Chapter 10. मछली | BSEB 10 Hindi Subjective


बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिन्दी (गद्य खंड) | पाठ 10: "मछली" — विनोद कुमार शुक्ल
सम्पूर्ण 50 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

भाग 1: एक-पंक्ति / अति-लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 1 से 30)
1. 'मछली' कहानी के कहानीकार कौन हैं?

उत्तर: विनोद कुमार शुक्ल।

2. विनोद कुमार शुक्ल का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

उत्तर: 1 जनवरी 1937 ई० में राजनाँदगाँव, छत्तीसगढ़ में।

3. विनोद कुमार शुक्ल किस विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रहे?

उत्तर: इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय में।

4. विनोद कुमार शुक्ल 1994 से 1996 ई० तक किस सृजनपीठ में अतिथि साहित्यकार रहे?

उत्तर: निराला सृजनपीठ में।

5. लेखक का पहला कविता संग्रह कौन-सा है और यह कब प्रकाशित हुआ?

उत्तर: 'लगभग जयहिंद' (पहचान सीरीज के अंतर्गत 1971 में)।

6. विनोद कुमार शुक्ल के तीन प्रसिद्ध उपन्यास कौन-कौन से हैं?

उत्तर: 'नौकर की कमीज', 'खिलेगा तो देखेंगे' और 'दीवार में एक खिड़की रहती थी'।

7. लेखक के दो प्रसिद्ध कहानी संग्रहों के नाम क्या हैं?

उत्तर: 'पेड़ पर कमरा' और 'महाविद्यालय'।

8. 'नौकर की कमीज' उपन्यास पर किस प्रसिद्ध निर्देशक ने फिल्म का निर्माण किया?

उत्तर: मणि कौल ने।

9. विनोद कुमार शुक्ल को 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' किस वर्ष मिला?

उत्तर: 1990 ई० में।

10. 'मछली' कहानी लेखक के किस कहानी-संग्रह से ली गई है?

उत्तर: 'महाविद्यालय' से।

11. बाजार से झोले में कुल कितनी मछलियाँ खरीदी गई थीं?

उत्तर: तीन मछलियाँ।

12. झोले में कितनी मछलियाँ जीवित थीं और कितनी मर चुकी थीं?

उत्तर: दो मछलियाँ जीवित थीं और एक मर चुकी थी।

13. बच्चे मछली को कहाँ डालकर बड़ा करना चाहते थे?

उत्तर: घर के कुएँ में।

14. बारिश में भीगने से बचने के लिए संतू कहाँ खड़ा हो गया था?

उत्तर: एक मकान के नीचे।

15. घर पहुँचकर मछलियों को कहाँ रखा गया?

उत्तर: नहानघर (बाथरूम) में पानी से भरी बाल्टी में।

16. घर की नाली शहर से तीन मील दूर किस नदी में मिलती थी?

उत्तर: मोहरा नदी में।

17. दीदी के अनुसार मरी हुई मछली की आँखों में क्या नहीं दिखाई देती?

उत्तर: अपनी परछाईं (छाया)।

18. लेखक के घर में मछली कौन खाता था?

उत्तर: केवल पिताजी।

19. घर में मछली कौन काटा करता था?

उत्तर: घर का नौकर भग्गू।

20. मछली काटने के लिए किसका उपयोग किया जाता था?

उत्तर: एक विशेष पाटे और राख का।

21. भीगे हुए संतू के बाल किसने सँवारे और कपड़े बदले?

उत्तर: दीदी ने।

22. संतू मछली लेकर अचानक क्यों भागा?

उत्तर: मछली को कटने से बचाने और कुएँ में डालने के लिए।

23. संतू के पीछे कौन दौड़ा?

उत्तर: भग्गू (नौकर)।

24. कुएँ के पास संतू मछली को कहाँ छिपाए हुए लेटा था?

उत्तर: अपने पेट के नीचे जमीन पर।

25. पिताजी ने भग्गू से किसके हाथ-पैर तोड़ने को कहा?

उत्तर: नरेन के, यदि वह घर में घुसे।

26. कमरे में करवट लिए सिसक-सिसक कर कौन रो रही थी?

उत्तर: दीदी।

27. मछली छूने से पहले संतू को क्या डर था?

उत्तर: कि मछली उसे काट लेगी।

28. माँ घर के किस कोने में क्या कर रही थी?

उत्तर: माँ चूल्हे के पास मछली के लिए मसाला पीस रही थी।

29. विनोद कुमार शुक्ल को 1992 ई० में कौन-सा पुरस्कार मिला था?

उत्तर: रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार।

30. विनोद कुमार शुक्ल को 1997 ई० में किस सम्मान से नवाजा गया?

उत्तर: दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान।

भाग 2: लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 31 से 45)
31. बच्चे बाजार से भागते हुए घर क्यों आ रहे थे?

उत्तर: ताकि झोले में रखी मछलियाँ बिना पानी के रास्ते में ही दम न तोड़ दें; वे उन्हें जल्दी से जल्दी पानी में डालना चाहते थे।

32. बच्चे मछली को लेकर क्या योजना बना रहे थे?

उत्तर: वे पिताजी से एक जीवित मछली माँगकर कुएँ में डालना चाहते थे, ताकि जब मन करे बाल्टी से निकालकर उसके साथ खेलें और फिर कुएँ में छोड़ दें।

33. मछली जीवित है या मर गई, इसकी पहचान कैसे की गई?

उत्तर: दीदी के अनुसार मरी मछली की आँखों में परछाईं नहीं दिखती। लेखक ने जब मछली की आँखों में देखा तो धुंधली परछाईं दिखी, जिससे लगा कि उसमें थोड़ी जान बची है।

34. लेखक के घर में मछली बनाने को लेकर माँ का क्या रुख था?

उत्तर: माँ को घर में मछली या गोश्त बनना बिल्कुल पसंद नहीं था, किंतु पिताजी के लिए विवश होकर वे केवल मसाला पीसने का काम करती थीं।

35. संतू मछली छूने से क्यों डर रहा था?

उत्तर: छोटे बच्चे के मन में यह बाल-सुलभ वहम और भय था कि मछली उसे उँगली में काट लेगी।

36. दीदी के कमरे का दृश्य कैसा था जब लेखक अंदर गया?

उत्तर: दीदी अपनी पहनी हुई साड़ी से सिर ढके, करवट लिए सिसक-सिसक कर रो रही थीं और हिचकी लेते समय उनका पूरा शरीर सिहर उठता था।

37. भग्गू मछली काटने की तैयारी किस प्रकार करता था?

उत्तर: वह परछी से पाटा निकालता, उस पर चूल्हे की राख मलता, मछली को उठाकर पत्थर पर दो-तीन बार पटकता और फिर एक ही झटके में गर्दन काट देता था।

38. संतू मछली लेकर क्यों भागा और इसका क्या परिणाम हुआ?

उत्तर: संतू मछली को कटने से बचाना चाहता था। वह उसे कुएँ में डालने भागा, किंतु भग्गू ने उसे पकड़ लिया और मछली छीन ली।

39. पिताजी नरेन पर क्यों क्रोधित थे?

उत्तर: नरेन शायद दीदी से मिलने आता था, जो पिताजी को पसंद नहीं था; इसलिए उन्होंने गुस्से में भग्गू से कहा कि यदि नरेन घर आए तो उसके हाथ-पैर तोड़ देना।

40. 'मछली' कहानी में दीदी और मछली के बीच क्या समानता दिखाई गई है?

उत्तर: दोनों ही पितृसत्तात्मक परिवार की बंदिशों, पीड़ा और विवशता में तड़प रही हैं; जिस तरह मछली बाल्टी में छटपटाती है, उसी तरह दीदी घर के भीतर असहाय होकर रोती हैं।

41. विनोद कुमार शुक्ल की भाषा और शिल्प की क्या विशेषता है?

उत्तर: उनकी भाषा सादी, मितकथन युक्त और घरेलू होती है। वे एक बच्चे के सरल दृष्टिकोण के माध्यम से जीवन के जटिल यथार्थ को मार्मिक रूप से उजागर करते हैं।

42. मोहरा नदी का उल्लेख कहानी में किस संदर्भ में आया है?

उत्तर: लेखक याद करता है कि घर की नाली बड़ी नाली से मिलकर अंततः शहर से तीन मील दूर स्थित मोहरा नदी में जाकर गिरती है।

43. संतू उदास क्यों हो गया था?

उत्तर: जब उसे पता चला कि भग्गू अभी पाटे पर रखकर मछलियों को काट डालेगा, तो उसका मासूम हृदय दुखी हो गया।

44. मछली कटने के बाद लेखक ने नहानघर में क्या किया?

उत्तर: लेखक ने बाल्टी के पानी को हाथ से खंगाला और पूरी बाल्टी नाली में उलट दी; पूरे घर में मछली की गंध फैल गई थी।

45. 'महाविद्यालय' पुस्तक का लेखक के साहित्यिक जीवन में क्या स्थान है?

उत्तर: 'महाविद्यालय' उनका अत्यंत चर्चित कहानी संग्रह है, जिसमें मध्यमवर्गीय जीवन के अंतर्द्वंद्व और संवेदनाओं को गहरी प्रतीकात्मकता के साथ रचा गया है।

भाग 3: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 46 से 50)
46. 'मछली' कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर: 'मछली' निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार के अंतर्संबंधों और बाल-मनोविज्ञान को उजागर करने वाली संवेदनशील कहानी है। पिताजी बाजार से तीन मछलियाँ लाते हैं। बच्चे (लेखक और संतू) उन्हें कुएँ में पालने का सपना देखते हैं। घर आकर वे नहानघर की बाल्टी में मछलियाँ डालते हैं और उनकी जीवन-लीला को कौतूहल से देखते हैं। घर में माँ को मांस-मछली पसंद नहीं, पर वे केवल पिताजी के लिए मसाला पीसती हैं। जब नौकर भग्गू मछली काटने लगता है, तो संतू एक मछली उठाकर कुएँ की ओर भागता है। भग्गू उससे मछली छीन लेता है। इसी बीच दीदी कमरे में बंद होकर सिसक-सिसक कर रो रही हैं और पिताजी गुस्से में नरेन के हाथ-पैर तोड़ने का फरमान सुनाते हैं। अंततः मछलियाँ कट जाती हैं और घर में एक अजीब-सी उदासी व गंध फैल जाती है।

47. 'मछली' कहानी के माध्यम से समाज में स्त्रियों की स्थिति और पारिवारिक तनाव का जो चित्रण हुआ है, उसकी समीक्षा कीजिए।

उत्तर: कहानी केवल बाल-सुलभ कौतूहल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार में पुरुष-प्रधान सत्ता और स्त्रियों की लाचारी का मार्मिक दस्तावेज है। परिवार में पिताजी का आतंक और प्रभुत्व है। माँ अपनी नापसंदगी के बाद भी विरोध नहीं कर पातीं और चुपचाप मसाला पीसती हैं। दीदी की व्यक्तिगत भावनाएँ और पसंद कुचली जाती हैं; वे कमरे में बंद होकर रोने को विवश हैं। जिस प्रकार मछलियाँ पानी से बाहर आकर असहाय तड़पती हैं और उनका अंत निश्चित होता है, उसी प्रकार घर की स्त्रियाँ भी पारिवारिक दबावों और कठोर अनुशासन में अपनी इच्छाओं को घोंटकर जीने को मजबूर हैं।

48. 'मछली' कहानी में 'संतू' के चरित्र की प्रमुख विशेषताओं का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर: संतू कहानी का सबसे मासूम और कोमल हृदय वाला बाल पात्र है:

  • भोलापन व दयालुता: वह मछली को कटते हुए देखकर सहम जाता है और उसे जीवित रखने की हर संभव कोशिश करता है।
  • निडर बाल-हठ: मछली को बचाने के लिए वह नौकर भग्गू की परवाह किए बिना मछली लेकर सरपट भाग निकलता है और कुएँ के पास जमीन पर लेटकर उसे अपने पेट से छिपा लेता है।
  • अहिंसक प्रवृत्ति: वह हिंसा और हत्या को स्वीकार नहीं कर पाता; उसका हृदय केवल प्रेम और सुरक्षा की भाषा समझता है।

49. 'मछली' शीर्षक की सार्थकता और प्रतीकात्मकता स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: कहानी का शीर्षक 'मछली' पूर्णतः सटीक और बहुअर्थी है। बाह्य स्तर पर पूरी कथा तीन मछलियों को खरीदने, घर लाने, पालने की इच्छा और अंततः कटने के इर्द-गिर्द घूमती है। प्रतीकात्मक स्तर पर 'मछली' घर की लाचार दीदी, असहाय माँ और संवेदनशील बाल-मन (संतू) की प्रतीक है। जिस प्रकार मछली अपने प्राकृतिक परिवेश (नदी/जल) से अलग होकर छटपटाती है, उसी तरह परिवार के कमजोर सदस्य दमनकारी माहौल में घुटते हैं। अतः यह शीर्षक कहानी के मर्म को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करता है।

50. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए:
"महानघर में जाकर मुझे लगा कि मछलियों की गंध आ रही है। बाल्टी के पास बैठकर मैंने पानी को हाथ से गोल-गोल खंगाला। फिर बाल्टी को उलट दिया तो नहानघर की नाली क्षणभर को पूरी भर गई, फिर बिल्कुल खाली हो गई। पूरे घर में मछलियों की जैसे गंध आ रही थी।"

उत्तर:

  • प्रसंग: प्रस्तुत गद्यांश विनोद कुमार शुक्ल द्वारा रचित प्रसिद्ध कहानी 'मछली' से उद्धृत है।
  • व्याख्या: मछलियों के कट जाने और परिवार के तनावपूर्ण वातावरण के बाद लेखक उदास मन से नहानघर में जाता है। वहाँ खाली बाल्टी और पानी का उलट जाना बच्चों के सपनों और एक निर्दोष जीवन के समाप्त हो जाने का प्रतीक है। नाली का पल भर में भरकर खाली हो जाना यह दर्शाता है कि जीवन की खुशियाँ और मासूम उम्मीदें कितनी क्षणभंगुर थीं। पूरे घर में फैली मछली की गंध केवल भौतिक गंध नहीं, बल्कि घर में व्याप्त हिंसा, लाचारी, पारिवारिक कलह और दीदी के आंसुओं से उपजी उदासी की गंध है जो पूरे परिवेश को भारी बना देती है।

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