बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10 भूगोल
खण्ड-क : भारत : संसाधन एवं उपयोग | अध्याय 3: निर्माण उद्योग (Manufacturing Industries)
| क्र.सं. | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | विनिर्माण (Manufacturing) किसे कहते हैं? | कच्चे माल को मूल्यवान उत्पाद में बदलकर अधिक मात्रा में वस्तुओं के उत्पादन की प्रक्रिया को। |
| 2 | किसी देश के आर्थिक विकास की रीढ़ किसे माना जाता है? | विनिर्माण उद्योग (Manufacturing Industry) को। |
| 3 | द्वितीयक आर्थिक क्रियाकलाप (Secondary Activity) में कौन-सा क्षेत्र आता है? | विनिर्माण उद्योग। |
| 4 | कच्चे माल के स्रोत के आधार पर उद्योगों को किन दो मुख्य वर्गों में बाँटा जाता है? | कृषि आधारित उद्योग और खनिज आधारित उद्योग। |
| 5 | कृषि आधारित उद्योगों के प्रमुख उदाहरण क्या हैं? | सूती वस्त्र, पटसन (जूट), चीनी, चाय, कॉफी और वनस्पति तेल उद्योग। |
| 6 | खनिज आधारित उद्योगों के प्रमुख उदाहरण क्या हैं? | लोहा एवं इस्पात, सीमेंट, एल्युमिनियम और पेट्रोकेमिकल्स उद्योग। |
| 7 | आधारभूत उद्योग (Basic Industry) किसे कहा जाता है? | लोहा एवं इस्पात उद्योग को (क्योंकि अन्य सभी उद्योग इस पर निर्भर हैं)। |
| 8 | उपभोक्ता उद्योग (Consumer Industry) का एक उदाहरण क्या है? | चीनी, दंतमंजन, कागज और सिलाई मशीन उद्योग। |
| 9 | पूंजी निवेश के आधार पर लघु उद्योग (Small Scale Industry) की अधिकतम निवेश सीमा कितनी मानी जाती है? | 1 करोड़ रुपये तक। |
| 10 | स्वामित्व के आधार पर उद्योगों को किन वर्गों में बाँटा गया है? | सार्वजनिक, निजी, संयुक्त और सहकारी क्षेत्र। |
| 11 | सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों का संचालन किसके द्वारा होता है? | सरकार या सरकारी एजेंसियों द्वारा (जैसे BHEL, SAIL)। |
| 12 | सहकारी उद्योग (Cooperative Industry) का सर्वोत्तम उदाहरण कौन-सा है? | अमूल (दूध उद्योग, गुजरात) और महाराष्ट्र के चीनी उद्योग। |
| 13 | भारत का सबसे प्राचीन, संगठित और वृहद उद्योग कौन-सा है? | सूती वस्त्र उद्योग (Cotton Textile Industry)। |
| 14 | भारत में पहली आधुनिक सूती कपड़ा मिल कब और कहाँ स्थापित हुई थी? | 1818 ई० में फोर्ट ग्लास्टर (कोलकाता के निकट, जो असफल रही)। |
| 15 | भारत की पहली सफल आधुनिक सूती मिल कब और किसने स्थापित की? | 1854 में कावसजी डाबर (KGM Dhabar) द्वारा मुंबई में। |
| 16 | 'भारत का मैनचेस्टर' और 'सूती वस्त्रों की राजधानी' किसे कहा जाता है? | मुंबई को। |
| 17 | 'उत्तर भारत का मैनचेस्टर' किस शहर को कहा जाता है? | कानपुर को। |
| 18 | 'दक्षिण भारत का मैनचेस्टर' किसे कहा जाता है? | कोयंबटूर (तमिलनाडु) को। |
| 19 | 'भारत का बोस्टन' किसे कहा जाता है? | अहमदाबाद (गुजरात) को। |
| 20 | पटसन (जूट) को किस लोकप्रिय उपनाम से जाना जाता है? | 'स्वर्ण रेशा' (Golden Fibre)। |
| 21 | भारत में पहली जूट मिल कब और कहाँ स्थापित की गई थी? | 1855 ई० में रिशरा (कोलकाता के निकट हुगली नदी तट पर)। |
| 22 | कच्चे जूट और जूट निर्मित सामानों के उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान किसका है? | भारत का। |
| 23 | जूट उत्पादों के निर्यात में विश्व में प्रथम स्थान किस देश का है? | बांग्लादेश का (भारत दूसरे स्थान पर है)। |
| 24 | भारत की अधिकांश जूट मिलें किस नदी घाटी के किनारे संकेंद्रित हैं? | हुगली नदी घाटी (पश्चिम बंगाल)। |
| 25 | चीनी उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है? | दूसरा (ब्राजील के बाद; उपभोग में प्रथम)। |
| 26 | गुड़ और खांडसारी के उत्पादन में भारत का विश्व में स्थान क्या है? | प्रथम स्थान। |
| 27 | चीनी उद्योग किस प्रकार का उद्योग है? | मौसमी (Seasonal) और भार-ह्रास (Weight-losing) वाला कच्चा माल आधारित उद्योग। |
| 28 | गन्ने में चीनी की मात्रा को क्या कहा जाता है? | सुक्रोज की मात्रा (Sucrose Content)। |
| 29 | दक्षिण भारत (विशेषकर महाराष्ट्र) में चीनी मिलों के सफल होने का मुख्य कारण क्या है? | गन्ने में अधिक सुक्रोज की मात्रा और अनुकूल आर्द्र जलवायु। |
| 30 | टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO) की स्थापना कब और कहाँ हुई थी? | 1907 में जमशेदजी टाटा द्वारा साक्षी (जमशेदपुर, झारखंड) में। |
| 31 | टिस्को (TISCO) में इस्पात का उत्पादन किस वर्ष प्रारंभ हुआ? | 1912 ई० में (लोहे का 1911 में)। |
| 32 | स्वतंत्रता पूर्व स्थापित भारतीय लोहा एवं इस्पात कंपनी (IISCO) कहाँ स्थित है? | बर्नपुर (पश्चिम बंगाल)। |
| 33 | द्वितीय पंचवर्षीय योजना में स्थापित तीन प्रमुख सार्वजनिक इस्पात संयंत्र कौन-से हैं? | भिलाई (छत्तीसगढ़), राउरकेला (ओडिशा) और दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल)। |
| 34 | भिलाई इस्पात संयंत्र किस देश के सहयोग से स्थापित किया गया था? | सोवियत संघ (रूस)। |
| 35 | राउरकेला इस्पात संयंत्र किस देश की सहायता से बना? | जर्मनी। |
| 36 | दुर्गापुर इस्पात संयंत्र की स्थापना किस देश के तकनीकी सहयोग से हुई? | ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम)। |
| 37 | बोकारो इस्पात संयंत्र (तृतीय पंचवर्षीय योजना) किस देश के सहयोग से बना? | सोवियत संघ (रूस)। |
| 38 | सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकांश इस्पात कारखानों का विपणन कौन करता है? | सेल (SAIL - Steel Authority of India Limited)। |
| 39 | विजयनगर इस्पात संयंत्र किस राज्य में स्थित है? | कर्नाटक। |
| 40 | सेलम (Salem) इस्पात संयंत्र किस राज्य में स्थित है? | तमिलनाडु। |
| 41 | एल्युमिनियम प्रगलन (Aluminium Smelting) उद्योग का मुख्य कच्चा माल क्या है? | बॉक्साइट। |
| 42 | सीमेंट उद्योग का सबसे प्रमुख कच्चा माल कौन-सा है? | चूना पत्थर (Limestone)। |
| 43 | भारत में पहला सीमेंट कारखाना कब और कहाँ स्थापित हुआ था? | 1904 में चेन्नई (मद्रास) में। |
| 44 | नाइट्रोजनी उर्वरक के उत्पादन में भारत किस उर्वरक का सबसे बड़ा उत्पादक है? | यूरिया। |
| 45 | भारत का पहला उर्वरक कारखाना कहाँ स्थापित किया गया था? | 1906 में रानीपेट (तमिलनाडु) में। |
| 46 | भारत की 'सिलिकॉन वैली' या 'इलेक्ट्रॉनिक राजधानी' किसे कहा जाता है? | बेंगलुरु (कर्नाटक) को। |
| 47 | ऑटोमोबाइल (मोटर गाड़ी) उद्योग का मुख्य संकेंद्रण किन शहरों में है? | गुरुग्राम, पुणे, चेन्नई, मुंबई, जमशेदपुर और बेंगलुरु। |
| 48 | सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) का मुख्य कार्य क्या है? | सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सॉफ्टवेयर निर्यात को बढ़ावा देना और एकल-खिड़की सुविधा देना। |
| 49 | वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार दो प्रमुख गैसें कौन-सी हैं? | सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO)। |
| 50 | औद्योगिक अपशिष्टों द्वारा जल प्रदूषण रोकने का सबसे मुख्य उपाय क्या है? | बहिःस्राव उपचार संयंत्र (ETP - Effluent Treatment Plants) द्वारा शोधन। |
प्रश्न 1. विनिर्माण उद्योग से आप क्या समझते हैं? इसे राष्ट्रीय विकास का मापदंड क्यों माना जाता है?
उत्तर: प्राथमिक उत्पादों या कच्चे माल को रासायनिक अथवा भौतिक प्रक्रियाओं द्वारा रूप बदलकर अधिक उपयोगी और मूल्यवान वस्तुओं में रूपांतरित करने की क्रिया को 'विनिर्माण' कहते हैं।
- यह कृषि के आधुनिकीकरण में सहायक है और कृषि पर निर्भरता को कम करता है।
- यह बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करता है तथा निर्मित वस्तुओं के निर्यात से बहुमूल्य विदेशी मुद्रा दिलाता है। इसलिए किसी देश की आर्थिक संपन्नता उसके विनिर्माण उद्योगों के विकास से मापी जाती है।
प्रश्न 2. आधारभूत उद्योग क्या हैं? उदाहरण देकर स्पष्ट करें।
उत्तर: वे उद्योग जिनके उत्पादों या कच्चे माल पर अन्य दूसरे उद्योग निर्भर होते हैं, उन्हें 'आधारभूत उद्योग' कहा जाता है।
- उदाहरण: लोहा एवं इस्पात उद्योग सबसे प्रमुख आधारभूत उद्योग है, क्योंकि कृषि उपकरण, भारी मशीनें, रेल इंजन, जहाज, भवन निर्माण सामग्री तथा अन्य सभी कारखानों की छोटी से लेकर बड़ी मशीनें लोहे और इस्पात से ही बनाई जाती हैं।
प्रश्न 3. हुगली नदी घाटी में जूट (पटसन) उद्योग के संकेंद्रण के मुख्य कारण क्या हैं?
उत्तर: पश्चिम बंगाल में हुगली नदी के दोनों किनारों पर भारत की 80% से अधिक जूट मिलें स्थित हैं। इसके प्रमुख कारण हैं:
- गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा में उच्च कोटि के कच्चे जूट (पटसन) का विपुल उत्पादन।
- जूट की सिलाई, धुलाई और रेशे अलग करने के लिए हुगली नदी से प्रचुर मीठे जल की उपलब्धता।
- पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा से अत्यधिक संख्या में सस्ते और कुशल श्रमिकों की सुलभता।
- माल ढुलाई के लिए सस्ता जलमार्ग, रेल और सड़क नेटवर्क तथा कोलकाता पत्तन एवं बैंकिंग सुविधाएं।
प्रश्न 4. सूती वस्त्र उद्योग के मुंबई और महाराष्ट्र में केंद्रित होने के क्या कारण हैं?
उत्तर:
- महाराष्ट्र के दक्कन लावा क्षेत्र में काली कपासी मिट्टी (रेगुर) का विस्तार, जिससे कच्चा कपास प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
- मुंबई की तटीय आर्द्र एवं नम जलवायु, जिससे सूत कातते समय धागा बार-बार टूटता नहीं है।
- मुंबई का अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक बंदरगाह, जिससे विदेशों से आधुनिक मशीनें मंगाना और तैयार कपड़े निर्यात करना आसान है।
- प्रचुर जल-विद्युत (टाटा हाइड्रो-इलेक्ट्रिक ग्रिड), कुशल श्रमिक और सुदृढ़ वित्तीय/बैंकिंग तंत्र।
प्रश्न 5. भारत में चीनी उद्योग उत्तर भारत से दक्षिण भारत (महाराष्ट्र) की ओर क्यों स्थानांतरित हो रहा है?
उत्तर:
- गन्ने की उच्च गुणवत्ता: दक्षिण भारत (विशेषकर महाराष्ट्र) के गन्ने में उत्तर भारत की तुलना में सुक्रोज (शर्करा) की मात्रा अधिक पाई जाती है।
- अनुकूल जलवायु: प्रायद्वीपीय समुद्री आर्द्र जलवायु के कारण गन्ने की पेराई का सत्र (Crushing Season) अधिक लंबा चलता है।
- सहकारी समितियों की सफलता: महाराष्ट्र में अधिकांश चीनी मिलें सहकारी क्षेत्र में अत्यंत सुचारू और पेशेवर ढंग से संचालित हैं।
प्रश्न 6. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) तथा इलेक्ट्रॉनिक उद्योग का भारतीय अर्थव्यवस्था में क्या महत्व है?
उत्तर:
- रोजगार सृजन: यह उद्योग देश में लाखों शिक्षित युवाओं, विशेषकर 30% से अधिक महिला कार्यबल को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है।
- विदेशी मुद्रा अर्जन: सॉफ्टवेयर और आईटी सेवा निर्यात से भारत को अरबों डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार प्राप्त होता है।
- वैश्विक पहचान: बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और नोएडा जैसे शहरों ने भारत को विश्व के 'सॉफ्टवेयर हब' के रूप में स्थापित किया है।
प्रश्न 7. उद्योगों द्वारा उत्पन्न पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार बताइए।
उत्तर: उद्योग मुख्य रूप से चार प्रकार के प्रदूषण फैलाते हैं:
- वायु प्रदूषण: चिमनियों से निकलने वाले सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और धूल कणों से।
- जल प्रदूषण: शोधन किए बिना औद्योगिक रसायनों, भारी धातुओं और अपशिष्टों को नदियों में बहाने से।
- तापीय प्रदूषण: कारखानों और ताप-बिजली घरों से खौलता गर्म पानी सीधे जलाशयों में डालने से।
- ध्वनि प्रदूषण: भारी जनरेटरों, मिलों और कम्प्रेसरों के कानफोड़ू शोर से।
प्रश्न 1. औद्योगिक अवस्थिति (Industrial Location) को प्रभावित करने वाले भौगोलिक एवं गैर-भौगोलिक कारकों का सविस्तार वर्णन करें।
उत्तर: किसी भी उद्योग की स्थापना किसी यादृच्छिक स्थान पर नहीं होती, बल्कि यह अधिकतम लाभ और न्यूनतम उत्पादन व वितरण लागत के सिद्धांत पर आधारित होती है। औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारकों को दो श्रेणियों में बांटा जाता है:
- कच्चे माल की सुलभता: भारी और भार-ह्रास वाले कच्चे माल पर आधारित उद्योग (जैसे लोहा-इस्पात और चीनी) हमेशा कच्चे माल के स्रोतों के निकट स्थापित होते हैं ताकि ढुलाई खर्च बचे।
- ऊर्जा और शक्ति के साधन: कारखानों की मशीनों को चलाने के लिए निर्बाध बिजली, कोयला, पेट्रोलियम या प्राकृतिक गैस का पास होना आवश्यक है।
- जल की प्रचुरता: इस्पात, कागज, कपड़ा, रसायन और जूट उद्योगों को शीतलन, धुलाई और रासायनिक प्रक्रियाओं के लिए भारी मात्रा में जल की आवश्यकता होती है; इसलिए ये नदियों या झीलों के किनारे लगाए जाते हैं।
- अनुकूल जलवायु: सूती वस्त्र उद्योग के लिए आर्द्र समुद्री जलवायु चाहिए, जबकि अत्यधिक गर्म या अत्यधिक ठंडा मौसम श्रमिक क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
- श्रमिकों की उपलब्धता: उत्पादन कार्यों के लिए सस्ते अकुशल श्रमिक और तकनीकी कार्यों के लिए कुशल इंजीनियरों की निरंतर आपूर्ति जरूरी है।
- परिवहन एवं संचार तंत्र: कारखाने तक कच्चा माल लाने और तैयार माल को मंडियों तक भेजने के लिए रेलवे, फोर-लेन सड़कें और बंदरगाह अत्यंत आवश्यक हैं।
- बाजार की निकटता: शीघ्र खराब होने वाले सामानों (सब्जी, ब्रेड, डेयरी) तथा भारी इंजीनियरिंग उत्पादों को तैयार होते ही बड़े उपभोक्ता बाजारों की आवश्यकता होती है।
- पूंजी एवं बैंकिंग सुविधाएं: विशाल संयंत्रों की स्थापना हेतु भारी निवेश, ऋण और बीमा सेवाओं के लिए मुंबई, कोलकाता जैसे वित्तीय केंद्रों की निकटता प्राथमिकता बनती है।
- सरकारी नीतियां (Government Policies): टैक्स छूट, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) का निर्माण और पिछड़े क्षेत्रों में उद्योग लगाने पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी उद्योगों की दिशा तय करती है।
प्रश्न 2. भारत में लोहा एवं इस्पात उद्योग के विकास, वितरण एवं स्थानीयकरण के कारकों का विस्तृत परीक्षण कीजिए।
उत्तर: लोहा एवं इस्पात उद्योग आधुनिक सभ्यता का आधारस्तंभ और देश का सर्वप्रमुख आधारभूत उद्योग है। अन्य सभी उद्योगों के ढाँचे, औजार और मशीनें इसी से निर्मित होती हैं।
- कच्चा माल आधारित अवस्थिति: 1 टन इस्पात बनाने के लिए लगभग 4 टन लौह-अयस्क, 2 टन कोकिंग कोयला, 1 टन चूना पत्थर और मैंगनीज की जरूरत होती है। ये सभी भारी और भार-गंवाने वाले (Weight-losing) खनिज हैं। अतः इस्पात संयंत्र हमेशा खदानों के समीप स्थापित किए जाते हैं।
- आदर्श स्थिति: भारत के अधिकांश इस्पात संयंत्र छोटानागपुर पठार (झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल) में संकेंद्रित हैं, जहाँ कोयला और लौह-अयस्क की खदानें एक-दूसरे के बेहद करीब हैं।
- टिस्को (TISCO - जमशेदपुर, झारखंड): 1907 में स्थापित निजी क्षेत्र का अग्रणी संयंत्र। इसे गुरुमहिसानी व बादामपहाड़ से लौह-अयस्क, झरिया से कोकिंग कोयला तथा स्वर्णरेखा व खरकई नदियों से प्रचुर जल प्राप्त होता है।
- भिलाई इस्पात संयंत्र (छत्तीसगढ़): सोवियत संघ के सहयोग से स्थापित। इसे दल्ली-राजहरा से लौह-अयस्क, कोरबा से कोयला और नंदिनी से चूना पत्थर मिलता है।
- राउरकेला इस्पात संयंत्र (ओडिशा): जर्मनी के सहयोग से ब्राह्मणी नदी के किनारे स्थापित। इसे मयूरभंज व सुंदरगढ़ से कच्चा लोहा और झरिया/तलचर से कोयला मिलता है।
- दुर्गापुर इस्पात संयंत्र (पश्चिम बंगाल): ब्रिटेन के सहयोग से दामोदर नदी घाटी में स्थापित। इसे रानीगंज से कोयला और बोलानी से लोहा मिलता है।
- बोकारो इस्पात संयंत्र (झारखंड): सोवियत संघ की सहायता से स्थापित। यह देश का विशालतम सार्वजनिक संयंत्र है, जिसे करनपुरा/झरिया से कोयला और किरीबुरु से लोहा मिलता है।
- दक्षिण भारत के संयंत्र: भद्रावती (कर्नाटक - चारकोल/जलविद्युत आधारित), विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश - देश का पहला तटीय इस्पात संयंत्र), विजयनगर (कर्नाटक) तथा सेलम (तमिलनाडु - विशेष मिश्रित इस्पात)।
- उच्च-कोटि के कोकिंग कोयले का सीमित भंडार (जिसके कारण ऑस्ट्रेलिया से आयात करना पड़ता है)।
- पुरानी प्रौद्योगिकियों के कारण प्रति व्यक्ति श्रमिक उत्पादकता का कम होना और बिजली की अनियमितता।
- हालांकि, 'राष्ट्रीय इस्पात नीति' और आधुनिक मिनी-स्टील प्लांटों के प्रसार से भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा इस्पात उत्पादक देश बन चुका है।
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