BSEB Class 10 Hindi Chapter 11 "नौबतखाने में इबादत" PDF Download
बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए हिंदी (गोधूलि भाग-2) गद्य खंड का अध्याय 11 "नौबतखाने में इबादत" (Naubatkhane Mein Ibadat) प्रसिद्ध शहनाई वादक भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ के जीवन पर आधारित एक प्रेरणादायी व्यक्तिचित्र है। यदि आप इस पाठ की PDF को ऑनलाइन पढ़ना चाहते हैं या डाउनलोड करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए एम्बेडेड PDF व्यूअर और डाउनलोड बटन का उपयोग कर सकते हैं।
| बोर्ड (Board) | बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) |
|---|---|
| कक्षा (Class) | 10वीं (Class 10th) |
| विषय (Subject) | हिंदी (गोधूलि भाग-2 - गद्य खंड) |
| अध्याय (Chapter) | अध्याय 11 (Chapter 11) - नौबतखाने में इबादत |
| लेखक (Author) | यतीन्द्र मिश्र (Yatindra Mishra) |
| विधा (Genre) | व्यक्तिचित्र (Personality Profile) |
पाठ का सारांश (Chapter Overview)
'नौबतखाने में इबादत' प्रसिद्ध युवा रचनाकार यतीन्द्र मिश्र द्वारा रचित एक संस्मरणात्मक व्यक्तिचित्र है। इसमें शहनाई के जादूगर उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ (बचपन का नाम: अमीरुद्दीन) की सादगी, संगीत के प्रति उनकी गहरी साधना और गंगा-जमुनी तहज़ीब का अनुपम वर्णन किया गया है।
बिस्मिल्ला ख़ाँ का जन्म बिहार के दुमराँव में हुआ था, जहाँ शहनाई में प्रयुक्त होने वाली 'नरकट' (रीड) सोन नदी के किनारे मिलती है। बाद में वे काशी (वाराणसी) आ गए। वे जितने पक्के नमाजी थे, उतने ही अनन्य बाबा विश्वनाथ और संकटमोचन हनुमान के भक्त भी थे। मुहर्रम के दिनों में वे आठ दिनों तक शहनाई नहीं बजाते थे और केवल शोक व्यक्त करते थे। भारत रत्न से सम्मानित होने के बावजूद वे अत्यंत सादा जीवन जीते थे और ईश्वर से हमेशा केवल 'सच्चा सुर' मांगते थे।
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परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Points)
- 'नौबतखाने में इबादत' पाठ के लेखक कौन हैं? - यतीन्द्र मिश्र।
- उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ के बचपन का नाम क्या था? - अमीरुद्दीन।
- बिस्मिल्ला ख़ाँ का जन्म कहाँ हुआ था? - दुमराँव (बिहार) में।
- दुमराँव का शहनाई से क्या संबंध है? - शहनाई बजाने के लिए जिस 'रीड' (नरकट) का प्रयोग होता है, वह दुमराँव में सोन नदी के किनारे पाई जाती है।
- बिस्मिल्ला ख़ाँ ईश्वर से क्या माँगते थे? - वे ईश्वर से हमेशा सच्चा सुर माँगते थे।
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