पाठ - 22 : प्रियं भारतम्
50 बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या सहित
1–10: प्रथमः श्लोकः - भौगोलिकसौन्दर्यम् (पहला श्लोक - भौगोलिक सुंदरता)
1. 'प्रियं भारतम्' कुत्र राजताम्? ('प्रिय भारत' कहाँ सुशोभित हो?)
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उत्तर: (A) मे मनसि
व्याख्या: कविता की प्रथम पंक्ति है— "राजतां मे मनसि नः प्रियं भारतम्।" (हमारा प्रिय भारत मेरे मन में सुशोभित हो।)
2. भारतस्य तत्स्वरूपं कथम् लसतु? (भारत का वह स्वरूप कैसे सुशोभित हो?)
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उत्तर: (A) शाश्वतम्
व्याख्या: श्लोक में लिखा है— "द्योतितं तत्स्वरूपं लसतु शाश्वतम्।" (उसका प्रकाशित स्वरूप सदा-सर्वदा सुशोभित रहे।)
3. भारतस्य मस्तकं किम् अस्ति? (भारत का मस्तक/शीश क्या है?)
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उत्तर: (B) हिमगिरिः
व्याख्या: कवि के अनुसार हिमालय पर्वत (हिमगिरि) भारत का मस्तक/मुकुट है— "मस्तकं हिमगिरिः"।
4. भारतस्य नूपुरम् (पायल) कः अस्ति? (भारत का नूपुर कौन है?)
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उत्तर: (B) सागरः
व्याख्या: श्लोक में समुद्र को चरणों का नूपुर कहा गया है— "सागरो नूपुरम्॥"
5. भारतस्य मेखला (करधनी) के सन्ति? (भारत की मेखला/करधनी कौन हैं?)
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उत्तर: (A) विन्ध्यगोदावरी-जाह्नवी
व्याख्या: कवि ने विन्ध्याचल, गोदावरी और जाह्नवी (गङ्गा) को भारत की मेखला (कटिबन्ध/करधनी) माना है।
6. 'जाह्नवी' इति कस्याः नद्याः नाम अस्ति? ('जाह्नवी' किस नदी का नाम है?)
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उत्तर: (B) गङ्गा
व्याख्या: 'जाह्नवी' पवित्र गङ्गा नदी का ही एक प्रसिद्ध पर्यायवाची नाम है।
7. 'हिमगिरिः' इति पदस्य कः अर्थः? ('हिमगिरिः' पद का क्या अर्थ है?)
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उत्तर: (A) बर्फ का पहाड़ (हिमालय)
व्याख्या: हिमस्य गिरिः = हिमगिरिः अर्थात् हिमालय पर्वत।
8. 'नूपुरम्' इति पदस्य कः अर्थः अस्ति? ('नूपुरम्' पद का क्या अर्थ है?)
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उत्तर: (B) घूँघरू / पायल
व्याख्या: नूपुरम् का शाब्दिक अर्थ पाजेब या पायल होता है।
9. 'शाश्वतम्' इति पदस्य विलोमपदम् किम्? ('शाश्वतम्' का विलोम पद क्या है?)
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उत्तर: (B) क्षणिकम् / नश्वरम्
व्याख्या: शाश्वत का अर्थ 'सदा रहने वाला' होता है, जिसका विलोम 'क्षणिक' (कम समय रहने वाला) है।
10. भारतस्य स्वरूपं कीदृशं द्योतितम् अस्ति? (भारत का स्वरूप कैसा प्रकाशित है?)
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उत्तर: (A) उज्ज्वलम् / द्योतितम्
व्याख्या: भारत भूमि अपने दिव्य और प्रकाशित (द्योतितम्) स्वरूप के लिए जानी जाती है।
11–20: द्वितीयः श्लोकः - महापुरुषाः देशभक्ताश्च (दूसरा श्लोक - महापुरुष और देशभक्त)
11. भारतभूमिः कैः सेविता अस्ति? (भारत भूमि किसके द्वारा सेवित है?)
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उत्तर: (A) शिवि-दधीचि-प्रभृतिभिः
व्याख्या: श्लोक के अनुसार— "शिविदधीचिप्रभृतिभिस्तथा सेविताम्।" (राजा शिवि और महर्षि दधीचि जैसे दानी महापुरुषों द्वारा यह भूमि सेवित है।)
12. केषां कृते भारतम् प्रियम् अस्ति? (किन वीरों के लिए भारत प्रिय है?)
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उत्तर: (A) चन्द्रशेखर-भगतसिंह-विस्मिलानाम्
व्याख्या: "चन्द्रशेखर-भगतसिंह-विस्मिल प्रियम्" अर्थात् यह देश चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह और रामप्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारियों को प्रिय रहा है।
13. गान्धिना किम् प्रदत्तम्? (गाँधी जी द्वारा क्या दिया गया?)
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उत्तर: (A) स्वकं जीवनम्
व्याख्या: श्लोक में वर्णित है— "गान्धिना यत् प्रदत्तं स्वकं जीवनम्।" (गाँधी जी ने देश के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।)
14. महात्मा गान्धी किम् कृत्वा स्वजीवनं कृतार्थीकृतवान्? (महात्मा गाँधी ने क्या करके अपने जीवन को कृतार्थ किया?)
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उत्तर: (A) प्राणसर्वस्वदानैः
व्याख्या: "प्राणसर्वस्वदानैः कृतार्थीकृतम्॥" अर्थात् अपना सब कुछ और प्राणों का बलिदान/समर्पण करके उन्होंने देश को कृतार्थ किया।
15. राजा शिविः कस्य कृते प्रसिद्धः आसीत्? (राजा शिवि किस लिए प्रसिद्ध थे?)
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उत्तर: (A) त्यागेन दानेन च
व्याख्या: राजा शिवि अपने महान त्याग और पक्षी की रक्षा हेतु अपने शरीर का मांस देने वाले दानवीर के रूप में जाने जाते हैं।
16. महर्षिः दधीचिः किमर्थम् अस्थीनि अयच्छत्? (महर्षि दधीचि ने किस लिए अपनी हड्डियाँ दे दी थीं?)
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उत्तर: (A) देवनां रक्षणाय / वज्रनिर्माणाय
व्याख्या: दधीचि ने देवासुर संग्राम में वृत्रासुर के वध के लिए अपनी अस्थियों का दान किया था।
17. 'चन्द्रशेखरः' इति कः आसीत्? ('चन्द्रशेखर' कौन थे?)
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उत्तर: (A) महान् देशभक्तः / क्रान्तिकारी
व्याख्या: चन्द्रशेखर आजाद भारत के अमर क्रांतिकारी शहीद थे।
18. 'विस्मिल' इति कस्य क्रान्तिकारिणः नाम अस्ति? ('विस्मिल' किस क्रांतिकारी का नाम है?)
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उत्तर: (A) रामप्रसाद विस्मिलस्य
व्याख्या: अमर शहीद रामप्रसाद 'बिस्मिल' जिन्होंने 'सरफरोशी की तमन्ना' का नारा दिया था।
19. 'प्रदत्तम्' इति पदे कः प्रत्ययः अस्ति? ('प्रदत्तम्' पद में कौन-सा प्रत्यय है?)
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उत्तर: (A) क्त
व्याख्या: प्र + दा + क्त = प्रदत्तम् (दिया गया)।
20. 'गान्धिना' इति पदे का विभक्तिः अस्ति? ('गान्धिना' पद में कौन-सी विभक्ति है?)
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उत्तर: (C) तृतीया
व्याख्या: इकारान्त 'गान्धि' शब्द का तृतीया विभक्ति एकवचन रूप 'गान्धिना' (गाँधी जी द्वारा) होता है।
21–30: तृतीयः श्लोकः - नेतारः सुपुत्राश्च (तीसरा श्लोक - नेता और सुपुत्र)
21. नेहरू पण्डितः कीदृशः आसीत्? (पंडित नेहरू कैसे थे?)
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उत्तर: (A) स्वप्नदर्शी, प्रजातन्त्र-सम्पोषकः, विश्वनेतुप्रियः च
व्याख्या: श्लोक में नेहरू जी को स्वप्नदर्शी, प्रजातंत्र के पोषक और विश्व नेताओं के प्रिय कहा गया है।
22. कः प्रजातन्त्रस्य सम्पोषकः आसीत्? (प्रजातंत्र के पोषक कौन थे?)
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उत्तर: (A) नेहरू पण्डितः
व्याख्या: पाठ के अनुसार— "स्वप्नदर्शी-प्रजातन्त्र-सम्पोषकम्... नेहरू पण्डितम्"।
23. तृतीये श्लोके केषां नेतृणां नामानि सन्ति? (तीसरे श्लोक में किन नेताओं के नाम हैं?)
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उत्तर: (A) शास्त्री, राजेन्द्रः, अब्दुलहमीदः च
व्याख्या: श्लोक में लाल बहादुर शास्त्री, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और वीर अब्दुल हमीद का उल्लेख है— "शास्त्रि राजेन्द्र-अब्दुलहमीदाविकम्"।
24. 'राजेन्द्रः' इति कः आसीत्? ('राजेन्द्र' कौन थे?)
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उत्तर: (A) भारतस्य प्रथमः राष्ट्रपतिः
व्याख्या: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारत गणराज्य के प्रथम राष्ट्रपति थे।
25. 'शास्त्रि' इति केन नाम्ना ज्ञायते? ('शास्त्री' किस नाम से जाने जाते हैं?)
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उत्तर: (A) लालबहादुरशास्त्री
व्याख्या: 'जय जवान, जय किसान' का नारा देने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री।
26. 'अब्दुलहमीदः' कः आसीत्? ('अब्दुल हमीद' कौन थे?)
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उत्तर: (A) परमवीरचक्रविजेता वीरसैनिकः
व्याख्या: 1965 के युद्ध के अमर शहीद और वीरता पुरस्कार विजेता वीर अब्दुल हमीद।
27. भारतम् केन दर्पान्वितम् अस्ति? (भारत किस कारण से गौरव/दर्प से युक्त है?)
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उत्तर: (A) लब्धवातिदर्पान्वितम् पुत्रजातम् (श्रेष्ठ पुत्रों के जन्म से)
व्याख्या: श्लोक में लिखा है— "पुत्रजातं च लब्ध्वातिदर्पान्वितम्॥" (ऐसे महान सपूतों को पाकर भारत गौरवान्वित है।)
28. 'स्वप्नदर्शी' इति पदस्य कः अर्थः? ('स्वप्नदर्शी' पद का क्या अर्थ है?)
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उत्तर: (A) दूरदर्शी / सुंदर भविष्य का सपना देखने वाला
व्याख्या: जो राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की योजना और दृष्टि रखता है।
29. 'प्रजातन्त्रम्' इति पदस्य पर्यायपदम् किम्? ('प्रजातंत्र' का पर्याय क्या है?)
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उत्तर: (A) लोकतन्त्रम्
व्याख्या: प्रजातंत्र और लोकतंत्र (Democracy) दोनों एक ही अर्थ रखते हैं।
30. 'लब्ध्वा' इति पदे कः प्रत्ययः अस्ति? ('लब्ध्वा' पद में कौन-सा प्रत्यय है?)
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उत्तर: (A) क्त्वा
व्याख्या: लभ् धातु + क्त्वा प्रत्यय = लब्ध्वा (पाकर/प्राप्त करके)।
31–40: चतुर्थः श्लोकः - सैन्याभ्युदयः विज्ञानं च (चौथा श्लोक - सैन्य क्षमता व विज्ञान)
31. भारतं काम् विधाम् विस्तृतं कर्तुम् अग्रेसरम् वर्तते? (भारत किस विद्या/क्षेत्र को विस्तृत करने में आगे है?)
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उत्तर: (A) सैन्यदाक्ष्यम् विज्ञानप्रौद्योगिकीम् च
व्याख्या: चौथे श्लोक के अनुसार— "सैन्यदाक्ष्यञ्च विज्ञानप्रौद्योगिकीम् विस्तृतं कर्तुमग्रेसरं यत् सदा।"
32. भारतम् केषु क्षेत्रेषु अग्रेसरम् अस्ति? (भारत किन क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रहा है?)
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उत्तर: (C) उभाभ्याम् (A एवं B)
व्याख्या: भारत सैन्य कौशल और साइंस-टेक्नोलॉजी दोनों में लगातार प्रगति कर रहा है।
33. भारतस्य लोकाः/नेतारः कीदृशाः सन्ति? (भारत के लोग/अगुआ कैसे हैं?)
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उत्तर: (A) राष्ट्रचिन्तापरम् श्रमपरम् च
व्याख्या: श्लोक के अनुसार यहाँ के निवासी राष्ट्र की चिंता में लगे हुए और निरंतर परिश्रम करने वाले हैं— "राष्ट्रचिन्तापरं श्रमपरं चानिशम्"।
34. 'अनिशम्' इति पदस्य कः अर्थः? ('अनिशम्' पद का क्या अर्थ है?)
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उत्तर: (A) निरन्तरम् / अहर्निशम् (दिन-रात)
व्याख्या: न निशम् इति अनिशम् अर्थात् बिना रुके, लगातार या दिन-रात।
35. 'मोदान्वितम्' इति पदस्य कः अर्थः? ('मोदान्वितम्' का क्या अर्थ है?)
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उत्तर: (A) प्रसन्नता से युक्त / आनंदित
व्याख्या: मोदेन अन्वितम् = मोदान्वितम् (आनंद व खुशी से भरा हुआ)।
36. भारतं वीक्ष्य कुत्र हर्षं भवति? (भारत को देखकर कहाँ खुशी छा जाती है?)
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उत्तर: (A) सर्वत्र
व्याख्या: पाठ के अनुसार— "हर्षितं वीक्ष्य सर्वत्र मोदान्वितम्।" (भारत की उन्नति देखकर सब जगह खुशी और आनंद छा जाता है।)
37. 'वीक्ष्य' इति पदे कः प्रत्ययः अस्ति? ('वीक्ष्य' पद में कौन-सा प्रत्यय है?)
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उत्तर: (A) ल्यप्
व्याख्या: वि + ईक्ष् + ल्यप् = वीक्ष्य (देखकर)।
38. 'कर्तुम्' इति पदे कः प्रत्ययः अस्ति? ('कर्तुम्' पद में कौन-सा प्रत्यय है?)
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उत्तर: (A) तुमुन्
व्याख्या: कृ धातु + तुमुन् प्रत्यय = कर्तुम् (करने के लिए)।
39. 'सैन्यदाक्ष्यम्' इति पदे कः अर्थः? ('सैन्यदाक्ष्यम्' पद का क्या अर्थ है?)
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उत्तर: (A) सेना की कुशलता/दक्षता
व्याख्या: सैन्य + दाक्ष्यम् = सेना का कौशल और सामर्थ्य।
40. 'विज्ञानप्रौद्योगिकीम्' इति पदं कस्याः भाषायाः आधुनिकरूपम्? ('विज्ञानप्रौद्योगिकी' किसे कहते हैं?)
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उत्तर: (A) साइंस एवं टेक्नोलॉजी (Science & Technology)
व्याख्या: आधुनिक विज्ञान और तकनीकी विकास को संस्कृत में विज्ञानप्रौद्योगिकी कहते हैं।
41–50: अभ्यासाः, व्याकरणम्, पुस्तक-परिचयश्च (अभ्यास प्रश्न, व्याकरण व पुस्तक परिचय)
41. 'राजताम्' इति क्रियापदे कः लकारः अस्ति? ('राजताम्' पद में कौन-सा लकार है?)
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उत्तर: (A) लोट् लकारः
व्याख्या: राज् धातु (आत्मनेपद) लोट् लकार प्रथम पुरुष एकवचन में 'राजताम्' (सुशोभित हो) बनता है।
42. 'मे' इति पदम् कस्य सर्वनामस्य रूपम् अस्ति? ('मे' किस सर्वनाम का रूप है?)
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उत्तर: (A) अस्मद्
व्याख्या: 'अस्मद्' (मैं) सर्वनाम के षष्ठी/द्वितीया/चतुर्थी में वैकल्पिक रूप 'मे' बनता है (यहाँ अर्थ: 'मेरे')।
43. 'मनसि' इति पदे का विभक्तिः अस्ति? ('मनसि' पद में कौन-सी विभक्ति है?)
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उत्तर: (A) सप्तमी
व्याख्या: 'मनस्' (नपुंसकलिंग) शब्द के सप्तमी विभक्ति एकवचन में 'मनसि' (मन में) रूप बनता है।
44. 'सागरो नूपुरम्' अत्र का सन्धिः अस्ति? ('सागरो नूपुरम्' में कौन-सी सन्धि है?)
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उत्तर: (A) विसर्ग सन्धिः
व्याख्या: सागरः + नूपुरम् = सागरो नूपुरम् (उत्व विसर्ग सन्धि)।
45. 'प्रियं भारतम्' इति पाठस्य मुख्यः सन्देशः कः? ('प्रियं भारतम्' पाठ का मुख्य संदेश क्या है?)
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उत्तर: (A) देशभक्तिः राष्ट्रगौरवं च
व्याख्या: यह पाठ विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय स्वाभिमान और महापुरुषों के प्रति आदर भाव जगाता है।
46. 'भारतस्य मेखलाः के सन्ति?' इति अभ्यासप्रश्नस्य उत्तरं किम्? (अभ्यास प्रश्न 3 का उत्तर क्या है?)
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उत्तर: (A) विन्ध्यगोदावरी-जाह्नवी
व्याख्या: पाठ के प्रथम श्लोक के अनुसार विन्ध्याचल पर्वत, गोदावरी नदी और गङ्गा (जाह्नवी) भारत की मेखलाएँ हैं।
47. 'श्रमपरम्' इति पदस्य विग्रहः कः? ('श्रमपरम्' पद का क्या अर्थ है?)
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उत्तर: (A) जो निरंतर परिश्रम में लीन हो
व्याख्या: श्रमे परः = श्रमपरः (कठिन परिश्रम में तत्पर रहना)।
48. 'लसतु' इति क्रियापदे कः लकारः? ('लसतु' में कौन-सा लकार है?)
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उत्तर: (A) लोट् लकारः
व्याख्या: लस् (चमकना/सुशोभित होना) धातु लोट् लकार प्रथम पुरुष एकवचन में 'लसतु' रूप बनता है।
49. 'नः' इति पदस्य कः अर्थः अस्ति? ('नः' पद का यहाँ क्या अर्थ है?)
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उत्तर: (A) हमारा / अस्माकम्
व्याख्या: 'अस्मद्' शब्द के षष्ठी बहुवचन का वैकल्पिक रूप 'नः' (हमारा) होता है।
50. 'प्रियं भारतम्' (पाठ-22) कस्यां पुस्तके संकलितम् अस्ति? ('प्रियं भारतम्' किस पुस्तक में है?)
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उत्तर: (A) पीयूषम् द्रुतपाठाय (पृष्ठ ४१)
व्याख्या: चित्र के निचले भाग में स्पष्ट अंकित है— "पीयूषम् द्रुतपाठाय ( 41 )"।
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