अध्याय 5 – तत्वों का आवर्त वर्गीकरण | BSEB 10 Science Book PDF Download


BSEB Class 10 Science Book PDF: अध्याय 5 – तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

बिहार बोर्ड (BSEB) 10वीं मैट्रिक परीक्षा के रसायन विज्ञान (Chemistry) खंड में अध्याय 5: "तत्वों का आवर्त वर्गीकरण" (Periodic Classification of Elements) एक आधारभूत और अत्यंत महत्वपूर्ण पाठ है। इस अध्याय में तत्वों के वर्गीकरण के ऐतिहासिक प्रयासों—डॉबेराइनर के त्रिक, न्यूलैंड्स के अष्टक नियम, मेंडेलीफ की आवर्त सारणी से लेकर हेनरी मोसले की आधुनिक आवर्त सारणी एवं आवर्ती प्रवृत्तियों (Periodic Trends) का गहन अध्ययन कराया गया है।

📌 पाठ विवरण (Chapter Overview):
कक्षा: 10वीं (Class 10 Matric)
बोर्ड: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB)
विषय: विज्ञान (Science - रसायन विज्ञान / Chemistry)
अध्याय 5: तत्वों का आवर्त वर्गीकरण (Periodic Classification of Elements)
माध्यम: हिंदी (Hindi Medium)

🧪 आवर्त सारणी के वैज्ञानिक नियम एवं गणना सूत्र (Periodic Laws & Formulas in Detail)

इस अध्याय से संबंधित गणितीय संबंध, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास नियम और आवर्ती प्रवृत्तियों के प्रमुख सूत्र नीचे दिए गए हैं:

1. डॉबेराइनर त्रिक औसत भार सूत्र
M_B ≈ (M_A + M_C) / 2
• मध्य तत्व का परमाणु द्रव्यमान शेष दोनों तत्वों के औसत द्रव्यमान के लगभग बराबर होता है।
उदाहरण: Li (6.9) व K (39.1) ➔ Na का द्रव्यमान = (6.9 + 39.1) / 2 = 23.0
2. कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन संख्या (बोर-बरी)
अधिकतम इलेक्ट्रॉन = 2n²
n = कोश की संख्या (ऊर्जा स्तर)।
K-कोश (n=1): 2(1)² = 2 इलेक्ट्रॉन
L-कोश (n=2): 2(2)² = 8 इलेक्ट्रॉन
M-कोश (n=3): 2(3)² = 18 इलेक्ट्रॉन
N-कोश (n=4): 2(4)² = 32 इलेक्ट्रॉन
3. आधुनिक आवर्त नियम संबंध (मोसले)
तत्वों के गुणधर्म = f (परमाणु संख्या 'Z')
• हेनरी मोसले (1913) के अनुसार तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म उनके परमाणु संख्या (Z) के आवर्ती फलन होते हैं (परमाणु द्रव्यमान के नहीं)।
4. संयोजकता निर्धारण सूत्र (Valency Rule)
यदि e⁻ ≤ 4 ➔ संयोजकता = n | यदि e⁻ > 4 ➔ (8 - n)
n ≤ 4: संयोजकता बाह्यतम इलेक्ट्रॉनों के बराबर (Na: 1, Mg: 2, Al: 3, C: 4)।
n > 4: संयोजकता = 8 − संयोजी इलेक्ट्रॉन (N: 8−5 = 3, O: 8−6 = 2, Cl: 8−7 = 1)।
5. परमाणु त्रिज्या एवं प्रभावी नाभिकीय आवेश
आवर्त (बाएँ से दाएँ): r ∝ 1 / Z_eff
आवर्त में: प्रभावी नाभिकीय आवेश (Z_eff) बढ़ता है ➔ नाभिक का खिंचाव बढ़ता है ➔ परमाणु आकार घटता है
समूह में (ऊपर से नीचे): नए कोश जुड़ते हैं ➔ परमाणु आकार बढ़ता है
6. धात्विक लक्षण एवं विद्युत ऋणात्मकता
धात्विक गुण ∝ परमाणु आकार ∝ 1 / विद्युत ऋणात्मकता
आवर्त में: इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति घटती है ➔ धात्विक गुण घटता है
समूह में: इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति बढ़ती है ➔ धात्विक गुण बढ़ता है

अध्याय के मुख्य सैद्धांतिक बिंदु (Key Theoretical Concepts)

  • न्यूलैंड्स का अष्टक नियम: यदि तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित किया जाए, तो प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के समान होते हैं (यह नियम केवल कैल्शियम (Ca) तक ही लागू होता था)।
  • मेंडेलीफ की आवर्त सारणी: मेंडेलीफ ने 63 ज्ञात तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान तथा हाइड्राइड व ऑक्साइड के सूत्रों के आधार पर वर्गीकृत किया। उन्होंने अज्ञात तत्वों के लिए रिक्त स्थान छोड़े (जैसे एका-ऐलुमिनियम ➔ गैलियम, एका-सिलिकॉन ➔ जर्मेनियम)।
  • मेंडेलीफ की सारणी की सीमाएँ: हाइड्रोजन की अनिश्चित स्थिति, समस्थानिकों (Isotopes) को स्थान न मिल पाना, तथा कुछ अधिक द्रव्यमान वाले तत्वों का कम द्रव्यमान वाले तत्वों से पहले रखा जाना (जैसे Co पहले, Ni बाद में)।
  • आधुनिक आवर्त सारणी की रूपरेखा: इसमें 7 क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त / Periods) तथा 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ (समूह / Groups) हैं। समूह 1 को क्षार धातु, समूह 2 को क्षारीय मृदा धातु, समूह 17 को हैलोजन तथा समूह 18 को उत्कृष्ट (अक्रिय) गैसें कहा जाता है।

ऑनलाइन पुस्तक पढ़ें (Read Chapter 5 PDF Online)

छात्र नीचे दिए गए डिजिटल व्यूअर के माध्यम से इस पूरे अध्याय को सीधे बिना डाउनलोड किए भी पढ़ सकते हैं:

💡 परीक्षा टिप्स: बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में मेंडेलीफ की आवर्त सारणी की उपलब्धियाँ व कमियाँ, आधुनिक आवर्त नियम, तथा आवर्त व समूह में परमाणु त्रिज्या, संयोजकता और धात्विक गुणों में परिवर्तन का कारण 3 एवं 5 अंकों के प्रश्नों में अक्सर पूछे जाते हैं।

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