🎯 अध्याय परिचय एवं महत्वपूर्ण सूत्र सारणी (Formula Sheet)
वास्तविक संख्या k बहुपद p(x) का एक शून्यक होती है यदि p(k) = 0 हो।
ग्राफीय रूप में, y = p(x) का ग्राफ x-अक्ष को जितने बिंदुओं पर प्रतिच्छेद या स्पर्श करता है, शून्यकों की संख्या उतनी ही होती है।
यदि α और β इसके शून्यक हों, तो:
• शून्यकों का योग: α + β = -ba = -x का गुणांकx2 का गुणांक
• शून्यकों का गुणनफल: α · β = ca = अचर पदx2 का गुणांक
द्विघात बहुपद निर्माण सूत्र: p(x) = k[x2 - (α + β)x + αβ]
यदि शून्यक α, β, γ हों, तो:
• α + β + γ = -b/a
• αβ + βγ + γα = c/a
• αβγ = -d/a
यदि p(x) और g(x) दो बहुपद हैं जहाँ g(x) ≠ 0 हो, तो भागफल q(x) और शेषफल r(x) ऐसे ज्ञात कर सकते हैं कि:
p(x) = g(x) · q(x) + r(x)
जहाँ या तो r(x) = 0 अथवा घात r(x) < घात g(x)।
अतः शून्यकों की संख्या = 0।
अतः शून्यकों की संख्या = 1।
अतः शून्यकों की संख्या = 3।
अतः शून्यकों की संख्या = 2।
अतः शून्यकों की संख्या = 4।
अतः शून्यकों की संख्या = 3।
(iv) 4u2 + 8u (v) t2 - 15 (vi) 3x2 - x - 4
x2 - 4x + 2x - 8 = x(x - 4) + 2(x - 4) = (x - 4)(x + 2)
शून्यक के लिए: x - 4 = 0 ⇒ α = 4 तथा x + 2 = 0 ⇒ β = -2।
यहाँ a = 1, b = -2, c = -8।
• शून्यकों का योग = α + β = 4 + (-2) = 2 = --21 = -ba (सत्यापित)
• शून्यकों का गुणनफल = αβ = 4 × (-2) = -8 = -81 = ca (सत्यापित)।
4s2 - 2s - 2s + 1 = 2s(2s - 1) - 1(2s - 1) = (2s - 1)(2s - 1)
शून्यक: α = 12, β = 12।
यहाँ a = 4, b = -4, c = 1।
• α + β = 12 + 12 = 1 = --44 = -ba (सत्यापित)
• αβ = 12 × 12 = 14 = ca (सत्यापित)।
6x2 - 9x + 2x - 3 = 3x(2x - 3) + 1(2x - 3) = (2x - 3)(3x + 1)
शून्यक: 2x - 3 = 0 ⇒ α = 32 तथा 3x + 1 = 0 ⇒ β = -13।
यहाँ a = 6, b = -7, c = -3।
• α + β = 32 + (-13) = 9 - 26 = 76 = --76 = -ba (सत्यापित)
• αβ = 32 × (-13) = -36 = -12 = ca (सत्यापित)।
4u(u + 2) = 0 ⇒ α = 0 तथा β = -2।
यहाँ a = 4, b = 8, c = 0।
• α + β = 0 + (-2) = -2 = -84 = -ba (सत्यापित)
• αβ = 0 × (-2) = 0 = 04 = ca (सत्यापित)।
t2 - (√15)2 = (t - √15)(t + √15) = 0
शून्यक: α = √15 तथा β = -√15।
यहाँ a = 1, b = 0, c = -15।
• α + β = √15 + (-√15) = 0 = -01 = -ba (सत्यापित)
• αβ = (√15)(-√15) = -15 = -151 = ca (सत्यापित)।
3x2 - 4x + 3x - 4 = x(3x - 4) + 1(3x - 4) = (3x - 4)(x + 1)
शून्यक: α = 43 तथा β = -1।
यहाँ a = 3, b = -1, c = -4।
• α + β = 43 - 1 = 13 = --13 = -ba (सत्यापित)
• αβ = 43 × (-1) = -43 = ca (सत्यापित)।
(iv) 1, 1 (v) -14, 14 (vi) 4, 1
p(x) = k[x2 - 14x + (-1)] = k[4x2 - x - 44]
k = 4 लेने पर: अभीष्ट बहुपद = 4x2 - x - 4।
p(x) = k[x2 - √2 x + 13] = k[3x2 - 3√2 x + 13]
k = 3 लेने पर: अभीष्ट बहुपद = 3x2 - 3√2 x + 1।
p(x) = x2 - (0)x + √5 = x2 + √5।
p(x) = x2 - (1)x + 1 = x2 - x + 1।
p(x) = k[x2 - (-14)x + 14] = k[4x2 + x + 14]
k = 4 लेने पर: अभीष्ट बहुपद = 4x2 + x + 1।
p(x) = x2 - 4x + 1 = x2 - 4x + 1।
(ii) p(x) = x4 - 3x2 + 4x + 5, g(x) = x2 + 1 - x
(iii) p(x) = x4 - 5x + 6, g(x) = 2 - x2
• प्रथम पद x3 ÷ x2 = x से गुणा करने पर: x(x2 - 2) = x3 - 2x
घटाने पर शेष: -3x2 + 7x - 3
• द्वितीय पद -3x2 ÷ x2 = -3 से गुणा करने पर: -3(x2 - 2) = -3x2 + 6
घटाने पर शेषफल: 7x - 9
अतः भागफल q(x) = x - 3 तथा शेषफल r(x) = 7x - 9।
मानक रूप: p(x) = x4 + 0x3 - 3x2 + 4x + 5
• x4 ÷ x2 = x2 ⇒ x2(x2 - x + 1) = x4 - x3 + x2 ⇒ घटाने पर: x3 - 4x2 + 4x + 5
• x3 ÷ x2 = x ⇒ x(x2 - x + 1) = x3 - x2 + x ⇒ घटाने पर: -3x2 + 3x + 5
• -3x2 ÷ x2 = -3 ⇒ -3(x2 - x + 1) = -3x2 + 3x - 3 ⇒ घटाने पर: 8
अतः भागफल q(x) = x2 + x - 3 तथा शेषफल r(x) = 8।
• x4 ÷ (-x2) = -x2 ⇒ -x2(-x2 + 2) = x4 - 2x2 ⇒ घटाने पर: 2x2 - 5x + 6
• 2x2 ÷ (-x2) = -2 ⇒ -2(-x2 + 2) = 2x2 - 4 ⇒ घटाने पर: -5x + 10
अतः भागफल q(x) = -x2 - 2 तथा शेषफल r(x) = -5x + 10।
(ii) x2 + 3x + 1 , 3x4 + 5x3 - 7x2 + 2x + 2
(iii) x3 - 3x + 1 , x5 - 4x3 + x2 + 3x + 1
• 2t2 से गुणा: 2t4 - 6t2 ⇒ शेष: 3t3 + 4t2 - 9t - 12
• 3t से गुणा: 3t3 - 9t ⇒ शेष: 4t2 - 12
• 4 से गुणा: 4t2 - 12 ⇒ शेषफल = 0।
चूँकि शेषफल शून्य है, अतः प्रथम बहुपद द्वितीय बहुपद का एक गुणनखंड है।
• 3x2 से गुणा: 3x4 + 9x3 + 3x2 ⇒ शेष: -4x3 - 10x2 + 2x + 2
• -4x से गुणा: -4x3 - 12x2 - 4x ⇒ शेष: 2x2 + 6x + 2
• 2 से गुणा: 2x2 + 6x + 2 ⇒ शेषफल = 0।
चूँकि शेषफल शून्य है, अतः प्रथम बहुपद द्वितीय बहुपद का एक गुणनखंड है।
• x2 से गुणा: x5 - 3x3 + x2 ⇒ शेष: -x3 + 3x + 1
• -1 से गुणा: -x3 + 3x - 1 ⇒ घटाने पर: 1 - (-1) = 2 ≠ 0 (शेषफल = 2)।
चूँकि शेषफल शून्य नहीं है, अतः प्रथम बहुपद द्वितीय बहुपद का गुणनखंड नहीं है।
दिया है कि x = √53 और x = -√53 बहुपद के दो शून्यक हैं।
अतः (x - √53) और (x + √53) बहुपद p(x) के गुणनखंड होंगे।
इनका गुणनफल g(x) = (x - √53)(x + √53) = x2 - 53 = 3x2 - 53
अतः (3x2 - 5) भी p(x) का एक गुणनखंड होगा।
p(x) को (3x2 - 5) से भाग देने पर:
• प्रथम पद: 3x4 ÷ 3x2 = x2 ⇒ x2(3x4 - 5) = 3x4 - 5x2
घटाने पर शेष: 6x3 + 3x2 - 10x - 5
• द्वितीय पद: 6x3 ÷ 3x2 = 2x ⇒ 2x(3x2 - 5) = 6x3 - 10x
घटाने पर शेष: 3x2 - 5
• तृतीय पद: 3x2 ÷ 3x2 = 1 ⇒ 1(3x2 - 5) = 3x2 - 5 ⇒ शेषफल = 0।
भागफल q(x) = x2 + 2x + 1 प्राप्त होता है।
अन्य शून्यकों के लिए q(x) = 0 रखने पर:
x2 + 2x + 1 = 0 ⇒ (x + 1)2 = 0 ⇒ (x + 1)(x + 1) = 0
x + 1 = 0 ⇒ x = -1 तथा x + 1 = 0 ⇒ x = -1।
विभाजन एल्गोरिद्म के अनुसार:
p(x) = g(x) × q(x) + r(x)
यहाँ p(x) = x3 - 3x2 + x + 2, q(x) = x - 2, r(x) = -2x + 4।
मान रखने पर:
x3 - 3x2 + x + 2 = g(x)(x - 2) + (-2x + 4)
g(x)(x - 2) = (x3 - 3x2 + x + 2) - (-2x + 4)
g(x)(x - 2) = x3 - 3x2 + x + 2 + 2x - 4
g(x)(x - 2) = x3 - 3x2 + 3x - 2
g(x) = x3 - 3x2 + 3x - 2x - 2
(x - 2) से भाग देने पर:
• x3 ÷ x = x2 ⇒ x2(x - 2) = x3 - 2x2 ⇒ घटाने पर: -x2 + 3x - 2
• -x2 ÷ x = -x ⇒ -x(x - 2) = -x2 + 2x ⇒ घटाने पर: x - 2
• x ÷ x = 1 ⇒ 1(x - 2) = x - 2 ⇒ शेषफल = 0।
अतः g(x) = x2 - x + 1।
(i) घात p(x) = घात q(x) (ii) घात q(x) = घात r(x) (iii) घात r(x) = 0
यह तभी संभव है जब भाजक g(x) एक अचर (शून्य घात का बहुपद) हो।
माना p(x) = 2x2 - 2x + 14 तथा g(x) = 2।
भाग देने पर: q(x) = x2 - x + 7 तथा r(x) = 0।
यहाँ घात p(x) = घात q(x) = 2 है। (विभाजन एल्गोरिद्म संतुष्ट है)।
माना p(x) = x3 + x2 + x + 1 तथा g(x) = x2 - 1।
भाग देने पर: q(x) = x + 1 तथा r(x) = 2x + 2।
यहाँ घात q(x) = 1 तथा घात r(x) = 1 (दोनों समान हैं)।
माना p(x) = x3 + 2x2 - x + 2 तथा g(x) = x2 - 1।
भाग देने पर: q(x) = x + 2 तथा r(x) = 4।
चूँकि 4 एक अचर पद है (4 = 4x0), अतः घात r(x) = 0 है।
💡 बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा: बहुपद अध्याय से पूरे अंक प्राप्त करने के टॉपर्स टिप्स
- 5 अंक का अनिवार्य प्रश्न: प्रश्नावली 2.3 का प्रश्न 3 (दो करणी शून्यक दिए होने पर शेष शून्यक ज्ञात करना) बिहार बोर्ड के दीर्घ उत्तरीय खंड में बार-बार पूछा जाता है। इसे 2 से 3 बार लिखकर अभ्यास करें।
- 2 अंक वाले महत्वपूर्ण प्रश्न: प्रश्नावली 2.2 का प्रश्न 1 (शून्यक निकालकर संबंध सत्यापित करना) तथा प्रश्न 2 (योग व गुणनफल से द्विघात बहुपद बनाना) हर साल 2 अंक के लघु उत्तरीय प्रश्नों में आते हैं।
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ 1 अंक): ग्राफ देखकर शून्यकों की संख्या बताना (प्रश्नावली 2.1), α + β = -b/a तथा αβ = c/a पर कम-से-कम 4 से 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न बोर्ड परीक्षा में निश्चित पूछे जाते हैं।
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