BSEB Class 10 Hindi (वर्णिका भाग-2)
अध्याय 1: दही वाली मंगम्मा | Full Chapter Book PDF
- पाठ का नाम: दही वाली मंगम्मा
- विधा: कन्नड़ कहानी
- लेखक: श्रीनिवास (मास्ती वेंकटेश अय्यंगार)
- अनुवादक: बी. आर. नारायण
- मुख्य पात्र: मंगम्मा (दही बेचने वाली वृद्धा), नंजम्मा (बहू), रंगप्पा (जुआरी), बेटा, पोता और माँ जी (कथावाचिका)
- बोर्ड: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB Patna)
पाठ का सारांश (Summary)
"दही वाली मंगम्मा" कन्नड़ साहित्य के प्रसिद्ध कथाकार श्रीनिवास द्वारा रचित एक अत्यंत लोकप्रिय और यथार्थवादी कहानी है। यह कहानी वेंकटपुर गाँव की रहने वाली एक स्वाभिमानी महिला मंगम्मा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बेंगलुरु शहर में घूम-घूमकर दही बेचती है।
पोते की पिटाई को लेकर मंगम्मा और उसकी बहू नंजम्मा के बीच विवाद हो जाता है, जिसके कारण मंगम्मा अपने बेटे-बहू से अलग रहने लगती है। अकेलेपन और अलग रहने का फायदा उठाकर गाँव का जुआरी रंगप्पा मंगम्मा से पैसे ऐंठने और उस पर बुरी नज़र डालने की कोशिश करता है। जब बहू नंजम्मा को इस खतरे का आभास होता है, तो वह बुद्धिमानी से अपने छोटे बेटे (पोते) को मंगम्मा के पास भेजकर सुलह करवा लेती है और परिवार पुनः एक हो जाता है।
NCERT / BSEB Hindi Book Chapter 1 PDF
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महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न (Exam Important Questions)
- मंगम्मा का अपनी बहू नंजम्मा के साथ किस बात को लेकर विवाद था?
- रंगप्पा कौन था और वह मंगम्मा से क्या चाहता था?
- बहू ने सास (मंगम्मा) को मनाने के लिए कौन-सा तरीका अपनाया?
- मंगम्मा का चरित्र-चित्रण संक्षेप में कीजिए।
- 'दही वाली मंगम्मा' कहानी में कथावाचिका (माँ जी) की क्या भूमिका है?
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