अध्याय 2: बहुपद (Polynomials) – सम्पूर्ण हस्तलिखित नोट्स
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा (NCERT आधारित) के लिए बहुपद की घात, शून्यक, शून्यकों व गुणांकों में संबंध, विभाजन एल्गोरिथ्म व हल प्रश्न
1. अध्याय परिचय (Chapter Introduction)
कक्षा 9 में हमने एक चर वाले बहुपद, उनके पदों, गुणांकों तथा शेषफल प्रमेय का अध्ययन किया था। बीजगणित में बहुपद एक अत्यंत मौलिक और महत्वपूर्ण संकल्पना है।
कक्षा 10 के इस अध्याय में हम मुख्य रूप से द्विघात बहुपद (Quadratic Polynomial) एवं त्रिघात बहुपद (Cubic Polynomial) के शून्यकों, उनके ज्यामितीय अर्थ, शून्यकों तथा गुणांकों के बीच संबंध और बहुपदों के लिए विभाजन एल्गोरिथ्म (Division Algorithm) का विस्तृत अध्ययन करेंगे।
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में इस अध्याय से लगभग 8 से 10 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें 4 से 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1 अंक), 2 लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक) और कभी-कभी 1 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (विभाजन एल्गोरिथ्म पर आधारित) पूछा जाता है।
2. बहुपद की परिभाषा एवं पहचान (Definition & Identification)
(A) बहुपद का मानक रूप
चर x में वास्तविक गुणांकों वाला एक बीजीय व्यंजक p(x) निम्नलिखित रूप का हो:
जहाँ an, an−1, ..., a0 वास्तविक संख्याएँ हैं, an ≠ 0 है तथा n एक अऋणात्मक पूर्णांक (पूर्ण संख्या: 0, 1, 2, 3...) है।
कोई बीजीय व्यंजक बहुपद नहीं होगा यदि चर x:
- हर (Denominator) में स्थित हो (जैसे: 1x, 1x + 2, 1x2 + 1)।
- करणी (वर्गमूल/घनमूल) के अंदर स्थित हो (जैसे: √x, x1/2, x3/2)। [नोट: यदि अचर संख्या करणी में हो जैसे √2 x, तो वह बहुपद होता है!]
- चर की घात ऋणात्मक (Negative) हो (जैसे: x−1, 3x−2)।
(B) बहुपद की घात (Degree of Polynomial)
किसी बहुपद p(x) में चर x के उच्चतम घात (Highest Power) वाले पद की घात को उस बहुपद की घात कहते हैं।
- p(x) = 4x + 2 की घात = 1
- p(x) = 2x2 − 3x + 4 की घात = 2
- p(x) = 5x3 − 4x2 + x − √2 की घात = 3
- अचर बहुपद (जैसे 5 = 5x0) की घात = 0 होती है।
- शून्य बहुपद (0) की घात अपरिभाषित होती है।
3. बहुपद के प्रकार (Types of Polynomials by Degree)
| बहुपद का प्रकार | घात | मानक रूप (General Form) | शून्यकों की अधिकतम संख्या | उदाहरण |
|---|---|---|---|---|
| 1. रैखिक बहुपद (Linear) | 1 | ax + b (a ≠ 0) | 1 | 2x − 3, √3x + 5 |
| 2. द्विघात बहुपद (Quadratic) | 2 | ax2 + bx + c (a ≠ 0) | 2 | 2x2 + 3x − 5, x2 − 2 |
| 3. त्रिघात बहुपद (Cubic) | 3 | ax3 + bx2 + cx + d (a ≠ 0) | 3 | x3 − 3x2 + 5x − 3 |
4. बहुपद के शून्यक एवं ज्यामितीय अर्थ (Zeroes & Graphical Meaning)
(A) शून्यक की परिभाषा
एक वास्तविक संख्या k बहुपद p(x) का शून्यक (Zero) कहलाती है, यदि p(k) = 0 हो।
(B) शून्यकों का ज्यामितीय (आलेखीय) अर्थ [BSEB 1 अंक फिक्स]
यदि हम कार्तीय तल पर समीकरण y = p(x) का आलेख (Graph) खींचें, तो:
[ध्यान दें: आलेख Y-अक्ष को कहाँ काटता है, उससे शून्यकों की संख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता]!
द्विघात बहुपद ax2 + bx + c का आलेख एक वक्र होता है जिसे परवलय (Parabola) कहते हैं:
• यदि a > 0 हो, तो परवलय का मुख ऊपर की ओर खुला (U-आकार) होता है।
• यदि a < 0 हो, तो परवलय का मुख नीचे की ओर खुला (∩-आकार) होता है।
5. शून्यकों और गुणांकों के बीच संबंध (VVI Relationship Formulas)
(A) द्विघात बहुपद के लिए [ax2 + bx + c, a ≠ 0]
माना द्विघात बहुपद के दो शून्यक α (अल्फा) और β (बीटा) हैं:
2. शून्यकों का गुणनफल (αβ) = c a = अचर पद x2 का गुणांक
शून्यकों का योग और गुणनफल ज्ञात होने पर द्विघात बहुपद बनाना:
(जहाँ k कोई शून्येतर वास्तविक स्थिरांक है)।
(B) त्रिघात बहुपद के लिए [ax3 + bx2 + cx + d, a ≠ 0]
माना त्रिघात बहुपद के तीन शून्यक α, β, γ (गामा) हैं:
1. α + β + γ = −ba = −(x2 का गुणांक)x3 का गुणांक
2. αβ + βγ + γα = ca = x का गुणांकx3 का गुणांक
3. αβγ = −da = −(अचर पद)x3 का गुणांक
6. बहुपदों के लिए विभाजन एल्गोरिथ्म (Division Algorithm)
यदि p(x) और g(x) कोई दो बहुपद हों, जहाँ g(x) ≠ 0 हो, तो हम ऐसे बहुपद q(x) और r(x) प्राप्त कर सकते हैं कि:
जहाँ r(x) = 0 हो या r(x) की घात < g(x) की घात हो।
यदि बहुपद p(x) को g(x) से भाग देने पर शेषफल r(x) = 0 आ जाए, तो g(x) बहुपद p(x) का एक गुणनखंड (Factor) होता है।
7. बिहार बोर्ड मॉडल हल प्रश्न (Board Exam Solved Questions)
दिया गया बहुपद: p(x) = x2 + 7x + 10
मध्य पद विभक्त करने पर (गुणनफल = 10, योग = 7 ➜ संख्याएँ 2 और 5):
x2 + 7x + 10 = x2 + 2x + 5x + 10
= x(x + 2) + 5(x + 2)
= (x + 2)(x + 5)
शून्यक के लिए p(x) = 0 रखने पर:
(x + 2)(x + 5) = 0
x + 2 = 0 ⇒ x = −2
x + 5 = 0 ⇒ x = −5
अतः शून्यक α = −2 तथा β = −5 हैं।
संबंध की सत्यता की जाँच:
यहाँ a = 1, b = 7, c = 10 है।
(i) शून्यकों का योगफल: α + β = (−2) + (−5) = −7
सूत्र से: −ba = −71 = −7 (सत्य है)
(ii) शून्यकों का गुणनफल: αβ = (−2) × (−5) = 10
सूत्र से: ca = 101 = 10 (सत्य है)
अतः शून्यकों तथा गुणांकों के बीच का संबंध पूर्णतः सत्य है।
माना अभीष्ट द्विघात बहुपद के शून्यक α और β हैं।
दिया है:
शून्यकों का योग (α + β) = −3
शून्यकों का गुणनफल (αβ) = 2
द्विघात बहुपद का सूत्र होता है:
p(x) = k [ x2 − (α + β)x + αβ ]
मान रखने पर:
p(x) = k [ x2 − (−3)x + 2 ]
p(x) = k [ x2 + 3x + 2 ]
k = 1 लेने पर:
उत्तर: अभीष्ट द्विघात बहुपद x2 + 3x + 2 है।
दिए गए बहुपद x2 − kx + 6 की तुलना ax2 + bx + c से करने पर:
a = 1, b = −k, c = 6
हम जानते हैं कि: शून्यकों का योग = −ba
5 = −(−k)1
5 = k ⇒ k = 5
उत्तर: k का मान 5 है।
8. वस्तुनिष्ठ (Objective) स्पेशल सुपरफास्ट ट्रिक्स
- शून्यकों के व्युत्क्रम का योग: यदि
1α +
1β
का मान पूछा जाए, तो सीधे याद रखें:
−bc।
उदाहरण: 2x2 + 3x + 5 के लिए 1α + 1β = −35 होगा। - समान परिमाण परन्तु विपरीत चिह्न वाले शून्यक: यदि शून्यक α और −α हों, तो हमेशा b = 0 (अर्थात x का गुणांक शून्य) होता है।
- एक-दूसरे के व्युत्क्रम शून्यक: यदि एक शून्यक दूसरे का व्युत्क्रम (α और 1α) हो, तो हमेशा c = a होता है।
- यदि किसी आलेख में वक्र X-अक्ष को केवल स्पर्श करके निकल जाता है, तो वहाँ दो संपाती (बराबर) शून्यक होते हैं।
9. परीक्षा उपयोगी टिप्स (BSEB 95+ स्कोरिंग टिप्स)
- शून्यक vs शून्यकों का योग: प्रश्न को ध्यान से पढ़ें! क्या प्रश्न में "शून्यक 2 और 3 हैं" दिया है या "शून्यकों का योग 2 और गुणनफल 3 है"? विद्यार्थी अक्सर इसमें गलती कर बैठते हैं।
- सत्यता की जाँच का प्रारूप: जाँच करते समय बायाँ पक्ष (L.H.S.) और दायाँ पक्ष (R.H.S.) स्पष्ट अलग-अलग निकालें, फिर दोनों को बराबर दिखाएँ।
- भाग देते समय पदों का क्रम: बहुपदों का भाग करते समय भाज्य और भाजक दोनों के पदों को घातों के घटते क्रम (मानक रूप) में लिखना अनिवार्य है। यदि कोई पद अनुपस्थित हो (जैसे x2 का पद न हो), तो उसकी जगह 0x2 लिखें ताकि स्तंभ मिलान में गलती न हो।
10. निष्कर्ष (Conclusion)
बहुपद (अध्याय 2) बिहार बोर्ड मैट्रिक गणित का आधारभूत और सर्वाधिक स्कोरिंग अध्याय है। इस अध्याय में मुख्य रूप से शून्यकों की गणना, संबंध सूत्र (α + β = −b/a तथा αβ = c/a) और विभाजन एल्गोरिथ्म पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। यदि आप शून्यकों और गुणांकों के संबंध को अच्छी तरह कंठस्थ कर लेते हैं, तो बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से पूछे जाने वाले सभी वस्तुनिष्ठ और 2 अंक वाले लघु उत्तरीय प्रश्नों में पूरे अंक प्राप्त करना अत्यंत सरल हो जाएगा। नियमित अभ्यास करें और गणित में सर्वोच्च अंक हासिल करें!
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