अध्याय 4 – द्विघात समीकरण | BSEB 10 Mathematics Notes


BSEB Class 10 Exam Special • 8–10 अंक पक्का

अध्याय 4: द्विघात समीकरण (Quadratic Equations) – सम्पूर्ण नोट्स

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा (NCERT आधारित) के लिए मानक रूप, गुणनखंडन, श्रीधराचार्य सूत्र, विविक्तकर व मॉडल हल प्रश्न

1. अध्याय परिचय (Chapter Introduction)

कक्षा 9 में हमने द्विघात बहुपद p(x) = ax2 + bx + c का अध्ययन किया था। जब किसी द्विघात बहुपद को शून्य के बराबर रख दिया जाता है (अर्थात p(x) = 0), तो वह एक द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) बन जाता है।

दैनिक जीवन में क्षेत्रफल, गति, समय, दूरी, लाभ-हानि तथा ज्यामितीय आकृतियों की विमाएँ ज्ञात करने में द्विघात समीकरण का व्यापक उपयोग होता है। प्राचीन भारतीय गणितज्ञ श्रीधराचार्य (870 ईस्वी) ने द्विघात समीकरण को हल करने के लिए एक सार्वत्रिक बीजगणितीय नियम प्रतिपादित किया था जिसे आज 'द्विघाती सूत्र' या 'श्रीधराचार्य सूत्र' कहा जाता है।

बिहार बोर्ड परीक्षा में अंक भार (Weightage):
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में इस अध्याय से प्रतिवर्ष लगभग 8 से 10 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें 4 से 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1 अंक), 2 लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक) और कभी-कभी 1 दीर्घ उत्तरीय इबारती प्रश्न (5 अंक) पूछा जाता है।

2. द्विघात समीकरण का मानक रूप एवं पहचान (Standard Form)

(A) मानक रूप (Standard / General Form)

चर x में द्विघात समीकरण का मानक रूप निम्नलिखित होता है:

द्विघात समीकरण का मानक रूप:
ax2 + bx + c = 0

जहाँ a, b, c वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers) हैं तथा a ≠ 0 है।

अत्यंत महत्वपूर्ण शर्त (a ≠ 0 क्यों?):
यदि a = 0 हो जाए, तो x2 का पद समाप्त हो जाएगा और समीकरण bx + c = 0 बन जाएगा, जो कि एक रैखिक समीकरण (Linear Equation) है, द्विघात समीकरण नहीं। अतः a का मान कभी भी शून्य नहीं हो सकता।

(B) द्विघात समीकरण की पहचान कैसे करें?

  • समीकरण को सरल करने पर चर की अधिकतम घात (Degree) ठीक 2 होनी चाहिए।
  • चर x की घात कभी ऋणात्मक (जैसे x−1) या भिन्न (जैसे x1/2 या √x) नहीं होनी चाहिए।
  • यदि चर हर (Denominator) में हो (जैसे 1x + x = 2), तो पहले ल.स.प. (LCM) लेकर सरल करें।

3. द्विघात समीकरण के मूल (Roots of Quadratic Equation)

एक वास्तविक संख्या α को द्विघात समीकरण ax2 + bx + c = 0 का मूल (Root या हल) कहते हैं, यदि aα2 + bα + c = 0 हो।

मूलों की संख्या का नियम:
चूँकि द्विघात समीकरण की घात 2 होती है, अतः किसी भी द्विघात समीकरण के अधिकतम 2 मूल हो सकते हैं। इन्हें सामान्यतः α (अल्फा) और β (बीटा) से प्रदर्शित करते हैं।

मूलों का योगफल एवं गुणनफल (संबंध):

• मूलों का योगफल (α + β) = −b a = −(x का गुणांक) x2 का गुणांक

• मूलों का गुणनफल (αβ) = c a = अचर पद x2 का गुणांक

मूल ज्ञात होने पर द्विघात समीकरण का निर्माण:

x2 − (α + β)x + αβ = 0

अर्थात: x2 − (मूलों का योग)x + (मूलों का गुणनफल) = 0

4. द्विघात समीकरण को हल करने की विधियाँ (Methods of Solution)

कक्षा 10 के पाठ्यक्रम में द्विघात समीकरण को हल करने की तीन प्रमुख विधियाँ हैं:

विधि 1: गुणनखंडन विधि (Factorisation Method)

इस विधि में मध्य पद bx को दो ऐसे भागों में विभक्त (Split) किया जाता है जिनका योग b हो तथा जिनका गुणनफल a × c के बराबर हो। फिर उभयनिष्ठ पद लेकर रैखिक गुणनखंड ज्ञात करते हैं और उन्हें शून्य के बराबर रखते हैं।

विधि 2: द्विघाती सूत्र / श्रीधराचार्य नियम (Quadratic Formula)

जब मध्य पद का गुणनखंडन सरलता से संभव न हो, तो यह सार्वत्रिक सूत्र रामबाण सिद्ध होता है:

श्रीधराचार्य द्विघाती सूत्र:
x = −b ± √b2 − 4ac 2a

विधि 3: पूर्ण वर्ग बनाकर हल करने की विधि (Completing the Square)

समीकरण को (x + p)2 = q के रूप में रूपांतरित करके दोनों पक्षों का वर्गमूल लेकर हल प्राप्त किया जाता है।

5. विविक्तकर एवं मूलों की प्रकृति (Discriminant & Nature of Roots)

द्विघात समीकरण ax2 + bx + c = 0 में व्यंजक (b2 − 4ac) को समीकरण का विविक्तकर या विवेचक (Discriminant - D) कहते हैं।

विविक्तकर का सूत्र:
D = b2 − 4ac
विविक्तकर (D) का मान मूलों की प्रकृति (Nature of Roots) मूलों का मान (Formula)
D > 0
(धनात्मक संख्या)
दो भिन्न एवं वास्तविक मूल होते हैं (Two Distinct Real Roots) x = −b ± √D 2a
D = 0
(शून्य)
दो बराबर (संपाती) एवं वास्तविक मूल होते हैं (Two Equal Real Roots) x = −b2a , −b2a
D < 0
(ऋणात्मक संख्या)
कोई वास्तविक मूल नहीं होता (अवास्तविक / काल्पनिक मूल) वास्तविक संख्या में हल संभव नहीं
BSEB बार-बार पूछा जाने वाला प्रश्न (k का मान):
जब प्रश्न में कहे कि "समीकरण के दोनों मूल वास्तविक और समान (बराबर) हैं", तो हमेशा D = 0 (अर्थात b2 − 4ac = 0) रखकर अज्ञात राशि k का मान निकालें।

6. बिहार बोर्ड मॉडल हल प्रश्न (Board Exam Solved Questions)

उदाहरण 1: जाँच कीजिए कि क्या (x − 2)2 + 1 = 2x − 3 एक द्विघात समीकरण है? [BSEB 2 अंक]
हल:
बायाँ पक्ष (L.H.S.) = (x − 2)2 + 1
सूत्र (a − b)2 = a2 − 2ab + b2 का प्रयोग करने पर:
= x2 − 4x + 4 + 1 = x2 − 4x + 5

अतः दिया गया समीकरण है:
x2 − 4x + 5 = 2x − 3
पक्षांतरण करने पर:
x2 − 4x − 2x + 5 + 3 = 0
x2 − 6x + 8 = 0

यह समीकरण मानक रूप ax2 + bx + c = 0 के प्रकार का है, जहाँ a = 1 ≠ 0, b = −6, c = 8 है।
उत्तर: हाँ, यह एक द्विघात समीकरण है।
उदाहरण 2: गुणनखंडन विधि द्वारा समीकरण 2x2 − 5x + 3 = 0 के मूल ज्ञात कीजिए। [BSEB 2018, 2021]
हल:
दिया गया समीकरण: 2x2 − 5x + 3 = 0
यहाँ a × c = 2 × 3 = 6 और b = −5
हमें ऐसी दो संख्याएँ चाहिए जिनका योग −5 और गुणनफल +6 हो। वे संख्याएँ −2 और −3 हैं।
मध्य पद −5x को −2x − 3x में तोड़ने पर:
2x2 − 2x − 3x + 3 = 0
2x(x − 1) − 3(x − 1) = 0
(x − 1)(2x − 3) = 0

अब, यदि x − 1 = 0 ➜ x = 1
यदि 2x − 3 = 0 ➜ 2x = 3 ➜ x = 32

उत्तर: अभीष्ट मूल 1 और 32 हैं।
उदाहरण 3: k का ऐसा मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए द्विघात समीकरण 2x2 + kx + 3 = 0 के दो बराबर मूल हों। [BSEB अति महत्वपूर्ण VVI प्रश्न]
हल:
समीकरण 2x2 + kx + 3 = 0 की तुलना मानक रूप ax2 + bx + c = 0 से करने पर:
a = 2,   b = k,   c = 3

चूँकि दिए गए समीकरण के दो बराबर मूल (Equal Roots) हैं, अतः विविक्तकर शून्य होगा:
D = b2 − 4ac = 0
(k)2 − 4(2)(3) = 0
k2 − 24 = 0
k2 = 24
k = ±√24 = ±√4 × 6 = ±2√6

उत्तर: k का अभीष्ट मान ±2√6 है।
उदाहरण 4: द्विघाती सूत्र का प्रयोग करके समीकरण 3x2 − 5x + 2 = 0 के मूल ज्ञात कीजिए।
हल:
यहाँ a = 3, b = −5, c = 2
पहले विविक्तकर (D) ज्ञात करते हैं:
D = b2 − 4ac = (−5)2 − 4(3)(2) = 25 − 24 = 1
चूँकि D > 0 है, अतः मूल वास्तविक और भिन्न होंगे।

द्विघाती सूत्र से:
x = −b ± √D 2a = −(−5) ± √1 2(3) = 5 ± 1 6

(+) चिह्न लेने पर: x = 5 + 16 = 66 = 1

(−) चिह्न लेने पर: x = 5 − 16 = 46 = 23

उत्तर: मूल 1 और 23 हैं।

7. वस्तुनिष्ठ (Objective) स्पेशल सुपरफास्ट ट्रिक्स

BSEB 1 अंक के प्रश्नों के लिए 5-सेकंड शॉर्टकट:
  • यदि समीकरण ax2 + bx + c = 0 में a + b + c = 0 हो (सभी गुणांकों का योग शून्य हो), तो उसका एक मूल सदैव 1 तथा दूसरा मूल सदैव ca होता है।
    उदाहरण: 2x2 − 5x + 3 = 0 में 2 + (−5) + 3 = 0, अतः मूल सीधे 1 और 3/2 होंगे!
  • यदि समीकरण ax2 + bx + c = 0 में b = 0 हो, तो मूल एक-दूसरे के विपरीत चिह्न वाले होते हैं (अर्थात α = −β)। जैसे: x2 − 9 = 0 ➜ x = ±3।
  • यदि c = 0 हो, तो समीकरण का एक मूल अनिवार्य रूप से शून्य (0) होगा।
  • द्विघात समीकरण का आलेख हमेशा परवलयाकार (Parabola) होता है।
  • यदि विविक्तकर पूर्ण वर्ग संख्या (जैसे 1, 4, 9, 16, 25) हो, तो मूल परिमेय होंगे; यदि पूर्ण वर्ग न हो, तो मूल अपरिमेय होंगे।

8. परीक्षा उपयोगी टिप्स (BSEB 95+ स्कोरिंग टिप्स)

बोर्ड कॉपी में हल करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
  • चिह्नों की सावधानी: b2 − 4ac की गणना करते समय यदि b या c ऋणात्मक हो, तो कोष्ठक का प्रयोग करें [जैसे (−5)2 − 4(2)(−3) = 25 + 24 = 49]। यहाँ माइनस-माइनस प्लस हो जाता है।
  • मानक रूप में लिखना: किसी भी समीकरण को हल करने से पहले उसे क्रमबद्ध रूप से ax2 + bx + c = 0 के रूप में लिखें। बिना पक्षांतरण किए सीधे a, b, c का मान न निकालें।
  • इबारती प्रश्नों में अमान्य मान को छोड़ना: यदि प्रश्न किसी की आयु, चाल, या किसी भुजा की लंबाई पर आधारित हो और x का मान ऋणात्मक आ जाए, तो स्पष्ट लिखें: "चूँकि आयु/चाल/लंबाई ऋणात्मक नहीं हो सकती, अतः x का यह मान अमान्य है।"

9. निष्कर्ष (Conclusion)

द्विघात समीकरण (अध्याय 4) बिहार बोर्ड मैट्रिक गणित के बीजगणित खण्ड का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और स्कोरिंग अध्याय है। इसमें मुख्य रूप से दो बातें आवश्यक हैं — गुणनखंडन की स्पष्ट समझ और श्रीधराचार्य सूत्र व विविक्तकर (D = b2 − 4ac) का सही अनुप्रयोग। यदि आप मूलों की प्रकृति की तीनों शर्तों और k का मान निकालने वाले प्रश्नों का 2-3 बार अभ्यास कर लेते हैं, तो बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से पूछे जाने वाले सभी प्रश्न आप शत-प्रतिशत शुद्धता के साथ हल कर सकेंगे। नियमित अभ्यास करें और गणित में 100 में 100 अंक का लक्ष्य प्राप्त करें!

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