अध्याय 4: द्विघात समीकरण (Quadratic Equations)
बिहार बोर्ड कक्षा 10 गणित – द्विघाती सूत्र, विविक्तकर (D), मूलों की प्रकृति एवं NCERT Book PDF
अध्याय का संक्षिप्त परिचय (Chapter Overview)
चर x में द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) वह समीकरण होता है जिसकी अधिकतम घात 2 हो।
ax² + bx + c = 0 (जहाँ a, b, c वास्तविक संख्याएँ हैं तथा a ≠ 0)
किसी द्विघात समीकरण के अधिकतम दो वास्तविक मूल (Roots) हो सकते हैं। यदि x = α रखने पर समीकरण संतुष्ट होता है (aα² + bα + c = 0), तो α को समीकरण का मूल या शून्यक कहते हैं।
हल करने की विधियाँ एवं सूत्र (Methods & Formulas)
1. गुणनखंडन विधि (Factorisation Method)
मध्य पद bx को ऐसे दो भागों में विभाजित किया जाता है जिनका योग b और गुणनफल a × c हो। फिर उभयनिष्ठ लेकर रैखिक गुणनखंड ज्ञात करते हैं।
2. द्विघाती सूत्र / श्रीधराचार्य सूत्र (Quadratic Formula)
द्विघात समीकरण ax² + bx + c = 0 के मूल ज्ञात करने का सार्वभौमिक सूत्र:
यहाँ D = b² − 4ac को समीकरण का विविक्तकर (Discriminant) कहा जाता है।
अतः संक्षेप में: x = −b ± √D2a
3. विविक्तकर (D) और मूलों की प्रकृति (Nature of Roots)
| विविक्तकर का मान (D) | मूलों की प्रकृति (Nature of Roots) | मूलों का मान (Roots Formula) |
|---|---|---|
| D > 0 (धनात्मक) | दो भिन्न वास्तविक मूल (Real & Distinct) | x = (−b + √D)/(2a) तथा x = (−b − √D)/(2a) |
| D = 0 (शून्य) | दो बराबर / संपाती वास्तविक मूल (Real & Equal) | x = −b / (2a) तथा x = −b / (2a) |
| D < 0 (ऋणात्मक) | कोई वास्तविक मूल नहीं (काल्पनिक मूल) | वास्तविक मान संभव नहीं |
मूलों और गुणांकों में संबंध (Relations between Roots & Coefficients)
यदि द्विघात समीकरण ax² + bx + c = 0 के मूल α और β हों, तो:
मूलों का योगफल (Sum of Roots)
मूलों का गुणनफल (Product of Roots)
यदि किसी द्विघात समीकरण के मूल α तथा β दिए हों, तो अभीष्ट द्विघात समीकरण होता है:
x² − (α + β)x + αβ = 0 ⇒ x² − (मूलों का योग)x + (मूलों का गुणनफल) = 0
अध्याय 4 गणित बुक PDF पूर्वावलोकन (Embedded Book PDF)
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