Chapter 2. कृषि | BSEB 10 Geography Notes


BSEB कक्षा 10 | भूगोल (खण्ड-क: भारत : संसाधन एवं उपयोग)

अध्याय 2: कृषि (Agriculture)

100 महत्वपूर्ण स्मरणीय तथ्य एवं परीक्षापयोगी संपूर्ण अध्ययन नोट्स

पाठ का परिचय एवं अवलोकन

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) कक्षा 10 भूगोल (खंड-क: भारत : संसाधन एवं उपयोग) का दूसरा अध्याय 'कृषि' (Agriculture) भारतीय अर्थव्यवस्था, आजीविका और खाद्य सुरक्षा की आधारशिला पर केंद्रित है।

भारत मूलतः एक कृषि-प्रधान देश है, जहाँ की लगभग दो-तिहाई जनसंख्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि कार्यों पर आश्रित है। कृषि न केवल देश के विशाल जनसमूह को भोजन उपलब्ध कराती है, बल्कि वस्त्र, चीनी, जूट और खाद्य प्रसंस्करण जैसे अनेक महत्वपूर्ण उद्योगों को कच्चा माल भी प्रदान करती है। देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और विदेशी व्यापार में भी कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है।

इस अध्याय में प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषयों का गहन अध्ययन किया जाता है:

  • कृषि के प्रकार: प्रारंभिक जीविका निर्वाह कृषि (झूम खेती), गहन जीविका कृषि, तथा वाणिज्यिक/रोपण कृषि।
  • फसली ऋतुएं: रबी (शीतकालीन), खरीफ (मानसूनी/ग्रीष्मकालीन), और जायद (अल्पकालिक ग्रीष्मकालीन)।
  • प्रमुख फसलें:
    • खाद्यान्न: चावल, गेहूं, मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा, रागी), मक्का और दालें।
    • नकदी एवं रेशेदार: गन्ना, तिलहन (सरसों, मूंगफली, सोयाबीन), चाय, कॉफी, कपास और जूट।
    • बागवानी: फल एवं सब्जियां।
  • भौगोलिक दशाएं: फसलों के लिए आवश्यक तापमान, वर्षा, उपयुक्त मिट्टी और शीर्ष उत्पादक राज्य।
  • कृषि सुधार एवं क्रांतियां: हरित क्रांति, श्वेत क्रांति (ऑपरेशन फ्लड), संस्थागत व तकनीकी सुधार (जमींदारी उन्मूलन, चकबंदी, केसीसी, फसल बीमा) तथा वैश्वीकरण का प्रभाव।
1. भारतीय कृषि: आधारभूत संकल्पना एवं महत्व (तथ्य 1 - 10)
  1. 1भारत एक कृषि-प्रधान देश है, जहाँ की लगभग दो-तिहाई (लगभग 60-65%) आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है।
  2. 2कृषि अर्थव्यवस्था के प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector) के अंतर्गत आती है।
  3. 3देश के कुल राष्ट्रीय आय और रोजगार सृजन में कृषि क्षेत्र का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है।
  4. 4भारतीय कृषि मानसूनी वर्षा पर अत्यधिक निर्भर होने के कारण इसे 'मानसून का जुआ' भी कहा जाता है।
  5. 5सूती वस्त्र, जूट, चीनी और वनस्पति तेल उद्योग पूरी तरह कृषि से प्राप्त कच्चे माल पर निर्भर हैं।
  6. 6भारत की कुल भूमि का लगभग 54% भाग कृषि कार्यों (शुद्ध बोया गया क्षेत्र एवं परती भूमि) के लिए उपयोग में लाया जाता है।
  7. 7कृषि उत्पादन में वृद्धि से देश की खाद्य सुरक्षा (Food Security) सुनिश्चित होती है।
  8. 8जनसंख्या के भारी दबाव के कारण भारत में प्रति व्यक्ति कृषि भूमि की उपलब्धता निरंतर घट रही है।
  9. 9जोतों का छोटा आकार और खेतों का विखंडन भारतीय कृषि के पिछड़ेपन का एक प्रमुख कारण है।
  10. 10देश के योजना आयोग (अब नीति आयोग) ने कृषि विकास को पंचवर्षीय योजनाओं में सदैव प्राथमिकता दी है।
2. कृषि के विभिन्न प्रकार (तथ्य 11 - 25)
  1. 11भूमि के छोटे टुकड़ों पर पारंपरिक औजारों (लकड़ी के हल, खुरपी) और पारिवारिक श्रम से की जाने वाली खेती को 'प्रारंभिक जीविका निर्वाह कृषि' कहते हैं।
  2. 12'कर्तन एवं दहन प्रणाली' (Slash and Burn) को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड) में 'झूम कृषि' (Jhum Cultivation) कहा जाता है।
  3. 13झूम खेती में जंगलों को काटकर और जलाकर भूमि साफ की जाती है तथा 2-3 वर्षों बाद भूमि बदलने की प्रथा होती है।
  4. 14छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में झूम खेती को 'दीपा' कहा जाता है।
  5. 15मध्य प्रदेश में झूम खेती को 'बेवर' या 'दहिया', आंध्र प्रदेश में 'पोडू' या 'पेंडा' तथा ओडिशा में 'पामा डाबी' या 'कोमन' कहा जाता है।
  6. 16पश्चिमी घाट के पहाड़ी ढलानों पर झूम कृषि को 'कुमारी' तथा राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में 'वाल्टरे' कहा जाता है।
  7. 17जहाँ भूमि पर जनसंख्या का दबाव अधिक होता है और अधिक उपज के लिए रासायनिक उर्वरकों व सिंचाई का भारी प्रयोग होता है, उसे 'गहन जीविका कृषि' कहते हैं।
  8. 18आधुनिक तकनीकों, अधिक उपज देने वाले बीजों (HYV), कीटनाशकों और रासायनिक खादों का प्रयोग कर बाजार में बेचने हेतु की जाने वाली खेती 'वाणिज्यिक कृषि' (Commercial Farming) कहलाती है।
  9. 19पंजाब और हरियाणा में चावल एक वाणिज्यिक फसल है, जबकि ओडिशा और बिहार में यह एक जीविका फसल है।
  10. 20'रोपण कृषि' (Plantation Agriculture) वाणिज्यिक कृषि का ही एक विशिष्ट रूप है, जिसमें एक विस्तृत भू-भाग पर एकल नकदी फसल उगाई जाती है।
  11. 21चाय, कॉफी, रबड़, गन्ना और केला भारत की प्रमुख रोपण फसलें हैं।
  12. 22रोपण कृषि में अत्यधिक पूंजी, आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक और सस्ते कुशल श्रमिकों की आवश्यकता होती है।
  13. 23रोपण कृषि मूलतः कृषि और उद्योग के संगम पर स्थित होती है।
  14. 24असम और पश्चिम बंगाल (दार्जिलिंग) रोपण चाय उत्पादन के प्रसिद्ध क्षेत्र हैं।
  15. 25कर्नाटक का चिकमगलूर और कूर्ग क्षेत्र रोपण कॉफी के उत्पादन के लिए विख्यात है।
3. फसली (सस्य) ऋतुएं: रबी, खरीफ एवं जायद (तथ्य 26 - 37)
  1. 26भारत में मुख्य रूप से तीन फसली ऋतुएं पाई जाती हैं: रबी, खरीफ और जायद
  2. 27'रबी फसल' को शीत ऋतु के आगमन पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच बोया जाता है।
  3. 28रबी फसलों की कटाई ग्रीष्म ऋतु के प्रारंभ में अप्रैल से जून के मध्य की जाती है।
  4. 29गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों और अलसी (तीसी) प्रमुख रबी फसलें हैं।
  5. 30पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) से शीतकाल में होने वाली वर्षा रबी फसलों (विशेषकर गेहूं) के लिए वरदान साबित होती है।
  6. 31'खरीफ फसल' मानसूनी वर्षा के आगमन के साथ जून-जुलाई में बोई जाती है।
  7. 32खरीफ फसलों की कटाई मानसून की समाप्ति पर सितंबर-अक्टूबर में की जाती है।
  8. 33चावल (धान), मक्का, ज्वार, बाजरा, अरहर (तूर), मूंग, उड़द, कपास, जूट, मूंगफली और सोयाबीन प्रमुख खरीफ फसलें हैं।
  9. 34रबी और खरीफ ऋतुओं के बीच ग्रीष्मकाल (मार्च से मई) में बोई जाने वाली अल्पकालिक फसल को 'जायद' (Zaid) कहते हैं।
  10. 35तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और मौसमी सब्जियां प्रमुख जायद फसलें हैं।
  11. 36असम, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में धान की एक वर्ष में तीन फसलें ली जाती हैं, जिन्हें 'औस', 'अमन' और 'बोरो' कहा जाता है।
  12. 37'बोरो' धान ग्रीष्मकालीन धान की एक किस्म है जिसे सिंचाई के सहारे उगाया जाता है।
4. चावल (धान) की फसल (तथ्य 38 - 46)
  1. 38भारत की अधिकांश जनता की सर्वप्रमुख और सबसे बड़ी खाद्यान्न फसल चावल है।
  2. 39चावल उत्पादन में भारत का चीन के बाद विश्व में दूसरा स्थान है।
  3. 40चावल एक उष्ण-कटिबंधीय और आर्द्र जलवायु की खरीफ फसल है।
  4. 41चावल की खेती के लिए 24°C से अधिक उच्च तापमान और 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है।
  5. 42चावल की फसल के लिए चिकनी दोमट या जलोढ़ मिट्टी सर्वाधिक उपयुक्त होती है, जो पानी को रोककर रख सके।
  6. 43कम वर्षा वाले क्षेत्रों (पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में नलकूपों व नहरों से सिंचाई करके चावल उगाया जाता है।
  7. 44भारत में चावल का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल है।
  8. 45उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पंजाब, बिहार, ओडिशा और तमिलनाडु अन्य प्रमुख चावल उत्पादक राज्य हैं।
  9. 46छत्तीसगढ़ राज्य को अपने उच्च धान उत्पादन के कारण 'धान का कटोरा' (Rice Bowl) कहा जाता है।
5. गेहूं की फसल (तथ्य 47 - 56)
  1. 47गेहूं भारत की दूसरी सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण खाद्यान्न फसल है।
  2. 48गेहूं देश के उत्तर और उत्तर-पश्चिमी भागों में मुख्य खाद्य स्रोत है।
  3. 49गेहूं उत्पादन में भी भारत का विश्व में चीन के बाद दूसरा स्थान है।
  4. 50गेहूं एक शीतोष्ण कटिबंधीय रबी फसल है।
  5. 51गेहूं बोते समय 10°C से 15°C तथा पकते समय 20°C से 25°C खिली धूप और तापमान आवश्यक होता है।
  6. 52गेहूं की खेती के लिए 50 से 75 सेमी वार्षिक वर्षा पर्याप्त मानी जाती है।
  7. 53दोमट या बलुई दोमट मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उत्तम होती है।
  8. 54भारत में गेहूं का सर्वाधिक उत्पादन करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है।
  9. 55प्रति हेक्टेयर गेहूं उत्पादकता (Productivity) की दृष्टि से पंजाब राज्य देश में प्रथम स्थान पर है।
  10. 56हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार अन्य प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्य हैं।
6. मोटे अनाज (Millets) एवं मक्का (तथ्य 57 - 69)
  1. 57ज्वार, बाजरा और रागी को पोषक तत्वों की प्रचुरता के कारण 'मोटे अनाज' (Nutri-cereals) कहा जाता है।
  2. 58मोटे अनाजों में लौह तत्व, कैल्शियम, फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
  3. 59रागी में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और आयरन होता है, जो शुष्क क्षेत्रों में लाल और बलुई मिट्टी पर उगती है।
  4. 60रागी का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कर्नाटक है।
  5. 61क्षेत्रफल और उत्पादन की दृष्टि से ज्वार (Jowar) देश की तीसरी सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न फसल है।
  6. 62ज्वार मुख्य रूप से वर्षा पर पोषित (Rainfed) फसल है, जिसके लिए बहुत कम सिंचाई की आवश्यकता होती है।
  7. 63ज्वार का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य महाराष्ट्र है (इसके बाद कर्नाटक और मध्य प्रदेश)।
  8. 64बाजरा बलुई और उथली काली मिट्टी पर अच्छी तरह उगता है।
  9. 65बाजरा का देश में सबसे बड़ा उत्पादक राज्य राजस्थान है (इसके बाद उत्तर प्रदेश और गुजरात)।
  10. 66'मक्का' (Maize) एक ऐसी फसल है जिसका उपयोग खाद्यान्न और पशु चारा दोनों रूपों में किया जाता है।
  11. 67मक्का एक खरीफ फसल है, जिसके लिए 21°C से 27°C तापमान और पुरानी जलोढ़ (बांगर) मिट्टी सर्वोत्तम होती है।
  12. 68बिहार में मक्का रबी ऋतु में भी बड़े पैमाने पर उगाई जाती है, जहाँ इसकी उत्पादकता बहुत अधिक है।
  13. 69मक्का उत्पादन में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और बिहार अग्रणी राज्य हैं।
7. दालें एवं तिलहन फसलें (तथ्य 70 - 82)
  1. 70भारत विश्व में दालों का सबसे बड़ा उत्पादक, सबसे बड़ा उपभोक्ता और सबसे बड़ा आयातक देश है।
  2. 71शाकाहारी भोजन में दालें प्रोटीन का सबसे प्रमुख और सुलभ स्रोत हैं।
  3. 72तुअर (अरहर), उड़द, मूंग, मसूर, मटर और चना भारत की प्रमुख दलहनी फसलें हैं।
  4. 73अरहर को छोड़कर लगभग सभी दालें फलीदार (Leguminous) फसलें हैं, जो वायुमंडल से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी की उर्वरता बहाल करती हैं।
  5. 74मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता बनाए रखने के लिए दालों को प्रायः अन्य फसलों के साथ 'फसल चक्रण' (Crop Rotation) में बोया जाता है।
  6. 75भारत में दालों का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश है।
  7. 76तिलहन फसलों में भारत खाद्य तेलों का एक प्रमुख उत्पादक देश है।
  8. 77मूंगफली, सरसों, नारियल, तिल, सोयाबीन, अरंडी, बिनौला, अलसी और सूरजमुखी भारत के प्रमुख तिलहन हैं।
  9. 78देश के कुल तिलहन उत्पादन के लगभग आधे हिस्से का योगदान मूंगफली (Groundnut) अकेले देती है।
  10. 79मूंगफली एक खरीफ फसल है और इसका सबसे बड़ा उत्पादक राज्य गुजरात है (इसके बाद राजस्थान और तमिलनाडु)।
  11. 80सोयाबीन उत्पादन में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र देश के शीर्ष उत्पादक राज्य हैं।
  12. 81सरसों एक प्रमुख रबी तिलहन फसल है और इसका सर्वाधिक उत्पादन राजस्थान में होता है।
  13. 82अरंडी (Castor seed) खरीफ और रबी दोनों ऋतुओं में उगाई जाने वाली तिलहन फसल है।
8. नकदी एवं रेशेदार फसलें: गन्ना, चाय, कॉफी, कपास एवं जूट (तथ्य 83 - 98)
  1. 83'गन्ना' एक उष्ण और उपोष्ण कटिबंधीय फसल है, जिसके लिए 21°C से 27°C तापमान और 75 से 100 सेमी वर्षा आवश्यक है।
  2. 84भारत गन्ने के मूल उद्गम देशों में से एक है और ब्राजील के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक है।
  3. 85भारत में गन्ने का सर्वाधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है।
  4. 86'चाय' एक प्रमुख पेय और रोपण फसल है, जिसकी शुरुआत भारत में अंग्रेजों ने 1840 के दशक में असम की ब्रह्मपुत्र घाटी में की थी।
  5. 87चाय की झाड़ियों के लिए सुप्रवाहित ढलवां भूमि, जीवांशयुक्त गहरी उपजाऊ मिट्टी और वर्ष भर समान रूप से होने वाली हल्की बौछारें अनिवार्य हैं।
  6. 88भारत में चाय का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य असम है (इसके बाद पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग व जलपाईगुड़ी)।
  7. 89दार्जिलिंग की चाय अपने विशिष्ट स्वाद और सुगंध के लिए विश्व प्रसिद्ध है और इसे भारत का पहला GI टैग (2004) मिला था।
  8. 90भारत में अरेबिका (Arabica) और रोबस्टा (Robusta) किस्म की उच्च गुणवत्ता वाली कॉफी उगाई जाती है।
  9. 91भारत में कॉफी की शुरुआत यमन से लाए गए अरेबिका बीजों से कर्नाटक की 'बाबा बूदन पहाड़ियों' में हुई थी।
  10. 92भारत में कॉफी का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कर्नाटक है (इसके बाद केरल और तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ियां)।
  11. 93कपास को 'सफेद सोना' (White Gold) कहा जाता है और यह सूती वस्त्र उद्योग का मूल कच्चा माल है।
  12. 94कपास की खेती के लिए दक्कन के पठार की 'काली मिट्टी' (रेगुर), उच्च तापमान, हल्की वर्षा और 210 पाला-रहित दिन (Frost-free days) आवश्यक होते हैं।
  13. 95कपास उत्पादन में गुजरात और महाराष्ट्र देश के अग्रणी राज्य हैं।
  14. 96जूट को 'सुनहरा रेशा' (Golden Fibre) कहा जाता है और इसका उपयोग बोरियां, चटाई, रस्सियां और कालीन बनाने में होता है।
  15. 97जूट की खेती के लिए बाढ़ के मैदानों की प्रतिवर्ष नवीनीकृत होने वाली उपजाऊ मिट्टी और उच्च तापमान आवश्यक है।
  16. 98भारत में जूट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल है (इसके बाद बिहार का पूर्णिया-कटिहार क्षेत्र और असम)।
9. कृषि सुधार, क्रांतियां एवं वैश्वीकरण (तथ्य 99 - 100)
  1. 991960 के दशक के उत्तरार्ध में उच्च उत्पादकता वाले संकर बीजों (HYV), रासायनिक खादों और आधुनिक सिंचाई के समन्वय से खाद्यान्न (विशेषकर गेहूं और चावल) उत्पादन में हुई अभूतपूर्व वृद्धि को 'हरित क्रांति' (Green Revolution) कहा जाता है; भारत में डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन को इसका जनक माना जाता है।
  2. 100दुग्ध उत्पादन में तीव्र वृद्धि हेतु शुरू किए गए 'ऑपरेशन फ्लड' को 'श्वेत क्रांति' कहा जाता है (जिसके जनक डॉ. वर्गीज कुरियन थे); भारतीय किसानों को साहूकारों के शोषण से बचाने हेतु 'किसान क्रेडिट कार्ड' (KCC), फसल बीमा योजना तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी संस्थागत योजनाएं लागू की गई हैं।

त्वरित पुनरावलोकन: भारत की प्रमुख फसलें एवं भौगोलिक आवश्यकताएं

फसल का नाम फसली ऋतु / प्रकार आवश्यक तापमान वार्षिक वर्षा शीर्ष उत्पादक राज्य
चावल (धान) खरीफ (उष्ण-आर्द्र) 24°C से अधिक 100 सेमी से अधिक पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब
गेहूं रबी (शीतोष्ण) 10°C - 25°C 50 - 75 सेमी उत्तर प्रदेश (उत्पादकता में पंजाब)
मक्का खरीफ (बिहार में रबी भी) 21°C - 27°C 50 - 100 सेमी कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार
गन्ना रोपण / नकदी (उष्ण-उपोष्ण) 21°C - 27°C 75 - 100 सेमी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र
चाय पेय / रोपण फसल 20°C - 30°C 150 - 250 सेमी असम, पश्चिम बंगाल (दार्जिलिंग)
कॉफी पेय / रोपण फसल 15°C - 28°C 150 - 200 सेमी कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु
कपास खरीफ / रेशेदार (काली मिट्टी) 21°C - 30°C (210 पाला-रहित दिन) 50 - 100 सेमी गुजरात, महाराष्ट्र
जूट खरीफ / सुनहरा रेशा 25°C - 35°C 150 - 200 सेमी पश्चिम बंगाल, बिहार, असम
BSEB 10वीं बोर्ड परीक्षा हेतु प्रामाणिक एवं विस्तृत अध्ययन सामग्री | भूगोल (खण्ड-क) - अध्याय 2: कृषि

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