Chapter 4. संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः | BSEB 10 Sanskrit Subjective


BSEB Class 10 Sanskrit Chapter 4 - संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः Subjective Questions

बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10 संस्कृत

पीयूषम् (भाग-2) | चतुर्थः पाठः – "संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः"

महत्वपूर्ण विषयनिष्ठ (Subjective) प्रश्नोत्तर

लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक वाले)
प्र. 1 'संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः' पाठ में समाज की तुलना किससे की गई है?
इस पाठ के अनुसार समाज रूपी गाड़ी पुरुषों और नारियों (स्त्रियों) दोनों के समान योगदान से चलती है।
प्र. 2 वैदिक काल में ऋग्वेद और अथर्ववेद में कितनी ऋषिकाओं (लेखिकाओं) का उल्लेख मिलता है?
ऋग्वेद में चौबीस (24) तथा अथर्ववेद में पाँच (5) मन्त्रद्रष्टा ऋषिकाओं का उल्लेख मिलता है।
प्र. 3 अथर्ववेद की पाँच प्रसिद्ध ऋषिकाओं के नाम लिखें।
यमी, अपाला, उर्वशी, इन्द्राणी और वागाम्भृणी।
प्र. 4 बृहदारण्यकोपनिषद् में याज्ञवल्क्य की पत्नी के रूप में किसका वर्णन है?
बृहदारण्यकोपनिषद् में याज्ञवल्क्य की पत्नी मैत्रेयी का दार्शनिक रुचि वाली स्त्री के रूप में वर्णन है।
प्र. 5 याज्ञवल्क्य ने अपनी पत्नी मैत्रेयी को किस तत्त्व की शिक्षा दी थी?
याज्ञवल्क्य ने मैत्रेयी को 'आत्मतत्त्व' की शिक्षा दी थी।
प्र. 6 जनक की सभा में शास्त्रार्थकुशल कौन सी विदुषी महिला बैठती थीं?
राजा जनक की सभा में 'गार्गी वाचकनवी' बैठती थीं।
प्र. 7 लौकिक संस्कृत साहित्य में कितनी कवयित्रियों के कितने पद मिलते हैं?
लौकिक संस्कृत साहित्य में प्रायः 40 कवयित्रियों के लगभग 150 (सार्धशतम्) पद मिलते हैं।
प्र. 8 लौकिक संस्कृत साहित्य की प्रथम कल्पा कौन मानी जाती हैं?
लौकिक संस्कृत साहित्य की प्रथम कल्पा विजयाङ्का मानी जाती हैं।
प्र. 9 विजयाङ्का का वर्ण (रंग) कैसा था और उनकी तुलना किस फूल से की गई है?
विजयाङ्का का वर्ण श्याम (साँवला) था और उनकी तुलना 'नीलोत्पल' (नीले कमल) के पंखुड़ी से की गई है।
प्र. 10 दण्डी ने किसे 'सर्वशुक्ला सरस्वती' कहा है और क्यों?
महाकवि दण्डी ने विजयाङ्का को 'सर्वशुक्ला सरस्वती' कहा है, हालाँकि उनका वर्ण श्याम था, किंतु उनकी काव्य रचनाएँ अत्यंत अलौकिक और प्रभावकारी थीं।
प्र. 11 विजयाङ्का का समय (काल) क्या माना जाता है?
विजयाङ्का का काल आठवीं शताब्दी (अष्टमशतकम्) माना जाता है।
प्र. 12 चालुक्यवंशीय राजा चन्द्रादित्य की रानी कौन थीं?
चालुक्यवंशीय राजा चन्द्रादित्य की रानी विजयभट्टारिका थीं, जिन्हें ही बहुसंख्यक विद्वान विजयाङ्का मानते हैं।
प्र. 13 दक्षिण भारत की प्रमुख संस्कृत लेखिकाओं के नाम लिखें।
शीला भट्टारिका, देवकुमारिका और रामभद्राम्बा आदि दक्षिण भारतीय लेखिकाएँ प्रसिद्ध हैं।
प्र. 14 विजयनगर साम्राज्य के राजाओं का संस्कृत भाषा के संरक्षण में क्या योगदान था?
विजयनगर के राजाओं ने संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए तथा उनके अंतःपुर में भी कुशल लेखिकाएँ थीं।
प्र. 15 कम्पणराय की पत्नी गंगादेवी ने किस महाकाव्य की रचना की?
14वीं शताब्दी की रानी गंगादेवी ने अपने स्वामी की मधुरै-विजय घटना पर आधारित 'मधुराविजसम्' महाकाव्य की रचना की।
प्र. 16 राजा अच्युतराय की रानी तिरुमलाम्बा की प्रसिद्ध रचना कौन-सी है?
16वीं शताब्दी में तिरुमलाम्बा ने 'वरदाम्बिकापरिणय' नामक प्रौढ़ चम्पूकाव्य की रचना की।
प्र. 17 'वरदाम्बिकापरिणय' चम्पूकाव्य की भाषागत विशेषता क्या है?
इसमें सुंदर संस्कृत गद्य की छटा तथा संस्कृत साहित्य का सबसे लंबा समस्तपद (दीर्घतम समस्तपद) प्रयुक्त हुआ है।
प्र. 18 आधुनिक काल की संस्कृत लेखिकाओं में सबसे अधिक प्रसिद्ध कौन हैं?
आधुनिक काल की लेखिकाओं में विदुषी पण्डिता क्षमाराव (1890-1953 ई०) सर्वप्रमुख और प्रसिद्ध हैं।
प्र. 19 पण्डिता क्षमाराव ने अपने पिता के जीवन पर किस ग्रन्थ की रचना की?
उन्होंने अपने पिता विद्वान शंकरपाण्डुरङ्ग पण्डित की जीवनी पर 'शंकरचरितम्' नामक ग्रन्थ की रचना की।
प्र. 20 गाँधी दर्शन से प्रभावित होकर पण्डिता क्षमाराव ने किन-किन ग्रन्थों की रचना की?
उन्होंने 'सत्याग्रहगीता', 'मीरालहरी', 'कथामुक्तावली', 'विचित्रपरिषद्यात्रा' और 'ग्रामज्योति' जैसे गद्य-पद्य ग्रन्थों की रचना की।
प्र. 21 वर्तमान काल में संस्कृत साहित्य की पूर्ति करने वाली प्रमुख कवयित्रियों के नाम लिखें।
पुष्पा दीक्षित, वनमाला भवालकर, मिथलेश कुमारी मिश्र आदि वर्तमान काल की प्रमुख कवयित्री हैं।
प्र. 22 महाभारत में वेदान्त का अनुशीलन करने वाली किस विदुषी का वर्णन मिलता है?
महाभारत में 'सुलभा' नामक विदुषी का जीवनपर्यंत वेदान्त का अनुशीलन करने का वर्णन मिलता है।
प्र. 23 'गंगादेवी' का समय क्या माना जाता है?
गंगादेवी का समय 14वीं शताब्दी (चतुर्दशशतकम्) माना जाता है।
प्र. 24 'चम्पूकाव्य' किसे कहते हैं?
गद्य और पद्य के मिश्रित रूप से रचित काव्य को चम्पूकाव्य कहा जाता है (जैसे: 'वरदाम्बिकापरिणय')।
प्र. 25 ऋग्वेद में कितनी ऋषिकाएँ मन्त्रों की दर्शिका मानी गई हैं?
ऋग्वेद में 24 (चतुर्विंशति) ऋषिकाएँ मन्त्रों की दर्शिका मानी गई हैं।
प्र. 26 'नीलोत्पलदलस्यामां विजयाङ्कामजानता' श्लोक का अर्थ क्या है?
इसका अर्थ है कि नीले कमल की पंखुड़ियों के समान श्यामा वर्ण वाली विजयाङ्का को न जानते हुए ही दण्डी ने व्यर्थ ही सरस्वती को 'सर्वशुक्ला' कहा था।
प्र. 27 शास्त्रों की रचना और संरक्षण में पुरुषों के समान स्त्रियों का क्या योगदान रहा?
वैदिक काल से ही शास्त्रों की रचना, काव्यों के निर्माण और संरक्षण में पुरुषों के समान स्त्रियों ने भी अपना मन लगाकर अमूल्य योगदान दिया।
प्र. 28 पण्डिता क्षमाराव का जीवन काल कब से कब तक था?
पण्डिता क्षमाराव का जीवन काल 1890 से 1953 ईस्वी तक था।
प्र. 29 'मधुराविजयम्' में किस बात का वर्णन है?
इसमें रानी गंगादेवी के पति राजा कम्पणराय की मधुरै (तमिलनाडु) विजय की घटना का सुंदर काव्यात्मक वर्णन है।
प्र. 30 'संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः' पाठ से हमें क्या मुख्य संदेश मिलता है?
इस पाठ से संदेश मिलता है कि संस्कृत साहित्य के विकास और संवर्धन में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं का भी बहुत बड़ा और अतुलनीय योगदान रहा है।
दीर्घ उत्तरीय एवं व्याख्यात्मक प्रश्न (5 अंक वाले)
प्र. 31 'संस्कृतसाहित्ये लेखिकाः' पाठ का सारांश अपने शब्दों में लिखें।
संस्कृत साहित्य अत्यंत समृद्ध है। इसके संवर्धन में पुरुषों के समान स्त्रियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वैदिक काल में ऋग्वेद की 24 और अथर्ववेद की 5 ऋषिकाओं का उल्लेख मिलता है। उपनिषदों में मैत्रेयी, गार्गी और महाभारत में सुलभा प्रसिद्ध हैं। लौकिक संस्कृत साहित्य में प्रथम कल्पा विजयाङ्का, दक्षिण भारत की शीला भट्टारिका, देवकुमारिका आदि प्रसिद्ध हैं। मध्यकाल में विजयनगर साम्राज्य की गंगादेवी (मधुराविजयम्) और तिरुमलाम्बा (वरदाम्बिकापरिणय) ने उत्कृष्ट रचनाएँ कीं। आधुनिक काल में पण्डिता क्षमाराव और वर्तमान कवयित्रियों ने संस्कृत साहित्य को अत्यंत समृद्ध बनाया है।
प्र. 32 वैदिक काल और उपनिषद् काल की संस्कृत लेखिकाओं के योगदान का वर्णन करें।
वैदिक काल में मंत्रों के दर्शन में केवल पुरुष ऋषि ही नहीं, बल्कि स्त्रियाँ भी ऋषिका के रूप में योगदान देती थीं। ऋग्वेद में 24 तथा अथर्ववेद में यमी, अपाला, उर्वशी, इन्द्राणी जैसी 5 ऋषिकाएँ वर्णित हैं। उपनिषद् काल में बृहदारण्यकोपनिषद् में याज्ञवल्क्य की पत्नी मैत्रेयी आत्मतत्त्व की शिक्षा प्राप्त करती हैं। राजा जनक की सभा में गार्गी जैसी विदुषी बड़े-बड़े शास्त्रार्थियों को पराजित करती थीं तथा महाभारत में सुलभा का नाम उल्लेखनीय है।
प्र. 33 विजयनगर राज्य की संस्कृत लेखिकाओं और उनके ग्रन्थों का परिचय दें।
विजयनगर राज्य के राजा संस्कृत भाषा के महान संरक्षक थे। 14वीं शताब्दी में राजा कम्पणराय की पत्नी गंगादेवी ने अपने स्वामी की विजय यात्रा पर आधारित 'मधुराविजयम्' नामक प्रसिद्ध महाकाव्य लिखा। 16वीं शताब्दी में राजा अच्युतराय की पत्नी तिरुमलाम्बा ने 'वरदाम्बिकापरिणय' नामक एक श्रेष्ठ चम्पूकाव्य की रचना की, जो अपनी गद्य शैली और विशाल समस्त पदों के लिए विख्यात है।
प्र. 34 पण्डिता क्षमाराव का संस्कृत साहित्य में क्या योगदान है? विस्तृत वर्णन करें।
आधुनिक संस्कृत लेखिकाओं में पण्डिता क्षमाराव (1890-1953 ई०) का स्थान अत्यंत ऊँचा है। उन्होंने अपने विद्वान पिता शंकरपाण्डुरङ्ग के जीवन पर आधारित 'शंकरचरितम्' महाकाव्य लिखा। वे महात्मा गाँधी के विचारों से अत्यधिक प्रभावित थीं, जिसके कारण उन्होंने 'सत्याग्रहगीता', 'मीरालहरी', 'कथामुक्तावली', 'विचित्रपरिषद्यात्रा' और 'ग्रामज्योति' जैसे अनेक प्रसिद्ध गद्य और पद्य ग्रन्थों की रचना कर संस्कृत साहित्य की अपूर्व सेवा की।
प्र. 35 "सर्वशुक्ला सरस्वती" किसे कहा गया है और क्यों? पाठ के आलोक में स्पष्ट करें।
महाकवि दण्डी ने लौकिक संस्कृत साहित्य की प्रथम कल्पा विजयाङ्का को 'सर्वशुक्ला सरस्वती' कहा है। यद्यपि विजयाङ्का का वर्ण नीले कमल के समान श्याम (साँवला) था, किंतु उनकी काव्य प्रतिभा इतनी उच्चकोटि की थी और उनकी रचनाएँ इतनी निर्मल तथा ज्ञान से परिपूर्ण थीं कि दण्डी ने उन्हें साक्षात सरस्वती (सर्वशुक्ला) की उपमा दी।
एक-पंक्तिय (One-Liner) अभ्यास प्रश्न एवं उत्तर
प्र. 36 समाज रूपी गाड़ी किसके द्वारा चलती है?
पुरुषैः नारीभिश्च (पुरुषों और नारियों से)।
प्र. 37 ऋग्वेद में कितनी ऋषिकाएँ हैं?
चतुर्विंशतिः (24)।
प्र. 38 अथर्ववेद में कितनी ऋषिकाएँ वर्णित हैं?
पञ्च (5)।
प्र. 39 याज्ञवल्क्यस्य पत्नी का आसीत्? (याज्ञवल्क्य की पत्नी कौन थीं?)
मैत्रेयी।
प्र. 40 याज्ञवल्क्य ने मैत्रेयी को किसकी शिक्षा दी?
आत्मतत्त्वस्य (आत्मतत्त्व की)।
प्र. 41 कस्य सभायां गार्गी वाचकनवी तिष्ठति स्म? (किसकी सभा में गार्गी बैठती थीं?)
जनकस्य सभायाम् (जनक की सभा में)।
प्र. 42 लौकिक संस्कृत साहित्य में प्रथम कल्पा कौन हैं?
विजयाङ्का।
प्र. 43 विजयाङ्का का वर्ण कैसा था?
श्याम वर्णः (साँवला)।
प्र. 44 विजयाङ्का को 'सर्वशुक्ला सरस्वती' किसने कहा?
दण्डी ने (कवि दण्डी)।
प्र. 45 चन्द्रादित्य की पत्नी का क्या नाम था?
विजयभट्टारिका।
प्र. 46 'मधुराविजयम्' काव्य की रचयिता कौन हैं?
गंगादेवी।
प्र. 47 'वरदाम्बिकापरिणय' चम्पूकाव्य किसने लिखा?
तिरुमलाम्बा ने।
प्र. 48 'शंकरचरितम्' की रचना किसने की?
पण्डिता क्षमाराव ने।
प्र. 49 सत्याग्रहगीता की लेखिका कौन हैं?
पण्डिता क्षमाराव।
प्र. 50 मिथिलेश कुमारी मिश्र किस काल की संस्कृत लेखिका हैं?
वर्तमान काल की (वर्तमानकाले)।

0 Comments