Chapter 9. आविन्यों | BSEB 10 Hindi Notes


पाठ 9: आविन्यों

बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं हिंदी (गोधूलि भाग-2, गद्य खंड) | सम्पूर्ण नोट्स

1. पाठ का संक्षिप्त परिचय (Overview)

  • पाठ का नाम: आविन्यों
  • विधा: ललित गद्य / यात्रा-वृतांतपरक संस्मरण एवं कविता
  • लेखक: अशोक वाजपेयी
  • संकलन स्रोत: लेखक के गद्य एवं कविता के सर्जनात्मक संग्रह 'आविन्यों' से संकलित।
  • मूल भाव: दक्षिणी फ्रांस के रोन नदी के किनारे बसे एक मध्ययुगीन ईसाई मठ (ला शत्रूज़) में लेखक के 19 दिनों के एकांत रचनात्मक प्रवास का जीवंत चित्रण। यह पाठ स्थान, परिवेश, स्थापत्य कला, नदी और कविता के अंतर्संबंधों तथा वैश्विक सांस्कृतिक चेतना को उजागर करता है।

2. लेखक परिचय (अशोक वाजपेयी)

  • जन्म: 16 जनवरी 1941 ई० को दुर्ग (छत्तीसगढ़) में।
  • मूल निवास: सागर (मध्य प्रदेश)।
  • माता-पिता: माता—निर्मला देवी, पिता—परमानंद वाजपेयी।
  • शिक्षा:
    • प्रारंभिक शिक्षा: गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, सागर।
    • उच्च शिक्षा: सागर विश्वविद्यालय से बी० ए० तथा सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली से अंग्रेज़ी में एम० ए०।
  • पेशा/कार्य:
    • भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के उच्च पदों पर कार्यरत रहे।
    • महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के प्रथम कुलपति पद से सेवानिवृत्त।
    • दिल्ली में भारत सरकार की 'कला अकादमी' के निदेशक रहे।
  • प्रमुख कृतियाँ:
    • कविता संकलन: 'शहर अब भी संभावना है', 'एक पतंग अनंत में', 'तत्पुरुष', 'कहीं नहीं वहीं', 'बहुरि अकेला', 'थोड़ी सी जगह', 'दुख चिट्ठीरसा है'।
    • आलोचना पुस्तकें: 'फिलहाल', 'कुछ पूर्वरह', 'समय से बाहर', 'कविता का गल्प', 'कवि कह गया है'।
    • संपादित पुस्तकें: 'तीसरा साक्ष्य', 'साहित्य विनोद', 'कला विनोद', 'कविता का जनपद'।
    • संपादित पत्रिकाएँ: 'समवेत', 'पहचान', 'पूर्वग्रह', 'बहुवचन', 'कविता एशिया', 'समास' आदि।
  • पुरस्कार एवं सम्मान: साहित्य अकादेमी पुरस्कार, दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान तथा फ्रेंच सरकार द्वारा 'ऑफिसर आव् द आर्डर आव् क्रॉस 2004' सम्मान।

3. पाठ का विस्तृत सारांश (Summary & Context Breakdown)

1. आविन्यों और रंग-समारोह का परिचय:
  • 'आविन्यों' दक्षिणी फ्रांस में रोन नदी के किनारे बसा एक पुराना ऐतिहासिक शहर है।
  • यह कभी कुछ समय के लिए पोप की राजधानी था।
  • गर्मियों में यहाँ फ्रांस और यूरोप का अत्यंत प्रसिद्ध और लोकप्रिय रंग-समारोह प्रतिवर्ष आयोजित होता है।
  • लेखक पीटर ब्रुक के बहुचर्चित नाटक 'महाभारत' की प्रस्तुति देखने के आमंत्रण पर पहली बार आविन्यों गए थे।
2. विलनव ल आविन्यों और 'ला शत्रूज़' (ईसाई मठ):
  • रोन नदी के दूसरी ओर आविन्यों का एक नया हिस्सा है जिसे 'विलनव ल आविन्यों' (अर्थात् आविन्यों का नया गाँव/बस्ती) कहते हैं।
  • फ्रेंच शासकों ने पोप की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए एक किला बनवाया था, जिसमें कार्थ्यूसियन संप्रदाय का एक ईसाई मठ बना—जिसे 'ला शत्रूज़' कहा जाता है।
  • 14वीं सदी से फ्रेंच क्रांति तक यह मठ धार्मिक उपयोग में रहा। बाद में साधारण लोगों ने इस पर कब्जा कर लिया। 20वीं सदी की शुरुआत में इसका जीर्णोद्धार कर इसे एक कला-केंद्र के रूप में संरक्षित किया गया।
  • यहाँ नाटककार, अभिनेता, रंगकर्मी और संगीतकार एकांत में रहकर रचनात्मक कार्य करते हैं।
3. लेखक का 19 दिनों का रचनात्मक प्रवास:
  • फ्रेंच सरकार के सौजन्य से लेखक अशोक वाजपेयी को ला शत्रूज़ में रहने का न्योता मिला।
  • लेखक वहाँ 24 अक्टूबर से 10 नवंबर 1994 तक (कुल 19 दिन) रहे।
  • वे अपने साथ हिंदी का टाइपराइटर, 3-4 पुस्तकें और कुछ संगीत के टेप्स ले गए थे।
  • इन 19 दिनों के पूर्ण एकांत में लेखक ने 35 कविताएँ और 27 गद्य रचनाएँ लिखीं।
4. कला और आविन्यों का संबंध:
  • आविन्यों फ्रांस का एक प्रमुख कला-केंद्र रहा है। प्रसिद्ध चित्रकार पिकासो की विख्यात कृति का शीर्षक है—'ल मादा मोजेल द आविन्यों'।
  • अति यथार्थवादी कवयित्री आन्द्रे ब्रेताँ, रेने शॉ और पाल एलुआर ने मिलकर लगभग 30 संयुक्त कविताएँ आविन्यों में साथ रहकर लिखी थीं।

4. पाठ में शामिल रचनाओं का भावार्थ (Bhavarth)

(क) कविता: 'प्रतीक्षा करते हैं पत्थर'

भावार्थ: कवि कहते हैं कि आविन्यों के पुराने पत्थरों को देखकर लगता है मानो वे किसी देवता या काल की नहीं, बल्कि न जाने किसकी मौन प्रतीक्षा कर रहे हैं। वे धैर्यपूर्वक धूप, बारिश, गिरती पत्तियों और बियाबान रातों के अंधेरे को सहते हुए बिना माथा झुकाए प्रार्थना करते हैं। बिना बोले और बिना पसीजे ये पत्थर सदियों से मौन साधना में लीन होकर स्वयं एक मूक कविता रच रहे हैं।

(ख) गद्य: 'नदी के किनारे भी नदी है'
भावार्थ:
  • लेखक रोन नदी के तट पर बैठकर अनुभव करते हैं कि नदी के जलप्रवाह को एकटक देखते रहने पर लगता है कि जल स्थिर है और तट बह रहा है। नदी के पास होना नदीमय हो जाना है।
  • लेखक नदी की तुलना 'कविता' से करते हैं। जैसे सदियों से विभिन्न दिशाओं से जल आकर नदी में मिलता है और वह कभी जल-रिक्त नहीं होती, वैसे ही कविता में विभिन्न जीवन-छवियाँ, शब्द और बिंब आकर समाहित होते हैं और वह कभी शब्द-रिक्त नहीं होती।
  • नदी और कविता दोनों ही मनुष्य की नश्वरता को अमरता (अनंतता) से जोड़ती हैं।

5. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (Important One-Liners)

  • 'आविन्यों' पाठ के लेखक कौन हैं — अशोक वाजपेयी
  • अशोक वाजपेयी का जन्म कब और कहाँ हुआ — 16 जनवरी 1941 ई० को दुर्ग (छत्तीसगढ़) में
  • लेखक का मूल निवास कहाँ था — सागर (मध्य प्रदेश)
  • लेखक की माता का नाम निर्मला देवी और पिता का नाम परमानंद वाजपेयी था।
  • महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति कौन रहे — अशोक वाजपेयी
  • फ्रेंच सरकार ने अशोक वाजपेयी को किस सम्मान से नवाजा — 'ऑफिसर आव् द आर्डर आव् क्रॉस 2004'
  • आविन्यों किस देश में स्थित है — दक्षिणी फ्रांस में
  • आविन्यों किस नदी के किनारे बसा है — रोन नदी के किनारे
  • आविन्यों में पहले किसकी राजधानी थी — पोप की
  • आविन्यों में कौन-सा विश्वप्रसिद्ध आयोजन प्रतिवर्ष होता है — रंग-समारोह (थिएटर फेस्टिवल)
  • पीटर ब्रुक का कौन-सा विवादस्पद नाटक आविन्यों में प्रस्तुत हुआ — 'महाभारत'
  • 'विलनव ल आविन्यों' का क्या अर्थ है — आविन्यों का नया गाँव (नई बस्ती)
  • कार्थ्यूसियन संप्रदाय का ईसाई मठ किस नाम से जाना जाता है — 'ला शत्रूज़'
  • लेखक ला शत्रूज़ में कब से कब तक रहे — 24 अक्टूबर से 10 नवंबर 1994 (कुल 19 दिन)
  • लेखक अपने साथ क्या-क्या सामान ले गए थे — हिंदी का टाइपराइटर, 3-4 पुस्तकें और संगीत के कुछ टेप्स
  • 19 दिनों के प्रवास में लेखक ने कुल कितनी रचनाएँ लिखीं — 35 कविताएँ और 27 गद्य रचनाएँ
  • विख्यात पेंटिंग 'ल मादा मोजेल द आविन्यों' के चित्रकार कौन हैं — पिकासो
  • लेखक ने नदी की तुलना किससे की है — कविता से
  • "नदी-चेहरा लोगों से मिलने जाने की बात" किस कवि ने अपनी कविता में कही है — विनोद कुमार शुक्ल ने

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