अध्याय 8 – त्रिकोणमिति का परिचय | BSEB 10 Mathematics Notes


BSEB Class 10 Exam Special • 20 अंक पक्का

अध्याय 8: त्रिकोणमिति का परिचय – सम्पूर्ण हस्तलिखित नोट्स

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा (NCERT आधारित) के लिए त्रिकोणमितीय अनुपात, मान सारणी, पूरक कोण, सर्वसमिकाएँ व मॉडल प्रश्न

1. अध्याय परिचय (Chapter Introduction)

त्रिकोणमिति (Trigonometry) शब्द की व्युत्पत्ति ग्रीक शब्दों — 'Tri' (तीन), 'Gon' (भुजा) और 'Metron' (माप) से हुई है। इसका शाब्दिक अर्थ है — "त्रिभुज की तीनों भुजाओं और कोणों का मापन"।

कक्षा 10 में हम केवल समकोण त्रिभुज (Right-Angled Triangle) के न्यूनकोणों के सापेक्ष भुजाओं के अनुपातों का अध्ययन करते हैं, जिन्हें त्रिकोणमितीय अनुपात (Trigonometric Ratios) कहा जाता है।

बिहार बोर्ड परीक्षा में त्रिकोणमिति का महत्व:
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में अध्याय 8 (त्रिकोणमिति का परिचय) और अध्याय 9 (ऊँचाई और दूरी) को मिलाकर कुल 20 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें 1 अंक वाले 10–12 वस्तुनिष्ठ प्रश्न, 2 अंक वाले लघु उत्तरीय और 5 अंक का एक सिद्ध करने वाला दीर्घ उत्तरीय प्रश्न अनिवार्य रूप से शामिल होता है।

2. समकोण त्रिभुज के अंग एवं पाइथागोरस प्रमेय

माना समकोण त्रिभुज ΔABC में ∠B = 90° है तथा ∠C = θ (न्यूनकोण) है:

भुजा का नाम अंग्रेजी नाम (Symbol) पहचानने का नियम
कर्ण (Hypotenuse) k या h समकोण (90°) के ठीक सामने वाली सबसे लंबी भुजा। यह कभी नहीं बदलती।
लंब (Perpendicular) l या p दिए गए न्यूनकोण (θ) के ठीक सामने वाली (सम्मुख) भुजा।
आधार (Base) a या b न्यूनकोण (θ) से लगी हुई (संलग्न) भुजा।
अत्यंत महत्वपूर्ण चेतावनी (न्यूनकोण बदलने पर भुजा बदलना):
यदि कोण θ = C लिया जाए, तो लंब = AB तथा आधार = BC होगा।
परन्तु यदि कोण θ = A लिया जाए, तो लंब = BC तथा आधार = AB हो जाएगा। कर्ण सदैव अपरिवर्तित रहता है।
पाइथागोरस प्रमेय (Pythagoras Theorem):
(कर्ण)2 = (लंब)2 + (आधार)2
• कर्ण = √लंब2 + आधार2   |   • लंब = √कर्ण2 − आधार2   |   • आधार = √कर्ण2 − लंब2

3. छह त्रिकोणमितीय अनुपात (Trigonometric Ratios)

समकोण त्रिभुज की भुजाओं के 6 विशेष अनुपात निम्नलिखित हैं:

त्रिकोणमितीय अनुपातों के सूत्र:
1. sin θ = लंब (p)कर्ण (h)
2. cos θ = आधार (b)कर्ण (h)
3. tan θ = लंब (p)आधार (b)
4. cot θ = आधार (b)लंब (p)
5. sec θ = कर्ण (h)आधार (b)
6. cosec θ = कर्ण (h)लंब (p)
याद रखने की जादुई ट्रिक (लाल / कक्का - LAL / KKA):
L   A   LK   K   A   ➜   [L/K = sin] , [A/K = cos] , [L/A = tan]
(L = लंब, A = आधार, K = कर्ण)। नीचे से ऊपर पढ़ने पर: K/L = cosec, K/A = sec, A/L = cot प्राप्त होता है।

(A) व्युत्क्रम संबंध (Reciprocal Relations)

  • sin θ × cosec θ = 1  ⇒  sin θ = 1cosec θ  |  cosec θ = 1sin θ
  • cos θ × sec θ = 1  ⇒  cos θ = 1sec θ  |  sec θ = 1cos θ
  • tan θ × cot θ = 1  ⇒  tan θ = 1cot θ  |  cot θ = 1tan θ

(B) भागफल संबंध (Quotient Relations)

tan θ = sin θcos θ        cot θ = cos θsin θ

4. विशिष्ट कोणों की मान सारणी (0°, 30°, 45°, 60°, 90°)

यह सारणी पूरे अध्याय की रीढ़ है। वस्तुनिष्ठ एवं लघु उत्तरीय प्रश्नों के लिए इसे याद रखना अनिवार्य है:

अनुपात (∠A) 0° 30° 45° 60° 90°
sin A 0 12 1√2 √32 1
cos A 1 √32 1√2 12 0
tan A 0 1√3 1 √3 अपरिभाषित (∞)
cot A अपरिभाषित (∞) √3 1 1√3 0
sec A 1 2√3 √2 2 अपरिभाषित (∞)
cosec A अपरिभाषित (∞) 2 √2 2√3 1
sin A याद करने की उँगली ट्रिक:
संख्या लिखें: 0, 1, 2, 3, 4 ➜ सभी को 4 से भाग दें: 04, 14, 24, 34, 44 ➜ सबका वर्गमूल निकालें:
√(0/4)=0, √(1/4)=1/2, √(2/4)=1/√2, √(3/4)=√3/2, √(4/4)=1।
cos A के लिए sin के मानों को उल्टे क्रम में लिख दें।

5. पूरक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात (Complementary Angles)

जिन दो कोणों का योग 90° हो, वे परस्पर पूरक कोण कहलाते हैं।

पूरक कोण सूत्र समूह:
• sin(90° − θ) = cos θ
• cos(90° − θ) = sin θ
• tan(90° − θ) = cot θ
• cot(90° − θ) = tan θ
• sec(90° − θ) = cosec θ
• cosec(90° − θ) = sec θ
BSEB 1 सेकंड ट्रिक:
यदि दो कोणों का योग 90° हो (जैसे 18° + 72° = 90° या 26° + 64° = 90°), तो:
• sin 18°cos 72° = 1   |   • tan 26°cot 64° = 1   |   • cos 48° − sin 42° = 0

6. मूल त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ (Trigonometric Identities)

एक समीकरण को सर्वसमिका तब कहा जाता है जब वह संबंधित कोणों के सभी मानों के लिए सत्य हो।

सर्वसमिका 1 (Most Important):
sin2 θ + cos2 θ = 1
➜ sin2 θ = 1 − cos2 θ   ⇒   sin θ = √1 − cos2 θ
➜ cos2 θ = 1 − sin2 θ   ⇒   cos θ = √1 − sin2 θ
सर्वसमिका 2:
1 + tan2 θ = sec2 θ
➜ sec2 θ − tan2 θ = 1  (BSEB का सबसे प्रिय वस्तुनिष्ठ प्रश्न!)
➜ tan2 θ = sec2 θ − 1   ⇒   tan θ = √sec2 θ − 1
सर्वसमिका 3:
1 + cot2 θ = cosec2 θ
➜ cosec2 θ − cot2 θ = 1
➜ cot2 θ = cosec2 θ − 1   ⇒   cot θ = √cosec2 θ − 1

7. बिहार बोर्ड मॉडल हल प्रश्न (Board Exam VVI Questions)

उदाहरण 1: यदि sin A = 3/4 है, तो cos A और tan A का मान परिकलित कीजिए। [BSEB 2 अंक]
हल:
दिया है: sin A = लंबकर्ण = 34
माना लंब = 3k तथा कर्ण = 4k
पाइथागोरस प्रमेय से:
आधार = √कर्ण2 − लंब2 = √(4k)2 − (3k)2 = √16k2 − 9k2 = √7k2 = k√7

अब, cos A = आधारकर्ण = k√7 4k = √7 4

tan A = लंबआधार = 3k k√7 = 3 √7
उदाहरण 2: सिद्ध कीजिए: √1 + sin A1 − sin A = sec A + tan A [BSEB 5 अंक में बार-बार पूछा गया]
हल:
L.H.S. (बायाँ पक्ष) = √1 + sin A1 − sin A

करणी के भीतर अंश और हर में (1 + sin A) से गुणा (परिमेयकरण) करने पर:
= √(1 + sin A)(1 + sin A)(1 − sin A)(1 + sin A)

= √(1 + sin A)21 − sin2 A   [चूँकि (a − b)(a + b) = a2 − b2]

= √(1 + sin A)2cos2 A   [चूँकि 1 − sin2 A = cos2 A]

वर्गमूल हटाने पर:
= 1 + sin A cos A = 1cos A + sin Acos A

= sec A + tan A = R.H.S. (दायाँ पक्ष)
(इति सिद्धम् / Proved)
उदाहरण 3: 9 sec2 A − 9 tan2 A का मान ज्ञात कीजिए। [BSEB Objective VVI]
हल:
9 sec2 A − 9 tan2 A
उभयनिष्ठ (Common) 9 बाहर लेने पर:
= 9(sec2 A − tan2 A)
हम जानते हैं कि सर्वसमिका से: sec2 A − tan2 A = 1
= 9 × 1 = 9

8. वस्तुनिष्ठ (Objective) स्पेशल ट्रिक्स

  • यदि sin θ = cos θ दिया हो, तो θ = 45° होता है (क्योंकि sin 45° = cos 45° = 1/√2)।
  • यदि tan θ = cot θ दिया हो, तो θ = 45° होता है।
  • यदि sec θ = cosec θ दिया हो, तो θ = 45° होता है।
  • sin θ और cos θ का अधिकतम मान 1 होता है तथा न्यूनतम मान −1 होता है।
  • जैसे-जैसे θ का मान 0° से 90° की ओर बढ़ता है:
    • sin θ, tan θ, sec θ का मान बढ़ता है।
    • cos θ, cot θ, cosec θ का मान घटता है।
  • sin2 29° + sin2 61° = sin2 29° + cos2 29° = 1 (क्योंकि 29° + 61° = 90°)।

9. परीक्षा उपयोगी टिप्स (BSEB 95+ स्कोरिंग टिप्स)

बोर्ड परीक्षा में कॉपी लिखते समय इन नियमों का पालन करें:
  • सिद्ध करने वाले प्रश्नों की रणनीति: यदि प्रश्न समझ न आए, तो व्यंजक के सभी पदों (tan, cot, sec, cosec) को sin और cos के पदों में तोड़ दें। 90% प्रश्न आसानी से ल.स.प. (LCM) लेकर हल हो जाते हैं।
  • सर्वसमिका का उल्लेख: जब भी किसी सर्वसमिका का उपयोग करें, दाहिनी ओर कोष्ठक में कारण अवश्य लिखें, जैसे: [∵ sin2 θ + cos2 θ = 1]। इससे परीक्षक पूरे अंक देता है।
  • कोण का ध्यान रखें: प्रश्न में ध्यान दें कि कोण A पूछा है या कोण C। लंब और आधार का चयन कोण के आधार पर ही करें।

10. निष्कर्ष (Conclusion)

त्रिकोणमिति का परिचय (अध्याय 8) कक्षा 10 गणित का सबसे अधिक स्कोरिंग और रोचक अध्याय है। यह न केवल कक्षा 10 मैट्रिक बोर्ड में 20 अंक दिलाता है, बल्कि आगे 11वीं और 12वीं विज्ञान संकाय (Science/Maths) का सबसे मुख्य आधार भी है। यदि आप तीनों मूल सर्वसमिकाओं, विशिष्ट कोणों की मान सारणी और LAL/KKA के नियमों को भली-भांति याद कर लेते हैं, तो बोर्ड परीक्षा में त्रिकोणमिति का एक भी प्रश्न आपसे नहीं छूटेगा। नियमित अभ्यास करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें!

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