BSEB 10 Hindi PYQs 2026


BSEB Class 10 Hindi 2026 Question Paper Solution

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) - 2026

वार्षिक माध्यमिक परीक्षा (कक्षा - 10वीं) | विषय: हिन्दी (मातृभाषा)

समय: 3 घंटे 15 मिनट पूर्णांक: 100 विषय कोड: 101
खण्ड - 'अ' : वस्तुनिष्ठ प्रश्न (100 Objective Questions)
निर्देश: प्रश्न संख्या 1 से 100 तक के प्रत्येक प्रश्न के साथ चार विकल्प दिए गए हैं। सभी 100 प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर तथा विस्तृत व्याख्याएँ नीचे प्रस्तुत हैं।
1. डॉ० भीमराव आम्बेडकर की मृत्यु कब और कहाँ हुई थी?
(A) दिसंबर 1956, दिल्ली में
(B) जनवरी 1958, मुंबई में
(C) मार्च 1954, नागपुर में
(D) अगस्त 1960, महू में
उत्तर: (A) दिसंबर 1956, दिल्ली में
व्याख्या: बाबा साहेब डॉ० भीमराव आम्बेडकर का महापरिनिर्वाण 6 दिसंबर 1956 को नई दिल्ली में हुआ था।
2. 'जाति प्रथा स्वाभाविक विभाजन नहीं है'— क्यों?
(A) भेदभाव के कारण
(B) मनुष्य की रुचि पर आधारित न होने के कारण
(C) शोषण के कारण
(D) गरीबी के कारण
उत्तर: (B) मनुष्य की रुचि पर आधारित न होने के कारण
व्याख्या: आम्बेडकर जी के अनुसार जाति प्रथा मनुष्य की व्यक्तिगत रुचि, योग्यता और क्षमता पर आधारित नहीं होती, अतः यह अस्वाभाविक है।
3. नलिन विलोचन शर्मा का जन्म कब हुआ था?
(A) 18 फरवरी 1916 ई०
(B) 14 जनवरी 1915 ई०
(C) 22 मार्च 1918 ई०
(D) 25 अप्रैल 1920 ई०
उत्तर: (A) 18 फरवरी 1916 ई०
व्याख्या: 'विष के दाँत' कहानी के लेखक नलिन विलोचन शर्मा का जन्म 18 फरवरी 1916 को पटना के बदरघाट में हुआ था।
4. 'मदन' अक्सर किससे पिटता था?
(A) अपनी माँ से
(B) सेन साहब से
(C) अपने पिता (गिरधरलाल) से
(D) सोफर से
उत्तर: (C) अपने पिता (गिरधरलाल) से
व्याख्या: कहानी में उल्लेख है कि मदन अपने पिता गिरधरलाल के हाथों अक्सर छोटी-मोटी बातों पर मार खाता रहता था।
5. सर विलियम जोंस ने भारत की यात्रा कब की थी?
(A) 1783 ई० में
(B) 1757 ई० में
(C) 1857 ई० में
(D) 1905 ई० में
उत्तर: (A) 1783 ई० में
व्याख्या: प्राच्यविद्या विद्वान सर विलियम जोंस ने 1783 ई० में समुद्री मार्ग से भारत की ऐतिहासिक यात्रा की थी।
6. 'प्लेटो और कांट' किस विधा के महान विचारक थे?
(A) महान वैज्ञानिक
(B) महान दार्शनिक
(C) महान सेनापति
(D) महान ज्योतिषी
उत्तर: (B) महान दार्शनिक
व्याख्या: मैक्समूलर के अनुसार प्लेटो (यूनान) और इमैनुएल कांट (जर्मनी) विश्व के शीर्षस्थ दार्शनिक विचारकों में गिने जाते हैं।
7. 'कालिदास ने कहा था कि सब पुराने अच्छे नहीं होते और सब नए खराब नहीं होते'— यह किस पाठ में आया है?
(A) नागरी लिपि
(B) नाखून क्यों बढ़ते हैं
(C) परंपरा का मूल्यांकन
(D) शिक्षा और संस्कृति
उत्तर: (B) नाखून क्यों बढ़ते हैं
व्याख्या: आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने महाकवि कालिदास के प्रसिद्ध कथन 'पुराणमित्येव न साधु सर्वम्' को उद्धृत किया है।
8. 'अनामदास का पोथा' उपन्यास में किस उपनिषद के वातावरण का चित्रण है?
(A) छांदोग्य उपनिषद
(B) मुंडक उपनिषद
(C) मांडूक्य उपनिषद
(D) ईश उपनिषद
उत्तर: (A) छांदोग्य उपनिषद
व्याख्या: हजारी प्रसाद द्विवेदी ने 'अनामदास का पोथा' में छांदोग्य उपनिषद की रैक्व ऋषि की कथा को आधार बनाया है।
9. 'नागरी लिपि' के आरंभिक लेख किस क्षेत्र से मिलते हैं?
(A) दक्षिण भारत से
(B) उत्तर भारत से
(C) पूर्वी भारत से
(D) पूर्वोत्तर से
उत्तर: (A) दक्षिण भारत से
व्याख्या: नागरी लिपि के सबसे प्राचीन ऐतिहासिक लेख दक्षिण भारत के नंदीनागरी और दानपत्रों के रूप में प्राप्त होते हैं।
10. 'राष्ट्रकूट' शासक अमोघवर्ष कहाँ का प्रतापी राजा था?
(A) मान्यखेट (कर्नाटक)
(B) पाटलिपुत्र
(C) उज्जैन
(D) तंजौर
उत्तर: (A) मान्यखेट (कर्नाटक)
व्याख्या: राष्ट्रकूट वंश का प्रतापी राजा अमोघवर्ष मान्यखेट (कर्नाटक) का शासक था, जिसने नागरी लिपि में अभिलेख जारी किए।
11. 'बहादुर' पर कितने रुपये की चोरी का झूठा आरोप लगाया गया था?
(A) 10 रुपये
(B) 11 रुपये
(C) 12 रुपये
(D) 15 रुपये
उत्तर: (B) 11 रुपये
व्याख्या: लेखक के घर आए रिश्तेदारों ने ठीक ₹11 खो जाने का झूठा नाटक रचकर बहादुर पर लांछन लगाया था।
12. 'जिंदगी और जोंक' किसकी प्रसिद्ध कहानी है?
(A) अमरकांत
(B) विनोद कुमार शुक्ल
(C) गुणाकर मूले
(D) मैक्समूलर
उत्तर: (A) अमरकांत
व्याख्या: 'जिंदगी और जोंक' अमरकांत जी की यथार्थवादी शैली में लिखी गई बहुचर्चित कहानी है।
13. 'साहित्य सापेक्ष रूप में क्या होता है?' (रामविलास शर्मा के अनुसार)
(A) पराधीन
(B) स्वाधीन
(C) जड़
(D) परतंत्र
उत्तर: (B) स्वाधीन
व्याख्या: डॉ० रामविलास शर्मा के अनुसार सामाजिक परिस्थितियों के बदलने पर भी साहित्य सापेक्ष रूप से सदा स्वाधीन चेतना व्यक्त करता है।
14. 'शमशेर बहादुर सिंह' और निराला के साहित्य का गहन मूल्यांकन किसने किया?
(A) रामविलास शर्मा ने
(B) यतीन्द्र मिश्र ने
(C) अमरकांत ने
(D) अशोक वाजपेयी ने
उत्तर: (A) रामविलास शर्मा ने
व्याख्या: प्रगतिशील आलोचना के शिखर पुरुष डॉ० रामविलास शर्मा ने छायावादी व प्रगतिशील कवियों का युगांतकारी मूल्यांकन किया।
15. बिरजू महाराज खुद को किसका शागिर्द (शिष्य) मानते थे?
(A) चाचा शंभु महाराज का
(B) अपने पिता (अच्छन महाराज) का
(C) माँ का
(D) दादी का
उत्तर: (B) अपने पिता (अच्छन महाराज) का
व्याख्या: बिरजू महाराज गर्व से कहते थे कि वे कला और नृत्य के क्षेत्र में अपने बाबूजी (अच्छन महाराज) के ही सच्चे शागिर्द हैं।
16. 'ठुमरी' गायन और कथक के भाव में बिरजू महाराज को मार्गदर्शन किससे मिलता था?
(A) अपनी अम्मा (माताजी) से
(B) सोहनलाल से
(C) चाचा से
(D) बहन से
उत्तर: (A) अपनी अम्मा (माताजी) से
व्याख्या: बिरजू महाराज की माताजी स्वयं संगीत और पिता की नृत्य-शैलियों की मर्मज्ञ थीं जो उनकी सबसे बड़ी मार्गदर्शक बनीं।
17. 'ला शत्रुज' का धार्मिक उपयोग कब समाप्त कर दिया गया था?
(A) 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के समय
(B) प्रथम विश्वयुद्ध में
(C) 1950 में
(D) 1815 में
उत्तर: (A) 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के समय
व्याख्या: फ्रांस की राज्य क्रांति के दौरान ला शत्रुज मठ की संपत्ति को आम जनता ने जब्त कर लिया और उसका धार्मिक प्रयोग समाप्त हुआ।
18. 'आविन्यों' में लेखक ने 19 दिनों के प्रवास में कितनी गद्य-कृतियाँ लिखीं?
(A) 20
(B) 27
(C) 30
(D) 35
उत्तर: (B) 27
व्याख्या: अशोक वाजपेयी ने आविन्यों में रहकर 35 कविताएँ और 27 गद्य रचनाएँ सृजित की थीं।
19. 'मछली' छूते हुए कौन हिचक रहा था?
(A) संतू
(B) लेखक
(C) भग्गू
(D) नरेन
उत्तर: (A) संतू
व्याख्या: संतू को डर लग रहा था कि मछली कहीं उसे काट न ले, इसलिए वह मछली छूने से हिचक रहा था।
20. 'नौकर की कमीज' उपन्यास के लेखक कौन हैं?
(A) विनोद कुमार शुक्ल
(B) अमरकांत
(C) यतीन्द्र मिश्र
(D) अज्ञेय
उत्तर: (A) विनोद कुमार शुक्ल
व्याख्या: 'नौकर की कमीज', 'खिलेगा तो देखेंगे' आदि विनोद कुमार शुक्ल के सुप्रसिद्ध उपन्यास हैं।
21. बिस्मिल्ला खाँ का जन्म किस घराने में हुआ था?
(A) बनारस घराना
(B) डुमराँव के संगीत प्रेमी परिवार में
(C) लखनऊ घराना
(D) किराना घराना
उत्तर: (B) डुमराँव के संगीत प्रेमी परिवार में
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ का जन्म बिहार के डुमराँव में शहनाई वादकों के एक सुप्रसिद्ध संगीत प्रेमी घराने में हुआ था।
22. 'सुषिर वाद्यों' में शाह की उपाधि किसे प्राप्त है?
(A) बाँसुरी को
(B) शहनाई को (शाह-ने)
(C) शंख को
(D) हारमोनियम को
उत्तर: (B) शहनाई को (शाह-ने)
व्याख्या: फूँककर बजाए जाने वाले सुषिर वाद्यों में सर्वश्रेष्ठ होने के कारण शहनाई को 'शाह-ने' (सुषिर वाद्यों का शाह) कहा जाता है।
23. 'टॉलस्टॉय आश्रम' की स्थापना गाँधी जी ने कहाँ की थी?
(A) इंग्लैंड में
(B) दक्षिण अफ्रीका में
(C) साबरमती (भारत) में
(D) चंपारण में
उत्तर: (B) दक्षिण अफ्रीका में
व्याख्या: गाँधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रहियों के परिवार और बच्चों के स्वावलंबन हेतु टॉलस्टॉय फार्म की स्थापना की थी।
24. 'शिक्षा और संस्कृति' पाठ में गाँधी जी किस भाषा को राष्ट्रीय संपर्क भाषा बनाने के पक्षधर थे?
(A) अंग्रेजी
(B) हिन्दुस्तानी (हिन्दी-उर्दू मिश्रित)
(C) संस्कृत
(D) गुजराती
उत्तर: (B) हिन्दुस्तानी (हिन्दी-उर्दू मिश्रित)
व्याख्या: गाँधी जी सरल, सहज और जन-सामान्य की भाषा 'हिन्दुस्तानी' को राष्ट्रीय संपर्क भाषा के रूप में स्वीकार करते थे।
25. 'आसा दी वार' किसकी विख्यात रचना है?
(A) गुरु नानक की
(B) गुरु तेग बहादुर की
(C) गुरु गोविंद सिंह की
(D) रसखान की
उत्तर: (A) गुरु नानक की
व्याख्या: 'आसा दी वार' गुरु नानक देव जी की प्रमुख आध्यात्मिक वाणियों में से एक है जो गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज है।
26. गुरु नानक के अनुसार संसार में जन्म लेना व्यर्थ कब माना गया है?
(A) बिना धन के
(B) राम-नाम के स्मरण के बिना
(C) बिना विद्या के
(D) बिना संतान के
उत्तर: (B) राम-नाम के स्मरण के बिना
व्याख्या: "राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा"— प्रभु नाम सिमरन के बिना मानव देह धारण करना विष खाने के समान व्यर्थ है।
27. 'रसखान' ने श्रीकृष्ण की लीलाओं का गान मुख्यतः किस छंद में किया है?
(A) दोहा
(B) चौपाई
(C) सवैया
(D) सोरठा
उत्तर: (C) सवैया
व्याख्या: रसखान के सवैये ब्रजभाषा साहित्य में अपनी मधुरता, सहजता और भक्ति रस के लिए अनुपम हैं।
28. 'कोटिक कलधौत के धाम' का क्या अर्थ है?
(A) करोड़ों सोने के महल
(B) करोड़ों बगीचे
(C) करोड़ों मंदिर
(D) करोड़ों तारे
उत्तर: (A) करोड़ों सोने के महल
व्याख्या: 'कलधौत' का अर्थ सोना होता है; रसखान ब्रज की झाड़ियों पर करोड़ों सोने के महलों को न्योछावर करना चाहते हैं।
29. घनानंद किस बादशाह के यहाँ मीर मुंशी थे?
(A) औरंगजेब
(B) मुहम्मद शाह रंगीले
(C) शाहआलम
(D) अकबर द्वितीय
उत्तर: (B) मुहम्मद शाह रंगीले
व्याख्या: घनानंद दिल्ली के मुगल बादशाह मुहम्मद शाह 'रंगीले' के दरबार में उच्च कोटि के गायक और मीर मुंशी थे।
30. घनानंद की भाषा कैसी है?
(A) अवधी
(B) शुद्ध और परिष्कृत ब्रजभाषा
(C) खड़ी बोली
(D) मैथिली
उत्तर: (B) शुद्ध और परिष्कृत ब्रजभाषा
व्याख्या: आचार्य शुक्ल के अनुसार घनानंद ब्रजभाषा के ऐसे प्रवीण कवि हैं जैसा अन्य कोई दूसरा कवि नहीं हुआ।
31. 'जीर्ण जनपद' किस कवि का सुप्रसिद्ध काव्य है?
(A) प्रेमघन
(B) दिनकर
(C) पंत
(D) निराला
उत्तर: (A) प्रेमघन
व्याख्या: बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' द्वारा रचित 'जीर्ण जनपद' में भारतीय ग्रामीण जीवन के यथार्थ का मार्मिक चित्रण है।
32. 'स्वदेशी' कविता में कवि किस समाज की दास-वृत्ति पर क्षोभ व्यक्त करते हैं?
(A) अंग्रेजी दासों की तरह आचरण करने वाले भारतीयों पर
(B) किसानों पर
(C) मजदूरों पर
(D) सैनिकों पर
उत्तर: (A) अंग्रेजी दासों की तरह आचरण करने वाले भारतीयों पर
व्याख्या: प्रेमघन जी ने विदेशी चाल-चलन, भाषा और झूठी चाटुकारिता करने वाले भारतीय समाज की दास-मनोवृत्ति की निंदा की है।
33. सुमित्रानंदन पंत का निधन किस वर्ष हुआ था?
(A) 29 दिसंबर 1977
(B) 15 अगस्त 1975
(C) 26 जनवरी 1980
(D) 12 मार्च 1970
उत्तर: (A) 29 दिसंबर 1977
व्याख्या: छायावाद के महान कवि सुमित्रानंदन पंत का देहावसान 29 दिसंबर 1977 को प्रयागराज में हुआ था।
34. 'भारतमाता' कविता में भारतवासियों को कैसा दिखाया गया है?
(A) संपन्न और सुखी
(B) नग्न तन, शोषित, मूक और दरिद्र
(C) शक्तिशाली
(D) विजेता
उत्तर: (B) नग्न तन, शोषित, मूक और दरिद्र
व्याख्या: "तीस कोटि संतान नग्न तन, शोषित, पर-पद-दलित, मूढ़, असभ्य, अशिक्षित, निर्धन"— पंत जी का यथार्थ चित्र है।
35. 'दिनकर' जी किस काल के प्रमुख कवि हैं?
(A) भक्तिकाल
(B) रीतिकाल
(C) उत्तर छायावाद (आधुनिक काल)
(D) आदिकाल
उत्तर: (C) उत्तर छायावाद (आधुनिक काल)
व्याख्या: राष्ट्रकवि दिनकर आधुनिक हिन्दी कविता के 'उत्तर छायावाद' तथा राष्ट्रीय चेतना के ओजस्वी प्रतिनिधि कवि हैं।
36. 'जनतंत्र का जन्म' कविता में कवि किसके सिर पर मुकुट धरने की बात करता है?
(A) राजा के सिर पर
(B) जनता के सिर पर
(C) भगवान के सिर पर
(D) सेनापति के सिर पर
उत्तर: (B) जनता के सिर पर
व्याख्या: दिनकर जी कहते हैं कि आज लोकतंत्र का स्वर्ण-मुकुट सदियों से शोषित रहने वाली प्रजा (जनता) के सिर पर सजेगा।
37. 'हिरोशिमा' में मानव की साखी (गवाह) के रूप में क्या उपस्थित है?
(A) पत्थरों पर पड़ी हुई जली हुई मानव-छायाएँ
(B) टूटे हुए महल
(C) हथियार
(D) नदी का जल
उत्तर: (A) पत्थरों पर पड़ी हुई जली हुई मानव-छायाएँ
व्याख्या: अणुबम की प्रचंड ज्वाला से मनुष्य भाप बनकर उड़ गए और उनकी काली छायाएँ पत्थरों पर आज भी साखी बनी खड़ी हैं।
38. अज्ञेय का जन्म कब हुआ था?
(A) 7 मार्च 1911 ई०
(B) 10 मई 1915 ई०
(C) 15 अगस्त 1908 ई०
(D) 20 जनवरी 1914 ई०
उत्तर: (A) 7 मार्च 1911 ई०
व्याख्या: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' का जन्म 7 मार्च 1911 को कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) में हुआ था।
39. 'बचाना है जंगल को...' कविता की अगली पंक्ति क्या है?
(A) मरुस्थल हो जाने से
(B) आग लग जाने से
(C) कट जाने से
(D) सूख जाने से
उत्तर: (A) मरुस्थल हो जाने से
व्याख्या: कुंवर नारायण लिखते हैं: "बचाना है जंगल को मरुस्थल हो जाने से, बचाना है मनुष्य को जंगल हो जाने से।"
40. 'हमारी नींद' कविता में नींद किसका प्रतीक है?
(A) विश्राम का
(B) सामाजिक अकर्मण्यता और बेपरवाही (गफलत) का
(C) मृत्यु का
(D) स्वप्न का
उत्तर: (B) सामाजिक अकर्मण्यता और बेपरवाही (गफलत) का
व्याख्या: वीरेन डंगवाल के अनुसार 'नींद' सुविधाभोगी समाज की अकर्मण्यता और अन्याय के प्रति असंवेदनशीलता का प्रतीक है।
42. 'गमले-सा टूटता हुआ उसका 'ग', थिरक जाता है घड़े-सा उसका 'घ'' पंक्ति किसकी है?
(A) अनामिका
(B) महादेवी वर्मा
(C) दिनकर
(D) पंत
उत्तर: (A) अनामिका
व्याख्या: कवयित्री अनामिका अपनी कविता 'अक्षर ज्ञान' में अबोध बालक के सीखने की कठिनाइयों का जीवंत बिंब प्रस्तुत करती हैं।
42. 'जीवनानंद दास' किस भाषा के अत्यंत सम्मानित कवि हैं?
(A) उड़िया
(B) बांग्ला
(C) असमिया
(D) मैथिली
उत्तर: (B) बांग्ला
व्याख्या: जीवनानंद दास रवींद्रनाथ ठाकुर के बाद आधुनिक बांग्ला कविता के सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय कवि माने जाते हैं।
43. 'खेत हैं जहाँ धान के, बहती नदी के किनारे फिर आऊँगा'— किस कविता की पंक्ति है?
(A) लौटकर आऊँगा फिर
(B) भारतमाता
(C) स्वदेशी
(D) हमारी नींद
उत्तर: (A) लौटकर आऊँगा फिर
व्याख्या: यह पंक्ति जीवनानंद दास की अमर कविता 'लौटकर आऊँगा फिर' से ली गई है।
44. 'लबादा' शब्द का क्या अर्थ है जो 'मेरे बिना तुम प्रभु' कविता में आया है?
(A) ढीला-ढाला चोगा या वस्त्र
(B) मुकुट
(C) जूता
(D) चाबुक
उत्तर: (A) ढीला-ढाला चोगा या वस्त्र
व्याख्या: रिल्के लिखते हैं: "फट जाएगा तुम्हारा लबादा" अर्थात् ईश्वर का ढीला-ढाला वस्त्र (भक्त रूपी आवरण) नष्ट हो जाएगा।
45. रेनर मारिया रिल्के का जन्म कब हुआ था?
(A) 4 दिसंबर 1875 ई०
(B) 10 जनवरी 1880 ई०
(C) 15 मार्च 1870 ई०
(D) 25 मई 1885 ई०
उत्तर: (A) 4 दिसंबर 1875 ई०
व्याख्या: रिल्के का जन्म 4 दिसंबर 1875 को प्राग (तत्कालीन ऑस्ट्रिया-हंगरी साम्राज्य) में हुआ था।
46. 'श्रीनिवास' जी का पूरा नाम क्या है?
(A) मास्ती वेंकटेश अय्यंगार
(B) रामास्वामी अय्यंगार
(C) के० एस० श्रीनिवास
(D) आनंद मूर्ति
उत्तर: (A) मास्ती वेंकटेश अय्यंगार
व्याख्या: कन्नड़ साहित्यकार श्रीनिवास का वास्तविक नाम 'मास्ती वेंकटेश अय्यंगार' था, जिन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।
47. मगम्मा अपने पैसे सुरक्षित रखने के लिए किसे देना चाहती थी?
(A) कथावाचिका (माजी) को
(B) रंगप्पा को
(C) अपने बेटे को
(D) बैंक में
उत्तर: (A) कथावाचिका (माजी) को
व्याख्या: मगम्मा को माजी पर अटूट विश्वास था, इसलिए वह अपने संचित पैसे माजी के पास हिफाजत से रखना चाहती थी।
48. 'ढहते विश्वास' कहानी में किस बाँध के टूटने की खबर से हाहाकार मच गया?
(A) दलेई बाँध
(B) हीराकुंड बाँध
(C) भाखड़ा बाँध
(D) टिहरी बाँध
उत्तर: (A) दलेई बाँध
व्याख्या: महानदी की शाखा देवी नदी के तट पर स्थित 'दलेई बाँध' के टूटने से पूरा गाँव जलमग्न हो गया था।
49. लक्ष्मी के ससुर किस बाँध के निर्माण में पत्थर दबने से शहीद हो गए थे?
(A) हीराकुंड बाँध में
(B) दलेई बाँध में
(C) नागार्जुन बाँध में
(D) भाखड़ा बाँध में
उत्तर: (A) हीराकुंड बाँध में
व्याख्या: कहानी में उल्लेख है कि लक्ष्मी के ससुर महानदी पर हीराकुंड बाँध बनाते समय पत्थर के नीचे दबकर मारे गए थे।
50. 'माँ' कहानी में कुसुम के अस्पताल से ठीक होकर लौटने पर गाँव वालों ने क्या सलाह दी?
(A) मंगु को भी अस्पताल में भर्ती कराने की
(B) मंगु का विवाह करने की
(C) झाड़-फूँक कराने की
(D) घर पर ही इलाज की
उत्तर: (A) मंगु को भी अस्पताल में भर्ती कराने की
व्याख्या: कुसुम के पूर्ण स्वस्थ होने पर गाँव के लोगों ने माँ को विश्वास दिलाया कि मंगु भी अस्पताल में ठीक हो सकती है।
51. 'अमृतवेला' किसकी प्रसिद्ध कृति है जो ईश्वर पेटलीकर से संबद्ध है?
(A) ईश्वर पेटलीकर की
(B) सुजाता की
(C) सांवर दइया की
(D) श्रीनिवास की
उत्तर: (A) ईश्वर पेटलीकर की
व्याख्या: 'अमृतवेला' और 'खून की सगाई' ईश्वर पेटलीकर के अत्यंत चर्चित गुजराती उपन्यास हैं।
52. 'सुजाता' का जन्म कब हुआ था?
(A) 3 मई 1935 ई०
(B) 10 जून 1940 ई०
(C) 15 अगस्त 1930 ई०
(D) 25 दिसंबर 1945 ई०
उत्तर: (A) 3 मई 1935 ई०
व्याख्या: 'नगर' कहानी के तमिल कथाकार सुजाता (एस० रंगराजन) का जन्म 3 मई 1935 को चेन्नई में हुआ था।
53. 'नारायण' की पत्नी का क्या नाम था?
(A) भँवरी
(B) राधा
(C) पुष्पा
(D) शांति
उत्तर: (A) भँवरी
व्याख्या: 'धरती कब तक घूमेगी' में मँझले बेटे नारायण की पत्नी का नाम भँवरी था।
54. सीता अपने बेटों के घर क्या महसूस करती थी?
(A) भारी अपमान और घुटन
(B) अत्यधिक सुख
(C) आज्ञाकारिता
(D) गर्व
उत्तर: (A) भारी अपमान और घुटन
व्याख्या: बेटों द्वारा एक-एक महीने के भोजन की बारी और बहुओं के तानों से सीता का स्वाभिमान घुटता था।
55. 'क' से 'म' तक के 25 वर्णों को क्या कहते हैं?
(A) स्पर्श व्यंजन
(B) अंतःस्थ व्यंजन
(C) ऊष्म व्यंजन
(D) संयुक्त व्यंजन
उत्तर: (A) स्पर्श व्यंजन
व्याख्या: क-वर्ग से प-वर्ग तक के वर्ण जीभ के मुख के विभिन्न अंगों को स्पर्श करने से बोले जाते हैं, अतः 'स्पर्श व्यंजन' कहलाते हैं।
56. 'थ' वर्ण का उच्चारण स्थान क्या है?
(A) दंत
(B) कंठ
(C) मूर्धा
(D) ओष्ठ
उत्तर: (A) दंत
व्याख्या: सूत्र 'लृतुलसानां दन्ताः' के अनुसार तवर्ग (त, थ, द, ध, न) का उच्चारण दाँतों के स्पर्श से होता है।
57. 'ड' और 'ढ' को किस प्रकार का व्यंजन माना जाता है?
(A) द्विगुण व्यंजन (उच्छिप्त)
(B) अंतःस्थ
(C) ऊष्म
(D) संयुक्त
उत्तर: (A) द्विगुण व्यंजन (उच्छिप्त)
व्याख्या: ड़ और ढ़ को हिन्दी की नवविकसित ध्वनियाँ या 'द्विगुण व्यंजन' (उच्छिप्त व्यंजन) कहा जाता है।
58. 'ओ' वर्ण का उच्चारण स्थान क्या है?
(A) कंठोष्ठ
(B) कंठतालु
(C) दंतोष्ठ
(D) नासिका
उत्तर: (A) कंठोष्ठ
व्याख्या: सूत्र 'ओदौतोः कण्ठौष्ठम्' के अनुसार 'ओ' और 'औ' का उच्चारण कंठ तथा ओष्ठ दोनों से होता है।
59. 'ह' वर्ण का उच्चारण स्थान क्या है?
(A) कंठ (काकल्य)
(B) तालु
(C) मूर्धा
(D) दंत
उत्तर: (A) कंठ (काकल्य)
व्याख्या: सूत्र 'अकुहविसर्जनीयानां कण्ठः' के अनुसार 'ह' का उच्चारण स्थान कंठ होता है।
60. वर्णों के सार्थक और क्रमबद्ध समूह को क्या कहते हैं?
(A) वर्णमाला
(B) शब्द
(C) वाक्य
(D) लिपि
उत्तर: (A) वर्णमाला
व्याख्या: किसी भाषा के समस्त वर्णों के व्यवस्थित और क्रमबद्ध समूह को 'वर्णमाला' कहते हैं।
61. 'कवीश्वर' का सही संधि-विच्छेद क्या होगा?
(A) कवि + ईश्वर
(B) कवी + ईश्वर
(C) कव + ईश्वर
(D) कवि + इश्वर
उत्तर: (A) कवि + ईश्वर
व्याख्या: कवि + ईश्वर = कवीश्वर (इ + ई = ई, दीर्घ स्वर संधि)।
62. 'सूर्योष्मा' में कौन-सी संधि है?
(A) गुण संधि
(B) वृद्धि संधि
(C) दीर्घ संधि
(D) यण संधि
उत्तर: (A) गुण संधि
व्याख्या: सूर्य + ऊष्मा = सूर्योष्मा (अ + ऊ = ओ, गुण स्वर संधि)।
63. 'महोदधि' का सही संधि-विच्छेद क्या है?
(A) महा + उदधि
(B) महो + दधि
(C) मही + उदधि
(D) महा + दधि
उत्तर: (A) महा + उदधि
व्याख्या: महा + उदधि = महोदधि (आ + उ = ओ, गुण स्वर संधि)।
64. 'इत्यादि' का सही संधि-विच्छेद क्या होगा?
(A) इति + आदि
(B) इत्या + दि
(C) इत + यदि
(D) इति + यादि
उत्तर: (A) इति + आदि
व्याख्या: इति + आदि = इत्यादि (इ + आ = या, यण स्वर संधि)।
65. 'सन्मार्ग' का सही संधि-विच्छेद क्या होगा?
(A) सत् + मार्ग
(B) सन् + मार्ग
(C) सद् + मार्ग
(D) सती + मार्ग
उत्तर: (A) सत् + मार्ग
व्याख्या: सत् + मार्ग = सन्मार्ग (व्यंजन संधि: प्रथम वर्ण 'त्' का पंचम वर्ण 'न्' में परिवर्तन)।
66. 'तपोवन' का सही संधि-विच्छेद क्या है?
(A) तपः + वन
(B) तपो + वन
(C) तप + वन
(D) तपे + वन
उत्तर: (A) तपः + वन
व्याख्या: तपः + वन = तपोवन (विसर्ग संधि के नियमानुसार विसर्ग का 'ओ' में रूपांतरण)।
67. 'हिमालय' शब्द किस संज्ञा का उदाहरण है?
(A) व्यक्तिवाचक संज्ञा
(B) जातिवाचक संज्ञा
(C) भाववाचक संज्ञा
(D) समूहवाचक संज्ञा
उत्तर: (A) व्यक्तिवाचक संज्ञा
व्याख्या: 'हिमालय' एक विशिष्ट पर्वत का व्यक्तिगत नाम है, अतः यह व्यक्तिवाचक संज्ञा है।
68. 'पर्वत' शब्द कौन-सी संज्ञा है?
(A) जातिवाचक
(B) व्यक्तिवाचक
(C) द्रव्यवाचक
(D) भाववाचक
उत्तर: (A) जातिवाचक
व्याख्या: 'पर्वत' संपूर्ण पर्वत वर्ग का बोध कराता है, अतः जातिवाचक संज्ञा है।
69. 'दया' और 'करुणा' शब्द किस संज्ञा के अंतर्गत आते हैं?
(A) भाववाचक संज्ञा
(B) व्यक्तिवाचक संज्ञा
(C) जातिवाचक संज्ञा
(D) समूहवाचक संज्ञा
उत्तर: (A) भाववाचक संज्ञा
व्याख्या: आंतरिक मानवीय भावनाओं, सद्गुणों और मनोभावों का बोध कराने से ये भाववाचक संज्ञाएँ हैं।
70. 'बाजार' शब्द किस संज्ञा का उदाहरण है?
(A) समूहवाचक संज्ञा
(B) व्यक्तिवाचक संज्ञा
(C) भाववाचक संज्ञा
(D) द्रव्यवाचक संज्ञा
उत्तर: (A) समूहवाचक संज्ञा
व्याख्या: 'बाजार' दुकानों, खरीदारों और जनसमूह के एकत्र होने के स्थान का बोध कराता है, अतः समूहवाचक संज्ञा है।
71. 'वह', 'वे', 'उनका' किस प्रकार के पुरुषवाचक सर्वनाम हैं?
(A) अन्य पुरुषवाचक
(B) मध्यम पुरुषवाचक
(C) उत्तम पुरुषवाचक
(D) निजवाचक
उत्तर: (A) अन्य पुरुषवाचक
व्याख्या: वक्ता और श्रोता जिसके विषय में बात करते हैं (तृतीय पक्ष), वे अन्य पुरुषवाचक कहलाते हैं।
72. 'यह वही लड़का है जिसने पुरस्कार जीता' में 'यह' कौन-सा सर्वनाम है?
(A) निश्चयवाचक सर्वनाम
(B) अनिश्चयवाचक सर्वनाम
(C) निजवाचक सर्वनाम
(D) प्रश्नवाचक सर्वनाम
उत्तर: (A) निश्चयवाचक सर्वनाम
व्याख्या: किसी निश्चित व्यक्ति की ओर प्रत्यक्ष संकेत करने के कारण यह निश्चयवाचक सर्वनाम है।
73. 'स्वयं' और 'खुद' किस प्रकार के सर्वनाम हैं?
(A) निजवाचक सर्वनाम
(B) पुरुषवाचक सर्वनाम
(C) निश्चयवाचक सर्वनाम
(D) संबंधवाचक सर्वनाम
उत्तर: (A) निजवाचक सर्वनाम
व्याख्या: कर्ता के अपने आप या स्वतः कार्य करने का बोध कराने वाले शब्द निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं।
74. 'मीठा आम' में 'मीठा' किस प्रकार का विशेषण है?
(A) गुणवाचक विशेषण (स्वादसूचक)
(B) संख्यावाचक विशेषण
(C) परिमाणवाचक विशेषण
(D) सार्वनामिक विशेषण
उत्तर: (A) गुणवाचक विशेषण (स्वादसूचक)
व्याख्या: 'मीठा' स्वाद और गुण की विशेषता प्रकट करता है, अतः गुणवाचक विशेषण है।
75. 'कई लोग आए थे' में 'कई' कौन-सा विशेषण है?
(A) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
(B) निश्चित संख्यावाचक विशेषण
(C) परिमाणबोधक विशेषण
(D) गुणवाचक विशेषण
उत्तर: (A) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
व्याख्या: 'लोग' गणनीय हैं और 'कई' से निश्चित संख्या का बोध नहीं होता, अतः अनिश्चित संख्यावाचक है।
76. 'प्रविशेषण' किसे कहते हैं?
(A) जो विशेषण की भी विशेषता बताए
(B) जो संज्ञा की विशेषता बताए
(C) जो क्रिया की विशेषता बताए
(D) जो सर्वनाम की विशेषता बताए
उत्तर: (A) जो विशेषण की भी विशेषता बताए
व्याख्या: जैसे— 'वह बहुत तेज दौड़ता है' में 'बहुत' शब्द 'तेज' (विशेषण) की विशेषता बता रहा है, अतः प्रविशेषण है।
77. 'चिड़िया आकाश में उड़ती है'— में 'उड़ना' कैसी क्रिया है?
(A) अकर्मक क्रिया
(B) सकर्मक क्रिया
(C) द्विकर्मक क्रिया
(D) प्रेरणार्थक क्रिया
उत्तर: (A) अकर्मक क्रिया
व्याख्या: उड़ने का प्रभाव सीधे चिड़िया (कर्ता) पर पड़ता है, इसमें कोई कर्म नहीं है (आकाश आधार/अधिकरण है)।
78. 'उसने नहाकर भोजन किया'— इस वाक्य में 'नहाकर' कैसी क्रिया है?
(A) पूर्वकालिक क्रिया
(B) प्रेरणार्थक क्रिया
(C) संयुक्त क्रिया
(D) नामधातु क्रिया
उत्तर: (A) पूर्वकालिक क्रिया
व्याख्या: मुख्य क्रिया से पूर्व समाप्त होने वाली क्रिया को पूर्वकालिक क्रिया कहते हैं (धातु + कर)।
79. 'सूर्य पूर्व में उगता है' किस काल का वाक्य है?
(A) सामान्य वर्तमान काल
(B) अपूर्ण वर्तमान काल
(C) भूतकाल
(D) भविष्यत् काल
उत्तर: (A) सामान्य वर्तमान काल
व्याख्या: नित्य सत्य और स्वभावगत क्रियाओं को सामान्य वर्तमान काल में व्यक्त किया जाता है।
80. 'अपादान कारक' का प्रयोग किस भाव में होता है?
(A) अलगाव, तुलना, डर या सीखने के भाव में
(B) केवल साधन के भाव में
(C) संबंध बताने में
(D) पुकारने में
उत्तर: (A) अलगाव, तुलना, डर या सीखने के भाव में
व्याख्या: अपादान कारक (विभक्ति 'से') पृथक होने, भयभीत होने, लजाने और तुलना करने में प्रयुक्त होता है।
81. 'गंगा हिमालय से निकलती है' में कौन-सा कारक है?
(A) अपादान कारक
(B) करण कारक
(C) कर्म कारक
(D) अधिकरण कारक
उत्तर: (A) अपादान कारक
व्याख्या: उत्पत्ति स्थल से पृथक होने का भाव होने के कारण 'हिमालय से' में अपादान कारक है।
82. 'जंगल' का पर्यायवाची शब्द निम्नलिखित में से कौन-सा है?
(A) वन
(B) कानन
(C) अरण्य
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी
व्याख्या: वन, कानन, अरण्य, विपिन, कांतार सभी जंगल के समानार्थी शब्द हैं।
83. 'पुष्प' का पर्यायवाची शब्द नहीं है—
(A) सुमन
(B) कुसुम
(C) प्रसून
(D) पादप
उत्तर: (D) पादप
व्याख्या: 'पादप' वृक्ष/पौधे का पर्यायवाची है, जबकि सुमन, कुसुम, प्रसून फूल (पुष्प) के पर्याय हैं।
84. 'आकर्षण' का विलोम शब्द क्या होगा?
(A) विकर्षण
(B) अनाकर्षण
(C) प्रतिकर्षण
(D) घृणा
उत्तर: (A) विकर्षण
व्याख्या: आकर्षण (खिंचाव) का मानक विपरीतार्थक शब्द 'विकर्षण' होता है।
85. 'मूक' का विलोम शब्द क्या है?
(A) वाचाल
(B) बधिर
(C) अंधा
(D) विद्वान
उत्तर: (A) वाचाल
व्याख्या: मूक (गूँगा/चुप रहने वाला) का सटीक विलोम 'वाचाल' (अत्यधिक बोलने वाला) होता है।
86. 'नवरत्न' में कौन-सा समास है?
(A) द्विगु समास
(B) द्वंद्व समास
(C) तत्पुरुष समास
(D) बहुव्रीहि समास
उत्तर: (A) द्विगु समास
व्याख्या: नौ रत्नों का समाहार = नवरत्न। प्रथम पद संख्यावाचक होने से द्विगु समास है।
87. 'वीणापाणि' में कौन-सा समास है?
(A) बहुव्रीहि (माँ सरस्वती)
(B) तत्पुरुष
(C) कर्मधारय
(D) द्विगु
उत्तर: (A) बहुव्रीहि (माँ सरस्वती)
व्याख्या: वीणा है पाणि (हाथ) में जिसके अर्थात् विद्या की देवी माँ सरस्वती। अन्य पद प्रधान होने से बहुव्रीहि समास है।
88. 'यथाविधि' में कौन-सा समास है?
(A) अव्ययीभाव
(B) तत्पुरुष
(C) कर्मधारय
(D) द्वंद्व
उत्तर: (A) अव्ययीभाव
व्याख्या: विधि के अनुसार = यथाविधि। प्रथम पद 'यथा' अव्यय होने से अव्ययीभाव समास है।
89. 'रात-दिन' में कौन-सा समास है?
(A) द्वंद्व समास
(B) द्विगु समास
(C) तत्पुरुष समास
(D) अव्ययीभाव समास
उत्तर: (A) द्वंद्व समास
व्याख्या: रात और दिन— दोनों पद समान रूप से प्रधान हैं, अतः यह द्वंद्व समास है।
90. 'रोगमुक्त' में कौन-सा समास है?
(A) अपादान तत्पुरुष (रोग से मुक्त)
(B) संबंध तत्पुरुष
(C) कर्मधारय
(D) अव्ययीभाव
उत्तर: (A) अपादान तत्पुरुष (रोग से मुक्त)
व्याख्या: रोग से मुक्त (अलग होने का भाव) = रोगमुक्त। अपादान कारक चिह्न 'से' का लोप होने से अपादान तत्पुरुष है।
91. 'संस्कार' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) सम्
(B) संस्
(C) स
(D) सन
उत्तर: (A) सम्
व्याख्या: सम् + कार = संस्कार (संस्कृत संधि नियमानुसार म् का अनुस्वार और स् का आगम)।
92. 'नियम' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) नि
(B) निर्
(C) नी
(D) यम
उत्तर: (A) नि
व्याख्या: नि + यम = नियम। उपसर्ग 'नि' प्रयुक्त हुआ है।
93. 'हँसोड़' शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
(A) ओड़
(B) ड़
(C) सोड़
(D) हँस
उत्तर: (A) ओड़
व्याख्या: हँसना (हँस्) धातु + ओड़ (कृत् प्रत्यय) = हँसोड़।
94. 'बुद्धिमत्ता' में कौन-सा प्रत्यय लगा है?
(A) ता
(B) मत्ता
(C) आ
(D) मत
उत्तर: (A) ता
व्याख्या: बुद्धिमत् + ता = बुद्धिमत्ता (भाववाचक तद्धित प्रत्यय 'ता')।
95. 'आँखों में धूल झोंकना' मुहावरे का सही अर्थ क्या है?
(A) धोखा देना
(B) धूल फेंकना
(C) अंधा करना
(D) लड़ाई करना
उत्तर: (A) धोखा देना
व्याख्या: सामने रहकर कपटपूर्ण ढंग से किसी को छलना या धोखा देना।
96. 'कलेजा ठंडा होना' मुहावरे का अर्थ है—
(A) संतोष होना / शांति मिलना
(B) ठंड लगना
(C) बीमार होना
(D) डर जाना
उत्तर: (A) संतोष होना / शांति मिलना
व्याख्या: मन की बेचैनी दूर होकर पूर्ण मानसिक शांति व तृप्ति मिलना।
97. 'जिसके आने की कोई तिथि न हो'— वाक्यांश के लिए एक शब्द है:
(A) अतिथि
(B) आगंतुक
(C) अनिश्चित
(D) प्रवासी
उत्तर: (A) अतिथि
व्याख्या: न तिथिः यस्य सः = अतिथि (मेहमान)।
98. 'जो कानून के विरुद्ध हो'— उसे क्या कहते हैं?
(A) अवैध (गैरकानूनी)
(B) वैध
(C) न्यायिक
(D) अपराध
उत्तर: (A) अवैध (गैरकानूनी)
व्याख्या: विधि/कानून के विपरीत आचरण या कार्य = 'अवैध' कहलाता है।
99. निम्नलिखित में से 'शुद्ध शब्द' कौन-सा है?
(A) उज्ज्वल
(B) उज्वल
(C) उज्जवल
(D) उजज्वल
उत्तर: (A) उज्ज्वल
व्याख्या: उत् + ज्वल = उज्ज्वल (मानक वर्तनी में दोनों 'ज' आधे होते हैं)।
100. निम्नलिखित में से 'शुद्ध वाक्य' का चयन कीजिए:
(A) यहाँ ताजी गाय का दूध मिलता है।
(B) यहाँ गाय का ताजा दूध मिलता है।
(C) गाय का यहाँ ताजा दूध मिलता है।
(D) मिलता है यहाँ ताजा गाय का दूध।
उत्तर: (B) यहाँ गाय का ताजा दूध मिलता है।
व्याख्या: 'ताजा' विशेषण 'दूध' के पहले आना चाहिए, न कि 'गाय' के पहले। अतः (B) शुद्ध है।
खण्ड - 'ब' : विषयनिष्ठ प्रश्न (Descriptive Questions)
प्रश्न संख्या 1: गद्यांश पठन एवं प्रश्नोत्तर (गद्यांश क एवं ख)

गद्यांश 1 (क)

चरित्र मानव जीवन की सर्वोच्च और अमूल्य निधि है। धन तो आता है और चला जाता है, परंतु यदि एक बार चरित्र नष्ट हो गया, तो मनुष्य का सर्वस्व नष्ट हो जाता है। कहावत भी है— "यदि धन गया तो कुछ नहीं गया, यदि स्वास्थ्य गया तो कुछ गया, परंतु यदि चरित्र चला गया तो सब कुछ चला गया।" चरित्रवान व्यक्ति समाज में सर्वत्र आदर और प्रतिष्ठा प्राप्त करता है। उसका आत्मबल इतना सुदृढ़ होता है कि वह बड़े-से-बड़े प्रलोभन या संकट में भी सत्य और मर्यादा का मार्ग नहीं छोड़ता। चरित्र की शक्ति से ही व्यक्ति महापुरुष और राष्ट्र विश्वगुरु बनता है।
प्रश्न (i): मानव जीवन की सर्वोच्च और अमूल्य निधि किसे कहा गया है?
उत्तर: मानव जीवन की सर्वोच्च, पवित्र और अमूल्य निधि मनुष्य के उज्ज्वल चरित्र को कहा गया है।
प्रश्न (ii): चरित्र नष्ट हो जाने पर क्या परिणाम होता है?
उत्तर: चरित्र नष्ट हो जाने पर मनुष्य का मान-सम्मान, आत्मबल और सर्वस्व नष्ट हो जाता है।
प्रश्न (iii): चरित्रवान व्यक्ति संकट के समय कैसा आचरण करता है?
उत्तर: चरित्रवान व्यक्ति भारी संकट या प्रलोभन में भी विचलित हुए बिना सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहता है।
प्रश्न (iv): कोई राष्ट्र विश्वगुरु कैसे बनता है?
उत्तर: जब किसी राष्ट्र के नागरिक चरित्रवान, नैतिक और निष्ठावान होते हैं, तभी वह राष्ट्र विश्वगुरु बनता है।
प्रश्न (v): प्रस्तुत गद्यांश का एक उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
उत्तर: उपयुक्त शीर्षक: 'चरित्र का महत्व' अथवा 'सच्ची संपदा: चरित्र'।

गद्यांश 1 (ख)

भारतीय संस्कृति का मूल आधार 'अनेकता में एकता' है। हमारा देश विविधताओं का विशाल महादेश है, जहाँ विभिन्न भाषाएँ, धर्म, संप्रदाय, वेशभूषा और रीति-रिवाज पाए जाते हैं। भौगोलिक दृष्टि से भी कश्मीर की बर्फीली वादियों से लेकर कन्याकुमारी के सागर तट तक प्रकृति के भिन्न-भिन्न रूप दिखाई देते हैं। परंतु इन सभी बाह्य भिन्नताओं के भीतर एक अंतःसलिला जैसी सांस्कृतिक एकता निरंतर प्रवाहित होती रहती है। प्रत्येक भारतीय का हृदय तिरंगे के समक्ष एक समान गर्व से स्पंदित होता है। यह समन्वय और सहिष्णुता ही भारत की अमरता का रहस्य है।
प्रश्न (i): भारतीय संस्कृति का मूल आधार क्या है?
उत्तर: विभिन्न भाषाओं, जातियों और मत-पंथों के होते हुए भी 'अनेकता में एकता' भारतीय संस्कृति का मूल आधार है।
प्रश्न (ii): भारत को विविधताओं का देश क्यों कहा गया है?
उत्तर: क्योंकि यहाँ अनेक भाषाएँ, वेशभूषा, खान-पान, धर्म और भौगोलिक विभिन्नताएँ पाई जाती हैं।
प्रश्न (iii): सभी बाह्य भिन्नताओं के भीतर क्या प्रवाहित होता रहता है?
उत्तर: बाह्य भिन्नताओं के भीतर एक अटूट, सनातन और हार्दिक सांस्कृतिक एकता प्रवाहित होती रहती है।
प्रश्न (iv): भारत की अमरता का रहस्य क्या है?
उत्तर: समन्वयकारी दृष्टि, सर्वधर्म समभाव और पारस्परिक सहिष्णुता ही भारत की अमरता का रहस्य है।
प्रश्न (v): प्रस्तुत गद्यांश का एक सटीक शीर्षक लिखिए।
उत्तर: उपयुक्त शीर्षक: 'अनेकता में एकता' अथवा 'भारतीय संस्कृति का गौरव'।
प्रश्न संख्या 2: द्वितीय गद्यांश समुच्चय (गद्यांश क एवं ख)

गद्यांश 2 (क)

स्वावलंबन मनुष्य को स्वतंत्र और निर्भीक बनाता है। जो व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहता, वही सच्चा आत्मसम्मान प्राप्त करता है। पराधीन व्यक्ति को स्वप्न में भी सुख नहीं मिल सकता— "पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं।" जब कोई व्यक्ति अपने हाथों से श्रम करता है, तो उसमें असीम आत्मविश्वास और रचनात्मक ऊर्जा का संचार होता है। स्वावलंबी राष्ट्र ही वैश्विक मंच पर अपना मस्तक गर्व से ऊँचा रख सकता है। दूसरों की दया पर जीवित रहना मनुष्यता का सबसे बड़ा अपमान है।
प्रश्न (i): स्वावलंबन मनुष्य को क्या प्रदान करता है?
उत्तर: स्वावलंबन मनुष्य को पूर्ण स्वतंत्रता, आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और निर्भीकता प्रदान करता है।
प्रश्न (ii): पराधीन व्यक्ति की क्या स्थिति होती है?
उत्तर: पराधीन व्यक्ति को स्वप्न में भी वास्तविक सुख और शांति नहीं मिल सकती; वह सदा हीनता में जीता है।
प्रश्न (iii): शारीरिक श्रम करने से मनुष्य में किसका संचार होता है?
उत्तर: अपने हाथों से श्रम करने पर मनुष्य में असीम आत्मविश्वास, सृजनात्मक ऊर्जा और संतोष का संचार होता है।
प्रश्न (iv): मनुष्यता का सबसे बड़ा अपमान क्या माना गया है?
उत्तर: अपने पौरुष का त्याग करके दूसरों की कृपा और दया पर जीवित रहना मनुष्यता का सबसे बड़ा अपमान है।
प्रश्न (v): गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक क्या होगा?
उत्तर: उपयुक्त शीर्षक: 'स्वावलंबन की महत्ता'।

गद्यांश 2 (ख)

पुस्तकालय ज्ञान के पावन मंदिर और सरस्वती के अक्षय भंडार हैं। एक अच्छे पुस्तकालय में अतीत के मनीषियों, वैज्ञानिकों, कवियों और चिंतकों के विचार सुरक्षित रहते हैं। निर्धन से निर्धन विद्यार्थी भी पुस्तकालय में जाकर विश्व की दुर्लभ से दुर्लभ पुस्तकों का अध्ययन कर सकता है। पुस्तकें हमारी सबसे शांत और निष्कपट मित्र होती हैं, जो एकांत में हमारा मार्गदर्शन करती हैं और कभी धोखा नहीं देतीं। जिस समाज में पुस्तकालयों और स्वाध्याय की संस्कृति समृद्ध होती है, वही समाज बौद्धिक दृष्टि से जागरूक और शक्तिशाली बनता है।
प्रश्न (i): पुस्तकालय को किसका पावन मंदिर कहा गया है?
उत्तर: पुस्तकालय को ज्ञान-साधना, विद्या और माँ सरस्वती का पावन मंदिर व अक्षय भंडार कहा गया है।
प्रश्न (ii): पुस्तकालयों में किनके विचार सुरक्षित रहते हैं?
उत्तर: पुस्तकालयों में देश-विदेश के प्राचीन और आधुनिक मनीषियों, वैज्ञानिकों तथा दार्शनिकों के विचार संचित रहते हैं।
प्रश्न (iii): पुस्तकों को सच्चा मित्र क्यों कहा गया है?
उत्तर: क्योंकि पुस्तकें बिना किसी स्वार्थ के एकांत में उत्तम साथी बनकर हमें संकट में धैर्य और अज्ञान में प्रकाश देती हैं।
प्रश्न (iv): कौन-सा समाज बौद्धिक दृष्टि से शक्तिशाली बनता है?
उत्तर: जिस समाज में पुस्तकालयों का व्यापक जाल होता है और नागरिक नियमित स्वाध्याय की संस्कृति से जुड़े होते हैं।
प्रश्न (v): प्रस्तुत गद्यांश का शीर्षक लिखिए।
उत्तर: उपयुक्त शीर्षक: 'पुस्तकालय का महत्व और स्वाध्याय'।
प्रश्न संख्या 3: निबंध लेखन (कुल 5 संपूर्ण निबंध रूपरेखा सहित)
1. छात्र जीवन और अनुशासन
भूमिका:

विद्यार्थी काल मानव जीवन की स्वर्णिम आधारशिला है। इस काल में जिस गुण की सर्वाधिक महत्ता है, वह है— 'अनुशासन'। अनुशासन दो शब्दों 'अनु' और 'शासन' के मेल से बना है, जिसका अर्थ है नियमों और मर्यादाओं के अनुकूल आचरण करना। जिस प्रकार बिना पतवार की नौका सागर की लहरों में दिशाहीन होकर डूब जाती है, उसी प्रकार अनुशासनहीन विद्यार्थी का जीवन लक्ष्यहीन होकर नष्ट हो जाता है।

विद्यार्थी जीवन में अनुशासन की आवश्यकता:

विद्या अर्जन एक कठोर तपस्या है। एक अनुशासित छात्र ही अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित कर सकता है, नियमित अध्ययन कर सकता है और बुरी संगति से बच सकता है। गुरुजनों और माता-पिता का आदर करना, विद्यालय के नियमों का पालन करना और समय की पाबंदी अनुशासन के प्राथमिक लक्षण हैं। इतिहास साक्षी है कि जितने भी महापुरुष हुए, उनके बचपन की नींव अनुशासन पर ही टिकी थी।

अनुशासनहीनता के कारण और दुष्परिणाम:

वर्तमान समय में पाश्चात्य संस्कृति की अंधी नकल, सोशल मीडिया और मोबाइल फोन का अनियंत्रित उपयोग तथा नैतिक मूल्यों का ह्रास विद्यार्थियों में अनुशासनहीनता बढ़ा रहा है। इसका परिणाम परीक्षाओं में असफलता, मानसिक तनाव और चरित्र पतन के रूप में सामने आता है। अनुशासनहीन युवा देश के लिए संबल बनने के बजाय भार बन जाता है।

उपसंहार:

अनुशासन कोई पराधीनता नहीं, बल्कि स्वतंत्र और सार्थक जीवन जीने की कला है। जो विद्यार्थी आज स्वयं को अनुशासन की कसौटी पर कसता है, वही कल कुंदन बनकर समाज और राष्ट्र को अपनी आभा से आलोकित करता है।

2. पर्यावरण प्रदूषण: समस्या और समाधान
भूमिका:

प्रकृति ने समस्त जीवधारियों के लिए एक अत्यंत संतुलित, स्वच्छ और सुरम्य वातावरण निर्मित किया था। परंतु आधुनिक वैज्ञानिक औद्योगीकरण, अंधाधुंध शहरीकरण और मानवीय लोभ ने प्रकृति के इस संतुलन को छिन्न-भिन्न कर दिया है। पर्यावरण के विभिन्न घटकों (वायु, जल, भूमि) में अवांछनीय विषैले तत्वों का घुल जाना ही 'प्रदूषण' कहलाता है। आज यह मानव सभ्यता के लिए महाविनाश का संकेत बन चुका है।

प्रदूषण के प्रमुख प्रकार:

1. वायु प्रदूषण: वाहनों और कारखानों की चिमनियों से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें हवा को विषैला बना रही हैं, जिससे दमा और फेफड़ों के रोग फैल रहे हैं।
2. जल प्रदूषण: औद्योगिक रासायनिक अपशिष्ट और प्लास्टिक नदियों में बहाए जाने से पवित्र नदियाँ गंदे नाले में बदल रही हैं।
3. ध्वनि प्रदूषण: लाउडस्पीकरों और भारी वाहनों के कर्कश शोर से बहरापन और मानसिक अवसाद बढ़ रहा है।
4. मृदा प्रदूषण: कीटनाशकों और रासायनिक खादों से धरती की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है।

दुष्परिणाम और समाधान के उपाय:

प्रदूषण के कारण 'ग्लोबल वॉर्मिंग' बढ़ रही है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं और ओजोन परत में क्षरण हो रहा है। इसके समाधान हेतु व्यापक स्तर पर 'वृक्षारोपण' करना होगा। सौर ऊर्जा जैसे हरित विकल्पों को अपनाना, प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना और औद्योगिक कचरे का वैज्ञानिक शोधन करना अनिवार्य है।

उपसंहार:

"धरती को मत करो लाचार, प्रकृति से करो प्यार।" पर्यावरण की रक्षा वास्तव में हमारे अपने अस्तित्व की रक्षा है। यदि हम अभी नहीं चेते, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें कभी क्षमा नहीं करेंगी।

3. डिजिटल भारत और युवा शक्ति
भूमिका:

21वीं सदी ज्ञान, सूचना और प्रौद्योगिकी की सदी है। भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया 'डिजिटल इंडिया' अभियान देश को सशक्त डिजिटल समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में रूपांतरित करने का ऐतिहासिक संकल्प है। इस डिजिटल क्रांति की वास्तविक रीढ़ और संवाहक हमारे देश की असीम युवा शक्ति है।

डिजिटल क्रांति के विविध आयाम:

1. वित्तीय समावेशन (UPI): भारत आज डिजिटल लेन-देन के क्षेत्र में विश्व का सिरमौर बन चुका है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े मॉल तक पलक झपकते ऑनलाइन भुगतान हो रहा है।
2. ई-शिक्षा और नवाचार: ऑनलाइन कक्षाओं और डिजिटल पोर्टलों ने गाँव-गाँव तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाई है। भारतीय युवा नए-नए स्टार्ट-अप्स (Startups) बनाकर वैश्विक स्तर पर अपनी मेधा का लोहा मनवा रहे हैं।
3. पारदर्शिता: सरकारी योजनाओं का लाभ (DBT) सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुँच रहा है, जिससे भ्रष्टाचार का अंत हुआ है।

सम्मुख चुनौतियाँ और युवाओं की भूमिका:

डिजिटल युग के साथ साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया की लत जैसी चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। युवाओं का कर्तव्य है कि वे तकनीक का उपयोग केवल मनोरंजन में समय गँवाने के लिए न करें, बल्कि अपने कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए करें।

उपसंहार:

डिजिटल भारत ने हमारे युवाओं को असीम अवसर प्रदान किए हैं। सही दिशा, साइबर सुरक्षा और नवाचार के संगम से हमारी युवा शक्ति भारत को विश्व की सर्वोच्च आर्थिक व तकनीकी महाशक्ति बना सकती है।

4. मेरा प्रिय त्योहार: छठ पूजा
भूमिका:

भारत विविध पर्वों की पावन भूमि है, परंतु बिहार की माटी से जुड़ा 'छठ महापर्व' अपनी अलौकिक पवित्रता, सादगी और लोक-आस्था के कारण विश्व में अद्वितीय है। यह पर्व वर्ष में दो बार— चैत्र और कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है, जिसमें कार्तिक छठ का विशेष सामाजिक महत्व है।

चार दिवसीय साधना का अनुष्ठान:

छठ पर्व चार दिनों का अत्यंत कठोर, पवित्र और आत्मसंयम का अनुष्ठान है:
1. नहाय-खाय: पहले दिन व्रती पवित्र स्नान कर कद्दू-भात ग्रहण करते हैं।
2. खरना: दूसरे दिन दिनभर निर्जला उपवास रखकर शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनाकर पूजा की जाती है।
3. संध्या अर्घ्य: तीसरे दिन अस्ताचलगामी (डूबते हुए) सूर्य को नदी-तालाब के जल में खड़े होकर सूप में ठेकुआ, फल रखकर अर्घ्य दिया जाता है।
4. उषा अर्घ्य: चौथे दिन प्रातःकाल उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारण होता है।

सामाजिक समरसता और प्रकृति प्रेम:

छठ पूजा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूर्णतः प्रकृति पूजा है। इसमें साक्षात् देवता सूर्य और जल की उपासना होती है। घाटों पर अमीर-गरीब और जाति-वर्ण का भेद पूरी तरह मिट जाता है। मिट्टी के चूल्हे, बाँस के सूप और मौसमी फल इसकी ग्रामीण सादगी को दर्शाते हैं।

उपसंहार:

छठ पर्व केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता की साक्षात् जीवन-शैली है। यह हमारी बिहारी अस्मिता का सर्वोच्च गौरव है।

5. आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी
भूमिका:

"स्वदेशी में ही स्वदेश का प्राण बसता है।" जब कोई संप्रभु राष्ट्र अपनी बुनियादी आवश्यकताओं, रक्षा और विकास के लिए विदेशी शक्तियों का मुँह न ताककर अपने संसाधनों और पुरुषार्थ के बल पर स्वावलंबी बनता है, तभी उसकी स्वतंत्रता अक्षुण्ण रहती है। 'आत्मनिर्भर भारत' का पावन संकल्प इसी प्राचीन स्वदेशी भावना का आधुनिक रूप है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और गाँधी जी का दर्शन:

स्वाधीनता संग्राम में महात्मा गाँधी ने 'खादी और चरखा' को ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध आर्थिक स्वावलंबन का प्रतीक बनाया था। उनका स्पष्ट मानना था कि राजनीतिक आजादी तब तक अधूरी है जब तक देश आर्थिक रूप से स्वावलंबी नहीं हो जाता। स्वदेशी आंदोलन ने अंग्रेजों की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी थी।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य और 'वोकल फॉर लोकल':

वैश्विक महामारियों और युद्धों ने सिद्ध कर दिया है कि विदेशी वस्तुओं पर अत्यधिक निर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घातक है। आज भारत 'मेक इन इंडिया' और 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र के साथ रक्षा विनिर्माण (तेजस, ब्रह्मोस), अंतरिक्ष अनुसंधान (चंद्रयान) और डिजिटल तकनीक में आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रहा है।

उपसंहार:

आत्मनिर्भरता का वास्तविक अर्थ अलगाववाद नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सक्षम बनना है। प्रत्येक नागरिक को विदेशी वस्तुओं के मोह का त्याग कर स्थानीय उत्पादों को अपनाना चाहिए। स्वदेशी को जीवन-शैली बनाकर ही हम भारत को पुनः विश्वगुरु बना सकते हैं।

प्रश्न संख्या 4: पत्र लेखन एवं संवाद लेखन (दोनों भाग पूर्ण रूपेण)

(क) पत्र लेखन: खेलकूद सामग्री की समुचित व्यवस्था हेतु प्रधानाध्यापक को प्रार्थना-पत्र

सेवा में,
श्रीमान् प्रधानाध्यापक महोदय,
उच्च माध्यमिक विद्यालय, दानापुर कैंट, पटना (बिहार)

विषय: विद्यालय में खेलकूद सामग्री एवं मैदान की समुचित व्यवस्था के संबंध में।

महाशय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की दसवीं कक्षा (वर्ग 'अ') का छात्र प्रतिनिधि हूँ। मैं आपका ध्यान विद्यालय में खेलकूद सुविधाओं के अभाव की ओर आकृष्ट करना चाहता हूँ।

हम सभी जानते हैं कि "स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।" खेलकूद से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि छात्रों में अनुशासन और टीम-भावना का भी संचार होता है। अत्यंत खेद का विषय है कि विगत कई महीनों से हमारे विद्यालय के क्रीड़ा-कक्ष में क्रिकेट बैट, गेंद, वॉलीबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन के रैकेट टूटे पड़े हैं। इसके अतिरिक्त खेल के मैदान में बड़ी-बड़ी झाड़ियाँ उग आई हैं, जिससे छात्र नियमित अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। आगामी अंतर-विद्यालय खेल प्रतियोगिता भी सन्निकट है।

अतः श्रीमान् से विनम्र प्रार्थना है कि छात्रों के शारीरिक विकास और खेल प्रतिभा को निखारने हेतु विद्यालय में नई खेलकूद सामग्री उपलब्ध कराने तथा खेल मैदान की सफाई कराने की कृपा की जाए। इस कृपा के लिए हम सभी विद्यार्थी आपके सदैव आभारी रहेंगे।

सधन्यवाद!

आपका आज्ञाकारी छात्र
रोहित कुमार (क्रीड़ा सचिव/छात्र प्रतिनिधि)
कक्षा: दशम (10वीं 'अ')
क्रमांक: 05
दिनांक: 18 फरवरी, 2026

(ख) संवाद लेखन: मैट्रिक परीक्षा के तनाव-प्रबंधन पर दो मित्रों के बीच संवाद

आकाश: अरे विकास! नमस्कार। तुम इतने परेशान और थके हुए क्यों दिख रहे हो?

विकास: नमस्कार आकाश! क्या बताऊँ, मैट्रिक बोर्ड परीक्षा बिल्कुल नजदीक आ गई है। मुझे गणित के सूत्रों और विज्ञान के आरेखों को लेकर बहुत डर लग रहा है। रात भर जागकर पढ़ता हूँ, फिर भी लगता है कि कुछ याद नहीं है।

आकाश: विकास, तुम्हारी सबसे बड़ी भूल यही है कि तुम तनाव ले रहे हो और नींद पूरी नहीं कर रहे। परीक्षा के भय से याद की हुई बातें भी विस्मृत हो जाती हैं। परीक्षा तो हमारे साल भर के परिश्रम का एक सामान्य उत्सव है!

विकास: लेकिन आकाश, तुम इतने तनावमुक्त और शांत कैसे रह लेते हो? तुम्हारी तैयारी कैसी चल रही है?

आकाश: देखो, मैंने एक सरल नियम बनाया है। मैं प्रतिदिन कम से कम 7 घंटे की गहरी नींद लेता हूँ। सुबह शांत मन से कठिन विषयों का अभ्यास लिखकर करता हूँ। पिछले पाँच वर्षों के प्रश्न-पत्रों (PYQs) को हल करने से मेरा आत्मविश्वास बहुत बढ़ गया है।

विकास: क्या लिखकर अभ्यास करने से सचमुच लाभ होता है?

आकाश: बिल्कुल! केवल पढ़ने से भ्रम रहता है, किंतु जब तुम उत्तर लिखते हो तो समय-प्रबंधन और वर्तनी दोनों सुधर जाती हैं। परीक्षा भवन में हाथ बिना रुके चलता है।

विकास: सचमुच आकाश, तुम्हारी इस बात ने मेरे मन का सारा डर निकाल दिया। अब से मैं भी देर रात तक जागने के बजाय सुबह जल्दी उठूँगा और सकारात्मक सोच के साथ अभ्यास करूँगा। धन्यवाद मित्र!

आकाश: बहुत खूब विकास! ईश्वर पर भरोसा रखो और शांत मन से परीक्षा दो। हम दोनों निश्चित ही शानदार अंकों से सफल होंगे।

प्रश्न संख्या 5: लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (पाठ्यपुस्तक गोधूलि एवं वर्णिका से 10 प्रश्न)
प्रश्न 1: बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर भारत में जाति प्रथा के उन्मूलन हेतु क्या सुझाव देते हैं?
उत्तर:
डॉ० आम्बेडकर के अनुसार जाति प्रथा को समाप्त करने का सबसे प्रभावी और वास्तविक उपाय 'अंतरजातीय विवाह' और 'सामूहिक सहभोज' है। इसके साथ ही वे समाज में स्वतंत्रता, समता और भ्रातृत्व (दूध-पानी के मिश्रण जैसा भाईचारा) की भावना को अनिवार्य मानते हैं। वे कहते हैं कि जब तक सभी नागरिकों को अपनी रुचि के अनुसार पेशा चुनने की स्वतंत्रता नहीं मिलेगी, तब तक सच्चा लोकतंत्र स्थापित नहीं हो सकता।
प्रश्न 2: 'विष के दाँत' कहानी में मदन द्वारा काशू के दाँत तोड़े जाने की घटना का क्या प्रतीकात्मक महत्व है?
उत्तर:
यह घटना केवल दो बच्चों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह शोषक उच्च वर्ग और शोषित निम्न वर्ग के संघर्ष का चरमोत्कर्ष है। काशू अमीरी के अहंकार, निरंकुशता और शोषण का प्रतीक है; जबकि मदन सर्वहारा वर्ग के जागृत स्वाभिमान का प्रतीक है। मदन द्वारा काशू के दो दाँत तोड़ना वास्तव में पूंजीपतियों के उस विषैले दंभ और अहंकार के दाँतों को तोड़कर नष्ट करने का साक्षात् प्रतीक है।
प्रश्न 3: मैक्समूलर ने भारत के किस वैशिष्ट्य को देखकर इसे 'सर्वविद् संपदा से परिपूर्ण' कहा है?
उत्तर:
मैक्समूलर के अनुसार भारत में भूविज्ञान, वनस्पति संपदा, जीव-जंतुओं की विविधता के साथ-साथ भाषा-विज्ञान, धर्म, दर्शन और नीतिशास्त्र का अनुपम भंडार विद्यमान है। यहाँ की प्राचीन संस्कृत भाषा समस्त यूरोपीय भाषाओं की जननी जैसी है और उपनिषदों का अगाध चिंतन मानव आत्मा को परम शांति प्रदान करता है। विश्व के किसी अन्य देश में ऐसा समग्र प्राकृतिक और बौद्धिक सौंदर्य एक साथ नहीं मिलता।
प्रश्न 4: लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार 'नाखूनों का बढ़ना' और 'उन्हें काटना' किस द्वंद्व को प्रकट करता है?
उत्तर:
नाखूनों का अनवरत बढ़ना मनुष्य की आदिम, बर्बर और पाशविक वृत्ति (पशुता) का प्रमाण है, जो आत्मरक्षा के आदिम हथियारों की याद दिलाता है। इसके विपरीत, मनुष्य द्वारा नाखूनों को बार-बार काटना उसकी संस्कृति, दया, करुणा, आत्म-संयम और पशुता को त्यागकर पूर्ण मनुष्यता को अपनाने की सतत साधना का द्योतक है। यह मनुष्य के भीतर चल रहे पशुता और मानवता के शाश्वत द्वंद्व को दर्शाता है।
प्रश्न 5: बहादुर कौन था और उसके घर छोड़ देने पर लेखक के परिवार में क्या प्रतिक्रिया हुई?
उत्तर:
बहादुर नेपाल का एक बारह-तेरह वर्षीय पहाड़ी बालक था जो अपनी माँ की मार से तंग आकर भाग आया था और लेखक के घर घरेलू नौकर बना था। वह अत्यंत ईमानदार, परिश्रमी और हंसमुख था। जब रिश्तेदारों के ₹11 चोरी के झूठे आरोप और मारपीट से आहत होकर वह घर छोड़कर चला गया, तो लेखक, निर्मला और किशोर को अपनी संकीर्णता और हीनता पर गहरा पश्चाताप हुआ और घर में सन्नाटा छा गया।
प्रश्न 6: 'परंपरा का मूल्यांकन' निबंध में डॉ० रामविलास शर्मा साहित्य की निरंतरता के विषय में क्या प्रतिपादित करते हैं?
उत्तर:
डॉ० शर्मा के अनुसार समाज के आर्थिक और राजनीतिक ढांचे बदल जाने पर भी महान साहित्य का मूल्य कभी नष्ट नहीं होता। जैसे प्राचीन यूनान की दास प्रथा समाप्त हो गई, परंतु होमर के महाकाव्य आज भी अमर हैं। इसी प्रकार वाल्मीकि, व्यास, कालिदास और तुलसीदास का साहित्य भारतीय जनमानस की शाश्वत सांस्कृतिक पूंजी है। परंपरा का ज्ञान ही नई प्रगतिशील रचनाशीलता का मार्गदर्शन करता है।
7. उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी के प्रति अपने अनन्य अनुराग को किस प्रकार व्यक्त करते थे?
उत्तर:
बिस्मिल्ला खाँ कहते थे कि काशी उनके लिए स्वर्ग से भी बढ़कर है। वे कहते थे— "काशी छोड़कर कहाँ जाएँ? गंगा मैया यहाँ हैं, बाबा विश्वनाथ यहाँ हैं, और हमारे बालाजी का मंदिर यहाँ है।" वे भले ही विदेश चले जाएँ, पर उनका मन सदा काशी के घाटों और गंगा के जल में ही रमा रहता था। काशी उनके लिए संगीत, धर्म और साझी भारतीय संस्कृति का जीवंत प्रतीक थी।
प्रश्न 8: कवि गुरु नानक के अनुसार संसार में 'नर' (मनुष्य) किस प्रकार सांसारिक बंधनों से मुक्त हो सकता है?
उत्तर:
गुरु नानक देव जी के अनुसार जो मनुष्य दुख में दुखी नहीं होता, सुख-स्नेह और भय से परे रहता है, तथा सोने को भी मिट्टी के समान समझता है; जिसके मन में न किसी की स्तुति का लोभ है और न निंदा का क्षोभ; जो काम, क्रोध और अहंकार का पूर्ण परित्याग कर देता है, वही मनुष्य गुरु कृपा से सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर ईश्वर में उसी प्रकार लीन हो जाता है जैसे पानी में पानी मिल जाता है।
प्रश्न 9: 'माँ' कहानी में मंगु के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उसकी माँ के अंतर्मन में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर:
मंगु को अस्पताल में छोड़कर आने के बाद माँ का वात्सल्य हृदय विदीर्ण हो गया। रात भर वे सो नहीं सकीं और उनके कानों में मंगु की सिसकियाँ गूँजती रहीं। वे सोचती रहीं कि उनकी अबोध बेटी ठंड में गीले बिस्तर पर पड़ी होगी और उसे खाना किसने खिलाया होगा? इस असीम वियोग, आत्मग्लानि और पुत्र-मोह की पराकाष्ठा में सुबह होते-होते माँ का मानसिक संतुलन भी बिगड़ गया और वे स्वयं भी 'मंगु की श्रेणी में' मिलकर पागल हो गईं।
प्रश्न 10: 'धरती कब तक घूमेगी' कहानी में सीता ने घर छोड़ने का साहसिक निर्णय क्यों लिया?
उत्तर:
जब सीता के तीनों बेटों ने पंचायत करके यह फैसला सुनाया कि माँ को रोटी देने के बजाय तीनों बेटे हर महीने पचास-पचास रुपये नकद देंगे, तो सीता का स्वाभिमान जाग उठा। उसने सोचा कि जब पचास रुपये के लिए ही उसे बहुओं के ताने और बेटों की बेरुखी सहनी है, तो वह मेहनत-मजदूरी करके कहीं भी अपना पेट भर सकती है। अपने आत्मसम्मान की रक्षा हेतु उसने एक भोर चुपचाप घर की देहरी लांघ दी।
प्रश्न संख्या 6: सप्रसंग व्याख्या (गद्य खंड एवं पद्य खंड)

(क) गद्य खंड से सप्रसंग व्याख्या

"कमबख्त नाखून बढ़ते हैं तो बढ़ें, मनुष्य उन्हें बढ़ने नहीं देगा... मनुष्य की अच्छाई इसी में है कि वह अपने भीतर के पशु को मार डाले और मानव बने।"
प्रसंग:
प्रस्तुत विचारोत्तेजक पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक 'गोधूलि भाग-2' के सुप्रसिद्ध ललित निबंध 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' से ली गई हैं। इसके लेखक मूर्धन्य मानवतावादी चिंतक आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी हैं। यहाँ लेखक ने मनुष्य की आदिम पाशविकता और सांस्कृतिक मानवता के शाश्वत द्वंद्व का गहन विश्लेषण किया है।
व्याख्या:
आचार्य द्विवेदी जी कहते हैं कि नाखून मनुष्य की अंध पाशवी वृत्ति और आदिम हिंसक स्वभाव के अवशेष हैं। प्रकृति बार-बार नाखून बढ़ाकर मनुष्य को याद दिलाती है कि तू कभी जंगली और हिंसक पशु था। परंतु मनुष्य का संकल्प है कि वह अपनी बर्बरता को स्वीकार नहीं करेगा। वह बार-बार नाखूनों को काटकर यह घोषणा करता है कि वह पशुता की ओर पीछे नहीं लौटेगा।

लेखक का स्पष्ट संदेश है कि बाह्य नाखूनों को काटना वास्तव में आंतरिक हिंसा, क्रूरता, अस्त्र-शस्त्रों की होड़ और स्वार्थ का दमन करने का प्रतीक है। मनुष्य की सच्ची महत्ता और चरितार्थता दूसरों के दुख में सहानुभूति रखने, प्रेम, मैत्री, त्याग और आत्म-संयम में है। मनुष्य को अपने भीतर के पशु को मारकर ही सच्चा मानव बनना होगा।

(ख) पद्य खंड से सप्रसंग व्याख्या

"सदियों की ठंढी-बुझी राख सुगबुगा उठी,
मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है।
दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो,
सिंहासन खाली करो कि जनता आती है!"
प्रसंग:
प्रस्तुत अमर और ओजस्वी काव्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'गोधूलि भाग-2' में संकलित राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित ऐतिहासिक कविता 'जनतंत्र का जन्म' से अवतरित है। इस कविता में कवि ने भारत में सदियों की औपनिवेशिक दासता और सामंतवादी व्यवस्था के अंत तथा लोकतंत्र (प्रजातंत्र) के ऐतिहासिक अभ्युदय का शंखनाद किया है।
व्याख्या:
राष्ट्रकवि दिनकर जी कहते हैं कि भारत की शोषित, मूक और पीड़ित जनता, जो सदियों के विदेशी अत्याचारों और सामंतवादी दमन को सहते-सहते ठंडी बुझी राख जैसी निष्प्राण हो चुकी थी, अब स्वतंत्रता के पावन सवेरे में जाग उठी है। उसमें आत्मचेतना और क्रांति की अग्नि पुनः प्रज्वलित हो गई है।

जिस जनता को मिट्टी के समान तुच्छ, पददलित और अबोध समझा जाता था, आज वही मिट्टी लोकतंत्र का स्वर्णिम मुकुट पहनकर गौरव के साथ इठला रही है। कवि तत्कालीन हुक्मरानों और शोषक वर्ग को ललकारते हुए कहते हैं कि समय का चक्र घूम चुका है, समय के रथ के पहियों की भयानक गड़गड़ाहट ('घर्घर-नाद') को सुनो और रास्ता छोड़ दो। राजसिंहासन को तुरंत खाली कर दो, क्योंकि अब इस देश की वास्तविक मालिक और संप्रभु 'जनता' अपने अधिकारों को प्राप्त करने आ रही है।

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