BSEB Class 10 Hindi Chapter 7 "हिरोशिमा" PDF Download
बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए हिंदी (गोधूलि भाग-2) काव्य खंड का अध्याय 7 "हिरोशिमा" (Hiroshima) एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक चेतना से परिपूर्ण कविता है। यदि आप इस पाठ की PDF को ऑनलाइन पढ़ना चाहते हैं या डाउनलोड करना चाहते हैं, तो नीचे एम्बेडेड PDF व्यूअर और डाउनलोड बटन दिया गया है।
| बोर्ड (Board) | बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) |
|---|---|
| कक्षा (Class) | 10वीं (Class 10th) |
| विषय (Subject) | हिंदी (गोधूलि भाग-2 - काव्य खंड) |
| अध्याय (Chapter) | अध्याय 7 (Chapter 7) - हिरोशिमा |
| कवि (Poet) | सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' |
पाठ का सारांश (Chapter Overview)
'हिरोशिमा' प्रयोगवाद के प्रवर्तक तथा आधुनिक हिंदी साहित्य के महान कवि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' द्वारा रचित एक प्रभावशाली कविता है। यह कविता द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जापान के हिरोशिमा नगर पर अमेरिका द्वारा गिराए गए परमाणु बम की भयानक त्रासदी और मानवीय विभीषिका को दर्शाती है।
कवि कहते हैं कि एक दिन सूरज क्षितिज (आकाश) से नहीं, बल्कि हिरोशिमा नगर के चौक पर अचानक उगा—यह सूरज वस्तुतः अमेरिका द्वारा गिराया गया अणुबम था। इस बम के विस्फोट से इतनी प्रचंड ज्वाला और गर्मी निकली कि पल भर में इंसानों की छायाएँ तक भाप बनकर उड़ गईं। सड़कों और पत्थरों पर झुलसे हुए इंसानों के निशान (छायाएँ) आज भी मानव की इस त्रासदी और आधुनिक विज्ञान के दुरुपयोग की साक्ष्य (गवाही) दे रहे हैं।
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परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Points)
- 'हिरोशिमा' कविता के रचयिता कौन हैं? - सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय'।
- कविता में 'सूरज' किसे कहा गया है? - हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम (अणुबम) को।
- इंसानों की छायाएँ कहाँ और किस रूप में उपस्थित हैं? - इंसानों की छायाएँ हिरोशिमा की झुलसी हुई चट्टानों और सड़कों की दरारों पर साक्ष्य के रूप में आज भी मौजूद हैं।
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