ! | हे धेनू ! | हे धेनवः ! |
9. मधु (उकारान्त नपुंसकलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | मधु | मधुनी | मधूनि |
| द्वितीया | मधु | मधुनी | मधूनि |
| तृतीया | मधुना | मधुभ्याम् | मधुभिः |
| चतुर्थी | मधुने | मधुभ्याम् | मधुभ्यः |
| पञ्चमी | मधुनः | मधुभ्याम् | मधुभ्यः |
| षष्ठी | मधुनः | मधुनोः | मधूनाम् |
| सप्तमी | मधुनि | मधुनोः | मधुषु |
| सम्बोधन | हे मधु / हे मधो ! | हे मधुनी ! | हे मधूनि ! |
10. पितृ (पिता) — ऋकारान्त पुल्लिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पिता | पितरौ | पितरः |
| द्वितीया | पितरम् | पितरौ | पितॄन् |
| तृतीया | पित्रा | पितृभ्याम् | पितृभिः |
| चतुर्थी | पित्रे | पितृभ्याम् | पितृभ्यः |
| पञ्चमी | पितुः | पितृभ्याम् | पितृभ्यः |
| षष्ठी | पितुः | पित्रोः | पितॄणाम् |
| सप्तमी | पितरि | पित्रोः | पितृषु |
| सम्बोधन | हे पितः ! | हे पितरौ ! | हे पितरः ! |
11. मातृ (माँ, माता) — ऋकारान्त स्त्रीलिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | माता | मातरौ | मातरः |
| द्वितीया | मातरम् | मातरौ | मातॄः |
| तृतीया | मात्रा | मातृभ्याम् | मातृभिः |
| चतुर्थी | मात्रे | मातृभ्याम् | मातृभ्यः |
| पञ्चमी | मातुः | मातृभ्याम् | मातृभ्यः |
| षष्ठी | मातुः | मात्रोः | मातॄणाम् |
| सप्तमी | मातरि | मात्रोः | मातृषु |
| सम्बोधन | हे मातः ! | हे मातरौ ! | हे मातरः ! |
12. गो (गाय और बैल) — ओकारान्त पुल्लिंग/स्त्रीलिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | गौः | गावौ | गावः |
| द्वितीया | गाम् | गावौ | गाः |
| तृतीया | गवा | गोभ्याम् | गोभिः |
| चतुर्थी | गवे | गोभ्याम् | गोभ्यः |
| पञ्चमी | गोः | गोभ्याम् | गोभ्यः |
| षष्ठी | गोः | गवोः | गवाम् |
| सप्तमी | गवि | गवोः | गोषु |
| सम्बोधन | हे गौः ! | हे गावौ ! | हे गावः ! |
13. द्यु/द्यो (आकाश/स्वर्ग) — ओकारान्त स्त्रीलिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | द्यौः | द्यावौ | द्यावः |
| द्वितीया | द्याम् | द्यावौ | द्याः |
| तृतीया | द्यवा | द्योभ्याम् | द्योभिः |
| चतुर्थी | द्यवे | द्योभ्याम् | द्योभ्यः |
| पञ्चमी | द्योः | द्योभ्याम् | द्योभ्यः |
| षष्ठी | द्योः | द्यवोः | द्यवाम् |
| सप्तमी | द्यवि | द्यवोः | द्योषु |
| सम्बोधन | हे द्यौः ! | हे द्यावौ ! | हे द्यावः ! |
14. नौ (नाव) — औकारान्त स्त्रीलिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | नौः | नावौ | नावः |
| द्वितीया | नावम् | नावौ | नावः |
| तृतीया | नावा | नौभ्याम् | नौभिः |
| चतुर्थी | नावे | नौभ्याम् | नौभ्यः |
| पञ्चमी | नावः | नौभ्याम् | नौभ्यः |
| षष्ठी | नावः | नावोः | नावाम् |
| सप्तमी | नावि | नावोः | नौषु |
| सम्बोधन | हे नौः ! | हे नावौ ! | हे नावः ! |
15. अक्षि (इकारान्त नपुंसकलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अक्षि | अक्षिणी | अक्षीणि |
| द्वितीया | अक्षि | अक्षिणी | अक्षीणि |
| तृतीया | अक्ष्णा | अक्षिभ्याम् | अक्षिभिः |
| चतुर्थी | अक्ष्णे | अक्षिभ्याम् | अक्षिभ्यः |
| पञ्चमी | अक्ष्णः | अक्षिभ्याम् | अक्षिभ्यः |
| षष्ठी | अक्ष्णः | अक्ष्णोः | अक्ष्णाम् |
| सप्तमी | अक्षिणि / अक्ष्णि | अक्ष्णोः | अक्षिषु |
| सम्बोधन | हे अक्षि ! | हे अक्षिणी ! | हे अक्षीणि ! |
ii) व्यञ्जनान्त शब्दरूप (Consonant-Ending Nouns)
16. राजन् (राजा) — नकारान्त पुल्लिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | राजा | राजानौ | राजानः |
| द्वितीया | राजानम् | राजानौ | राज्ञः |
| तृतीया | राज्ञा | राजभ्याम् | राजभिः |
| चतुर्थी | राज्ञे | राजभ्याम् | राजभ्यः |
| पञ्चमी | राज्ञः | राजभ्याम् | राजभ्यः |
| षष्ठी | राज्ञः | राज्ञोः | राज्ञाम् |
| सप्तमी | राज्ञि / राजनि | राज्ञोः | राजसु |
| सम्बोधन | हे राजन् ! | हे राजानौ ! | हे राजानः ! |
17. भवत् (आप) — तकारान्त पुल्लिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | भवान् | भवन्तौ | भवन्तः |
| द्वितीया | भवन्तम् | भवन्तौ | भवतः |
| तृतीया | भवता | भवद्भ्याम् | भवद्भिः |
| चतुर्थी | भवते | भवद्भ्याम् | भवद्भ्यः |
| पञ्चमी | भवतः | भवद्भ्याम् | भवद्भ्यः |
| षष्ठी | भवतः | भवतोः | भवताम् |
| सप्तमी | भवति | भवतोः | भवत्सु |
| सम्बोधन | हे भवन् ! | हे भवन्तौ ! | हे भवन्तः ! |
18. आत्मन् (आत्मा, अपने आप) — नकारान्त पुल्लिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | आत्मा | आत्मानौ | आत्मानः |
| द्वितीया | आत्मानम् | आत्मानौ | आत्मनः |
| तृतीया | आत्मना | आत्मभ्याम् | आत्मभिः |
| चतुर्थी | आत्मने | आत्मभ्याम् | आत्मभ्यः |
| पञ्चमी | आत्मनः | आत्मभ्याम् | आत्मभ्यः |
| षष्ठी | आत्मनः | आत्मनोः | आत्मनाम् |
| सप्तमी | आत्मनि | आत्मनोः | आत्मसु |
| सम्बोधन | हे आत्मन् ! | हे आत्मानौ ! | हे आत्मानः ! |
19. विद्वस् (विद्वान्) — सकारान्त पुल्लिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | विद्वान् | विद्वांसौ | विद्वांसः |
| द्वितीया | विद्वांसम् | विद्वांसौ | विदुषः |
| तृतीया | विदुषा | विद्वद्भ्याम् | विद्वद्भिः |
| चतुर्थी | विदुषे | विद्वद्भ्याम् | विद्वद्भ्यः |
| पञ्चमी | विदुषः | विद्वद्भ्याम् | विद्वद्भ्यः |
| षष्ठी | विदुषः | विदुषोः | विदुषाम् |
| सप्तमी | विदुषि | विदुषोः | विद्वत्सु |
| सम्बोधन | हे विद्वन् ! | हे विद्वांसौ ! | हे विद्वांसः ! |
20. चन्द्रमस् (चन्द्रमा) — सकारान्त पुल्लिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | चन्द्रमाः | चन्द्रमसौ | चन्द्रमसः |
| द्वितीया | चन्द्रमसम् | चन्द्रमसौ | चन्द्रमसः |
| तृतीया | चन्द्रमसा | चन्द्रमोभ्याम् | चन्द्रमोभिः |
| चतुर्थी | चन्द्रमसे | चन्द्रमोभ्याम् | चन्द्रमोभ्यः |
| पञ्चमी | चन्द्रमसः | चन्द्रमोभ्याम् | चन्द्रमोभ्यः |
| षष्ठी | चन्द्रमसः | चन्द्रमसोः | चन्द्रमसाम् |
| सप्तमी | चन्द्रमसि | चन्द्रमसोः | चन्द्रमःसु / चन्द्रमस्सु |
| सम्बोधन | हे चन्द्रमः / चन्द्रमाः ! | हे चन्द्रमसौ ! | हे चन्द्रमसः ! |
21. वाच् (वाणी) — चकारान्त स्त्रीलिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | वाक् / वाग् | वाचौ | वाचः |
| द्वितीया | वाचम् | वाचौ | वाचः |
| तृतीया | वाचा | वाग्भ्याम् | वाग्भिः |
| चतुर्थी | वाचे | वाग्भ्याम् | वाग्भ्यः |
| पञ्चमी | वाचः | वाग्भ्याम् | वाग्भ्यः |
| षष्ठी | वाचः | वाचोः | वाचाम् |
| सप्तमी | वाचि | वाचोः | वाक्षु |
| सम्बोधन | हे वाक् / वाग् ! | हे वाचौ ! | हे वाचः ! |
22. गच्छत् (जाते हुए) — तकारान्त पुल्लिंग (शतृ प्रत्ययान्त)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | गच्छन् | गच्छन्तौ | गच्छन्तः |
| द्वितीया | गच्छन्तम् | गच्छन्तौ | गच्छतः |
| तृतीया | गच्छता | गच्छद्भ्याम् | गच्छद्भिः |
| चतुर्थी | गच्छते | गच्छद्भ्याम् | गच्छद्भ्यः |
| पञ्चमी | गच्छतः | गच्छद्भ्याम् | गच्छद्भ्यः |
| षष्ठी | गच्छतः | गच्छतोः | गच्छताम् |
| सप्तमी | गच्छति | गच्छतोः | गच्छत्सु |
| सम्बोधन | हे गच्छन् ! | हे गच्छन्तौ ! | हे गच्छन्तः ! |
23. पुम्स् (पुरुष) — सकारान्त पुल्लिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पुमान् | पुमांसौ | पुमांसः |
| द्वितीया | पुमांसम् | पुमांसौ | पुंसः |
| तृतीया | पुंसा | पुंभ्याम् | पुंभीः / पुम्भिः |
| चतुर्थी | पुंसे | पुंभ्याम् | पुंभ्यः |
| पञ्चमी | पुंसः | पुंभ्याम् | पुंभ्यः |
| षष्ठी | पुंसः | पुंसोः | पुंसाम् |
| सप्तमी | पुंसि | पुंसोः | पुंसु |
| सम्बोधन | हे पुमन् ! | हे पुमांसौ ! | हे पुमांसः ! |
24. पथिन् (रास्ता) — नकारान्त पुल्लिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पन्थाः | पन्थानौ | पन्थानः |
| द्वितीया | पन्थानम् | पन्थानौ | पथः |
| तृतीया | पथा | पथिभ्याम् | पथिभिः |
| चतुर्थी | पथे | पथिभ्याम् | पथिभ्यः |
| पञ्चमी | पथः | पथिभ्याम् | पथिभ्यः |
| षष्ठी | पथः | पथोः | पथाम् |
| सप्तमी | पथि | पथोः | पथिषु |
| सम्बोधन | हे पन्थाः ! | हे पन्थानौ ! | हे पन्थानः ! |
25. गिर् (वाणी, सरस्वती) — रकारान्त स्त्रीलिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | गीः | गिरौ | गिरः |
| द्वितीया | गिरम् | गिरौ | गिरः |
| तृतीया | गिरा | गीर्भ्याम् | गीर्भिः |
| चतुर्थी | गिरे | गीर्भ्याम् | गीर्भ्यः |
| पञ्चमी | गिरः | गीर्भ्याम् | गीर्भ्यः |
| षष्ठी | गिरः | गिरोः | गिराम् |
| सप्तमी | गिरि | गिरोः | गीर्षु |
| सम्बोधन | हे गीः ! | हे गिरौ ! | हे गिरः ! |
26. अहन् (दिन) — नकारान्त नपुंसकलिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अहः | अह्नी / अहनी | अहानि |
| द्वितीया | अहः | अह्नी / अहनी | अहानि |
| तृतीया | अह्ना | अहोभ्याम् | अहोभिः |
| चतुर्थी | अह्ने | अहोभ्याम् | अहोभ्यः |
| पञ्चमी | अह्नः | अहोभ्याम् | अहोभ्यः |
| षष्ठी | अह्नः | अह्नोः | अह्नाम् |
| सप्तमी | अह्नि / अहनि | अह्नोः | अहस्सु / अहःसु |
| सम्बोधन | हे अहः ! | हे अह्नी / अहनी ! | हे अहानि ! |
27. पयस् (दूध और जल) — सकारान्त नपुंसकलिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | पयः | पयसी | पयांसि |
| द्वितीया | पयः | पयसी | पयांसि |
| तृतीया | पयसा | पयोभ्याम् | पयोभिः |
| चतुर्थी | पयसे | पयोभ्याम् | पयोभ्यः |
| पञ्चमी | पयसः | पयोभ्याम् | पयोभ्यः |
| षष्ठी | पयसः | पयसोः | पयसाम् |
| सप्तमी | पयसि | पयसोः | पयस्सु / पयःसु |
| सम्बोधन | हे पयः ! | हे पयसी ! | हे पयांसि ! |
28. ईदृश् (इस प्रकार) — पुल्लिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | ईदृक् / ईदृग् | ईदृशौ | ईदृशः |
| द्वितीया | ईदृशम् | ईदृशौ | ईदृशः |
| तृतीया | ईदृशा | ईदृग्भ्याम् | ईदृग्भिः |
| चतुर्थी | ईदृशे | ईदृग्भ्याम् | ईदृग्भ्यः |
| पञ्चमी | ईदृशः | ईदृग्भ्याम् | ईदृग्भ्यः |
| षष्ठी | ईदृशः | ईदृशोः | ईदृशाम् |
| सप्तमी | ईदृशि | ईदृशोः | ईदृक्षु |
| सम्बोधन | हे ईदृक् / ईदृग् ! | हे ईदृशौ ! | हे ईदृशः ! |
iii) सर्वनाम शब्दरूप (Pronouns)
29. सर्व (सब) — पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
• सर्व (अकारान्त पुल्लिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सर्वः | सर्वौ | सर्वे |
| द्वितीया | सर्वम् | सर्वौ | सर्वान् |
| तृतीया | सर्वेण | सर्वाभ्याम् | सर्वैः |
| चतुर्थी | सर्वस्मै | सर्वाभ्याम् | सर्वेभ्यः |
| पञ्चमी | सर्वस्मात् | सर्वाभ्याम् | सर्वेभ्यः |
| षष्ठी | सर्वस्य | सर्वयोः | सर्वेषाम् |
| सप्तमी | सर्वस्मिन् | सर्वयोः | सर्वेषु |
• सर्व (आकारान्त स्त्रीलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सर्वा | सर्वे | सर्वाः |
| द्वितीया | सर्वाम् | सर्वे | सर्वाः |
| तृतीया | सर्वया | सर्वाभ्याम् | सर्वाभिः |
| चतुर्थी | सर्वस्यै | सर्वाभ्याम् | सर्वाभ्यः |
| पञ्चमी | सर्वस्याः | सर्वाभ्याम् | सर्वाभ्यः |
| षष्ठी | सर्वस्याः | सर्वयोः | सर्वासाम् |
| सप्तमी | सर्वस्याम् | सर्वयोः | सर्वासु |
• सर्व (अकारान्त नपुंसकलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सर्वम् | सर्वे | सर्वाणि |
| द्वितीया | सर्वम् | सर्वे | सर्वाणि |
(तृतीया से सप्तमी पर्यन्त शेष रूप पुल्लिंग के समान चलेंगे। सर्वनाम शब्दों का सम्बोधन नहीं होता।)
30. यत् (जो) — पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
• यत् (पुल्लिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | यः | यौ | ये |
| द्वितीया | यम् | यौ | यान् |
| तृतीया | येन | याभ्याम् | यैः |
| चतुर्थी | यस्मै | याभ्याम् | येभ्यः |
| पञ्चमी | यस्मात् | याभ्याम् | येभ्यः |
| षष्ठी | यस्य | ययोः | येषाम् |
| सप्तमी | यस्मिन् | ययोः | येषु |
• यत् (स्त्रीलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | या | ये | याः |
| द्वितीया | याम् | ये | याः |
| तृतीया | यया | याभ्याम् | याभिः |
| चतुर्थी | यस्यै | याभ्याम् | याभ्यः |
| पञ्चमी | यस्याः | याभ्याम् | याभ्यः |
| षष्ठी | यस्याः | ययोः | यासाम् |
| सप्तमी | यस्याम् | ययोः | यासु |
• यत् (नपुंसकलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | यत् | ये | यानि |
| द्वितीया | यत् | ये | यानि |
(तृतीया से सप्तमी पर्यन्त शेष रूप पुल्लिंग के समान होते हैं।)
31. एतत् (यह) — पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
• एतत् (पुल्लिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | एषः | एतौ | एते |
| द्वितीया | एतम् | एतौ | एतान् |
| तृतीया | एतेन | एताभ्याम् | एतैः |
| चतुर्थी | एतस्मै | एताभ्याम् | एतेभ्यः |
| पञ्चमी | एतस्मात् | एताभ्याम् | एतेभ्यः |
| षष्ठी | एतस्य | एतयोः | एतेषाम् |
| सप्तमी | एतस्मिन् | एतयोः | एतेषु |
• एतत् (स्त्रीलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | एषा | एते | एताः |
| द्वितीया | एताम् | एते | एताः |
| तृतीया | एतया | एताभ्याम् | एताभिः |
| चतुर्थी | एतस्यै | एताभ्याम् | एताभ्यः |
| पञ्चमी | एतस्याः | एताभ्याम् | एताभ्यः |
| षष्ठी | एतस्याः | एतयोः | एतासाम् |
| सप्तमी | एतस्याम् | एतयोः | एतासु |
• एतत् (नपुंसकलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | एतत् | एते | एतानि |
| द्वितीया | एतत् | एते | एतानि |
(शेष रूप पुल्लिंग के समान होते हैं।)
32. तत् (वह) — पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
• तत् (पुल्लिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सः | तौ | ते |
| द्वितीया | तम् | तौ | तान् |
| तृतीया | तेन | ताभ्याम् | तैः |
| चतुर्थी | तस्मै | ताभ्याम् | तेभ्यः |
| पञ्चमी | तस्मात् | ताभ्याम् | तेभ्यः |
| षष्ठी | तस्य | तयोः | तेषाम् |
| सप्तमी | तस्मिन् | तयोः | तेषु |
• तत् (स्त्रीलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सा | ते | ताः |
| द्वितीया | ताम् | ते | ताः |
| तृतीया | तया | ताभ्याम् | ताभिः |
| चतुर्थी | तस्यै | ताभ्याम् | ताभ्यः |
| पञ्चमी | तस्याः | ताभ्याम् | ताभ्यः |
| षष्ठी | तस्याः | तयोः | तासाम् |
| सप्तमी | तस्याम् | तयोः | तासु |
• तत् (नपुंसकलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | तत् | ते | तानि |
| द्वितीया | तत् | ते | तानि |
(तत्, यत्, एतत्, इदम्, अदस्, किम्, युष्मद्, अस्मद् आदि सर्वनाम शब्दों का सम्बोधन नहीं होता।)
33. किम् (कौन/क्या) — पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
• किम् (पुल्लिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | कः | कौ | के |
| द्वितीया | कम् | कौ | कान् |
| तृतीया | केन | काभ्याम् | कैः |
| चतुर्थी | कस्मै | काभ्याम् | केभ्यः |
| पञ्चमी | कस्मात् | काभ्याम् | केभ्यः |
| षष्ठी | कस्य | कयोः | केषाम् |
| सप्तमी | कस्मिन् | कयोः | केषु |
• किम् (स्त्रीलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | का | के | काः |
| द्वितीया | काम् | के | काः |
| तृतीया | कया | काभ्याम् | काभिः |
| चतुर्थी | कस्यै | काभ्याम् | काभ्यः |
| पञ्चमी | कस्याः | काभ्याम् | काभ्यः |
| षष्ठी | कस्याः | कयोः | कासाम् |
| सप्तमी | कस्याम् | कयोः | कासु |
• किम् (नपुंसकलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | किम् | के | कानि |
| द्वितीया | किम् | के | कानि |
(शेष रूप पुल्लिंग के समान होंगे)
34. इदम् (यह) — पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
• इदम् (पुल्लिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अयम् | इमौ | इमे |
| द्वितीया | इमम्, एनम् | इमौ, एनौ | इमान्, एनान् |
| तृतीया | अनेन, एनेन | आभ्याम् | एभिः |
| चतुर्थी | अस्मै | आभ्याम् | एभ्यः |
| पञ्चमी | अस्मात् | आभ्याम् | एभ्यः |
| षष्ठी | अस्य | अनयोः, एनयोः | एषाम् |
| सप्तमी | अस्मिन् | अनयोः, एनयोः | एषु |
• इदम् (स्त्रीलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | इयम् | इमे | इमाः |
| द्वितीया | इमाम्, एनाम् | इमे, एने | इमाः, एनाः |
| तृतीया | अनया, एनया | आभ्याम् | आभिः |
| चतुर्थी | अस्यै | आभ्याम् | आभ्यः |
| पञ्चमी | अस्याः | आभ्याम् | आभ्यः |
| षष्ठी | अस्याः | अनयोः, एनयोः | आसाम् |
| सप्तमी | अस्याम् | अनयोः, एनयोः | आसु |
• इदम् (नपुंसकलिंग)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | इदम् | इमे | इमानि |
| द्वितीया | इदम् | इमे | इमानि |
(इसके शेष रूप पुँल्लिङ्ग के समान होते हैं।)
35. अस्मद् (मैं) — तीनों लिंगों में समान
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | अहम् | आवाम् | वयम् |
| द्वितीया | माम्, मा | आवाम्, नौ | अस्मान्, नः |
| तृतीया | मया | आवाभ्याम् | अस्माभिः |
| चतुर्थी | मह्यम्, मे | आवाभ्याम्, नौ | अस्मभ्यम्, नः |
| पञ्चमी | मत् | आवाभ्याम् | अस्मत् |
| षष्ठी | मम, मे | आवयोः, नौ | अस्माकम्, नः |
| सप्तमी | मयि | आवयोः | अस्मासु |
36. युष्मद् (तुम) — तीनों लिंगों में समान
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | त्वम् | युवाम् | यूयम् |
| द्वितीया | त्वाम्, त्वा | युवाम्, वाम् | युष्मान्, वः |
| तृतीया | त्वया | युवाभ्याम् | युष्माभिः |
| चतुर्थी | तुभ्यम्, ते | युवाभ्याम्, वाम् | युष्मभ्यम्, वः |
| पञ्चमी | त्वत् | युवाभ्याम् | युष्मत् |
| षष्ठी | तव, ते | युवयोः, वाम् | युष्माकम्, वः |
| सप्तमी | त्वयि | युवयोः | युष्मासु |
37. अदस् (यह/वह) — पुल्लिंग
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | असौ | अमू | अमी |
| द्वितीया | अमुम् | अमू | अमून |
| तृतीया | अमुना | अमूभ्याम् | अमीभिः |
| चतुर्थी | अमुष्मै | अमूभ्याम् | अमीभ्यः |
| पञ्चमी | अमुष्मात् | अमूभ्याम् | अमीभ्यः |
| षष्ठी | अमुष्य | अमुयोः | अमीषाम् |
| सप्तमी | अमुष्मिन् | अमुयोः | अमीषु |
महत्त्वपूर्ण 25 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर (Objective MCQs)
शब्दरूप प्रकरण पर आधारित बिहार बोर्ड (BSEB) हेतु परीक्षोपयोगी प्रश्न
Q1 'राज्ञा' रूप 'राजन्' शब्द के किस विभक्ति एवं वचन का है?
- (A) द्वितीया, एकवचन
- (B) तृतीया, एकवचन
- (C) चतुर्थी, एकवचन
- (D) षष्ठी, एकवचन
उत्तर: (B) तृतीया, एकवचन
व्याख्या: 'राजन्' (नकारान्त पुल्लिंग) के तृतीया एकवचन में 'राज्ञा' बनता है (राजा, राजानम्, राज्ञा)।
Q2 'मुनौ' किस विभक्ति और वचन का रूप है?
- (A) प्रथमा, द्विवचन
- (B) सप्तमी, एकवचन
- (C) तृतीया, बहुवचन
- (D) षष्ठी, द्विवचन
उत्तर: (B) सप्तमी, एकवचन
व्याख्या: 'मुनि' (इकारान्त पुल्लिंग) के सप्तमी एकवचन में 'मुनौ' रूप बनता है।
Q3 'पितॄन्' किस विभक्ति एवं वचन का रूप है?
- (A) द्वितीया, बहुवचन
- (B) प्रथमा, बहुवचन
- (C) षष्ठी, बहुवचन
- (D) पञ्चमी, एकवचन
उत्तर: (A) द्वितीया, बहुवचन
व्याख्या: 'पितृ' शब्द के द्वितीया बहुवचन में दीर्घ ॠ के साथ 'पितॄन्' बनता है (मातृ का 'मातॄः' बनता है)।
Q4 'अस्मद्' शब्द का षष्ठी बहुवचन रूप क्या है?
- (A) युष्माकम्
- (B) अस्माकम् / नः
- (C) अस्मत्
- (D) मम
उत्तर: (B) अस्माकम् / नः
व्याख्या: 'अस्मद्' का षष्ठी रूप: मम (मे), आवयोः (नौ), अस्माकम् (नः)।
Q5 'नदी' शब्द का प्रथमा बहुवचन में क्या रूप होता है?
- (A) नद्यौ
- (B) नद्यः
- (C) नदीः
- (D) नद्याः
उत्तर: (B) नद्यः
व्याख्या: नदी शब्द का प्रथमा: नदी, नद्यौ, नद्यः। द्वितीया बहुवचन 'नदीः' होता है।
Q6 'सर्वस्मै' किस सर्वनाम का चतुर्थी एकवचन (पुल्लिंग) रूप है?
- (A) सर्व
- (B) तद्
- (C) यद्
- (D) किम्
उत्तर: (A) सर्व
व्याख्या: सर्व पुल्लिंग चतुर्थी एकवचन: सर्वस्मै। स्त्रीलिंग में 'सर्वस्यै' होता है।
Q7 'पन्थाः' किस मूल शब्द का प्रथमा एकवचन रूप है?
- (A) पथिन्
- (B) पन्थ्
- (C) पथ
- (D) पाथ
उत्तर: (A) पथिन्
व्याख्या: 'पथिन्' (रास्ता) का प्रथमा एकवचन 'पन्थाः' होता है।
Q8 'विदुषे' रूप 'विद्वस्' शब्द के किस विभक्ति का है?
- (A) तृतीया
- (B) चतुर्थी
- (C) पञ्चमी
- (D) सप्तमी
उत्तर: (B) चतुर्थी
व्याख्या: विद्वस् (सकारान्त पुल्लिंग) चतुर्थी एकवचन रूप 'विदुषे' बनता है।
Q9 'गच्छन्' किस विभक्ति और वचन का रूप है?
- (A) प्रथमा, एकवचन
- (B) द्वितीया, बहुवचन
- (C) तृतीया, एकवचन
- (D) सप्तमी, एकवचन
उत्तर: (A) प्रथमा, एकवचन
व्याख्या: 'गच्छत्' शतृ-प्रत्ययान्त शब्द का प्रथमा एकवचन 'गच्छन्' बनता है।
Q10 'धेन्वाः' रूप 'धेनु' शब्द के किन विभक्तियों में समान होता है?
- (A) द्वितीया और तृतीया
- (B) पञ्चमी और षष्ठी
- (C) षष्ठी और सप्तमी
- (D) प्रथमा और द्वितीया
उत्तर: (B) पञ्चमी और षष्ठी
व्याख्या: धेनु (उकारान्त स्त्रीलिंग) के पञ्चमी व षष्ठी एकवचन में 'धेनोः / धेन्वाः' रूप बनता है।
Q11 'वाचि' रूप 'वाच्' शब्द के किस विभक्ति और वचन का है?
- (A) प्रथमा, एकवचन
- (B) सप्तमी, एकवचन
- (C) तृतीया, द्विवचन
- (D) षष्ठी, एकवचन
उत्तर: (B) सप्तमी, एकवचन
व्याख्या: वाच् (वाणी) के सप्तमी एकवचन में 'वाचि' और बहुवचन में 'वाक्षु' बनता है।
Q12 'भवतः' रूप 'भवत्' (आप) शब्द के किन विभक्तियों में प्रयुक्त होता है?
- (A) द्वितीया बहुवचन, पञ्चमी एकवचन और षष्ठी एकवचन
- (B) केवल प्रथमा एकवचन में
- (C) केवल तृतीया द्विवचन में
- (D) सप्तमी बहुवचन में
उत्तर: (A) द्वितीया बहुवचन, पञ्चमी एकवचन और षष्ठी एकवचन
व्याख्या: भवत् शब्द में 'भवतः' द्वितीया बहुवचन, पञ्चमी एकवचन और षष्ठी एकवचन तीनों स्थानों पर आता है।
Q13 'मह्यम्' किस सर्वनाम का चतुर्थी एकवचन रूप है?
- (A) युष्मद्
- (B) अस्मद्
- (C) तद्
- (D) इदम्
उत्तर: (B) अस्मद्
व्याख्या: अस्मद् चतुर्थी एकवचन: मह्यम् (मे)। युष्मद् में 'तुभ्यम् (ते)' होता है।
Q14 'गवाम्' किस विभक्ति और वचन का रूप है?
- (A) षष्ठी, बहुवचन
- (B) द्वितीया, एकवचन
- (C) तृतीया, एकवचन
- (D) सप्तमी, बहुवचन
उत्तर: (A) षष्ठी, बहुवचन
व्याख्या: 'गो' (ओकारान्त) शब्द का षष्ठी बहुवचन रूप 'गवाम्' होता है।
Q15 'अक्ष्णा' रूप 'अक्षि' शब्द के किस विभक्ति का है?
- (A) द्वितीया
- (B) तृतीया
- (C) चतुर्थी
- (D) पञ्चमी
उत्तर: (B) तृतीया
व्याख्या: 'अक्षि' (आँख) का तृतीया एकवचन 'अक्ष्णा' बनता है (यथा— अक्ष्णा काणः)।
Q16 'पयस्' (दूध/जल) शब्द का प्रथमा बहुवचन रूप क्या है?
- (A) पयांसि
- (B) पयानि
- (C) पयसी
- (D) पयाः
उत्तर: (A) पयांसि
व्याख्या: सकारान्त नपुंसकलिंग पयस् का प्रथमा/द्वितीया रूप: पयः, पयसी, पयांसि।
Q17 सर्वनाम शब्दों में किस विभक्ति का रूप नहीं होता है?
- (A) पञ्चमी
- (B) षष्ठी
- (C) सप्तमी
- (D) सम्बोधन
उत्तर: (D) सम्बोधन
व्याख्या: व्याकरण नियमानुसार सर्वनाम शब्दों (तत्, यत्, सर्व, अस्मद् आदि) के सम्बोधन रूप नहीं होते।
Q18 'गीः' किस शब्द का प्रथमा एकवचन रूप है?
- (A) गौ
- (B) गिर्
- (C) गिरि
- (D) गीता
उत्तर: (B) गिर्
व्याख्या: 'गिर्' (रकारान्त स्त्रीलिंग, वाणी) का प्रथमा एकवचन 'गीः' बनता है।
Q19 'अहन्' (दिन) शब्द का तृतीया एकवचन में क्या रूप होगा?
- (A) अहना
- (B) अह्ना
- (C) अहोभ्याम्
- (D) अहनेन
उत्तर: (B) अह्ना
व्याख्या: अहन् शब्द का तृतीया एकवचन 'अह्ना' होता है।
Q20 'अयम्' किस सर्वनाम का प्रथमा एकवचन (पुल्लिंग) रूप है?
- (A) इदम्
- (B) एतत्
- (C) अदस्
- (D) अस्मद्
उत्तर: (A) इदम्
व्याख्या: इदम् पुल्लिंग प्रथमा: अयम्, इमौ, इमे। स्त्रीलिंग में 'इयम्' होता है।
Q21 'पुमान्' किस शब्द का रूप है?
- (A) पुम्स्
- (B) पुमन्
- (C) पुरुष
- (D) पुम्
उत्तर: (A) पुम्स्
व्याख्या: 'पुम्स्' (सकारान्त पुल्लिंग) का प्रथमा एकवचन 'पुमान्' (पुमान्, पुमांसौ, पुमांसः) बनता है।
Q22 'कस्याः' रूप 'किम्' शब्द के किस लिंग और विभक्ति का है?
- (A) पुल्लिंग, षष्ठी एकवचन
- (B) स्त्रीलिंग, पञ्चमी/षष्ठी एकवचन
- (C) नपुंसकलिंग, तृतीया एकवचन
- (D) स्त्रीलिंग, सप्तमी एकवचन
उत्तर: (B) स्त्रीलिंग, पञ्चमी/षष्ठी एकवचन
व्याख्या: किम् स्त्रीलिंग में पञ्चमी व षष्ठी एकवचन 'कस्याः' बनता है (पुल्लिंग में 'कस्य')।
Q23 'मातॄणाम्' में कौन-सा स्वर प्रयुक्त हुआ है?
- (A) ह्रस्व ऋ
- (B) दीर्घ ॠ
- (C) आकार (आ)
- (D) ईकार (ई)
उत्तर: (B) दीर्घ ॠ
व्याख्या: मातृ और पितृ के षष्ठी बहुवचन में दीर्घ ॠकार (पितॄणाम् / मातॄणाम्) जुड़ता है।
Q24 'त्वयि' रूप 'युष्मद्' शब्द के किस विभक्ति और वचन का है?
- (A) तृतीया, एकवचन
- (B) सप्तमी, एकवचन
- (C) पञ्चमी, एकवचन
- (D) षष्ठी, द्विवचन
उत्तर: (B) सप्तमी, एकवचन
व्याख्या: युष्मद् सप्तमी: त्वयि, युवयोः, युष्मासु।
Q25 'नौभिः' रूप किस शब्द का है?
- (A) नदी
- (B) नौ
- (C) नृ
- (D) नामन्
उत्तर: (B) नौ
व्याख्या: 'नौ' (नाव, औकारान्त स्त्रीलिंग) का तृतीया बहुवचन 'नौभिः' होता है।
महत्त्वपूर्ण 25 लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Subjective Q&A)
शब्दरूपों के विभक्ति-नियम, लिंग और रूप-रचना पर आधारित परीक्षोपयोगी प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1 संस्कृत व्याकरण में 'शब्दरूप' (सुबन्त) किसे कहते हैं?
उत्तर:
संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण पदों को पद बनाने के लिए जिन 21 'सुप्' प्रत्ययों (सु, औ, जस् आदि) को जोड़ा जाता है, उनसे बने रूपों को शब्दरूप या सुबन्त कहते हैं। संस्कृत में 7 विभक्तियाँ और 3 वचन होते हैं।
प्रश्न 2 'बालक' (अकारान्त पुल्लिंग) के सभी विभक्तियों के एकवचन रूप लिखिए।
उत्तर:
प्रथमा: बालकः, द्वितीया: बालकम्, तृतीया: बालकेन, चतुर्थी: बालकाय, पञ्चमी: बालकात्, षष्ठी: बालकस्य, सप्तमी: बालके, सम्बोधन: हे बालक!
प्रश्न 3 'फल' (अकारान्त नपुंसकलिंग) और 'बालक' शब्दरूप में क्या समानता व भिन्नता है?
उत्तर:
• भिन्नता: 'फल' की प्रथमा और द्वितीया विभक्ति फलम्, फले, फलानि होती है।
• समानता: तृतीया से लेकर सप्तमी विभक्ति तक 'फल' के सभी रूप 'बालक' के समान चलते हैं (यथा— फलेन, फलाभ्याम्, फलैः आदि)।
प्रश्न 4 'लता' (आकारान्त स्त्रीलिंग) शब्द के तृतीया एवं चतुर्थी विभक्ति के सभी रूप लिखिए।
उत्तर:
• तृतीया विभक्ति: लतया, लताभ्याम्, लताभिः
• चतुर्थी विभक्ति: लतायै, लताभ्याम्, लताभ्यः
प्रश्न 5 'मुनि' और 'पति' (इकारान्त पुल्लिंग) के तृतीया एवं चतुर्थी एकवचन में क्या अन्तर है?
उत्तर:
• 'मुनि' का तृतीया एकवचन मुनिना तथा चतुर्थी एकवचन मुनये होता है।
• 'पति' (असमास अवस्था में) का तृतीया एकवचन पत्या तथा चतुर्थी एकवचन पत्ये होता है।
प्रश्न 6 'नदी' (ईकारान्त स्त्रीलिंग) के प्रथमा एवं द्वितीया विभक्ति के सभी रूप लिखिए।
उत्तर:
• प्रथमा विभक्ति: नदी, नद्यौ, नद्यः
• द्वितीया विभक्ति: नदीम्, नद्यौ, नदीः
प्रश्न 7 'भानु' (उकारान्त पुल्लिंग) शब्द के पञ्चमी, षष्ठी और सप्तमी एकवचन रूप लिखिए।
उत्तर:
• पञ्चमी एकवचन: भानोः
• षष्ठी एकवचन: भानोः
• सप्तमी एकवचन: भानौ
प्रश्न 8 'पितृ' (पुल्लिंग) और 'मातृ' (स्त्रीलिंग) के द्वितीया बहुवचन में क्या अन्तर है?
उत्तर:
• 'पितृ' (पुल्लिंग) का द्वितीया बहुवचन रूप पितॄन् होता है।
• 'मातृ' (स्त्रीलिंग) का द्वितीया बहुवचन रूप मातॄः होता है।
प्रश्न 9 'मधु' (उकारान्त नपुंसकलिंग) शब्द के प्रथमा और द्वितीया विभक्ति के रूप लिखिए।
उत्तर:
• प्रथमा विभक्ति: मधु, मधुनी, मधूनि
• द्वितीया विभक्ति: मधु, मधुनी, मधूनि
प्रश्न 10 'गो' (ओकारान्त) शब्द के सभी विभक्तियों के एकवचन रूप लिखिए।
उत्तर:
प्रथमा: गौः, द्वितीया: गाम्, तृतीया: गवा, चतुर्थी: गवे, पञ्चमी: गोः, षष्ठी: गोः, सप्तमी: गवि, सम्बोधन: हे गौः!
प्रश्न 11 'राजन्' (नकारान्त पुल्लिंग) के प्रथमा और द्वितीया विभक्ति के सभी रूप लिखिए।
उत्तर:
• प्रथमा विभक्ति: राजा, राजानौ, राजानः
• द्वितीया विभक्ति: राजानम्, राजानौ, राज्ञः
प्रश्न 12 'भवत्' (आप) तकारान्त पुल्लिंग शब्द के प्रथमा से तृतीया विभक्ति तक के रूप लिखिए।
उत्तर:
• प्रथमा: भवान्, भवन्तौ, भवन्तः
• द्वितीया: भवन्तम्, भवन्तौ, भवतः
• तृतीया: भवता, भवद्भ्याम्, भवद्भिः
प्रश्न 13 'आत्मन्' (नकारान्त पुल्लिंग) के चतुर्थी, पञ्चमी और षष्ठी एकवचन रूप लिखिए।
उत्तर:
• चतुर्थी एकवचन: आत्मने
• पञ्चमी एकवचन: आत्मनः
• षष्ठी एकवचन: आत्मनः
प्रश्न 14 'विद्वस्' (सकारान्त पुल्लिंग) के प्रथमा और द्वितीया विभक्ति के रूप लिखिए।
उत्तर:
• प्रथमा विभक्ति: विद्वान्, विद्वांसौ, विद्वांसः
• द्वितीया विभक्ति: विद्वांसम्, विद्वांसौ, विदुषः
प्रश्न 15 'वाच्' (चकारान्त स्त्रीलिंग) शब्द के तृतीया और सप्तमी विभक्ति के सभी रूप लिखिए।
उत्तर:
• तृतीया विभक्ति: वाचा, वाग्भ्याम्, वाग्भिः
• सप्तमी विभक्ति: वाचि, वाचोः, वाक्षु
प्रश्न 16 'अहन्' (नकारान्त नपुंसकलिंग) शब्द के प्रथमा से तृतीया विभक्ति तक के रूप लिखिए।
उत्तर:
• प्रथमा: अहः, अह्नी / अहनी, अहानि
• द्वितीया: अहः, अह्नी / अहनी, अहानि
• तृतीया: अह्ना, अहोभ्याम्, अहोभिः
प्रश्न 17 'पयस्' (सकारान्त नपुंसकलिंग) शब्द के तृतीया और चतुर्थी विभक्ति के रूप लिखिए।
उत्तर:
• तृतीया विभक्ति: पयसा, पयोभ्याम्, पयोभिः
• चतुर्थी विभक्ति: पयसे, पयोभ्याम्, पयोभ्यः
प्रश्न 18 सर्वनाम शब्दों की क्या विशेषताएँ होती हैं?
उत्तर:
1. सर्वनाम शब्दों का सम्बोधन रूप नहीं होता है।
2. इनके चतुर्थी एकवचन (पुल्लिंग में -स्मै, स्त्रीलिंग में -स्यै), पञ्चमी एकवचन (-स्मात्, -स्याः) तथा सप्तमी एकवचन (-स्मिन्, -स्याम्) में विशेष प्रत्यय जुड़ते हैं।
3. नपुंसकलिंग में केवल प्रथमा और द्वितीया के रूप भिन्न होते हैं, शेष तृतीया से सप्तमी तक पुल्लिंग के समान होते हैं।
प्रश्न 19 'सर्व' शब्द के पुल्लिंग में चतुर्थी से सप्तमी एकवचन तक के रूप लिखिए।
उत्तर:
• चतुर्थी एकवचन: सर्वस्मै
• पञ्चमी एकवचन: सर्वस्मात्
• षष्ठी एकवचन: सर्वस्य
• सप्तमी एकवचन: सर्वस्मिन्
प्रश्न 20 'तत्' (वह) सर्वनाम के पुल्लिंग और स्त्रीलिंग में प्रथमा विभक्ति के रूप लिखिए।
उत्तर:
• पुल्लिंग (प्रथमा): सः, तौ, ते
• स्त्रीलिंग (प्रथमा): सा, ते, ताः
प्रश्न 21 'अस्मद्' (मैं) सर्वनाम के सभी विभक्तियों के एकवचन रूप लिखिए।
उत्तर:
प्रथमा: अहम्, द्वितीया: माम् (मा), तृतीया: मया, चतुर्थी: मह्यम् (मे), पञ्चमी: मत्, षष्ठी: मम (मे), सप्तमी: मयि।
प्रश्न 22 'युष्मद्' (तुम) सर्वनाम के सभी विभक्तियों के बहुवचन रूप लिखिए।
उत्तर:
प्रथमा: यूयम्, द्वितीया: युष्मान् (वः), तृतीया: युष्माभिः, चतुर्थी: युष्मभ्यम् (वः), पञ्चमी: युष्मत्, षष्ठी: युष्माकम् (वः), सप्तमी: युष्मासु।
प्रश्न 23 'इदम्' (यह) पुल्लिंग सर्वनाम के द्वितीया एवं तृतीया विभक्ति के सभी रूप लिखिए।
उत्तर:
• द्वितीया विभक्ति: इमम् (एनम्), इमौ (एनौ), इमान् (एनान्)
• तृतीया विभक्ति: अनेन (एनेन), आभ्याम्, एभिः
प्रश्न 24 'किम्' (क्या/कौन) सर्वनाम के स्त्रीलिंग में प्रथमा से चतुर्थी विभक्ति के एकवचन रूप लिखिए।
उत्तर:
• प्रथमा एकवचन: का
• द्वितीया एकवचन: काम्
• तृतीया एकवचन: कया
• चतुर्थी एकवचन: कस्यै
प्रश्न 25 'अदस्' (यह/वह) पुल्लिंग सर्वनाम के प्रथमा एवं द्वितीया विभक्ति के रूप लिखिए।
उत्तर:
• प्रथमा विभक्ति: असौ, अमू, अमी
• द्वितीया विभक्ति: अमुम्, अमू, अमून्
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