अध्याय 9: त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग (ऊँचाई और दूरी) – सम्पूर्ण नोट्स
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा (NCERT आधारित) के लिए उन्नयन कोण, अवनमन कोण एवं 5 अंक वाले दीर्घ उत्तरीय मॉडल हल प्रश्न
1. अध्याय परिचय (Chapter Introduction)
पिछले अध्याय में हमने त्रिकोणमितीय अनुपातों (sin, cos, tan, cot, sec, cosec) और विशिष्ट कोणों (0°, 30°, 45°, 60°, 90°) पर उनके मानों का अध्ययन किया।
इस अध्याय में हम त्रिकोणमिति के सबसे महत्वपूर्ण और व्यावहारिक अनुप्रयोग — ऊँचाई और दूरी (Height and Distance) का अध्ययन करेंगे। त्रिकोणमिति की सहायता से हम किसी ऊँची मीनार, पहाड़, पेड़, प्रकाश-स्तंभ (Lighthouse) की ऊँचाई या किसी चौड़ी नदी के दोनों किनारों के बीच की दूरी को बिना सीधे फीता लगाकर मापे, केवल कोण और एक आधार दूरी की सहायता से शुद्धतापूर्वक ज्ञात कर सकते हैं।
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा के खण्ड-ब (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न - 5 अंक) में प्रतिवर्ष 'ऊँचाई और दूरी' से 1 अनिवार्य प्रश्न पूछा जाता है। यदि आपका चित्र सही है और स्टेप्स सटीक हैं, तो इसमें पूरे 5 में से 5 अंक मिलते हैं।
2. मूल शब्दावली एवं परिभाषाएँ (Basic Definitions)
(i) दृष्टि रेखा (Line of Sight)
प्रेक्षक (Observer) की आँख से उस वस्तु के बिंदु को मिलाने वाली सीधी काल्पनिक रेखा को दृष्टि रेखा कहते हैं जिसे प्रेक्षक देख रहा होता है।
(ii) क्षैतिज स्तर या रेखा (Horizontal Line)
प्रेक्षक की आँख से पृथ्वी के तल के बिल्कुल समांतर खींची गई सीधी रेखा को क्षैतिज स्तर कहते हैं।
(iii) उन्नयन कोण (Angle of Elevation)
जब प्रेक्षित वस्तु प्रेक्षक की आँख (क्षैतिज स्तर) से ऊपर स्थित हो, तो वस्तु को देखने के लिए प्रेक्षक को अपना सिर ऊपर उठाना पड़ता है। इस स्थिति में क्षैतिज रेखा और दृष्टि रेखा के बीच बनने वाले कोण को 'उन्नयन कोण' कहते हैं।
उन्नयन कोण = दृष्टि रेखा (ऊपर की ओर) और क्षैतिज रेखा के बीच का कोण।
(iv) अवनमन कोण (Angle of Depression)
जब प्रेक्षित वस्तु प्रेक्षक की आँख (क्षैतिज स्तर) से नीचे स्थित हो, तो वस्तु को देखने के लिए प्रेक्षक को अपना सिर नीचे झुकाना पड़ता है। इस स्थिति में क्षैतिज रेखा और दृष्टि रेखा के बीच बनने वाले कोण को 'अवनमन कोण' कहते हैं।
अवनमन कोण = दृष्टि रेखा (नीचे की ओर) और क्षैतिज रेखा के बीच का कोण।
हल करते समय ऊपर बनने वाले अवनमन कोण को समकोण त्रिभुज के आधार पर एकांतर कोण के रूप में दर्शाया जाता है।
3. अनिवार्य त्रिकोणमितीय अनुपात एवं मान सारणी
ऊँचाई और दूरी के 95% प्रश्न केवल tan θ से हल हो जाते हैं। शेष 5% प्रश्न (जैसे पतंग की डोरी, फिसलन पट्टी, पेड़ का टूटा हिस्सा) sin θ या cos θ से हल होते हैं।
कंठस्थ रखने योग्य महत्वपूर्ण मान (Value Chart):
| त्रिकोणमितीय फलन | θ = 30° | θ = 45° | θ = 60° |
|---|---|---|---|
| tan θ | 1 √3 | 1 | √3 |
| sin θ | 1 2 | 1 √2 | √3 2 |
| cos θ | √3 2 | 1 √2 | 1 2 |
• √3 ≈ 1.732 | • √2 ≈ 1.414
4. प्रश्नों को हल करने की 4-चरणीय कार्यविधि (Step-by-Step Method)
- चरण 1 (प्रश्न को समझना): प्रश्न को कम से कम दो बार ध्यान से पढ़ें और पहचानें कि क्या ज्ञात है तथा क्या निकालना है।
- चरण 2 (सही चित्र बनाना - 50% हल): प्रश्न की प्रत्येक पंक्ति के अनुसार पेंसिल व स्केल से साफ़ समकोण त्रिभुज का चित्र बनाएँ। सभी शीर्षों (A, B, C, D) को नामांकित करें तथा कोण और ज्ञात भुजाओं को दर्शाएँ।
- चरण 3 (अनुपात का चुनाव):
- यदि लंब और आधार का संबंध हो ➜ tan θ का प्रयोग करें।
- यदि लंब और कर्ण (डोरी, सीढ़ी) का संबंध हो ➜ sin θ का प्रयोग करें।
- चरण 4 (दो त्रिभुज वाले प्रश्नों में): दोनों समकोण त्रिभुजों में उभयनिष्ठ (Common) भुजा की सहायता से समीकरण 1 और समीकरण 2 बनाकर मान प्रतिस्थापित करें।
5. बिहार बोर्ड मॉडल हल सहित प्रश्न (5 अंक वाले VVI प्रश्न)
माना AB पेड़ की कुल ऊँचाई है। मान लिया कि पेड़ बिंदु C से टूटता है तथा उसका टूटा हुआ भाग AC जमीन को बिंदु C' (या D) पर छूता है।
अतः, टूटा हुआ भाग = AC = C'C (कर्ण)।
पेड़ का बचा हुआ सीधा भाग = BC (लंब)।
दिया है: आधार दूरी BC' = 8 m, और कोण ∠BC'C = 30°।
पेड़ की कुल ऊँचाई = BC + C'C
(i) समकोण ΔC'BC में, लंब (BC) निकालने के लिए:
tan 30° = BCBC'
1 √3 = BC8 ⇒ BC = 8 √3 m
(ii) टूटे भाग का मान (C'C) निकालने के लिए:
cos 30° = BC'C'C
√3 2 = 8C'C ⇒ C'C = 16 √3 m
(iii) पेड़ की कुल ऊँचाई (AB):
कुल ऊँचाई = BC + C'C = 8 √3 + 16 √3 = 24 √3 m
हर का परिमेयकरण (Rationalization) करने पर:
कुल ऊँचाई = 24 × √3 √3 × √3 = 24√3 3 = 8√3 m
उत्तर: पेड़ की कुल ऊँचाई 8√3 मीटर है।
माना भवन की ऊँचाई AB = 7 m है तथा केबल टावर की ऊँचाई CD है।
भवन के शिखर A से क्षैतिज रेखा AE टावर की ओर खींची।
अतः, ED = AB = 7 m और माना CE = h।
टावर की कुल ऊँचाई CD = CE + ED = h + 7।
दिया है: शिखर का उन्नयन कोण ∠CAE = 60° तथा पाद का अवनमन कोण = 45° ➜ ∠EAD = 45° ➜ एकांतर कोण ∠ADB = 45°।
(i) समकोण त्रिभुज ΔABD में:
tan 45° = ABBD
1 = 7BD ⇒ BD = 7 m
चूँकि AE = BD, अतः AE = 7 m
(ii) समकोण त्रिभुज ΔCEA में:
tan 60° = CEAE
√3 = h7 ⇒ h = 7√3 m
(iii) टावर की कुल ऊँचाई (CD):
CD = h + 7 = 7√3 + 7 = 7(√3 + 1) m
उत्तर: केबल टावर की ऊँचाई 7(√3 + 1) मीटर है।
माना मीनार की ऊँचाई AB = h है।
मीनार के पाद-बिंदु B से एक ही सीध में दो बिंदु C और D हैं, जहाँ BC = b और BD = a (जहाँ a > b)।
चूँकि दोनों कोण पूरक (Complementary) हैं (जिनका योग 90° हो):
माना ∠ADB = θ, तो ∠ACB = 90° − θ होगा।
(i) समकोण त्रिभुज ΔABD में:
tan θ = ABBD = ha ---- (समीकरण 1)
(ii) समकोण त्रिभुज ΔABC में:
tan(90° − θ) = ABBC
cot θ = hb ---- (समीकरण 2) [चूँकि tan(90° − θ) = cot θ]
(iii) समीकरण (1) और समीकरण (2) का आपस में गुणा करने पर:
tan θ × cot θ = ha × hb
1 = h2ab [चूँकि tan θ × cot θ = 1]
h2 = ab
h = √ab
अतः मीनार की ऊँचाई √(ab) है। (इति सिद्धम्)
6. वस्तुनिष्ठ (Objective) स्पेशल सुपरफास्ट ट्रिक्स
- 45° का जादू नियम: जब भी सूर्य का उन्नयन कोण 45° होगा, तो ऊँचाई = छाया की लंबाई होगी। (यदि 10 m ऊँचे खंभे की छाया पूछी जाए, तो सीधे 10 m उत्तर होगा)।
- 30° का नियम: जब उन्नयन कोण 30° हो, तो छाया ऊँचाई से बड़ी होती है:
छाया = ऊँचाई × √3 - 60° का नियम: जब उन्नयन कोण 60° हो, तो ऊँचाई छाया से बड़ी होती है:
ऊँचाई = छाया × √3 (या छाया = ऊँचाई / √3) - पूरक कोण वाला शॉर्टकट: यदि दो बिंदुओं 4 m और 9 m से कोण पूरक हों, तो ऊँचाई = √(4 × 9) = √36 = 6 m होगी।
- सूर्य का कोण बदलने पर: जैसे-जैसे सूर्य का उन्नयन कोण बढ़ता है (जैसे 30° से 60°), किसी वस्तु की छाया की लंबाई घटती जाती है।
7. परीक्षा उपयोगी टिप्स (BSEB 5 अंक पक्का करने की रणनीति)
- चित्र अनिवार्य है: इस अध्याय के प्रश्न में यदि आपने चित्र नहीं बनाया तो सीधे 2 अंक काट लिए जाते हैं। पेंसिल और पैमाने से साफ-सुथरा नामांकित चित्र बनाएँ।
- वर्णन (Description) अवश्य लिखें: चित्र के बगल में 2 लाइनों में मान स्पष्ट करें, जैसे: "माना AB मीनार की ऊँचाई = h मीटर है तथा BC = x मीटर जमीन पर दूरी है।"
- हर का परिमेयकरण: यदि उत्तर में बटे के नीचे करणी (जैसे 1/√3) आए, तो उसका परिमेयकरण करके √3 से ऊपर-नीचे गुणा अवश्य करें। उत्तर को सरलतम रूप में छोड़ें।
- मात्रक (Unit): अंत में मीटर (m) या सेंटीमीटर (cm) लिखना कभी न भूलें।
8. निष्कर्ष (Conclusion)
त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग (ऊँचाई और दूरी) बिहार बोर्ड मैट्रिक गणित का सबसे भरोसेमंद और निश्चित 5 अंक दिलाने वाला अध्याय है। इसमें प्रश्नों की भाषा बड़ी लग सकती है, परन्तु उसका गणितीय समाधान केवल एक या दो समकोण त्रिभुजों के अनुपातों (tan, sin) तक ही सीमित रहता है। यदि आप सही चित्र बनाना और tan 30°, tan 45°, tan 60° के मानों को सही ढंग से रखना सीख लेते हैं, तो बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से आपके पूरे 5 अंक शत-प्रतिशत सुरक्षित हो जाएँगे।
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