BSEB कक्षा 10 भूगोल (खंड-क)
इकाई 2: कृषि (Agriculture)
50 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), सटीक उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या
- (A) लगभग दो-तिहाई (60-65%)
- (B) 25%
- (C) 40%
- (D) 90%
व्याख्या: भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ की लगभग दो-तिहाई जनसंख्या अपनी आजीविका और रोजगार के लिए कृषि एवं उससे जुड़ी गतिविधियों पर सीधे निर्भर है।
- (A) गेहूं
- (B) चावल (धान)
- (C) मक्का
- (D) बाजरा
व्याख्या: चावल भारत के अधिकांश लोगों का मुख्य भोजन है और देश के कुल खाद्यान्न क्षेत्रफल के सबसे बड़े भाग पर धान की खेती की जाती है।
- (A) उष्ण-आर्द्र
- (B) शीतोष्ण
- (C) शुष्क
- (D) शीत
व्याख्या: धान की अच्छी उपज के लिए 25°C से अधिक उच्च तापमान और 100 सेमी से अधिक वर्षा वाली गर्म एवं तर (उष्ण-आर्द्र) जलवायु आवश्यक होती है।
- (A) प्रथम
- (B) द्वितीय
- (C) तृतीय
- (D) चतुर्थ
व्याख्या: विश्व में चीन के बाद भारत दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है।
- (A) पंजाब
- (B) उत्तर प्रदेश
- (C) पश्चिम बंगाल
- (D) बिहार
व्याख्या: अनुकूल मानसूनी वर्षा और गंगा के उपजाऊ डेल्टा के कारण पश्चिम बंगाल भारत में कुल चावल उत्पादन में शीर्ष पर है। यहाँ वर्ष में तीन फसलें (औस, अमन, बोरो) उगाई जाती हैं।
- (A) पंजाब
- (B) उत्तर प्रदेश
- (C) हरियाणा
- (D) मध्य प्रदेश
व्याख्या: उत्तर प्रदेश के विशाल जलोढ़ मैदान और नलकूप व नहर सिंचाई की सुलभता के कारण यह कुल गेहूं उत्पादन में देश में प्रथम स्थान रखता है।
- (A) उत्तर प्रदेश
- (B) पंजाब
- (C) राजस्थान
- (D) बिहार
व्याख्या: गहन सिंचाई, रासायनिक खादों और उन्नत बीजों के व्यापक उपयोग के कारण पंजाब में प्रति हेक्टेयर गेहूं की पैदावार देश में सर्वाधिक है।
- (A) बादल युक्त नम मौसम
- (B) खिली धूप और शुष्क मौसम
- (C) मूसलाधार बारिश
- (D) पाला पड़ना
व्याख्या: गेहूं बोते समय ठंडा मौसम (10°-15°C) तथा दाना पकते समय तेज चमकदार धूप (20°-25°C) की आवश्यकता होती है।
- (A) गेहूं
- (B) सरसों
- (C) धान (चावल)
- (D) चना
व्याख्या: धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, जूट और कपास खरीफ फसलें हैं, जो मानसून के आगमन (जून-जुलाई) में बोई जाती हैं।
- (A) धान
- (B) गेहूं
- (C) जूट
- (D) मूंगफली
व्याख्या: गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों और आलू रबी की फसलें हैं, जिनकी बुआई शीत ऋतु के प्रारंभ (अक्टूबर-नवंबर) में की जाती है।
- (A) शीत ऋतु में
- (B) ग्रीष्म ऋतु में (मार्च से जून)
- (C) भारी वर्षा ऋतु में
- (D) शरद ऋतु में
व्याख्या: रबी की कटाई के बाद और खरीफ की बुआई से पहले के शुष्क महीनों में खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूज और सब्जियां उगाई जाती हैं, जिन्हें जायद फसल कहते हैं।
- (A) ज्वार, बाजरा और रागी
- (B) गेहूं और चावल
- (C) चना और मटर
- (D) चाय और कॉफी
व्याख्या: ज्वार, बाजरा और रागी को पोषक अनाजों (Nutri-cereals) या मोटे अनाज के रूप में जाना जाता है, जिनमें प्रचुर मात्रा में लौह तत्व और कैल्शियम पाया जाता है।
- (A) महाराष्ट्र
- (B) कर्नाटक
- (C) राजस्थान
- (D) गुजरात
व्याख्या: ज्वार भारत की तीसरी सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न फसल है और यह मुख्य रूप से वर्षा-पोषित फसल के रूप में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा उगाई जाती है।
- (A) जलोढ़ मिट्टी
- (B) बलुई और उथली काली मिट्टी
- (C) लेटेराइट मिट्टी
- (D) दलदली मिट्टी
व्याख्या: बाजरा शुष्क और कम उपजाऊ बलुई मिट्टी में आसानी से पनपता है; राजस्थान इसका सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है।
- (A) उत्तर प्रदेश
- (B) मध्य प्रदेश
- (C) बिहार
- (D) पश्चिम बंगाल
व्याख्या: मध्य प्रदेश चना, तुअर (अरहर) और अन्य दलहन फसलों के कुल उत्पादन में देश में लगातार पहले स्थान पर रहता है।
- (A) पत्तियों द्वारा
- (B) जड़ों में उपस्थित राइजोबियम (Rhizobium) जीवाणुओं द्वारा
- (C) तने द्वारा
- (D) फूलों द्वारा
व्याख्या: अरहर को छोड़कर लगभग सभी दलहनी फसलों की जड़ों की ग्रंथियों में राइजोबियम जीवाणु पाए जाते हैं, जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं।
- (A) उष्ण एवं उपोष्ण कटिबंधीय
- (B) शीत कटिबंधीय
- (C) केवल शुष्क मरुस्थलीय
- (D) टुंड्रा
व्याख्या: गन्ने के लिए 21°C से 27°C तापमान और 75 से 100 सेमी वार्षिक वर्षा वाली गर्म और नम जलवायु की जरूरत होती है।
- (A) महाराष्ट्र
- (B) उत्तर प्रदेश
- (C) तमिलनाडु
- (D) कर्नाटक
व्याख्या: गंगा-यमुना दोआब और तराई क्षेत्र के अनुकूल विस्तार के कारण उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है।
- (A) राजस्थान (सरसों) एवं गुजरात (मूंगफली)
- (B) बिहार
- (C) असम
- (D) केरल
व्याख्या: तिलहन फसलों में मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक गुजरात है, जबकि राई व सरसों के उत्पादन में राजस्थान देश में अग्रणी है।
- (A) सरसों
- (B) मूंगफली
- (C) अलसी
- (D) सूरजमुखी
व्याख्या: देश में पैदा होने वाले कुल तिलहनों में मूंगफली का हिस्सा सर्वाधिक है और यह मुख्य रूप से एक खरीफ फसल है।
- (A) रोपण या बागानी कृषि (Plantation Agriculture)
- (B) गहन जीविका कृषि
- (C) स्थानांतरित कृषि
- (D) शुष्क कृषि
व्याख्या: रोपण कृषि एक व्यापक वाणिज्यिक कृषि प्रणाली है जिसमें एक विस्तृत भू-भाग पर एकल नकदी फसल (जैसे चाय, कॉफी, रबर) उगाई जाती है।
- (A) पश्चिम बंगाल
- (B) असम
- (C) केरल
- (D) तमिलनाडु
व्याख्या: ब्रह्मपुत्र घाटी की ढलवां भूमि, प्रचुर वर्षा और बिना जलजमाव वाली ह्यूमस युक्त मिट्टी के कारण असम देश के आधे से अधिक चाय का उत्पादन करता है।
- (A) असम
- (B) पश्चिम बंगाल
- (C) सिक्किम
- (D) मेघालय
व्याख्या: दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल का एक पर्वतीय जिला है; यहाँ की चाय अपनी अनूठी सुगंध के लिए प्रसिद्ध है और इसे भारत का पहला GI टैग (2004) मिला था।
- (A) हल्की धूप
- (B) जलजमाव (Waterlogging)
- (C) पाला
- (D) खाद
व्याख्या: चाय के पौधे की जड़ों में पानी रुकने से जड़ें सड़ जाती हैं, इसीलिए चाय हमेशा पहाड़ी ढलानों पर लगाई जाती है ताकि पानी तुरंत बह जाए।
- (A) नीलगिरी की पहाड़ियां
- (B) बाबा बुदन की पहाड़ियां (कर्नाटक)
- (C) गारो पहाड़ियां
- (D) अरावली पहाड़ियां
व्याख्या: 17वीं शताब्दी में यमन से लाए गए अरेबिका कॉफी के बीजों को कर्नाटक के चिकमगलूर स्थित बाबा बुदन की पहाड़ियों में रोपा गया था।
- (A) अरेबिका (Arabica)
- (B) रोबस्टा
- (C) लिबेरिका
- (D) मोचा
व्याख्या: भारत में यमन मूल की उच्च कोटि की 'अरेबिका' किस्म की कॉफी का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है।
- (A) केरल
- (B) कर्नाटक
- (C) तमिलनाडु
- (D) आंध्र प्रदेश
व्याख्या: कर्नाटक के कोडागु (कूर्ग), चिकमगलूर और हासन जिले भारत के प्रमुख कॉफी उत्पादक क्षेत्र हैं।
- (A) जलोढ़ मिट्टी
- (B) काली मिट्टी (रेगुर मिट्टी)
- (C) लाल मिट्टी
- (D) मरुस्थलीय मिट्टी
व्याख्या: काली मिट्टी में नमी धारण करने की उच्च क्षमता होती है और यह दक्कन के लावा पठार में पाई जाती है, इसलिए इसे 'काली कपास मिट्टी' भी कहते हैं।
- (A) 50 दिन
- (B) 100 दिन
- (C) 210 दिन
- (D) 365 दिन
व्याख्या: कपास की अच्छी फसल के लिए 210 पाला-मुक्त दिन (Frost-free days) और तेज खिली धूप की आवश्यकता होती है।
- (A) गुजरात और महाराष्ट्र
- (B) बिहार और झारखंड
- (C) असम और पश्चिम बंगाल
- (D) केरल और तमिलनाडु
व्याख्या: दक्कन ट्रैप की काली मिट्टी के विस्तार के कारण गुजरात और महाराष्ट्र देश में कच्चे कपास के दो सबसे बड़े उत्पादक हैं।
- (A) सफेद सोना
- (B) सुनहरा रेशा (Golden Fibre)
- (C) काला हीरा
- (D) हरा सोना
व्याख्या: जूट के प्राकृतिक भूरे-सुनहरे रंग, उच्च मजबूती और पैकेजिंग व रस्सियां बनाने में आर्थिक मूल्य के कारण इसे गोल्डन फाइबर कहा जाता है।
- (A) बिहार
- (B) पश्चिम बंगाल
- (C) असम
- (D) ओडिशा
व्याख्या: हुगली नदी बेसिन में भरपूर जल, जलोढ़ गाद और उच्च तापमान के कारण पश्चिम बंगाल देश के लगभग 70% से अधिक जूट का उत्पादन करता है।
- (A) भूमध्यरेखीय (Equatorial)
- (B) शुष्क मरुस्थलीय
- (C) टुंड्रा
- (D) शीतोष्ण
व्याख्या: रबर मूल रूप से भूमध्यरेखीय क्षेत्र की फसल है, जिसके लिए 200 सेमी से अधिक वर्षा और 25°C से अधिक नम तापमान आवश्यक है।
- (A) केरल
- (B) कर्नाटक
- (C) तमिलनाडु
- (D) असम
व्याख्या: पश्चिमी घाट की नम ढलानों और भारी मानसूनी वर्षा के कारण केरल भारत का सबसे बड़ा रबर उत्पादक राज्य है।
- (A) बाढ़ नियंत्रण से
- (B) दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से
- (C) मत्स्य पालन से
- (D) गेहूं उत्पादन से
व्याख्या: डॉ. वर्गीज कुरियन के नेतृत्व में 1970 में शुरू किए गए ऑपरेशन फ्लड ने भारत को विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बना दिया।
- (A) गेहूं और चावल
- (B) चाय और कॉफी
- (C) दालें और तिलहन
- (D) कपास और जूट
व्याख्या: 1960 के दशक में उच्च उपज देने वाले बीजों (HYV), रासायनिक खादों और नहरी सिंचाई के प्रयोग से पंजाब, हरियाणा और प. उत्तर प्रदेश में गेहूं और चावल के उत्पादन में भारी उछाल आया।
- (A) डॉ. वर्गीज कुरियन
- (B) प्रो. एम. एस. स्वामीनाथन
- (C) डॉ. नॉर्मन बोरलॉग
- (D) सुंदरलाल बहुगुणा
व्याख्या: भारत में मेक्सिकन गेहूं की बौनी किस्मों को भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल बनाकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का श्रेय एम. एस. स्वामीनाथन को जाता है।
- (A) सेरीकल्चर (Sericulture)
- (B) पिसीकल्चर
- (C) एपीकल्चर
- (D) हॉर्टिकल्चर
व्याख्या: शहतूत के पत्तों पर रेशम के कीड़ों (बॉम्बिक्स मोरी) को पालकर कोकून से रेशम का धागा तैयार करने की प्रक्रिया सेरीकल्चर कहलाती है।
- (A) हॉर्टिकल्चर (बागवानी)
- (B) फ्लोरीकल्चर
- (C) सेरीकल्चर
- (D) विटिकल्चर
व्याख्या: बागवानी (Horticulture) कृषि की वह शाखा है जिसके अंतर्गत फल, सब्जियां, कंद-मूल और सजावटी पौधों का सघन उत्पादन किया जाता है।
- (A) झूम (Jhum)
- (B) पामलू
- (C) बेवर
- (D) पोडू
व्याख्या: जंगलों को काटकर और जलाकर राख पर 2-3 साल खेती करने के बाद आगे बढ़ जाने की आदिम कृषि प्रणाली को पूर्वोत्तर में 'झूम' कहा जाता है।
- (A) दीपा (Dipa)
- (B) खील
- (C) वालरे
- (D) कुरुवा
व्याख्या: बस्तर और अंडमान में स्थानांतरित आदिम कृषि को स्थानीय बोली में 'दीपा' कहा जाता है।
- (A) जहाँ भूमि पर जनसंख्या का भारी दबाव होता है और जोत का आकार छोटा होता है
- (B) विरल आबादी वाले मरुस्थलों में
- (C) केवल पहाड़ी शिखरों पर
- (D) बड़े बागानों में
व्याख्या: गंगा के मैदानों (बिहार, उ.प्र., प. बंगाल) में किसान परिवार के भरण-पोषण के लिए छोटे खेतों पर अधिक श्रम और खादों का प्रयोग कर अधिकतम उत्पादन लेते हैं।
- (A) कपास
- (B) जूट
- (C) प्राकृतिक रेशम
- (D) गन्ना
व्याख्या: कपास, जूट, सन और रेशम रेशेदार फसलें हैं जिनसे धागे और वस्त्र बनते हैं; गन्ना एक शर्करा देने वाली नकदी फसल है।
- (A) आकाश अनुसंधान
- (B) मत्स्य उत्पादन (मछली पालन)
- (C) नील की खेती
- (D) पेयजल आपूर्ति
व्याख्या: देश के समुद्री और अंतर्देशीय जलस्रोतों से मछली और जलीय जीवों के वैज्ञानिक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नीली क्रांति शुरू की गई थी।
- (A) तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता से
- (B) हल्दी उत्पादन से
- (C) सोने के खनन से
- (D) दालों से
व्याख्या: खाद्य तेलों (सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी) के उत्पादन में भारी वृद्धि कर आयात पर निर्भरता घटाने के लिए 1986 में पीली क्रांति लाई गई थी।
- (A) लाल लेटेराइट मिट्टी
- (B) काली मिट्टी
- (C) दलदली मिट्टी
- (D) लवणीय मिट्टी
व्याख्या: तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और गोवा की लाल लेटेराइट मिट्टी काजू के बागानों के लिए सबसे अनुकूल मानी जाती है।
- (A) महात्मा गांधी
- (B) विनोबा भावे
- (C) जयप्रकाश नारायण
- (D) जवाहरलाल नेहरू
व्याख्या: 1951 में आंध्र प्रदेश के पोचमपल्ली में विनोबा भावे ने भूमिहीन किसानों को स्वेच्छा से दान में मिली जमीन बांटने का अहिंसक आंदोलन शुरू किया था।
- (A) 1990
- (B) 1998-99
- (C) 2005
- (D) 2014
व्याख्या: किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाने और कम ब्याज पर समय पर बीज, खाद व उपकरण खरीदने हेतु संस्थागत ऋण देने के लिए KCC योजना शुरू हुई थी।
- (A) रबी, खरीफ, जायद
- (B) औस, अमन और बोरो
- (C) सोना, रूपा, हीरा
- (D) शरबती, कल्याण, सोनालिका
व्याख्या: पश्चिम बंगाल और असम के किसान निरंतर सिंचाई व नमी के कारण साल भर में तीन बार धान काटते हैं, जिन्हें शरदकालीन (औस), शीतकालीन (अमन) और ग्रीष्मकालीन (बोरो) कहा जाता है।
- (A) किसानों के दूर-दूर बिखरे छोटे-छोटे खेतों को एक जगह इकट्ठा करना
- (B) खेती बंद कराना
- (C) केवल बड़े उद्योग लगाना
- (D) जंगलों को बढ़ाना
व्याख्या: पीढ़ियों के विभाजन से खेत बहुत छोटे और बिखरे हो गए थे; चकबंदी द्वारा उन्हें एक बड़े चक (खेत) में बदला गया ताकि ट्रैक्टर व नलकूप का उपयोग व्यावहारिक हो सके।
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