BSEB Class 10 Hindi Chapter 8 "जित-जित मैं निरखत हूँ" PDF Download
बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए हिंदी (गोधूलि भाग-2) गद्य खंड का अध्याय 8 "जित-जित मैं निरखत हूँ" (Jit-Jit Main Nirakhat Hoon) प्रसिद्ध कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज के जीवन और नृत्य-साधना पर आधारित एक प्रेरणादायी साक्षात्कार पाठ है। यदि आप इस पाठ की PDF को ऑनलाइन पढ़ना चाहते हैं या डाउनलोड करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए एम्बेडेड PDF व्यूअर और डाउनलोड बटन का उपयोग कर सकते हैं।
| बोर्ड (Board) | बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) |
|---|---|
| कक्षा (Class) | 10वीं (Class 10th) |
| विषय (Subject) | हिंदी (गोधूलि भाग-2 - गद्य खंड) |
| अध्याय (Chapter) | अध्याय 8 (Chapter 8) - जित-जित मैं निरखत हूँ |
| साक्षात्कारकर्ता (Interviewer) | रश्मि वाजपेयी (Rashmi Vajpeyi) |
| मुख्य व्यक्तित्व (Subject) | पंडित बिरजू महाराज (Pandit Birju Maharaj) |
| विधा (Genre) | साक्षात्कार (Interview) |
पाठ का सारांश (Chapter Overview)
'जित-जित मैं निरखत हूँ' प्रसिद्ध कथक नर्तक और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित बिरजू महाराज के साथ वरिष्ठ नृत्यांगना और संपादिका रश्मि वाजपेयी द्वारा लिए गए साक्षात्कार पर आधारित पाठ है।
इस पाठ में बिरजू महाराज अपने जीवन की यात्रा, बचपन के संघर्षों और कथक नृत्य की साधना के अनुभवों को साझा करते हैं। उनका संबंध लखनऊ के प्रसिद्ध कालका-बिंदादीन घराने से था। जब वे लगभग साढ़े नौ वर्ष के थे, तब उनके पिता का देहांत हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने अत्यंत कठिनाइयों में नृत्य कार्यक्रमों के जरिए पैसे जुटाए और पिता की इच्छानुसार गंडा बँधवाया। उन्होंने अपने चाचा लच्छू महाराज और शंभू महाराज से भी नृत्य की बारीकियों को सीखा और कथक नृत्य शैली को देश-विदेश में नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया।
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परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Points)
- पंडित बिरजू महाराज का संबंध किस नृत्य शैली से था? - शास्त्रीय नृत्य 'कथक' से।
- बिरजू महाराज का घराना कौन-सा था? - लखनऊ का कालका-बिंदादीन घराना।
- बिरजू महाराज के पिता की मृत्यु के समय उनकी उम्र कितनी थी? - लगभग साढ़े नौ (9.5) वर्ष।
- बिरजू महाराज की शागिर्द/साक्षात्कारकर्ता कौन हैं? - रश्मि वाजपेयी।
- गंडा बाँधने का क्या अर्थ है? - गुरु द्वारा शिष्य को अपनी परंपरा में औपचारिक रूप से स्वीकार करना।
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