अध्याय 13 – पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन | BSEB 10 Mathematics Solution


BSEB कक्षा 10 गणित पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन (प्रश्नावली 13.1, 13.2, 13.3, 13.4) सम्पूर्ण हल

बिहार बोर्ड कक्षा 10 गणित: अध्याय 13 — पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन

NCERT प्रश्नावली 13.1, 13.2, 13.3 एवं 13.4 के सभी 30 प्रश्नों का सम्पूर्ण व विस्तृत हल (Step-by-Step Solutions)

📐 महत्वपूर्ण सूत्र सारणी (Formula Sheet) — जब तक अन्यथा न कहा जाए, π = 227 लीजिए

घन (Cube): कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a2, आयतन = a3
घनाभ (Cuboid): कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl), आयतन = l × b × h
बेलन (Cylinder): वक्र पृष्ठ (CSA) = 2πrh, कुल पृष्ठ (TSA) = 2πr(r + h), आयतन = πr2h
शंकु (Cone): तिर्यक ऊँचाई l = √(r2 + h2), CSA = πrl, आयतन = 13πr2h
गोला (Sphere): पृष्ठीय क्षेत्रफल = 4πr2, आयतन = 43πr3
अर्धगोला (Hemisphere): CSA = 2πr2, TSA = 3πr2, आयतन = 23πr3
शंकु का छिन्नक (Frustum): तिर्यक ऊँचाई l = √[h2 + (r1 - r2)2], CSA = π(r1 + r2)l, आयतन = 13πh(r12 + r22 + r1r2)
प्रश्नावली 13.1 — ठोसों के संयोजन का पृष्ठीय क्षेत्रफल
प्रश्न 1:
दो घनों, जिनमें से प्रत्येक का आयतन 64 cm3 है, के संलग्न फलकों को मिलाकर एक ठोस बनाया जाता है। इससे प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:

माना प्रत्येक घन की भुजा a cm है।
घन का आयतन a3 = 64 cm3 ⇒ a = 3√64 = 4 cm।

दोनों घनों को संलग्न रखने पर प्राप्त घनाभ की विमाएँ:
लंबाई (l) = 4 + 4 = 8 cm
चौड़ाई (b) = 4 cm
ऊँचाई (h) = 4 cm

घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl)
= 2[(8 × 4) + (4 × 4) + (4 × 8)] = 2[32 + 16 + 32] = 2 × 80 = 160 cm2

उत्तर: घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 160 cm2
प्रश्न 2:
कोई बर्तन एक खोखले अर्धगोले के आकार का है जिसके ऊपर एक खोखला बेलन अध्यारोपित है। अर्धगोले का व्यास 14 cm है और इस बर्तन (पात्र) की कुल ऊँचाई 13 cm है। इस बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:

अर्धगोले और बेलन की त्रिज्या (r) = 142 = 7 cm।
अर्धगोले की ऊँचाई/गहराई = त्रिज्या = 7 cm।
बेलनाकार भाग की ऊँचाई (h) = कुल ऊँचाई - अर्धगोले की त्रिज्या = 13 - 7 = 6 cm।

बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
= 2πrh + 2πr2 = 2πr(h + r)
= 2 × 227 × 7 × (6 + 7) = 44 × 13 = 572 cm2

उत्तर: बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल = 572 cm2
प्रश्न 3:
एक खिलौना त्रिज्या 3.5 cm वाले एक शंकु के आकार का है, जो उसी त्रिज्या वाले एक अर्धगोले पर अध्यारोपित है। इस खिलौने की संपूर्ण ऊँचाई 15.5 cm है। इस खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:

उभयनिष्ठ त्रिज्या (r) = 3.5 cm = 72 cm।
खिलौने की कुल ऊँचाई = 15.5 cm।
शंकु की ऊँचाई (h) = 15.5 - 3.5 = 12 cm।

शंकु की तिर्यक ऊँचाई (l) = √(r2 + h2) = √[(3.5)2 + 122] = √(12.25 + 144) = √156.25 = 12.5 cm।

खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = शंकु का CSA + अर्धगोले का CSA
= πrl + 2πr2 = πr(l + 2r)
= 227 × 72 × (12.5 + 2 × 3.5) = 11 × (12.5 + 7) = 11 × 19.5 = 214.5 cm2

उत्तर: खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = 214.5 cm2
प्रश्न 4:
भुजा 7 cm वाले एक घनाकार ब्लॉक के ऊपर एक अर्धगोला रखा हुआ है। अर्धगोले का अधिकतम व्यास क्या हो सकता है? इस प्रकार बने ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:

घनाकार ब्लॉक की भुजा a = 7 cm।
अर्धगोले का अधिकतम व्यास घन के किनारे के बराबर हो सकता है।
अतः अधिकतम व्यास = 7 cm, त्रिज्या (r) = 72 cm।

ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = घन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्धगोले का CSA - अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल
= 6a2 + 2πr2 - πr2 = 6a2 + πr2
= 6 × (7)2 + 227 × (72)2
= 6 × 49 + 227 × 494 = 294 + 38.5 = 332.5 cm2

उत्तर: अधिकतम व्यास = 7 cm, ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 332.5 cm2
प्रश्न 5:
एक घनाकार ब्लॉक के एक फलक को अंदर की ओर से काट कर एक अर्धगोलाकार गड्ढा इस प्रकार बनाया गया है कि अर्धगोले का व्यास घन के एक किनारे के बराबर है। शेष बचे ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:

माना घन की भुजा (किनारा) = l इकाई।
अर्धगोले का व्यास d = l ⇒ त्रिज्या r = l2 इकाई।

अंदर गड्ढा खोदने पर भी क्षेत्रफल का व्यंजक वही रहेगा:
शेष बचे ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = घन का कुल पृष्ठ + अर्धगोले का आंतरिक वक्र पृष्ठ - अर्धगोले का वृत्तीय आधार
= 6l2 + 2πr2 - πr2 = 6l2 + πr2
= 6l2 + π(l2)2 = 6l2 + πl24 = l24 (24 + π) वर्ग इकाई।

उत्तर: पृष्ठीय क्षेत्रफल = l24(24 + π) या 14 l2(π + 24) वर्ग इकाई
प्रश्न 6:
दवा का एक कैप्सूल एक बेलन के आकार का है जिसके दोनों सिरों पर एक-एक अर्धगोला लगा हुआ है। पूरे कैप्सूल की लंबाई 14 mm है और उसका व्यास 5 mm है। इसका पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:

व्यास = 5 mm ⇒ त्रिज्या r = 52 = 2.5 mm।
दोनों सिरों के अर्धगोलों की लंबाई = 2.5 mm + 2.5 mm = 5 mm।
बेलनाकार भाग की लंबाई (h) = 14 - 5 = 9 mm।

कैप्सूल का पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का CSA + 2 × (अर्धगोले का CSA)
= 2πrh + 2 × (2πr2) = 2πr(h + 2r)
= 2 × 227 × 52 × (9 + 2 × 2.5) = 1107 × (9 + 5) = 1107 × 14 = 110 × 2 = 220 mm2

उत्तर: कैप्सूल का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 220 mm2
प्रश्न 7:
कोई तंबू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु अध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई और व्यास क्रमशः 2.1 m और 4 m है तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 m है तो इस तंबू को बनाने में प्रयुक्त कैनवास का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। साथ ही, ₹ 500 प्रति m2 की दर से इसमें प्रयुक्त कैनवास की लागत ज्ञात कीजिए। (तंबू के आधार को कैनवास से नहीं ढका जाता है)।
हल:

व्यास = 4 m ⇒ त्रिज्या r = 2 m।
बेलन की ऊँचाई h = 2.1 m, शंकु की तिर्यक ऊँचाई l = 2.8 m।

प्रयुक्त कैनवास का क्षेत्रफल = बेलन का CSA + शंकु का CSA
= 2πrh + πrl = πr(2h + l)
= 227 × 2 × [2(2.1) + 2.8] = 447 × (4.2 + 2.8) = 447 × 7 = 44 m2

कैनवास की कुल लागत = क्षेत्रफल × दर = 44 × 500 = ₹ 22,000।

उत्तर: कैनवास का क्षेत्रफल = 44 m2, कुल लागत = ₹ 22,000
प्रश्न 8:
ऊँचाई 2.4 cm और व्यास 1.4 cm वाले एक ठोस बेलन में से इसी ऊँचाई और इसी व्यास वाला एक शंक्वाकार खोल (cavity) काट लिया जाता है। शेष बचे ठोस का निकटतम वर्ग सेंटीमीटर तक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:

बेलन और शंकु की ऊँचाई h = 2.4 cm, व्यास = 1.4 cm ⇒ त्रिज्या r = 0.7 cm।
शंकु की तिर्यक ऊँचाई l = √(r2 + h2) = √[(0.7)2 + (2.4)2] = √(0.49 + 5.76) = √6.25 = 2.5 cm।

शेष बचे ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठ + निचले आधार का क्षेत्रफल + शंकु का आंतरिक वक्र पृष्ठ
= 2πrh + πr2 + πrl = πr(2h + r + l)
= 227 × 0.7 × [2(2.4) + 0.7 + 2.5] = 2.2 × [4.8 + 0.7 + 2.5] = 2.2 × 8.0 = 17.6 cm2
निकटतम वर्ग सेंटीमीटर में = 18 cm2

उत्तर: निकटतम पृष्ठीय क्षेत्रफल = 18 cm2 (यथार्थ मान 17.6 cm2)
प्रश्न 9:
लकड़ी के एक ठोस बेलन के प्रत्येक सिरे पर एक अर्धगोला खोदकर निकालते हुए, एक वस्तु बनाई गई है। यदि बेलन की ऊँचाई 10 cm है और आधार की त्रिज्या 3.5 cm है तो इस वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:

त्रिज्या r = 3.5 cm = 72 cm, बेलन की ऊँचाई h = 10 cm।

वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का CSA + 2 × (अर्धगोले का CSA)
= 2πrh + 2 × (2πr2) = 2πr(h + 2r)
= 2 × 227 × 72 × [10 + 2(3.5)] = 22 × (10 + 7) = 22 × 17 = 374 cm2

उत्तर: वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = 374 cm2
प्रश्नावली 13.2 — ठोसों के संयोजन का आयतन
प्रश्न 1:
एक ठोस एक अर्धगोले पर खड़े एक शंकु के आकार का है जिनकी त्रिज्याएँ 1 cm हैं तथा शंकु की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबर है। इस ठोस का आयतन π के पदों में ज्ञात कीजिए।
हल:

दिया है: r = 1 cm, शंकु की ऊँचाई h = r = 1 cm।

ठोस का कुल आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोले का आयतन
= 13πr2h + 23πr3
= 13π(1)2(1) + 23π(1)3 = 13π + 23π = 33π = π cm3

उत्तर: ठोस का आयतन = π cm3
प्रश्न 2:
एक इंजीनियरिंग के विद्यार्थी रचेल से एक पतली एल्युमिनियम शीट का प्रयोग करते हुए एक मॉडल बनाने को कहा गया जो एक ऐसे बेलन के आकार का हो जिसके दोनों सिरों पर दो शंकु जुड़े हुए हों। इस मॉडल का व्यास 3 cm है और इसकी लंबाई 12 cm है। यदि प्रत्येक शंकु की ऊँचाई 2 cm हो तो रचेल द्वारा बनाए गए मॉडल में अंतर्विष्ट हवा का आयतन ज्ञात कीजिए।
हल:

व्यास = 3 cm ⇒ त्रिज्या r = 1.5 cm = 32 cm।
शंकु की ऊँचाई hcone = 2 cm।
दोनों सिरों के शंकुओं की कुल लंबाई = 2 + 2 = 4 cm।
बेलनाकार भाग की ऊँचाई hcyl = 12 - 4 = 8 cm।

मॉडल में हवा का कुल आयतन = बेलन का आयतन + 2 × (शंकु का आयतन)
= πr2hcyl + 2 × [13πr2hcone] = πr2 [hcyl + 23 hcone]
= 227 × (32)2 × [8 + 23 × 2] = 227 × 94 × [8 + 43]
= 19828 × 283 = 1983 = 66 cm3

उत्तर: हवा का आयतन = 66 cm3
प्रश्न 3:
एक गुलाबजामुन में उसके आयतन की लगभग 30% चीनी की चाशनी होती है। 45 गुलाबजामुन में लगभग कितनी चाशनी होगी, यदि प्रत्येक गुलाबजामुन एक बेलन के आकार का है जिसके दोनों सिरे अर्धगोलाकार हैं तथा इसकी कुल लंबाई 5 cm और व्यास 2.8 cm है?
हल:

गुलाबजामुन का व्यास = 2.8 cm ⇒ त्रिज्या r = 1.4 cm।
दोनों अर्धगोलाकार सिरों की लंबाई = 1.4 + 1.4 = 2.8 cm।
बेलनाकार भाग की ऊँचाई (h) = 5 - 2.8 = 2.2 cm।

1 गुलाबजामुन का आयतन = बेलन का आयतन + 2 × (अर्धगोले का आयतन)
= πr2h + 43πr3 = πr2 [h + 43r]
= 227 × (1.4)2 × [2.2 + 43 × 1.4] = 227 × 1.96 × [2.2 + 1.867]
= 6.16 × 4.067 ≈ 25.05 cm3

45 गुलाबजामुनों का कुल आयतन = 45 × 25.05 = 1127.25 cm3
चाशनी की मात्रा (आयतन का 30%) = 30100 × 1127.25 ≈ 338.17 cm3 ≈ 338 cm3

उत्तर: लगभग 338 cm3 चाशनी होगी।
प्रश्न 4:
एक कलमदान घनाभ के आकार की एक लकड़ी से बना है जिसमें कलम रखने के लिए चार शंक्वाकार गड्ढे बने हुए हैं। घनाभ की विमाएँ 15 cm × 10 cm × 3.5 cm हैं। प्रत्येक गड्ढे की त्रिज्या 0.5 cm है और गहराई 1.4 cm है। पूरे कलमदान में लकड़ी का आयतन ज्ञात कीजिए।
हल:

घनाभ का आयतन = l × b × h = 15 × 10 × 3.5 = 525 cm3
प्रत्येक शंक्वाकार गड्ढे के लिए: r = 0.5 cm, h = 1.4 cm।
4 गड्ढों का कुल आयतन = 4 × [13πr2h]
= 4 × 13 × 227 × (0.5)2 × 1.4 = 8821 × 0.25 × 1.4 = 30.821 ≈ 1.47 cm3

लकड़ी का शेष आयतन = घनाभ का आयतन - 4 गड्ढों का आयतन
= 525 - 1.47 = 523.53 cm3

उत्तर: कलमदान में लकड़ी का आयतन = 523.53 cm3
प्रश्न 5:
एक बर्तन एक उल्टे शंकु के आकार का है। इसकी ऊँचाई 8 cm है और इसके ऊपरी सिरे (जो खुला हुआ है) की त्रिज्या 5 cm है। यह ऊपर तक पानी से भरा हुआ है। जब इस बर्तन में सीसे की कुछ गोलियाँ जिनमें प्रत्येक 0.5 cm त्रिज्या वाला एक गोला है, डाली जाती हैं, तो इसमें से भरे हुए पानी का एक चौथाई भाग बाहर निकल जाता है। बर्तन में डाली गई सीसे की गोलियों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:

शंकु के लिए: R = 5 cm, H = 8 cm।
शंकु का आयतन = 13πR2H = 13π × (5)2 × 8 = 200π3 cm3
बाहर निकले पानी का आयतन = 14 × 200π3 = 50π3 cm3

प्रत्येक सीसे की गोली की त्रिज्या r = 0.5 cm = 12 cm।
एक गोली का आयतन = 43πr3 = 43π × (12)3 = 43π × 18 = π6 cm3

गोलियों की संख्या (n) = बाहर निकले पानी का आयतनएक गोली का आयतन = 50π3π6 = 50π3 × 6π = 50 × 2 = 100।

उत्तर: डाली गई सीसे की गोलियों की संख्या = 100
प्रश्न 6:
ऊँचाई 220 cm और आधार व्यास 24 cm वाले एक बेलन, जिस पर ऊँचाई 60 cm और त्रिज्या 8 cm वाला एक अन्य बेलन आरोपित है, से लोहे का एक स्तंभ बना है। इस स्तंभ का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए, जबकि दिया है 1 cm3 लोहे का द्रव्यमान लगभग 8 g होता है। (π = 3.14 लीजिए)
हल:

निचले (बड़े) बेलन के लिए: R = 12 cm, H = 220 cm।
ऊपरी (छोटे) बेलन के लिए: r = 8 cm, h = 60 cm।

स्तंभ का कुल आयतन = πR2H + πr2h = π[R2H + r2h]
= 3.14 × [(122 × 220) + (82 × 60)] = 3.14 × [(144 × 220) + (64 × 60)]
= 3.14 × [31680 + 3840] = 3.14 × 35520 = 1,11,532.8 cm3

कुल द्रव्यमान = 1,11,532.8 × 8 g = 8,92,262.4 g = 892262.41000 kg ≈ 892.26 kg।

उत्तर: स्तंभ का द्रव्यमान = 892.26 kg
प्रश्न 7:
एक ठोस में, ऊँचाई 120 cm और त्रिज्या 60 cm वाला एक शंकु सम्मिलित है, जो 60 cm त्रिज्या वाले एक अर्धगोले पर आरोपित है। इस ठोस को पानी से भरे हुए एक लंब वृत्तीय बेलन में इस प्रकार सीधा डाल दिया जाता है कि यह बेलन की तली को स्पर्श करे। यदि बेलन की त्रिज्या 60 cm है और ऊँचाई 180 cm है तो बेलन में शेष बचे पानी का आयतन ज्ञात कीजिए।
हल:

सभी भागों की उभयनिष्ठ त्रिज्या r = 60 cm।
शंकु की ऊँचाई h = 120 cm, बेलन की ऊँचाई H = 180 cm।

बेलन का कुल आयतन = πr2H = 227 × (60)2 × 180 = 227 × 3600 × 180 = 142560007 cm3

ठोस का आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोले का आयतन
= 13πr2h + 23πr3 = 13πr2[h + 2r]
= 13 × 227 × 3600 × [120 + 2(60)] = 13 × 227 × 3600 × 240 = 63360007 cm3

शेष पानी का आयतन = बेलन का आयतन - ठोस का आयतन
= 14256000 - 63360007 = 79200007 cm3 ≈ 1131428.57 cm3
मीटर क्यूब में बदलने पर (÷ 106): ≈ 1.131 m3

उत्तर: शेष बचे पानी का आयतन ≈ 1.131 m3 (या 1131428.57 cm3)
प्रश्न 8:
एक गोलाकार काँच के बर्तन की एक बेलन के आकार की गर्दन है जिसकी लंबाई 8 cm है और व्यास 2 cm है जबकि गोलाकार भाग का व्यास 8.5 cm है। इसमें भरे जा सकने वाले पानी की मात्रा माप कर, एक बच्चे ने यह ज्ञात किया कि इस बर्तन का आयतन 345 cm3 है। जाँच कीजिए कि उस बच्चे का उत्तर सही है या नहीं, यह मानते हुए कि उपर्युक्त मापन आंतरिक मापन है और π = 3.14।
हल:

बेलनाकार गर्दन के लिए: r = 1 cm, h = 8 cm।
गोलाकार भाग के लिए: R = 8.52 = 4.25 cm।

बर्तन का कुल आयतन = बेलनाकार भाग का आयतन + गोलाकार भाग का आयतन
= πr2h + 43πR3 = 3.14 × [ (12 × 8) + 43 × (4.25)3 ]
= 3.14 × [ 8 + 43 × 76.7656 ] = 3.14 × [ 8 + 102.354 ] = 3.14 × 110.354 ≈ 346.51 cm3

चूँकि वास्तविक आयतन 346.51 cm3 है, अतः बच्चे द्वारा निकाला गया उत्तर (345 cm3) सही नहीं है

उत्तर: बच्चे का उत्तर गलत है। सही आयतन = 346.51 cm3
प्रश्नावली 13.3 — एक ठोस का दूसरे रूप में रूपान्तरण
प्रश्न 1:
त्रिज्या 4.2 cm वाले धातु के एक गोले को पिघलाकर त्रिज्या 6 cm वाले एक बेलन के रूप में ढाला जाता है। बेलन की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल:

गोले की त्रिज्या r1 = 4.2 cm, बेलन की त्रिज्या r2 = 6 cm, बेलन की ऊँचाई = h।
पिघलाने पर दोनों का आयतन समान होगा:
बेलन का आयतन = गोले का आयतन
π r22 h = 43 π r13
(6)2 × h = 43 × (4.2)3
36 × h = 43 × 74.088 = 98.784
h = 98.78436 = 2.744 cm ≈ 2.74 cm।

उत्तर: बेलन की ऊँचाई = 2.74 cm
प्रश्न 2:
क्रमशः 6 cm, 8 cm और 10 cm त्रिज्याओं वाले धातु के तीन ठोस गोलों को पिघलाकर एक बड़ा ठोस गोला बनाया जाता है। इस गोले की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल:

माना r1 = 6 cm, r2 = 8 cm, r3 = 10 cm तथा बड़े गोले की त्रिज्या R है।
बड़े गोले का आयतन = तीनों गोलों के आयतनों का योग
43πR3 = 43πr13 + 43πr23 + 43πr33
R3 = r13 + r23 + r33 = 63 + 83 + 103 = 216 + 512 + 1000 = 1728
R = 3√1728 = 12 cm।

उत्तर: बड़े गोले की त्रिज्या = 12 cm
प्रश्न 3:
व्यास 7 m वाला 20 m गहरा एक कुआँ खोदा जाता है और खोदने से निकली हुई मिट्टी को समान रूप से फैलाकर 22 m × 14 m वाला एक चबूतरा बनाया गया है। इस चबूतरे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल:

कुएँ की त्रिज्या r = 72 m, गहराई (ऊँचाई) h = 20 m।
निकाली गई मिट्टी का आयतन = πr2h = 227 × (72)2 × 20 = 227 × 494 × 20 = 770 m3

चबूतरे का आयतन = l × b × H = 22 × 14 × H।
चबूतरे का आयतन = मिट्टी का आयतन
22 × 14 × H = 770 ⇒ 308 × H = 770 ⇒ H = 770308 = 2.5 m।

उत्तर: चबूतरे की ऊँचाई = 2.5 m
प्रश्न 4:
व्यास 3 m का एक कुआँ 14 m की गहराई तक खोदा जाता है। इससे निकली हुई मिट्टी को कुएँ के चारों ओर 4 m चौड़ी एक वृत्ताकार वलय (ring) बनाते हुए, समान रूप से फैलाकर एक प्रकार का बाँध बनाया जाता है। इस बाँध की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल:

कुएँ की त्रिज्या r = 1.5 m = 32 m, गहराई h = 14 m।
मिट्टी का आयतन = πr2h = π × (1.5)2 × 14 = π × 2.25 × 14 = 31.5π m3

बाँध एक खोखले बेलन के आकार का है:
आंतरिक त्रिज्या r = 1.5 m, चौड़ाई = 4 m ⇒ बाहरी त्रिज्या R = 1.5 + 4 = 5.5 m।
बाँध के आधार का क्षेत्रफल = π(R2 - r2) = π[(5.5)2 - (1.5)2] = π(30.25 - 2.25) = 28π m2

माना बाँध की ऊँचाई H है:
बाँध का आयतन = आधार का क्षेत्रफल × ऊँचाई = 28π × H
28π × H = 31.5π ⇒ H = 31.528 = 1.125 m।

उत्तर: बाँध की ऊँचाई = 1.125 m
प्रश्न 5:
व्यास 12 cm और ऊँचाई 15 cm वाले एक लंब वृत्तीय बेलन के आकार का बर्तन आइसक्रीम से पूरा भरा हुआ है। इस आइसक्रीम को ऊँचाई 12 cm और व्यास 6 cm वाले शंकुओं में भरा जाना है, जिनका ऊपरी सिरा अर्धगोलाकार होगा। उन शंकुओं की संख्या ज्ञात कीजिए जो इस आइसक्रीम से भरे जा सकते हैं।
हल:

बेलन के लिए: R = 6 cm, H = 15 cm।
बेलन में आइसक्रीम का कुल आयतन = πR2H = π × 62 × 15 = 540π cm3

प्रत्येक आइसक्रीम शंकु के लिए: त्रिज्या r = 3 cm, शंकु की ऊँचाई h = 12 cm।
1 भरी हुई आइसक्रीम का आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोले का आयतन
= 13πr2h + 23πr3 = 13π(3)2(12) + 23π(3)3 = 36π + 18π = 54π cm3

शंकुओं की अभीष्ट संख्या (n) = कुल आयतन1 शंकु का आयतन = 540π54π = 10।

उत्तर: भरे जाने वाले शंकुओं की संख्या = 10
प्रश्न 6:
विमाओं 5.5 cm × 10 cm × 3.5 cm वाला एक घनाभ बनाने के लिए, 1.75 cm व्यास और 2 mm मोटाई वाले कितने चाँदी के सिक्कों को पिघलाना पड़ेगा?
हल:

घनाभ का आयतन = 5.5 × 10 × 3.5 = 192.5 cm3
प्रत्येक सिक्का एक छोटा बेलन है:
व्यास = 1.75 cm = 74 cm ⇒ त्रिज्या r = 78 cm।
मोटाई (ऊँचाई) h = 2 mm = 0.2 cm = 15 cm।

एक सिक्के का आयतन = πr2h = 227 × (78)2 × 15 = 227 × 4964 × 15 = 77160 cm3

सिक्कों की संख्या (n) = घनाभ का आयतनएक सिक्के का आयतन = 192.577 / 160 = 192.5 × 16077 = 3080077 = 400।

उत्तर: चाँदी के सिक्कों की संख्या = 400
प्रश्न 7:
32 cm ऊँची और आधार त्रिज्या 18 cm वाली एक बेलनाकार बाल्टी रेत से भरी हुई है। इस बाल्टी को भूमि पर खाली किया जाता है और इस रेत की एक शंक्वाकार ढेरी बनाई जाती है। यदि शंक्वाकार ढेरी की ऊँचाई 24 cm है, तो इस ढेरी की त्रिज्या और तिर्यक ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
हल:

बेलनाकार बाल्टी: r1 = 18 cm, h1 = 32 cm।
रेत का कुल आयतन = π r12 h1 = π × 182 × 32 cm3

शंक्वाकार ढेरी: h2 = 24 cm, त्रिज्या = r2
ढेरी का आयतन = 13 π r22 h2 = 13 π r22 × 24 = 8π r22

चूँकि दोनों आयतन समान हैं:
8π r22 = π × 324 × 32 ⇒ r22 = 324 × 328 = 324 × 4 = 1296
r2 = √1296 = 36 cm।

तिर्यक ऊँचाई (l) = √(r22 + h22) = √(362 + 242) = √(1296 + 576) = √1872 = √(144 × 13) = 12√13 cm।

उत्तर: त्रिज्या = 36 cm, तिर्यक ऊँचाई = 12√13 cm (लगभग 43.27 cm)
प्रश्न 8:
6 m चौड़ी और 1.5 m गहरी एक नहर में पानी 10 km/h की चाल से बह रहा है। 30 मिनट में, यह नहर कितने क्षेत्रफल की सिंचाई कर पाएगी, जबकि सिंचाई के लिए 8 cm गहरे पानी की आवश्यकता होती है?
हल:

नहर की चौड़ाई b = 6 m, गहराई h = 1.5 m।
पानी की चाल = 10 km/h = 10000 m/h।
30 मिनट (12 घंटा) में बहे पानी की लंबाई (l) = 10000 × 12 = 5000 m।

30 मिनट में बहे पानी का कुल आयतन = l × b × h = 5000 × 6 × 1.5 = 45000 m3

सिंचाई के लिए आवश्यक पानी की गहराई H = 8 cm = 8100 m = 0.08 m।
सिंचित क्षेत्रफल (A) × गहराई (H) = पानी का कुल आयतन
A × 8100 = 45000 ⇒ A = 45000 × 1008 = 562500 m2
हेक्टेयर में (1 हेक्टेयर = 10000 m2): A = 56250010000 = 56.25 हेक्टेयर।

उत्तर: सिंचित क्षेत्रफल = 5,62,500 m2 (या 56.25 हेक्टेयर)
प्रश्न 9:
एक किसान अपने खेत में बनी 10 m व्यास वाली और 2 m गहरी एक बेलनाकार टंकी को आंतरिक व्यास 20 cm वाले एक पाइप द्वारा एक नहर से जोड़ता है। यदि पाइप में पानी 3 km/h की चाल से बह रहा है, तो कितने समय बाद टंकी पूरी भर जाएगी?
हल:

बेलनाकार टंकी: त्रिज्या R = 5 m, गहराई H = 2 m।
टंकी का आयतन = π R2 H = π × 52 × 2 = 50π m3

पाइप के लिए: व्यास = 20 cm ⇒ त्रिज्या r = 10 cm = 0.1 m = 110 m।
पानी की चाल = 3 km/h = 3000 m/h = 300060 m/min = 50 m/min।

1 मिनट में पाइप से निकलने वाले पानी का आयतन = π r2 × चाल
= π × (0.1)2 × 50 = π × 0.01 × 50 = 0.5π m3/min।

टंकी भरने में लगा समय = टंकी का कुल आयतन1 मिनट में पानी का आयतन = 50π0.5π = 100 मिनट (या 1 घंटा 40 मिनट)।

उत्तर: टंकी 100 मिनट में पूरी भर जाएगी।
प्रश्नावली 13.4 — शंकु का छिन्नक (Frustum of a Cone)
प्रश्न 1:
पानी पीने वाला एक गिलास 14 cm ऊँचाई वाले एक शंकु के छिन्नक के आकार का है। दोनों वृत्ताकार सिरों के व्यास 4 cm और 2 cm हैं। इस गिलास की धारिता ज्ञात कीजिए।
हल:

ऊँचाई h = 14 cm।
ऊपरी सिरे की त्रिज्या r1 = 42 = 2 cm, निचले सिरे की त्रिज्या r2 = 22 = 1 cm।

गिलास की धारिता (छिन्नक का आयतन) = 13 π h [r12 + r22 + r1r2]
= 13 × 227 × 14 × [22 + 12 + 2 × 1]
= 443 × [4 + 1 + 2] = 443 × 7 = 3083 = 102 23 cm3 ≈ 102.67 cm3

उत्तर: गिलास की धारिता = 102 23 cm3 (या 102.67 cm3)
प्रश्न 2:
एक शंकु के छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई 4 cm है तथा इसके वृत्तीय सिरों के परिमाप (परिधियाँ) 18 cm और 6 cm हैं। इस छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:

तिर्यक ऊँचाई l = 4 cm।
ऊपरी सिरे की परिधि = 2πr1 = 18 cm ⇒ πr1 = 9 cm।
निचले सिरे की परिधि = 2πr2 = 6 cm ⇒ πr2 = 3 cm।
अतः π(r1 + r2) = πr1 + πr2 = 9 + 3 = 12 cm।

छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = π(r1 + r2) l = 12 × 4 = 48 cm2

उत्तर: छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 48 cm2
प्रश्न 3:
एक तुर्की टोपी शंकु के एक छिन्नक के आकार की है। यदि इसके खुले सिरे की त्रिज्या 10 cm है, ऊपरी सिरे की त्रिज्या 4 cm है और टोपी की तिर्यक ऊँचाई 15 cm है, तो इसके बनाने में प्रयुक्त पदार्थ का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:

खुले सिरे की त्रिज्या r1 = 10 cm, बंद ऊपरी सिरे की त्रिज्या r2 = 4 cm, तिर्यक ऊँचाई l = 15 cm।

प्रयुक्त पदार्थ का क्षेत्रफल = वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + ऊपरी बंद सिरे का क्षेत्रफल
= π(r1 + r2)l + π r22
= π [(10 + 4) × 15 + 42] = π [14 × 15 + 16] = π [210 + 16] = 226π
= 226 × 227 = 49727 = 710 27 cm2 ≈ 710.28 cm2

उत्तर: प्रयुक्त पदार्थ का क्षेत्रफल = 710 27 cm2
प्रश्न 4:
धातु की चादर से बना और ऊपर से खुला एक बर्तन शंकु के एक छिन्नक के आकार का है, जिसकी ऊँचाई 16 cm है तथा निचले और ऊपरी सिरों की त्रिज्याएँ क्रमशः 8 cm और 20 cm हैं। ₹ 20 प्रति लीटर की दर से, इस बर्तन को पूरा भर सकने वाले दूध का मूल्य ज्ञात कीजिए। साथ ही, इस बर्तन को बनाने के लिए प्रयुक्त धातु की चादर का मूल्य ₹ 8 प्रति 100 cm2 की दर से ज्ञात कीजिए। (π = 3.14 लीजिए)
हल:

h = 16 cm, r1 = 20 cm, r2 = 8 cm।

1. दूध का आयतन व मूल्य:
आयतन = 13 π h [r12 + r22 + r1r2]
= 13 × 3.14 × 16 × [202 + 82 + 20 × 8] = 50.243 × [400 + 64 + 160] = 50.243 × 624
= 50.24 × 208 = 10449.92 cm3 = 10.45 लीटर (1 लीटर = 1000 cm3)।
दूध का मूल्य = 10.45 × ₹ 20 = ₹ 209 (या 10.44992 × 20 = ₹ 208.99 ≈ ₹ 209)।

2. धातु की चादर का क्षेत्रफल व लागत:
तिर्यक ऊँचाई l = √[h2 + (r1 - r2)2] = √[162 + (20 - 8)2] = √(256 + 144) = √400 = 20 cm।
प्रयुक्त चादर का क्षेत्रफल = वक्र पृष्ठ + निचले आधार का क्षेत्रफल
= π(r1 + r2)l + π r22 = 3.14 × [(20 + 8) × 20 + 82]
= 3.14 × [28 × 20 + 64] = 3.14 × [560 + 64] = 3.14 × 624 = 1959.36 cm2
चादर का मूल्य = 1959.36 × 8100 = ₹ 156.75।

उत्तर: दूध का मूल्य = ₹ 209, धातु की चादर का मूल्य = ₹ 156.75
प्रश्न 5:
20 cm ऊँचाई और शीर्ष कोण (vertical angle) 60° वाले एक शंकु को उसकी ऊँचाई के बीचोबीच से होकर जाते हुए एक तल से दो भागों में काटा गया है, जबकि तल शंकु के आधार के समांतर है। यदि इस प्राप्त शंकु के छिन्नक को व्यास 116 cm वाले एक तार के रूप में बदल दिया जाता है तो तार की लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल:

शंकु की कुल ऊँचाई = 20 cm। बीचोबीच से काटने पर छिन्नक की ऊँचाई h = 10 cm तथा काटे गए छोटे शंकु की ऊँचाई = 10 cm।
शीर्ष कोण 60° है, अतः अक्ष के साथ बना अर्ध-शीर्ष कोण θ = 30°।
काटे गए तल पर त्रिज्या r2 = 10 × tan 30° = 10√3 cm।
आधार की त्रिज्या r1 = 20 × tan 30° = 20√3 cm।

शंकु के छिन्नक का आयतन = 13 π h [r12 + r22 + r1r2]
= 13 × π × 10 × [ (20√3)2 + (10√3)2 + 20√3 × 10√3 ]
= 10π3 × [ 4003 + 1003 + 2003 ] = 10π3 × 7003 = 7000π9 cm3

तार बेलनाकार है: व्यास = 116 cm ⇒ त्रिज्या r = 132 cm।
माना तार की लंबाई L है।
तार का आयतन = π r2 L = π × (132)2 × L = π L1024

छिन्नक का आयतन = तार का आयतन
7000π9 = π L1024 ⇒ L = 7000 × 10249 = 71680009 cm
मीटर में बदलने पर (÷ 100): L = 716809 m ≈ 7964.44 m।

उत्तर: तार की लंबाई = 7964.44 m (या 7964 m 44 cm)

⭐ बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा विशेष टिप्स (Important Board Tips)

  • 5 अंक वाले दीर्घ उत्तरीय प्रश्न: प्रश्नावली 13.3 का प्रश्न 8 (नहर वाला प्रश्न), प्रश्न 4 (कुआँ और बाँध), तथा प्रश्नावली 13.4 का प्रश्न 5 (तार की लंबाई) बोर्ड परीक्षा में 5 अंकों में अक्सर पूछे जाते हैं।
  • इकाइयों का ध्यान: प्रश्नों में मीटर (m), सेंटीमीटर (cm) और मिलीमीटर (mm) एक साथ दिए होते हैं। गणना से पहले सभी विमाओं को एक ही मात्रक में अवश्य बदल लें।
  • π का मान: जब तक प्रश्न में स्पष्ट रूप से π = 3.14 न लिखा हो, तब तक सदैव π = 227 का ही प्रयोग करें।
  • रूपांतरण के नियम: जब भी किसी धातु को पिघलाकर दूसरा आकार दिया जाए, तो दोनों आकारों का आयतन सदैव बराबर होता है।

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