अध्याय 4: परिवहन, संचार एवं व्यापार
100 महत्वपूर्ण स्मरणीय तथ्य एवं परीक्षापयोगी संपूर्ण अध्ययन नोट्स
पाठ का परिचय एवं अवलोकन
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) कक्षा 10 भूगोल (खंड-क: भारत : संसाधन एवं उपयोग) का चौथा अध्याय 'परिवहन, संचार एवं व्यापार' (Transport, Communication and Trade) देश के आर्थिक विकास और जीवन-रेखाओं (Lifelines of National Economy) पर केंद्रित है।
परिवहन, संचार और व्यापार को किसी भी राष्ट्र की 'जीवन रेखाएं' कहा जाता है क्योंकि कृषि और औद्योगिक उत्पादों को उपभोक्ता तक पहुंचाने, सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति देने में इनकी भूमिका अनिवार्य होती है।
🚆 1. परिवहन तंत्र: स्थल परिवहन (सड़क मार्ग, रेल मार्ग, पाइपलाइन), जल परिवहन (आंतरिक जलमार्ग, प्रमुख समुद्री बंदरगाह) और वायु परिवहन।
📡 2. संचार सेवाएं: डाक सेवाएं (PIN कोड, स्पीड पोस्ट), दूरसंचार (टेलीफोन, इंटरनेट) और जनसंचार माध्यम (रेडियो, टीवी, समाचार पत्र)।
🌐 3. व्यापार एवं पर्यटन: आंतरिक एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार, प्रमुख व्यापारिक साझीदार, आयात-निर्यात संरचना और व्यापार संतुलन।
1. परिवहन तंत्र: सामान्य परिचय एवं सड़क परिवहन (तथ्य 1 - 28)
- 1परिवहन, संचार और व्यापार को देश की 'आर्थिक जीवन रेखाएं' (Lifelines of Economy) कहा जाता है।
- 2वस्तुओं और यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने की व्यवस्था को 'परिवहन' कहते हैं।
- 3भारत में परिवहन के प्रमुख तीन माध्यम हैं: स्थल परिवहन, जल परिवहन और वायु परिवहन।
- 4भारत का सड़क नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े सड़क तंत्रों में से एक है।
- 5सड़क विकास हेतु वर्ष 1943 में पहली संगठित योजना 'नागपुर सड़क योजना' (Nagpur Road Plan) बनाई गई थी।
- 6नागपुर योजना के अंतर्गत भारतीय सड़कों को 4 वर्गों (राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला सड़कें, ग्रामीण सड़कें) में बांटा गया था।
- 7वर्तमान में प्रशासनिक दृष्टि से भारत में सड़कों के मुख्य वर्ग हैं: राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, प्रमुख जिला सड़कें, अन्य जिला सड़कें, ग्रामीण सड़कें और सीमांत सड़कें।
- 8'राष्ट्रीय राजमार्ग' (National Highways - NH) देश के दूरस्थ भागों, राजधानियों, बड़े औद्योगिक नगरों और बंदरगाहों को आपस में जोड़ते हैं।
- 9राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, प्रबंधन एवं रखरखाव का दायित्व केंद्र सरकार के 'भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण' (NHAI) पर होता है।
- 10NHAI का गठन संसद के एक अधिनियम द्वारा वर्ष 1988 में किया गया था (1995 में पूर्णतः क्रियाशील हुआ)।
- 11'स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग' (Golden Quadrilateral) भारत के 4 प्रमुख महानगरों—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता—को जोड़ने वाला 6-लेन सुपर हाइवे है।
- 12स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग की कुल लंबाई 5,846 किलोमीटर है।
- 13'उत्तर-दक्षिण गलियारा' (North-South Corridor) श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) को कन्याकुमारी (तमिलनाडु) से जोड़ता है।
- 14'पूर्व-पश्चिम गलियारा' (East-West Corridor) सिलचर (असम) को पोरबंदर (गुजरात) से जोड़ता है।
- 15उत्तर-दक्षिण गलियारा और पूर्व-पश्चिम गलियारा उत्तर प्रदेश के झांसी शहर में एक-दूसरे को काटते हैं।
- 16भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 है (पुराना नाम NH-7), जो श्रीनगर से कन्याकुमारी तक जाता है।
- 17ऐतिहासिक 'ग्रैंड ट्रंक रोड' (GT Road) का निर्माण मूलतः शेरशाह सूरी ने करवाया था।
- 18ऐतिहासिक रूप से जीटी रोड अमृतसर से कोलकाता तक विस्तृत था, जिसे आधुनिक समय में NH-1 और NH-2 के रूप में जाना जाता था।
- 19'राज्य राजमार्ग' (State Highways - SH) राज्यों की राजधानियों को जिला मुख्यालयों से जोड़ते हैं।
- 20राज्य राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) की होती है।
- 21'जिला सड़कें' जिले के विभिन्न प्रशासनिक एवं व्यापारिक केंद्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ती हैं।
- 22'ग्रामीण सड़कें' गांवों को मुख्य सड़कों और कस्बों से जोड़ती हैं।
- 23ग्रामीण सड़कों के तीव्र विकास हेतु दिसंबर 2000 में 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' (PMGSY) प्रारंभ की गई थी।
- 24भारत में सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण एवं रखरखाव हेतु मई 1960 में 'सीमा सड़क संगठन' (BRO) की स्थापना की गई थी।
- 25दुनिया की सबसे ऊंची मोटर वाहन योग्य सड़क लद्दाख में उमलिंग ला दर्रे पर BRO द्वारा बनाई गई है।
- 26देश में पक्की सड़कों की सबसे अधिक लंबाई और घनत्व वाला राज्य महाराष्ट्र है।
- 27सड़कों के घनत्व (सड़क प्रति 100 वर्ग किमी) की दृष्टि से भारत में केरल राज्य शीर्ष पर है।
- 28भारत में सबसे कम सड़क घनत्व और विषम सड़क नेटवर्क वाला राज्य जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर्वतीय क्षेत्र है।
2. रेल परिवहन तंत्र (तथ्य 29 - 46)
- 29भारी सामान और लंबी दूरी की यात्रा के लिए भारत में मुख्य स्थल परिवहन साधन 'रेल परिवहन' है।
- 30भारत में पहली रेलगाड़ी 16 अप्रैल 1853 को मुंबई (बोरीबंदर) से ठाणे के बीच चलाई गई थी।
- 31भारत की पहली रेलगाड़ी ने 34 किलोमीटर की दूरी तय की थी और इसे लॉर्ड डलहौजी के काल में शुरू किया गया था।
- 32भारतीय रेल एशिया की सबसे बड़ी और विश्व की चौथी सबसे बड़ी रेल प्रणाली है।
- 33भारतीय रेल नेटवर्क में पटरियों की चौड़ाई के आधार पर 3 गेज होते हैं: ब्रॉड गेज (बड़ी लाइन), मीटर गेज (मध्यम लाइन), और नैरो गेज (छोटी लाइन)।
- 34ब्रॉड गेज (Broad Gauge) में दो पटरियों के बीच की दूरी 1.676 मीटर (5 फीट 6 इंच) होती है।
- 35मीटर गेज (Meter Gauge) में दो पटरियों के बीच की दूरी 1.00 मीटर होती है।
- 36नैरो गेज (Narrow Gauge) में पटरियों के बीच की दूरी 0.762 मीटर या 0.610 मीटर होती है।
- 37प्रशासनिक सुविधा के लिए भारतीय रेल को कुल 18 रेल मंडलों (Zones) में विभाजित किया गया है।
- 38भारतीय रेल का केंद्रीय मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
- 39बिहार में स्थित एकमात्र रेलवे जोन का मुख्यालय 'पूर्व मध्य रेलवे' (ECR) का हाजीपुर में स्थित है।
- 40पूर्व मध्य रेलवे (ECR) का गठन 1 अक्टूबर 2002 को हुआ था।
- 41भारत में पहली विद्युत रेलगाड़ी (डेक्कन क्वीन) वर्ष 1925 में मुंबई से कुर्ला के बीच चलाई गई थी।
- 42भारत में पहली भूमिगत 'मेट्रो रेल' सेवा वर्ष 1984 में कोलकाता में शुरू की गई थी।
- 43दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) की शुरुआत वर्ष 2002 में शाहदरा से तीस हजारी के बीच हुई थी।
- 44भारत की सबसे तीव्र गति से चलने वाली स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड ट्रेन 'वंदे भारत एक्सप्रेस' (ट्रेन 18) है।
- 45देश के मैदानी भागों (उत्तर भारत का मैदान) में समतल भूमि और घनी आबादी के कारण रेल नेटवर्क का घनत्व सर्वाधिक है।
- 46पर्वतीय और मरुस्थलीय क्षेत्रों में विषम उच्चावच के कारण रेल लाइनों का प्रसार अत्यंत सीमित और कठिन है।
3. पाइपलाइन परिवहन (तथ्य 47 - 52)
- 47तरल पदार्थों (कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद) और प्राकृतिक गैस के सुरक्षित परिवहन के लिए पाइपलाइन का उपयोग किया जाता है।
- 48पाइपलाइन परिवहन से सामग्री की बर्बादी और पारवहन (ट्रांजिट) के दौरान होने वाली देरी पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
- 49ठोस खनिजों जैसे लौह-अयस्क को भी पानी में मिलाकर 'स्लरी' (घोल) बनाकर पाइपलाइन द्वारा भेजा जाता है।
- 50भारत की पहली महत्वपूर्ण तेल पाइपलाइन असम के नाहरकटिया तेल क्षेत्र से बरौनी (बिहार) रिफाइनरी तक बिछाई गई थी।
- 51भारत की सबसे प्रसिद्ध और लंबी गैस पाइपलाइन 'हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर' (HVJ) पाइपलाइन है।
- 52HVJ पाइपलाइन गुजरात के हजीरा को मध्य प्रदेश के विजयपुर होते हुए उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर से जोड़ती है।
4. जल परिवहन एवं प्रमुख बंदरगाह (तथ्य 53 - 78)
- 53जल परिवहन सभी परिवहन साधनों में सबसे सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम है।
- 54भारी और स्थूल (Bulky) वस्तुओं को लंबी दूरी तक ढोने के लिए जल परिवहन सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है।
- 55जल परिवहन दो प्रकार का होता है: आंतरिक जल परिवहन (नदियां व नहरें) और महासागरीय जल परिवहन।
- 56भारत में आंतरिक जलमार्गों के विकास और नियमन हेतु 1986 में 'भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण' (IWAI) की स्थापना की गई।
- 57IWAI का राष्ट्रीय मुख्यालय नोएडा (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।
- 58राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 (NW-1) गंगा नदी पर प्रयागराज (इलाहाबाद) से हल्दिया तक विस्तृत है।
- 59राष्ट्रीय जलमार्ग-1 की कुल लंबाई 1,620 किलोमीटर है और यह देश का सबसे लंबा आंतरिक जलमार्ग है।
- 60राष्ट्रीय जलमार्ग-1 बिहार के बक्सर, पटना, मोकामा, मुंगेर और भागलपुर से होकर गुजरता है।
- 61राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-2 (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सादिया से धुबरी (असम) तक 891 किमी लंबा है।
- 62राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-3 (NW-3) केरल की पश्चिमी तटीय नहर (कोट्टापुरम से कोल्लम) में स्थित है।
- 63भारत की मुख्य भूमि की तटरेखा लगभग 7,516.6 किमी लंबी है, जिस पर 12 प्रमुख (बड़े) और लगभग 200 मध्यम व छोटे बंदरगाह हैं।
- 64देश के विदेशी व्यापार का लगभग 95% परिमाण (मात्रा) और 68% मूल्य महासागरीय मार्गों द्वारा होता है।
- 65'कांडला बंदरगाह' (दीनदयाल पोर्ट) गुजरात के कच्छ की खाड़ी में स्थित एक प्राकृतिक और ज्वारीय (Tidal) बंदरगाह है।
- 66कांडला बंदरगाह देश विभाजन के बाद कराची के विकल्प के रूप में विकसित किया गया था और यह मुक्त व्यापार क्षेत्र (SEZ) है।
- 67'मुंबई बंदरगाह' भारत का सबसे बड़ा प्राकृतिक और सबसे व्यस्त बंदरगाह है।
- 68मुंबई बंदरगाह के यातायात भार को कम करने के लिए पास ही आधुनिक 'जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह' (न्हावा शेवा) बनाया गया है।
- 69न्हावा शेवा (JNPT) भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है।
- 70'मर्मगाओ बंदरगाह' (गोवा) देश के लौह-अयस्क निर्यात का एक प्रमुख बंदरगाह है।
- 71'न्यू मंगलौर बंदरगाह' कर्नाटक में स्थित है, जहाँ से कुद्रेमुख का लौह-अयस्क निर्यात होता है।
- 72'कोच्चि बंदरगाह' केरल में वेम्बनाड कयाल (लैगून) के मुहाने पर स्थित प्राकृतिक बंदरगाह है।
- 73'तूतीकोरिन बंदरगाह' (वी.ओ. चिदंबरनार) तमिलनाडु के दक्षिणी छोर पर स्थित एक छिछला प्राकृतिक बंदरगाह है।
- 74'चेन्नई बंदरगाह' भारत के पूर्वी तट पर स्थित देश का सबसे पुराना कृत्रिम बंदरगाह है।
- 75'विशाखापत्तनम बंदरगाह' (आंध्र प्रदेश) भारत का सबसे गहरा, सुरक्षित और स्थलरुद्ध (Land-locked) प्राकृतिक बंदरगाह है।
- 76'पारादीप बंदरगाह' (ओडिशा) के तट पर स्थित है, जहाँ से मुख्य रूप से जापान को लौह-अयस्क भेजा जाता है।
- 77'कोलकाता बंदरगाह' (श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट) हुगली नदी पर स्थित एक नदीय (Riverine) बंदरगाह है।
- 78कोलकाता बंदरगाह के भार को घटाने के लिए समुद्र के निकट 'हल्दिया बंदरगाह' एक सहायक पोर्ट के रूप में विकसित किया गया है।
5. वायु परिवहन तंत्र (तथ्य 79 - 90)
- 79वायु परिवहन यातायात का सबसे तीव्रगामी, आधुनिक किंतु सबसे महंगा साधन है।
- 80दुर्गम पर्वतों, घने जंगलों, मरुस्थलों और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंच का एकमात्र साधन वायु परिवहन है।
- 81भारत में वायु परिवहन की शुरुआत वर्ष 1911 में प्रयागराज (इलाहाबाद) से नैनी के बीच (डाक सेवा हेतु) हुई थी।
- 82भारत में वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण वर्ष 1953 में किया गया था।
- 83एयर इंडिया (Air India) भारत की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा प्रदाता कंपनी रही है।
- 84दुर्गम व पहाड़ी क्षेत्रों तथा तेल खोज (ONGC) हेतु हेलीकॉप्टर सेवाएं 'पवन हंस हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड' द्वारा दी जाती हैं।
- 85नई दिल्ली में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम 'इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा' है।
- 86मुंबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम 'छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा' है।
- 87कोलकाता में स्थित हवाई अड्डे का नाम 'नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा' (दमदम) है।
- 88चेन्नई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को 'मीनांबक्कम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा' कहा जाता है।
- 89बिहार की राजधानी पटना में स्थित हवाई अड्डे का नाम 'जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा' है।
- 90बिहार का दूसरा नागरिक हवाई अड्डा 'गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा' है, जो बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए प्रमुख केंद्र है।
6. संचार सेवाएं एवं जनसंचार (तथ्य 91 - 99)
- 91सूचनाओं, संदेशों और विचारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक इलेक्ट्रॉनिक या भौतिक रूप में भेजना 'संचार' कहलाता है।
- 92भारतीय डाक प्रणाली (India Post) विश्व का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क है।
- 93भारत में डाक सेवा की शुरुआत लॉर्ड क्लाइव द्वारा 1766 में और आधुनिक डाक प्रणाली 1854 में डलहौजी के समय हुई।
- 94भारत में त्वरित डाक वितरण के लिए 15 अगस्त 1972 को 'पिन कोड' (PIN - Postal Index Number) प्रणाली शुरू की गई।
- 95भारत का पिन कोड 6 अंकों का होता है, जिसमें पहला अंक देश के भौगोलिक क्षेत्र को दर्शाता है।
- 96भारत में आपातकालीन त्वरित संदेश डिलीवरी के लिए वर्ष 1986 में 'स्पीड पोस्ट' (Speed Post) सेवा शुरू की गई।
- 97जनसंचार माध्यमों में आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन (Doordarshan) सबसे प्रभावी राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक साधन हैं।
- 98भारत में रेडियो का पहला प्रसारण वर्ष 1923 में 'रेडियो क्लब ऑफ बॉम्बे' द्वारा किया गया था।
- 99भारत में दूरदर्शन पर नियमित रंगीन प्रसारण की शुरुआत 1982 के एशियाई खेलों के समय हुई थी।
7. अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं पर्यटन (तथ्य 100)
- 100दो या दो से अधिक देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और पूंजी के विनिमय को 'अंतरराष्ट्रीय व्यापार' कहते हैं; किसी देश के कुल निर्यात मूल्य और आयात मूल्य के अंतर को 'व्यापार संतुलन' (Balance of Trade) कहा जाता है।
त्वरित पुनरावलोकन: भारत के प्रमुख समुद्री बंदरगाह (Major Ports)
| तटीय स्थिति | बंदरगाह का नाम | संबंधित राज्य | प्रमुख विशेषता / व्यापार |
|---|---|---|---|
| पश्चिमी तट (अरब सागर) | कांडला (दीनदयाल) | गुजरात | ज्वारीय बंदरगाह, कर-मुक्त व्यापार क्षेत्र (SEZ) |
| मुंबई | महाराष्ट्र | भारत का सबसे बड़ा व व्यस्ततम प्राकृतिक बंदरगाह | |
| न्हावा शेवा (JNPT) | महाराष्ट्र | भारत का सबसे बड़ा पूर्ण स्वचालित कंटेनर पोर्ट | |
| मर्मगाओ | गोवा | लौह-अयस्क का प्रमुख निर्यातक बंदरगाह | |
| न्यू मंगलौर | कर्नाटक | कुद्रेमुख की खानों से लौह-अयस्क का निर्यात | |
| कोच्चि | केरल | वेम्बनाड लैगून के मुहाने पर स्थित प्राकृतिक बंदरगाह | |
| पूर्वी तट (बंगाल की खाड़ी) | तूतीकोरिन | तमिलनाडु | छिछला प्राकृतिक बंदरगाह (मत्स्य व सामान्य कार्गो) |
| चेन्नई | तमिलनाडु | भारत का सबसे पुराना कृत्रिम एवं खुला बंदरगाह | |
| विशाखापत्तनम | आंध्र प्रदेश | देश का सबसे गहरा एवं सुरक्षित स्थलरुद्ध बंदरगाह | |
| पारादीप | ओडिशा | जापान को लौह-अयस्क निर्यात करने वाला पोर्ट | |
| कोलकाता (श्यामा प्रसाद) | पश्चिम बंगाल | हुगली नदी पर स्थित देश का प्रमुख नदीय पत्तन | |
| हल्दिया | पश्चिम बंगाल | कोलकाता पत्तन के भार को घटाने हेतु निर्मित सहायक बंदरगाह |
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