BSEB 10 Sanskrit PYQs 2021


BSEB Class 10 Sanskrit 2021 Question Paper Solutions

BSEB Class 10th Board 2021 - संस्कृत (Sanskrit)

सम्पूर्ण हल: 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न + 2 गद्यांश + 4 पत्रलेखन + 5 अनुच्छेद + 12 अनुवाद + 16 लघु उत्तरीय प्रश्न

खण्ड - 'अ' : 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (उत्तर एवं व्याख्या सहित)
1. 'हिरण्मयेन पात्रेण कस्य मुखम् अपिहितम्?' (सत्य का मुख किस पात्र से ढँका हुआ है?)
(A) सत्यस्य
(B) असत्यस्य
(C) पापस्य
(D) धर्मस्य
उत्तर: (A) सत्यस्य व्याख्या: ईशावास्योपनिषद् के अनुसार सत्य का मुख सोने जैसे ज्योतिर्मय पात्र से ढँका है।
2. नदियाँ नाम और रूप को छोड़कर कहाँ विलीन हो जाती हैं?
(A) समुद्रे
(B) नद्याम्
(C) सरोवरे
(D) तडागे
उत्तर: (A) समुद्रे व्याख्या: "यथा नद्यः स्यन्दमानाः समुद्रेऽस्तं गच्छन्ति नामरूपे विहाय" (मुण्डकोपनिषद्)।
3. 'मङ्गलम्' पाठ में कुल कितने मन्त्र संकलित हैं?
(A) चत्वारः (4)
(B) पञ्च (5)
(C) सप्त (7)
(D) अष्टौ (8)
उत्तर: (B) पञ्च (5) व्याख्या: मंगलम् पाठ में विभिन्न उपनिषदों से कुल 5 पद्यात्मक मन्त्र संकलित हैं।
4. पाटलिपुत्र किस नदी के किनारे अवस्थित है?
(A) गङ्गायाः
(B) यमुनायाः
(C) गण्डकस्य
(D) कोशीनद्याः
उत्तर: (A) गङ्गायाः व्याख्या: पाटलिपुत्र नगर पवित्र गङ्गा नदी के पावन तट पर बसा हुआ है।
5. बुद्धकाल में पाटलिपुत्र नगर का क्या नाम था?
(A) पाटलिग्रामः
(B) कुसुमपुरम्
(C) पुष्पपुरम्
(D) पटना
उत्तर: (A) पाटलिग्रामः व्याख्या: भगवान बुद्ध के समय पाटलिपुत्र एक छोटा गाँव था जिसे 'पाटलिग्राम' कहा जाता था।
6. यूनान का राजदूत कौन था जो चन्द्रगुप्त मौर्य के समय आया था?
(A) मेगास्थनीजः
(B) फाहियानः
(C) ह्वेनसाङ्गः
(D) इत्सिंग्
उत्तर: (A) मेगास्थनीजः व्याख्या: यूनानी राजदूत मेगास्थनीज ने चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आकर अपनी पुस्तक इंडिका में वर्णन किया।
7. गुरु गोविन्द सिंह सिख धर्म के कौन-से गुरु थे?
(A) दशमः
(B) नवमः
(C) प्रथमः
(D) पञ्चमः
उत्तर: (A) दशमः व्याख्या: गुरु गोविन्द सिंह सिखों के दसवें तथा अन्तिम गुरु थे।
8. 'अलसकथा' पाठ के लेखक कौन हैं?
(A) विद्यापतिः
(B) नारायण पण्डितः
(C) कालिदासः
(D) भारविः
उत्तर: (A) विद्यापतिः व्याख्या: मैथिल कोकिल विद्यापति 'पुरुषपरीक्षा' नामक कथाग्रन्थ के रचयिता हैं।
9. वीरेश्वर कौन था?
(A) मिथिला का मन्त्री
(B) मिथिला का राजा
(C) सेनापति
(D) द्वारपाल
उत्तर: (A) मिथिला का मन्त्री व्याख्या: वीरेश्वर मिथिला के दानशील एवं दयालु स्वभाव वाले मन्त्री थे।
10. वास्तविक आलसियों की संख्या कितनी थी?
(A) चत्वारः (4)
(B) त्रयः (3)
(C) द्वौ (2)
(D) पञ्च (5)
उत्तर: (A) चत्वारः (4) व्याख्या: आग लगने पर सभी धूर्त भाग गए, केवल 4 वास्तविक आलसी ही सोए रह गए।
11. "तुष्णीं कथं न तिष्ठथ?" यह उक्ति किसकी है?
(A) चतुर्थस्य आलसस्य
(B) प्रथमस्य
(C) द्वितीयस्य
(D) तृतीयस्य
उत्तर: (A) चतुर्थस्य आलसस्य व्याख्या: चौथे आलसी ने कहा—"कितना बकवास करते हो, चुपचाप क्यों नहीं रहते?"
12. आधुनिक काल की प्रसिद्ध संस्कृत लेखिका कौन हैं?
(A) पण्डिता क्षमाराव
(B) विजयाङ्का
(C) गार्गी
(D) मैत्रेयी
उत्तर: (A) पण्डिता क्षमाराव व्याख्या: आधुनिक संस्कृत साहित्यकारों में पण्डिता क्षमाराव (1890-1953) सर्वप्रमुख हैं।
13. याज्ञवल्क्य ने आत्मतत्त्व की शिक्षा किसको दी थी?
(A) मैत्रेयीम्
(B) गार्गीम्
(C) सुलभाम्
(D) कात्यायनीम्
उत्तर: (A) मैत्रेयीम् व्याख्या: बृहदारण्यकोपनिषद् में महर्षि याज्ञवल्क्य अपनी धर्मपत्नी मैत्रेयी को आत्मज्ञान देते हैं।
14. 'मधुराविजयम्' महाकाव्य की रचना किसने की?
(A) गङ्गादेवी
(B) तिरुमलाम्बा
(C) शीलाभट्टारिका
(D) देवकुमारिका
उत्तर: (A) गङ्गादेवी व्याख्या: चौदहवीं सदी में कम्पणराय की रानी गङ्गादेवी ने 'मधुराविजयम्' रचा था।
15. 'वरदाम्बिकापरिणय' चम्पूकाव्य की लेखिका कौन हैं?
(A) तिरुमलाम्बा
(B) विजयाङ्का
(C) गङ्गादेवी
(D) क्षमाराव
उत्तर: (A) तिरुमलाम्बा व्याख्या: अच्युतराय की रानी तिरुमलाम्बा ने वरदाम्बिकापरिणय नामक चम्पूकाव्य रचा।
16. 'भारत महिमा' पाठ का प्रथम श्लोक किस पुराण से उद्धृत है?
(A) विष्णुपुराणात्
(B) भागवतपुराणात्
(C) मत्स्यपुराणात्
(D) शिवपुराणात्
उत्तर: (A) विष्णुपुराणात् व्याख्या: "गायन्ति देवाः किल गीतकानि..." यह श्लोक विष्णु पुराण से संकलित है।
17. हमारी मातृभूमि कैसी है?
(A) वत्सला
(B) विशाला
(C) निर्मला
(D) एताः सर्वाः (उपर्युक्त सभी)
उत्तर: (D) एताः सर्वाः (उपर्युक्त सभी) व्याख्या: पाठ के अनुसार भारतभूमि वत्सला, विशाला और निर्मला तीनों है।
18. भारतीय जीवन में प्राचीनकाल से किस बात का महत्त्व रहा है?
(A) संस्काराणाम्
(B) धनानाम्
(C) वस्त्राणाम्
(D) युद्धस्य
उत्तर: (A) संस्काराणाम् व्याख्या: भारतीय संस्कृति का मूल गौरव उसके 16 संस्कारों में निहित है।
19. संस्कार कुल कितने हैं?
(A) षोडश (16)
(B) द्वादश (12)
(C) चतुर्दश (14)
(D) विंशतिः (20)
उत्तर: (A) षोडश (16) व्याख्या: सनातन वैदिक संस्कृति में कुल सोलह (षोडश) संस्कार होते हैं।
20. जन्मपूर्व कितने संस्कार होते हैं?
(A) त्रयः (3)
(B) षट् (6)
(C) पञ्च (5)
(D) एकः (1)
उत्तर: (A) त्रयः (3) व्याख्या: गर्भाधान, पुंसवन और सीमन्तोन्नयन—ये तीन संस्कार जन्म से पूर्व के हैं।
21. शिक्षा सम्बन्धी संस्कार कितने हैं?
(A) पञ्च (5)
(B) षट् (6)
(C) त्रयः (3)
(D) चत्वारः (4)
उत्तर: (A) पञ्च (5) व्याख्या: अक्षराम्भ, उपनयन, वेदारम्भ, केशान्त और समावर्तन—ये 5 शिक्षा संस्कार हैं।
22. सीमन्तोन्नयन किस संस्कार का भेद है?
(A) जन्मपूर्व संस्कारस्य
(B) शैशवसंस्कारस्य
(C) विवाहस्य
(D) मरणोत्तरस्य
उत्तर: (A) जन्मपूर्व संस्कारस्य व्याख्या: यह गर्भस्थ शिशु तथा माता की रक्षा हेतु जन्मपूर्व किया जाने वाला संस्कार है।
23. 'नीतिश्लोकाः' पाठ किस ग्रन्थ से संकलित है?
(A) विदुरनीतेः
(B) चाणक्यनीतेः
(C) शुक्रनीतेः
(D) भर्तृहरिशतकात्
उत्तर: (A) विदुरनीतेः व्याख्या: महाभारत के उद्योगपर्व में संकलित 'विदुरनीति' से यह पाठ उद्धृत है।
24. नरक के कितने द्वार हैं जो आत्मा का नाश करते हैं?
(A) त्रयः (3)
(B) चत्वारः (4)
(C) पञ्च (5)
(D) षट् (6)
उत्तर: (A) त्रयः (3) व्याख्या: "त्रिविधं नरकस्येदं द्वारं नाशनमात्मनः। कामः क्रोधस्तथा लोभः..."।
25. मनुष्य को कितने दोषों का त्याग कर देना चाहिए?
(A) षट् (6)
(B) पञ्च (5)
(C) अष्टौ (8)
(D) सप्त (7)
उत्तर: (A) षट् (6) व्याख्या: निद्रा, तन्द्रा, भय, क्रोध, आलस्य और दीर्घसूत्रता—इन 6 दोषों को छोड़ना चाहिए।
26. अहिंसा से किसकी प्राप्ति होती है?
(A) सुखम्
(B) धनम्
(C) ज्ञानम्
(D) मोक्षः
उत्तर: (A) सुखम् व्याख्या: "अहिंसैका सुखावहा"—अहिंसा से परम सुख की प्राप्ति होती है।
27. 'कर्मवीर' कौन है?
(A) रामप्रवेश रामः
(B) श्यामसुन्दरः
(C) मन्त्री
(D) शिक्षकः
उत्तर: (A) रामप्रवेश रामः व्याख्या: रामप्रवेश राम ने विपरीत परिस्थितियों में भी सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
28. भीखनटोला देखने कौन आया था?
(A) नवीनदृष्टिसम्पन्नः शिक्षकः
(B) राजा
(C) नेता
(D) मन्त्री
उत्तर: (A) नवीनदृष्टिसम्पन्नः शिक्षकः व्याख्या: भीखनटोला गाँव में प्राथमिक विद्यालय में एक नवीन विचार वाले शिक्षक आए थे।
29. रामप्रवेश राम का जन्म किस राज्य में हुआ था?
(A) बिहार राज्ये
(B) उत्तरप्रदेशे
(C) मध्यप्रदेशे
(D) झारखण्डे
उत्तर: (A) बिहार राज्ये व्याख्या: भीखनटोला गाँव बिहार राज्य के दुर्गम क्षेत्र में स्थित है।
30. स्वामी दयानन्द के बचपन का नाम क्या था?
(A) मूलशङ्करः
(B) शिवशङ्करः
(C) दयानन्दः
(D) दयाशङ्करः
उत्तर: (A) मूलशङ्करः व्याख्या: मूल नक्षत्र में उत्पन्न होने के कारण उनका नाम 'मूलशंकर' रखा गया था।
31. स्वामी दयानन्द ने 'आर्य समाज' की स्थापना कहाँ की?
(A) मुम्बई नगरे
(B) कोलकातायाम्
(C) देहल्याम्
(D) पाटलिपुत्रे
उत्तर: (A) मुम्बई नगरे व्याख्या: स्वामी दयानन्द ने 1875 ई. में मुम्बई में आर्य समाज की स्थापना की।
32. डी०ए०वी० (DAV) विद्यालयों की स्थापना किसने की?
(A) दयानन्द के अनुयायियों ने
(B) दयानन्द ने स्वयं
(C) विवेकानन्द ने
(D) सरकार ने
उत्तर: (A) दयानन्द के अनुयायियों ने व्याख्या: स्वामी दयानन्द की मृत्यु (1883) के पश्चात् उनके अनुयायियों ने DAV स्कूल खोले।
33. 'मन्दाकिनीवर्णनम्' पाठ के कवि कौन हैं?
(A) महर्षि वाल्मीकिः
(B) महर्षि वेदव्यासः
(C) कालिदासः
(D) तुलसीदासः
उत्तर: (A) महर्षि वाल्मीकिः व्याख्या: यह पाठ वाल्मीकि रामायण के अयोध्या काण्ड के 95वें सर्ग से संकलित है।
34. मन्दाकिनी नदी में कौन स्नान करते हैं?
(A) ऋषयः
(B) राक्षसाः
(C) देवाः
(D) पशवः
उत्तर: (A) ऋषयः व्याख्या: "जटावल्कलधारिणः... ऋषयोऽवगाहन्ते" अर्थात् पवित्र ऋषिगण उसमें स्नान करते हैं।
35. 'हितोपदेशः' के रचनाकार कौन हैं?
(A) नारायण पण्डितः
(B) विष्णु शर्मा
(C) बाणभट्टः
(D) दण्डी
उत्तर: (A) नारायण पण्डितः व्याख्या: हितोपदेश नीतिकथा ग्रन्थ के रचयिता नारायण पण्डित हैं।
36. "इदं सुवर्णकङ्कणं गृह्यताम्" किसने कहा?
(A) व्याघ्रः (बाघ ने)
(B) पथिकः (पथिक ने)
(C) साधुः
(D) राजा
उत्तर: (A) व्याघ्रः (बाघ ने) व्याख्या: वृद्ध बाघ ने हाथ फैलाकर कहा कि यह सोने का कंगन ले लो।
37. भाग्य से ही ऐसा सम्भव होता है—किसने सोचा?
(A) पथिक ने
(B) बाघ ने
(C) शिकारी ने
(D) मन्त्री ने
उत्तर: (A) पथिक ने व्याख्या: "भाग्येन एतत् सम्भवति" ऐसा लालची पथिक ने मन में विचार किया।
38. सूर्यपुत्र कौन था?
(A) कर्णः
(B) अर्जुनः
(C) भीमः
(D) युधिष्ठिरः
उत्तर: (A) कर्णः व्याख्या: कर्ण कुन्ती और भगवान सूर्य के पुत्र थे।
39. 'कर्णस्य दानवीरता' किस प्रकार का रूपक है?
(A) एकाङ्की नाटक (भासकृत)
(B) महाकाव्य
(C) उपन्यास
(D) चम्पू
उत्तर: (A) एकाङ्की नाटक (भासकृत) व्याख्या: यह महाकवि भास के 'कर्णभारम्' रूपक से संकलित है।
40. "न दातव्यम्, न दातव्यम्" कर्ण से किसने कहा?
(A) शल्यराज ने
(B) कृष्ण ने
(C) दुर्योधन ने
(D) शकुनि ने
उत्तर: (A) शल्यराज ने व्याख्या: मद्रराज शल्य ने कर्ण को कवच-कुण्डल दान करने से रोका था।
41. 'विश्वशान्ति' पाठ में किस वातावरण का चित्रण है?
(A) अशान्तेः
(B) शान्तेः
(C) युद्धस्य
(D) उत्सवस्य
उत्तर: (A) अशान्तेः व्याख्या: वर्तमान संसार में व्याप्त अशान्ति और हिंसा का चित्रण इस पाठ में है।
42. 'परोपकारः' किसकी शान्ति का साधन है?
(A) वैरस्य / अशान्तेः
(B) सुखस्य
(C) धनस्य
(D) क्रोधस्य
उत्तर: (A) वैरस्य / अशान्तेः व्याख्या: परोपकार और मित्रता से ही शत्रुता व अशांति का शमन सम्भव है।
43. न्याय दर्शन के संस्थापक कौन हैं?
(A) महर्षि गौतमः
(B) कणादः
(C) कपिलः
(D) बादरायणः
उत्तर: (A) महर्षि गौतमः व्याख्या: न्याय सूत्र के रचयिता महर्षि गौतम हैं।
44. वैशेषिक दर्शन के प्रवर्तक कौन हैं?
(A) महर्षि कणादः
(B) पतञ्जलिः
(C) जैमिनिः
(D) व्यासः
उत्तर: (A) महर्षि कणादः व्याख्या: कणाद (उलूक) ने वैशेषिक दर्शन का प्रवर्तन किया।
45. 'मीमांसा दर्शन' के प्रवर्तक कौन हैं?
(A) जैमिनिः
(B) बादरायणः
(C) कणादः
(D) गौतमः
उत्तर: (A) जैमिनिः व्याख्या: पूर्व मीमांसा दर्शन के रचनाकार महर्षि जैमिनि हैं।
46. 'आर्यभट्टीयम्' किसकी रचना है?
(A) आर्यभट्टस्य
(B) वराहमिहिरस्य
(C) चरकस्य
(D) सुश्रुतस्य
उत्तर: (A) आर्यभट्टस्य व्याख्या: खगोलशास्त्री व गणितज्ञ आर्यभट्ट ने 'आर्यभट्टीयम्' लिखा।
47. 'बृहत्संहिता' के रचयिता कौन हैं?
(A) वराहमिहिरः
(B) आर्यभट्टः
(C) पराशरः
(D) भास्कराचार्यः
उत्तर: (A) वराहमिहिरः व्याख्या: वराहमिहिर ने प्रसिद्ध विशाल ग्रन्थ 'बृहत्संहिता' रचा।
48. 'चरकसंहिता' किस शास्त्र का प्रमुख ग्रन्थ है?
(A) आयुर्वेदशास्त्रस्य
(B) खगोलशास्त्रस्य
(C) वास्तुशास्त्रस्य
(D) छन्दःशास्त्रस्य
उत्तर: (A) आयुर्वेदशास्त्रस्य व्याख्या: महर्षि चरक रचित चरकसंहिता आयुर्वेद का महान ग्रन्थ है।
49. छन्द शास्त्र के प्रवर्तक कौन हैं?
(A) पिङ्गलाचार्यः
(B) पाणिनिः
(C) यास्कः
(D) गार्ग्यः
उत्तर: (A) पिङ्गलाचार्यः व्याख्या: छन्दःसूत्र के प्रणेता आचार्य पिङ्गल माने जाते हैं।
50. व्याकरण शास्त्र के सर्वाधिक प्रसिद्ध आचार्य कौन हैं?
(A) पाणिनिः
(B) कालिदासः
(C) भासः
(D) बाणभट्टः
उत्तर: (A) पाणिनिः व्याख्या: 'अष्टाध्यायी' के प्रणेता महर्षि पाणिनि विश्वप्रसिद्ध वैयाकरण हैं।
51. 'इ + अ' के योग से कौन-सा नया वर्ण बनता है?
(A) य
(B) व
(C) र
(D) ऐ
उत्तर: (A) य व्याख्या: यण् सन्धि (इको यणचि) के अनुसार इ/ई के आगे अ आने पर 'य' बनता है।
52. 'उप + इन्द्रः' की सन्धि क्या होगी?
(A) उपेन्द्रः
(B) उपिन्द्रः
(C) उपैन्द्रः
(D) अपेन्द्रः
उत्तर: (A) उपेन्द्रः व्याख्या: अ + इ = ए (आद्गुणः सूत्र से गुण सन्धि)।
53. 'देव + आलयः' में कौन-सी सन्धि है?
(A) दीर्घ स्वर सन्धि
(B) गुण सन्धि
(C) यण् सन्धि
(D) वृद्धि सन्धि
उत्तर: (A) दीर्घ स्वर सन्धि व्याख्या: अ + आ = आ (अकः सवर्णे दीर्घः सूत्र से दीर्घ सन्धि)।
54. 'पवनः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) पो + अनः
(B) पौ + अनः
(C) प + वनः
(D) पव + नः
उत्तर: (A) पो + अनः व्याख्या: अयादि सन्धि (एचोऽयवायावः) के अनुसार ओ + अ = अव् + अ = अव।
55. 'पावकः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) पौ + अकः
(B) पो + अकः
(C) पाव + कः
(D) पा + वकः
उत्तर: (A) पौ + अकः व्याख्या: औ + अ मिलकर 'आव् + अ' = आवकः बनता है।
56. 'जगदीशः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) जगत् + ईशः
(B) जग + दीशः
(C) जगद् + ईशः
(D) जगदी + शः
उत्तर: (A) जगत् + ईशः व्याख्या: 'झलां जशोऽन्ते' से त् का तृतीय वर्ण 'द्' हो जाता है (व्यञ्जन सन्धि)।
57. 'निश्चलः' का सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
(A) निः + चलः
(B) निस् + चलः
(C) निश्च + लः
(D) नी + चलः
उत्तर: (A) निः + चलः व्याख्या: विसर्ग सन्धि के नियमानुसार च् परे होने पर विसर्ग का श् होता है।
58. किस समास का पहला पद संख्यावाचक होता है?
(A) द्विगु
(B) द्वन्द्व
(C) तत्पुरुष
(D) बहुव्रीहि
उत्तर: (A) द्विगु व्याख्या: पाणिनीय सूत्र 'संख्यापूर्वो द्विगुः' के अनुसार पहला पद संख्यावाची होता है।
59. 'पञ्चवटी' में कौन-सा समास है?
(A) द्विगु
(B) द्वन्द्व
(C) तत्पुरुष
(D) कर्मधारय
उत्तर: (A) द्विगु व्याख्या: पञ्चानां वटानां समाहारः = पञ्चवटी (द्विगु समास)।
60. 'दशाननः' किस समास का उदाहरण है?
(A) बहुव्रीहि
(B) द्विगु
(C) तत्पुरुष
(D) अव्ययीभाव
उत्तर: (A) बहुव्रीहि व्याख्या: दश आननानि यस्य सः (रावणः)—अन्य पद प्रधान होने से बहुव्रीहि है।
61. 'यथाशक्ति' में कौन-सा समास है?
(A) अव्ययीभाव
(B) तत्पुरुष
(C) कर्मधारय
(D) द्वन्द्व
उत्तर: (A) अव्ययीभाव व्याख्या: शक्तिम् अनतिक्रम्य = यथाशक्ति (पूर्वपद 'यथा' अव्यय है)।
62. 'मातापितरौ' में कौन-सा समास है?
(A) द्वन्द्व
(B) द्विगु
(C) कर्मधारय
(D) बहुव्रीहि
उत्तर: (A) द्वन्द्व व्याख्या: 'उभयपदप्रधानो द्वन्द्वः'—माता च पिता च = द्वन्द्व समास।
63. 'राजपुरुषः' का सामासिक विग्रह क्या होगा?
(A) राज्ञः पुरुषः
(B) राजा च पुरुषः
(C) राजाय पुरुषः
(D) राजेन पुरुषः
उत्तर: (A) राज्ञः पुरुषः व्याख्या: राजा का पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष समास)।
64. 'अभितः' के योग में कौन-सी विभक्ति प्रयुक्त होती है?
(A) द्वितीया
(B) तृतीया
(C) चतुर्थी
(D) पञ्चमी
उत्तर: (A) द्वितीया व्याख्या: "अभितः परितः समयानिकषाहाप्रतियोगेऽपि" वार्तिक से द्वितीया होती है।
65. 'ग्रामम् उभयतः वृक्षाः सन्ति' में द्वितीया विभक्ति किस सूत्र से हुई है?
(A) उभयतः योगे द्वितीया
(B) कर्मणि द्वितीया
(C) कालाध्वनोरत्यन्तसंयोगे
(D) कर्तुरीप्सिततमम्
उत्तर: (A) उभयतः योगे द्वितीया व्याख्या: उभयतः (दोनों ओर) अव्यय के योग में द्वितीया विभक्ति आती है।
66. 'नमः' के योग में कौन-सी विभक्ति होती है?
(A) चतुर्थी
(B) तृतीया
(C) पञ्चमी
(D) द्वितीया
उत्तर: (A) चतुर्थी व्याख्या: "नमःस्वस्तिस्वाहास्वधालंवषड्योगाच्च" सूत्र से चतुर्थी होती है (उदा. शिवाय नमः)।
67. 'वृक्षात् पत्रं पतति' में 'वृक्षात्' में पञ्चमी किस सूत्र से हुई है?
(A) अपादाने पञ्चमी
(B) भुवः प्रभवश्च
(C) जनीकर्तुः प्रकृतिः
(D) आख्यातोपयोगे
उत्तर: (A) अपादाने पञ्चमी व्याख्या: वस्तु के अलग (ध्रुवमपायेऽपादानम्) होने पर अपादान कारक में पञ्चमी विभक्ति होती है।
68. 'सह' शब्द के योग में कौन-सी विभक्ति होती है?
(A) तृतीया
(B) चतुर्थी
(C) द्वितीया
(D) पञ्चमी
उत्तर: (A) तृतीया व्याख्या: 'सहार्थे तृतीया' सूत्र से साथ अर्थ में तृतीया विभक्ति लगती है।
69. संस्कृत में कुल कितने उपसर्ग होते हैं?
(A) द्वाविंशतिः (22)
(B) विंशतिः (20)
(C) एकविंशतिः (21)
(D) पञ्चविंशतिः (25)
उत्तर: (A) द्वाविंशतिः (22) व्याख्या: संस्कृत व्याकरण में प्र, परा, अप, सम् इत्यादि कुल 22 उपसर्ग स्वीकार किए गए हैं।
70. 'अभिज्ञानम्' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) अभि
(B) अप
(C) अव
(D) आङ्
उत्तर: (A) अभि व्याख्या: अभि + ज्ञानम् = अभिज्ञानम् (अभि उपसर्ग)।
71. 'प्रचारः' में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) प्र
(B) परा
(C) परि
(D) प्रति
उत्तर: (A) प्र व्याख्या: प्र + चारः = प्रचारः।
72. 'उपकारः' शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
(A) उप
(B) अप
(C) उत्
(D) अनु
उत्तर: (A) उप व्याख्या: उप + कारः = उपकारः।
73. 'भू' धातु लट् लकार प्रथम पुरुष एकवचन का रूप क्या है?
(A) भवति
(B) भवन्ति
(C) भवसि
(D) भवामि
उत्तर: (A) भवति व्याख्या: लट् लकार वर्तमान काल: भवति, भवतः, भवन्ति।
74. 'पठिष्यति' किस लकार का रूप है?
(A) लृट् लकार
(B) लट् लकार
(C) लङ् लकार
(D) लोट् लकार
उत्तर: (A) लृट् लकार व्याख्या: 'पठिष्यति' भविष्यत् काल (लृट् लकार) प्रथम पुरुष एकवचन का रूप है।
75. 'अगच्छत्' किस लकार का रूप है?
(A) लङ् लकार
(B) लट् लकार
(C) लोट् लकार
(D) विधिलिङ्
उत्तर: (A) लङ् लकार व्याख्या: 'अगच्छत्' भूतकाल (लङ् लकार) प्रथम पुरुष एकवचन का रूप है।
76. 'तिष्ठति' किस धातु का रूप है?
(A) स्था
(B) तिष्ठ्
(C) दा
(D) पा
उत्तर: (A) स्था व्याख्या: 'स्था' (ठहरना) धातु का लट् लकार में तिष्ठति रूप बनता है।
77. 'असि' किस धातु और लकार का रूप है?
(A) अस् (लट्, मध्यम पुरुष, एकवचन)
(B) भू (लोट्)
(C) अस् (उत्तम पुरुष)
(D) अस्ति (लङ्)
उत्तर: (A) अस् (लट्, मध्यम पुरुष, एकवचन) व्याख्या: अस्ति, स्तः, सन्ति | असि, स्थः, स्थ | अस्मि, स्वः, स्मः।
78. 'बालक' शब्द का तृतीया एकवचन रूप क्या है?
(A) बालकेन
(B) बालकाय
(C) बालकात्
(D) बालकस्य
उत्तर: (A) बालकेन व्याख्या: अकारान्त बालक शब्द का तृतीया एकवचन रूप 'बालकेन' होता है।
79. 'लतायै' किस विभक्ति का रूप है?
(A) चतुर्थी
(B) तृतीया
(C) पञ्चमी
(D) द्वितीया
उत्तर: (A) चतुर्थी व्याख्या: आकारान्त स्त्रीलिङ्ग 'लता' का चतुर्थी एकवचन 'लतायै' होता है।
80. 'मुनये' किस विभक्ति का रूप है?
(A) चतुर्थी
(B) पञ्चमी
(C) षष्ठी
(D) तृतीया
उत्तर: (A) चतुर्थी व्याख्या: इकारान्त पुंल्लिङ्ग 'मुनि' शब्द का चतुर्थी एकवचन 'मुनये' होता है।
81. 'साधु' शब्द का सप्तमी एकवचन में रूप क्या होगा?
(A) साधौ
(B) साधुना
(C) साधवे
(D) साधोः
उत्तर: (A) साधौ व्याख्या: उकारान्त पुंल्लिङ्ग साधु शब्द का सप्तमी एकवचन 'साधौ' बनता है।
82. 'नदीम्' किस विभक्ति का रूप है?
(A) द्वितीया एकवचन
(B) तृतीया एकवचन
(C) प्रथमा एकवचन
(D) षष्ठी बहुवचन
उत्तर: (A) द्वितीया एकवचन व्याख्या: ईकारान्त नदी शब्द का द्वितीया एकवचन 'नदीम्' होता है।
83. 'अस्माकम्' में कौन-सी मूल प्रातिपदिक है?
(A) अस्मद्
(B) युष्मद्
(C) तद्
(D) इदम्
उत्तर: (A) अस्मद् व्याख्या: अस्मद् सर्वनाम शब्द का षष्ठी बहुवचन 'अस्माकम्' (हमारा) होता है।
84. 'युष्माकम्' किस विभक्ति का रूप है?
(A) षष्ठी बहुवचन
(B) पञ्चमी बहुवचन
(C) तृतीया बहुवचन
(D) सप्तमी बहुवचन
उत्तर: (A) षष्ठी बहुवचन व्याख्या: युष्मद् सर्वनाम (तव, युवयोः, युष्माकम्) की षष्ठी बहुवचन का रूप है।
85. 'स्था + क्त्वा' से कौन-सा शब्द बनेगा?
(A) स्थित्वा
(B) स्थात्वा
(C) स्थायित्व
(D) स्थापित्वा
उत्तर: (A) स्थित्वा व्याख्या: स्था धातु में क्त्वा प्रत्यय लगाने पर 'स्थित्वा' (ठहरकर) रूप बनता है।
86. 'हन् + क्त्वा' से कौन-सा शब्द निष्पन्न होगा?
(A) हत्वा
(B) हनित्वा
(C) हन्तव्यम्
(D) घातयित्वा
उत्तर: (A) हत्वा व्याख्या: हन् धातु में क्त्वा प्रत्यय जुड़ने से नकार का लोप होकर 'हत्वा' (मारकर) बनता है।
87. 'गम् + शतृ' से क्या रूप बनेगा?
(A) गच्छन्
(B) गच्छत्
(C) गन्तव्यम्
(D) गच्छन्ती
उत्तर: (A) गच्छन् व्याख्या: गम् धातु में वर्तमानकालिक 'शतृ' प्रत्यय लगने से पुंल्लिङ्ग में 'गच्छन्' बनता है।
88. 'पठ् + अनीयर्' से कौन-सा शब्द बनेगा?
(A) पठनीयम्
(B) पाठनम्
(C) पठितव्यम्
(D) पाठ्यम्
उत्तर: (A) पठनीयम् व्याख्या: 'अनीयर्' प्रत्यय 'चाहिए' अर्थ में जुड़कर पठनीयम् (पढ़ने योग्य) बनाता है।
89. 'कृ + तव्यत्' से निष्पन्न शब्द क्या होगा?
(A) कर्तव्यम्
(B) करणीयम्
(C) कृतम्
(D) कार्यम्
उत्तर: (A) कर्तव्यम् व्याख्या: कृ में तव्यत् जुड़ने से 'कर्तव्यम्' (करने योग्य) पद बनता है।
90. 'आ + गम् + ल्यप्' से क्या शब्द बनेगा?
(A) आगत्य (आगम्य)
(B) आगत्वा
(C) आगमनम्
(D) आयातः
उत्तर: (A) आगत्य (आगम्य) व्याख्या: धातु से पूर्व उपसर्ग होने पर क्त्वा के स्थान पर 'ल्यप्' प्रत्यय होकर आगत्य बनता है।
91. 'दातुं' में कौन-सा प्रत्यय है?
(A) तुमुन्
(B) क्त्वा
(C) ल्यप्
(D) क्त
उत्तर: (A) तुमुन् व्याख्या: दा + तुमुन् = दातुम् (देने के लिए)।
92. 'गतः' में कौन-सा प्रत्यय है?
(A) क्त
(B) क्तवतु
(C) शतृ
(D) क्त्वा
उत्तर: (A) क्त व्याख्या: गम् + क्त = गतः (भूतकाल कृदन्त प्रत्यय)।
93. 'गुरु + तरप्' से कौन-सा शब्द बनेगा?
(A) गुरुतरः
(B) गुरुतमः
(C) गौरवम्
(D) गुरुता
उत्तर: (A) गुरुतरः व्याख्या: तरप् प्रत्यय का 'तर' जुड़ता है, अतः 'गुरुतरः' बनता है।
94. 'महत् + तल्' से कौन-सा शब्द बनेगा?
(A) महत्ता
(B) महत्त्वम्
(C) महीयस्
(D) महा
उत्तर: (A) महत्ता व्याख्या: तल् प्रत्यय का 'ता' जुड़कर भाववाचक संज्ञा 'महत्ता' बनाता है।
95. 'मूषिक' शब्द का स्त्रीलिङ्ग रूप क्या होगा?
(A) मूषिका
(B) मूषिकी
(C) मूषिकानी
(D) मूषी
उत्तर: (A) मूषिका व्याख्या: मूषिक + टाप् = मूषिका (अजाद्यतष्टाप् सूत्र से टाप् प्रत्यय)।
96. 'नर्तक' + ङीष् से कौन-सा शब्द बनेगा?
(A) नर्तकी
(B) नर्तका
(C) नर्तकिनी
(D) नर्तक्या
उत्तर: (A) नर्तकी व्याख्या: 'षिद्गौरादिभ्यश्च' सूत्र से नर्तक में ङीष् प्रत्यय लगकर 'नर्तकी' बनता है।
97. 'इन्द्र' का स्त्रीलिङ्ग रूप क्या होगा?
(A) इन्द्राणी
(B) इन्द्रा
(C) इन्द्री
(D) इन्द्रिका
उत्तर: (A) इन्द्राणी व्याख्या: इन्द्र + ङीष् (आनुक् आगम) से 'इन्द्राणी' रूप बनता है।
98. 'पठेत्' किस लकार का रूप है?
(A) विधिलिङ्
(B) लट्
(C) लोट्
(D) लङ्
उत्तर: (A) विधिलिङ् व्याख्या: चाहिए अर्थ में विधिलिङ् लकार प्रथम पुरुष एकवचन का रूप 'पठेत्' है।
99. 'वद' किस लकार और पुरुष का रूप है?
(A) लोट् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन
(B) लट् लकार, प्रथम पुरुष
(C) लङ् लकार, उत्तम पुरुष
(D) विधिलिङ्
उत्तर: (A) लोट् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन व्याख्या: लोट् लकार में वद् धातु के मध्यम पुरुष रूप: वद, वदतम्, वदत।
100. 'अहम् त्वाम् पश्यामि' में 'त्वाम्' किस विभक्ति का रूप है?
(A) द्वितीया एकवचन
(B) प्रथमा एकवचन
(C) तृतीया एकवचन
(D) षष्ठी एकवचन
उत्तर: (A) द्वितीया एकवचन व्याख्या: युष्मद् सर्वनाम के द्वितीया एकवचन का रूप 'त्वाम्' (तुझको) होता है।
खण्ड - 'ब' : 2 संस्कृत गद्यांश (हल सहित)
गद्यांश - 1
परिश्रमः मानवस्य सर्वश्रेष्ठः बन्धुः अस्ति। आलस्यं तु मानवशरीरस्य महान् शत्रुः। आलस्येन युक्ताः नराः कदापि जीवने सफलतां न प्राप्नुवन्ति। उद्योगेन एव कार्याणि सिध्यन्ति न तु मनोरथैः। न हि सुप्तस्य सिंहस्य मुखे मृगाः स्वयं प्रविशन्ति। अतः यः जनः सदा श्रमेण विद्याम् अर्जयति, सः एव संसारे मानं यशः च लभते।
(क) एकपदेन उत्तरत:
1. मानवशरीरस्य महान् शत्रुः कः? उत्तर: आलस्यम्।
2. कार्याणि केन सिध्यन्ति? उत्तर: उद्योगेन (श्रमेण)।
(ख) पूर्णवाक्येन उत्तरत:
1. सुप्तस्य सिंहस्य मुखे के न प्रविशन्ति? उत्तर: सुप्तस्य सिंहस्य मुखे मृगाः न प्रविशन्ति।
2. कः जनः संसारे मानं यशः च लभते? उत्तर: यः जनः सदा श्रमेण विद्याम् अर्जयति सः संसारे मानं यशः च लभते।
(ग) अस्य गद्यांशस्य समुचितं शीर्षकं लिखत:
उत्तर: परिश्रमस्य महत्त्वम् (उद्योगः)।
गद्यांश - 2
वृक्षाः अस्माकं परमोपकारिणः मित्राणि सन्ति। ते जीवेभ्यः प्राणवायुम् (ऑक्सीजन) प्रयच्छन्ति, विषवायुं (कार्बन डाइऑक्साइड) च गृह्णन्ति। वृक्षाः पर्जन्यस्य (मेघस्य) कारणं भवन्ति, येन समये वृष्टिः भवति। तेभ्यः वयं फलानि, काष्ठानि, पुष्पाणि, ओषधीः च प्राप्नुमः। अतः वृक्षाणां रोपणं रक्षणं च मानवस्य परमं कर्तव्यं वर्तते।
(क) एकपदेन उत्तरत:
1. अस्माकं परमोपकारिणः मित्राणि के सन्ति? उत्तर: वृक्षाः।
2. वृक्षाः जीवेभ्यः कम् प्रयच्छन्ति? उत्तर: प्राणवायुम्।
(ख) पूर्णवाक्येन उत्तरत:
1. वृक्षेभ्यः वयं कानि कानि प्राप्नुमः? उत्तर: वृक्षेभ्यः वयं फलानि, काष्ठानि, पुष्पाणि, ओषधीः च प्राप्नुमः।
2. मानवस्य परमं कर्तव्यं किम् अस्ति? उत्तर: वृक्षाणां रोपणं रक्षणं च मानवस्य परमं कर्तव्यं अस्ति।
(ग) अस्य गद्यांशस्य उपयुक्तं शीर्षकं लिखत:
उत्तर: वृक्षाणां महत्त्वम् (पर्यावरणरक्षणम्)।
संस्कृत पत्रलेखनम् (4 पूर्ण पत्र प्रारूप सहित)
1. शुल्कमुक्ति-हेतु प्रधानाध्यापकं प्रति प्रार्थनापत्रम् (फीस माफी हेतु आवेदन पत्र)
सेवायाम्,
श्रीमन्तः प्रधानाध्यापक महोदयाः,
राजकीय उच्च विद्यालयः, मुंगेरम्।

विषयः - शिक्षणशुल्क-मुक्ति-प्रार्थनापत्रम्।

महोदय,
सविनयं सप्रश्रयं निवेदयामि यत् अहम् अस्य विद्यालयस्य दशमकक्षायाः एकः निर्धनः छात्रः अस्मि। मम पिता एकः साधारणः कृषकः अस्ति। तस्य मासिकी आयः अतिन्यूनः वर्तते, येन मम परिवारस्य भरणपोषणम् अपि काठिन्येन भवति। मम शिक्षणशुल्कं दातुं मम पिता असमर्थः अस्ति। अहम् अतीव परिश्रमी छात्रः अस्मि तथा गतवर्षे वर्गे प्रथमस्थानम् अलभम्।
अतः श्रीमन्तं प्रार्थये यत् मम शिक्षणशुल्कं क्षमां कृत्वा माम् अध्ययनस्य अवसरं प्रयच्छन्तु।

भवताम् आज्ञाकारी शिष्यः
नाम: राहुल कुमारः
वर्गः: दशमः 'क'
दिनाङ्कः: 02.03.2021
2. पितरं प्रति परीक्षाफल-वृत्तान्त-पत्रम् (पिता को परीक्षाफल की सूचना हेतु पत्र)
स्थानम् - पाटलिपुत्रम्
दिनाङ्कः - 10.04.2021

पूज्याः पितृचरणाः,
सादरं प्रणामाः।

अत्र कुशलं तत्रास्तु। भवतां पत्रं प्राप्तम्, समाचारः ज्ञातः। अतीव प्रसन्नतया सूचयामि यत् मम दशमकक्षायाः अर्धवार्षिक-परीक्षायाः परिणामः अद्यैव प्रकाशितः जातः। मया सर्वोत्कृष्टम् अङ्कं लब्ध्वा स्वविद्यालये प्रथमं स्थानं प्राप्तम्। संस्कृते गणिते च मया नवति-प्रतिशतम् (90%) अङ्काः प्राप्ताः। एतत् सर्वं भवताम् आशीर्वादेन एव सम्भवम् अभवत्। अहम् आगामि-वार्षिकपरीक्षायां राज्ये श्रेष्ठस्थानं प्राप्तुं निरन्तरं श्रमेण पठामि।

मातृचरणयोः प्रणामाञ्जलिः। अनुजाय स्नेहः।

भवदीयः आज्ञाकारी पुत्रः
आनन्दः
3. शैक्षिक-भ्रमणार्थम् अनुमतिं याचितुं पितरं प्रति पत्रम् (शैक्षिक भ्रमण हेतु अनुमति पत्र)
स्थानम् - छात्रावासः, समस्तीपुरम्
दिनाङ्कः - 18.09.2021

पूज्यपाद पितृमहोदय,
चरणकमलेषु साष्टाङ्ग प्रणामाः।

अहम् अत्र कुशली अस्मि। अस्माकं विद्यालयस्य दशमकक्षायाः छात्राः इतिहास-शिक्षकेण सह राजगीर-नालन्दा-भ्रमणार्थं गन्तुम् इच्छन्ति। अस्य शैक्षिक-भ्रमणस्य उद्देश्यं प्राचीन-ऐतिहासिक-स्थलानां प्रत्यक्ष-ज्ञान-प्राप्तिः अस्ति। एतदर्थं प्रत्येकं छात्रात् एकसहस्रं (1000) रूप्यकाणि शुल्करूपेण निश्चितं कृतम्। अहमपि एतेन सह गन्तुम् इच्छामि। अतः मह्यं भ्रमणार्थम् अनुमतिं तथा सहस्ररूप्यकाणि प्रेषयितुम् अनुग्रहं कुर्वन्तु।

भवतः प्रियपुत्रः
विकासः
4. मित्रं प्रति पत्रम् (स्वग्रामस्य वर्णनम् / गाँव की शोभा का वर्णन)
स्थानम् - वैशाली
दिनाङ्कः - 22.11.2021

प्रिय मित्र सौरभ,
सप्रेम नमस्ते।

अहम् अत्र कुशलः तत्रापि कुशलं कामये। अस्मिन् पत्रे अहम् त्वाम् मम ग्रामस्य सौन्दर्य-विषये कथयामि। मम ग्रामस्य नाम 'सुन्दरपुरम्' अस्ति। मम ग्रामः प्राकृतिक-शोभायाः आगारः अस्ति। ग्रामस्य परितः शस्यश्यामलानि क्षेत्राणि, आम्रवृक्षाणां कुञ्जाः, एकः निर्मलः जलाशयः च सन्ति। अत्र प्रदूषणं नास्ति, वायुः अतीव शुद्धः भवति। ग्रामवासिनः सरलाः परिश्रमिणः च सन्ति। ग्रीष्मावकाशे त्वम् अवश्यमेव मम ग्रामम् आगच्छ।

तव अभिन्नं मित्रम्
प्रवीणः
संस्कृत अनुच्छेद-लेखनम् (5 प्रमुख विषय)
1. महाकविः कालिदासः (मम प्रियकविः)

1. कालिदासः संस्कृतसाहित्यस्य सर्वश्रेष्ठः कविः अस्ति।
2. सः कविशिरोमणिः 'कविकुलगुरुः' इति उपाधिना प्रसिद्धः अस्ति।
3. कालिदासस्य सप्त ग्रन्थाः अतीव लोकप्रियाः सन्ति।
4. तेषु 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' नाम नाटकं विश्वप्रसिद्धं नाटकम् अस्ति।
5. सः 'रघुवंशम्' 'कुमारसम्भवम्' च इति द्वे महाकाव्ये अरचयत्।
6. 'उपमा कालिदासस्य' इति उक्तिः तस्य उपमाप्रयोगस्य श्रेष्ठतां प्रकटयति।
7. तस्य काव्येषु भारतीयसंस्कृतेः प्रकृतेः च रमणीयं वर्णनं प्राप्यते।

2. भारतवर्षम् (अस्माकं देशः)

1. भारतवर्षम् अस्माकं प्रियः जन्मभूमिः देशः च अस्ति।
2. अयम् देशः उत्तरदिशि हिमालयेन रक्षितः अस्ति।
3. दक्षिणदिशि हिन्दमहासागरः अस्य पादौ प्रक्षालयति।
4. अत्र गङ्गा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी इत्यादयः पावनाः नद्यः प्रवहन्ति।
5. भारते विभिन्नाः धर्माः, जातयः, भाषाः च सन्ति।
6. तथापि सर्वे नागरिकाः 'वसुधैव कुटुम्बकम्' भावनया मिलित्वा वसन्ति।
7. भारतस्य संस्कृतिः विश्वे सर्वप्राचीना श्रेष्ठा च मन्यते।

3. अनुशासनम् (छात्रजीवने अनुशासनस्य महत्त्वम्)

1. नियमपूर्वकं कार्यसम्पादनम् एव अनुशासनम् कथ्यते।
2. मानवानां कृते अनुशासनं सर्वथा अनिवार्यं वर्तते।
3. अनुशासनं विना समाजः राष्ट्रं वा कदापि उन्नतिं कर्तुं न शक्नोति।
4. छात्रजीवने अनुशासनस्य विशेषं महत्त्वम् अस्ति।
5. यः छात्रः गुरुजनान् आज्ञापालने अनुसरति, सः एव यशः लभते।
6. प्रकृतौ अपि सूर्यः, चन्द्रः, ऋतवः च नियमेन अनुशासने वर्तन्ते।
7. अतः सर्वैः जनैः अनुशासनस्य पालनं कर्तव्यम्।

4. आदर्शः छात्रः

1. यः विद्याध्ययने सदा तत्परः भवति, सः आदर्शः छात्रः उच्यते।
2. आदर्शः छात्रः प्रातःकाले उत्थाय ईश्वरं गुरुं पितरौ च प्रणमति।
3. सः विनयी, शिष्टाचारी, सत्यवादी, कर्तव्यनिष्ठः च भवति।
4. सः आलस्यं त्यक्त्वा समयेन विद्यालये स्वपाठं पठति।
5. सः 'काकचेष्टा बकध्यानं स्वाननिद्रा' गुणैः युक्तः भवति।
6. कुसङ्गतिं त्यक्त्वा सः सर्वदा सत्पुरुषाणां सङ्गतिं करोति।
7. तादृशः छात्रः एव अग्रे गत्वा राष्ट्रस्य गौरवः भवति।

5. वसन्तोत्सवः (ऋतुराजः वसन्तः)

1. वसन्तऋतुः सर्वेषु ऋतुषु राजा कथ्यते, अतः सः 'ऋतुराजः' अस्ति।
2. वसन्तकाले सर्वत्र प्रकृतिः अतीव रमणीया मनोहरा च दृश्यते।
3. अस्मिन् ऋतौ वृक्षाः नवीनानि पल्लवानि पुष्पानि च धरन्ति।
4. आम्रवृक्षेषु कोकिलाः मधुरं कूजन्ति, भ्रमराः गुञ्जन्ति।
5. वसन्ते नातिशीतं नात्युष्णं सुखदं च वातावरणं भवति।
6. अस्मिन् समये सरस्वतीपूजा तथा होलिकोत्सवः सोल्लासं सम्पाद्यते।
7. अयम् उत्सवः नवजीवनस्य नवचेतनायाः च सन्देशं प्रसारयति।

हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद (12 वाक्य)
1. भारत हमारा देश है।
संस्कृत अनुवाद: भारतम् अस्माकं देशः अस्ति।
2. वृक्षों से फल गिरते हैं।
संस्कृत अनुवाद: वृक्षेभ्यः फलानि पतन्ति।
3. दशरथ अयोध्या के राजा थे।
संस्कृत अनुवाद: दशरथः अयोध्यायाः नृपः (राजा) आसीत्।
4. गंगा का जल पवित्र होता है।
संस्कृत अनुवाद: गङ्गायाः जलं पवित्रं भवति।
5. तुम सब पुस्तक पढ़ो।
संस्कृत अनुवाद: यूयं पुस्तकं पठत।
6. पिता के साथ पुत्र जाता है।
संस्कृत अनुवाद: पित्रा सह पुत्रः गच्छति।
7. मुझे संस्कृत अच्छी लगती है।
संस्कृत अनुवाद: मह्यं संस्कृतं रोचते।
8. विद्यालय के दोनों ओर वृक्ष हैं।
संस्कृत अनुवाद: विद्यालयम् उभयतः वृक्षाः सन्ति।
9. कालिदास कवियों में श्रेष्ठ हैं।
संस्कृत अनुवाद: कालिदासः कविषु (कवीनां) श्रेष्ठः अस्ति।
10. वह पैर से लंगड़ा है।
संस्कृत अनुवाद: सः पादेन खञ्जः अस्ति।
11. सदा सत्य बोलो।
संस्कृत अनुवाद: सदा सत्यं वद।
12. परिश्रम के बिना विद्या नहीं मिलती।
संस्कृत अनुवाद: परिश्रमेण विना विद्या न प्राप्यते। (श्रमं विना विद्या न भवति।)
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (पाठ्यपुस्तक पीयूषम् भाग-2 : 16 प्रश्न)
1. 'मंगलम्' पाठ के आधार पर महर्षि वेदव्यास ने परमात्मा के स्वरूप का क्या वर्णन किया है?
उत्तर: 'मंगलम्' पाठ में श्वेताश्वतरोपनिषद् के अनुसार महर्षि वेदव्यास कहते हैं कि परमात्मा सूर्य के समान परम प्रकाशमान, दिव्य तथा अज्ञान रूपी अंधकार से सर्वथा परे हैं। ज्ञानी पुरुष परमात्मा को ही जानकर मृत्यु पर विजय प्राप्त करते हैं। संसार-सागर से मुक्ति पाने का इसके अतिरिक्त कोई अन्य मार्ग नहीं है।
2. विद्वान पुरुष ब्रह्म को किस प्रकार प्राप्त करते हैं?
उत्तर: मुण्डकोपनिषद् के अनुसार जिस प्रकार बहती हुई नदियाँ अपने नाम और रूप का परित्याग कर समुद्र में विलीन हो जाती हैं, ठीक उसी प्रकार ज्ञानी व विद्वान साधक अपने नाम, रूप तथा सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर उस परम दिव्य पुरुष (परमात्मा) में एकाकार हो जाते हैं।
3. भगवान बुद्ध ने पाटलिग्राम के विषय में क्या भविष्यवाणी की थी?
उत्तर: भगवान बुद्ध ने पाटलिग्राम आने पर भविष्यवाणी की थी कि यह छोटा गाँव भविष्य में एक विशाल महानगर बनेगा, किन्तु इसे परस्पर कलह (आंतरिक लड़ाई), अग्नि (आग का भय) तथा बाढ़ (जलप्लावन) के भय से सर्वदा पीड़ित रहना पड़ेगा। उनकी यह भविष्यवाणी आज भी सत्य सिद्ध होती दिखाई देती है।
4. पाटलिपुत्र के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का उल्लेख करें।
उत्तर: पाटलिपुत्र (पटना) में कई ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थल हैं, जैसे—विशाल संग्रहालय (म्यूजियम), अंग्रेजों के समय का गोलघर, तारामण्डल, जैविक उद्यान (संजय गाँधी जैविक उद्यान), मौर्यकालीन भग्नावशेष, उच्च न्यायालय और सिखों के दसवें गुरु गोविन्द सिंह का पवित्र जन्मस्थान 'तख्त श्री हरिमन्दिर जी पटना साहिब' (गुरुद्वारा)।
5. मिथिला के मन्त्री वीरेश्वर का स्वभाव कैसा था?
उत्तर: मिथिला के मन्त्री वीरेश्वर स्वभाव से अत्यंत दानशील, दयावान और कारुणिक थे। वे प्रतिदिन सभी संकटग्रस्तों, अनाथों और निर्धनों को उनकी इच्छानुसार भोजन और वस्त्र प्रदान करते थे। उनका मानना था कि असहायों और आलसियों का जीवन केवल दयावानों के आश्रय पर ही टिक सकता है।
6. आलसशाला में आग लगने पर क्या हुआ और असली आलसियों की रक्षा कैसे हुई?
उत्तर: आलसियों की बढ़ती भीड़ में धूर्तों की पहचान के लिए जब नियोगी पुरुषों ने आलसशाला में आग लगा दी, तो बनावटी आलसी भोजन छोड़कर भाग गए। चार वास्तविक आलसी आग से बेपरवाह सोए रहे। अंत में कर्मचारियों ने उन्हें जलते हुए घर से बाल पकड़कर खींचकर बाहर निकाला और उनके प्राण बचाए।
7. संस्कृत साहित्य के संवर्धन में दक्षिण भारतीय लेखिकाओं का क्या योगदान रहा?
उत्तर: दक्षिण भारत की कई विदुषियों ने संस्कृत साहित्य को अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से समृद्ध किया। इनमें चालुक्य वंश की रानी विजयाङ्का (जिन्हें सर्वशुक्ला सरस्वती कहा गया), शीलाभट्टारिका, देवकुमारिका, रामभद्राम्बा और तिरुमलाम्बा प्रमुख हैं। इन्होंने सुंदर पद्यों और चम्पू काव्यों से संस्कृत साहित्य की धारा को आगे बढ़ाया।
8. पण्डिता क्षमाराव ने अपने पिता के सम्मान में किस ग्रन्थ की रचना की और क्यों?
उत्तर: पण्डिता क्षमाराव ने अपने विद्वान पिता पण्डित शंकर पाण्डुरंग के प्रति अपनी अपार श्रद्धा प्रकट करने हेतु 'शंकरचरितम्' नामक जीवन-चरित्र महाकाव्य की रचना की। इसमें उन्होंने अपने पिता के पाण्डित्य, आदर्श जीवन और राष्ट्रीय विचारों को काव्यात्मक रूप में अमर बना दिया।
9. भारतमहिमा पाठ के आधार पर भारतीयों की क्या विशेषताएँ बताई गई हैं?
उत्तर: भारतमहिमा पाठ के अनुसार भारत में जन्म लेने वाले लोग धन्य और पुण्यात्मा हैं। यहाँ विभिन्न धर्मों और जातियों के लोग बिना किसी भेदभाव के एकता के भाव को धारण करते हुए मिल-जुलकर रहते हैं। भारतीय जन अपनी मातृभूमि को माता के समान पूजते हैं और उनके हृदय में राष्ट्रभक्ति की उत्कृष्ट भावना भरी रहती है।
10. 'केशान्त संस्कार' क्या है और इसे 'गोदान संस्कार' क्यों कहा जाता था?
उत्तर: शिक्षा संस्कारों के अंतर्गत गुरुगृह में शिष्य के 16 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पहली बार दाढ़ी-मूँछ और बालों का मुंडन (क्षौरकर्म) किया जाता था, जिसे 'केशान्त संस्कार' कहते हैं। चूँकि इस अवसर पर शिष्य द्वारा गुरु को दक्षिणा रूप में गाय का दान देना मुख्य कर्म होता था, अतः इसे 'गोदान संस्कार' भी कहा जाता था।
11. 'नीतिश्लोकाः' पाठ में मूर्ख (अधम) व्यक्ति के क्या लक्षण बताए गए हैं?
उत्तर: महात्मा विदुर के अनुसार जो व्यक्ति बिना बुलाए किसी स्थान पर प्रवेश करता है (अनाहूतः प्रविशति), बिना पूछे ही बहुत अधिक बोलता है (अपृष्टो बहुभाषते), तथा अविश्वसनीय व्यक्ति पर भी आँख मूँदकर विश्वास कर लेता है, ऐसा पुरुष मूढ़चेता (मूर्ख) और नराधम कहलाता है।
12. कर्मवीर रामप्रवेश राम ने प्राथमिक विद्यालय से उच्च सेवा तक का सफर कैसे तय किया?
उत्तर: भीखनटोला के एक गरीब दलित परिवार में जन्मे रामप्रवेश राम को एक संवेदनशील शिक्षक ने देखा और शिक्षित करने का संकल्प लिया। बालक ने शिक्षक के मार्गदर्शन में कठोर स्वाध्याय किया, छात्रवृत्ति और दूसरों को पढ़ाकर उच्च शिक्षा प्राप्त की, और अंततः कठिन परिश्रम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (UPSC) में शीर्ष स्थान प्राप्त कर समाज का मान बढ़ाया।
13. स्वामी दयानन्द सरस्वती का मूर्तिपूजा से विश्वास किस घटना के बाद उठा?
उत्तर: शिवरात्रि के महापर्व पर बालक मूलशंकर ने देखा कि भगवान शिव की पाषाण प्रतिमा पर एक चूहा निर्भीकता से चढ़कर भक्तों द्वारा चढ़ाए गए अक्षत व प्रसाद को खा रहा है। उन्होंने सोचा कि जो मूर्ति स्वयं पर चढ़े चूहे को भी नहीं हटा सकती, वह सर्वशक्तिमान भगवान कैसे हो सकती है? इसी घटना से उनका मूर्तिपूजा से विश्वास उठ गया।
14. बूढ़े बाघ ने लालची पथिक को फँसाने के लिए क्या तर्क दिया?
उत्तर: बूढ़े बाघ ने पाखंड करते हुए कहा कि युवावस्था में उसने अनेक गायों और मनुष्यों का वध किया था, जिससे उसके पुत्र और पत्नी मर गए और वह वंशहीन हो गया। अब किसी धार्मिक महात्मा के उपदेश से वह दयालु, दानी और नख-दन्तविहीन होकर प्रायश्चित कर रहा है, अतः वह सोने का कंगन किसी योग्य व्यक्ति को दान करना चाहता है।
15. इन्द्र ने कर्ण से कवच और कुण्डल छलपूर्वक क्यों माँगे?
उत्तर: महाभारत के कुरुक्षेत्र युद्ध में अर्जुन की विजय सुनिश्चित करने हेतु देवराज इन्द्र ब्राह्मण का वेश धरकर कर्ण के पास आए। कर्ण के शरीर पर जब तक जन्मजात अभेद्य कवच-कुण्डल रहते, संसार का कोई भी अस्त्र उसे पराजित या मार नहीं सकता था। अतः अपने पुत्र अर्जुन की रक्षा के लिए इन्द्र ने कर्ण से दान में कवच-कुण्डल माँगे।
16. 'शास्त्र' क्या है और इसका मानव जीवन में क्या प्रयोजन है?
उत्तर: 'शास्त्रकाराः' पाठ के अनुसार शास्त्र वह ज्ञान का साधन है जो मनुष्यों को उनके कर्तव्य और अकर्तव्य का बोध कराता है। यह सन्मार्ग का उपदेश देता है तथा असत्य और दुर्गुणों से दूर रहने की प्रेरणा देता है। शास्त्र ऋषियों और विद्वानों द्वारा रचित सनातन ज्ञान की धरोहर हैं जो मानव का कल्याण एवं मार्गदर्शन करते हैं।

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