Chapter 1. श्रम विभाजन और जाति प्रथा | BSEB 10 Hindi Objective


श्रम विभाजन और जाति प्रथा - Objective Questions

श्रम विभाजन और जाति प्रथा - वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)

कक्षा 10, हिन्दी (गोधूलि भाग 2, गद्य-खंड पाठ 1 - डॉ० भीमराव आंबेडकर) | 50 महत्वपूर्ण प्रश्न, उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या

1. 'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' शीर्षक पाठ के लेखक कौन हैं?
  • (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
  • (B) महात्मा गाँधी
  • (C) नलिन विलोचन शर्मा
  • (D) डॉ० रामविलास शर्मा
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
व्याख्या: 'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' भारतीय संविधान के निर्माता और प्रख्यात विधिवेत्ता डॉ० भीमराव आंबेडकर द्वारा रचित है।
2. बाबा साहेब डॉ० भीमराव आंबेडकर का जन्म कब हुआ था?
  • (A) 14 अप्रैल 1891 ई०
  • (B) 2 अक्टूबर 1869 ई०
  • (C) 18 फरवरी 1916 ई०
  • (D) 10 अक्टूबर 1912 ई०
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) 14 अप्रैल 1891 ई०
व्याख्या: बाबा साहेब का जन्म 14 अप्रैल 1891 ई० को हुआ था।
3. डॉ० भीमराव आंबेडकर का जन्म कहाँ हुआ था?
  • (A) महू, मध्य प्रदेश
  • (B) नागरा, बलिया (उत्तर प्रदेश)
  • (C) बदरघाट, पटना (बिहार)
  • (D) अमरावती, महाराष्ट्र
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) महू, मध्य प्रदेश
व्याख्या: इनका जन्म मध्य प्रदेश के 'महू' नामक छावनी क्षेत्र में एक दलित परिवार में हुआ था।
4. प्राथमिक शिक्षा के बाद बाबा साहेब किसके प्रोत्साहन पर उच्चतर शिक्षा के लिए न्यूयॉर्क (अमेरिका) गए?
  • (A) बड़ौदा नरेश के प्रोत्साहन पर
  • (B) ग्वालियर नरेश
  • (C) दरभंगा महाराज
  • (D) ब्रिटिश सरकार
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) बड़ौदा नरेश के प्रोत्साहन पर
व्याख्या: बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ के प्रोत्साहन और छात्रवृत्ति पर वे उच्च शिक्षा हेतु न्यूयॉर्क गए।
5. डॉ० आंबेडकर उच्चतर शिक्षा हेतु न्यूयॉर्क के बाद कहाँ गए?
  • (A) लंदन (इंग्लैंड)
  • (B) पेरिस (फ्रांस)
  • (C) बर्लिन (जर्मनी)
  • (D) टोक्यो (जापान)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) लंदन (इंग्लैंड)
व्याख्या: वे न्यूयॉर्क (अमेरिका) से आगे की पढ़ाई और वकालत के लिए लंदन (इंग्लैंड) गए।
6. बाबा साहेब के चिंतन और रचनात्मकता के मुख्यतः कितने प्रेरक व्यक्ति रहे?
  • (A) तीन (बुद्ध, कबीर और ज्योतिबा फुले)
  • (B) दो (गाँधी और नेहरू)
  • (C) चार
  • (D) एक
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) तीन (बुद्ध, कबीर और ज्योतिबा फुले)
व्याख्या: उनके चिंतन और दर्शन के मुख्य प्रेरक महामानव गौतम बुद्ध, संत कबीर और समाज सुधारक ज्योतिबा फुले थे।
7. भारतीय संविधान के निर्माण में महती भूमिका के कारण बाबा साहेब को किस रूप में याद किया जाता है?
  • (A) भारतीय संविधान का निर्माता (संविधान के जनक)
  • (B) राष्ट्रपिता
  • (C) राष्ट्रकवि
  • (D) लोकनायक
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) भारतीय संविधान का निर्माता (संविधान के जनक)
व्याख्या: संविधान निर्माण में अद्वितीय योगदान के कारण उन्हें 'भारतीय संविधान का निर्माता' कहा जाता है।
8. डॉ० भीमराव आंबेडकर का निधन कब और कहाँ हुआ था?
  • (A) दिसंबर, 1956 ई० में, दिल्ली में
  • (B) 1948 ई० में, मुंबई में
  • (C) 1961 ई० में, पटना में
  • (D) 1950 ई० में, नागपुर में
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) दिसंबर, 1956 ई० में, दिल्ली में
व्याख्या: 6 दिसंबर 1956 ई० को दिल्ली में बाबा साहेब का महापरिनिर्वाण (निधन) हुआ।
9. 'द कास्ट्स इन इंडिया : देयर मैकेनिज्म' किसकी प्रमुख रचना है?
  • (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
  • (B) महात्मा गाँधी
  • (C) मैक्समूलर
  • (D) गुणाकर मुले
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
व्याख्या: यह समाजशास्त्रीय शोध ग्रंथ बाबा साहेब द्वारा अंग्रेजी में रचित है।
10. 'जेनेसिस एंड डेवलपमेंट' और 'द अनटचेबल्स, हू आर दे' के लेखक कौन हैं?
  • (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
  • (B) दिनकर
  • (C) अज्ञेय
  • (D) अमरकांत
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
व्याख्या: ये दोनों पुस्तकें डॉ० आंबेडकर की प्रसिद्ध रचनाएँ हैं।
11. 'हू आर शूद्राज' और 'बुद्धा एंड हिज धम्मा' किस विद्वान की कृतियाँ हैं?
  • (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
  • (B) राहुल सांकृत्यायन
  • (C) हजारी प्रसाद द्विवेदी
  • (D) यतींद्र मिश्र
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
व्याख्या: ये दोनों कालजयी ग्रंथ डॉ० आंबेडकर द्वारा लिखे गए हैं।
12. 'थॉट्स ऑन लिंग्विस्टिक स्टेट्स' और 'द राइज एंड फॉल ऑफ द हिन्दू वीमेन' किसकी रचनाएँ हैं?
  • (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
  • (B) स्वामी विवेकानंद
  • (C) दयानंद सरस्वती
  • (D) राजा राममोहन राय
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
व्याख्या: भाषा और महिला अधिकारों पर केंद्रित ये पुस्तकें बाबा साहेब की हैं।
13. 'एनिहिलेशन ऑफ कास्ट' (Annihilation of Caste) के रचनाकार कौन हैं?
  • (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
  • (B) महात्मा गाँधी
  • (C) जवाहरलाल नेहरू
  • (D) सरदार पटेल
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) डॉ० भीमराव आंबेडकर
व्याख्या: 'एनिहिलेशन ऑफ कास्ट' डॉ० आंबेडकर का सबसे प्रसिद्ध भाषण/ग्रंथ है।
14. भारत सरकार के कल्याण मंत्रालय द्वारा 'बाबा साहेब आंबेडकर संपूर्ण वाङ्मय' कितने खंडों में प्रकाशित हो चुका है?
  • (A) 21 खंडों में
  • (B) 10 खंडों में
  • (C) 15 खंडों में
  • (D) 25 खंडों में
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) 21 खंडों में
व्याख्या: भारत सरकार के कल्याण मंत्रालय द्वारा उनका समग्र साहित्य 21 खंडों में प्रकाशित किया गया है।
15. 'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' पाठ 'एनिहिलेशन ऑफ कास्ट' के किस हिंदी रूपांतर से किंचित संपादन के साथ लिया गया है?
  • (A) 'जाति-भेद का उच्छेद' (ललई सिंह यादव द्वारा अनूदित)
  • (B) अछूत कौन
  • (C) वर्ण व्यवस्था
  • (D) देशांतर
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) 'जाति-भेद का उच्छेद' (ललई सिंह यादव द्वारा अनूदित)
व्याख्या: यह पाठ ललई सिंह यादव द्वारा किए गए अनुवाद 'जाति-भेद का उच्छेद' से संकलित है।
16. 'एनिहिलेशन ऑफ कास्ट' मूल रूप से किस संस्था के सम्मेलन (1936) के अध्यक्षीय भाषण के रूप में तैयार किया गया था?
  • (A) 'जाति-पाँति तोड़क मंडल' (लाहौर)
  • (B) सर्वोदय मंडल
  • (C) कांग्रेस महाधिवेशन
  • (D) प्रार्थना समाज
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) 'जाति-पाँति तोड़क मंडल' (लाहौर)
व्याख्या: यह सन् 1936 में लाहौर में आयोजित 'जाति-पाँति तोड़क मंडल' के वार्षिक सम्मेलन के लिए तैयार किया गया था।
17. लाहौर का वह सम्मेलन स्थगित क्यों हो गया था?
  • (A) आयोजकों की आंबेडकर के क्रांतिकारी विचारों से पूर्ण सहमति न बनने के कारण
  • (B) बारिश के कारण
  • (C) सरकार की रोक के कारण
  • (D) दंगे हो जाने के कारण
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) आयोजकों की आंबेडकर के क्रांतिकारी विचारों से पूर्ण सहमति न बनने के कारण
व्याख्या: सम्मेलन के आयोजक बाबा साहेब के अत्यंत क्रांतिकारी विचारों को पचा नहीं पाए, जिससे सहमति न बनने पर सम्मेलन स्थगित हो गया।
18. 'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' साहित्य की किस विधा की रचना है?
  • (A) निबंध / वैचारिक भाषण
  • (B) कहानी
  • (C) नाटक
  • (D) आत्मकथा
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) निबंध / वैचारिक भाषण
व्याख्या: यह एक गंभीर सामाजिक और तार्किक निबंध (भाषण का संपादित रूप) है।
19. लेखक के अनुसार आधुनिक युग में भी किसकी कमी नहीं होना विडंबना की बात है?
  • (A) 'जातिवाद' के पोषकों (समर्थकों) की
  • (B) विद्वानों की
  • (C) धन की
  • (D) साधनों की
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) 'जातिवाद' के पोषकों (समर्थकों) की
व्याख्या: पाठ का आरंभ होता है: "यह विडंबना की ही बात है कि इस युग में भी 'जातिवाद' के पोषकों की कमी नहीं है।"
20. जातिवाद के समर्थक इसके समर्थन में क्या तर्क देते हैं?
  • (A) कि आधुनिक सभ्य समाज 'कार्य-कुशलता' के लिए श्रम विभाजन को आवश्यक मानता है
  • (B) कि यह धर्म का आदेश है
  • (C) कि यह ईश्वर की इच्छा है
  • (D) कि इससे धन बढ़ता है
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) कि आधुनिक सभ्य समाज 'कार्य-कुशलता' के लिए श्रम विभाजन को आवश्यक मानता है
व्याख्या: समर्थक तर्क देते हैं कि कार्य-कुशलता के लिए श्रम विभाजन जरूरी है और जाति प्रथा भी श्रम विभाजन का ही रूप है।
21. जातिवाद के समर्थकों के तर्क पर लेखक की पहली आपत्ति क्या है?
  • (A) जाति प्रथा केवल श्रम का विभाजन नहीं करती, बल्कि श्रमिकों का भी अस्वाभाविक विभाजन करती है
  • (B) यह बहुत पुरानी है
  • (C) इसमें खर्च अधिक होता है
  • (D) यह केवल भारत में है
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) जाति प्रथा केवल श्रम का विभाजन नहीं करती, बल्कि श्रमिकों का भी अस्वाभाविक विभाजन करती है
व्याख्या: जाति प्रथा केवल काम को नहीं बाँटती, बल्कि समाज के जीते-जागते श्रमिकों को भी विभिन्न श्रेणियों में विभाजित कर देती है।
22. भारतीय जाति प्रथा की विश्व के अन्य समाजों से भिन्न क्या बुराई है?
  • (A) यह श्रमिकों को विभाजित करने के साथ-साथ एक-दूसरे की अपेक्षा ऊँच-नीच का स्तर भी तय कर देती है
  • (B) यह सबको समान मानती है
  • (C) यह वैज्ञानिक है
  • (D) इसमें कोई बुराई नहीं
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) यह श्रमिकों को विभाजित करने के साथ-साथ एक-दूसरे की अपेक्षा ऊँच-नीच का स्तर भी तय कर देती है
व्याख्या: भारत की जाति प्रथा विभाजित वर्गों में श्रेणीबद्ध गैर-बराबरी (ऊँच-नीच) पैदा करती है, जो विश्व के किसी अन्य सभ्य समाज में नहीं पाई जाती।
23. जाति प्रथा को स्वाभाविक श्रम विभाजन क्यों नहीं माना जा सकता?
  • (A) क्योंकि यह मनुष्य की रुचि और व्यक्तिगत क्षमता पर आधारित नहीं है
  • (B) क्योंकि यह नया नियम है
  • (C) क्योंकि यह केवल विदेशियों के लिए है
  • (D) क्योंकि इसमें काम नहीं मिलता
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) क्योंकि यह मनुष्य की रुचि और व्यक्तिगत क्षमता पर आधारित नहीं है
व्याख्या: यह विभाजन मनुष्य की योग्यता, पसंद या रुचि के आधार पर न होकर जन्म पर थोपा जाता है।
24. एक सक्षम और कुशल समाज के निर्माण के लिए क्या आवश्यक है?
  • (A) व्यक्ति की क्षमता का इस सीमा तक विकास करना कि वह अपना पेशा या कार्य स्वयं चुन सके
  • (B) पैतृक धंधा थोपना
  • (C) सबको एक ही काम देना
  • (D) केवल खेती कराना
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) व्यक्ति की क्षमता का इस सीमा तक विकास करना कि वह अपना पेशा या कार्य स्वयं चुन सके
व्याख्या: समाज की प्रगति के लिए व्यक्ति को अपनी क्षमता अनुसार मनपसंद पेशा चुनने की पूर्ण स्वतंत्रता होनी चाहिए।
25. जाति प्रथा में मनुष्य का पेशा कब निर्धारित कर दिया जाता है?
  • (A) गर्भधारण के समय से ही (माता-पिता के सामाजिक स्तर के अनुसार)
  • (B) विद्यालय जाने पर
  • (C) 18 वर्ष का होने पर
  • (D) परीक्षा पास करने पर
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) गर्भधारण के समय से ही (माता-पिता के सामाजिक स्तर के अनुसार)
व्याख्या: जाति प्रथा में बच्चे की योग्यता देखे बिना गर्भधारण के समय ही माता-पिता की जाति अनुसार पेशा तय कर दिया जाता है।
26. जाति प्रथा मनुष्य को किस बंधन में बाँध देती है?
  • (A) जीवन भर के लिए किसी एक (चाहे अनुपयुक्त या अपर्याप्त हो) पेशे में
  • (B) केवल 10 वर्षों के लिए
  • (C) केवल विवाह तक
  • (D) कोई बंधन नहीं लगाती
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) जीवन भर के लिए किसी एक (चाहे अनुपयुक्त या अपर्याप्त हो) पेशे में
व्याख्या: यह व्यक्ति को आजीवन एक ही पुश्तैनी पेशे में बाँध देती है, चाहे उससे पेट भरना संभव हो या न हो।
27. आधुनिक युग में उद्योग-धंधों की तकनीक में परिवर्तन होने पर मनुष्य को किसकी आवश्यकता पड़ती है?
  • (A) अपना पेशा बदलने की
  • (B) देश छोड़ने की
  • (C) धर्म बदलने की
  • (D) पढ़ाई छोड़ने की
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) अपना पेशा बदलने की
व्याख्या: नई तकनीकों के आने पर पुराने काम अप्रासंगिक हो जाते हैं, जिससे पेशा बदलना अनिवार्य हो जाता है।
28. पेशा बदलने की अनुमति न होने पर मनुष्य के सामने क्या संकट आ खड़ा होता है?
  • (A) भुखमरी और बेकारी (बेरोजगारी) का
  • (B) अधिक धन का
  • (C) आराम का
  • (D) सम्मान का
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) भुखमरी और बेकारी (बेरोजगारी) का
व्याख्या: पेशा बदलने की स्वतंत्रता न होने से व्यक्ति के सामने भूखों मरने और बेरोजगार होने की नौबत आ जाती है।
29. भारत में जाति प्रथा किस गंभीर समस्या का एक प्रमुख व प्रत्यक्ष कारण बनी हुई है?
  • (A) बेरोजगारी की समस्या का
  • (B) निरक्षरता का
  • (C) प्रदूषण का
  • (D) महँगाई का
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) बेरोजगारी की समस्या का
व्याख्या: पेशा परिवर्तन की छूट न देने के कारण जाति प्रथा प्रत्यक्ष रूप से बेरोजगारी को जन्म देती है।
30. अरुचि और विवशता से किया गया काम मनुष्य को किस ओर प्रवृत्त करता है?
  • (A) दुर्भावना से ग्रस्त रहकर टालू काम करने और कम काम करने की ओर
  • (B) बहुत तेजी से काम करने की ओर
  • (C) अत्यधिक धन कमाने की ओर
  • (D) वैज्ञानिक बनने की ओर
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) दुर्भावना से ग्रस्त रहकर टालू काम करने और कम काम करने की ओर
व्याख्या: जिस काम में दिल और दिमाग न लगे, उसमें व्यक्ति कामचोर, टालू और अकुशल बन जाता है।
31. आर्थिक पहलू से भी जाति प्रथा कैसी प्रथा सिद्ध होती है?
  • (A) अत्यधिक हानिकारक प्रथा
  • (B) लाभकारी प्रथा
  • (C) वैज्ञानिक प्रथा
  • (D) आदर्श प्रथा
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) अत्यधिक हानिकारक प्रथा
व्याख्या: क्योंकि यह मनुष्य की स्वाभाविक प्रेरणा, रुचि और आत्म-शक्ति को दबाकर उसे अस्वाभाविक नियमों में जकड़ देती है।
32. डॉ० आंबेडकर की दृष्टि में 'आदर्श समाज' किन तीन मूल्यों पर आधारित होना चाहिए?
  • (A) स्वतंत्रता, समता और भ्रातृत्व (भाईचारा)
  • (B) धन, संपत्ति और बल
  • (C) धर्म, जाति और वर्ण
  • (D) राजा, प्रजा और दंड
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) स्वतंत्रता, समता और भ्रातृत्व (भाईचारा)
व्याख्या: बाबा साहेब का आदर्श समाज फ्रांसीसी क्रांति के तीन मूल सिद्धांतों—स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व पर आधारित है।
33. किसी भी आदर्श समाज में कैसी गतिशीलता होनी चाहिए?
  • (A) जिससे कोई भी वांछित परिवर्तन समाज के एक छोर से दूसरे छोर तक सहज ही संचरित हो सके
  • (B) जो कभी न बदले
  • (C) जो केवल अमीरों तक सीमित रहे
  • (D) अत्यंत धीमी
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) जिससे कोई भी वांछित परिवर्तन समाज के एक छोर से दूसरे छोर तक सहज ही संचरित हो सके
व्याख्या: समाज में इतनी तरलता और खुलापन होना चाहिए कि अच्छे विचार और सुधार पूरे समाज में तुरंत फैल सकें।
34. सच्चे भाईचारे का वास्तविक रूप लेखक ने किसके मिश्रण जैसा बताया है?
  • (A) दूध और पानी के मिश्रण की तरह
  • (B) तेल और पानी की तरह
  • (C) नमक और पानी की तरह
  • (D) बालू और चीनी की तरह
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) दूध और पानी के मिश्रण की तरह
व्याख्या: लेखक ने कहा कि जैसे दूध और पानी मिलकर एक हो जाते हैं, वैसे ही भाईचारे का वास्तविक स्वरूप होना चाहिए।
35. 'दूध-पानी के मिश्रण की तरह भाईचारे' का दूसरा नाम लेखक ने क्या दिया है?
  • (A) लोकतंत्र (Democracy)
  • (B) राजतंत्र
  • (C) साम्यवाद
  • (D) समाजवाद
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) लोकतंत्र (Democracy)
व्याख्या: पाठ के अनुसार, दूध-पानी के मेल रूपी सच्चे बंधुत्व का दूसरा नाम ही 'लोकतंत्र' है।
36. डॉ० आंबेडकर के अनुसार 'लोकतंत्र' केवल शासन की एक पद्धति नहीं, बल्कि क्या है?
  • (A) सामूहिक जीवनचर्या की एक रीति तथा समाज के सम्मिलित अनुभवों के आदान-प्रदान का नाम
  • (B) केवल चुनाव जीतना
  • (C) केवल कानून बनाना
  • (D) संसद में भाषण देना
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) सामूहिक जीवनचर्या की एक रीति तथा समाज के सम्मिलित अनुभवों के आदान-प्रदान का नाम
व्याख्या: लोकतंत्र मूलतः सहजीवन की एक शैली, सामाजिक समानता और परस्पर अनुभवों के आदान-प्रदान का जीवंत नाम है।
37. लोकतंत्र के लिए अपने साथियों के प्रति किस भाव का होना नितांत आवश्यक है?
  • (A) श्रद्धा व सम्मान का भाव
  • (B) भय और शंका का भाव
  • (C) घृणा का भाव
  • (D) ईर्ष्या का भाव
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) श्रद्धा व सम्मान का भाव
व्याख्या: लोकतंत्र की सफलता के लिए नागरिकों के भीतर एक-दूसरे के प्रति आदर, सम्मान और श्रद्धा की भावना आवश्यक है।
38. 'विडंबना' शब्द का सही अर्थ क्या होता है?
  • (A) उपहास / उपहास का विषय (Irony)
  • (B) उपहार
  • (C) विपत्ति
  • (D) विकास
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) उपहास / उपहास का विषय (Irony)
व्याख्या: विडंबना का अर्थ उपहासजनक स्थिति, विसंगति या तर्कहीन स्थिति होता है।
39. 'पोषक' शब्द का विलोम क्या होगा?
  • (A) शोषक / संहारक
  • (B) रक्षक
  • (C) पोषक
  • (D) पालक
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) शोषक / संहारक
व्याख्या: पोषक (पालन/समर्थन करने वाला) का विपरीतार्थक शब्द शोषक या विनाशक होता है।
40. 'श्रम विभाजन' का शाब्दिक अर्थ क्या है?
  • (A) कार्यों या व्यवसायों का समाज में बँटवारा (Division of Labour)
  • (B) केवल मजदूरी करना
  • (C) काम छोड़ देना
  • (D) आलस्य करना
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) कार्यों या व्यवसायों का समाज में बँटवारा (Division of Labour)
व्याख्या: विभिन्न कार्यों और व्यवसायों को अलग-अलग व्यक्तियों या समूहों में बाँटना श्रम विभाजन कहलाता है।
41. 'अस्वाभाविक' का सही संधि-विच्छेद/उपसर्ग क्या है?
  • (A) अ + स्वाभाविक (जहाँ 'अ' निषेधवाचक उपसर्ग है)
  • (B) अस् + वाभाविक
  • (C) अस्वे + भाविक
  • (D) अस्व + भाविक
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) अ + स्वाभाविक (जहाँ 'अ' निषेधवाचक उपसर्ग है)
व्याख्या: 'स्वाभाविक' में 'अ' उपसर्ग जुड़ने से 'अस्वाभाविक' (जो प्राकृतिक न हो) बनता है।
42. 'भ्रातृत्व' शब्द का क्या तात्पर्य है?
  • (A) भाईचारा / बंधुत्व (Fraternity)
  • (B) शत्रुता
  • (C) पिता का भाव
  • (D) पुत्र का भाव
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) भाईचारा / बंधुत्व (Fraternity)
व्याख्या: भ्रातृत्व का अर्थ समाज के सभी सदस्यों के बीच भाईचारे और परस्पर स्नेह का संबंध है।
43. जाति प्रथा मनुष्य की किस शक्ति को दबा देती है?
  • (A) स्वाभाविक प्रेरणा, आत्म-शक्ति और रचनात्मक रुचि को
  • (B) केवल शारीरिक बल को
  • (C) बोलने की शक्ति को
  • (D) देखने की शक्ति को
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) स्वाभाविक प्रेरणा, आत्म-शक्ति और रचनात्मक रुचि को
व्याख्या: यह व्यक्ति के अंतर्निहित सामर्थ्य, मौलिक रुचि और आत्म-विकास की शक्ति को कुचल देती है।
44. जाति प्रथा किस प्रकार के समाज का लक्षण मानी गई है?
  • (A) मध्ययुगीन रूढ़िवादी और अस्वस्थ समाज का
  • (B) आधुनिक वैज्ञानिक समाज का
  • (C) प्रगतिशील समाज का
  • (D) आदर्श समाज का
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) मध्ययुगीन रूढ़िवादी और अस्वस्थ समाज का
व्याख्या: यह मध्ययुगीन सामंती व्यवस्था का सड़ा-गला अवशेष है जो आधुनिक लोकतांत्रिक चेतना के प्रतिकूल है।
45. लेखक ने जाति प्रथा को किस दृष्टि से अमानवीय और अनुपयुक्त सिद्ध किया है?
  • (A) मानवीयता, नैसर्गिक न्याय और सामाजिक सद्भाव की दृष्टि से
  • (B) केवल धार्मिक दृष्टि से
  • (C) केवल कानूनी दृष्टि से
  • (D) राजनीतिक लाभ की दृष्टि से
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) मानवीयता, नैसर्गिक न्याय और सामाजिक सद्भाव की दृष्टि से
व्याख्या: बाबा साहेब ने प्राकृतिक न्याय, समता और मानवीय अधिकारों के धरातल पर जाति प्रथा का खंडन किया है।
46. "जाति प्रथा पेशे का दोषपूर्ण ______ ही नहीं करती बल्कि मनुष्य को जीवन भर के लिए बाँध देती है।"
  • (A) पूर्वनिर्धारण
  • (B) चुनाव
  • (C) विकास
  • (D) सम्मान
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) पूर्वनिर्धारण
व्याख्या: पाठ की पंक्ति है: "जाति प्रथा पेशे का दोषपूर्ण पूर्वनिर्धारण ही नहीं करती बल्कि..."।
47. 'संचरित' शब्द का क्या अर्थ है?
  • (A) प्रवाहित होना / एक स्थान से दूसरे स्थान तक फैलना
  • (B) रुक जाना
  • (C) नष्ट होना
  • (D) संचित करना
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) प्रवाहित होना / एक स्थान से दूसरे स्थान तक फैलना
व्याख्या: संचरित का अर्थ चलना, फैलना या तरंग की तरह चारों ओर प्रवाहित होना होता है।
48. हिंदू धर्म की जाति प्रथा किसी भी व्यक्ति को कौन-सा पेशा चुनने की अनुमति नहीं देती?
  • (A) जो उसका पैतृक पेशा न हो, भले ही वह उसमें पारंगत हो
  • (B) जो बहुत सरल हो
  • (C) जो नया हो
  • (D) जो लाभदायक हो
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) जो उसका पैतृक पेशा न हो, भले ही वह उसमें पारंगत हो
व्याख्या: परंपरागत नियम व्यक्ति को अपनी जाति के पुश्तैनी पेशे से बाहर जाने की छूट नहीं देते।
49. डॉ० भीमराव आंबेडकर का संपूर्ण जीवन किसके अधिकारों की लड़ाई में बीता?
  • (A) अछूतों (दलितों), स्त्रियों और मजदूरों के मानवीय अधिकार व सम्मान हेतु
  • (B) केवल राजाओं के लिए
  • (C) केवल विदेशी व्यापार के लिए
  • (D) केवल वकालत के लिए
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) अछूतों (दलितों), स्त्रियों और मजदूरों के मानवीय अधिकार व सम्मान हेतु
व्याख्या: बाबा साहेब ने समाज के वंचितों, शोषितों, महिलाओं और श्रमिकों को गरिमापूर्ण जीवन दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया।
50. 'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' निबंध का मुख्य संदेश क्या है?
  • (A) जन्म आधारित जाति प्रथा और गैर-बराबरी को समाप्त कर स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व पर आधारित समतामूलक लोकतांत्रिक समाज की स्थापना करना
  • (B) जाति व्यवस्था को मजबूत करना
  • (C) पुश्तैनी धंधा ही अपनाना
  • (D) श्रम विभाजन बंद कर देना
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (A) जन्म आधारित जाति प्रथा और गैर-बराबरी को समाप्त कर स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व पर आधारित समतामूलक लोकतांत्रिक समाज की स्थापना करना
व्याख्या: यह पाठ जातिवाद की संकीर्णता को तोड़कर स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय, व्यक्तिगत गरिमा और भाईचारे पर आधारित आदर्श समाज के निर्माण का आह्वान करता है।

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