नागरी लिपि - वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)
कक्षा 10, हिन्दी (गोधूलि भाग 2, गद्य-खंड पाठ 5 - गुणाकर मुले) | 50 महत्वपूर्ण प्रश्न, उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या
1. 'नागरी लिपि' शीर्षक निबंध के लेखक कौन हैं?
- (A) गुणाकर मुले
- (B) डॉ० रामविलास शर्मा
- (C) अमरकांत
- (D) यतींद्र मिश्र
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) गुणाकर मुले
व्याख्या: 'नागरी लिपि' निबंध प्रसिद्ध विद्वान और इतिहासकार गुणाकर मुले द्वारा लिखा गया है।
2. गुणाकर मुले का जन्म कब हुआ था?
- (A) 1935 ई० में
- (B) 1925 ई० में
- (C) 1912 ई० में
- (D) 1900 ई० में
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) 1935 ई० में
व्याख्या: गुणाकर मुले का जन्म सन् 1935 ई० में हुआ था।
3. गुणाकर मुले का जन्म कहाँ हुआ था?
- (A) अमरावती जिला, महाराष्ट्र
- (B) नागरा, बलिया
- (C) उन्नाव, उत्तर प्रदेश
- (D) दुर्ग, छत्तीसगढ़
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) अमरावती जिला, महाराष्ट्र
व्याख्या: इनका जन्म महाराष्ट्र के अमरावती जिले के एक गाँव में हुआ था।
4. गुणाकर मुले की प्रारंभिक शिक्षा किस माध्यम/भाषा में हुई?
- (A) मराठी
- (B) हिंदी
- (C) अंग्रेजी
- (D) गुजराती
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) मराठी
व्याख्या: उनकी प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण परिवेश में मराठी भाषा में हुई थी।
5. गुणाकर मुले ने मिडिल स्तर तक मराठी पढ़ने के बाद कहाँ जाकर अंग्रेजी व हिंदी का अध्ययन किया?
- (A) वर्धा
- (B) पुणे
- (C) मुंबई
- (D) नागपुर
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) वर्धा
व्याख्या: वे वर्धा चले गए और वहाँ नौकरी के साथ अंग्रेजी व हिंदी सीखी।
6. गुणाकर मुले ने किस विषय में मैट्रिक से लेकर एम० ए० तक की पढ़ाई की?
- (A) गणित
- (B) हिंदी
- (C) इतिहास
- (D) संस्कृत
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) गणित
व्याख्या: उन्होंने इलाहाबाद आकर गणित विषय में मैट्रिक से लेकर एम० ए० तक की शिक्षा प्राप्त की।
7. गुणाकर मुले का निधन कब हुआ?
- (A) सन् 2009 ई० में
- (B) सन् 2000 ई० में
- (C) सन् 1987 ई० में
- (D) सन् 2006 ई० में
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) सन् 2009 ई० में
व्याख्या: गुणाकर मुले का निधन सन् 2009 में हुआ।
8. गुणाकर मुले ने लगभग कितने लेखों और पुस्तकों का प्रकाशन किया?
- (A) 2500 से अधिक लेख और 30 से अधिक पुस्तकें
- (B) 500 लेख और 10 पुस्तकें
- (C) 1000 लेख और 50 पुस्तकें
- (D) 100 लेख
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) 2500 से अधिक लेख और 30 से अधिक पुस्तकें
व्याख्या: उन्होंने 2500 से अधिक सारगर्भित लेख तथा 30 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित कीं।
9. 'अक्षरों की कहानी' और 'भारत : इतिहास और संस्कृति' किसकी रचनाएँ हैं?
- (A) गुणाकर मुले
- (B) मैक्समूलर
- (C) राहुल सांकृत्यायन
- (D) हजारी प्रसाद द्विवेदी
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) गुणाकर मुले
व्याख्या: ये दोनों प्रसिद्ध पुस्तकें गुणाकर मुले द्वारा रचित हैं।
10. 'प्राचीन भारत के महान वैज्ञानिक' और 'सौर मंडल' के लेखक कौन हैं?
- (A) गुणाकर मुले
- (B) आर्यभट्ट
- (C) दिनकर
- (D) अज्ञेय
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) गुणाकर मुले
व्याख्या: विज्ञान और इतिहास पर आधारित ये कृतियाँ गुणाकर मुले की हैं।
11. 'अक्षर कथा' पुस्तक में मुले जी ने किसकी विस्तृत जानकारी दी है?
- (A) संसार की प्रायः सभी प्रमुख पुरालिपियों की
- (B) केवल हिंदी वर्णमाला की
- (C) नक्षत्रों की
- (D) गणितीय सूत्रों की
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) संसार की प्रायः सभी प्रमुख पुरालिपियों की
व्याख्या: 'अक्षर कथा' में विश्व की लगभग सभी प्राचीन पुरालिपियों का प्रामाणिक विवरण दिया गया है।
12. 'नागरी लिपि' निबंध गुणाकर मुले की किस पुस्तक से लिया गया है?
- (A) 'भारतीय लिपियों की कहानी'
- (B) अक्षरों की कहानी
- (C) अक्षर कथा
- (D) सौर मंडल
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) 'भारतीय लिपियों की कहानी'
व्याख्या: यह निबंध उनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'भारतीय लिपियों की कहानी' से संकलित है।
13. हिंदी भाषा किस लिपि में लिखी जाती है?
- (A) देवनागरी लिपि
- (B) गुरुमुखी लिपि
- (C) रोमन लिपि
- (D) फारसी लिपि
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) देवनागरी लिपि
व्याख्या: हिंदी तथा इसकी विभिन्न बोलियाँ 'नागरी' या 'देवनागरी' लिपि में लिखी जाती हैं।
14. देवनागरी लिपि के टाइप लगभग कब बने जिससे इसमें स्थिरता आई?
- (A) करीब दो सदी पहले (लगभग 200 वर्ष पूर्व)
- (B) 1000 वर्ष पहले
- (C) 50 वर्ष पहले
- (D) गुप्त काल में
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) करीब दो सदी पहले (लगभग 200 वर्ष पूर्व)
व्याख्या: लगभग दो सदी पहले पहली बार इस लिपि के टाइप बने और पुस्तकें छपने लगीं।
15. नेपाल की कौन-सी भाषाएँ देवनागरी लिपि में लिखी जाती हैं?
- (A) नेपाली (खसकुरा) और नेवारी
- (B) मैथिली और भोजपुरी
- (C) तमिल और तेलुगू
- (D) तिब्बती
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) नेपाली (खसकुरा) और नेवारी
व्याख्या: नेपाल की नेपाली (खसकुरा) तथा नेवारी भाषाएँ देवनागरी लिपि में लिखी जाती हैं।
16. मराठी भाषा की लिपि कौन-सी है?
- (A) देवनागरी लिपि
- (B) मोडी
- (C) ब्राह्मी
- (D) सिद्धम्
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) देवनागरी लिपि
व्याख्या: मराठी भाषा की मूल लिपि देवनागरी है।
17. मराठी भाषा में देवनागरी का कौन-सा एक अतिरिक्त अक्षर प्रयुक्त होता है?
- (A) ळ (मूर्धन्य ल)
- (B) ड़
- (C) ढ़
- (D) ज्ञ
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) ळ (मूर्धन्य ल)
व्याख्या: मराठी में संस्कृत-प्राकृत की प्राचीन ध्वनि 'ळ' का प्रयोग होता है।
18. गुजराती लिपि देवनागरी लिपि से किस रूप में भिन्न है?
- (A) इसमें शिरोरेखा (ऊपर की रेखा) नहीं लगाई जाती
- (B) इसके अक्षर पूरी तरह उल्टे हैं
- (C) यह अरबी जैसी है
- (D) इसमें कोई स्वर नहीं होता
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) इसमें शिरोरेखा (ऊपर की रेखा) नहीं लगाई जाती
व्याख्या: गुजराती लिपि देवनागरी से बहुत अधिक भिन्न नहीं है, मुख्यतः इसमें सिर पर लकीर (शिरोरेखा) नहीं दी जाती।
19. दक्षिण भारत की तमिल, मलयालम, तेलुगू और कन्नड़ लिपियाँ किससे विकसित हुई हैं?
- (A) प्राचीन ब्राह्मी लिपि से
- (B) रोमन से
- (C) अरबी से
- (D) खरोष्ठी से
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) प्राचीन ब्राह्मी लिपि से
व्याख्या: दक्षिण भारत की लिपियाँ भी नागरी की तरह प्राचीन 'ब्राह्मी लिपि' से ही विकसित हुई हैं।
20. दक्षिण भारत में नागरी लिपि को किस नाम से जाना जाता था?
- (A) नन्दिनागरी
- (B) देवनागरी
- (C) महानागरी
- (D) सिद्धम्
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) नन्दिनागरी
व्याख्या: दक्षिण भारत में प्रयुक्त नागरी लिपि को 'नन्दिनागरी' कहा जाता था।
21. नन्दिनागरी नाम पहले-पहल किन राजाओं के लेखों की लिपि को दिया गया था?
- (A) विजयनगर के राजाओं के लेखों को
- (B) चोल राजाओं को
- (C) गुप्त राजाओं को
- (D) मौर्य राजाओं को
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) विजयनगर के राजाओं के लेखों को
व्याख्या: विजयनगर के शासकों के अभिलेखों की लिपि को सबसे पहले 'नन्दिनागरी' कहा गया।
22. ग्यारहवीं सदी के किन प्रतापी चोल राजाओं के सिक्कों पर नागरी अक्षर मिलते हैं?
- (A) राजराज और राजेंद्र प्रथम
- (B) कृष्णदेव राय
- (C) दंतिदुर्ग
- (D) अमोघवर्ष
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) राजराज और राजेंद्र प्रथम
व्याख्या: चोल शासक राजराज और राजेंद्र के सिक्कों पर नागरी लेख अंकित मिलते हैं।
23. बारहवीं सदी के केरल के शासकों के सिक्कों पर नागरी लिपि में कौन-सा शब्द अंकित है?
- (A) 'वीरकेरलस्य'
- (B) 'रामसीय'
- (C) 'महाराजाधिराज'
- (D) 'जयहिंद'
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) 'वीरकेरलस्य'
व्याख्या: केरल के शासकों के सिक्कों पर 'वीरकेरलस्य' (वीर केरल का) शब्द नागरी में मिलता है।
24. सुदूर दक्षिण से प्राप्त राजा वरगुण का 'पलियम ताम्रपत्र' (9वीं सदी) किस लिपि में है?
- (A) नागरी लिपि (संस्कृत भाग)
- (B) केवल तमिल
- (C) रोमन
- (D) तेलुगू
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) नागरी लिपि (संस्कृत भाग)
व्याख्या: राजा वरगुण का प्रसिद्ध पलियम ताम्रपत्र नागरी लिपि में है।
25. श्रीलंका के किन शासकों के सिक्कों पर नागरी अक्षर देखने को मिलते हैं?
- (A) पराक्रमबाहु और विजयबाहु (12वीं सदी)
- (B) राजराज
- (C) मिहिर भोज
- (D) जयसिंह
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) पराक्रमबाहु और विजयबाहु (12वीं सदी)
व्याख्या: 12वीं सदी के श्रीलंकाई शासकों विजयबाहु और पराक्रमबाहु के सिक्कों पर नागरी अक्षर मिलते हैं।
26. महमूद गजनवी द्वारा 1028 ई० में चलाए गए चाँदी के सिक्कों पर एक तरफ कलमा (अरबी) था, तो दूसरी तरफ नागरी में क्या अंकित था?
- (A) 'अव्यक्तमेकं मुहम्मद अवतार नृपति महमूद'
- (B) 'अल्लाहू अकबर'
- (C) 'सत्यमेव जयते'
- (D) 'जय श्रीराम'
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) 'अव्यक्तमेकं मुहम्मद अवतार नृपति महमूद'
व्याख्या: लाहौर के टकसाल से बने सिक्कों पर संस्कृत अनुवाद नागरी लिपि में 'अव्यक्तमेकं मुहम्मद अवतार...' खुदा था।
27. किस मुगल बादशाह ने अपने सिक्कों पर राम-सीता की आकृति के साथ नागरी लिपि में 'रामसीय' शब्द अंकित करवाया था?
- (A) अकबर
- (B) बाबर
- (C) जहाँगीर
- (D) औरंगजेब
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) अकबर
व्याख्या: बादशाह अकबर ने राम-सीता अंकित सिक्कों पर नागरी में 'रामसीय' लिखवाया था।
28. नागरी लिपि की सबसे प्रमुख पहचान क्या है?
- (A) इसके अक्षरों के सिरों पर पूरी आड़ी लकीर (शिरोरेखा) खिंची होती है
- (B) अक्षरों के सिरों पर त्रिकोण होता है
- (C) यह दाएँ से बाएँ लिखी जाती है
- (D) यह केवल खड़ी रेखाओं में होती है
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) इसके अक्षरों के सिरों पर पूरी आड़ी लकीर (शिरोरेखा) खिंची होती है
व्याख्या: गुप्तकालीन व सिद्धम् लिपि में छोटे त्रिकोण थे, जबकि नागरी में पूरी चौड़ाई जितनी 'शिरोरेखा' बनती है।
29. पूरे भारत में नागरी लिपि किस सदी तक एक 'सार्वदेशिक लिपि' बन चुकी थी?
- (A) 8वीं-9वीं से 11वीं सदी तक
- (B) पहली सदी में
- (C) 18वीं सदी में
- (D) 20वीं सदी में
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) 8वीं-9वीं से 11वीं सदी तक
व्याख्या: 8वीं से 11वीं सदी के बीच नागरी लिपि संपूर्ण भारत में प्रचलित सार्वदेशिक लिपि थी।
30. एक मत के अनुसार 'नागरी' नाम क्यों पड़ा?
- (A) गुजरात के नागर ब्राह्मणों द्वारा पहले-पहल प्रयुक्त किए जाने के कारण
- (B) नगर में रहने के कारण
- (C) नागों की लिपि होने से
- (D) नाव पर लिखे जाने से
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) गुजरात के नागर ब्राह्मणों द्वारा पहले-पहल प्रयुक्त किए जाने के कारण
व्याख्या: कुछ विद्वानों का मत है कि गुजरात के 'नागर ब्राह्मणों' ने इसका सर्वप्रथम उपयोग किया।
31. दूसरे मत के अनुसार काशी को क्या कहा जाता था जिसके कारण इस लिपि का नाम 'देवनागरी' पड़ा?
- (A) देवनगरी
- (B) शिवनगरी
- (C) तीर्थनगरी
- (D) मोक्षनगरी
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) देवनगरी
व्याख्या: काशी को 'देवनगरी' कहा जाता था, अतः वहाँ प्रयुक्त लिपि को 'देवनागरी' नाम दिया गया।
32. 'पादताडितकम्' नाटक से किस प्राचीन नगर को केवल 'नगर' कहे जाने की जानकारी मिलती है?
- (A) पाटलिपुत्र (पटना)
- (B) वाराणसी
- (C) उज्जैन
- (D) कन्नौज
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) पाटलिपुत्र (पटना)
व्याख्या: 'पादताडितकम्' नाटक से पता चलता है कि पाटलिपुत्र (पटना) को विशिष्ट रूप से 'नगर' कहा जाता था।
33. चंद्रगुप्त द्वितीय 'विक्रमादित्य' का व्यक्तिगत नाम क्या था?
- (A) देव
- (B) राम
- (C) कृष्ण
- (D) गुप्त
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) देव
व्याख्या: चंद्रगुप्त 'विक्रमादित्य' का व्यक्तिगत नाम 'देव' था, इसलिए उनकी राजधानी पटना को 'देवनगर' कहा गया।
34. उत्तर भारत की विशेष स्थापत्य कला (मंदिर निर्माण) शैली को क्या कहते हैं?
- (A) नागर शैली
- (B) द्रविड़ शैली
- (C) बेसर शैली
- (D) गांधार शैली
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) नागर शैली
व्याख्या: उत्तर भारत के मंदिरों की वास्तुशिल्प शैली को 'नागर शैली' कहा जाता है।
35. अलबरूनी ने अपने ग्रंथ (1030 ई०) में किस लिपि का उल्लेख किया है?
- (A) मालवा की नागर लिपि का
- (B) देवनागरी का
- (C) खरोष्ठी का
- (D) ब्राह्मी का
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) मालवा की नागर लिपि का
व्याख्या: अलबरूनी (1030 ई०) ने लिखा था कि मालवा में 'नागर लिपि' का व्यवहार होता है।
36. हिंदी के आदि कवि किन्हें माना जाता है जिनका 'दोहाकोश' प्रसिद्ध है?
- (A) सरहपाद (8वीं सदी)
- (B) गोरखनाथ
- (C) कबीर
- (D) विद्यापति
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) सरहपाद (8वीं सदी)
व्याख्या: 8वीं सदी के सिद्ध कवि 'सरहपाद' हिंदी के आदि कवि माने जाते हैं।
37. सरहपाद के 'दोहाकोश' की हस्तलिपि कहाँ से मिली है?
- (A) तिब्बत से
- (B) नेपाल से
- (C) चीन से
- (D) लंका से
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) तिब्बत से
व्याख्या: महामंडित राहुल सांकृत्यायन को 'दोहाकोश' की पुरानी प्रति तिब्बत से प्राप्त हुई थी।
38. दक्षिण भारत में नागरी लिपि का प्राचीनतम लेख किस राष्ट्रकूट राजा का 'सामांगड दानपत्र' (754 ई०) है?
- (A) दंतिदुर्ग
- (B) अमोघवर्ष
- (C) कृष्ण प्रथम
- (D) गोविंद तृतीय
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) दंतिदुर्ग
व्याख्या: राष्ट्रकूट राजवंश की नींव डालने वाले राजा दंतिदुर्ग का 'सामांगड दानपत्र' (754 ई०) सबसे प्राचीन है।
39. राष्ट्रकूट राजाओं की मूल मातृभाषा क्या थी?
- (A) कन्नड़
- (B) मराठी
- (C) तमिल
- (D) तेलुगू
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) कन्नड़
व्याख्या: राष्ट्रकूट मूलतः कर्नाटक के निवासी थे और उनकी मातृभाषा 'कन्नड़' थी।
40. एलोरा (वेरूल) का प्रसिद्ध पहाड़ काटकर बनाया गया 'कैलाश मंदिर' किस राष्ट्रकूट शासक के काल में बना?
- (A) कृष्ण प्रथम
- (B) दंतिदुर्ग
- (C) अमोघवर्ष
- (D) भोज
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) कृष्ण प्रथम
व्याख्या: एलोरा का अनुपम कैलाश मंदिर राष्ट्रकूट राजा कृष्ण (प्रथम) के शासनकाल में बना।
41. राष्ट्रकूटों की नई राजधानी 'मान्यखेट' (मालखेड) की नींव किस प्रख्यात राजा ने डाली?
- (A) अमोघवर्ष (9वीं सदी)
- (B) दंतिदुर्ग
- (C) राजेंद्र चोल
- (D) दंतिवर्मन
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) अमोघवर्ष (9वीं सदी)
व्याख्या: अमोघवर्ष ने राष्ट्रकूटों की प्रसिद्ध राजधानी 'मान्यखेट' की स्थापना की।
42. अमोघवर्ष के दरबार में किस प्रसिद्ध जैन गणितज्ञ ने 'गणितसार-संग्रह' (850 ई०) की रचना की?
- (A) महावीराचार्य
- (B) भास्कराचार्य
- (C) ब्रह्मगुप्त
- (D) वराहमिहिर
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) महावीराचार्य
व्याख्या: 850 ई० में जैन गणितज्ञ महावीराचार्य ने 'गणितसार-संग्रह' ग्रंथ लिखा।
43. मराठी भाषा का आद्यलेख (प्राचीनतम लेख) किसे माना जाता है?
- (A) दिवे-आगर (रत्नागिरी) का ताम्रपट (1060 ई०)
- (B) सामांगड दानपत्र
- (C) ग्वालियर प्रशस्ति
- (D) बेतमा दानपत्र
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) दिवे-आगर (रत्नागिरी) का ताम्रपट (1060 ई०)
व्याख्या: 1060 ई० का दिवे-आगर ताम्रपट मराठी भाषा का सबसे प्राचीन उपलब्ध लेख माना जाता है।
44. कर्नाटक का 'श्रवणबेलगोला' स्थान किस धर्म का विख्यात तीर्थस्थल है जहाँ गोमटेश्वर की विशाल प्रतिमा है?
- (A) जैन धर्म
- (B) बौद्ध धर्म
- (C) सनातन धर्म
- (D) सिख धर्म
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) जैन धर्म
व्याख्या: श्रवणबेलगोला जैन धर्म का विश्वविख्यात तीर्थ है जहाँ बाहुबली (गोमटेश्वर) की मूर्ति स्थित है।
45. 'श्रीगंगराज सुत्ताले करवियले' लेख श्रवणबेलगोला में किस लिपि में लिखा है?
- (A) नागरी लिपि (दक्षिणी शैली)
- (B) कन्नड़
- (C) तमिल
- (D) ब्राह्मी
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) नागरी लिपि (दक्षिणी शैली)
व्याख्या: यह अभिलेख दक्षिणी शैली की नागरी लिपि में खुदा हुआ है।
46. उत्तर भारत में पहले-पहल किन शासकों के अभिलेखों में नागरी लिपि देखने को मिलती है?
- (A) गुर्जर-प्रतिहार राजाओं के
- (B) गुप्त शासकों के
- (C) मौर्यों के
- (D) मुगलों के
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) गुर्जर-प्रतिहार राजाओं के
व्याख्या: 8वीं सदी के गुर्जर-प्रतिहार शासकों (मिहिरभोज, महेंद्रपाल आदि) के लेखों में नागरी का प्रारंभिक रूप मिलता है।
47. प्रतिहार राजा मिहिरभोज (840-881 ई०) की कौन-सी प्रशस्ति संस्कृत भाषा और नागरी लिपि में है?
- (A) ग्वालियर प्रशस्ति
- (B) प्रयाग प्रशस्ति
- (C) जूनागढ़ अभिलेख
- (D) एहोल अभिलेख
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) ग्वालियर प्रशस्ति
व्याख्या: मिहिरभोज की विख्यात 'ग्वालियर प्रशस्ति' नागरी लिपि में रचित है।
48. धारा नगरी का कौन-सा परमार शासक अपने विद्यानुराग और विद्वत्ता के लिए इतिहास में प्रसिद्ध है?
- (A) राजा भोज
- (B) मिहिरभोज
- (C) महेंद्रपाल
- (D) कृष्णदेव राय
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) राजा भोज
व्याख्या: मालवा की धारा नगरी के परमार राजा भोज अपने ज्ञान, विद्वत्ता और साहित्य-प्रेम के लिए प्रसिद्ध हैं।
49. राजा भोज का इंदौर के समीप मिला कौन-सा दानपत्र 1020 ई० का है?
- (A) बेतमा दानपत्र
- (B) सामांगड दानपत्र
- (C) पलियम दानपत्र
- (D) बांसवाड़ा दानपत्र
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) बेतमा दानपत्र
व्याख्या: 'बेतमा दानपत्र' (1020 ई०) राजा भोज का नागरी लिपि में लिखा प्रसिद्ध अभिलेख है।
50. 'नागरी लिपि' निबंध का मूल ऐतिहासिक निष्कर्ष क्या है?
- (A) नागरी लिपि किसी एक संकीर्ण क्षेत्र की नहीं, बल्कि उत्तर से दक्षिण तक फैली भारत की ऐतिहासिक सार्वदेशिक एवं सर्वसमावेशी लिपि रही है
- (B) यह विदेशी लिपि है
- (C) यह केवल वेदों तक सीमित है
- (D) इसका विकास रुक गया है
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) नागरी लिपि किसी एक संकीर्ण क्षेत्र की नहीं, बल्कि उत्तर से दक्षिण तक फैली भारत की ऐतिहासिक सार्वदेशिक एवं सर्वसमावेशी लिपि रही है
व्याख्या: यह पाठ सिद्ध करता है कि नागरी लिपि सदियों से पूरे भारत की विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने वाली अखंड राष्ट्रीय लिपि रही है।
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