अच्युताष्टकम् (पाठ-3) - 50 महत्वपूर्ण विषयनिष्ठ प्रश्नोत्तर
पीयूषम् द्रुतपाठाय | BSEB कक्षा 10 संस्कृत | परीक्षा उपयोगी उत्तर सूची
1. श्लोक/पाठ्यांश आधारित प्रत्यक्ष प्रश्नोत्तर (1 से 20)
प्रश्न 1: प्रथम श्लोक में भगवान् विष्णु और राम/कृष्ण के कौन-कौन से नाम आए हैं?
उत्तर: प्रथम श्लोक में अच्युत, केशव, रामनारायण, कृष्ण, दामोदर, वासुदेव, हरि, श्रीधर, माधव, गोपिकावल्लभ, जानकीनायक और रामचंद्र नाम आए हैं।
प्रश्न 2: कवि किसे भजने (पूजा करने) का संकल्प व्यक्त करता है?
उत्तर: कवि अच्युत, केशव, जानकीनायक भगवान् रामचंद्र और श्रीकृष्ण को भजने का संकल्प करता है।
प्रश्न 3: भगवान् श्रीकृष्ण को किन देवियों या रानियों का स्वामी/प्रिय माना गया है?
उत्तर: उन्हें सत्यभामा (सत्यभामाधवं), राधिका (राधिकाराधितम्), रुक्मिणी (रुक्मिणीरागिणे) और सीता (जानकीजानये) का प्रिय माना गया है।
प्रश्न 4: 'इन्दिरामन्दिरम्' शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है और इसका क्या अर्थ है?
उत्तर: यह भगवान् विष्णु के लिए प्रयुक्त हुआ है, जिसका अर्थ है "लक्ष्मी जी के निवास स्थान (मंदिर)"।
प्रश्न 5: भगवान् विष्णु के पास कौन-कौन से प्रमुख आयुध (शस्त्र) हैं?
उत्तर: उनके पास शंख (शङ्खिने) और चक्र (चक्रिणे) हैं।
प्रश्न 6: कंस का विनाश करने वाले और वंशी (बाँसुरी) बजाने वाले कौन हैं?
उत्तर: कंस का विनाश करने वाले (कंसविध्वंसिने) और वंशी धारण करने वाले (वंशीने) भगवान् श्रीकृष्ण हैं।
प्रश्न 7: द्रौपदी की रक्षा करने वाले (द्रौपदीरक्षक) कौन हैं?
उत्तर: सभा में द्रौपदी की लज्जा और प्राणों की रक्षा करने वाले द्वारकाधीश भगवान् श्रीकृष्ण हैं।
प्रश्न 8: श्लोक-5 के अनुसार श्रीराम ने दंडकारण्य वन को कैसे पवित्र किया?
उत्तर: श्रीराम ने दंडकारण्य वन में दुष्ट राक्षसों को क्षोभित/नष्ट (राक्षसक्षोभितः) करके उस वन को पवित्रता प्रदान की।
प्रश्न 9: दंडकारण्य में श्रीराम के साथ कौन-कौन सेवित और अनुगमन कर रहे थे?
उत्तर: उनके साथ माता सीता सुशोभित थीं, लक्ष्मण अनुगमन कर रहे थे, वानर सेवा कर रहे थे और महर्षि अगस्त्य उनकी पूजा करते थे।
प्रश्न 10: श्लोक-6 में श्रीकृष्ण द्वारा मारे गए किन-किन असुरों/राक्षसों का उल्लेख है?
उत्तर: इसमें धेनुकासुर, अरिष्टासुर, केशी और पूतना का उल्लेख है।
प्रश्न 11: सूरजा (यमुना) के तट पर खेल खेलने वाले बाल गोपालक कौन हैं?
उत्तर: सूरजा (यमुना नदी) के किनारे बाल-लीलाएँ करने वाले बाल गोपालक भगवान् श्रीकृष्ण हैं।
प्रश्न 12: श्रीकृष्ण के शरीर (विग्रह) की कांति की तुलना श्लोक-7 में किससे की गई है?
उत्तर: उनके शरीर की कांति की तुलना बिजली की चमक (विद्युदुद्योतवत्) और जल से भरे काले मेघों (प्रावृदम्भोदवत्) से की गई है।
प्रश्न 13: श्रीकृष्ण की छाती/वक्षस्थल (स्थलम्) किससे सुशोभित है?
उत्तर: श्रीकृष्ण का वक्षस्थल जंगली फूलों की माला (वन्या मालया) से सुशोभित है।
प्रश्न 14: 'वारिजाक्षम्' शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: 'वारिजाक्षम्' का अर्थ "कमल के समान नेत्रों वाले" (भगवान् विष्णु/कृष्ण) है।
प्रश्न 15: श्लोक-8 के अनुसार श्रीकृष्ण के बालों (कुन्तलैः) की क्या विशेषता है?
उत्तर: उनके बाल घुंघराले (कुञ्चितैः) हैं, जो उनके सुंदर मुख पर शोभायमान हो रहे हैं।
प्रश्न 16: श्रीकृष्ण के कानों और हाथों में कौन-कौन से आभूषण सुशोभित हैं?
उत्तर: उनके गालों पर मस्तक का रत्नमुकुट और कानों के कुंडल (लसत्कुण्डलम्) चमक रहे हैं तथा हाथों में केयूर (बाजूबंद) और कंगन (कङ्कण) सुशोभित हैं।
प्रश्न 17: 'अच्युताष्टकम्' स्तवन के रचयिता कौन हैं?
उत्तर: इसके रचयिता जगद्गुरु आदि शंकराचार्य हैं।
प्रश्न 18: 'अच्युताष्टकम्' पाठ किस पुस्तक का भाग है?
उत्तर: यह बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10 संस्कृत की पूरक पुस्तक 'पीयूषम् (द्रुतपाठाय)' का तृतीयः पाठः (पाठ-3) है।
प्रश्न 19: 'रुक्मिणीरागिणे' और 'जानकीजानये' शब्दों का क्या अर्थ है?
उत्तर: 'रुक्मिणीरागिणे' का अर्थ "रुक्मिणी से प्रेम करने वाले" और 'जानकीजानये' का अर्थ "जानकी (सीता) के पति" है।
प्रश्न 20: 'अधोक्षज' और 'श्रीनिधि' किसके नाम हैं?
उत्तर: ये दोनों भगवान् विष्णु/कृष्ण के नाम हैं।
2. अभ्यास (Exercises) पर आधारित प्रश्नोत्तर (21 से 22)
प्रश्न 21: (अभ्यास प्रश्न 1) विष्णोः पञ्च पर्यायवाचीनः लिखत。
(भगवान् विष्णु के पाँच पर्यायवाची शब्द लिखें।)
(भगवान् विष्णु के पाँच पर्यायवाची शब्द लिखें।)
उत्तर: विष्णोः पञ्च पर्यायवाचीनः सन्ति—
1. अच्युतः
2. केशवः
3. नारायणः
4. हरिः
5. माधवः (अथवा वासुदेवः / श्रीधरः)
1. अच्युतः
2. केशवः
3. नारायणः
4. हरिः
5. माधवः (अथवा वासुदेवः / श्रीधरः)
प्रश्न 22: (अभ्यास प्रश्न 2) कविः कं भजितुम् इच्छति?
(कवि किसको भजने की इच्छा रखता है?)
(कवि किसको भजने की इच्छा रखता है?)
उत्तर: कविः सर्वव्यापकम्, दानवदलनम्, भक्तरक्षकम्, श्रीपतिम्, अच्युतं सर्वेश्वरम् 'भगवान् विष्णुम् (कृष्णं रामं च)' भजितुम् इच्छति।
3. भावार्थ, व्याख्यात्मक एवं अति-महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (23 से 50)
प्रश्न 23: 'अच्युत' शब्द का शाब्दिक अर्थ और दार्शनिक महत्व क्या है?
उत्तर: 'अच्युत' का अर्थ है "जो कभी अपने स्वरूप या स्थान से च्युत (पतित/अलग) न हो"। अर्थात् जो नित्य, अविनाशी और सत्य स्वरूप ईश्वर हैं।
प्रश्न 24: 'अच्युताष्टकम्' पाठ में राम और कृष्ण दोनों की वंदना एक साथ कैसे दिखाई देती है?
उत्तर: इसमें एक ओर 'जानकीनायक', 'दंडकारण्य-पावन' कहकर श्रीराम की और दूसरी ओर 'देवकीनंदन', 'कंसविध्वंसिने', 'रुक्मिणीरागिणे' कहकर श्रीकृष्ण की स्तुति की गई है, जिससे दोनों को एक ही विष्णु का रूप दर्शाया गया है।
प्रश्न 25: द्रौपदी चीर-हरण प्रसंग में 'द्रौपदीरक्षक' नाम की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: जब कौरवों की सभा में द्रौपदी संकट में थीं, तब केवल 'अच्युत' नाम का स्मरण करने पर भगवान् श्रीकृष्ण ने अनंत वस्त्र बढ़ाकर उनकी रक्षा की थी।
प्रश्न 26: 'वन्या मालया शोभितोरः स्थलम्' का काव्य सौंदर्य बताइए।
उत्तर: इसमें भगवान् के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन है कि वे मणियों और रत्नों के स्थान पर वनों के साधारण वैजयंती फूलों की माला धारण कर अत्यधिक सुंदर प्रतीत होते हैं।
प्रश्न 27: श्लोक-8 में वर्णित भगवान् के दिव्याभूषणों का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर: उनके मस्तक पर मणियुक्त मुकुट, कानों में चमकते कुंडल, हाथों में बाजूबंद (केयूर), कलाई में कंगन (कंकण) और पाँवों में मधुर बजती किंकिणी (घंटी) सुशोभित है।
प्रश्न 28: 'सूरजाखेलनो बालगोपालकः' का क्या भाव है?
उत्तर: इसका भाव है कि सूरजा (सूर्य की पुत्री यमुना) के तट पर गवाल-बालों के साथ गेंद और क्रीड़ा करने वाले प्रभु अत्यंत सुलभ और प्रेमी हैं।
प्रश्न 29: 'लोहिताङ्घ्रिद्वयम्' का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ "लाल/रक्तवर्ण के चरण-कमल वाले युग्म (दोनों पैर)" है।
प्रश्न 30: 'अम्बुद' शब्द का श्लोक-7 में क्या अर्थ है?
उत्तर: 'अम्बुद' का अर्थ "जल देने वाला बादल" (मेघ) है।
प्रश्न 31: 'वल्लवी-वल्लभाया' का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ "गोपियों के प्रिय/स्वामी" (श्रीकृष्ण) है।
प्रश्न 32: 'अगस्त्यसम्पूजितो' से किस पौराणिक ऋषि के प्रसंग का बोध होता है?
उत्तर: इससे महर्षि अगस्त्य का बोध होता है, जिन्होंने दक्षिण भारत में वनवास काल के दौरान श्रीराम की पूजा कर उन्हें दिव्यास्त्र प्रदान किए थे।
प्रश्न 33: 'केशविदारण' या 'केशिहा' किसे कहा गया है और क्यों?
उत्तर: श्रीकृष्ण को 'केशिहा' कहा गया है क्योंकि उन्होंने घोड़े के रूप में आए भयंकर केशी दैत्य का वध किया था।
प्रश्न 34: 'पूतनाकोपकः' शब्द का क्या तात्पर्य है?
उत्तर: इसका तात्पर्य पूतना राक्षसी पर क्रुद्ध होकर उसके प्राण हरने वाले बाल-कृष्ण से है।
प्रश्न 35: 'द्वारकानायक' शब्द से प्रभु के किस स्वरूप की झलक मिलती है?
उत्तर: इससे द्वारकापुरी के राजा और सर्वसमर्थ नीति पुरुष श्रीकृष्ण के स्वरूप की झलक मिलती है।
प्रश्न 36: 'शङ्खिने चक्रिणे' में कौन सा विभक्ति-प्रयोग है?
उत्तर: इसमें नमः के योग में चतुर्थी विभक्ति (एकवचन) का प्रयोग हुआ है (विष्णु के लिए)।
प्रश्न 37: 'किङ्किणीमञ्जुलम्' का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ "कमर या चरणों में बंधी सुंदर/मधुर बजने वाली छोटी घंटियाँ (करधनी)" है।
प्रश्न 38: 'श्यामलम्' शब्द का क्या तात्पर्य है?
उत्तर: 'श्यामलम्' का तात्पर्य सघन नीले-काले मेघों के समान सांवले रंग वाले भगवान् से है।
प्रश्न 39: 'राक्षसक्षोभितः' का समास विग्रह क्या होगा?
उत्तर: राक्षसैः क्षोभितः (राक्षसों को संतापित/नष्ट करने वाले) = 'तृतीया तत्पुरुष समास'।
प्रश्न 40: 'अच्युताष्टकम्' पाठ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: विद्यार्थियों में संस्कृत स्तवन परंपरा, ईश्वर-भक्ति, भक्ति रस और छंदबद्ध काव्य के प्रति अनुरागात्मक रुचि जगाना।
प्रश्न 41: 'दामोदरम्' नाम भगवान् कृष्ण को क्यों मिला?
उत्तर: क्योंकि बाल्यकाल में माता यशोदा ने ओखली से बांधने के लिए उनके पेट (दाम = रस्सी, उदर = पेट) पर रस्सी बांधी थी।
प्रश्न 42: 'जानकीजानये' में 'जाया' शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: 'जाया' शब्द का अर्थ "पत्नी" (जानकी जिनकी पत्नी हैं) होता है।
प्रश्न 43: 'श्रीधरम्' का क्या अर्थ है?
उत्तर: 'श्रीधरम्' का अर्थ "श्री (लक्ष्मी जी) को वक्षस्थल पर धारण करने वाले" है।
प्रश्न 44: 'प्रावृदम्भोद' शब्द का संधि-विच्छेद क्या होगा?
उत्तर: प्रावृत् + अम्भोद = प्रावृदम्भोद (व्यंजन संधि)।
प्रश्न 45: 'अजित' नाम का क्या तात्पर्य है?
उत्तर: 'अजित' का तात्पर्य "जिन्हें कोई पराजित न कर सके" (अपराजित ईश्वर) है।
प्रश्न 46: 'अच्युताष्टकम्' काव्य किस लय या छंद में गाया जा सकता है?
उत्तर: यह भुजंगप्रयात या सुगम संगीतात्मक लय में गाया जाने वाला अष्टक काव्य है।
प्रश्न 47: 'सन्दधे' शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: 'सन्दधे' का अर्थ "ध्यान करता हूँ" या "धारण करता हूँ" है।
प्रश्न 48: 'कंसविध्वंसिने' में कौन सी विभक्ति है?
उत्तर: इसमें चतुर्थी विभक्ति (एकवचन) है।
प्रश्न 49: इस पाठ में प्रयुक्त 'सूरजा' शब्द किसका पर्यायवाची है?
उत्तर: 'सूरजा' (सूर्य की पुत्री) यमुना नदी का पर्यायवाची है।
प्रश्न 50: 'अच्युताष्टकम्' पाठ का एक पंक्ति में मुख्य सार लिखिए।
उत्तर: "अच्युत, केशव, राम, कृष्ण और नारायण के पावन नामों, लीलाओं तथा दिव्याभूषणों का भक्तिपूर्वक स्मरण करने से मनुष्य जीवन के सभी कष्टों से मुक्त हो जाता है"।
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