बिहार बोर्ड कक्षा 10 गणित: अध्याय 2 – बहुपद (Polynomials)
संपूर्ण रिवीजन नोट्स, सूत्र संग्रह, 50 वस्तुनिष्ठ (One Liner), 25 लघु उत्तरीय एवं 15 दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
अध्याय परिचय एवं महत्त्वपूर्ण सूत्र संग्रह
बिहार बोर्ड (BSEB) मैट्रिक परीक्षा के बीजगणित खंड में अध्याय 2: बहुपद (Polynomials) एक अत्यंत स्कोरिंग और आधारभूत अध्याय है। चर राशि x में एक ऐसा बीजीय व्यंजक जिसमें चर के सभी घातांक अऋणात्मक पूर्णांक (पूर्ण संख्याएँ: 0, 1, 2, 3...) हों, बहुपद कहलाता है। इस अध्याय से वस्तुनिष्ठ, लघु और दीर्घ उत्तरीय मिलाकर लगभग 8 से 10 अंकों के प्रश्न प्रतिवर्ष पूछे जाते हैं।
1. बहुपद के प्रकार एवं मानक रूप:
- रैखिक बहुपद (Linear Polynomial): घात 1 वाला बहुपद। मानक रूप: ax + b (a ≠ 0)। इसका केवल 1 शून्यक x = -b/a होता है।
- द्विघात बहुपद (Quadratic Polynomial): घात 2 वाला बहुपद। मानक रूप: ax2 + bx + c (a ≠ 0)। इसके अधिकतम 2 शून्यक (α, β) होते हैं।
- त्रिघात बहुपद (Cubic Polynomial): घात 3 वाला बहुपद। मानक रूप: ax3 + bx2 + cx + d (a ≠ 0)। इसके अधिकतम 3 शून्यक (α, β, γ) होते हैं।
2. शून्यकों और गुणांकों के बीच संबंध:
द्विघात बहुपद ax2 + bx + c के लिए:
- शून्यकों का योगफल: α + β = -b/a = -(x का गुणांक) / (x2 का गुणांक)
- शून्यकों का गुणनफल: αβ = c/a = अचर पद / (x2 का गुणांक)
- द्विघात बहुपद बनाने का सूत्र: p(x) = k [ x2 - (α + β)x + αβ ]
त्रिघात बहुपद ax3 + bx2 + cx + d के लिए:
- α + β + γ = -b/a
- αβ + βγ + γα = c/a
- αβγ = -d/a
- त्रिघात बहुपद का सूत्र: p(x) = k [ x3 - (α + β + γ)x2 + (αβ + βγ + γα)x - αβγ ]
3. विभाजन एल्गोरिद्म (Division Algorithm):
p(x) = g(x) × q(x) + r(x)
जहाँ भाज्य = p(x), भाजक = g(x), भागफल = q(x) तथा शेषफल = r(x) है।
शर्त: r(x) = 0 अथवा r(x) की घात < g(x) की घात। यदि r(x) = 0 हो, तो g(x), p(x) का एक गुणनखंड होता है।
भाग 1: 50 वस्तुनिष्ठ / एक पंक्ति प्रश्नोत्तर (One Liner Q&A)
भाग 2: 25 लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (2 अंक वाले)
x2 + 7x + 10 = x2 + 5x + 2x + 10 = x(x + 5) + 2(x + 5) = (x + 5)(x + 2)
शून्यक के लिए: (x + 5)(x + 2) = 0 ⇒ x = -5, -2.
अतः शून्यक α = -2, β = -5 हैं।
संबंध की जाँच:
शून्यकों का योग (α + β) = -2 + (-5) = -7 = -b/a = -(7)/1 = -7 (सत्य)।
शून्यकों का गुणनफल (αβ) = (-2) × (-5) = 10 = c/a = 10/1 = 10 (सत्य)।
दिया है: α + β = -3 तथा αβ = 2.
द्विघात बहुपद का सूत्र: p(x) = k [ x2 - (α + β)x + αβ ]
p(x) = k [ x2 - (-3)x + 2 ]
k = 1 लेने पर: p(x) = x2 + 3x + 2.
4s2 - 4s + 1 = (2s - 1)2 = (2s - 1)(2s - 1)
2s - 1 = 0 ⇒ 2s = 1 ⇒ s = 1/2.
अतः बहुपद के दोनों शून्यक 1/2, 1/2 हैं।
मानक रूप में लिखने पर: 6x2 - 7x - 3
6x2 - 9x + 2x - 3 = 3x(2x - 3) + 1(2x - 3) = (2x - 3)(3x + 1)
2x - 3 = 0 ⇒ x = 3/2 | 3x + 1 = 0 ⇒ x = -1/3.
अतः शून्यक 3/2 तथा -1/3 हैं।
दिया है: α + β = 1/4, αβ = -1.
p(x) = k [ x2 - (1/4)x + (-1) ] = k [ x2 - x/4 - 1 ]
k = 4 लेने पर:
p(x) = 4x2 - x - 4.
α + β = -(-p)/1 = p तथा αβ = q.
हम जानते हैं कि: α2 + β2 = (α + β)2 - 2αβ
मान रखने पर: α2 + β2 = p2 - 2q.
शून्यकों का गुणनफल = c / a
4 = -6 / a ⇒ 4a = -6 ⇒ a = -6 / 4 = -3/2.
गुणनखंड प्रमेय से: x + 2 = 0 ⇒ x = -2.
p(-2) = (-2)3 + 3(-2)2 + 5(-2) + 6
= -8 + 3(4) - 10 + 6 = -8 + 12 - 10 + 6 = 0.
चूंकि शेषफल 0 है, अतः x + 2 बहुपद का एक गुणनखंड है।
α + β = -(-5)/2 = 5/2 तथा αβ = 7/2.
1/α + 1/β = (α + β) / (αβ) = (5/2) / (7/2) = 5/7.
2x2 + 3x + 1 को (x + 2) से भाग देने पर:
2x(x + 2) = 2x2 + 4x ⇒ घटाने पर शेष -x + 1.
-1(x + 2) = -x - 2 ⇒ घटाने पर शेष 1 - (-2) = 3.
अतः भागफल = 2x - 1 तथा शेषफल = 3.
x = -4 रखने पर p(-4) = 0 होना चाहिए:
(-4)2 - (-4) - (2k + 2) = 0
16 + 4 - 2k - 2 = 0 ⇒ 18 - 2k = 0 ⇒ 2k = 18 ⇒ k = 9.
α + β = √3 + (-√3) = 0.
αβ = (√3)(-√3) = -3.
बहुपद = x2 - (α + β)x + αβ = x2 - 0x - 3 = x2 - 3.
α + β = 3 तथा αβ = k.
हम जानते हैं: (α - β)2 = (α + β)2 - 4αβ
12 = 32 - 4k ⇒ 1 = 9 - 4k ⇒ 4k = 8 ⇒ k = 2.
t2 - 15 = (t - √15)(t + √15) = 0 ⇒ t = √15, -√15.
योग = √15 + (-√15) = 0 = -b/a = -0/1 = 0.
गुणनफल = (√15)(-√15) = -15 = c/a = -15/1 = -15. (सत्यापित)
माना शून्यक α और -α हैं।
शून्यकों का योग = α + (-α) = 0.
सूत्र से योग = -a / 1 = -a.
अतः -a = 0 ⇒ a = 0.
3x2 - 4x + 3x - 4 = x(3x - 4) + 1(3x - 4) = (3x - 4)(x + 1)
शून्यक के लिए: 3x - 4 = 0 ⇒ x = 4/3 | x + 1 = 0 ⇒ x = -1.
अतः शून्यक 4/3 तथा -1 हैं।
p(x) = g(x) × q(x) + r(x)
⇒ g(x) × q(x) = p(x) - r(x)
⇒ g(x) = [ p(x) - r(x) ] / q(x).
α + β = 4, αβ = 3.
α/β + β/α = (α2 + β2) / αβ = [ (α + β)2 - 2αβ ] / αβ
= [ 42 - 2(3) ] / 3 = [ 16 - 6 ] / 3 = 10/3.
यहाँ a = 1, b = 99, c = 127 तीनों धनात्मक हैं।
शून्यकों का योग = -99 (ऋणात्मक) तथा गुणनफल = 127 (धनात्मक)।
गुणनफल धनात्मक और योग ऋणात्मक तभी संभव है जब दोनों शून्यक ऋणात्मक (-) हों।
शून्यकों का योग = -b / a = -(-6) / 1 = 6.
शून्यकों का गुणनफल = -d / a = -(-6) / 1 = 6.
शून्यकों का योग α + β = -(-4)/4 = 1.
दिया है α = 2, अतः 2 + β = 1 ⇒ β = 1 - 2 = -1.
x2 + 1 = 0 ⇒ x2 = -1.
चूंकि किसी भी वास्तविक संख्या का वर्ग ऋणात्मक नहीं हो सकता, अतः इस बहुपद के कोई वास्तविक शून्यक नहीं हैं।
m + n = -11/3, mn = -4/3.
m/n + n/m = (m2 + n2) / mn = [ (m + n)2 - 2mn ] / mn
= [ (-11/3)2 - 2(-4/3) ] / (-4/3) = [ 121/9 + 8/3 ] / (-4/3)
= [ (121 + 24)/9 ] / (-4/3) = (145/9) × (-3/4) = -145/12.
α + β = 8, αβ = k.
दिया है: α2 + β2 = 40
(α + β)2 - 2αβ = 40 ⇒ 82 - 2k = 40
64 - 2k = 40 ⇒ 2k = 24 ⇒ k = 12.
x2 + 7x - 5x - 35 = 0
x(x + 7) - 5(x + 7) = 0 ⇒ (x + 7)(x - 5) = 0
अतः शून्यक -7 तथा 5 हैं।
भाग 3: 15 दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर (5 अंक वाले – बोर्ड मॉडल)
चूंकि √(5/3) और -√(5/3) दो शून्यक हैं, अतः:
[ x - √(5/3) ][ x + √(5/3) ] = x2 - 5/3 बहुपद का एक गुणनखंड होगा।
अथवा 3x2 - 5 भी p(x) का एक गुणनखंड है।
अब 3x4 + 6x3 - 2x2 - 10x - 5 को (3x2 - 5) से भाग देने पर:
= (3x4 - 5x2) घटाने पर शेष 6x3 + 3x2 - 10x - 5
+ 2x से गुणा: (6x3 - 10x) घटाने पर शेष 3x2 - 5
+ 1 से गुणा: (3x2 - 5) घटाने पर शेष = 0.
भागफल प्राप्त हुआ = x2 + 2x + 1.
अन्य शून्यकों के लिए भागफल को शून्य के बराबर रखने पर:
x2 + 2x + 1 = 0 ⇒ (x + 1)2 = 0 ⇒ x = -1, -1.
अतः दिए गए बहुपद के सभी शून्यक √(5/3), -√(5/3), -1 तथा -1 हैं।
विभाजन एल्गोरिद्म से: p(x) = g(x) × q(x) + r(x)
यहाँ p(x) = x3 - 3x2 + x + 2, q(x) = x - 2, r(x) = -2x + 4.
g(x) × (x - 2) = p(x) - r(x)
= (x3 - 3x2 + x + 2) - (-2x + 4)
= x3 - 3x2 + x + 2 + 2x - 4
= x3 - 3x2 + 3x - 2.
अब g(x) = (x3 - 3x2 + 3x - 2) / (x - 2).
भाग देने पर:
x3 - 3x2 + 3x - 2 = x2(x - 2) - x(x - 2) + 1(x - 2)
= (x - 2)(x2 - x + 1).
अतः g(x) = x2 - x + 1.
दिए गए शून्यक 2 + √3 और 2 - √3 हैं।
[ x - (2 + √3) ][ x - (2 - √3) ] = [ (x - 2) - √3 ][ (x - 2) + √3 ]
= (x - 2)2 - (√3)2 = x2 - 4x + 4 - 3 = x2 - 4x + 1.
अतः (x2 - 4x + 1) बहुपद का एक गुणनखंड है।
अब p(x) को (x2 - 4x + 1) से भाग देने पर भागफल प्राप्त होता है:
भागफल q(x) = x2 - 2x - 35.
अन्य शून्यकों के लिए: x2 - 2x - 35 = 0
x2 - 7x + 5x - 35 = 0
x(x - 7) + 5(x - 7) = 0 ⇒ (x - 7)(x + 5) = 0
x = 7 अथवा x = -5.
अतः अन्य दो अभीष्ट शून्यक 7 तथा -5 हैं।
चूंकि 3 और -4 शून्यक हैं, अतः (x - 3) और (x + 4) गुणनखंड हैं।
गुणनखंड = (x - 3)(x + 4) = x2 + x - 12.
दिए गए बहुपद को (x2 + x - 12) से भाग देने पर:
भागफल = x2 + x - 6 प्राप्त होता है।
शून्यक हेतु: x2 + x - 6 = 0
x2 + 3x - 2x - 6 = 0
(x + 3)(x - 2) = 0 ⇒ x = -3, 2.
अतः अन्य दो शून्यक 2 तथा -3 हैं।
माना शून्यक α, -α और γ हैं।
शून्यकों का योग: α + (-α) + γ = -(-5)/1
0 + γ = 5 ⇒ γ = 5.
शून्यकों का गुणनफल: α × (-α) × γ = -80/1
-α2(5) = -80 ⇒ 5α2 = 80 ⇒ α2 = 16
α = ± 4.
अतः बहुपद के तीनों शून्यक 4, -4 तथा 5 हैं।
(x2 - 2x + k) से (x4 - 6x3 + 16x2 - 25x + 10) को भाग देने पर:
प्रथम पद x2: घटाने पर शेष = -4x3 + (16 - k)x2 - 25x + 10.
द्वितीय पद -4x: घटाने पर शेष = (8 - k)x2 - (25 - 4k)x + 10.
तृतीय पद (8 - k): घटाने पर अंतिम शेषफल प्राप्त होता है:
= [ -(25 - 4k) + 2(8 - k) ]x + [ 10 - k(8 - k) ]
= (2k - 9)x + (k2 - 8k + 10).
परंतु दिया गया शेषफल = x + a = 1x + a.
गुणांकों की तुलना करने पर:
2k - 9 = 1 ⇒ 2k = 10 ⇒ k = 5.
तथा a = k2 - 8k + 10 = 52 - 8(5) + 10 = 25 - 40 + 10 = -5.
अतः k = 5 तथा a = -5.
दिए गए बहुपद से: α + β = 2 तथा αβ = 3.
नए बहुपद के शून्यकों का योग S = (α + 2) + (β + 2) = (α + β) + 4 = 2 + 4 = 6.
नए शून्यकों का गुणनफल P = (α + 2)(β + 2) = αβ + 2(α + β) + 4 = 3 + 2(2) + 4 = 3 + 4 + 4 = 11.
अतः नया द्विघात बहुपद: x2 - Sx + P = x2 - 6x + 11.
α + β = 1 तथा αβ = -2.
नए शून्यकों का योग:
S = (2α + 1) + (2β + 1) = 2(α + β) + 2 = 2(1) + 2 = 4.
नए शून्यकों का गुणनफल:
P = (2α + 1)(2β + 1) = 4αβ + 2(α + β) + 1
= 4(-2) + 2(1) + 1 = -8 + 2 + 1 = -5.
अतः अभीष्ट बहुपद = x2 - Sx + P = x2 - 4x - 5.
p(1/2) = 2(1/8) + 1/4 - 5/2 + 2 = 1/4 + 1/4 - 5/2 + 2 = 2/4 - 5/2 + 2 = 1/2 - 5/2 + 2 = -2 + 2 = 0.
p(1) = 2(1) + 1 - 5 + 2 = 5 - 5 = 0.
p(-2) = 2(-8) + 4 - 5(-2) + 2 = -16 + 4 + 10 + 2 = 0.
अतः 1/2, 1, -2 दिए गए बहुपद के शून्यक हैं।
सत्यापन:
α + β + γ = 1/2 + 1 - 2 = -1/2 = -b/a = -1/2 (सत्य)।
αβ + βγ + γα = 1/2(1) + 1(-2) + (-2)(1/2) = 1/2 - 2 - 1 = -5/2 = c/a = -5/2 (सत्य)।
αβγ = (1/2)(1)(-2) = -1 = -d/a = -2/2 = -1 (सत्य)।
हम जानते हैं: α + β + γ = p, αβ + βγ + γα = q, αβγ = r.
व्यंजक = 1/(αβ) + 1/(βγ) + 1/(γα)
ल.स.प. (LCM) αβγ लेने पर:
= (γ + α + β) / (αβγ) = (α + β + γ) / (αβγ)
= p / r.
भाज्य p(x) = x4 + 0x3 - 3x2 + 4x + 5.
भाजक g(x) = x2 - x + 1.
भाग देने पर:
भागफल q(x) = x2 + x - 3
शेषफल r(x) = 8.
सत्यापन:
g(x) × q(x) + r(x) = (x2 - x + 1)(x2 + x - 3) + 8
= x2(x2 + x - 3) - x(x2 + x - 3) + 1(x2 + x - 3) + 8
= x4 + x3 - 3x2 - x3 - x2 + 3x + x2 + x - 3 + 8
= x4 - 3x2 + 4x + 5 = p(x). (सत्यापित)
शून्यक √2 और -√2 से प्राप्त गुणनखंड = (x - √2)(x + √2) = x2 - 2.
p(x) को (x2 - 2) से भाग देने पर:
भागफल = 2x2 - 3x + 1 प्राप्त होता है।
अन्य शून्यकों के लिए: 2x2 - 3x + 1 = 0
2x2 - 2x - x + 1 = 0 ⇒ 2x(x - 1) - 1(x - 1) = 0
(2x - 1)(x - 1) = 0 ⇒ x = 1/2, 1.
अतः सभी शून्यक √2, -√2, 1 तथा 1/2 हैं।
α + β = p तथा αβ = q.
हम जानते हैं कि सर्वसमिका:
α3 + β3 = (α + β)3 - 3αβ(α + β)
मान रखने पर:
= p3 - 3(q)(p)
= p3 - 3pq
= p(p2 - 3q). (इति सिद्धम्)
दिया है:
α + β + γ = 2
αβ + βγ + γα = -7
αβγ = -14.
त्रिघात बहुपद का सूत्र:
p(x) = k [ x3 - (α + β + γ)x2 + (αβ + βγ + γα)x - αβγ ]
मान रखने पर:
p(x) = k [ x3 - 2x2 + (-7)x - (-14) ]
k = 1 लेने पर:
p(x) = x3 - 2x2 - 7x + 14.
यहाँ a = 2, b = 5, c = k.
α + β = -5/2 तथा αβ = k/2.
दी गई शर्त:
α2 + β2 + αβ = 21/4
[ (α + β)2 - 2αβ ] + αβ = 21/4
(α + β)2 - αβ = 21/4
मान प्रतिस्थापित करने पर:
(-5/2)2 - k/2 = 21/4
25/4 - k/2 = 21/4
25/4 - 21/4 = k/2
4/4 = k/2 ⇒ 1 = k/2 ⇒ k = 2.
मैट्रिक परीक्षा उपयोगी महत्त्वपूर्ण टिप्स (BSEB Exam Tips)
- शून्यकों के चिन्हों का नियम: यदि ax2 + bx + c में सभी पद धनात्मक हैं, तो दोनों शून्यक ऋणात्मक होंगे। यदि अचर पद c ऋणात्मक है, तो एक शून्यक धनात्मक और दूसरा ऋणात्मक होगा।
- बहुपद की पहचान: वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में अक्सर पूछा जाता है कि "कौन बहुपद नहीं है?"। ध्यान रखें कि यदि चर राशि करणी (√x) में हो, हर (1/x) में हो, या उसकी घात ऋणात्मक/भिन्न हो, तो वह बहुपद नहीं होता।
- भाग प्रक्रिया में सावधानी: बहुपद का भाग देते समय पदों को घातों के घटते क्रम (मानक रूप) में व्यवस्थित अवश्य कर लें। यदि कोई घात वाला पद अनुपस्थित हो, तो उसे 0 गुणांक के साथ लिखें (जैसे x4 + 0x3 - 3x2)।
- दो दिए गए शून्यकों से अन्य शून्यक निकालना: यह प्रश्न 5 अंक के दीर्घ उत्तरीय खंड में निश्चित रूप से पूछा जाता है। दोनों शून्यकों से गुणनखंड बनाकर भाग दें और भागफल के गुणनखंड करके शेष शून्यक प्राप्त करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
बिहार बोर्ड मैट्रिक गणित परीक्षा में 'अध्याय 2 – बहुपद' अत्यंत सरल और अंकदायी अध्याय है। इसमें मुख्य रूप से द्विघात बहुपद के शून्यक निकालना, शून्यक एवं गुणांकों के संबंध की जाँच करना तथा विभाजन एल्गोरिद्म पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। ऊपर दिए गए सभी 50 वस्तुनिष्ठ, 25 लघु और 15 दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का लिखित अभ्यास कर लेने से बोर्ड परीक्षा में आपका एक भी अंक नहीं कटेगा। इस अध्ययन सामग्री को अपने सहपाठियों के साथ शेयर करें और अपनी बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करें।
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