Q1. यदि 4, 5, 9, 11 और x का माध्य 7 है, तो x का मान होगा:
(A) 6
(B) 4
(C) 8
(D) 7
उत्तर: (A) 6 | स्पष्टीकरण: माध्य = (4+5+9+11+x)/5 = 7 ⇒ 29 + x = 35 ⇒ x = 35 - 29 = 6.
Q2. द्विघात समीकरण 4x2 + 4x + 1 = 0 के मूलों की प्रकृति होगी:
(A) वास्तविक और बराबर
(B) वास्तविक और असमान
(C) काल्पनिक
(D) कोई नहीं
उत्तर: (A) वास्तविक और बराबर | स्पष्टीकरण: D = b2 - 4ac = 42 - 4(4)(1) = 16 - 16 = 0. जब D = 0 हो, मूल वास्तविक और समान होते हैं।
Q3. यदि 3θ = 90° हो, तो cos θ बराबर होगा:
(A) 1/2
(B) √3/2
(C) 1/√2
(D) 0
उत्तर: (B) √3/2 | स्पष्टीकरण: 3θ = 90° ⇒ θ = 30° ⇒ cos 30° = √3/2.
Q4. यदि sin θ = 12/13 हो, तो cos θ का मान होगा:
(A) 5/13
(B) 5/12
(C) 13/5
(D) 12/5
उत्तर: (A) 5/13 | स्पष्टीकरण: cos θ = √(1 - sin2θ) = √(1 - 144/169) = √(25/169) = 5/13.
Q5. 1 + tan2 θ का मान है:
(A) sec2 θ
(B) cosec2 θ
(C) cos2 θ
(D) cot2 θ
उत्तर: (A) sec2 θ | स्पष्टीकरण: सर्वसमिका: sec2θ - tan2θ = 1 ⇒ 1 + tan2θ = sec2θ.
Q6. (1 - cos4 θ) बराबर है:
(A) sin2θ(1 + cos2θ)
(B) sin2θ(1 - cos2θ)
(C) sin4θ
(D) cos2θ(1 + cos2θ)
उत्तर: (A) sin2θ(1 + cos2θ) | स्पष्टीकरण: 1 - (cos2θ)2 = (1 - cos2θ)(1 + cos2θ) = sin2θ(1 + cos2θ).
Q7. √2 cosec θ = 2 हो, तो θ का मान होगा:
(A) 30°
(B) 45°
(C) 60°
(D) 90°
उत्तर: (B) 45° | स्पष्टीकरण: cosec θ = 2/√2 = √2 ⇒ θ = 45°.
Q8. यदि sin 2θ = 1 हो, तो θ का मान होगा:
(A) 30°
(B) 45°
(C) 60°
(D) 90°
उत्तर: (B) 45° | स्पष्टीकरण: sin 2θ = sin 90° ⇒ 2θ = 90° ⇒ θ = 45°.
Q9. tan 23° / cot 67° का मान होगा:
(A) 0
(B) 1
(C) -1
(D) 1/2
उत्तर: (B) 1 | स्पष्टीकरण: cot 67° = tan(90° - 67°) = tan 23° ⇒ tan 23° / tan 23° = 1.
Q10. किसी वृत्त के बाह्य बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ होती हैं:
(A) समान
(B) असमान
(C) दोगुनी
(D) आधी
उत्तर: (A) समान | स्पष्टीकरण: वृत्त प्रमेय 10.2 के अनुसार बाह्य बिंदु से खींची गई दोनो स्पर्श रेखाएँ लंबाई में समान होती हैं।
Q11. वृत्त पर स्थित किसी बिंदु पर कितनी स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
(A) 1
(B) 2
(C) अनंत
(D) 0
उत्तर: (A) 1 | स्पष्टीकरण: वृत्त की परिधि पर स्थित किसी एक निश्चित बिंदु से केवल एक और केवल एक स्पर्श रेखा गुजरती है।
Q12. दो वृत्तों के क्षेत्रफलों का अनुपात 9 : 4 है, तो उनकी परिधियों का अनुपात होगा:
(A) 3 : 2
(B) 9 : 4
(C) 81 : 16
(D) 2 : 3
उत्तर: (A) 3 : 2 | स्पष्टीकरण: परिधियों का अनुपात = त्रिज्याओं का अनुपात = √(9/4) = 3/2 = 3 : 2.
Q13. r त्रिज्या वाले अर्धवृत्त का परिमाप होता है:
(A) πr + 2r
(B) πr
(C) 2πr
(D) πr2
उत्तर: (A) πr + 2r | स्पष्टीकरण: अर्धवृत्त की परिसीमा चाप (πr) + व्यास (2r) = r(π + 2) होती है।
Q14. एक गोले का आयतन 36π सेमी3 है, तो इसकी त्रिज्या होगी:
(A) 3 सेमी
(B) 4 सेमी
(C) 6 सेमी
(D) 2 सेमी
उत्तर: (A) 3 सेमी | स्पष्टीकरण: (4/3)πr3 = 36π ⇒ r3 = 36 × (3/4) = 27 ⇒ r = 3 सेमी.
Q15. एक बेलन और एक शंकु के आधार समान हैं और ऊँचाइयाँ भी समान हैं। उनके आयतनों का अनुपात होगा:
(A) 1 : 3
(B) 3 : 1
(C) 1 : 1
(D) 2 : 3
उत्तर: (B) 3 : 1 | स्पष्टीकरण: बेलन का आयतन πr2h : शंकु का आयतन (1/3)πr2h = 1 : (1/3) = 3 : 1.
Q16. प्रथम 7 विषम संख्याओं का समांतर माध्य होगा:
(A) 6
(B) 7
(C) 8
(D) 49
उत्तर: (B) 7 | स्पष्टीकरण: प्रथम n विषम संख्याओं का माध्य सदैव n होता है। यहाँ n = 7 है।
Q17. आँकड़े 12, 25, 15, 18, 17, 20, 6, 11, 29 का परिसर (Range) है:
(A) 23
(B) 29
(C) 6
(D) 17
उत्तर: (A) 23 | स्पष्टीकरण: परिसर = महत्तम मान - न्यूनतम मान = 29 - 6 = 23.
Q18. वर्ग अंतराल 130-150 का वर्ग चिह्न है:
(A) 130
(B) 140
(C) 150
(D) 20
उत्तर: (B) 140 | स्पष्टीकरण: वर्ग चिह्न = (130 + 150)/2 = 280/2 = 140.
Q19. यदि किसी घटना E के घटने की प्रायिकता P(E) हो, तो P(E) का मान किस अंतराल में होता है?
(A) 0 ≤ P(E) ≤ 1
(B) -1 ≤ P(E) ≤ 1
(C) 0 < P(E) < 1
(D) 1 ≤ P(E) ≤ 2
उत्तर: (A) 0 ≤ P(E) ≤ 1 | स्पष्टीकरण: किसी भी प्रायिकता का मान 0 (असंभव घटना) और 1 (निश्चित घटना) के मध्य या बराबर होता है।
Q20. एक पासे को एक बार फेंकने पर 5 से कम संख्या आने की प्रायिकता होगी:
(A) 2/3
(B) 1/2
(C) 5/6
(D) 1/3
उत्तर: (A) 2/3 | स्पष्टीकरण: कुल संख्याएँ = 6. अनुकूल संख्याएँ {1, 2, 3, 4} = 4. प्रायिकता = 4/6 = 2/3.
Q21. 0.105 का p/(2n × 5m) रूप होगा:
(A) 21/(23 × 52)
(B) 7/(23 × 52)
(C) 21/(22 × 53)
(D) 105/1000
उत्तर: (A) 21/(23 × 52) | स्पष्टीकरण: 105/1000 = 21/200 = 21/(8 × 25) = 21/(23 × 52).
Q22. निम्नलिखित में कौन-सा बहुपद नहीं है?
(A) 2/3 x + 1
(B) 2 - x2 + √3 x
(C) 1/(x - 1)
(D) 7
उत्तर: (C) 1/(x - 1) | स्पष्टीकरण: 1/(x - 1) = (x - 1)-1 में चर की घात ऋणात्मक पूर्णांक है, अतः यह बहुपद नहीं है।
Q23. बहुपद p(x) = x2 - 2x - 8 के शून्यक हैं:
(A) (4, -2)
(B) (-4, 2)
(C) (4, 2)
(D) (-4, -2)
उत्तर: (A) (4, -2) | स्पष्टीकरण: x2 - 4x + 2x - 8 = 0 ⇒ (x - 4)(x + 2) = 0 ⇒ x = 4, -2.
Q24. यदि α और β बहुपद x2 - 4x + 1 के शून्यक हों, तो αβ का मान होगा:
(A) -4
(B) 4
(C) 1
(D) -1
उत्तर: (C) 1 | स्पष्टीकरण: शून्यकों का गुणनफल αβ = c/a = 1/1 = 1.
Q25. दो चर x और y में रैखिक समीकरण ax + by + c = 0 के वास्तविक संख्याओं के समुच्चय में कितने हल संभव हैं?
(A) 1
(B) 2
(C) अनगिनत
(D) 0
उत्तर: (C) अनगिनत | स्पष्टीकरण: एक अकेले रैखिक समीकरण की एक सरल रेखा पर अनगिनत (infinite) बिंदु होते हैं।
Q26. रैखिक समीकरण निकाय 2x + 3y = 5 एवं 4x + 6y = 15 के कितने हल होंगे?
(A) एक अद्वितीय हल
(B) कोई हल नहीं
(C) अनंत हल
(D) तीन हल
उत्तर: (B) कोई हल नहीं | स्पष्टीकरण: 2/4 = 3/6 ≠ 5/15 ⇒ 1/2 = 1/2 ≠ 1/3 (समांतर रेखाएँ, असंगत निकाय).
Q27. यदि समांतर श्रेढ़ी का प्रथम पद 9 तथा सार्व अंतर -3 हो, तो इसके प्रथम 12 पदों का योग होगा:
(A) -90
(B) 90
(C) -108
(D) 108
उत्तर: (A) -90 | स्पष्टीकरण: S12 = (12/2)[2(9) + (12-1)(-3)] = 6[18 - 33] = 6(-15) = -90.
Q28. A.P. 17, 14, 11, ... का कौन-सा पद -40 है?
(A) 19वाँ
(B) 20वाँ
(C) 21वाँ
(D) 22वाँ
उत्तर: (B) 20वाँ | स्पष्टीकरण: a = 17, d = -3 ⇒ 17 + (n - 1)(-3) = -40 ⇒ -3(n - 1) = -57 ⇒ n - 1 = 19 ⇒ n = 20.
Q29. दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात 25 : 64 है, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात होगा:
(A) 5 : 8
(B) 8 : 5
(C) 25 : 64
(D) 625 : 4096
उत्तर: (A) 5 : 8 | स्पष्टीकरण: भुजाओं का अनुपात = √(क्षेत्रफलों का अनुपात) = √(25/64) = 5/8 = 5 : 8.
Q30. बिंदु (cos θ, sin θ) की मूल बिंदु (0, 0) से दूरी होगी:
(A) 1
(B) 2
(C) 0
(D) sin θ + cos θ
उत्तर: (A) 1 | स्पष्टीकरण: दूरी = √[(cosθ - 0)2 + (sinθ - 0)2] = √(cos2θ + sin2θ) = √1 = 1.
Q31. बिंदु P(-4, 7) की x-अक्ष से दूरी क्या होगी?
(A) 4
(B) 7
(C) -4
(D) √65
उत्तर: (B) 7 | स्पष्टीकरण: x-अक्ष से किसी बिंदु की दूरी उस बिंदु की कोटि का निरपेक्ष मान |y| होती है = |7| = 7.
Q32. y-अक्ष का समीकरण होता है:
(A) y = 0
(B) x = 0
(C) x = y
(D) x + y = 0
उत्तर: (B) x = 0 | स्पष्टीकरण: y-अक्ष पर प्रत्येक बिंदु का x-निर्देशांक सदैव शून्य होता है, अतः x = 0.
Q33. tan 60° का मान है:
(A) 1/√3
(B) √3
(C) 1
(D) ∞
उत्तर: (B) √3 | स्पष्टीकरण: मानक त्रिकोणमितीय सारणी से tan 60° = √3.
Q34. (sec 11° / cosec 79°) का मान क्या होगा?
(A) 1
(B) 0
(C) -1
(D) 2
उत्तर: (A) 1 | स्पष्टीकरण: cosec 79° = sec(90° - 79°) = sec 11° ⇒ sec 11° / sec 11° = 1.
Q35. यदि cot θ = 3/4 हो, तो tan2 θ का मान होगा:
(A) 9/16
(B) 16/9
(C) 3/4
(D) 4/3
उत्तर: (B) 16/9 | स्पष्टीकरण: tan θ = 1/cot θ = 4/3 ⇒ tan2 θ = (4/3)2 = 16/9.
Q36. 7 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त के अर्धवृत्त का क्षेत्रफल होगा:
(A) 154 सेमी2
(B) 77 सेमी2
(C) 38.5 सेमी2
(D) 308 सेमी2
उत्तर: (B) 77 सेमी2 | स्पष्टीकरण: (1/2)πr2 = (1/2) × (22/7) × 7 × 7 = 77 सेमी2.
Q37. एक वृत्त की जीवा वृत्त के केंद्र पर समकोण बनाती है, तो जीवा द्वारा बनाया गया त्रिज्यखंड होगा:
(A) अर्धवृत्त
(B) चतुर्थांश
(C) दीर्घ त्रिज्यखंड
(D) कोई नहीं
उत्तर: (B) चतुर्थांश | स्पष्टीकरण: केंद्र पर 90° कोण बनने पर भाग = 90°/360° = 1/4 (वृत्त का चतुर्थांश).
Q38. बेलन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल होता है:
(A) 2πrh
(B) 2πr(r + h)
(C) πr2h
(D) πrl
उत्तर: (B) 2πr(r + h) | स्पष्टीकरण: वक्र पृष्ठ (2πrh) + दोनों सिरों का क्षेत्रफल (2πr2) = 2πr(r + h).
Q39. संचयी बारंबारता वक्र को कहा जाता है:
(A) तोरण
(B) आयतचित्र
(C) बारंबारता बहुभुज
(D) दंड आलेख
उत्तर: (A) तोरण | स्पष्टीकरण: सांख्यिकी में संचयी बारंबारता आलेख को तोरण (Ogive) कहते हैं।
Q40. निम्नलिखित में कौन-सी संख्या किसी घटना की प्रायिकता नहीं हो सकती?
(A) 2/3
(B) -1.5
(C) 15%
(D) 0.7
उत्तर: (B) -1.5 | स्पष्टीकरण: प्रायिकता का मान कभी भी ऋणात्मक (< 0) नहीं हो सकता।
Q41. एक असंभव घटना की प्रायिकता होती है:
(A) 1
(B) 0
(C) 0.5
(D) -1
उत्तर: (B) 0 | स्पष्टीकरण: जो घटना कभी घटित नहीं हो सकती, उसकी प्रायिकता 0 होती है।
Q42. √3 एक ________ संख्या है।
(A) परिमेय
(B) अपरिमेय
(C) प्राकृत
(D) पूर्णांक
उत्तर: (B) अपरिमेय | स्पष्टीकरण: 3 एक अभाज्य संख्या है, जिसका वर्गमूल अशांत-अनावर्ती होता है।
Q43. 6/15 का दशमलव प्रसार होगा:
(A) शांत
(B) अशांत आवर्ती
(C) अशांत अनावर्ती
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A) शांत | स्पष्टीकरण: 6/15 = 2/5. हर का गुणनखंड केवल 5 है (20 × 51), अतः यह शांत है।
Q44. दो लगातार विषम संख्याओं का म०स० (HCF) होता है:
(A) 0
(B) 1
(C) 2
(D) 3
उत्तर: (B) 1 | स्पष्टीकरण: किन्हीं दो क्रमागत विषम संख्याओं (उदा. 3, 5 या 7, 9) का उभयनिष्ठ गुणनखंड केवल 1 होता है।
Q45. त्रिघात बहुपद ax3 + bx2 + cx + d के शून्यकों का योग (α + β + γ) होता है:
(A) -b/a
(B) c/a
(C) -d/a
(D) b/a
उत्तर: (A) -b/a | स्पष्टीकरण: त्रिघात बहुपद में तीनों शून्यकों का योग = -(x2 का गुणांक)/(x3 का गुणांक) = -b/a.
Q46. यदि α और β बहुपद x2 - 3x + 5 के शून्यक हैं, तो 1/α + 1/β का मान होगा:
(A) 3/5
(B) -3/5
(C) 5/3
(D) -5/3
उत्तर: (A) 3/5 | स्पष्टीकरण: α+β = 3, αβ = 5 ⇒ 1/α + 1/β = (α+β)/αβ = 3/5.
Q47. यदि समीकरण निकाय x + 2y = 3 और 5x + ky = 15 के अनंत हल हों, तो k का मान है:
(A) 10
(B) 5
(C) 2
(D) 6
उत्तर: (A) 10 | स्पष्टीकरण: 1/5 = 2/k ⇒ k = 10.
Q48. समांतर श्रेढ़ी 5, 8, 11, 14, ... का 10वाँ पद होगा:
(A) 32
(B) 35
(C) 38
(D) 29
उत्तर: (A) 32 | स्पष्टीकरण: a10 = a + 9d = 5 + 9(3) = 5 + 27 = 32.
Q49. यदि A.P. का सामान्य पद (3n + 5) हो, तो सार्व अंतर होगा:
(A) 3
(B) 5
(C) 2
(D) 8
उत्तर: (A) 3 | स्पष्टीकरण: सामान्य पद में चर n का गुणांक ही सार्व अंतर d होता है (d = 3).
Q50. बिंदु (-3, 4) किस पाद में स्थित है?
(A) प्रथम
(B) द्वितीय
(C) तृतीय
(D) चतुर्थ
उत्तर: (B) द्वितीय | स्पष्टीकरण: x ऋणात्मक तथा y धनात्मक होने पर बिंदु द्वितीय चतुर्थांश में होता है।
Q51. बिंदु (2, 3) और (4, 1) के बीच की दूरी होगी:
(A) 2√2
(B) 2
(C) 4
(D) 8
उत्तर: (A) 2√2 | स्पष्टीकरण: d = √[(4-2)2 + (1-3)2] = √[4 + 4] = √8 = 2√2.
Q52. बिंदुओं (4, 5) और (6, 5) को मिलाने वाले रेखाखंड के मध्य बिंदु के निर्देशांक हैं:
(A) (5, 5)
(B) (5, 4)
(C) (4, 6)
(D) (10, 10)
उत्तर: (A) (5, 5) | स्पष्टीकरण: ((4+6)/2, (5+5)/2) = (10/2, 10/2) = (5, 5).
Q53. sin2 29° + sin2 61° का मान है:
(A) 1
(B) 0
(C) 2
(D) -1
उत्तर: (A) 1 | स्पष्टीकरण: sin 61° = cos(90°-61°) = cos 29° ⇒ sin2 29° + cos2 29° = 1.
Q54. 9 sec2 A - 9 tan2 A का मान बराबर है:
(A) 1
(B) 9
(C) 8
(D) 0
उत्तर: (B) 9 | स्पष्टीकरण: 9(sec2 A - tan2 A) = 9(1) = 9.
Q55. यदि 2sin θ = 1 हो, तो θ का मान होगा:
(A) 30°
(B) 45°
(C) 60°
(D) 90°
उत्तर: (A) 30° | स्पष्टीकरण: sin θ = 1/2 ⇒ θ = 30°.
Q56. सूर्य का उन्नयन कोण क्या होगा जब एक खंभे की छाया उसकी ऊँचाई के बराबर हो?
(A) 30°
(B) 45°
(C) 60°
(D) 75°
उत्तर: (B) 45° | स्पष्टीकरण: tan θ = ऊँचाई/छाया = h/h = 1 ⇒ θ = 45°.
Q57. दो घनों के पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात 9 : 1 है, तो उनके किनारों का अनुपात होगा:
(A) 3 : 1
(B) 1 : 3
(C) 9 : 1
(D) 27 : 1
उत्तर: (A) 3 : 1 | स्पष्टीकरण: कोरों का अनुपात = √(क्षेत्रफलों का अनुपात) = √(9/1) = 3/1 = 3 : 1.
Q58. शंकु का आयतन होता है:
(A) πr2h
(B) (1/3)πr2h
(C) (2/3)πr2h
(D) (4/3)πr3
उत्तर: (B) (1/3)πr2h | स्पष्टीकरण: लंबवृत्तीय शंकु का आयतन बेलन के आयतन का एक तिहाई (1/3)πr2h होता है।
Q59. बहुलक = 3(______) - 2(माध्य):
(A) माध्यक
(B) बहुलक
(C) परिसर
(D) विचलन
उत्तर: (A) माध्यक | स्पष्टीकरण: आनुभविक संबंध: Mode = 3 Median - 2 Mean.
Q60. 52 पत्तों की ताश की गड्डी में से एक पत्ता निकाला जाता है। एक बेगम (Queen) आने की प्रायिकता होगी:
(A) 1/13
(B) 1/4
(C) 1/52
(D) 4/13
उत्तर: (A) 1/13 | स्पष्टीकरण: कुल बेगम = 4 ⇒ प्रायिकता = 4/52 = 1/13.
Q61. यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका a = bq + r में r के लिए सही प्रतिबंध है:
(A) 0 ≤ r < b
(B) 0 < r ≤ b
(C) 0 ≤ r ≤ b
(D) r > b
उत्तर: (A) 0 ≤ r < b | स्पष्टीकरण: शेषफल r सदैव गैर-ऋणात्मक और भाजक b से छोटा होता है।
Q62. निम्नलिखित में कौन-सी संख्या अभाज्य संख्या है?
(A) 29
(B) 25
(C) 16
(D) 15
उत्तर: (A) 29 | स्पष्टीकरण: 29 के केवल दो ही गुणनखंड हैं: 1 और 29.
Q63. द्विघात समीकरण x2 - 15x + 50 = 0 का विविक्तकर क्या होगा?
(A) 25
(B) 425
(C) 0
(D) -25
उत्तर: (A) 25 | स्पष्टीकरण: D = (-15)2 - 4(1)(50) = 225 - 200 = 25.
Q64. यदि वृत्त का व्यास 14 सेमी है, तो इसकी परिधि होगी:
(A) 44 सेमी
(B) 88 सेमी
(C) 22 सेमी
(D) 154 सेमी
उत्तर: (A) 44 सेमी | स्पष्टीकरण: परिधि = πd = (22/7) × 14 = 44 सेमी.
Q65. sin(90° - A) बराबर है:
(A) cos A
(B) tan A
(C) sec A
(D) cosec A
उत्तर: (A) cos A | स्पष्टीकरण: पूरक कोण संबंध: sin(90° - A) = cos A.
Q66. tan θ × cot θ का मान होता है:
(A) 1
(B) 0
(C) -1
(D) 2
उत्तर: (A) 1 | स्पष्टीकरण: tan θ × (1/tan θ) = 1.
Q67. एक सिक्के को उछालने पर पट (Tail) आने की प्रायिकता है:
(A) 1/2
(B) 1/4
(C) 1
(D) 0
उत्तर: (A) 1/2 | स्पष्टीकरण: कुल परिणाम = 2 (Head, Tail). अनुकूल = 1. P = 1/2.
Q68. आँकड़ों 3, 5, 2, 5, 7, 5, 8, 5 का बहुलक है:
(A) 5
(B) 3
(C) 2
(D) 8
उत्तर: (A) 5 | स्पष्टीकरण: संख्या 5 सर्वाधिक (4 बार) आई है।
Q69. मूल बिंदु के निर्देशांक होते हैं:
(A) (0, 0)
(B) (1, 1)
(C) (0, 1)
(D) (1, 0)
उत्तर: (A) (0, 0) | स्पष्टीकरण: कार्तीय तल पर दोनों अक्षों का प्रतिच्छेद बिंदु (0, 0) होता है।
Q70. प्रथम पाँच प्राकृत संख्याओं का माध्य है:
(A) 3
(B) 2
(C) 4
(D) 5
उत्तर: (A) 3 | स्पष्टीकरण: (1+2+3+4+5)/5 = 15/5 = 3.
Q71. 3.27̅ (3.27 पर बार) एक संख्या है:
(A) परिमेय
(B) अपरिमेय
(C) पूर्णांक
(D) प्राकृत
उत्तर: (A) परिमेय | स्पष्टीकरण: अशांत आवर्ती दशमलव को p/q के रूप में लिखा जा सकता है।
Q72. बहुपद x2 - 11 के शून्यक हैं:
(A) √11, -√11
(B) 11, -11
(C) √11, √11
(D) 121, -121
उत्तर: (A) √11, -√11 | स्पष्टीकरण: x2 - 11 = 0 ⇒ x2 = 11 ⇒ x = ±√11.
Q73. यदि द्विघात समीकरण bx2 + ax + c = 0 के मूल समान हों, तो:
(A) a2 - 4bc = 0
(B) b2 - 4ac = 0
(C) c2 - 4ab = 0
(D) a2 + 4bc = 0
उत्तर: (A) a2 - 4bc = 0 | स्पष्टीकरण: यहाँ x का गुणांक a तथा x2 का गुणांक b है। अतः D = a2 - 4bc = 0.
Q74. समांतर श्रेढ़ी 2, 7, 12, ... का 12वाँ पद होगा:
(A) 57
(B) 55
(C) 59
(D) 60
उत्तर: (A) 57 | स्पष्टीकरण: a12 = 2 + 11(5) = 2 + 55 = 57.
Q75. बिंदु (0, 5) स्थित है:
(A) y-अक्ष पर
(B) x-अक्ष पर
(C) मूल बिंदु पर
(D) प्रथम पाद में
उत्तर: (A) y-अक्ष पर | स्पष्टीकरण: x = 0 होने पर बिंदु पूर्णतः y-अक्ष पर होता है।
Q76. cos 60° का मान होता है:
(A) 1/2
(B) √3/2
(C) 1/√2
(D) 1
उत्तर: (A) 1/2 | स्पष्टीकरण: cos 60° = 1/2.
Q77. एक वृत्त की त्रिज्या 10 सेमी है, वृत्त के केंद्र से 6 सेमी दूरी पर स्थित जीवा की लंबाई होगी:
(A) 16 सेमी
(B) 8 सेमी
(C) 12 सेमी
(D) 20 सेमी
उत्तर: (A) 16 सेमी | स्पष्टीकरण: आधी जीवा = √(102 - 62) = √64 = 8 सेमी. पूरी जीवा = 2 × 8 = 16 सेमी.
Q78. दो घनों के आयतनों का अनुपात 1 : 8 है, तो उनके पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात होगा:
(A) 1 : 4
(B) 1 : 2
(C) 1 : 8
(D) 1 : 16
उत्तर: (A) 1 : 4 | स्पष्टीकरण: भुजा अनुपात = ∛(1/8) = 1/2 ⇒ क्षेत्रफल अनुपात = (1/2)2 = 1/4 = 1 : 4.
Q79. यदि P(E) = 0.72 हो, तो P(E नहीं) होगा:
(A) 0.28
(B) 0.38
(C) 0.18
(D) 0.72
उत्तर: (A) 0.28 | स्पष्टीकरण: 1 - 0.72 = 0.28.
Q80. cot2 θ बराबर होता है:
(A) cosec2 θ - 1
(B) cosec2 θ + 1
(C) 1 - cosec2 θ
(D) sin2 θ
उत्तर: (A) cosec2 θ - 1 | स्पष्टीकरण: 1 + cot2θ = cosec2θ ⇒ cot2θ = cosec2θ - 1.
Q81. निम्नलिखित में कौन-सी अभाज्य संख्या है?
(A) 91
(B) 87
(C) 41
(D) 63
उत्तर: (C) 41 | स्पष्टीकरण: 91=7×13, 87=3×29, 63=9×7; केवल 41 अभाज्य है।
Q82. रैखिक समीकरण 3x - 5y = 0 का आलेख कैसी रेखा होगी?
(A) मूल बिंदु से जाती हुई
(B) x-अक्ष के समांतर
(C) y-अक्ष के समांतर
(D) कोई नहीं
उत्तर: (A) मूल बिंदु से जाती हुई | स्पष्टीकरण: अचर पद c = 0 होने पर रेखा मूल बिंदु (0, 0) से गुजरती है।
Q83. यदि एक वृत्त का क्षेत्रफल 616 सेमी2 है, तो इसका व्यास क्या होगा?
(A) 28 सेमी
(B) 14 सेमी
(C) 21 सेमी
(D) 42 सेमी
उत्तर: (A) 28 सेमी | स्पष्टीकरण: πr2 = 616 ⇒ (22/7)r2 = 616 ⇒ r2 = 196 ⇒ r = 14 सेमी ⇒ व्यास = 28 सेमी.
Q84. tan 45° : tan 60° का मान होगा:
(A) 1 : √3
(B) √3 : 1
(C) 1 : 3
(D) 3 : 1
उत्तर: (A) 1 : √3 | स्पष्टीकरण: tan 45° = 1, tan 60° = √3 ⇒ अनुपात = 1 : √3.
Q85. एक पासे को उछालने पर सम अभाज्य संख्या आने की प्रायिकता है:
(A) 1/6
(B) 1/2
(C) 1/3
(D) 2/3
उत्तर: (A) 1/6 | स्पष्टीकरण: एकमात्र सम अभाज्य संख्या 2 है। अनुकूल = {2} = 1. प्रायिकता = 1/6.
Q86. बिंदु (-5, -7) किस पाद में स्थित है?
(A) प्रथम
(B) द्वितीय
(C) तृतीय
(D) चतुर्थ
उत्तर: (C) तृतीय | स्पष्टीकरण: दोनों निर्देशांक ऋणात्मक होने पर बिंदु तृतीय चतुर्थांश में होता है।
Q87. 1 + 2 + 3 + ... + 10 का योगफल होगा:
(A) 55
(B) 50
(C) 45
(D) 60
उत्तर: (A) 55 | स्पष्टीकरण: सूत्र: n(n + 1)/2 = 10(11)/2 = 55.
Q88. यदि किसी त्रिभुज के कोण 1 : 2 : 3 के अनुपात में हों, तो सबसे छोटा कोण होगा:
(A) 30°
(B) 60°
(C) 90°
(D) 45°
उत्तर: (A) 30° | स्पष्टीकरण: x + 2x + 3x = 180° ⇒ 6x = 180° ⇒ x = 30°.
Q89. एक वृत्त का केंद्र O है। वृत्त के बाह्य बिंदु P से दो स्पर्श रेखाएँ PA और PB हैं। यदि ∠APB = 80° हो, तो ∠AOB का मान होगा:
(A) 100°
(B) 80°
(C) 50°
(D) 90°
उत्तर: (A) 100° | स्पष्टीकरण: ∠AOB + ∠APB = 180° ⇒ ∠AOB = 180° - 80° = 100°.
Q90. गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल होता है:
(A) 4πr2
(B) 2πr2
(C) 3πr2
(D) (4/3)πr2
उत्तर: (A) 4πr2 | स्पष्टीकरण: त्रिज्या r वाले ठोस गोले का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल 4πr2 होता है।
Q91. प्रथम n विषम प्राकृत संख्याओं का योगफल होता है:
(A) n2
(B) n(n + 1)
(C) 2n
(D) n3
उत्तर: (A) n2 | स्पष्टीकरण: 1 + 3 + 5 + ... + (2n-1) = n2.
Q92. दो लगातार प्राकृत संख्याओं का म०स० (HCF) होता है:
(A) 1
(B) 2
(C) 0
(D) इनमें कोई नहीं
उत्तर: (A) 1 | स्पष्टीकरण: दो क्रमिक प्राकृत संख्याएँ सदैव सह-अभाज्य होती हैं, अतः HCF = 1.
Q93. बहुपद 2x3 - 5x2 - 14x + 8 के शून्यकों का गुणनफल (αβγ) होगा:
(A) -4
(B) 4
(C) -8
(D) 5/2
उत्तर: (A) -4 | स्पष्टीकरण: αβγ = -d/a = -(8)/2 = -4.
Q94. द्विघात समीकरण 2x2 - 5x + 3 = 0 के मूल हैं:
(A) 1, 3/2
(B) -1, -3/2
(C) 2, 3
(D) -2, -3
उत्तर: (A) 1, 3/2 | स्पष्टीकरण: 2x2 - 2x - 3x + 3 = 0 ⇒ 2x(x - 1) - 3(x - 1) = 0 ⇒ x = 1, 3/2.
Q95. बिंदु P(x, y) की मूल बिंदु से दूरी है:
(A) √(x2 + y2)
(B) √(x2 - y2)
(C) x2 + y2
(D) x + y
उत्तर: (A) √(x2 + y2) | स्पष्टीकरण: दूरी सूत्र से: √[(x - 0)2 + (y - 0)2] = √(x2 + y2).
Q96. sec(90° - θ) बराबर होता है:
(A) cosec θ
(B) sin θ
(C) cos θ
(D) tan θ
उत्तर: (A) cosec θ | स्पष्टीकरण: पूरक कोण निष्पत्ति: sec(90° - θ) = cosec θ.
Q97. यदि अर्धवृत्त की त्रिज्या 14 सेमी हो, तो उसकी परिमिति होगी:
(A) 72 सेमी
(B) 36 सेमी
(C) 44 सेमी
(D) 88 सेमी
उत्तर: (A) 72 सेमी | स्पष्टीकरण: परिमिति = r(π + 2) = 14 × (22/7 + 2) = 14 × (36/7) = 72 सेमी.
Q98. एक बेलन की त्रिज्या 7 सेमी और ऊँचाई 10 सेमी है, उसका वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल होगा:
(A) 440 सेमी2
(B) 220 सेमी2
(C) 880 सेमी2
(D) 1540 सेमी2
उत्तर: (A) 440 सेमी2 | स्पष्टीकरण: 2πrh = 2 × (22/7) × 7 × 10 = 440 सेमी2.
Q99. केंद्रीय प्रवृत्ति की सबसे उपयुक्त माप कौन-सी है?
(A) समांतर माध्य
(B) माध्यक
(C) बहुलक
(D) मानक विचलन
उत्तर: (A) समांतर माध्य | स्पष्टीकरण: समांतर माध्य (Mean) सभी अवलोकनों पर आधारित होने के कारण केंद्रीय प्रवृत्ति का श्रेष्ठ माप है।
Q100. निश्चित घटना (Sure Event) की प्रायिकता होती है:
(A) 1
(B) 0
(C) 1/2
(D) अनंत
उत्तर: (A) 1 | स्पष्टीकरण: जिस घटना का घटित होना पूर्णतः निश्चित हो, उसकी प्रायिकता ठीक 1 होती है।
प्र० 1. अभाज्य गुणनखंड विधि से 8, 9 और 25 का HCF तथा LCM ज्ञात कीजिए।
हल:
8 = 23
9 = 32
25 = 52
चूँकि इनमें कोई भी उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड नहीं है:
• HCF(8, 9, 25) = 1
• LCM(8, 9, 25) = 23 × 32 × 52 = 8 × 9 × 25 = 1800.
8 = 23
9 = 32
25 = 52
चूँकि इनमें कोई भी उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड नहीं है:
• HCF(8, 9, 25) = 1
• LCM(8, 9, 25) = 23 × 32 × 52 = 8 × 9 × 25 = 1800.
प्र० 2. सिद्ध कीजिए कि √5 एक अपरिमेय संख्या है।
हल: माना कि √5 एक परिमेय संख्या है।
अतः √5 = a/b, जहाँ a और b सह-अभाज्य पूर्णांक हैं (HCF(a, b) = 1) और b ≠ 0.
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर: 5 = a2/b2 ⇒ a2 = 5b2
यहाँ 5, a2 को विभाजित करता है, अतः 5, a को भी विभाजित करेगा। माना a = 5c.
मान प्रतिस्थापित करने पर: (5c)2 = 5b2 ⇒ 25c2 = 5b2 ⇒ b2 = 5c2
यहाँ 5, b2 को विभाजित करता है, अतः 5, b को भी विभाजित करेगा।
इस प्रकार a और b का कम से कम एक उभयनिष्ठ गुणनखंड 5 है, जो इस तथ्य का विरोधाभास है कि a और b सह-अभाज्य हैं।
अतः √5 एक अपरिमेय संख्या है।
अतः √5 = a/b, जहाँ a और b सह-अभाज्य पूर्णांक हैं (HCF(a, b) = 1) और b ≠ 0.
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर: 5 = a2/b2 ⇒ a2 = 5b2
यहाँ 5, a2 को विभाजित करता है, अतः 5, a को भी विभाजित करेगा। माना a = 5c.
मान प्रतिस्थापित करने पर: (5c)2 = 5b2 ⇒ 25c2 = 5b2 ⇒ b2 = 5c2
यहाँ 5, b2 को विभाजित करता है, अतः 5, b को भी विभाजित करेगा।
इस प्रकार a और b का कम से कम एक उभयनिष्ठ गुणनखंड 5 है, जो इस तथ्य का विरोधाभास है कि a और b सह-अभाज्य हैं।
अतः √5 एक अपरिमेय संख्या है।
प्र० 3. द्विघात समीकरण 2x2 - 2√2x + 1 = 0 के मूल ज्ञात कीजिए।
हल:
यहाँ a = 2, b = -2√2, c = 1.
D = b2 - 4ac = (-2√2)2 - 4(2)(1) = 8 - 8 = 0.
मूल समान हैं: x = -b / (2a) = -(-2√2) / (2 × 2) = (2√2) / 4 = √2 / 2 = 1 / √2.
अतः अभीष्ट मूल 1/√2, 1/√2 हैं।
यहाँ a = 2, b = -2√2, c = 1.
D = b2 - 4ac = (-2√2)2 - 4(2)(1) = 8 - 8 = 0.
मूल समान हैं: x = -b / (2a) = -(-2√2) / (2 × 2) = (2√2) / 4 = √2 / 2 = 1 / √2.
अतः अभीष्ट मूल 1/√2, 1/√2 हैं।
प्र० 4. एक द्विघात बहुपद ज्ञात कीजिए जिसके शून्यक (3 + √5) और (3 - √5) हैं।
हल:
शून्यकों का योग (α + β) = (3 + √5) + (3 - √5) = 6.
शून्यकों का गुणनफल (αβ) = (3 + √5)(3 - √5) = 32 - (√5)2 = 9 - 5 = 4.
द्विघात बहुपद = x2 - (α + β)x + αβ = x2 - 6x + 4.
शून्यकों का योग (α + β) = (3 + √5) + (3 - √5) = 6.
शून्यकों का गुणनफल (αβ) = (3 + √5)(3 - √5) = 32 - (√5)2 = 9 - 5 = 4.
द्विघात बहुपद = x2 - (α + β)x + αβ = x2 - 6x + 4.
प्र० 5. विलोपन विधि से हल कीजिए: 3x + 4y = 10 और 2x - 2y = 2.
हल:
समीकरण (1): 3x + 4y = 10
समीकरण (2) को 2 से गुणा करने पर: 4x - 4y = 4 ...(समीकरण 3)
समीकरण (1) और (3) को जोड़ने पर: 7x = 14 ⇒ x = 2.
x = 2 समीकरण (1) में रखने पर: 3(2) + 4y = 10 ⇒ 6 + 4y = 10 ⇒ 4y = 4 ⇒ y = 1.
अतः हल: x = 2, y = 1.
समीकरण (1): 3x + 4y = 10
समीकरण (2) को 2 से गुणा करने पर: 4x - 4y = 4 ...(समीकरण 3)
समीकरण (1) और (3) को जोड़ने पर: 7x = 14 ⇒ x = 2.
x = 2 समीकरण (1) में रखने पर: 3(2) + 4y = 10 ⇒ 6 + 4y = 10 ⇒ 4y = 4 ⇒ y = 1.
अतः हल: x = 2, y = 1.
प्र० 6. p के किस मान के लिए समीकरण निकाय 4x + py + 8 = 0 और 2x + 2y + 2 = 0 का एक अद्वितीय हल होगा?
हल:
अद्वितीय हल की शर्त: a1/a2 ≠ b1/b2
यहाँ a1 = 4, a2 = 2, b1 = p, b2 = 2.
⇒ 4/2 ≠ p/2 ⇒ 2 ≠ p/2 ⇒ p ≠ 4.
अतः 4 के अतिरिक्त p के सभी मानों के लिए निकाय का अद्वितीय हल होगा।
अद्वितीय हल की शर्त: a1/a2 ≠ b1/b2
यहाँ a1 = 4, a2 = 2, b1 = p, b2 = 2.
⇒ 4/2 ≠ p/2 ⇒ 2 ≠ p/2 ⇒ p ≠ 4.
अतः 4 के अतिरिक्त p के सभी मानों के लिए निकाय का अद्वितीय हल होगा।
प्र० 7. A.P. 3, 8, 13, 18, ... का कौन-सा पद 78 है?
हल:
a = 3, d = 8 - 3 = 5, an = 78.
an = a + (n - 1)d ⇒ 78 = 3 + (n - 1)5
⇒ 75 = 5(n - 1) ⇒ n - 1 = 15 ⇒ n = 16.
अतः 16वाँ पद 78 है।
a = 3, d = 8 - 3 = 5, an = 78.
an = a + (n - 1)d ⇒ 78 = 3 + (n - 1)5
⇒ 75 = 5(n - 1) ⇒ n - 1 = 15 ⇒ n = 16.
अतः 16वाँ पद 78 है।
प्र० 8. दो अंकों वाली कितनी संख्याएँ 3 से विभाज्य हैं?
हल:
दो अंकों की 3 से विभाज्य संख्याएँ: 12, 15, 18, ..., 99.
यहाँ a = 12, d = 3, l = 99.
an = a + (n - 1)d ⇒ 99 = 12 + (n - 1)3 ⇒ 87 = 3(n - 1)
⇒ n - 1 = 29 ⇒ n = 30 संख्याएँ।
दो अंकों की 3 से विभाज्य संख्याएँ: 12, 15, 18, ..., 99.
यहाँ a = 12, d = 3, l = 99.
an = a + (n - 1)d ⇒ 99 = 12 + (n - 1)3 ⇒ 87 = 3(n - 1)
⇒ n - 1 = 29 ⇒ n = 30 संख्याएँ।
प्र० 9. 0 और 50 के बीच की विषम संख्याओं का योगफल ज्ञात कीजिए।
हल:
श्रेणी: 1, 3, 5, ..., 49.
कुल पद n = 25 (चूँकि 50 तक 25 सम और 25 विषम संख्याएँ होती हैं)।
a = 1, l = 49.
Sn = (n/2)[a + l] = (25/2)[1 + 49] = (25/2) × 50 = 25 × 25 = 625.
श्रेणी: 1, 3, 5, ..., 49.
कुल पद n = 25 (चूँकि 50 तक 25 सम और 25 विषम संख्याएँ होती हैं)।
a = 1, l = 49.
Sn = (n/2)[a + l] = (25/2)[1 + 49] = (25/2) × 50 = 25 × 25 = 625.
प्र० 10. ΔABC में DE || BC है, जहाँ AD = 4 सेमी, DB = (x - 4) सेमी, AE = 8 सेमी तथा EC = (3x - 19) सेमी। x का मान निकालें।
हल:
थेल्स प्रमेय द्वारा: AD / DB = AE / EC
⇒ 4 / (x - 4) = 8 / (3x - 19)
⇒ 1 / (x - 4) = 2 / (3x - 19)
⇒ 3x - 19 = 2(x - 4) ⇒ 3x - 19 = 2x - 8 ⇒ 3x - 2x = 19 - 8 ⇒ x = 11 सेमी.
थेल्स प्रमेय द्वारा: AD / DB = AE / EC
⇒ 4 / (x - 4) = 8 / (3x - 19)
⇒ 1 / (x - 4) = 2 / (3x - 19)
⇒ 3x - 19 = 2(x - 4) ⇒ 3x - 19 = 2x - 8 ⇒ 3x - 2x = 19 - 8 ⇒ x = 11 सेमी.
प्र० 11. y का वह मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए बिंदु P(2, -3) और Q(10, y) के बीच की दूरी 10 मात्रक है।
हल:
PQ2 = (10 - 2)2 + (y - (-3))2 = 102
⇒ 82 + (y + 3)2 = 100
⇒ 64 + (y + 3)2 = 100 ⇒ (y + 3)2 = 36
⇒ y + 3 = ±6
• y + 3 = 6 ⇒ y = 3
• y + 3 = -6 ⇒ y = -9.
PQ2 = (10 - 2)2 + (y - (-3))2 = 102
⇒ 82 + (y + 3)2 = 100
⇒ 64 + (y + 3)2 = 100 ⇒ (y + 3)2 = 36
⇒ y + 3 = ±6
• y + 3 = 6 ⇒ y = 3
• y + 3 = -6 ⇒ y = -9.
प्र० 12. उस बिंदु के निर्देशांक ज्ञात कीजिए जो बिंदुओं (-1, 7) और (4, -3) को 2 : 3 के अनुपात में विभाजित करता है।
हल:
विभाजन सूत्र: x = (m1x2 + m2x1)/(m1 + m2), y = (m1y2 + m2y1)/(m1 + m2)
x = [2(4) + 3(-1)] / (2 + 3) = (8 - 3)/5 = 5/5 = 1.
y = [2(-3) + 3(7)] / (2 + 3) = (-6 + 21)/5 = 15/5 = 3.
अतः अभीष्ट बिंदु (1, 3) है।
विभाजन सूत्र: x = (m1x2 + m2x1)/(m1 + m2), y = (m1y2 + m2y1)/(m1 + m2)
x = [2(4) + 3(-1)] / (2 + 3) = (8 - 3)/5 = 5/5 = 1.
y = [2(-3) + 3(7)] / (2 + 3) = (-6 + 21)/5 = 15/5 = 3.
अतः अभीष्ट बिंदु (1, 3) है।
प्र० 13. सिद्ध कीजिए कि बिंदु (1, 5), (2, 3) और (-2, -11) संरेखी हैं या नहीं।
हल:
त्रिभुज का क्षेत्रफल = (1/2)|x1(y2 - y3) + x2(y3 - y1) + x3(y1 - y2)|
= (1/2)|1(3 - (-11)) + 2(-11 - 5) + (-2)(5 - 3)|
= (1/2)|1(14) + 2(-16) - 2(2)| = (1/2)|14 - 32 - 4| = (1/2)|-22| = 11 ≠ 0.
चूँकि त्रिभुज का क्षेत्रफल शून्य नहीं है, अतः ये बिंदु संरेखी नहीं हैं।
त्रिभुज का क्षेत्रफल = (1/2)|x1(y2 - y3) + x2(y3 - y1) + x3(y1 - y2)|
= (1/2)|1(3 - (-11)) + 2(-11 - 5) + (-2)(5 - 3)|
= (1/2)|1(14) + 2(-16) - 2(2)| = (1/2)|14 - 32 - 4| = (1/2)|-22| = 11 ≠ 0.
चूँकि त्रिभुज का क्षेत्रफल शून्य नहीं है, अतः ये बिंदु संरेखी नहीं हैं।
प्र० 14. यदि 15 cot A = 8 हो, तो sin A और sec A का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
cot A = 8/15 (आधार / लम्ब) ⇒ आधार = 8, लम्ब = 15.
कर्ण = √(152 + 82) = √(225 + 64) = √289 = 17.
• sin A = लम्ब / कर्ण = 15/17
• sec A = कर्ण / आधार = 17/8.
cot A = 8/15 (आधार / लम्ब) ⇒ आधार = 8, लम्ब = 15.
कर्ण = √(152 + 82) = √(225 + 64) = √289 = 17.
• sin A = लम्ब / कर्ण = 15/17
• sec A = कर्ण / आधार = 17/8.
प्र० 15. सिद्ध कीजिए कि: √[(1 + sin A) / (1 - sin A)] = sec A + tan A.
हल:
L.H.S. = √[ (1 + sin A)(1 + sin A) / (1 - sin A)(1 + sin A) ]
= √[ (1 + sin A)2 / (1 - sin2 A) ] = √[ (1 + sin A)2 / cos2 A ]
= (1 + sin A) / cos A = (1 / cos A) + (sin A / cos A) = sec A + tan A = R.H.S. (इति सिद्धम्)।
L.H.S. = √[ (1 + sin A)(1 + sin A) / (1 - sin A)(1 + sin A) ]
= √[ (1 + sin A)2 / (1 - sin2 A) ] = √[ (1 + sin A)2 / cos2 A ]
= (1 + sin A) / cos A = (1 / cos A) + (sin A / cos A) = sec A + tan A = R.H.S. (इति सिद्धम्)।
प्र० 16. मान निकालें: (5 cos2 60° + 4 sec2 30° - tan2 45°) / (sin2 30° + cos2 30°).
हल:
हर = sin2 30° + cos2 30° = 1.
अंश = 5(1/2)2 + 4(2/√3)2 - (1)2
= 5(1/4) + 4(4/3) - 1 = 5/4 + 16/3 - 1
= (15 + 64 - 12) / 12 = 67/12.
हर = sin2 30° + cos2 30° = 1.
अंश = 5(1/2)2 + 4(2/√3)2 - (1)2
= 5(1/4) + 4(4/3) - 1 = 5/4 + 16/3 - 1
= (15 + 64 - 12) / 12 = 67/12.
प्र० 17. यदि tan(A + B) = √3 और tan(A - B) = 1/√3, जहाँ 0° < A + B ≤ 90° और A > B, तो A और B ज्ञात कीजिए।
हल:
tan(A + B) = tan 60° ⇒ A + B = 60° ...(1)
tan(A - B) = tan 30° ⇒ A - B = 30° ...(2)
दोनों को जोड़ने पर: 2A = 90° ⇒ A = 45°.
समीकरण (1) से: B = 60° - 45° = 15°.
tan(A + B) = tan 60° ⇒ A + B = 60° ...(1)
tan(A - B) = tan 30° ⇒ A - B = 30° ...(2)
दोनों को जोड़ने पर: 2A = 90° ⇒ A = 45°.
समीकरण (1) से: B = 60° - 45° = 15°.
प्र० 18. एक बिंदु A से, जो एक वृत्त के केंद्र से 5 सेमी दूरी पर है, वृत्त पर स्पर्श रेखा की लंबाई 4 सेमी है। वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल:
स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लम्ब होती है (समकोण ΔOTA).
OT = त्रिज्या, OA = 5 सेमी, AT = 4 सेमी.
पाइथागोरस प्रमेय से: OA2 = OT2 + AT2
⇒ 52 = r2 + 42 ⇒ 25 = r2 + 16 ⇒ r2 = 9 ⇒ r = 3 सेमी.
स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लम्ब होती है (समकोण ΔOTA).
OT = त्रिज्या, OA = 5 सेमी, AT = 4 सेमी.
पाइथागोरस प्रमेय से: OA2 = OT2 + AT2
⇒ 52 = r2 + 42 ⇒ 25 = r2 + 16 ⇒ r2 = 9 ⇒ r = 3 सेमी.
प्र० 19. दो संकेंद्रीय वृत्तों की त्रिज्याएँ 5 सेमी और 3 सेमी हैं। बड़े वृत्त की उस जीवा की लंबाई ज्ञात कीजिए जो छोटे वृत्त को स्पर्श करती है।
हल:
माना जीवा AB छोटे वृत्त को P पर स्पर्श करती है। OP ⊥ AB तथा OP जीवा AB को समद्विभाजित करता है।
OA = 5 सेमी, OP = 3 सेमी.
समकोण ΔOPA में: AP = √(OA2 - OP2) = √(52 - 32) = √(25 - 9) = √16 = 4 सेमी.
अतः पूरी जीवा AB = 2 × AP = 2 × 4 = 8 सेमी.
माना जीवा AB छोटे वृत्त को P पर स्पर्श करती है। OP ⊥ AB तथा OP जीवा AB को समद्विभाजित करता है।
OA = 5 सेमी, OP = 3 सेमी.
समकोण ΔOPA में: AP = √(OA2 - OP2) = √(52 - 32) = √(25 - 9) = √16 = 4 सेमी.
अतः पूरी जीवा AB = 2 × AP = 2 × 4 = 8 सेमी.
प्र० 20. एक वृत्त के चतुर्थांश (Quadrant) का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जिसकी परिधि 22 सेमी है।
हल:
परिधि = 2πr = 22 ⇒ 2 × (22/7) × r = 22 ⇒ r = 7/2 सेमी = 3.5 सेमी.
चतुर्थांश का क्षेत्रफल = (1/4)πr2 = (1/4) × (22/7) × (7/2) × (7/2) = 77/8 सेमी2 (या 9.625 सेमी2).
परिधि = 2πr = 22 ⇒ 2 × (22/7) × r = 22 ⇒ r = 7/2 सेमी = 3.5 सेमी.
चतुर्थांश का क्षेत्रफल = (1/4)πr2 = (1/4) × (22/7) × (7/2) × (7/2) = 77/8 सेमी2 (या 9.625 सेमी2).
प्र० 21. त्रिज्या 21 सेमी वाले वृत्त का एक चाप केंद्र पर 60° का कोण अंतरित करता है। चाप की लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल:
चाप की लंबाई (l) = (θ/360°) × 2πr
= (60/360) × 2 × (22/7) × 21
= (1/6) × 2 × 22 × 3 = (1/6) × 132 = 22 सेमी.
चाप की लंबाई (l) = (θ/360°) × 2πr
= (60/360) × 2 × (22/7) × 21
= (1/6) × 2 × 22 × 3 = (1/6) × 132 = 22 सेमी.
प्र० 22. धातु के तीन ठोस गोलों की त्रिज्याएँ 6 सेमी, 8 सेमी और 10 सेमी हैं। इन्हें पिघलाकर एक बड़ा ठोस गोला बनाया जाता है। इस बड़े गोले की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल:
बड़े गोले का आयतन = तीनों गोलों के आयतनों का योग
(4/3)πR3 = (4/3)π(r13 + r23 + r33)
⇒ R3 = 63 + 83 + 103 = 216 + 512 + 1000 = 1728
⇒ R = ∛1728 = 12 सेमी.
बड़े गोले का आयतन = तीनों गोलों के आयतनों का योग
(4/3)πR3 = (4/3)π(r13 + r23 + r33)
⇒ R3 = 63 + 83 + 103 = 216 + 512 + 1000 = 1728
⇒ R = ∛1728 = 12 सेमी.
प्र० 23. एक शंकु की ऊँचाई 24 सेमी और आधार की त्रिज्या 7 सेमी है। शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
तिर्यक ऊँचाई l = √(r2 + h2) = √(72 + 242) = √(49 + 576) = √625 = 25 सेमी.
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl = (22/7) × 7 × 25 = 22 × 25 = 550 सेमी2.
तिर्यक ऊँचाई l = √(r2 + h2) = √(72 + 242) = √(49 + 576) = √625 = 25 सेमी.
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl = (22/7) × 7 × 25 = 22 × 25 = 550 सेमी2.
प्र० 24. 20 बल्बों के एक समूह में 4 बल्ब खराब हैं। इस समूह में से एक बल्ब यादृच्छया निकाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि यह बल्ब खराब होगा?
हल:
कुल बल्बों की संख्या n(S) = 20.
खराब बल्बों की संख्या n(E) = 4.
प्रायिकता P(खराब बल्ब) = n(E)/n(S) = 4/20 = 1/5.
कुल बल्बों की संख्या n(S) = 20.
खराब बल्बों की संख्या n(E) = 4.
प्रायिकता P(खराब बल्ब) = n(E)/n(S) = 4/20 = 1/5.
प्र० 25. एक पासे को एक बार फेंका जाता है। एक विषम संख्या प्राप्त करने की प्रायिकता क्या होगी?
हल:
कुल संभावित परिणाम = {1, 2, 3, 4, 5, 6} ⇒ n(S) = 6.
विषम संख्याएँ = {1, 3, 5} ⇒ n(E) = 3.
P(विषम संख्या) = 3/6 = 1/2.
कुल संभावित परिणाम = {1, 2, 3, 4, 5, 6} ⇒ n(S) = 6.
विषम संख्याएँ = {1, 3, 5} ⇒ n(E) = 3.
P(विषम संख्या) = 3/6 = 1/2.
प्र० 26. निम्नलिखित आँकड़ों का माध्य ज्ञात कीजिए:
| वर्ग अंतराल | 0-10 | 10-20 | 20-30 | 30-40 | 40-50 |
|---|---|---|---|---|---|
| बारंबारता (f) | 3 | 4 | 5 | 6 | 2 |
हल:
वर्ग चिह्न (x): 5, 15, 25, 35, 45.
f×x: 15, 60, 125, 210, 90.
Σf = 3 + 4 + 5 + 6 + 2 = 20.
Σfx = 15 + 60 + 125 + 210 + 90 = 500.
माध्य x̄ = Σfx / Σf = 500 / 20 = 25.
वर्ग चिह्न (x): 5, 15, 25, 35, 45.
f×x: 15, 60, 125, 210, 90.
Σf = 3 + 4 + 5 + 6 + 2 = 20.
Σfx = 15 + 60 + 125 + 210 + 90 = 500.
माध्य x̄ = Σfx / Σf = 500 / 20 = 25.
प्र० 27. निम्नलिखित बारंबारता बंटन का बहुलक वर्ग कौन-सा है और क्यों?
| वर्ग अंतराल | 10-25 | 25-40 | 40-55 | 55-70 | 70-85 |
|---|---|---|---|---|---|
| बारंबारता | 2 | 3 | 7 | 6 | 6 |
हल:
दी गई सारणी में अधिकतम बारंबारता 7 है, जो वर्ग अंतराल 40 - 55 से संबंधित है।
अतः बहुलक वर्ग 40 - 55 है।
दी गई सारणी में अधिकतम बारंबारता 7 है, जो वर्ग अंतराल 40 - 55 से संबंधित है।
अतः बहुलक वर्ग 40 - 55 है।
प्र० 28. जाँच कीजिए कि क्या (x - 2)(x + 1) = (x - 1)(x + 3) एक द्विघात समीकरण है?
हल:
बायाँ पक्ष: x2 + x - 2x - 2 = x2 - x - 2.
दायाँ पक्ष: x2 + 3x - x - 3 = x2 + 2x - 3.
समीकरण: x2 - x - 2 = x2 + 2x - 3
⇒ -x - 2 = 2x - 3 ⇒ -3x + 1 = 0 (या 3x - 1 = 0).
चूँकि इसमें x2 का पद नहीं है (घात 1 है), अतः यह द्विघात समीकरण नहीं है (रैखिक है)।
बायाँ पक्ष: x2 + x - 2x - 2 = x2 - x - 2.
दायाँ पक्ष: x2 + 3x - x - 3 = x2 + 2x - 3.
समीकरण: x2 - x - 2 = x2 + 2x - 3
⇒ -x - 2 = 2x - 3 ⇒ -3x + 1 = 0 (या 3x - 1 = 0).
चूँकि इसमें x2 का पद नहीं है (घात 1 है), अतः यह द्विघात समीकरण नहीं है (रैखिक है)।
प्र० 29. त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसके शीर्ष (2, 3), (-1, 0) और (2, -4) हैं।
हल:
क्षेत्रफल = (1/2)|x1(y2 - y3) + x2(y3 - y1) + x3(y1 - y2)|
= (1/2)|2(0 - (-4)) + (-1)(-4 - 3) + 2(3 - 0)|
= (1/2)|2(4) - 1(-7) + 2(3)| = (1/2)|8 + 7 + 6| = (1/2)|21| = 21/2 वर्ग मात्रक (10.5 वर्ग मात्रक)।
क्षेत्रफल = (1/2)|x1(y2 - y3) + x2(y3 - y1) + x3(y1 - y2)|
= (1/2)|2(0 - (-4)) + (-1)(-4 - 3) + 2(3 - 0)|
= (1/2)|2(4) - 1(-7) + 2(3)| = (1/2)|8 + 7 + 6| = (1/2)|21| = 21/2 वर्ग मात्रक (10.5 वर्ग मात्रक)।
प्र० 30. सिद्ध कीजिए कि: (1 - sin θ)(1 + sin θ)(1 + tan2 θ) = 1.
हल:
L.H.S. = (1 - sin2 θ)(1 + tan2 θ)
= cos2 θ × sec2 θ
= cos2 θ × (1 / cos2 θ) = 1 = R.H.S. (इति सिद्धम्)।
L.H.S. = (1 - sin2 θ)(1 + tan2 θ)
= cos2 θ × sec2 θ
= cos2 θ × (1 / cos2 θ) = 1 = R.H.S. (इति सिद्धम्)।
प्र० 31. ग्राफ़ीय विधि से निम्नलिखित रैखिक समीकरण युग्म को हल कीजिए: 2x + 3y = 12 तथा x - y = 1.
हल:
समीकरण (1): 2x + 3y = 12 ⇒ y = (12 - 2x)/3
• x = 0 रखने पर: y = 12/3 = 4 ⇒ बिन्दु A(0, 4)
• x = 3 रखने पर: y = (12 - 6)/3 = 2 ⇒ बिन्दु B(3, 2)
• x = 6 रखने पर: y = (12 - 12)/3 = 0 ⇒ बिन्दु C(6, 0)
समीकरण (2): x - y = 1 ⇒ y = x - 1
• x = 0 रखने पर: y = -1 ⇒ बिन्दु D(0, -1)
• x = 1 रखने पर: y = 0 ⇒ बिन्दु E(1, 0)
• x = 3 रखने पर: y = 2 ⇒ बिन्दु F(3, 2)
निष्कर्ष:
दोनों समीकरणों की रेखाओं का आलेख खींचने पर हम पाते हैं कि दोनों सरल रेखाएँ उभयनिष्ठ बिंदु (3, 2) पर एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं।
अतः दिए गए समीकरण निकाय का अभीष्ट हल x = 3, y = 2 है।
समीकरण (1): 2x + 3y = 12 ⇒ y = (12 - 2x)/3
• x = 0 रखने पर: y = 12/3 = 4 ⇒ बिन्दु A(0, 4)
• x = 3 रखने पर: y = (12 - 6)/3 = 2 ⇒ बिन्दु B(3, 2)
• x = 6 रखने पर: y = (12 - 12)/3 = 0 ⇒ बिन्दु C(6, 0)
समीकरण (2): x - y = 1 ⇒ y = x - 1
• x = 0 रखने पर: y = -1 ⇒ बिन्दु D(0, -1)
• x = 1 रखने पर: y = 0 ⇒ बिन्दु E(1, 0)
• x = 3 रखने पर: y = 2 ⇒ बिन्दु F(3, 2)
निष्कर्ष:
दोनों समीकरणों की रेखाओं का आलेख खींचने पर हम पाते हैं कि दोनों सरल रेखाएँ उभयनिष्ठ बिंदु (3, 2) पर एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं।
अतः दिए गए समीकरण निकाय का अभीष्ट हल x = 3, y = 2 है।
प्र० 32. सिद्ध कीजिए कि यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समांतर अन्य दो भुजाओं को भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करने के लिए एक रेखा खींची जाए, तो ये अन्य दो भुजाएँ एक ही अनुपात में विभाजित हो जाती हैं (थेल्स प्रमेय / आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय)।
हल:
दिया है: एक ΔABC जिसमें भुजा BC के समांतर रेखा DE खींची गई है, जो AB को D पर तथा AC को E पर काटती है।
सिद्ध करना है: AD / DB = AE / EC.
रचना: B को E से और C को D से मिलाया। तथा EN ⊥ AB और DM ⊥ AC खींचा।
उपपत्ति:
क्षेत्रफल(ΔADE) = (1/2) × आधार × ऊँचाई = (1/2) × AD × EN
क्षेत्रफल(ΔBDE) = (1/2) × DB × EN
अतः ar(ΔADE) / ar(ΔBDE) = [(1/2) × AD × EN] / [(1/2) × DB × EN] = AD / DB ...(समीकरण 1)
इसी प्रकार:
ar(ΔADE) / ar(ΔCDE) = [(1/2) × AE × DM] / [(1/2) × EC × DM] = AE / EC ...(समीकरण 2)
चूँकि ΔBDE और ΔCDE एक ही आधार DE तथा एक ही समांतर रेखाओं BC || DE के बीच बने त्रिभुज हैं:
इसलिए ar(ΔBDE) = ar(ΔCDE) ...(समीकरण 3)
समीकरण (1), (2) और (3) की तुलना करने पर:
AD / DB = AE / EC (इति सिद्धम्)।
दिया है: एक ΔABC जिसमें भुजा BC के समांतर रेखा DE खींची गई है, जो AB को D पर तथा AC को E पर काटती है।
सिद्ध करना है: AD / DB = AE / EC.
रचना: B को E से और C को D से मिलाया। तथा EN ⊥ AB और DM ⊥ AC खींचा।
उपपत्ति:
क्षेत्रफल(ΔADE) = (1/2) × आधार × ऊँचाई = (1/2) × AD × EN
क्षेत्रफल(ΔBDE) = (1/2) × DB × EN
अतः ar(ΔADE) / ar(ΔBDE) = [(1/2) × AD × EN] / [(1/2) × DB × EN] = AD / DB ...(समीकरण 1)
इसी प्रकार:
ar(ΔADE) / ar(ΔCDE) = [(1/2) × AE × DM] / [(1/2) × EC × DM] = AE / EC ...(समीकरण 2)
चूँकि ΔBDE और ΔCDE एक ही आधार DE तथा एक ही समांतर रेखाओं BC || DE के बीच बने त्रिभुज हैं:
इसलिए ar(ΔBDE) = ar(ΔCDE) ...(समीकरण 3)
समीकरण (1), (2) और (3) की तुलना करने पर:
AD / DB = AE / EC (इति सिद्धम्)।
प्र० 33. सिद्ध कीजिए कि: (cos A / (1 + sin A)) + ((1 + sin A) / cos A) = 2 sec A.
हल:
बायाँ पक्ष (L.H.S.) = (cos A / (1 + sin A)) + ((1 + sin A) / cos A)
ल०स० (L.C.M.) लेने पर:
= [cos2 A + (1 + sin A)2] / [cos A (1 + sin A)]
= [cos2 A + (1 + 2 sin A + sin2 A)] / [cos A (1 + sin A)]
हम जानते हैं कि sin2 A + cos2 A = 1:
= [(sin2 A + cos2 A) + 1 + 2 sin A] / [cos A (1 + sin A)]
= [1 + 1 + 2 sin A] / [cos A (1 + sin A)]
= [2 + 2 sin A] / [cos A (1 + sin A)]
= 2(1 + sin A) / [cos A (1 + sin A)]
= 2 / cos A = 2 sec A = दायाँ पक्ष (R.H.S.) (इति सिद्धम्)।
बायाँ पक्ष (L.H.S.) = (cos A / (1 + sin A)) + ((1 + sin A) / cos A)
ल०स० (L.C.M.) लेने पर:
= [cos2 A + (1 + sin A)2] / [cos A (1 + sin A)]
= [cos2 A + (1 + 2 sin A + sin2 A)] / [cos A (1 + sin A)]
हम जानते हैं कि sin2 A + cos2 A = 1:
= [(sin2 A + cos2 A) + 1 + 2 sin A] / [cos A (1 + sin A)]
= [1 + 1 + 2 sin A] / [cos A (1 + sin A)]
= [2 + 2 sin A] / [cos A (1 + sin A)]
= 2(1 + sin A) / [cos A (1 + sin A)]
= 2 / cos A = 2 sec A = दायाँ पक्ष (R.H.S.) (इति सिद्धम्)।
प्र० 34. 7 मीटर ऊँचे भवन के शिखर से एक केबल टॉवर के शिखर का उन्नयन कोण 60° है और इसके पाद का अवनमन कोण 45° है। टॉवर की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल:
माना भवन AB = 7 मीटर और केबल टॉवर CD = H मीटर।
भवन के शिखर A से टॉवर पर क्षैतिज रेखा AE खींची, जिससे ED = AB = 7 मीटर।
अतः CE = H - 7 मीटर। दोनों के बीच की दूरी BD = AE = x मीटर।
दिया है: ∠CAE = 60° और अवनमन कोण ∠EAD = ∠ADB = 45°.
समकोण ΔABD में:
tan 45° = AB / BD ⇒ 1 = 7 / x ⇒ x = 7 मीटर.
समकोण ΔCEA में:
tan 60° = CE / AE
⇒ √3 = (H - 7) / x
⇒ H - 7 = 7√3 (चूँकि x = 7)
⇒ H = 7√3 + 7 = 7(√3 + 1) मीटर.
(√3 = 1.732 रखने पर: H = 7(2.732) = 19.124 मीटर).
अतः केबल टॉवर की कुल ऊँचाई 7(√3 + 1) मीटर है।
माना भवन AB = 7 मीटर और केबल टॉवर CD = H मीटर।
भवन के शिखर A से टॉवर पर क्षैतिज रेखा AE खींची, जिससे ED = AB = 7 मीटर।
अतः CE = H - 7 मीटर। दोनों के बीच की दूरी BD = AE = x मीटर।
दिया है: ∠CAE = 60° और अवनमन कोण ∠EAD = ∠ADB = 45°.
समकोण ΔABD में:
tan 45° = AB / BD ⇒ 1 = 7 / x ⇒ x = 7 मीटर.
समकोण ΔCEA में:
tan 60° = CE / AE
⇒ √3 = (H - 7) / x
⇒ H - 7 = 7√3 (चूँकि x = 7)
⇒ H = 7√3 + 7 = 7(√3 + 1) मीटर.
(√3 = 1.732 रखने पर: H = 7(2.732) = 19.124 मीटर).
अतः केबल टॉवर की कुल ऊँचाई 7(√3 + 1) मीटर है।
प्र० 35. एक रेलगाड़ी एक समान चाल से 360 किमी की दूरी तय करती है। यदि यह चाल 5 किमी/घंटा अधिक होती, तो वह उसी यात्रा में 1 घंटा कम समय लेती। रेलगाड़ी की मूल चाल ज्ञात कीजिए।
हल:
माना रेलगाड़ी की मूल चाल = x किमी/घंटा।
दूरी = 360 किमी।
मूल चाल से लगा समय t1 = 360 / x घंटे।
चाल 5 किमी/घंटा बढ़ाने पर नई चाल = (x + 5) किमी/घंटा।
नया समय t2 = 360 / (x + 5) घंटे।
प्रश्नानुसार: t1 - t2 = 1
⇒ 360/x - 360/(x + 5) = 1
⇒ 360 [ (x + 5 - x) / (x(x + 5)) ] = 1
⇒ 360 [ 5 ] / [ x2 + 5x ] = 1
⇒ 1800 = x2 + 5x
⇒ x2 + 5x - 1800 = 0
गुणनखंड करने पर: 45 × 40 = 1800 और 45 - 40 = 5:
⇒ x2 + 45x - 40x - 1800 = 0
⇒ x(x + 45) - 40(x + 45) = 0
⇒ (x - 40)(x + 45) = 0
चूँकि चाल ऋणात्मक नहीं हो सकती, अतः x ≠ -45.
अतः x = 40.
अतः रेलगाड़ी की चाल 40 किमी/घंटा है।
माना रेलगाड़ी की मूल चाल = x किमी/घंटा।
दूरी = 360 किमी।
मूल चाल से लगा समय t1 = 360 / x घंटे।
चाल 5 किमी/घंटा बढ़ाने पर नई चाल = (x + 5) किमी/घंटा।
नया समय t2 = 360 / (x + 5) घंटे।
प्रश्नानुसार: t1 - t2 = 1
⇒ 360/x - 360/(x + 5) = 1
⇒ 360 [ (x + 5 - x) / (x(x + 5)) ] = 1
⇒ 360 [ 5 ] / [ x2 + 5x ] = 1
⇒ 1800 = x2 + 5x
⇒ x2 + 5x - 1800 = 0
गुणनखंड करने पर: 45 × 40 = 1800 और 45 - 40 = 5:
⇒ x2 + 45x - 40x - 1800 = 0
⇒ x(x + 45) - 40(x + 45) = 0
⇒ (x - 40)(x + 45) = 0
चूँकि चाल ऋणात्मक नहीं हो सकती, अतः x ≠ -45.
अतः x = 40.
अतः रेलगाड़ी की चाल 40 किमी/घंटा है।
प्र० 36. एक ठोस एक अर्धगोले पर खड़े एक शंकु के आकार का है, जिनकी त्रिज्याएँ 1 सेमी हैं तथा शंकु की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबर है। इस ठोस का आयतन π के पदों में ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है: त्रिज्या r = 1 सेमी, शंकु की ऊँचाई h = r = 1 सेमी.
ठोस का कुल आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोले का आयतन
= (1/3)πr2h + (2/3)πr3
= (1/3)π(1)2(1) + (2/3)π(1)3
= (1/3)π + (2/3)π
= (1 + 2)/3 × π = (3/3)π = π सेमी3.
अतः ठोस का अभीष्ट आयतन π सेमी3 है।
दिया है: त्रिज्या r = 1 सेमी, शंकु की ऊँचाई h = r = 1 सेमी.
ठोस का कुल आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोले का आयतन
= (1/3)πr2h + (2/3)πr3
= (1/3)π(1)2(1) + (2/3)π(1)3
= (1/3)π + (2/3)π
= (1 + 2)/3 × π = (3/3)π = π सेमी3.
अतः ठोस का अभीष्ट आयतन π सेमी3 है।
प्र० 37. 6 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए। इसके केंद्र से 10 सेमी दूर स्थित एक बिंदु से वृत्त पर स्पर्श रेखा युग्म की रचना कीजिए। (रचना के चरण लिखें)
रचना के चरण:
1. बिंदु O को केंद्र मानकर परकार की सहायता से 6 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचा।
2. केंद्र O से 10 सेमी की दूरी पर एक बिंदु P अंकित किया (OP = 10 सेमी)।
3. रेखाखंड OP का लंब समद्विभाजक खींचा, जो OP को मध्य-बिंदु M पर काटता है।
4. M को केंद्र मानकर तथा MO = MP त्रिज्या लेकर एक अन्य वृत्त खींचा।
5. यह नया वृत्त पहले वृत्त को दो बिंदुओं Q और R पर प्रतिच्छेद करता है।
6. PQ और PR को मिलाया।
अतः PQ और PR अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।
लंबाई की गणना: समकोण ΔOQP में, PQ = √(OP2 - OQ2) = √(102 - 62) = √(100 - 36) = √64 = 8 सेमी.
1. बिंदु O को केंद्र मानकर परकार की सहायता से 6 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचा।
2. केंद्र O से 10 सेमी की दूरी पर एक बिंदु P अंकित किया (OP = 10 सेमी)।
3. रेखाखंड OP का लंब समद्विभाजक खींचा, जो OP को मध्य-बिंदु M पर काटता है।
4. M को केंद्र मानकर तथा MO = MP त्रिज्या लेकर एक अन्य वृत्त खींचा।
5. यह नया वृत्त पहले वृत्त को दो बिंदुओं Q और R पर प्रतिच्छेद करता है।
6. PQ और PR को मिलाया।
अतः PQ और PR अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।
लंबाई की गणना: समकोण ΔOQP में, PQ = √(OP2 - OQ2) = √(102 - 62) = √(100 - 36) = √64 = 8 सेमी.
प्र० 38. निम्नलिखित बारंबारता बंटन का माध्यक (Median) ज्ञात कीजिए:
| वर्ग अंतराल | बारंबारता (f) | संचयी बारंबारता (cf) |
|---|---|---|
| 0 - 10 | 5 | 5 |
| 10 - 20 | 8 | 13 |
| 20 - 30 | 20 | 33 |
| 30 - 40 | 15 | 48 |
| 40 - 50 | 7 | 55 |
| 50 - 60 | 5 | 60 |
हल:
यहाँ कुल प्रेक्षण N = Σf = 60.
N/2 = 60 / 2 = 30.
30 से ठीक बड़ी संचयी बारंबारता 33 है, जिसका संगत वर्ग अंतराल 20 - 30 है।
अतः माध्यक वर्ग (Median Class) = 20 - 30.
यहाँ:
• l (माध्यक वर्ग की निम्न सीमा) = 20
• cf (माध्यक वर्ग से ठीक पहले वर्ग की संचयी बारंबारता) = 13
• f (माध्यक वर्ग की बारंबारता) = 20
• h (वर्ग अंतराल का आकार) = 10
माध्यक सूत्र: Median = l + [ ((N/2) - cf) / f ] × h
= 20 + [ (30 - 13) / 20 ] × 10
= 20 + [ 17 / 20 ] × 10
= 20 + 17 / 2
= 20 + 8.5 = 28.5.
अतः दिए गए आँकड़ों का अभीष्ट माध्यक 28.5 है।
यहाँ कुल प्रेक्षण N = Σf = 60.
N/2 = 60 / 2 = 30.
30 से ठीक बड़ी संचयी बारंबारता 33 है, जिसका संगत वर्ग अंतराल 20 - 30 है।
अतः माध्यक वर्ग (Median Class) = 20 - 30.
यहाँ:
• l (माध्यक वर्ग की निम्न सीमा) = 20
• cf (माध्यक वर्ग से ठीक पहले वर्ग की संचयी बारंबारता) = 13
• f (माध्यक वर्ग की बारंबारता) = 20
• h (वर्ग अंतराल का आकार) = 10
माध्यक सूत्र: Median = l + [ ((N/2) - cf) / f ] × h
= 20 + [ (30 - 13) / 20 ] × 10
= 20 + [ 17 / 20 ] × 10
= 20 + 17 / 2
= 20 + 8.5 = 28.5.
अतः दिए गए आँकड़ों का अभीष्ट माध्यक 28.5 है।
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