BSEB 10 Sanskrit PYQs 2023


BSEB Class 10 Sanskrit 2023 Board Paper Solutions

BSEB Class 10 Board Exam 2023 - संस्कृत (Sanskrit)

सम्पूर्ण प्रश्नपत्र हल: 100 वस्तुनिष्ठ (MCQs) + 2 गद्यांश + 4 पत्रलेखनम् + 5 अनुच्छेद + 12 अनुवाद + 16 लघु उत्तरीय प्रश्न

खण्ड - 'अ' : 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (उत्तर एवं व्याख्या सहित)
1. 'सत्यस्य मुखं केन पात्रेण अपिहितम्?' (सत्य का मुख किस पात्र से ढका है?)
(A) हिरण्मयेन
(B) रजतमयेन
(C) ताम्रमयेन
(D) मृण्मयेन
उत्तर: (A) हिरण्मयेन व्याख्या: ईशावास्योपनिषद् के अनुसार सत्य का मुख सोने (हिरण्मय) जैसे चमकीले पात्र से ढका है।
2. 'सत्यमेव जयते नानृतम्' किस उपनिषद् से संकलित है?
(A) मुण्डकोपनिषद्
(B) कठोपनिषद्
(C) केनोपनिषद्
(D) ईशावास्योपनिषद्
उत्तर: (A) मुण्डकोपनिषद् व्याख्या: यह अमर वाक्य मुण्डकोपनिषद् (3.1.6) से लिया गया है।
3. जन्तु के हृदय रूपी गुफा में क्या स्थित है?
(A) तत्त्वम् (आत्मा)
(B) शरीरम्
(C) धनम्
(D) मनः
उत्तर: (A) तत्त्वम् (आत्मा) व्याख्या: "अणोरणीयान् महतो महीयान् आत्मानस्य जन्तोर्निहितो गुहायाम्"।
4. उपनिषद् किसके अन्तिम भाग में आते हैं?
(A) वैदिकवाङ्मयस्य
(B) दर्शनशास्त्रस्य
(C) पुराणस्य
(D) महाकाव्यस्य
उत्तर: (A) वैदिकवाङ्मयस्य व्याख्या: उपनिषद् वैदिक साहित्य के अंतिम भाग हैं, इसीलिए इन्हें 'वेदान्त' भी कहते हैं।
5. पाटलिपुत्र का इतिहास कितना प्राचीन माना जाता है?
(A) 2500 वर्ष (सार्धद्विसहस्र)
(B) 2000 वर्ष
(C) 1500 वर्ष
(D) 1000 वर्ष
उत्तर: (A) 2500 वर्ष (सार्धद्विसहस्र) व्याख्या: पाठ के अनुसार पाटलिपुत्र का इतिहास लगभग 2500 वर्षों का है।
6. 'कौमुदी महोत्सव' किस वंश के शासनकाल में मनाया जाता था?
(A) गुप्तवंशशासने
(B) मौर्यवंशे
(C) शुङ्गवंशे
(D) मुगलवंशे
उत्तर: (A) गुप्तवंशशासने व्याख्या: गुप्त साम्राज्य के काल में शरद ऋतु में कौमुदी महोत्सव अत्यधिक प्रचलित था।
7. पटना की पालिका देवी कौन हैं?
(A) पटनदेवी
(B) शीतलादेवी
(C) कालीमाता
(D) दुर्गादेवी
उत्तर: (A) पटनदेवी व्याख्या: पटना नगर की रक्षा करने वाली अधिष्ठात्री देवी 'पटनदेवी' पूजित हैं।
8. 'कूटनीतिमताख्य' काव्य के रचनाकार कौन हैं?
(A) दामोदरगुप्तः
(B) राजशेखरः
(C) बाणभट्टः
(D) कालिदासः
उत्तर: (A) दामोदरगुप्तः व्याख्या: दामोदरगुप्त ने कूटनीतिमताख्य काव्य में पाटलिपुत्र की तुलना स्वर्ग से की है।
9. 'अलसकथा' पाठ में किस दोष का निरूपण किया गया है?
(A) आलस्यस्य
(B) क्रोधस्य
(C) लोभस्य
(D) मोहस्य
उत्तर: (A) आलस्यस्य व्याख्या: यह पाठ मनुष्य के महानतम दुर्गुण 'आलस्य' के विनाशकारी प्रभावों को दर्शाता है।
10. घर में लगी आग को देखकर कौन भाग गए?
(A) धूर्ताः (बनावटी आलसी)
(B) आलसाः
(C) सेवकाः
(D) मन्त्रिणः
उत्तर: (A) धूर्ताः (बनावटी आलसी) व्याख्या: मुफ्त भोजन के लोभ में आए सभी कपटी व धूर्त आग देखकर तुरंत भाग निकले।
11. "अरे वाचाल! कितना बोलते हो, चुपचाप क्यों नहीं रहते?" किसने कहा था?
(A) चतुर्थः आलसः
(B) प्रथमः
(C) द्वितीयः
(D) तृतीयः
उत्तर: (A) चतुर्थः आलसः व्याख्या: चौथे आलसी ने बाकी तीनों से तंग आकर कहा—"तुष्णीं कथं न तिष्ठथ?"।
12. आलसियों का सच्चा रक्षक कौन होता है?
(A) कारुणिकः (दयावान्)
(B) राजा
(C) धनी
(D) मित्रम्
उत्तर: (A) कारुणिकः (दयावान्) व्याख्या: "अलसानां गतिः काचित् लोके कारुणिकं विना" अर्थात् केवल दयालु पुरुष ही उनकी रक्षा कर सकता है।
13. ऋग्वेद में कितनी मन्त्रदर्शनवती ऋषिकाओं का उल्लेख है?
(A) चतुर्विंशतिः (24)
(B) पञ्च (5)
(C) दश (10)
(D) विंशतिः (20)
उत्तर: (A) चतुर्विंशतिः (24) व्याख्या: ऋग्वेद में 24 तथा अथर्ववेद में 5 ऋषिकाओं का उल्लेख प्राप्त होता है।
14. 'सर्वशुक्ला सरस्वती' किसे कहा गया है?
(A) विजयाङ्काम्
(B) गार्गीम्
(C) मैत्रेयीम्
(D) क्षमारावम्
उत्तर: (A) विजयाङ्काम् व्याख्या: महाकवि दण्डी ने श्यामवर्ण होने पर भी विजयाङ्का को सर्वशुक्ला सरस्वती कहा।
15. 'ग्रामज्योति' काव्य की रचना किसने की?
(A) पण्डिता क्षमाराव
(B) तिरुमलाम्बा
(C) गङ्गादेवी
(D) पुष्पवती
उत्तर: (A) पण्डिता क्षमाराव व्याख्या: पण्डिता क्षमाराव ने 'ग्रामज्योति' नामक आधुनिक काव्य की रचना की।
16. 'अहो अमीषां किमकारि शोभनम्...' श्लोक किस पुराण से संकलित है?
(A) भागवतपुराणात्
(B) विष्णुपुराणात्
(C) पद्मपुराणात्
(D) शिवपुराणात्
उत्तर: (A) भागवतपुराणात् व्याख्या: भारतमहिमा पाठ का यह द्वितीय श्लोक भागवत पुराण से लिया गया है।
17. भारत की शोभा की प्रशंसा स्वयं कौन करते हैं?
(A) देवाः (श्रीहरिः)
(B) दानवाः
(C) पशवः
(D) राक्षसाः
उत्तर: (A) देवाः (श्रीहरिः) व्याख्या: देवता गीत गाकर भारतभूमि की दिव्यता की प्रशंसा करते हैं।
18. 'पुंसवन' संस्कार कब होता है?
(A) जन्मात् पूर्वम्
(B) मरणोत्तरम्
(C) शैशवे
(D) विवाहे
उत्तर: (A) जन्मात् पूर्वम् व्याख्या: पुंसवन जन्म से पहले होने वाले 3 संस्कारों में से एक है।
19. भारतीय संस्कारों की कुल संख्या कितनी है?
(A) 16 (षोडश)
(B) 12
(C) 14
(D) 20
उत्तर: (A) 16 (षोडश) व्याख्या: मानव जीवन को संस्कारित करने हेतु कुल 16 संस्कार विहित हैं।
20. कन्यादान किस संस्कार में मुख्य रूप से होता है?
(A) विवाह संस्कारे
(B) उपनयने
(C) कर्णवेधे
(D) समावर्तने
उत्तर: (A) विवाह संस्कारे व्याख्या: कन्यादान, लाजा-होम, सिन्दूरदान विवाह संस्कार के प्रमुख अंग हैं।
21. 'गोदान' किस संस्कार का मुख्य कर्म है?
(A) केशान्त संस्कारस्य
(B) विवाहस्य
(C) नामकरणस्य
(D) अन्त्येष्टेः
उत्तर: (A) केशान्त संस्कारस्य व्याख्या: केशान्त संस्कार में गुरु को गाय दान करने के कारण इसे गोदान संस्कार भी कहते हैं।
22. 'नीतिश्लोकाः' पाठ में कितने श्लोक संकलित हैं?
(A) दश (10)
(B) पञ्च (5)
(C) अष्ट (8)
(D) द्वादश (12)
उत्तर: (A) दश (10) व्याख्या: इस पाठ में विदुरनीति से 10 महत्त्वपूर्ण श्लोक संकलित किए गए हैं।
23. क्षमा किसका नाश करती है?
(A) क्रोधम्
(B) लोभम्
(C) अनर्थम्
(D) पापम्
उत्तर: (A) क्रोधम् व्याख्या: "हन्ति क्रोधं क्षमा" अर्थात् क्षमा सदैव क्रोध का शमन करती है।
24. रूप की रक्षा किससे होती है?
(A) मृजया (उबटन / स्वच्छता से)
(B) सत्येन
(C) विद्यया
(D) धनेन
उत्तर: (A) मृजया (उबटन / स्वच्छता से) व्याख्या: "मृजया रक्ष्यते रूपम्" अर्थात् स्वच्छता और उबटन से रूप सुंदर रहता है।
25. घर की शोभा कौन हैं?
(A) स्त्रियः (स्त्रियाँ)
(B) पुरुषाः
(C) पुत्राः
(D) धनम्
उत्तर: (A) स्त्रियः (स्त्रियाँ) व्याख्या: "स्त्रियः श्रियो गृहस्योक्ताः" अर्थात् स्त्रियाँ घर की लक्ष्मी और शोभा हैं।
26. 'कर्मवीर' रामप्रवेश राम ने किस परीक्षा में सर्वोच्च स्थान पाया?
(A) केन्द्रीय लोकसेवा परीक्षायाम् (UPSC)
(B) मैट्रिक परीक्षायाम्
(C) राज्य सेवायाम्
(D) सेना परीक्षायाम्
उत्तर: (A) केन्द्रीय लोकसेवा परीक्षायाम् (UPSC) व्याख्या: स्वाध्याय और निष्ठा से उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उच्च स्थान पाया।
27. भीखनटोला गाँव किस राज्य में है?
(A) बिहार राज्ये
(B) उत्तरप्रदेशे
(C) मध्यप्रदेशे
(D) ओडिशाराज्ये
उत्तर: (A) बिहार राज्ये व्याख्या: भीखनटोला बिहार का एक अत्यंत दुर्गम ग्रामीण अंचल है।
28. रामप्रवेश राम किसके शिक्षण से प्रभावित हुए?
(A) नवीनदृष्टिसम्पन्न शिक्षकस्य
(B) पितुः
(C) मन्त्रिणः
(D) राज्ञः
उत्तर: (A) नवीनदृष्टिसम्पन्न शिक्षकस्य व्याख्या: प्राथमिक विद्यालय के संवेदनशील शिक्षक के शिक्षण से बालक अत्यंत प्रभावित हुआ।
29. स्वामी दयानन्द का जन्म किस प्रान्त में हुआ था?
(A) गुजरात प्रान्ते
(B) बिहार प्रान्ते
(C) महाराष्ट्र प्रान्ते
(D) पञ्जाब प्रान्ते
उत्तर: (A) गुजरात प्रान्ते व्याख्या: स्वामी दयानन्द का जन्म गुजरात के टंकारा नामक गाँव में हुआ था।
30. स्वामी दयानन्द के घर में किसकी पूजा विशेष रूप से होती थी?
(A) शिवस्य (शिवजी की)
(B) विष्णोः
(C) दुर्गायाः
(D) सूर्यस्य
उत्तर: (A) शिवस्य (शिवजी की) व्याख्या: उनका परिवार कट्टर शैव था और भगवान शिव का उपासक था।
31. स्वामी दयानन्द ने किस ग्रन्थ की रचना राष्ट्रभाषा हिन्दी में की?
(A) सत्यार्थप्रकाशः
(B) वेदभाष्यम्
(C) रामायणम्
(D) गीताभाष्यम्
उत्तर: (A) सत्यार्थप्रकाशः व्याख्या: जनसामान्य को वैदिक सत्य समझाने के लिए उन्होंने 'सत्यार्थप्रकाश' लिखा।
32. चित्रकूट पर्वत के पास कौन-सी नदी बहती है?
(A) मन्दाकिनी
(B) यमुना
(C) गङ्गा
(D) सरयू
उत्तर: (A) मन्दाकिनी व्याख्या: चित्रकूट पर्वत के निकट पावन मन्दाकिनी नदी प्रवाहित होती है।
33. मन्दाकिनी नदी में कौन अपनी बाँहें ऊपर उठाकर सूर्य की उपासना करते हैं?
(A) मुनयः (ऋषिगण)
(B) वानराः
(C) राक्षसाः
(D) पक्षिणः
उत्तर: (A) मुनयः (ऋषिगण) व्याख्या: "ऊर्ध्वबाहवः... मुनयः संशितव्रताः आदित्यमुपतिष्ठन्ते"।
34. मन्दाकिनी नदी के जल को किसने गंदा किया?
(A) मृगसमूह ने (हिरणों ने)
(B) हाथियों ने
(C) गायों ने
(D) बगुले ने
उत्तर: (A) मृगसमूह ने (हिरणों ने) व्याख्या: "मृगयूथनिपीतानि कलुषाम्भांसि" अर्थात् हिरणों द्वारा जल पिया गया था।
35. 'हितोपदेश' कैसा ग्रन्थ है?
(A) नीतिकथाग्रन्थः
(B) ऐतिहासिक ग्रन्थ
(C) उपन्यास
(D) नाटक
उत्तर: (A) नीतिकथाग्रन्थः व्याख्या: हितोपदेश बालकों के नीति और व्यावहारिक ज्ञान हेतु पशु-कथा ग्रन्थ है।
36. वृद्ध बाघ कहाँ बैठा हुआ था?
(A) सरस्तीरे (तालाब के किनारे)
(B) वने
(C) वृक्षे
(D) पर्वते
उत्तर: (A) सरस्तीरे (तालाब के किनारे) व्याख्या: बूढ़ा बाघ हाथ में कुश और कंगन लेकर तालाब के किनारे बैठा था।
37. 'अनिष्टादिष्टलाभेऽपि गतिर्जायते न शुभा' यह सूक्ति किस पाठ की है?
(A) व्याघ्रपथिककथायाः
(B) नीतिश्लोकात्
(C) अलसकथायाः
(D) मंगलम् पाठ से
उत्तर: (A) व्याघ्रपथिककथायाः व्याख्या: अनिष्ट (हिंसक बाघ) से इष्ट (स्वर्ण) मिलने पर भी परिणाम शुभ नहीं होता।
38. कर्ण किसका पुत्र था?
(A) कुन्ती और सूर्य का
(B) गान्धारी का
(C) माद्री का
(D) सत्यवती का
उत्तर: (A) कुन्ती और सूर्य का व्याख्या: कर्ण कुन्ती का ज्येष्ठ पुत्र और सूर्यदेव का तेजपुत्र था।
39. कर्ण किस पक्ष से महाभारत का युद्ध लड़ रहा था?
(A) कौरवपक्षतः
(B) पाण्डवपक्षतः
(C) तटस्थः
(D) यादवपक्षतः
उत्तर: (A) कौरवपक्षतः व्याख्या: दुर्योधन के प्रति निष्ठा के कारण कर्ण ने कौरवों की ओर से युद्ध किया।
40. इन्द्र ने कर्ण को कौन-सा आशीर्वाद दिया?
(A) 'सूर्य इव चन्द्र इव तिष्ठतु ते यशः'
(B) दीर्घायु भव
(C) विजयी भव
(D) अमर भव
उत्तर: (A) 'सूर्य इव चन्द्र इव तिष्ठतु ते यशः' व्याख्या: कर्ण की आसन्न मृत्यु जानते हुए इन्द्र ने 'दीर्घायु' न कहकर 'यशस्वी भव' का आशीर्वाद दिया।
41. विश्व में उपद्रव और अशान्ति का वातावरण क्या कहलाता है?
(A) अशान्ति-सागरः
(B) शान्तिः
(C) आनन्दः
(D) मोक्षः
उत्तर: (A) अशान्ति-सागरः व्याख्या: पाठ के अनुसार सम्पूर्ण संसार अशान्ति रूपी महासागर में डूबता हुआ दिखाई दे रहा है।
42. 'उदारचरितानां तु वसुधैव...' क्या होती है?
(A) कुटुम्बकम्
(B) शत्रुः
(C) राज्यम्
(D) धनम्
उत्तर: (A) कुटुम्बकम् व्याख्या: उदार चरित्र वालों के लिए पूरी पृथ्वी ही एक परिवार (कुटुम्ब) होती है।
43. महर्षि कपिल किस दर्शन के प्रणेता हैं?
(A) सांख्य दर्शनस्य
(B) योगस्य
(C) न्यायस्य
(D) वेदान्तस्य
उत्तर: (A) सांख्य दर्शनस्य व्याख्या: सांख्य सूत्र और सांख्य दर्शन के प्रवर्तक महर्षि कपिल हैं।
44. 'योगसूत्र' के रचयिता कौन हैं?
(A) महर्षि पतञ्जलिः
(B) गौतमः
(C) कणादः
(D) जैमिनिः
उत्तर: (A) महर्षि पतञ्जलिः व्याख्या: अष्टांग योग और योग दर्शन के रचयिता महर्षि पतञ्जलि हैं।
45. 'ब्रह्मसूत्र' किसकी रचना है?
(A) बादरायणस्य
(B) जैमिनेः
(C) यास्कस्य
(D) पाणिनिः
उत्तर: (A) बादरायणस्य व्याख्या: वेदान्त दर्शन का मूल आधार ग्रन्थ ब्रह्मसूत्र महर्षि बादरायण व्यास की कृति है।
46. वेदों के कितने अंग (वेदाङ्ग) हैं?
(A) षट् (6)
(B) चत्वारः (4)
(C) पञ्च (5)
(D) अष्टौ (8)
उत्तर: (A) षट् (6) व्याख्या: शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द और ज्योतिष—ये छः वेदांग हैं।
47. 'कृषिविज्ञानम्' के रचनाकार कौन हैं?
(A) महर्षि पराशरः
(B) चरकः
(C) सुश्रुतः
(D) वराहमिहिरः
उत्तर: (A) महर्षि पराशरः व्याख्या: प्राचीन कृषि विज्ञान के प्रवर्तक महर्षि पराशर माने जाते हैं।
48. 'वास्तुशास्त्र' के प्रमुख आचार्यों में कौन गिने जाते हैं?
(A) विश्वकर्मा, भृगु आदि
(B) पाणिनि
(C) यास्क
(D) पतंजलि
उत्तर: (A) विश्वकर्मा, भृगु आदि व्याख्या: वास्तुशास्त्र के प्रवर्तक विश्वकर्मा, भृगु, मय आदि प्राचीन आचार्य हैं।
49. 'अकः सवर्णे दीर्घः' किस सन्धि का सूत्र है?
(A) दीर्घ स्वर सन्धि का
(B) गुण सन्धि का
(C) वृद्धि सन्धि का
(D) यण् सन्धि का
उत्तर: (A) दीर्घ स्वर सन्धि का व्याख्या: समान स्वर पास आने पर दीर्घ एकादेश होता है (जैसे: पुस्तक + आलयः = पुस्तकालयः)।
50. 'गणेशः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) गण + ईशः
(B) गणे + शः
(C) गणा + ईशः
(D) गणि + ईशः
उत्तर: (A) गण + ईशः व्याख्या: अ + ई = ए (गुण स्वर सन्धि)।
51. 'वृद्धिरेचि' किस सन्धि का विधायक सूत्र है?
(A) वृद्धि सन्धि का
(B) गुण सन्धि का
(C) यण् सन्धि का
(D) दीर्घ सन्धि का
उत्तर: (A) वृद्धि सन्धि का व्याख्या: अ/आ के बाद ए/ऐ या ओ/औ आने पर क्रमशः ऐ और औ वृद्धि होती है (उदा. एकैकम्)।
52. 'मतैक्यम्' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) मत + ऐक्यम्
(B) मते + क्यम्
(C) मता + एक्यम्
(D) मतै + क्यम्
उत्तर: (A) मत + ऐक्यम् व्याख्या: अ + ऐ = ऐ (वृद्धि स्वर सन्धि)।
53. 'इको यणचि' सूत्र किस सन्धि का है?
(A) यण् सन्धि का
(B) अयादि सन्धि का
(C) गुण सन्धि का
(D) पूर्व Bern सन्धि का
उत्तर: (A) यण् सन्धि का व्याख्या: इक् (इ, उ, ऋ, ऌ) के स्थान पर यण् (य, व, र, ल) आदेश होता है।
54. 'अन्वेषणम्' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) अनु + एषणम्
(B) अन्वे + षणम्
(C) अन् + एषणम्
(D) अनु + षणम्
उत्तर: (A) अनु + एषणम् व्याख्या: उ + ए = वे (यण् स्वर सन्धि)।
55. 'गायकः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) गै + अकः
(B) गे + अकः
(C) गा + यकः
(D) गाय + कः
उत्तर: (A) गै + अकः व्याख्या: ऐ + अ = आय् + अ = आयकः (अयादि सन्धि)।
56. 'दिग्गजः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) दिक् + गजः
(B) दिग + गजः
(C) दिङ् + गजः
(D) दीक् + गजः
उत्तर: (A) दिक् + गजः व्याख्या: 'झलां जशोऽन्ते' से प्रथम वर्ण क् का तृतीय वर्ण 'ग्' हुआ (व्यञ्जन सन्धि)।
57. 'मनोहरः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) मनः + हरः
(B) मनो + हरः
(C) मन + हरः
(D) माने + हरः
उत्तर: (A) मनः + हरः व्याख्या: 'हशि च' सूत्र से विसर्ग का उकार और गुण होकर 'ओ' बनता है।
58. किस समास में उत्तर पद प्रधान होता है?
(A) तत्पुरुष समास में
(B) अव्ययीभाव में
(C) बहुव्रीहि में
(D) द्वन्द्व में
उत्तर: (A) तत्पुरुष समास में व्याख्या: 'उत्तरपदप्रधानस्तत्पुरुषः'—तत्पुरुष समास में उत्तर पद का अर्थ मुख्य होता है।
59. 'राजभवनम्' में कौन-सा समास है?
(A) षष्ठी तत्पुरुष
(B) कर्मधारय
(C) द्विगु
(D) द्वन्द्व
उत्तर: (A) षष्ठी तत्पुरुष व्याख्या: राज्ञः भवनम् = राजभवनम् (राजा का भवन)।
60. 'घनश्यामः' में कौन-सा समास है?
(A) कर्मधारय
(B) बहुव्रीहि
(C) तत्पुरुष
(D) अव्ययीभाव
उत्तर: (A) कर्मधारय व्याख्या: घन इव श्यामः (बादल के समान काला)—उपमान-उपमेय कर्मधारय समास।
61. 'निर्मक्षिकम्' किस समास का उदाहरण है?
(A) अव्ययीभाव
(B) तत्पुरुष
(C) नञ् तत्पुरुष
(D) बहुव्रीहि
उत्तर: (A) अव्ययीभाव व्याख्या: मक्षिकाणाम् अभावः = निर्मक्षिकम् (निर उपसर्ग अभाव अर्थ में अव्ययीभाव है)।
62. 'चतुर्युगम्' में कौन-सा समास है?
(A) द्विगु
(B) द्वन्द्व
(C) तत्पुरुष
(D) बहुव्रीहि
उत्तर: (A) द्विगु व्याख्या: चतुरणां युगानां समाहारः = चतुर्युगम् (प्रथम पद संख्यावाची द्विगु समास)।
63. 'धर्मार्थकामाः' में कौन-सा समास है?
(A) द्वन्द्व
(B) तत्पुरुष
(C) बहुव्रीहि
(D) कर्मधारय
उत्तर: (A) द्वन्द्व व्याख्या: धर्मश्च अर्थश्च कामश्च = इतरेतर द्वन्द्व समास।
64. 'पीताम्बरः' का विग्रह क्या होगा?
(A) पीतं अम्बरं यस्य सः
(B) पीतं अम्बरम्
(C) पीतः अम्बरः
(D) पीताय अम्बरम्
उत्तर: (A) पीतं अम्बरं यस्य सः व्याख्या: पीला वस्त्र है जिसका (अर्थात् भगवान विष्णु/कृष्ण)—बहुव्रीहि समास।
65. 'क्रियाविशेषणे द्वितीया' का सही उदाहरण कौन-सा है?
(A) सः मन्दं मन्दं चलति
(B) ग्रामं परितः वृक्षाः
(C) रामः वनं गच्छति
(D) बालकः मोदकं खादति
उत्तर: (A) सः मन्दं मन्दं चलति व्याख्या: क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्दों में नित्य द्वितीया विभक्ति होती है।
66. 'जटाभिः तापसः ज्ञायते' में 'जटाभिः' में तृतीया किस सूत्र से है?
(A) इत्थम्भूतलक्षणे
(B) येनाङ्गविकारः
(C) करणे तृतीया
(D) हेतौ
उत्तर: (A) इत्थम्भूतलक्षणे व्याख्या: किसी विशेष लक्षण या चिह्न से किसी की पहचान होने पर तृतीया होती है।
67. 'अपादाने पञ्चमी' सूत्र का उदाहरण कौन है?
(A) वृक्षात् फलं पतति
(B) विद्यालये छात्राः पठन्ति
(C) गुरवे नमः
(D) रामेण बाणो हतः
उत्तर: (A) वृक्षात् फलं पतति व्याख्या: किसी निश्चित स्थान से अलग होने पर अपादान में पञ्चमी होती है।
68. 'भीत्रार्थानां भयहेतुः' सूत्र से किस विभक्ति का विधान होता है?
(A) पञ्चमी
(B) चतुर्थी
(C) तृतीया
(D) षष्ठी
उत्तर: (A) पञ्चमी व्याख्या: भय और रक्षा के अर्थ में भय के कारण में पञ्चमी होती है (उदा. व्याघ्रात् बिभेति)।
69. 'अनादरे षष्ठी/सप्तमी' का उदाहरण कौन है?
(A) रुदति शिशौ माता अगच्छत्
(B) गवां कृष्णा बहुक्षीरा
(C) नृणां द्विजः श्रेष्ठः
(D) बालकाय मोदकं रोचते
उत्तर: (A) रुदति शिशौ माता अगच्छत् व्याख्या: अनादर सूचित होने पर सप्तमी या षष्ठी विभक्ति प्रयुक्त होती है।
70. 'उद्' उपसर्ग किस शब्द में है?
(A) उद्गमः
(B) उपकारः
(C) आहारः
(D) अपवादः
उत्तर: (A) उद्गमः व्याख्या: उद् + गमः = उद्गमः।
71. 'निवासः' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) नि
(B) निर्
(C) निस्
(D) नी
उत्तर: (A) नि व्याख्या: नि + वासः = निवासः (नि उपसर्ग)।
72. 'स्वागतम्' में कौन-सा उपसर्ग प्रयुक्त है?
(A) सु
(B) स्व
(C) स्वा
(D) सम्
उत्तर: (A) सु व्याख्या: सु + आगतम् = स्वागतम् (उ का व् यण् सन्धि द्वारा)।
73. 'अहन्' किस लकार का रूप है?
(A) लङ् लकार
(B) लट् लकार
(C) लोट् लकार
(D) विधिलिङ्
उत्तर: (A) लङ् लकार व्याख्या: हन् धातु का लङ् लकार (भूतकाल) प्रथम पुरुष एकवचन रूप 'अहन्' बनता है।
74. 'दृश्' धातु का लट् लकार प्रथम पुरुष एकवचन में क्या रूप होता है?
(A) पश्यति
(B) द्रक्ष्यति
(C) अपश्यत्
(D) पश्यतु
उत्तर: (A) पश्यति व्याख्या: दृश् धातु लट् लकार में 'पश्य्' आदेश होकर पश्यति, पश्यतः, पश्यन्ति बनता है।
75. 'पा' (पिब्) धातु लट् लकार मध्यम पुरुष द्विवचन में क्या होगा?
(A) पिबथः
(B) पिबतः
(C) पिबसि
(D) पिबथ
उत्तर: (A) पिबथः व्याख्या: मध्यम पुरुष रूप: पिबसि, पिबथः, पिबथ।
76. 'दास्यति' किस लकार का रूप है?
(A) लृट् लकार
(B) लट् लकार
(C) लङ् लकार
(D) लोट् लकार
उत्तर: (A) लृट् लकार व्याख्या: 'दास्यति' भविष्यत् काल (लृट् लकार) प्रथम पुरुष एकवचन का रूप है।
77. 'भवन्तु' किस लकार और पुरुष का रूप है?
(A) लोट् लकार, प्रथम पुरुष बहुवचन
(B) लट्, मध्यम पुरुष
(C) लङ्, उत्तम पुरुष
(D) विधिलिङ्
उत्तर: (A) लोट् लकार, प्रथम पुरुष बहुवचन व्याख्या: भवतु, भवताम्, भवन्तु (आज्ञार्थक लोट् लकार प्रथम पुरुष बहुवचन)।
78. 'फल' शब्द का तृतीया बहुवचन रूप क्या है?
(A) फलैः
(B) फलेभ्यः
(C) फलानाम्
(D) फलेषु
उत्तर: (A) फलैः व्याख्या: अकारान्त नपुंसकलिङ्ग फल शब्द का तृतीया बहुवचन रूप 'फलैः' होता है।
79. 'मुनेः' किस विभक्ति का रूप है?
(A) पञ्चमी / षष्ठी एकवचन
(B) तृतीया
(C) चतुर्थी
(D) सप्तमी
उत्तर: (A) पञ्चमी / षष्ठी एकवचन व्याख्या: इकारान्त मुनि शब्द के पञ्चमी और षष्ठी एकवचन में 'मुनेः' रूप बनता है।
80. 'साधु' शब्द का द्वितीया बहुवचन रूप क्या होगा?
(A) साधून्
(B) साधवः
(C) साधुभ्यः
(D) साधुना
उत्तर: (A) साधून् व्याख्या: उकारान्त पुंल्लिङ्ग साधु शब्द का द्वितीया बहुवचन रूप 'साधून्' होता है।
81. 'राज्ञा' किस विभक्ति का रूप है?
(A) तृतीया एकवचन
(B) चतुर्थी
(C) पञ्चमी
(D) षष्ठी
उत्तर: (A) तृतीया एकवचन व्याख्या: नान्त पुंल्लिङ्ग 'राजन्' शब्द का तृतीया एकवचन रूप 'राज्ञा' बनता है।
82. 'नदीषु' किस विभक्ति का रूप है?
(A) सप्तमी बहुवचन
(B) षष्ठी बहुवचन
(C) पञ्चमी बहुवचन
(D) तृतीया बहुवचन
उत्तर: (A) सप्तमी बहुवचन व्याख्या: ईकारान्त स्त्रीलिङ्ग नदी शब्द का सप्तमी बहुवचन 'नदीषु' होता है।
83. 'आवाम्' किस सर्वनाम का रूप है?
(A) अस्मद् (प्रथमा/द्वितीया द्विवचन)
(B) युष्मद्
(C) तद्
(D) किम्
उत्तर: (A) अस्मद् (प्रथमा/द्वितीया द्विवचन) व्याख्या: अस्मद् सर्वनाम के रूप: अहम्, आवाम्, वयम् (हम दोनों)।
84. 'तस्मात्' किस विभक्ति का रूप है?
(A) पञ्चमी एकवचन
(B) चतुर्थी एकवचन
(C) तृतीया एकवचन
(D) सप्तमी एकवचन
उत्तर: (A) पञ्चमी एकवचन व्याख्या: तद् पुंल्लिङ्ग/नपुंसकलिङ्ग की पञ्चमी एकवचन में 'तस्मात्' (उससे) बनता है।
85. 'स्था + तुमुन्' से क्या शब्द बनेगा?
(A) स्थातुम्
(B) स्थितुम्
(C) स्थापयितुम्
(D) तिष्ठितुम्
उत्तर: (A) स्थातुम् व्याख्या: स्था धातु में 'तुमुन्' प्रत्यय लगकर 'स्थातुम्' (ठहरने के लिए) बनता है।
86. 'श्रु + क्त्वा' से कौन-सा शब्द निष्पन्न होगा?
(A) श्रुत्वा
(B) श्रोतवा
(C) श्रावित्वा
(D) श्रुतिः
उत्तर: (A) श्रुत्वा व्याख्या: श्रु (सुनना) में क्त्वा प्रत्यय जुड़कर 'श्रुत्वा' (सुनकर) बनता है।
87. 'प्र + वि + विश् + ल्यप्' से क्या शब्द बनेगा?
(A) प्रविश्य
(B) प्रविष्ट्वा
(C) प्रवेश्य
(D) प्रवेशनम्
उत्तर: (A) प्रविश्य व्याख्या: उपसर्ग पूर्वक विश् धातु में ल्यप् प्रत्यय का 'य' जुड़कर 'प्रविश्य' (प्रवेश करके) बनता है।
88. 'हसितव्यम्' में कौन-सा प्रत्यय है?
(A) तव्यत्
(B) अनीयर्
(C) यत्
(D) क्त
उत्तर: (A) तव्यत् व्याख्या: हस् + तव्यत् = हसितव्यम् (हँसना चाहिए)।
89. 'दर्शनीयम्' में कौन-सा प्रत्यय है?
(A) अनीयर्
(B) तव्यत्
(C) क्त
(D) शतृ
उत्तर: (A) अनीयर् व्याख्या: दृश् + अनीयर् = दर्शनीयम् (देखने योग्य)।
90. 'पचन्' में कौन-सा प्रत्यय है?
(A) शतृ
(B) शानच्
(C) क्त
(D) ल्यप्
उत्तर: (A) शतृ व्याख्या: पच् + शतृ = पचन् (पकाता हुआ)।
91. 'लभमानः' में कौन-सा प्रत्यय है?
(A) शानच्
(B) शतृ
(C) क्तवतु
(D) तव्यत्
उत्तर: (A) शानच् व्याख्या: लभ् (आत्मनेपद) + शानच् = लभमानः (प्राप्त करता हुआ)।
92. 'हृतः' में कौन-सा प्रत्यय है?
(A) क्त
(B) क्तवतु
(C) शतृ
(D) क्त्वा
उत्तर: (A) क्त व्याख्या: हृ + क्त = हृतः (हरा गया)।
93. 'महत् + त्व' से कौन-सा शब्द बनेगा?
(A) महत्त्वम्
(B) महत्ता
(C) महीयस्
(D) महती
उत्तर: (A) महत्त्वम् व्याख्या: 'त्व' तद्धित प्रत्यय नपुंसकलिङ्ग भाववाचक शब्द बनाता है।
94. 'मधुर + तल्' से कौन-सा शब्द निष्पन्न होगा?
(A) मधुरता
(B) माधुर्यम्
(C) मधुरत्वम्
(D) मधुरा
उत्तर: (A) मधुरता व्याख्या: तल् प्रत्यय का 'ता' जुड़कर स्त्रीलिङ्ग भाववाचक शब्द 'मधुरता' बनाता है।
95. 'कोकिल' का स्त्रीलिङ्ग रूप क्या होगा?
(A) कोकिला
(B) कोकिली
(C) कोकिलानी
(D) कोकिले
उत्तर: (A) कोकिला व्याख्या: कोकिल + टाप् प्रत्यय से 'कोकिला' (मादा कोयल) बनता है।
96. 'नदी' शब्द में कौन-सा स्त्री प्रत्यय है?
(A) ङीप्
(B) ङीष्
(C) टाप्
(D) ती
उत्तर: (A) ङीप् व्याख्या: नद् + ङीप् = नदी बनता है।
97. 'मातुल' का स्त्रीलिङ्ग रूप क्या होगा?
(A) मातुली (मातुलानी)
(B) मातुला
(C) मातुलिका
(D) मातुलीनी
उत्तर: (A) मातुली (मातुलानी) व्याख्या: मातुल + ङीष् (आनुक् आगम के साथ मातुलानी / मातुली) बनता है।
98. 'गच्छ' किस लकार का रूप है?
(A) लोट् लकार
(B) लट् लकार
(C) लङ् लकार
(D) विधिलिङ्
उत्तर: (A) लोट् लकार व्याख्या: गम् धातु लोट् लकार मध्यम पुरुष एकवचन का रूप 'गच्छ' (जाओ) है।
99. 'कुर्यात्' किस लकार का रूप है?
(A) विधिलिङ्
(B) लोट्
(C) लट्
(D) लङ्
उत्तर: (A) विधिलिङ् व्याख्या: कृ धातु विधिलिङ् प्रथम पुरुष एकवचन में 'कुर्यात्' (करना चाहिए) बनता है।
100. 'पितृ' शब्द का सप्तमी एकवचन में रूप क्या होगा?
(A) पितरि
(B) पित्रे
(C) पितुः
(D) पित्रा
उत्तर: (A) पितरि व्याख्या: ऋकारान्त पुंल्लिङ्ग पितृ शब्द का सप्तमी एकवचन 'पितरि' (पिता में/पर) होता है।
खण्ड - 'ब' : 2 संस्कृत गद्यांश (हल सहित)
गद्यांश - 1
अहिंसा परमो धर्मः। सर्वभूतेषु दयाभावः एव अहिंसा उच्यते। मनसा, वाचा, कर्मणा च कस्यापि जीवस्य कष्टम् अजननम् एव अहिंसायाः मूलस्वरूपम्। महात्मा गान्धी अहिंसायाः सत्यस्य च बलेन एव पराधीनां भारतभूमिं स्वतन्त्रां अकारयत्। अहिंसया एव जगति स्थायी शान्तिः सम्भवा अस्ति। वैरभावेन वैरं कदापि न शाम्यति, अपि तु प्रेम्णा अहिंसया च शाम्यति।
(क) एकपदेन उत्तरत:
1. कः परमो धर्मः उच्यते? उत्तर: अहिंसा।
2. गान्धीमहोदयः कयोः बलेन भारतं स्वतन्त्रम् अकारयत्? उत्तर: अहिंसायाः सत्यस्य च।
(ख) पूर्णवाक्येन उत्तरत:
1. अहिंसायाः मूलस्वरूपं किम् अस्ति? उत्तर: मनसा, वाचा, कर्मणा च कस्यापि जीवस्य कष्टम् अजननम् एव अहिंसायाः मूलस्वरूपम्।
2. जगति शान्तिः कथं सम्भवा अस्ति? उत्तर: जगति स्थायी शान्तिः अहिंसया एव सम्भवा अस्ति।
(ग) अस्य गद्यांशस्य समुचितं शीर्षकं लिखत:
उत्तर: अहिंसा परमो धर्मः।
गद्यांश - 2
स्वास्थ्यं मानवजीवनस्य अमूल्यं धनं वर्तते। स्वस्थे शरीरे एव स्वस्थं मनः निवसति। अस्वस्थः मानवः संसारे किमपि कार्यं कर्तुं न समर्थः भवति। स्वास्थ्याय प्रातःभ्रमणं, नियमितः व्यायामः, सन्तुलितं भोजनं, शुद्धं जलं च परमावश्यकानि सन्ति। 'शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्'। अतः सर्वैः जनैः स्वस्वास्थ्यस्य रक्षणं सर्वदा करणीयम्।
(क) एकपदेन उत्तरत:
1. मानवजीवनस्य अमूल्यं धनं किम् अस्ति? उत्तर: स्वास्थ्यम्।
2. स्वस्थं मनः कुत्र निवसति? उत्तर: स्वस्थे शरीरे।
(ख) पूर्णवाक्येन उत्तरत:
1. स्वास्थ्याय कानि कानि परमावश्यकानि सन्ति? उत्तर: स्वास्थ्याय प्रातःभ्रमणं, नियमितः व्यायामः, सन्तुलितं भोजनं, शुद्धं जलं च परमावश्यकानि सन्ति।
2. धर्मस्य आद्यं साधनं किम् अस्ति? उत्तर: शरीरम् एव धर्मस्य आद्यं साधनम् अस्ति।
(ग) अस्य गद्यांशस्य एकं उपयुक्तं शीर्षकं लिखत:
उत्तर: स्वास्थ्य-रक्षणम् (स्वास्थ्यमेव धनम्)।
संस्कृत पत्रलेखनम् (4 पूर्ण पत्र हल सहित)
1. ज्वरकारणात् दिनद्वयस्य अवकाशार्थं प्रधानाध्यापकं प्रति प्रार्थनापत्रम् (बुखार पर अवकाश पत्र)
सेवायाम्,
श्रीमन्तः प्रधानाध्यापक महोदयाः,
उच्च विद्यालयः, आरा।

विषयः - दिनद्वयस्य अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्।

महाशय,
सविनयं सप्रश्रयं निवेदयामि यत् अहम् सहसा गत-रात्रितः तीव्रज्वरेण पीडितः अस्मि। चिकित्सकेन मह्यं विश्रामस्य औषधसेवनस्य च परामर्शः दत्तः। एतस्मात् कारणात् अहम् 10/02/2023 तः 11/02/2023 पर्यन्तं विद्यालयम् आगन्तुं सर्वथा असमर्थः अस्मि।
अतः श्रीमन्तः कारुण्येन मह्यं दिनद्वयस्य अवकाशं प्रदाय अनुगृह्णन्तु इति प्रार्थये।

भवदीयः आज्ञापालकः शिष्यः
नाम: प्रियांशु कुमारः
वर्गः: दशमः 'अ', रोल नं: 14
2. परीक्षा-साहाय्यार्थं धनं याचितुं पितरं प्रति पत्रम् (किताबों/परीक्षा हेतु पिता से धन माँगने पर पत्र)
स्थानम् - पाटलिपुत्रम्
दिनाङ्कः - 16.03.2023

पूज्यपादाः पितृचरणाः,
सादरं साष्टाङ्गं प्रणामाः।

अत्र कुशलं तत्रास्तु। मम अध्ययनं सम्यक्तया प्रचलति। आगामि-मासे मम दशमकक्षायाः बोर्ड-परीक्षा भविष्यति। परीक्षायाः उत्कृष्ट-सिद्धये मह्यं कानिचित् प्रश्नोत्तर-पुस्तकानि (Question Banks) मॉडल-पत्राणि च क्रेतव्यानि सन्ति। एतदर्थं मह्यं सहस्रं (1000) रूप्यकाणि शीघ्रं प्रेषयन्तु इति सविनयं प्रार्थये।

मातृचरणयोः मम प्रणामाञ्जलिः। अनुजाय शुभाशिषः।

भवतः आज्ञाकारी पुत्रः
आलोकः
3. परीक्षायां प्रथमस्थानं प्राप्तवन्तं मित्रं प्रति अभिनन्दनपत्रम् (मित्र को बधाई पत्र)
स्थानम् - गया
दिनाङ्कः - 25.04.2023

प्रिय मित्र शशांक,
सप्रेम नमस्ते।

अद्यैव प्रातः वृत्तपत्रेण मया ज्ञातं यत् त्वं दशमकक्षायाः वार्षिकपरीक्षायां सम्पूर्णे मण्डले प्रथमं स्थानं लब्धवान्। एतां सुखद-वार्तां श्रुत्वा मम हृदयम् आनन्देन परिपूर्णम् अभवत्। तव एतस्यां महत्यां सफलतायां त्वाम् अन्तःकरणेन हार्दिकं वर्धापनं (बधाई) वितरामि। तव कठोरः परिश्रमः अध्यवसायः च अद्य फलितः। अग्रिमे जीवने अपि त्वम् एवमेव यशः लभस्व।

पितृचरणयोः मम प्रणामाः।

तव अभिन्न-हृदयं मित्रम्
अभिषेकः
4. चरित्र-प्रमाणपत्रं (Character Certificate) प्राप्तुं प्रधानाध्यापकं प्रति पत्रम्
सेवायाम्,
श्रीमन्तः प्रधानाचार्य महोदयाः,
जिला स्कूल, छपरा।

विषयः - चरित्र-प्रमाणपत्रार्थं प्रार्थनापत्रम्।

महोदय,
सविनयं निवेदनम् अस्ति यत् अहम् भवतां विद्यालयात् अस्मिन् वर्षे दशमकक्षायाः परीक्षां प्रथमश्रेण्या उत्तीर्णवान्। सम्प्रति उच्चतर-माध्यमिक-विद्यालये प्रवेशार्थं मह्यं चरित्र-प्रमाणपत्रस्य आवश्यकता वर्तते। विद्यालये मम आचरणं सर्वदा अनुशासनबद्धं सन्तोषजनकं च आसीत्।
अतः प्रार्थना अस्ति यत् मह्यं चरित्र-प्रमाणपत्रं प्रदाय कृतार्थं कुर्वन्तु।

भवदीयः नम्रः पूर्वछात्रः
विशाल कुमारः
क्रमांकः: 23
संस्कृत अनुच्छेद-लेखनम् (5 प्रमुख विषय)
1. मम प्रियः उत्सवः / होलिकोत्सवः (होली)

1. होलिकोत्सवः भारतीयानां परम-उल्लासमयः प्रियः च उत्सवः अस्ति।
2. अयम् उत्सवः फाल्गुनमासस्य पूर्णिमायां तिथौ सोत्साहं मान्यते।
3. अस्मिन् दिने भक्तप्रह्लादस्य रक्षार्थं भगवता विष्णुना नृसिंह-अवतारः गृहीतः।
4. होलिका नाम्नी राक्षसी प्रह्लादं पावक-मध्ये उपविष्टा परं सा स्वयं भस्मसात् अभवत्।
5. अतएव अस्य उत्सवस्य नाम 'होलिकोत्सवः' इति विख्यातम् अभवत्।
6. जनाः परस्परं वर्णलेपनं कुर्वन्ति, अबीर-गुलाल-चूर्णैः च प्रीतिं वर्धयन्ति।
7. अयम् उत्सवः वैरभावं विस्मृत्य भ्रातृभावस्य आनन्दस्य च सन्देशं दिशति।

2. व्यायामस्य महत्त्वम्

1. शरीरस्य स्वास्थ्य-रक्षणाय व्यायामः अतीव आवश्यकः अस्ति।
2. 'व्यायामात् लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखम्'।
3. व्यायामेन शरीरे रक्तसञ्चारः सम्यक् रूपेण भवति तथा जठराग्निः दीप्ता भवति।
4. प्रतिदिनं व्यायामं कुर्वन्तः मानवाः व्याधिभिः मुक्ताः भवन्ति।
5. प्रातःकाले शुद्धे वायौ व्यायामः अधिकं फलप्रदः मन्यते।
6. व्यायामेन न केवलं शरीरं पुष्टं भवति अपि तु बुद्धिः अपि तीव्रा जायते।
7. अतः सर्वैः मानवैः प्रतिदिनं स्वशक्त्यनुसारं व्यायामः विधेयः।

3. अस्माकं प्रियः नेता - महात्मा गान्धी

1. महात्मा गान्धी भारतराष्ट्रस्य राष्ट्रपिता इति नाम्ना प्रसिद्धः अस्ति।
2. तस्य पूर्णं नाम 'मोहनदास करमचन्द गान्धी' आसीत्।
3. तस्य जन्म 1869 तमे वर्षे गुजरातस्य पोरबन्दर-नगरे अभवत्।
4. सः सत्यस्य अहिंसायाः च परमपुजारी आसीत्।
5. सः आङ्ग्लशासनात् भारतभूमिं स्वाधीनां कर्तुं महान्तं सङ्घर्षम् अकरोत्।
6. 'सत्याग्रहः' तस्य अमोघं शस्त्रम् आसीत् येन सः ब्रिटिशाधिकारिणः कम्पयामास।
7. तस्य त्यागमयं निष्कामं जीवनं सम्पूर्ण-विश्वस्य कृते सदा वन्दनीयम् अस्ति।

4. गंगा नदी (पवित्रतमा सरित्)

1. गङ्गा भारतवर्षस्य सर्वासां नदीनां शिरोमणिः पवित्रतमा च सरित् अस्ति।
2. इयं नदी हिमालयात् गंगोत्री-स्थानात् प्रभवति।
3. गङ्गायाः तटे हरद्वारम्, प्रयागराजः, काशी, पाटलिपुत्रं च स्थितानि सन्ति।
4. गङ्गायाः जलम् अतीव पवित्रं, कीटाणुनाशकं, रोगापहारी च मन्यते।
5. भारतीय-संस्कृतौ गङ्गा 'माता' इति भावेन श्रद्धापूर्वकं पूज्यते।
6. अस्याः पावन-जलेन कोटिशः क्षेत्राणि शस्यश्यामलाणि भवन्ति।
7. गङ्गानद्याः स्वच्छता-रक्षणम् अस्माकं सर्वेषां भारतीयानां परमं कर्तव्यम् अस्ति।

5. सत्सङ्गतिः

1. सतां सज्जनानां संसर्गः एव 'सत्सङ्गतिः' इति उच्यते।
2. सत्सङ्गत्या मानवस्य जीवने महती उन्नतिः प्रकाशः च भवति।
3. 'सत्सङ्गतिः कथय किं न करोति पुंसाम्' अर्थात् सा सर्वकल्याणं करोति।
4. विदुषां साधूनां सङ्गेन मूर्खः अपि बुद्धिमान् शीलवान् च भवति।
5. कुसङ्गत्या तु सज्जनः अपि दुर्जनतां विनाशं च प्राप्नोति।
6. सत्सङ्गतिः मानवानां पापानि नाशयति तथा यशः दिक्षु विस्तारयति।
7. अतः सर्वैः बालकैः कुसङ्गं परित्यज्य सदासत्सङ्गतिः करणीया।

हिन्दी से संस्कृत में अनुवाद (12 प्रश्न हल सहित)
1. वह आँख से काना है।
अनुवाद: सः नेत्रेण (अक्ष्णा) काणः अस्ति।
2. गंगा सभी नदियों में श्रेष्ठ है।
अनुवाद: गङ्गा नदीषु (नदीनां वा) श्रेष्ठा अस्ति।
3. वृक्ष से पत्ता गिरता है।
अनुवाद: वृक्षात् पत्रं पतति।
4. तुम सब कब घर जाओगे?
अनुवाद: यूयं कदा गृहं गमिष्यथ?
5. मुझे पढ़ना अच्छा लगता है।
अनुवाद: मह्यं पठनं रोचते।
6. राम के साथ लक्ष्मण भी वन गए।
अनुवाद: रामेण सह लक्ष्मणः अपि वनम् अगच्छत्।
7. गुरु को प्रणाम करो।
अनुवाद: गुरुं प्रणम। (गुरवे नमः।)
8. गरीबों को अन्न दो।
अनुवाद: दरिद्रेभ्यः अन्नं देहि (यच्छ)।
9. हमारा देश भारत है।
अनुवाद: अस्माकं देशः भारतवर्षम् अस्ति।
10. विद्यालय के चारों ओर बगीचा है।
अनुवाद: विद्यालयं परितः उद्यानम् अस्ति।
11. सत्य की कभी हार नहीं होती।
अनुवाद: सत्यस्य कदापि पराजयः न भवति।
12. हम सब प्रतिदिन संस्कृत बोलेंगे।
अनुवाद: वयं प्रतिदिनं संस्कृतं वदिष्यामः।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (पाठ्यपुस्तक पीयूषम् - 16 प्रश्न)
1. 'मंगलम्' पाठ के आधार पर आत्मा की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर: कठोपनिषद् के अनुसार आत्मा सूक्ष्म से भी अति सूक्ष्म और महान से भी अति महान है। यह प्रत्येक प्राणी के हृदय रूपी गुहा में गुप्त रूप से निवास करती है। निष्काम, शोक-रहित एवं इन्द्रिय-संयमी पुरुष ही परमात्मा की कृपा से इस दिव्य आत्मा का साक्षात्कार कर पाते हैं।
2. नदियाँ किस प्रकार अपने रूप को छोड़कर ब्रह्म में लीन होती हैं?
उत्तर: मुण्डकोपनिषद् में कहा गया है कि जिस प्रकार प्रवाहित होती हुई नदियाँ अपने नाम और रूप (पहचान) को त्याग कर अथाह समुद्र में मिलकर एकाकार हो जाती हैं, उसी प्रकार ज्ञानी पुरुष अपने नाम और शरीर के अहंकार को त्यागकर परम दिव्य पुरुष (परमात्मा) में विलीन हो जाते हैं।
3. विदेशी यात्रियों ने पाटलिपुत्र के संबंध में क्या लिखा है?
उत्तर: विदेशी यात्रियों जैसे मेगास्थनीज, फाहियान, ह्वेनसांग तथा इत्सिंग ने अपने यात्रा-वृत्तान्तों में पाटलिपुत्र के वैभव, प्रशासन और समृद्धि का मुक्तकंठ से गुणगान किया है। मेगास्थनीज ने चन्द्रगुप्त मौर्य काल की सुदृढ़ रक्षा-व्यवस्था तथा अशोक के काल के ऐश्वर्य की विशेष सराहना की है।
4. पाटलिपुत्र को 'शिक्षा का प्राचीन केन्द्र' क्यों कहा गया है?
उत्तर: कवि राजशेखर की 'काव्यमीमांसा' के अनुसार पाटलिपुत्र प्राचीन काल में ज्ञान, विद्या और शास्त्र-परीक्षा का प्रमुख केन्द्र था। यहाँ पाणिनि, पिंगल, व्याडि, वररुचि और पतंजलि जैसे महान वैयाकरणों और आचार्यों की शास्त्रों में परीक्षा ली गई थी और यहीं से वे सम्पूर्ण विश्व में ख्याति प्राप्त हुए।
5. 'अलसकथा' पाठ में मन्त्री वीरेश्वर की क्या विशेषता थी?
उत्तर: मिथिला के मन्त्री वीरेश्वर परम दयालु, दानशील और कारुणिक स्वभाव के थे। वे प्रतिदिन सभी दरिद्रों, अनाथों और असमर्थों को उनकी इच्छा के अनुसार भोजन और वस्त्र प्रदान करते थे। उनका मानना था कि समाज में आलसी और असहाय व्यक्ति केवल दयावानों के सहारे ही जीवित रह सकते हैं।
6. चारों आलसियों ने जलती हुई आलसशाला में परस्पर क्या बातें कीं?
उत्तर: • प्रथम आलसी ने मुँह ढँककर कहा—"अरे! यह कैसा कोलाहल (शोर) है?"
• दूसरे ने कहा—"लगता है इस घर में आग लग गई है।"
• तीसरे ने कहा—"क्या कोई ऐसा दयावान नहीं है जो हम पर भीगा कम्बल डाल दे?"
• चौथे ने डाँटते हुए कहा—"अरे वाचालों! कितना बकते हो, चुपचाप क्यों नहीं सोते?"
7. मैत्रेयी कौन थीं और याज्ञवल्क्य ने उन्हें क्या उपदेश दिया?
उत्तर: मैत्रेयी महर्षि याज्ञवल्क्य की दार्शनिक स्वभाव वाली धर्मपत्नी थीं। बृहदारण्यकोपनिषद् के अनुसार जब याज्ञवल्क्य संन्यास लेने लगे, तब मैत्रेयी ने धन-सम्पत्ति के स्थान पर अमरता का मार्ग पूछा। तब याज्ञवल्क्य ने उन्हें उपदेश दिया कि सांसारिक वस्तुएँ प्रिय नहीं होतीं, बल्कि आत्मा के कल्याण हेतु ही सब प्रिय होता है।
8. विजयाङ्का की काव्य-प्रतिभा पर प्रकाश डालें।
उत्तर: आठवीं शताब्दी की चालुक्यवंशी रानी विजयाङ्का श्यामवर्ण की होते हुए भी संस्कृत पद्य-रचना में अत्यंत प्रवीण थीं। उनकी वैदर्भी रीति से युक्त सरस, भावपूर्ण और अलंकारिक पद-रचना इतनी मनोहारी थी कि महाकवि दण्डी ने मुग्ध होकर उन्हें साक्षात् 'सर्वशुक्ला सरस्वती' की उपाधि दी थी।
9. 'भारत महिमा' पाठ के अनुसार भारतभूमि की क्या विशेषता है?
उत्तर: भारतभूमि अत्यंत पवित्र, स्वर्ग के समान सुख देने वाली और मोक्ष प्रदायिनी है। यहाँ जन्म लेने वाले मनुष्य देवताओं के तुल्य धन्य माने जाते हैं क्योंकि उन्हें भगवान श्रीहरि की सेवा का सुअवसर मिलता है। यहाँ विभिन्न जातियों और सम्प्रदायों के लोग एकता के सूत्र में बंधकर स्नेहपूर्वक निवास करते हैं।
10. 'उपनयन संस्कार' का क्या अर्थ है और प्राचीन काल में इसका क्या महत्त्व था?
उत्तर: 'उपनयन' का शाब्दिक अर्थ है—गुरु के समीप ले जाना। इस संस्कार के द्वारा बालक का यज्ञोपवीत कराकर गुरु उसे अपने आश्रम में ले जाते थे। वहाँ शिष्य ब्रह्मचर्य व्रत के नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए वेदों और सम्पूर्ण विद्याओं का अध्ययन प्रारंभ करता था।
11. नीतिश्लोकाः पाठ के अनुसार पण्डित (ज्ञानी) के लक्षण क्या हैं?
उत्तर: महात्मा विदुर के अनुसार जिस व्यक्ति के सत्कर्मों में सर्दी, गर्मी, भय, अनुराग, समृद्धि अथवा असमृद्धि किसी प्रकार की बाधा नहीं पहुँचाते, वही सच्चा पण्डित है। इसके अतिरिक्त जो सभी जीवों के तत्त्व को जानने वाला, सभी कार्यों के उपायों को समझने वाला तथा उचित मार्ग पर चलने वाला हो, वही ज्ञानी है।
12. कर्मवीर रामप्रवेश राम की सफलता का मूल रहस्य क्या था?
उत्तर: रामप्रवेश राम की सफलता का मूल रहस्य था—अदम्य उत्साह, कठिन परिश्रम, गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा और स्वाध्याय। घोर दरिद्रता और अभावों के बावजूद उन्होंने कभी धैर्य नहीं खोया। निरंतर विद्याभ्यास तथा दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
13. स्वामी दयानन्द ने समाज को अन्धविश्वासों से मुक्त करने के लिए क्या किया?
उत्तर: स्वामी दयानन्द ने वेदों के प्रमाण के आधार पर मूर्तिपूजा, छूआछूत, जातिगत भेदभाव और बालविवाह जैसी कुरीतियों का कड़ा खण्डन किया। उन्होंने विधवा-विवाह और नारी-शिक्षा को प्रोत्साहित किया। 1875 ई. में आर्य समाज की स्थापना कर शुद्ध वैदिक धर्म और राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
14. सोने के कंगन को देखकर पथिक ने अपने मन में क्या विचार किया?
उत्तर: सोने के कंगन को देखकर पथिक के मन में तीव्र लोभ उत्पन्न हुआ। उसने सोचा कि ऐसा सौभाग्य भाग्य से ही प्राप्त होता है। यद्यपि हिंसक पशु से धन ग्रहण करने में संकट अवश्य है, तथापि बिना जोखिम उठाए किसी को बड़ा लाभ नहीं मिलता। इसी लालच में आकर वह बाघ की बातों में फँस गया।
15. 'कर्णस्य दानवीरता' पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: इस पाठ से शिक्षा मिलती है कि संसार में भौतिक धन, ऐश्वर्य, शक्ति और यहाँ तक कि शिक्षा भी समय बीतने पर नष्ट हो जाती है। केवल मनुष्य द्वारा किया गया परोपकार, सत्य और दिया गया दान ही अमर रहता है। कर्ण ने अपने प्राणों का संकट जानते हुए भी दानधर्म की मर्यादा की रक्षा की।
16. संसार में अशान्ति को दूर करने के क्या उपाय हैं?
उत्तर: विश्वशान्ति पाठ के अनुसार संसार में अशान्ति का शमन केवल परोपकार, सहिष्णुता, दया और परस्पर आत्मीयता से ही संभव है। शत्रुता से शत्रुता कभी शांत नहीं हो सकती; वह केवल निःस्वार्थ प्रेम और मैत्रीभाव से ही मिटाई जा सकती है। जब सभी देश 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के सिद्धांत को अपनाएँगे, तभी विश्व में सच्ची शांति स्थापित होगी।

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