अध्याय 3 – दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म | BSEB 10 Mathematics Notes


BSEB Class 10 Exam Special • 10–12 अंक पक्का

अध्याय 3: दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म – सम्पूर्ण हस्तलिखित नोट्स

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा (NCERT आधारित) के लिए ग्राफीय विधि, विलोपन, प्रतिस्थापन, वज्र-गुणन व 5 अंक वाले मॉडल हल प्रश्न

1. अध्याय परिचय (Chapter Introduction)

कक्षा 9 में हमने एक चर और दो चर वाले रैखिक समीकरणों के आलेखीय निरूपण का अध्ययन किया था। हम जानते हैं कि दो चरों में एक रैखिक समीकरण का ज्यामितीय आलेख सदैव एक सीधी रेखा (Straight Line) होता है।

कक्षा 10 के इस अध्याय में हम दो चर वाले रैखिक समीकरणों के युग्म (Pair of Linear Equations in Two Variables) का अध्ययन करेंगे। जब दो समीकरण एक ही समय में समान दो चरों (माना x और y) के लिए विचार किए जाते हैं, तो उन्हें समीकरण निकाय या युग्म कहा जाता है।

बिहार बोर्ड परीक्षा में अंक भार (Weightage & 5 अंक निश्चित):
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में इस अध्याय से लगभग 10 से 12 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं। खण्ड-ब (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न - Section B) में ग्राफीय विधि (Graphical Method) से समीकरण युग्म को हल करने का 1 अनिवार्य प्रश्न (5 अंक) प्रतिवर्ष निश्चित रूप से पूछा जाता है।

2. रैखिक समीकरण युग्म का मानक रूप (General / Standard Form)

दो चरों x और y में एक रैखिक समीकरण युग्म का व्यापक रूप निम्नलिखित होता है:

रैखिक समीकरण युग्म का मानक रूप:
a1x + b1y + c1 = 0
a2x + b2y + c2 = 0

जहाँ a1, b1, c1, a2, b2, c2 वास्तविक संख्याएँ हैं तथा a12 + b12 ≠ 0 और a22 + b22 ≠ 0 है।

समीकरण युग्म के हल (Solution) का अर्थ:

चरों x और y के मानों का ऐसा युग्म जो दोनों समीकरणों को एक साथ संतुष्ट करता हो, उस समीकरण युग्म का हल कहलाता है। ज्यामितीय रूप से, यह उन दोनों रेखाओं का उभयनिष्ठ बिंदु (प्रतिच्छेद बिंदु) होता है।

3. गुणांकों के अनुपात और हलों की प्रकृति (BSEB Golden Table)

बिना आलेख खींचे केवल गुणांकों के अनुपातों की तुलना करके हम रेखाओं के व्यवहार और हलों की संख्या ज्ञात कर सकते हैं:

अनुपातों की तुलना ग्राफीय निरूपण (Graphical Representation) बीजगणितीय निरूपण (Number of Solutions) युग्म की प्रकृति (Consistency)
a1a2 ≠ b1b2 प्रतिच्छेदी रेखाएँ
(Intersecting Lines - एक बिंदु पर काटती हैं)
केवल एक अद्वितीय हल
(Unique Solution)
संगत
(Consistent)
a1a2 = b1b2 = c1c2 संपाती रेखाएँ
(Coincident Lines - एक के ऊपर दूसरी)
अपरिमित रूप से अनेक हल
(Infinitely Many Solutions)
आश्रित संगत
(Dependent Consistent)
a1a2 = b1b2 ≠ c1c2 समांतर रेखाएँ
(Parallel Lines - कभी नहीं मिलतीं)
कोई हल नहीं
(No Solution)
असंगत
(Inconsistent)
BSEB वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए नियम:
• यदि निकाय संगत (Consistent) है, तो रेखाएँ या तो प्रतिच्छेदी होंगी या संपाती होंगी।
• यदि निकाय असंगत (Inconsistent) है, तो रेखाएँ सदैव समांतर होंगी।
• k का मान निकालने वाले प्रश्नों में "अद्वितीय हल" के लिए a1a2 ≠ b1b2 का प्रयोग करें।

4. समीकरण युग्म को हल करने की विधियाँ

(A) ग्राफीय विधि (Graphical Method) [BSEB 5 अंक अनिवार्य प्रश्न]

ग्राफीय विधि से हल करने के चरण:
  1. प्रथम समीकरण में y को x के पदों में व्यक्त करें (या x को y के पदों में)।
  2. x के सरल पूर्णांक मान रखकर y के संगत मान निकालें और कम से कम 2 या 3 बिंदुओं की एक मान सारणी बनाएँ।
  3. इसी प्रकार द्वितीय समीकरण के लिए भी मान सारणी तैयार करें।
  4. ग्राफ पेपर पर X-अक्ष और Y-अक्ष खींचें तथा पैमाना (Scale) निर्धारित करें।
  5. दोनों समीकरणों के बिंदुओं को आलेखित कर सीधी रेखाएँ खींचें।
  6. निष्कर्ष: दोनों रेखाएँ जिस बिंदु P(x, y) पर एक-दूसरे को काटती हैं, वही बिंदु समीकरण युग्म का अभीष्ट हल होता है।

(B) बीजगणितीय विधियाँ (Algebraic Methods)

1. प्रतिस्थापन विधि (Substitution Method):

किसी एक समीकरण से एक चर (जैसे x) का मान दूसरे चर (y) के रूप में निकालकर दूसरे समीकरण में प्रतिस्थापित कर देना।

2. विलोपन विधि (Elimination Method - सबसे तीव्र व लोकप्रिय):

दोनों समीकरणों में से किसी एक चर (x या y) के गुणांकों को उपयुक्त संख्याओं से गुणा करके समान बना लिया जाता है, फिर दोनों समीकरणों को जोड़कर या घटाकर उस चर को विलुप्त (गायब) कर दिया जाता है।

3. वज्र-गुणन विधि (Cross-Multiplication Method):

समीकरणों को मानक रूप a1x + b1y + c1 = 0 और a2x + b2y + c2 = 0 में लिखने के बाद:

वज्र-गुणन सूत्र:
x b1c2 − b2c1 = y c1a2 − c2a1 = 1 a1b2 − a2b1
वज्र-गुणन याद रखने की '2312' ट्रिक:
गुणांकों को चक्रीय क्रम में लिखें: 2-3-1-2 (अर्थात् b ➜ c ➜ a ➜ b)।
• x के नीचे: b1c2 − b2c1
• y के नीचे: c1a2 − c2a1
• 1 के नीचे: a1b2 − a2b1

5. रैखिक समीकरण युग्म में बदले जाने वाले समीकरण

कुछ समीकरण सीधे रैखिक नहीं होते (जैसे चर हर में होते हैं)। उन्हें नए चर मानकर रैखिक रूप में बदला जाता है:

  • यदि समीकरण में 1x तथा 1y हो, तो 1x = u और 1y = v मानकर हल करें।
  • नाव और धारा की चाल वाले प्रश्न:
    माना शांत जल में नाव की चाल = x km/h तथा धारा की चाल = y km/h
    • धारा के अनुकूल (Downstream) चाल: = (x + y) km/h
    • धारा के प्रतिकूल (Upstream) चाल: = (x − y) km/h

6. बिहार बोर्ड मॉडल हल प्रश्न (Board Exam Solved Questions)

उदाहरण 1: अनुपातों a1/a2, b1/b2 और c1/c2 की तुलना कर ज्ञात कीजिए कि समीकरण युग्म 5x − 4y + 8 = 0 तथा 7x + 6y − 9 = 0 द्वारा निरूपित रेखाएँ एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं, समांतर हैं अथवा संपाती हैं। [BSEB 2 अंक]
हल:
दिए गए समीकरण हैं:
5x − 4y + 8 = 0 ➜ a1 = 5,   b1 = −4,   c1 = 8
7x + 6y − 9 = 0 ➜ a2 = 7,   b2 = 6,   c2 = −9

अनुपातों की तुलना करने पर:
a1a2 = 57

b1b2 = −46 = −23

चूँकि a1a2 ≠ b1b2 (अर्थात् 5/7 ≠ −2/3) है,
उत्तर: अतः दिए गए समीकरण युग्म द्वारा निरूपित रेखाएँ एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं तथा इनका अद्वितीय हल है।
उदाहरण 2: विलोपन विधि से हल कीजिए: 2x + 3y = 11 और 2x − 4y = −24। इससे 'm' का वह मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए y = mx + 3 हो। [BSEB 2 अंक एवं 5 अंक VVI]
हल:
समीकरण (1): 2x + 3y = 11
समीकरण (2): 2x − 4y = −24

यहाँ x के गुणांक पहले से ही समान (2) हैं, अतः समीकरण (1) में से समीकरण (2) को घटाने पर:
(2x + 3y) − (2x − 4y) = 11 − (−24)
2x + 3y − 2x + 4y = 11 + 24
7y = 35
y = 5

y का मान समीकरण (1) में रखने पर:
2x + 3(5) = 11
2x + 15 = 11
2x = 11 − 15 = −4
x = −2

अतः समीकरण युग्म का अभीष्ट हल x = −2, y = 5 है।

m का मान ज्ञात करने के लिए:
समीकरण y = mx + 3 में मान रखने पर:
5 = m(−2) + 3
5 − 3 = −2m
2 = −2m ➜ m = −1

उत्तर: x = −2, y = 5 तथा m = −1।
उदाहरण 3: ग्राफीय विधि से समीकरण युग्म x + 3y = 6 तथा 2x − 3y = 12 को हल कीजिए। [BSEB 5 अंक मॉडल प्रश्न]
हल:
(i) पहले समीकरण x + 3y = 6 के लिए:
x = 6 − 3y
• यदि y = 0, तो x = 6 − 3(0) = 6 ➜ बिंदु A(6, 0)
• यदि y = 2, तो x = 6 − 3(2) = 0 ➜ बिंदु B(0, 2)
मान सारणी 1: (6, 0), (0, 2)

(ii) दूसरे समीकरण 2x − 3y = 12 के लिए:
2x = 12 + 3y ➜ x = 12 + 3y2
• यदि y = 0, तो x = (12 + 0)/2 = 6 ➜ बिंदु C(6, 0)
• यदि y = −2, तो x = [12 + 3(−2)]/2 = 6/2 = 3 ➜ बिंदु D(3, −2)
मान सारणी 2: (6, 0), (3, −2)

(iii) आलेखीय विश्लेषण:
जब हम इन बिंदुओं को ग्राफ पेपर पर अंकित कर रेखाएँ खींचते हैं, तो दोनों रेखाएँ परस्पर बिंदु (6, 0) पर प्रतिच्छेद करती हैं।
उत्तर: समीकरण युग्म का अभीष्ट हल x = 6, y = 0 है।

7. वस्तुनिष्ठ (Objective) स्पेशल सुपरफास्ट ट्रिक्स

BSEB 1 अंक के प्रश्नों के लिए 5-सेकंड शॉर्टकट:
  • समानांतर रेखाओं की पहचान: यदि x और y के गुणांक समान अनुपात में हों परन्तु अचर पद भिन्न हो (जैसे: 2x + 3y = 7 और 4x + 6y = 9), तो रेखाएँ हमेशा समांतर होंगी और उनका कोई हल नहीं होगा।
  • संपाती रेखाओं की पहचान: यदि दूसरा समीकरण पहले समीकरण का पूरा-पूरा गुणज हो (जैसे: x + 2y = 3 और 2x + 4y = 6), तो रेखाएँ संपाती होंगी और अनंत हल होंगे।
  • यदि समीकरण ax + by = 0 के रूप में हो (अचर पद c = 0 हो), तो वह रेखा सदैव मूल बिंदु (0, 0) से होकर जाती है।
  • दो चरों वाले रैखिक समीकरण के हलों की संख्या अनंत (अपरिमित) होती है, परन्तु दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म का सामान्यतः केवल एक अद्वितीय हल होता है।

8. परीक्षा उपयोगी टिप्स (BSEB 95+ स्कोरिंग टिप्स)

बोर्ड कॉपी में हल करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
  • ग्राफ बनाते समय (5 अंक पक्का):
    • पेंसिल और स्केल का ही प्रयोग करें, पेन से ग्राफ कभी न बनाएँ।
    • X-अक्ष, Y-अक्ष, मूल बिंदु (0, 0) और तीर के निशान स्पष्ट दर्शाएँ।
    • ऊपर कोने में पैमाना (Scale) अवश्य लिखें: जैसे — माना 1 बड़ा घर = 1 इकाई।
    • प्रतिच्छेद बिंदु के निर्देशांक (x, y) को डार्क बिंदु बनाकर कोष्ठक में लिखें।
  • चिह्नों की सावधानी: विलोपन विधि में घटाते समय नीचे वाले समीकरण के सभी पदों के चिह्न (+ का − और − का +) बदलना न भूलें।
  • उत्तर की त्वरित जाँच: जो x और y का मान प्राप्त हो, उसे रफ में किसी भी एक समीकरण के बाएँ पक्ष में रखकर देखें कि दायाँ पक्ष आता है या नहीं।

9. निष्कर्ष (Conclusion)

दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म (अध्याय 3) बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण और व्यावहारिक अध्याय है। इसमें ग्राफीय विधि से 5 अंक का एक प्रश्न अनिवार्य होता है, जिसे सही अभ्यास से आसानी से पूरा प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही गुणांकों के अनुपात की तालिका (a1/a2, b1/b2, c1/c2) और विलोपन विधि पर मजबूत पकड़ बनाकर आप वस्तुनिष्ठ और लघु उत्तरीय प्रश्नों में पूरे अंक सुनिश्चित कर सकते हैं। नियमित अभ्यास करें और गणित में 100 में 100 अंक लाने के सपने को साकार करें!

0 Comments