अध्याय 7: निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) – सम्पूर्ण नोट्स
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा (NCERT आधारित) के लिए दूरी सूत्र, विभाजन सूत्र, त्रिभुज का क्षेत्रफल एवं सुपरफास्ट वस्तुनिष्ठ ट्रिक्स
1. अध्याय परिचय (Chapter Introduction)
निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) गणित की वह महत्वपूर्ण शाखा है जिसमें बीजगणित (Algebra) की सहायता से ज्यामिति (Geometry) का अध्ययन किया जाता है। इसका विकास फ्रांसीसी दार्शनिक एवं गणितज्ञ रेने देकार्त (René Descartes) ने किया था, इसलिए कार्तीय तल को 'Cartesian Plane' भी कहा जाता है।
कक्षा 9 में हमने कार्तीय तल में बिंदुओं के आलेखन का अध्ययन किया था। कक्षा 10 में हम दो बिंदुओं के बीच की दूरी, उन्हें विभाजित करने वाले बिंदु के निर्देशांक तथा त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने की बीजगणितीय विधियों का अध्ययन करेंगे।
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में इस अकेले अध्याय से लगभग 10 से 12 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें कम से कम 5 से 6 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1 अंक), 2 लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक) और कभी-कभी 1 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक) शामिल होता है।
2. कार्तीय तल एवं निर्देशांकों के मूलभूत नियम (Basics)
(A) अक्ष एवं मूल बिंदु
- x-अक्ष (क्षैतिज रेखा): किसी बिंदु के x-निर्देशांक को भुज (Abscissa) कहते हैं।
- y-अक्ष (ऊर्ध्वाधर रेखा): किसी बिंदु के y-निर्देशांक को कोटि (Ordinate) कहते हैं।
- मूल बिंदु (Origin): दोनों अक्षों के प्रतिच्छेद बिंदु O को मूल बिंदु कहते हैं। इसके निर्देशांक (0, 0) होते हैं।
(B) अक्षों पर स्थित बिंदुओं के निर्देशांक
- x-अक्ष पर स्थित किसी भी बिंदु के निर्देशांक: (x, 0) होते हैं (यहाँ कोटि y = 0 होती है)।
- y-अक्ष पर स्थित किसी भी बिंदु के निर्देशांक: (0, y) होते हैं (यहाँ भुज x = 0 होती है)।
(C) चतुर्थांशों में चिह्नों की सारणी (Sign Convention)
| चतुर्थांश (Quadrant) | भुज (x) का चिह्न | कोटि (y) का चिह्न | निर्देशांक का रूप | उदाहरण |
|---|---|---|---|---|
| प्रथम चतुर्थांश (I) | धनात्मक (+) | धनात्मक (+) | (+, +) | (3, 4), (2, 5) |
| द्वितीय चतुर्थांश (II) | ऋणात्मक (−) | धनात्मक (+) | (−, +) | (−3, 5), (−1, 4) |
| तृतीय चतुर्थांश (III) | ऋणात्मक (−) | ऋणात्मक (−) | (−, −) | (−2, −3), (−4, −5) |
| चतुर्थ चतुर्थांश (IV) | धनात्मक (+) | ऋणात्मक (−) | (+, −) | (4, −3), (6, −2) |
3. दूरी सूत्र (Distance Formula)
कार्तीय तल में स्थित किन्हीं दो बिंदुओं P(x1, y1) और Q(x2, y2) के बीच की सीधी दूरी PQ को दूरी सूत्र द्वारा ज्ञात किया जाता है:
या PQ = √(भुजों का अंतर)2 + (कोटियों का अंतर)2
मूल बिंदु O(0, 0) से किसी बिंदु P(x, y) की दूरी:
ज्यामितीय आकृतियों के प्रकार की पहचान (दूरी सूत्र द्वारा)
- समबाहु त्रिभुज: तीनों भुजाएँ बराबर हों (AB = BC = CA)।
- समद्विबाहु त्रिभुज: कोई दो भुजाएँ बराबर हों।
- समकोण त्रिभुज: पाइथागोरस प्रमेय संतुष्ट हो (AB2 + BC2 = AC2)।
- वर्ग: चारों भुजाएँ बराबर हों तथा दोनों विकर्ण भी बराबर हों (AB = BC = CD = DA और AC = BD)।
- समचतुर्भुज: चारों भुजाएँ बराबर हों परन्तु विकर्ण बराबर न हों।
- आयत: आमने-सामने की भुजाएँ बराबर हों तथा दोनों विकर्ण भी बराबर हों।
- समांतर चतुर्भुज: आमने-सामने की भुजाएँ बराबर हों परन्तु विकर्ण बराबर न हों।
4. विभाजन सूत्र (Section Formula)
उस बिंदु P(x, y) के निर्देशांक जो दो बिंदुओं A(x1, y1) और B(x2, y2) को मिलाने वाले रेखाखंड को आंतरिक रूप से m1 : m2 के अनुपात में विभाजित करता है:
जब प्रश्न में अनुपात पूछा जाए कि रेखाखंड किस अनुपात में विभाजित होता है, तो अनुपात को m1 : m2 मानने के बजाय सदैव k : 1 मानें। इससे केवल एक अज्ञात राशि k का मान निकालना पड़ता है।
(A) मध्य-बिंदु सूत्र (Mid-Point Formula)
यदि बिंदु P रेखाखंड AB का ठीक मध्य बिंदु हो (अर्थात अनुपात 1 : 1 हो):
(B) त्रिभुज के केंद्रक के निर्देशांक (Centroid of a Triangle)
त्रिभुज की तीनों माध्यिकाओं (Medians) के प्रतिच्छेद बिंदु को केंद्रक (G) कहते हैं। यदि त्रिभुज के तीनों शीर्ष A(x1, y1), B(x2, y2), C(x3, y3) हों, तो:
5. त्रिभुज का क्षेत्रफल एवं संरेखीय बिंदु (Area & Collinearity)
उस त्रिभुज का क्षेत्रफल जिसके शीर्ष A(x1, y1), B(x2, y2) तथा C(x3, y3) हैं:
[नोट: क्षेत्रफल कभी ऋणात्मक नहीं होता, इसलिए मापांक (Modulus) का प्रयोग करते हैं]।
बाहर x रहेगा और अंदर (y − y) रहेगा:
• पहला पद: x1(y2 − y3) ➜ (1, 2, 3)
• दूसरा पद: x2(y3 − y1) ➜ (2, 3, 1)
• तीसरा पद: x3(y1 − y2) ➜ (3, 1, 2)
संरेखीय बिंदु (Collinear Points) होने की शर्त
तीन बिंदु संरेखी (एक ही सीधी रेखा पर) होते हैं यदि और केवल यदि उनसे बनने वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल शून्य (0) हो:
बिहार बोर्ड में अज्ञात मान k निकालने के लिए इसी सूत्र का प्रयोग सबसे अधिक किया जाता है।
6. बिहार बोर्ड मॉडल हल प्रश्न (Board Exam Solved Examples)
माना x1 = 2, y1 = 3 तथा x2 = 4, y2 = 1
दूरी सूत्र से:
दूरी = √(x2 − x1)2 + (y2 − y1)2
= √(4 − 2)2 + (1 − 3)2
= √(2)2 + (−2)2
= √4 + 4 = √8 = 2√2 मात्रक (units)
यहाँ x1 = −1, y1 = 7, x2 = 4, y2 = −3 तथा m1 = 2, m2 = 3
विभाजन सूत्र से:
x = m1x2 + m2x1 m1 + m2 = 2(4) + 3(−1) 2 + 3 = 8 − 3 5 = 5 5 = 1
y = m1y2 + m2y1 m1 + m2 = 2(−3) + 3(7) 2 + 3 = −6 + 21 5 = 15 5 = 3
उत्तर: अभीष्ट बिंदु के निर्देशांक (1, 3) हैं।
यहाँ x1 = 2, y1 = 3; x2 = 4, y2 = k; x3 = 6, y3 = −3
चूँकि तीनों बिंदु संरेखी हैं, इसलिए त्रिभुज का क्षेत्रफल = 0 होगा:
x1(y2 − y3) + x2(y3 − y1) + x3(y1 − y2) = 0
⇒ 2[k − (−3)] + 4(−3 − 3) + 6(3 − k) = 0
⇒ 2(k + 3) + 4(−6) + 6(3 − k) = 0
⇒ 2k + 6 − 24 + 18 − 6k = 0
⇒ (2k − 6k) + (6 − 24 + 18) = 0
⇒ −4k + 0 = 0
⇒ −4k = 0 ⇒ k = 0
उत्तर: k का अभीष्ट मान 0 है।
7. वस्तुनिष्ठ (Objective) स्पेशल सुपरफास्ट ट्रिक्स
- अक्ष से दूरी का नियम:
- बिंदु (x, y) की x-अक्ष से दूरी = |y-निर्देशांक| (कोटि का मान)।
उदाहरण: बिंदु (4, −3) की x-अक्ष से दूरी = |−3| = 3 इकाई होगी (दूरी कभी ऋणात्मक नहीं होती)। - बिंदु (x, y) की y-अक्ष से दूरी = |x-निर्देशांक| (भुज का मान)।
उदाहरण: बिंदु (−5, 7) की y-अक्ष से दूरी = |−5| = 5 इकाई होगी।
- बिंदु (x, y) की x-अक्ष से दूरी = |y-निर्देशांक| (कोटि का मान)।
- बिंदु (−3, 5) किस चतुर्थांश में है? ➜ (−, +) रूप है, अतः द्वितीय चतुर्थांश में।
- बिंदु (0, −4) कहाँ स्थित है? ➜ x = 0 है, अतः यह y-अक्ष पर स्थित है।
- मूल बिंदु के निर्देशांक सदैव (0, 0) होते हैं।
- बिंदुओं (x1, y1) और (x2, y2) को मिलाने वाले व्यास के वृत्त का केंद्र = मध्य बिंदु होता है।
8. परीक्षा उपयोगी टिप्स (BSEB 95+ स्कोरिंग टिप्स)
- चिह्नों की सावधानी: दूरी सूत्र या त्रिभुज के क्षेत्रफल में जब ऋणात्मक संख्या का वर्ग किया जाता है, तो वह धनात्मक हो जाता है [जैसे (−2)2 = +4]। कई विद्यार्थी यहाँ −4 लिख देते हैं जिससे पूरा उत्तर गलत हो जाता है।
- मानक सूत्र पहले लिखें: मान रखने से पहले मूल सूत्र (Distance Formula / Section Formula) अवश्य लिखें। बोर्ड में फॉर्मूला लिखने का 1 अंक निर्धारित रहता है।
- मात्रक लिखना न भूलें: दूरी और परिमाप के उत्तर में 'मात्रक' या 'इकाई' तथा क्षेत्रफल के उत्तर में 'वर्ग मात्रक' (square units) अवश्य लिखें।
9. निष्कर्ष (Conclusion)
निर्देशांक ज्यामिति (अध्याय 7) बिहार बोर्ड मैट्रिक गणित का सबसे सरल, सटीक और उच्च स्कोरिंग अध्याय है। इसमें कोई जटिल प्रमेय सिद्ध नहीं करना होता, केवल तीन मूलभूत सूत्रों — दूरी सूत्र, विभाजन सूत्र और त्रिभुज का क्षेत्रफल (संरेखीयता शर्त) पर आधारित सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। यदि आप सूत्रों को याद कर लें और चिह्नों (+ और −) का विशेष ध्यान रखें, तो इस अध्याय में आपके पूरे 10 से 12 अंक पूर्णतः निश्चित हैं। नियमित अभ्यास करें और सफलता प्राप्त करें!
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