अध्याय 1 –  रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण | BSEB 10 Science Solution


BSEB Class 10 Science Solutions

अध्याय 1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
(Chemical Reactions and Equations)

पाठगत (In-Text) एवं मुख्य अभ्यास प्रश्नों के पूर्ण, सटीक एवं संतुलित समीकरण सहित हल

स्वागत है आपका! यदि आप बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं के छात्र हैं और रसायन विज्ञान के पहले अध्याय – "रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण" के सभी आंतरिक और अभ्यास प्रश्नों के संपूर्ण तथा आसान उत्तर खोज रहे हैं, तो यह मार्गदर्शिका आपके लिए तैयार की गई है। यहाँ रासायनिक समीकरणों के संतुलन, अभिक्रियाओं के प्रकार (संयोजन, वियोजन, विस्थापन, द्विविस्थापन, रेडॉक्स) और संक्षारण के प्रामाणिक उत्तर दिए गए हैं।
🔬 रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख प्रकार (Master Classification):
अभिक्रिया का प्रकार सामान्य रूप (General Form) मानक उदाहरण (Standard Example)
1. संयोजन अभिक्रिया (Combination) A + B → AB CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा
2. वियोजन अभिक्रिया (Decomposition) AB → A + B CaCO3(s)  —Δ→  CaO(s) + CO2(g)
3. विस्थापन अभिक्रिया (Displacement) A + BC → AC + B Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)
4. द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Disp.) AB + CD → AD + CB Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s)↓ + 2NaCl(aq)
5. उपचयन-अपचयन (Redox) ऑक्सीजन का योग / ह्रास CuO(s) + H2(g) → Cu(s) + H2O(l)

📌 पृष्ठ संख्या 6 के प्रश्न (In-Text Questions)

प्रश्न 1 वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ क्यों किया जाता है?
उत्तर: मैग्नीशियम (Mg) एक अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है।
  • जब मैग्नीशियम रिबन नम वायु के संपर्क में खुला रहता है, तो यह वायुमंडल की ऑक्सीजन से धीमी गति से क्रिया करके अपनी सतह पर मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) की एक श्वेत, अक्रिय सुरक्षात्मक परत बना लेता है।
  • यह अवांछित परत मैग्नीशियम धातु को वायु की ऑक्सीजन के सीधे संपर्क में आने से रोकती है, जिससे रिबन आसानी से नहीं जलता।
  • अतः दहन से पूर्व रेगमाल (सैंडपेपर) से रगड़कर इस ऑक्साइड परत को पूरी तरह हटा दिया जाता है ताकि मैग्नीशियम शुद्ध रूप से ऑक्सीजन के संपर्क में आकर चकाचौंध करने वाली श्वेत ज्वाला के साथ सुगमता से जल सके।
प्रश्न 2 निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए:
  • (i) हाइड्रोजन + क्लोरीन → हाइड्रोजन क्लोराइड
    H2(g) + Cl2(g) → 2HCl(g)
  • (ii) बेरियम क्लोराइड + ऐलुमिनियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + ऐलुमिनियम क्लोराइड
    3BaCl2(aq) + Al2(SO4)3(aq) → 3BaSO4(s)↓ + 2AlCl3(aq)
  • (iii) सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रोक्साइड + हाइड्रोजन
    2Na(s) + 2H2O(l) → 2NaOH(aq) + H2(g)↑
प्रश्न 3 निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:
  • (i) जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट के विलयन अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अघुलनशील बेरियम सल्फेट का अवक्षेप बनाते हैं:
    BaCl2(aq) + Na2SO4(aq) → BaSO4(s)↓ + 2NaCl(aq)
  • (ii) सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं:
    NaOH(aq) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H2O(l)

📌 पृष्ठ संख्या 10 एवं 11 के प्रश्न (In-Text Questions)

प्रश्न 1 किसी पदार्थ 'X' के विलयन का उपयोग सफेदी करने के लिए होता है: (i) पदार्थ 'X' का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए, (ii) पदार्थ 'X' की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर:
  • (i) पदार्थ 'X' का नाम एवं रासायनिक सूत्र:
    पदार्थ 'X' का रासायनिक नाम कैल्शियम ऑक्साइड (Calcium Oxide) है, जिसे सामान्य भाषा में 'बिना बुझा चूना' (Quick Lime) कहते हैं।
    इसका रासायनिक सूत्र CaO है।
  • (ii) पदार्थ 'X' (CaO) की जल के साथ अभिक्रिया:
    कैल्शियम ऑक्साइड जल के साथ अत्यंत तीव्रता से अभिक्रिया करके बुझा हुआ चूना [कैल्शियम हाइड्रोक्साइड — Ca(OH)2] बनाता है और भारी मात्रा में ऊष्मा मुक्त करता है (संयोजन एवं ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया):
    CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा
प्रश्न 2 क्रियाकलाप 1.7 (जल का विद्युत अपघटन) में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।
उत्तर:
  • दोगुनी मात्रा वाली गैस का नाम: हाइड्रोजन गैस (H2) (जो कैथोड पर एकत्रित होती है)।
  • वैज्ञानिक कारण: जल (H2O) का रासायनिक संघटन हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन के 2 : 1 आयतन अनुपात से होता है।
    जब अम्लीकृत जल में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो इसका विद्युत अपघटन निम्नलिखित समीकरण के अनुसार होता है:
    2H2O(l)  —विद्युत अपघटन→  2H2(g)↑ [कैथोड पर] + O2(g)↑ [ऐनोड पर]
    स्पष्ट है कि जल के प्रत्येक दो अणुओं के टूटने पर हाइड्रोजन के 2 अणु (2 आयतन) तथा ऑक्सीजन का केवल 1 अणु (1 आयतन) प्राप्त होता है। यही कारण है कि कैथोड पर एकत्र हाइड्रोजन गैस का आयतन ऐनोड पर एकत्र ऑक्सीजन से ठीक दोगुना होता है।

📌 पृष्ठ संख्या 15 के प्रश्न (In-Text Questions)

प्रश्न 1 जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?
उत्तर: विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction) के कारण।

रासायनिक स्पष्टीकरण:
  • सक्रियता श्रेणी में लोहा (Fe) ताँबे (Cu) से अधिक अभिक्रियाशील धातु है।
  • जब लोहे की साफ़ कील को कॉपर सल्फेट (CuSO4) के नीले विलयन में डुबोया जाता है, तो लोहा कॉपर को उसके विलयन से विस्थापित करके स्वयं आयरन(II) सल्फेट बना लेता है:
    Fe(s) [धूसर] + CuSO4(aq) [नीला] → FeSO4(aq) [हल्का हरा] + Cu(s)↓ [लाल-भूरा]
  • कॉपर आयनों (Cu2+) के आयरन आयनों (Fe2+) में बदलने के कारण विलयन का नीला रंग फीका पड़कर हल्के हरे रंग में परिवर्तित हो जाता है तथा विस्थापित ताँबा कील की सतह पर लाल-भूरे रंग की परत के रूप में जमा हो जाता है।
प्रश्न 2 क्रियाकलाप 1.10 (बेरियम क्लोराइड + सोडियम सल्फेट) से भिन्न द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक अन्य सटीक उदाहरण सिल्वर नाइट्रेट तथा सोडियम क्लोराइड के विलयनों की परस्पर अभिक्रिया है:
AgNO3(aq) + NaCl(aq) → AgCl(s)↓ + NaNO3(aq)
(सिल्वर नाइट्रेट + सोडियम क्लोराइड → सिल्वर क्लोराइड का सफेद अवक्षेप + सोडियम नाइट्रेट)
(इस अभिक्रिया में सिल्वर आयन Ag+ और सोडियम आयन Na+ परस्पर अपने ऋणायनों का विनिमय करते हैं।)
प्रश्न 3 निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए:

(i) 4Na(s) + O2(g) → 2Na2O(s)

  • उपचयित पदार्थ: सोडियम (Na) — क्योंकि सोडियम में ऑक्सीजन का योग हो रहा है (Na → Na2O)।
  • अपचयित पदार्थ: ऑक्सीजन (O2) — क्योंकि इसमें इलेक्ट्रॉन जुड़ रहे हैं।

(ii) CuO(s) + H2(g) → Cu(s) + H2O(l)

  • उपचयित पदार्थ: हाइड्रोजन (H2) — क्योंकि हाइड्रोजन में ऑक्सीजन जुड़कर जल (H2O) बन रहा है।
  • अपचयित पदार्थ: कॉपर ऑक्साइड (CuO) — क्योंकि कॉपर ऑक्साइड से ऑक्सीजन का निष्कासन होकर कॉपर (Cu) बन रहा है।

📌 पाठ के अंत में दिए गए अभ्यास प्रश्न (Textbook Exercises)

प्रश्न 1 नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन सा कथन असत्य है? 2PbO(s) + C(s) → 2Pb(s) + CO2(g)
अभिक्रिया: 2PbO(s) + C(s) → 2Pb(s) + CO2(g)
कथन: (a) सीसा अपचयित हो रहा है। (b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है। (c) कार्बन उपचयित हो रहा है। (d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।
(i) (a) एवं (b)
(ii) (a) एवं (c)
(iii) (a), (b) एवं (c)
(iv) सभी
✅ सही विकल्प: (i) (a) एवं (b) असत्य हैं।
(स्पष्टीकरण: इस अभिक्रिया में लेड ऑक्साइड (PbO) अपचयित होकर Pb बना रहा है तथा कार्बन (C) उपचयित होकर CO2 बना रहा है। अतः कथन (a) और (b) गलत/असत्य हैं।)
प्रश्न 2 Fe2O3 + 2Al → Al2O3 + 2Fe ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है?
(a) संयोजन अभिक्रिया
(b) द्विविस्थापन अभिक्रिया
(c) वियोजन अभिक्रिया
(d) विस्थापन अभिक्रिया
✅ उत्तर: (d) विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)
(स्पष्टीकरण: ऐलुमिनियम अधिक क्रियाशील धातु होने के कारण आयरन ऑक्साइड से आयरन को विस्थापित कर रही है। इसे थर्मिट अभिक्रिया भी कहते हैं।)
प्रश्न 3 लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए।
(a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।
(b) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रोक्साइड बनता है।
(c) कोई अभिक्रिया नहीं होती है।
(d) आयरन लवण एवं जल बनता है।
✅ उत्तर: (a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।
(समीकरण: Fe(s) + 2HCl(aq) → FeCl2(aq) + H2(g)↑)
प्रश्न 4 संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
1. संतुलित रासायनिक समीकरण (Balanced Chemical Equation):
जिस रासायनिक समीकरण में तीर के निशान के दोनों ओर अर्थात् अभिकारकों (Reactants) और उत्पादों (Products) में प्रत्येक तत्व के कुल परमाणुओं की संख्या बिल्कुल समान होती है, उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं।

2. संतुलित करने की अनिवार्यता:
रसायन विज्ञान के मूलभूत द्रव्यमान संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Mass) के अनुसार किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में न तो द्रव्यमान का निर्माण किया जा सकता है और न ही विनाश। अर्थात् अभिक्रिया के पूर्व अभिकारकों का कुल द्रव्यमान अभिक्रिया के पश्चात उत्पादों के कुल द्रव्यमान के ठीक बराबर होना चाहिए। यह तभी संभव है जब दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर हो। इसलिए समीकरण को संतुलित करना आवश्यक होता है।
प्रश्न 5 निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए:
  • (a) नाइट्रोजन हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाता है:
    N2(g) + 3H2(g) → 2NH3(g)
  • (b) हाइड्रोजन सल्फाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फर डाइऑक्साइड बनता है:
    2H2S(g) + 3O2(g) → 2H2O(l) + 2SO2(g)
  • (c) ऐलुमिनियम सल्फेट के साथ अभिक्रिया कर बेरियम क्लोराइड, ऐलुमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फेट का अवक्षेप देता है:
    3BaCl2(aq) + Al2(SO4)3(aq) → 3BaSO4(s)↓ + 2AlCl3(aq)
  • (d) पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रोक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है:
    2K(s) + 2H2O(l) → 2KOH(aq) + H2(g)↑
प्रश्न 6 निम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए:
  • (a) HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + H2O
    2HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + 2H2O
  • (b) NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + H2O
    2NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O
  • (c) NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3
    NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3 (यह समीकरण पहले से संतुलित है)
  • (d) BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + HCl
    BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + 2HCl
प्रश्न 7 निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:
  • (a) कैल्सियम हाइड्रोक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्सियम कार्बोनेट + जल
    Ca(OH)2(aq) + CO2(g) → CaCO3(s)↓ + H2O(l)
  • (b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर
    Zn(s) + 2AgNO3(aq) → Zn(NO3)2(aq) + 2Ag(s)↓
  • (c) ऐलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड → ऐलुमिनियम क्लोराइड + कॉपर
    2Al(s) + 3CuCl2(aq) → 2AlCl3(aq) + 3Cu(s)↓
  • (d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड
    BaCl2(aq) + K2SO4(aq) → BaSO4(s)↓ + 2KCl(aq)
प्रश्न 8 निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए:
  • (a) पोटैशियम ब्रोमाइड(aq) + बेरियम आयोडाइड(aq) → पोटैशियम आयोडाइड(aq) + बेरियम ब्रोमाइड(s)
    2KBr(aq) + BaI2(aq) → 2KI(aq) + BaBr2(s)
    प्रकार: द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement)
  • (b) जिंक कार्बोनेट(s) → जिंक ऑक्साइड(s) + कार्बन डाइऑक्साइड(g)
    ZnCO3(s)  —ऊष्मा→  ZnO(s) + CO2(g)↑
    प्रकार: ऊष्मीय वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया (Thermal Decomposition)
  • (c) हाइड्रोजन(g) + क्लोरीन(g) → हाइड्रोजन क्लोराइड(g)
    H2(g) + Cl2(g) → 2HCl(g)
    प्रकार: संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)
  • (d) मैग्नीशियम(s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल(aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड(aq) + हाइड्रोजन(g)
    Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl2(aq) + H2(g)↑
    प्रकार: विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)
प्रश्न 9 ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।
1. ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction):
जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में उत्पादों के निर्माण के साथ-साथ भारी मात्रा में ऊष्मा (ऊर्जा) मुक्त होती है, उन्हें ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण: प्राकृतिक गैस (मीथेन) का दहन:
CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + प्रचुर ऊष्मा ऊर्जा
2. ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction):
जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में अभिकारकों के बंधों को तोड़ने के लिए ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत ऊर्जा का अवशोषण होता है, उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण: कैल्शियम कार्बोनेट का ऊष्मीय अपघटन:
CaCO3(s) + ऊष्मा → CaO(s) + CO2(g)
प्रश्न 10 श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर: जीवन संचालन हेतु हमारे शरीर को निरंतर ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
  • हम जो भोजन ग्रहण करते हैं (जैसे चावल, आलू, रोटी), उनके पाचन के फलस्वरूप जटिल कार्बोहाइड्रेट्स सरल ग्लूकोस (C6H12O6) में टूट जाते हैं।
  • यह ग्लूकोस रक्त द्वारा शरीर की प्रत्येक कोशिका में पहुँचता है, जहाँ श्वसन द्वारा ग्रहण की गई ऑक्सीजन (O2) के साथ इसका मंद दहन (ऑक्सीकरण) होता है।
  • इस प्रक्रम में कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनने के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में ऊर्जा (ATP) मुक्त होती है, जो हमारे शरीर के तापमान को बनाए रखती है और सभी जैविक क्रियाओं को चलाती है।
चूँकि इस अभिक्रिया में ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, अतः श्वसन एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Process) है:
C6H12O6(aq) + 6O2(aq) → 6CO2(aq) + 6H2O(l) + ऊर्जा (38 ATP)
प्रश्न 11 वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।
उत्तर:
  • संयोजन अभिक्रिया: इसमें दो या दो से अधिक अभिकारक परस्पर जुड़कर एकल नया उत्पाद बनाते हैं (A + B → AB)।
    2Mg(s) + O2(g) → 2MgO(s)
  • वियोजन अभिक्रिया: इसके बिल्कुल विपरीत, इसमें एकल अभिकारक ऊर्जा (ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत) पाकर टूटकर दो या दो से अधिक सरल उत्पादों में विघटित हो जाता है (AB → A + B)।
    2FeSO4(s)  —ऊष्मा→  Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g)
चूँकि दोनों अभिक्रियाओं के क्रियाविधि पथ एक-दूसरे के ठीक उल्टे होते हैं, इसलिए वियोजन को संयोजन के विपरीत माना जाता है।
प्रश्न 12 उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है:
उत्तर:
  • (i) ऊष्मा द्वारा वियोजन (ऊष्मीय अपघटन):
    CaCO3(s)  —ऊष्मा (Δ)→  CaO(s) + CO2(g)↑
  • (ii) प्रकाश द्वारा वियोजन (प्रकाशीय अपघटन):
    2AgBr(s)  —सूर्य का प्रकाश→  2Ag(s) [धूसर] + Br2(g)
    (इस अभिक्रिया का उपयोग श्याम-श्वेत फोटोग्राफी में होता है)
  • (iii) विद्युत द्वारा वियोजन (विद्युत अपघटन):
    2H2O(l)  —विद्युत धारा→  2H2(g)↑ + O2(g)↑
प्रश्न 13 विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।
उत्तर:
तुलना का बिंदु विस्थापन अभिक्रिया (Displacement) द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Disp.)
क्रियाविधि एक अधिक सक्रिय तत्व कम सक्रिय तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित करता है। दो यौगिकों के बीच आयनों का परस्पर विनिमय (अदला-बदली) होता है।
भाग लेने वाले पदार्थ एक तत्व और एक यौगिक। दोनों ही अभिकारक आयनिक यौगिक होते हैं।
समीकरण Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4↓ + 2NaCl
प्रश्न 14 सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर: कॉपर (Cu) सक्रियता श्रेणी में सिल्वर (Ag) से ऊपर स्थित होने के कारण अधिक अभिक्रियाशील है। जब सिल्वर नाइट्रेट के रंगहीन विलयन में कॉपर धातु डाली जाती है, तो कॉपर सिल्वर को शुद्ध धातु के रूप में विस्थापित कर देता है:
Cu(s) + 2AgNO3(aq) → Cu(NO3)2(aq) [नीला] + 2Ag(s)↓ [चमकीला सफेद]
प्रश्न 15 अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर: अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction):
जिस रासायनिक अभिक्रिया में दो विलेय जलीय लवण विलयनों के मिलने पर एक अघुलनशील ठोस पदार्थ का निर्माण होता है, जो विलयन में नीचे बैठ जाता है, उसे अवक्षेप (Precipitate) कहते हैं और ऐसी अभिक्रिया को अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं।

उदाहरण: जब सोडियम सल्फेट विलयन में बेरियम क्लोराइड विलयन मिलाया जाता है, तो बेरियम सल्फेट (BaSO4) का सफेद अवक्षेप तुरंत प्राप्त होता है:
Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s)↓ (सफेद अवक्षेप) + 2NaCl(aq)
प्रश्न 16 ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दीजिए: (a) उपचयन, (b) अपचयन

(a) उपचयन (ऑक्सीकरण / Oxidation):

किसी रासायनिक अभिक्रिया में किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का जुड़ना अथवा हाइड्रोजन का निष्कासित होना उपचयन कहलाता है।
  • उदाहरण 1: 2Cu(s) + O2(g)  —Δ→  2CuO(s) (कॉपर का उपचयन)
  • उदाहरण 2: C(s) + O2(g) → CO2(g) (कार्बन का उपचयन)

(b) अपचयन (Reduction):

किसी रासायनिक अभिक्रिया में किसी पदार्थ से ऑक्सीजन का ह्रास (निकलना) अथवा हाइड्रोजन का जुड़ना अपचयन कहलाता है।
  • उदाहरण 1: CuO(s) + H2(g)  —Δ→  Cu(s) + H2O(l) (CuO का अपचयन Cu में)
  • उदाहरण 2: ZnO(s) + C(s) → Zn(s) + CO(g) (ZnO का अपचयन Zn में)
प्रश्न 17 एक भूरे रंग का चमकदार तत्व 'X' को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व 'X' एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।
उत्तर:
  • भूरे रंग के चमकदार तत्व 'X' का नाम: कॉपर / ताँबा (Cu)
  • काले रंग के यौगिक का नाम: कॉपर(II) ऑक्साइड (CuO)
रासायनिक समीकरण: जब तांबे को वायु में गर्म किया जाता है, तो यह ऑक्सीजन से क्रिया करके काले रंग की कॉपर ऑक्साइड की परत बनाता है:
2Cu(s) [भूरा चमकदार] + O2(g)  —ऊष्मा (Δ)→  2CuO(s) [काला रंग]
प्रश्न 18 लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?
उत्तर: लोहा (Fe) नम वायुमंडल में उपस्थित ऑक्सीजन तथा जलवाष्प (नमी) से धीमी रासायनिक क्रिया करके जंग (जलयोजित फेरिक ऑक्साइड — Fe2O3·xH2O) बनाता है। यह जंग पपड़ीदार होकर छूटती रहती है और धातु धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है (संक्षारण)।
लोहे की वस्तुओं पर पेंट की परत चढ़ा देने से लोहे की सतह का वायु तथा नमी से सीधा संपर्क पूरी तरह कट जाता है। फलस्वरूप संक्षारण की रासायनिक क्रिया नहीं हो पाती और लोहे की वस्तुएं जंग लगने से सुरक्षित बनी रहती हैं।
प्रश्न 19 तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है?
उत्तर: तेल तथा वसायुक्त खाद्य पदार्थ (जैसे आलू के चिप्स, नमकीन) जब लंबे समय तक वायु में उपस्थित ऑक्सीजन के संपर्क में रहते हैं, तो उनका धीमा उपचयन (ऑक्सीकरण) हो जाता है।
उपचयन के कारण उनके स्वाद और गंध में अरुचिकर व दुर्गंधयुक्त परिवर्तन आ जाता है, जिसे विकृतगंधिता (Rancidity) कहते हैं।
नाइट्रोजन (N2) एक अत्यंत कम क्रियाशील (अक्रिय) प्रति-ऑक्सीकारक (Antioxidant) गैस है। खाद्य पदार्थों के पैकेटों में से हवा (ऑक्सीजन) निकालकर नाइट्रोजन गैस भर देने से खाद्य पदार्थों का उपचयन नहीं होता और वे लंबे समय तक कुरकुरे, ताजे व सुरक्षित बने रहते हैं।
प्रश्न 20 निम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए: (a) संक्षारण, (b) विकृतगंधिता

(a) संक्षारण (Corrosion):

जब कोई धातु अपने आसपास उपस्थित नमी, वायु, अम्लों या गैसों के संपर्क में आती है, तो उसकी खुली सतह पर अवांछित यौगिकों (ऑक्साइड, कार्बोनेट, सल्फाइड) की परत जम जाती है और धातु धीरे-धीरे क्षय होकर कमजोर हो जाती है। इस हानिकारक प्रक्रम को संक्षारण कहते हैं।
  • उदाहरण: लोहे पर लाल-भूरे रंग की जंग का लगना, नम वायु में ताँबे की सतह पर हरे रंग की बेसिक कॉपर कार्बोनेट की परत जमना, तथा चाँदी का वायु में हाइड्रोजन सल्फाइड के कारण काला पड़ जाना (Ag2S)।

(b) विकृतगंधिता (Rancidity):

वसा अथवा तेल में तले गए खाद्य पदार्थों के वायुमंडलीय ऑक्सीजन द्वारा उपचयित (ऑक्सीकृत) हो जाने पर उनकी मूल गंध और स्वाद का पूरी तरह विकृत (खराब व दुर्गंधयुक्त) हो जाना विकृतगंधिता कहलाता है।
  • उदाहरण: मक्खन या तेल में बनी खाद्य सामग्री को लंबे समय तक खुला रखने पर उसमें से तीव्र खट्टी-अप्रिय दुर्गंध आने लगना और उसका स्वाद कड़वा हो जाना।
💡 बिहार बोर्ड परीक्षा उपयोगी टिप: इस अध्याय से रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना (Hit and Trial Method), संयोजन व वियोजन में अंतर, विस्थापन व द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ, तथा "श्वसन को ऊष्माक्षेपी क्यों कहते हैं?" 2 अंक और 5 अंक के प्रश्नों में अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। सभी रासायनिक सूत्रों और संकेतों को लिखकर अभ्यास अवश्य करें!

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