बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10 भूगोल
खण्ड-क : भारत : संसाधन एवं उपयोग | अध्याय 1 एवं समस्त उप-इकाइयाँ (1A, 1B, 1C, 1D, 1E)
| क्र.सं. | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | "संसाधन होते नहीं, बनते हैं" — यह प्रसिद्ध कथन किसका है? | भूगोलवेत्ता जिम्मरमैन का। |
| 2 | संसाधन (Resource) किसे कहते हैं? | पर्यावरण में मौजूद वे सभी वस्तुएं जो मानवीय आवश्यकताओं को पूरा करती हैं और तकनीकी रूप से सुलभ, आर्थिक रूप से व्यवहार्य तथा सांस्कृतिक रूप से मान्य हैं। |
| 3 | उत्पत्ति के आधार पर संसाधन कितने प्रकार के होते हैं? | 2 प्रकार के (जैव संसाधन और अजैव संसाधन)। |
| 4 | समाप्यता (उपयोगिता) के आधार पर संसाधनों के दो मुख्य वर्ग कौन-से हैं? | नवीकरणीय संसाधन और अनवीकरणीय संसाधन। |
| 5 | नवीकरणीय संसाधन के दो उदाहरण दें। | सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल और वन। |
| 6 | अनवीकरणीय संसाधन के दो उदाहरण दें। | कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस। |
| 7 | स्वामित्व के आधार पर संसाधन कितने प्रकार के होते हैं? | 4 प्रकार के (व्यक्तिगत, सामुदायिक, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय)। |
| 8 | किसी देश की तटरेखा से कितनी दूरी तक का समुद्री क्षेत्र राष्ट्रीय संपत्ति माना जाता है? | 12 समुद्री मील (लगभग 22.2 किमी)। |
| 9 | तटरेखा से 200 समुद्री मील की दूरी तक का आर्थिक क्षेत्र क्या कहलाता है? | अपवर्जक आर्थिक क्षेत्र (EEZ - Exclusive Economic Zone)। |
| 10 | अपवर्जक आर्थिक क्षेत्र से परे खुले महासागर पर किसका अधिकार होता है? | अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की सहमति के बिना किसी का नहीं (अंतर्राष्ट्रीय संसाधन)। |
| 11 | विकास की स्थिति के आधार पर संसाधनों के चार वर्ग कौन-से हैं? | संभावी, विकसित, भंडार और संचित कोष। |
| 12 | 'स्मॉल इज ब्यूटीफुल' (Small is Beautiful) पुस्तक के लेखक कौन हैं? | ई० एफ० शूमाकर (Schumacher)। |
| 13 | शूमाकर की पुस्तक किस महापुरुष के विचारों पर आधारित है? | महात्मा गांधी के। |
| 14 | "हमारे पास हर व्यक्ति की आवश्यकता पूर्ति के लिए बहुत कुछ है, लेकिन किसी के लालच की संतुष्टि के लिए नहीं" — यह किसने कहा था? | महात्मा गांधी ने। |
| 15 | प्रथम पृथ्वी सम्मेलन कब और कहाँ आयोजित हुआ था? | 3 से 14 जून 1992 को रियो डी जेनेरो (ब्राजील) में। |
| 16 | द्वितीय पृथ्वी सम्मेलन (न्यूयॉर्क) किस वर्ष आयोजित हुआ था? | 1997 में (इसे '+5 सम्मेलन' भी कहा जाता है)। |
| 17 | तृतीय पृथ्वी सम्मेलन कहाँ और कब हुआ था? | 2002 में जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में। |
| 18 | रियो डी जेनेरो पृथ्वी सम्मेलन (1992) में स्वीकृत 21वीं सदी के सतत विकास घोषणा-पत्र को क्या नाम दिया गया? | एजेंडा 21 (Agenda 21)। |
| 19 | क्योटो सम्मेलन (1997, जापान) का मुख्य विषय क्या था? | ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती एवं ग्लोबल वार्मिंग नियंत्रण। |
| 20 | सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development) की अवधारणा किस आयोग की रिपोर्ट में प्रस्तुत की गई थी? | ब्रुंडलैंड आयोग रिपोर्ट (1987, शीर्षक: 'हमारा साझा भविष्य' / Our Common Future)। |
| 21 | क्लब ऑफ रोम (Club of Rome) ने किस वर्ष संसाधनों के विवेकपूर्ण संरक्षण की वकालत की थी? | 1968 ईस्वी में। |
| 22 | संसाधन नियोजन (Resource Planning) क्या है? | संसाधनों के विवेकपूर्ण और संतुलित उपयोग की सर्वमान्य रणनीति। |
| 23 | भारत का कौन-सा राज्य खनिजों और कोयले के प्रचुर भंडार से संपन्न है? | झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़। |
| 24 | भारत का कौन-सा केंद्रशासित प्रदेश सांस्कृतिक विरासत से धनी है परंतु जल और खनिजों की दृष्टि से अलग-थलग है? | लद्दाख। |
| 25 | अरुणाचल प्रदेश में किस संसाधन की प्रचुरता है परंतु ढांचागत विकास की कमी है? | जल संसाधन की। |
| क्र.सं. | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 26 | भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल कितना है? | 32.8 लाख वर्ग किलोमीटर। |
| 27 | भारत के कितने प्रतिशत भू-भाग पर मैदान का विस्तार है? | 43% भाग पर। |
| 28 | भारत के कुल क्षेत्रफल के कितने प्रतिशत भाग पर पर्वत विस्तृत हैं? | 30% भाग पर। |
| 29 | भारत में पठारी क्षेत्र का विस्तार कितने प्रतिशत भू-भाग पर है? | 27% भाग पर। |
| 30 | शुद्ध बोया गया क्षेत्र (Net Sown Area) किसे कहते हैं? | वह भूमि जिस पर वर्ष में कम से कम एक बार फसलें उगाई और काटी जाती हैं। |
| 31 | पंजाब और हरियाणा में कितने प्रतिशत भूमि पर खेती होती है? | लगभग 80% से अधिक भूमि पर। |
| 32 | पूर्वोत्तर राज्यों (अरुणाचल, मिजोरम) और अंडमान में कितने प्रतिशत भूमि पर खेती होती है? | 10% से भी कम भूमि पर। |
| 33 | मृदा (Soil) निर्माण के मुख्य कारक कौन-से हैं? | मूल चट्टान, जलवायु, वनस्पति, समय और उच्चावच। |
| 34 | भारत में सबसे अधिक क्षेत्रफल पर विस्तृत और सर्वाधिक उपजाऊ मिट्टी कौन-सी है? | जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil)। |
| 35 | जलोढ़ मिट्टी भारत के कुल कितने क्षेत्रफल पर पाई जाती है? | लगभग 6.4 करोड़ हेक्टेयर (लगभग 45%)। |
| 36 | नवीन जलोढ़ मिट्टी को क्या कहा जाता है? | खादर (Khadar)। |
| 37 | पुरातन (पुरानी) जलोढ़ मिट्टी को किस नाम से जाना जाता है? | बांगर (Bangar)। |
| 38 | बांगर मिट्टी में किस तत्व के कंकड़ पाए जाते हैं? | चूनेदार कंकड़ (कैल्शियम कार्बोनेट)। |
| 39 | काली मिट्टी का स्थानीय या दूसरा नाम क्या है? | रेगुर मिट्टी (Regur Soil)। |
| 40 | काली मिट्टी किस फसल की खेती के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है? | कपास (Cotton)। |
| 41 | काली मिट्टी का निर्माण किस प्रकार की चट्टानों के टूटने से हुआ है? | बेसाल्ट (लावा जनित आग्नेय चट्टानों) से। |
| 42 | काली मिट्टी का रंग काला किस यौगिक की उपस्थिति के कारण होता है? | टिटेनीफेरस मैग्नेटाइट और जीवांश। |
| 43 | काली मिट्टी मुख्य रूप से किन राज्यों में पाई जाती है? | महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश। |
| 44 | लाल मिट्टी का रंग लाल क्यों दिखाई देता है? | लोहे के अंश (लौह ऑक्साइड) के विसरण के कारण। |
| 45 | लाल मिट्टी में जल सोखने पर वह किस रंग की दिखाई देती है? | पीली (पीली मिट्टी)। |
| 46 | 'लेटराइट' शब्द की उत्पत्ति किस ग्रीक शब्द से हुई है? | 'लेटर' (Later) से, जिसका अर्थ 'ईंट' (Brick) होता है। |
| 47 | लेटराइट मिट्टी का निर्माण किस प्रक्रिया द्वारा होता है? | तीव्र मानसूनी निशालन (Leaching / लीचिंग) द्वारा। |
| 48 | मरुस्थलीय (शुष्क) मृदा का विस्तार भारत के किस राज्य में सर्वाधिक है? | राजस्थान में। |
| 49 | पहाड़ी ढलानों पर मृदा अपरदन रोकने के लिए कौन-सी कृषि पद्धति अपनाई जाती है? | सीढ़ीनुमा (सोपानी) खेती और समोच्च रेखीय जुताई। |
| 50 | हवा द्वारा मृदा अपरदन वाले क्षेत्रों में कौन-सी कृषि उपयुक्त मानी जाती है? | पट्टी कृषि (Strip Cropping)। |
| क्र.सं. | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 51 | पृथ्वी के कुल धरातल का लगभग कितना प्रतिशत भाग जल से आच्छादित है? | लगभग 71%। |
| 52 | जल की उपस्थिति के कारण ही पृथ्वी को किस उपनाम से जाना जाता है? | 'नीला ग्रह' (Blue Planet)। |
| 53 | पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का कितना प्रतिशत भाग महासागरों में खारा जल है? | लगभग 96.5% (या 97%)। |
| 54 | विश्व में उपलब्ध कुल मीठे/अलवणीय जल (Freshwater) का प्रतिशत कितना है? | मात्र 2.5%। |
| 55 | अलवणीय जल का लगभग 70% भाग किस रूप में संचित है? | हिमनदों (ग्लेशियर) और ध्रुवीय बर्फ की चादरों में। |
| 56 | विश्व की कुल वर्षा का कितना प्रतिशत भाग भारत को प्राप्त होता है? | लगभग 4%। |
| 57 | प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता की दृष्टि से भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है? | 133वां स्थान। |
| 58 | भारत में जल का सर्वाधिक उपयोग किस क्षेत्र में होता है? | कृषि क्षेत्र में (लगभग 84%)। |
| 59 | "बांधों को आधुनिक भारत का मंदिर" किसने कहा था? | पंडित जवाहरलाल नेहरू ने। |
| 60 | बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना (Multipurpose Project) किसे कहते हैं? | जिस परियोजना से एक साथ कई उद्देश्य (सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, बिजली, मत्स्य पालन, पर्यटन) पूरे होते हों। |
| 61 | स्वतंत्र भारत की प्रथम बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना कौन-सी है? | दामोदर घाटी परियोजना (DVC - 1948)। |
| 62 | भाखड़ा-नांगल परियोजना किस नदी पर स्थित है? | सतलुज नदी पर। |
| 63 | भाखड़ा-नांगल बांध के पीछे बने विशाल जलाशय का नाम क्या है? | गोविंद सागर। |
| 64 | भारत का सबसे लंबा बांध कौन-सा है? | हीराकुंड बांध (ओडिशा, महानदी पर)। |
| 65 | हीराकुंड बांध की लंबाई कितनी है? | लगभग 4.8 किमी (मुख्य बांध) और कुल 25.8 किमी। |
| 66 | भारत का सबसे ऊँचा बांध कौन-सा है? | टिहरी बांध (उत्तराखंड, भागीरथी नदी पर - ऊँचाई 260.5 मीटर)। |
| 67 | सरदार सरोवर बांध किस नदी पर और किस राज्य में बनाया गया है? | नर्मदा नदी पर, गुजरात में। |
| 68 | 'नर्मदा बचाओ आंदोलन' का नेतृत्व किसने किया था? | मेधा पाटकर ने। |
| 69 | नागार्जुन सागर परियोजना किस नदी पर स्थित है? | कृष्णा नदी पर (आंध्र प्रदेश/तेलंगाना)। |
| 70 | चंबल घाटी परियोजना के तहत बने तीन मुख्य बांध कौन-से हैं? | गांधी सागर, राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर। |
| 71 | इंदिरा गांधी नहर (राजस्थान नहर) किस नदी से निकाली गई है? | सतलुज और व्यास के संगम पर स्थित हरिके बैराज से। |
| 72 | भारत के किस राज्य में प्रत्येक घर में छत जल संचयन (Rooftop Harvesting) अनिवार्य कर दिया गया है? | तमिलनाडु में। |
| 73 | मेघालय की राजधानी शिलांग में जल संकट होने का विरोधाभासी कारण क्या है? | चेरापूंजी और मासिनराम के निकट होते हुए भी छत जल संचयन की उपेक्षा। |
| 74 | बांस ड्रिप सिंचाई प्रणाली (Bamboo Drip Irrigation) भारत के किस राज्य में प्रचलित है? | मेघालय में। |
| 75 | अत्यधिक जल दोहन से पश्चिम बंगाल और बिहार के भूजल में किस घातक तत्व की मात्रा बढ़ गई है? | आर्सेनिक (Arsenic)। |
| क्र.सं. | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 76 | भारत में कुल भौगोलिक क्षेत्र के कितने प्रतिशत भाग पर वनों का विस्तार है? | लगभग 24.62% (FSI रिपोर्ट के अनुसार)। |
| 77 | राष्ट्रीय वन नीति (1952) के अनुसार देश के कितने प्रतिशत भू-भाग पर वन होने अनिवार्य हैं? | 33% भाग पर। |
| 78 | क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सर्वाधिक वन आवरण वाला राज्य कौन-सा है? | मध्य प्रदेश। |
| 79 | प्रतिशत की दृष्टि से भारत में सर्वाधिक वनाच्छादित राज्य कौन-सा है? | मिजोरम (लगभग 84.5%)। |
| 80 | हरियाणा राज्य में वन आवरण का प्रतिशत कितना है? | सबसे कम (लगभग 3.6%)। |
| 81 | प्रशासनिक आधार पर वनों को कितने वर्गों में बाँटा गया है? | 3 वर्गों में (आरक्षित वन, रक्षित वन और अवर्गीकृत वन)। |
| 82 | आरक्षित वन (Reserved Forests) क्या हैं? | वे स्थायी वन जहाँ लकड़ी काटने और पशु चराने पर पूर्ण प्रतिबंध होता है (सर्वाधिक मूल्यवान)। |
| 83 | रक्षित वन (Protected Forests) किसे कहते हैं? | जहाँ स्थानीय लोगों को कुछ शर्तों और नियमों के तहत पशु चराने व सूखी लकड़ी चुनने की छूट होती है। |
| 84 | अवर्गीकृत वन (Unclassed Forests) किन्हें कहा जाता है? | बंजर भूमि व अन्य वन जो सरकार, निजी व्यक्तियों और समुदायों के साझा नियंत्रण में होते हैं (विशेषकर पूर्वोत्तर भारत)। |
| 85 | रेड डाटा बुक (Red Data Book) किसके द्वारा प्रकाशित की जाती है? | IUCN (प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ)। |
| 86 | रेड डाटा बुक में किन जीवों का विवरण दर्ज होता है? | संकटग्रस्त एवं विलुप्तप्राय प्रजातियों का। |
| 87 | आयुर्वेद के जनक और भारत के महान प्राचीन चिकित्सक कौन थे? | चरक (इन्होंने चरक संहिता लिखी)। |
| 88 | कैंसर के उपचार में किस हिमालयी सदाबहार पौधे की छाल से 'टैक्सोल' रसायन निकाला जाता है? | चीड़ जैसा वृक्ष 'हिमालयन यव' (Taxus wallichiana)। |
| 89 | रक्तचाप (Blood Pressure) के इलाज में केवल भारत में पाया जाने वाला कौन-सा औषधीय पौधा काम आता है? | सर्पगंधा (Rauvolfia serpentina)। |
| 90 | मलेरिया की अचूक दवा कुनैन (Quinine) किस पेड़ की छाल से बनती है? | सिनकोना (Cinchona) वृक्ष की छाल से। |
| 91 | 'चिपको आंदोलन' किस वर्ष और कहाँ प्रारंभ हुआ था? | 1970 के दशक (1973) में उत्तराखंड के चमोली जिले (रेणी गांव) में। |
| 92 | चिपको आंदोलन के सर्वमान्य प्रणेता नेता कौन थे? | सुंदरलाल बहुगुणा और चंडी प्रसाद भट्ट। |
| 93 | सुंदरलाल बहुगुणा द्वारा चिपको आंदोलन का मुख्य नारा क्या था? | "क्या हैं जंगल के उपकार, मिट्टी, पानी और बयार, जिंदा रहने के आधार।" |
| 94 | राजस्थान में खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए 1730 में 363 लोगों के साथ किसने बलिदान दिया था? | अमृता देवी विश्नोई ने। |
| 95 | भारत में 'वन्यजीव संरक्षण अधिनियम' किस वर्ष लागू हुआ था? | 1972 ईस्वी में। |
| 96 | बाघों की घटती संख्या को रोकने के लिए 'प्रोजेक्ट टाइगर' (Project Tiger) कब शुरू किया गया? | अप्रैल 1973 में। |
| 97 | भारत का राष्ट्रीय पशु कौन-सा है? | बाघ (पैंथेरा टाइग्रिस)। |
| 98 | भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौन-सा है? | मयूर / मोर (पावो क्रिस्टेटस)। |
| 99 | पेरियार बाघ अभयारण्य किस राज्य में स्थित है? | केरल में। |
| 100 | गिर राष्ट्रीय उद्यान (गुजरात) किस दुर्लभ वन्यजीव के लिए प्रसिद्ध है? | एशियाई शेर (Asiatic Lion)। |
| क्र.सं. | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 101 | खनिज (Mineral) किसे कहते हैं? | प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला समरूप तत्व जिसकी निश्चित रासायनिक संरचना और आंतरिक परमाणविक ढांचा होता है। |
| 102 | अयस्क (Ore) क्या है? | वह खनिज या शैल जिसमें किसी धातु का इतना अंश हो कि उसे आर्थिक रूप से लाभप्रद ढंग से निष्कर्षण किया जा सके। |
| 103 | खनिजों को मुख्य रूप से कितने वर्गों में बाँटा गया है? | 2 वर्गों में (धात्विक खनिज और अधात्विक खनिज)। |
| 104 | लौह-युक्त धात्विक खनिज के दो उदाहरण दें। | लोहा, मैंगनीज, निकल और कोबाल्ट। |
| 105 | अलौह धात्विक खनिज के दो उदाहरण दें। | तांबा, बॉक्साइट, सीसा, जस्ता और सोना। |
| 106 | 'उद्योगों की जननी' किस खनिज को कहा जाता है? | लोहा (लौह अयस्क) को। |
| 107 | सर्वोत्तम कोटि का लौह अयस्क कौन-सा है? | मैग्नेटाइट (इसमें 70% से अधिक लोहा होता है; प्राकृतिक चुंबकीय गुण)। |
| 108 | भारत में औद्योगिक उपयोग में सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाला लौह अयस्क कौन-सा है? | हेमेटाइट (लाल अयस्क, 50-60% लोहा)। |
| 109 | भारत में लौह अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन-सा है? | ओडिशा। |
| 110 | कर्नाटक की कौन-सी लौह अयस्क खदान अपनी उच्च गुणवत्ता और पाइपलाइन स्लरी निर्यात के लिए जानी जाती है? | कुद्रेमुख (Kudremukh)। |
| 111 | छत्तीसगढ़ की कौन-सी प्रसिद्ध खदान से उच्च कोटि का हेमेटाइट विशाखापत्तनम बंदरगाह से जापान भेजा जाता है? | बैलाडीला (Bailadila) खदान। |
| 112 | मैंगनीज का मुख्य उपयोग किस उद्योग में होता है? | इस्पात (स्टील) निर्माण में तथा ब्लीचिंग पाउडर, कीटनाशक व शुष्क सेल बनाने में। |
| 113 | एक टन इस्पात बनाने में लगभग कितने किलोग्राम मैंगनीज की आवश्यकता होती है? | लगभग 10 किलोग्राम। |
| 114 | भारत में मैंगनीज का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन-सा है? | मध्य प्रदेश (तथा ओडिशा और महाराष्ट्र)। |
| 115 | एल्युमिनियम धातु किस अयस्क से प्राप्त की जाती है? | बॉक्साइट (Bauxite)। |
| 116 | भारत का सबसे प्रमुख बॉक्साइट उत्पादक राज्य कौन-सा है? | ओडिशा (कोरापुट, कालाहांडी और पंचपतमाली खदानें)। |
| 117 | तांबे का मुख्य गुण क्या है जिसके कारण यह बिजली उद्योग में सर्वाधिक उपयोगी है? | विद्युत का उत्तम सुचालक और तन्यता (Ductility)। |
| 118 | भारत में तांबा उत्पादन में प्रथम राज्य कौन-सा है? | मध्य प्रदेश (बालाघाट की मलांजखंड खदान)। |
| 119 | राजस्थान की कौन-सी खदान तांबा खनन के लिए ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध है? | खेतड़ी (झुंझुनू जिला)। |
| 120 | विद्युत उपकरणों में अचालक (इंसुलेटर) के रूप में किस अधात्विक खनिज का उपयोग होता है? | अभ्रक (Mica)। |
| 121 | सर्वोत्तम कोटि का श्वेत अभ्रक क्या कहलाता है? | रूबी अभ्रक (Ruby Mica)। |
| 122 | बिहार-झारखंड की किस पट्टी को विश्व की 'अभ्रक राजधानी' कहा जाता था? | कोडरमा-हजारीबाग-गिरिडीह पेटी। |
| 123 | सीमेंट उद्योग का सबसे प्राथमिक एवं अपरिहार्य कच्चा माल कौन-सा है? | चूना पत्थर (Limestone)। |
| 124 | चूना पत्थर किस भूगर्भीय शैल में बहुतायत से पाया जाता है? | अवसादी चट्टानों (Sedimentary Rocks) में। |
| 125 | रत्नगर्भा किस पठारी क्षेत्र को कहा जाता है जहाँ देश के अधिकांश खनिज संकेंद्रित हैं? | छोटानागपुर का पठार। |
| क्र.सं. | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 126 | ऊर्जा संसाधनों को उपयोग की परंपरा के आधार पर किन दो वर्गों में बाँटा जाता है? | पारंपरिक ऊर्जा स्रोत और गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत। |
| 127 | पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के उदाहरण क्या हैं? | कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और जल-विद्युत। |
| 128 | गैर-पारंपरिक (नवीकरणीय) ऊर्जा स्रोतों के उदाहरण क्या हैं? | सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोगैस, भू-तापीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा। |
| 129 | कार्बन की मात्रा के आधार पर कोयले की कितनी किस्में होती हैं? | 4 किस्में (एंथ्रेसाइट, बिटुमिनस, लिग्नाइट और पीट)। |
| 130 | सर्वोच्च कोटि का कोयला कौन-सा है जिसमें 80% से अधिक कार्बन होता है? | एंथ्रेसाइट (Anthracite)। |
| 131 | भारत में पाया जाने वाला अधिकांश व्यावसायिक कोयला किस श्रेणी का है? | बिटुमिनस (Bituminous)। |
| 132 | 'भूरा कोयला' (Brown Coal) किसे कहा जाता है? | लिग्नाइट (Lignite) को। |
| 133 | तमिलनाडु का कौन-सा क्षेत्र लिग्नाइट कोयले के खनन के लिए विख्यात है? | नेवेली (Neyveli)। |
| 134 | सबसे निम्न कोटि का कोयला कौन-सा है जिसमें अत्यधिक धुआं और नमी होती है? | पीट (Peat)। |
| 135 | भारत में कोयले के भंडार मुख्य रूप से किस शैल समूह में पाए जाते हैं? | गोंडवाना लैंड शैल समूह (लगभग 98% भंडार)। |
| 136 | गोंडवाना कोयला क्षेत्र की आयु लगभग कितनी मानी जाती है? | लगभग 20 करोड़ वर्ष। |
| 137 | भारत का सबसे बड़ा और प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र कौन-सा है? | दामोदर घाटी कोयला क्षेत्र (झरिया, रानीगंज, बोकारो)। |
| 138 | भारत का सबसे पहला कोयला खनन स्थल कौन-सा है? | रानीगंज (पश्चिम बंगाल, 1774 में)। |
| 139 | झरिया कोयला खदान किस राज्य में स्थित है? | झारखंड (धनबाद जिला)। |
| 140 | 'काला सोना' (Black Gold) या तरल सोना किसे कहा जाता है? | पेट्रोलियम (कच्चा खनिज तेल) को। |
| 141 | भारत में पहली बार खनिज तेल का पता कब और कहाँ लगा था? | 1866 में असम के माकुम क्षेत्र में (1889 में डिगबोई में पहला तेल कुआं खुदा)। |
| 142 | भारत का सबसे पुराना तेल उत्पादक राज्य कौन-सा है? | असम। |
| 143 | मुंबई तट से 176 किमी दूर अरब सागर में स्थित भारत का सबसे बड़ा तेल उत्पादक अपतटीय क्षेत्र कौन-सा है? | मुंबई हाई (1973 में खोज, 'सागर सम्राट' मंच)। |
| 144 | प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक कौन-सी गैस होती है? | मीथेन (CH4 - लगभग 85-90%)। |
| 145 | सीएनजी (CNG) का पूर्ण रूप क्या है? | Compressed Natural Gas (संपीड़ित प्राकृतिक गैस)। |
| 146 | एलपीजी (LPG) का मुख्य घटक क्या है? | ब्यूटेन और प्रोपेन (Liquefied Petroleum Gas)। |
| 147 | भारत का पहला परमाणु ऊर्जा केंद्र कहाँ स्थापित किया गया था? | तारापुर (महाराष्ट्र, 1969 में)। |
| 148 | राणा प्रताप सागर परमाणु ऊर्जा केंद्र कहाँ स्थित है? | रावतभाटा (कोटा, राजस्थान)। |
| 149 | कल्पक्कम परमाणु ऊर्जा केंद्र किस राज्य में स्थित है? | तमिलनाडु में। |
| 150 | भारत में सबसे बड़ा पवन ऊर्जा फार्म क्लस्टर कहाँ स्थित है? | तमिलनाडु में (नागरकोइल से मदुरै तक)। |
प्रश्न 1. सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: सतत पोषणीय विकास का अर्थ एक ऐसे संतुलित विकास से है, जिसमें वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना की जाती है, तथा भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं और उनके अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाता। यह संसाधनों के अति-दोहन को रोककर संरक्षण और समानता पर बल देता है।
प्रश्न 2. जलोढ़ मृदा की मुख्य विशेषताएं क्या हैं? यह भारत में कहाँ पाई जाती है?
उत्तर:
- विशेषताएं: यह नदियों द्वारा बहाकर लाई गई गाद से बनती है। इसमें पोटाश, फास्फोरस और चूने की प्रचुरता होती है, किंतु नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी होती है। यह सर्वाधिक उपजाऊ मिट्टी है, जिस पर धान, गेहूं, गन्ना और दलहन की सघन खेती होती है।
- विस्तार: यह संपूर्ण उत्तरी भारत के विशाल मैदान (पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम) तथा तटीय डेल्टाई भागों (महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी डेल्टा) में पाई जाती है।
प्रश्न 3. खादर और बांगर मिट्टी में मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर:
- खादर (नवीन जलोढ़): यह नदियों के निचले बाढ़ के मैदानों में प्रतिवर्ष नई बाढ़ द्वारा जमा की जाती है। इसके कण अत्यंत महीन, चिकने और अत्यधिक उपजाऊ होते हैं।
- बांगर (पुरातन जलोढ़): यह नदी तट से दूर ऊंचे मैदानी भागों में पाई जाने वाली पुरानी जलोढ़ है, जहाँ बाढ़ का पानी नहीं पहुँच पाता। इसमें कंकड़ और चूनेदार ग्रंथियां अधिक पाई जाती हैं और यह खादर की तुलना में कम उपजाऊ होती है।
प्रश्न 4. बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
उत्तर: किसी नदी पर बड़ा बांध बनाकर एक साथ कई लक्ष्यों को प्राप्त करने वाली योजना को बहुउद्देशीय परियोजना कहते हैं। इसके मुख्य उद्देश्य हैं:
- विशाल नहरी प्रणाली द्वारा कृषि भूमि की सिंचाई करना।
- जल-विद्युत (Hydroelectricity) का उत्पादन करना।
- मानसून के अतिरिक्त जल को रोककर विनाशकारी बाढ़ का नियंत्रण करना।
- मत्स्य पालन, अंतर्देशीय नौकायन (परिवहन), मृदा संरक्षण तथा पर्यटन स्थलों का विकास करना।
प्रश्न 5. जल संकट क्या है? भारत में इसके मुख्य कारण क्या हैं?
उत्तर: किसी क्षेत्र में मानव उपभोग, कृषि और उद्योगों के लिए पर्याप्त और स्वच्छ जल की अनुपलब्धता को जल संकट कहते हैं। भारत में इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या और नगरीकरण के कारण जल की अत्यधिक मांग।
- कृषि में अधिक पानी चाहने वाली फसलों और अनियंत्रित ट्यूबवेलों द्वारा भूजल का अंधाधुंध दोहन।
- औद्योगिक रसायनों, कचरे और सीवेज को सीधे नदियों में बहाने से जल स्रोतों का गंभीर प्रदूषण।
- वर्षा जल संचयन के अभाव में वर्षा के अधिकांश पानी का नालों से बहकर व्यर्थ चले जाना।
प्रश्न 6. चिपको आंदोलन क्या था? इसका पर्यावरण संरक्षण में क्या योगदान रहा?
उत्तर: चिपको आंदोलन 1973 में वर्तमान उत्तराखंड के चमोली जिले में वनों की अंधाधुंध व्यावसायिक कटाई को रोकने के लिए स्थानीय ग्रामीणों (विशेषकर महिलाओं) द्वारा शुरू किया गया एक अहिंसक आंदोलन था। जब ठेकेदार पेड़ काटने आते, तो ग्रामीण पेड़ों से चिपककर (लिपटकर) उन्हें अपनी जान देकर बचाते थे। इसका नेतृत्व सुंदरलाल बहुगुणा और चंडी प्रसाद भट्ट ने किया। इसने संपूर्ण देश में वनों की कटाई पर सरकारी रोक लगवाई और पर्यावरण संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाया।
प्रश्न 7. जैव-विविधता क्या है? यह मानव जीवन के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के जीव-जंतुओं, वनस्पतियों, सूक्ष्मजीवों और उनके पारिस्थितिक तंत्र की समग्र विविधता को 'जैव-विविधता' (Biodiversity) कहते हैं।
महत्व: यह पारिस्थितिक तंत्र का संतुलन बनाए रखती है। मानव अपनी समस्त मूलभूत आवश्यकताओं—भोजन, स्वच्छ हवा, जल, दवाइयां, लकड़ी और कृषि परागण (Pollination) के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इन्हीं जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों पर निर्भर है।
प्रश्न 8. धात्विक और अधात्विक खनिजों में सोदाहरण अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर:
- धात्विक खनिज: जिन खनिजों को गलाने पर शुद्ध धातु प्राप्त होती है, जो विद्युत व ऊष्मा के सुचालक होते हैं और जिनमें चमक व तन्यता होती है। उदाहरण: लोहा, तांबा, बॉक्साइट, सोना, चांदी।
- अधात्विक खनिज: जिन खनिजों में धातु के अंश नहीं पाए जाते, जिन्हें पीटने पर वे टूटकर बिखर जाते हैं (भंगुर होते हैं) और जो ताप के कुचालक होते हैं। उदाहरण: अभ्रक, चूना पत्थर, जिप्सम, डोलोमाइट, कोयला।
प्रश्न 9. लौह अयस्क के मुख्य प्रकारों का संक्षिप्त विवरण दें।
उत्तर: रासायनिक संरचना और लोहे की मात्रा के आधार पर लौह अयस्क के चार मुख्य प्रकार हैं:
- मैग्नेटाइट (Fe3O4): काले रंग का सर्वोत्तम अयस्क, जिसमें 70% से अधिक लोहा होता है; इसमें मजबूत चुंबकीय गुण होते हैं।
- हेमेटाइट (Fe2O3): लाल-भूरे रंग का अयस्क, जिसमें 60-70% लोहा होता है; भारत के अधिकांश उद्योग इसी पर आधारित हैं।
- लिमोनाइट: पीले रंग का अयस्क, जिसमें 40-60% लोहा होता है।
- सिडेराइट (FeCO3): भूरे रंग का निकृष्ट अयस्क, जिसमें लोहे की मात्रा 40% से भी कम होती है।
प्रश्न 10. अभ्रक (Mica) की क्या विशेषताएं हैं? भारत में इसका उपयोग कहाँ होता है?
उत्तर: अभ्रक एक पारदर्शी, परतों में विभाजित होने वाला अधात्विक खनिज है।
- विशेषताएं: यह विद्युत का उत्कृष्ट कुचालक (अचालक) होता है, उच्च वोल्टेज सहने की क्षमता रखता है और ताप-रोधी होता है।
- उपयोग: इसका सर्वाधिक उपयोग इलेक्ट्रॉनिक, टेलीफोन, रेडियो, विद्युत मोटर, इस्पात भट्ठियों की खिड़कियों और पेंट-वार्निश उद्योगों में किया जाता है। भारत का कोडरमा-गिरिडीह क्षेत्र रूबी अभ्रक के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
प्रश्न 11. पारंपरिक और गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों में क्या अंतर है?
उत्तर:
- पारंपरिक ऊर्जा स्रोत: वे ऊर्जा स्रोत जिनका उपयोग मानव सदियों से करता आ रहा है, जो भूगर्भीय जीवाश्म पर आधारित हैं, सीमित हैं और प्रदूषण फैलाते हैं। उदाहरण: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस।
- गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत: वे आधुनिक ऊर्जा स्रोत जो हाल के दशकों में तकनीकी विकास से अपनाए गए हैं, जो नवीकरणीय, अक्षय और प्रदूषण-मुक्त (पर्यावरण अनुकूल) हैं। उदाहरण: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोगैस, भू-तापीय ऊर्जा।
प्रश्न 12. भारत के प्रमुख चार कोयला उत्पादक क्षेत्रों के नाम लिखिए।
उत्तर: भारत के 98% कोयला भंडार गोंडवाना काल के हैं। इसके चार प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं:
- दामोदर घाटी क्षेत्र: झरिया, धनबाद, बोकारो (झारखंड) तथा रानीगंज (पश्चिम बंगाल)।
- सोन घाटी क्षेत्र: सिंगरौली (मध्य प्रदेश) और सुहागपुर।
- महानदी घाटी क्षेत्र: तलचर और ईब नदी घाटी (ओडिशा)।
- गोदावरी घाटी क्षेत्र: सिंगरेनी (तेलंगाना)।
प्रश्न 1. संसाधन नियोजन (Resource Planning) क्या है? भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में संसाधन नियोजन की आवश्यकता एवं इसके विभिन्न सोपानों (चरणों) की विस्तृत व्याख्या कीजिए।
उत्तर: संसाधनों के विवेकपूर्ण, न्यायसंगत और मितव्ययी उपयोग के लिए बनाई गई वैज्ञानिक रणनीति को 'संसाधन नियोजन' कहते हैं। प्रकृति में संसाधन सीमित हैं और उनका वितरण अत्यंत विषम है; अतः बिना योजना के उनका दोहन विनाश और क्षेत्रीय असंतुलन को जन्म देता है।
भारत एक विशाल देश है जहाँ संसाधनों की उपलब्धता में अत्यधिक प्रादेशिक विषमता पाई जाती है:
- झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश: यह क्षेत्र खनिज और कोयले के प्रचुर भंडार से संपन्न हैं, परंतु यहाँ औद्योगिकीकरण और आधुनिक अवसंरचना का अभाव है।
- अरुणाचल प्रदेश: यहाँ विपुल जल संसाधन उपलब्ध हैं, परंतु परिवहन और तकनीकी साधनों के अभाव में जल का समुचित उपयोग नहीं हो पाता।
- राजस्थान: यहाँ सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं, परंतु जल संसाधनों की भारी कमी है।
- लद्दाख का शीत मरुस्थल: यह क्षेत्र समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का केंद्र है, परंतु यह देश के शेष भाग से कटा हुआ है तथा यहाँ जल, आधारभूत खनिज और संचार की गंभीर कमी है।
- अतः पूरे राष्ट्र, राज्यों और स्थानीय स्तर पर संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए संसाधन नियोजन अपरिहार्य है।
संसाधन नियोजन एक जटिल प्रक्रिया है, जिसे तीन मुख्य चरणों में पूरा किया जाता है:
| संसाधन नियोजन के तीन चरण | |
|---|---|
| 1. अन्वेषण व सूचीकरण | सर्वेक्षण, मानचित्रण, गुणवत्ता एवं मात्रात्मक मापन |
| 2. ढांचागत योजना तैयार करना | उपयुक्त प्रौद्योगिकी, कौशल व संस्थागत तंत्र की स्थापना |
| 3. राष्ट्रीय समन्वय | संसाधन योजनाओं का राष्ट्रीय विकास योजनाओं से मिलान |
- प्रथम चरण (देश के संसाधनों की पहचान और सूची बनाना): इसके अंतर्गत देश के विभिन्न क्षेत्रों में विस्तृत भूगर्भीय सर्वेक्षण करना, हवाई फोटोग्राफी व उपग्रह चित्रों से मानचित्र तैयार करना, तथा संसाधनों की गुणवत्ता एवं अनुमानित मात्रा का मापन करना शामिल है।
- द्वितीय चरण (योजना क्रियान्वयन हेतु संस्थागत तंत्र बनाना): पहचाने गए संसाधनों के दोहन के लिए उपयुक्त तकनीकी ज्ञान (Technology), कुशल मानव संसाधन और उपयुक्त औद्योगिक व कानूनी संस्थाओं की स्थापना करना।
- तृतीय चरण (राष्ट्रीय विकास योजनाओं के साथ समन्वय): संसाधन विकास योजनाओं को देश की पंचवर्षीय या समग्र राष्ट्रीय विकास योजनाओं के साथ जोड़ना, ताकि किसी एक क्षेत्र का विकास दूसरे क्षेत्र के विनाश का कारण न बने।
प्रश्न 2. भारत में वनों के ह्रास (विनाश) के प्रमुख कारणों की समीक्षा कीजिए तथा वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए किए गए संवैधानिक व प्रशासनिक उपायों का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर: स्वतंत्रता के बाद से भारत में कृषि भूमि के विस्तार, औद्योगिकीकरण और नगरीकरण के कारण वनों का तीव्र गति से विनाश हुआ है। राष्ट्रीय वन नीति (1952) के अनुसार पर्यावरण संतुलन के लिए 33% वन आवरण अनिवार्य है, जबकि भारत में यह वर्तमान में मात्र लगभग 24.6% है।
- कृषि भूमि का फैलाव: बढ़ती आबादी का पेट भरने के लिए 1951 से 1980 के बीच वन सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 26,200 वर्ग किमी वन भूमि को कृषि भूमि में बदला गया। पूर्वोत्तर और मध्य भारत में झूम कृषि (स्थानांतरित खेती) के कारण लाखों हेक्टेयर जंगल जला दिए गए।
- नदी घाटी परियोजनाएं: विशाल बांधों के निर्माण से लाखों हेक्टेयर सघन वन जलमग्न हो गए। उदाहरण के लिए, नर्मदा सागर परियोजना से मध्य प्रदेश में 4 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र डूब क्षेत्र में आ गया।
- अनियंत्रित खनन कार्य: खनन उद्योग ने वनों की जड़ें खोद दी हैं। पश्चिम बंगाल में डोलोमाइट खनन के कारण 'बक्सा टाइगर रिजर्व' गंभीर खतरे में पड़ गया है।
- सड़क, रेल और नगरीय ढांचा: जंगलों के बीच से नेशनल हाईवे, रेलवे ट्रैक और बिजली ट्रांसमिशन लाइनें बिछाने से वनों का विखंडन (Forest Fragmentation) हुआ है, जिससे जंगली जानवरों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो गए हैं।
- जलावन लकड़ी और अवैध कटाई: घरेलू ईंधन और इमारती लकड़ी के माफियाओं द्वारा कीमती पेड़ों (चंदन, सागवान, शीशम) की अनवरत चोरी।
- संवैधानिक प्रावधान:
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 (A) में राज्य को यह निर्देश दिया गया है कि वह पर्यावरण की रक्षा और वनों तथा वन्यजीवों की सुरक्षा का प्रयास करेगा।
- अनुच्छेद 51 (A)(g) के तहत प्रत्येक नागरिक का यह मौलिक कर्तव्य घोषित किया गया है कि वह वनों, झीलों, नदियों और वन्यजीवों की रक्षा करे।
- कानूनी एवं प्रशासनिक कदम:
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: वन्यजीवों के शिकार और उनकी खाल, दांत, सींगों के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया।
- वन संरक्षण अधिनियम, 1980: केंद्र सरकार की अनुमति के बिना किसी भी वन भूमि को गैर-वन कार्यों के लिए उपयोग करने पर रोक लगाई गई।
- विशेष संरक्षण परियोजनाएं: संकटापन्न प्रजातियों की रक्षा हेतु 'प्रोजेक्ट टाइगर' (1973), 'प्रोजेक्ट एलीफेंट' (1992) और 'प्रोजेक्ट राइनो' जैसे कार्यक्रम चलाए गए।
- संरक्षित क्षेत्रों का संजाल: वर्तमान में भारत में 100 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान (National Parks), 500 से अधिक वन्यजीव अभयारण्य (Sanctuaries) और 18 जैव-मंडल निचय (Biosphere Reserves) स्थापित किए जा चुके हैं।
- सामुदायिक वानिकी: संयुक्त वन प्रबंधन (JFM) और जन-आंदोलनों (चिपको, अप्पिको, नवदान्य) के जरिए स्थानीय वन समुदायों को वनों की सुरक्षा में भागीदार बनाया गया है।
प्रश्न 3. भारत में ऊर्जा संकट के कारणों का विश्लेषण करते हुए गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों (विशेषकर सौर एवं पवन ऊर्जा) के विकास की संभावनाओं एवं महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: आधुनिक औद्योगिक युग में ऊर्जा किसी भी देश के आर्थिक विकास का इंजन है। भारत वर्तमान में अपनी तीव्र विकास दर के कारण भारी ऊर्जा संकट और आयात निर्भरता से जूझ रहा है।
- जीवाश्म ईंधनों की सीमितता: कोयला और खनिज तेल अनवीकरणीय भंडार हैं। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 80% से अधिक विदेशों से आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव पड़ता है।
- मांग और आपूर्ति में भारी अंतर: औद्योगिकीकरण, कृषि का मशीनीकरण (पंपसेट) और घरों में एसी-फ्रिज के बढ़ते उपयोग से बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है, जबकि ताप-बिजली घरों में कोयले की कमी से उत्पादन पिछड़ जाता है।
- विद्युत पारेषण एवं वितरण में हानियां (T&D Losses): पुराने तारों, बिजली चोरी और दोषपूर्ण ग्रिड तंत्र के कारण लगभग 20-25% बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले ही नष्ट हो जाती है।
- पर्यावरणीय चुनौतियां: जीवाश्म ईंधनों के दहन से वायु प्रदूषण, कार्बन उत्सर्जन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
ऊर्जा संकट और पर्यावरण विनाश से बचने का एकमात्र टिकाऊ विकल्प गैर-पारंपरिक (अक्षय) ऊर्जा स्रोत हैं।
- (क) सौर ऊर्जा (Solar Energy):
- संभावनाएं: भारत एक उष्णकटिबंधीय देश है जहाँ वर्ष में लगभग 300 दिन चमकदार खिली धूप उपलब्ध रहती है। भारत में प्रतिवर्ष 5,000 ट्रिलियन किलोवाट घंटा सौर ऊर्जा ग्रहण करने की प्राकृतिक क्षमता है। राजस्थान और गुजरात के थार मरुस्थल सौर ऊर्जा के वैश्विक हब बनने की क्षमता रखते हैं।
- उपयोगिता: फोटोवोल्टाइक (Photovoltaic) सेलों के माध्यम से सूर्य के प्रकाश को सीधे बिजली में बदला जाता है। इससे ग्रामीण विद्युतीकरण, सोलर कुकर, सोलर वाटर हीटर और कृषि पंप सुगमता से चलाए जा रहे हैं। भारत के नेतृत्व में 'अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन' (ISA) का मुख्यालय गुरुग्राम (हरियाणा) में स्थापित किया गया है।
- (ख) पवन ऊर्जा (Wind Energy):
- संभावनाएं: भारत की विस्तृत 7,516 किमी लंबी समुद्री तटरेखा और प्रायद्वीपीय पठार तेज और निरंतर चलने वाली हवाओं के लिए आदर्श हैं।
- विकास: भारत विश्व के अग्रणी पवन ऊर्जा उत्पादक देशों में शामिल है। तमिलनाडु में नागरकोइल से मदुरै तक का विशाल पवन फार्म क्लस्टर देश का सबसे बड़ा संयंत्र है। इसके अतिरिक्त गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक में पवन चक्कियों द्वारा बड़े पैमाने पर बिजली बनाई जा रही है।
- (ग) अन्य स्रोत: तटीय क्षेत्रों में ज्वारीय ऊर्जा (खंभात की खाड़ी, सुंदरवन), पर्वतीय क्षेत्रों में भू-तापीय ऊर्जा (मणिकरण - हिमाचल प्रदेश, पूगा घाटी - लद्दाख) तथा ग्रामीण कचरे व गोबर से बायोगैस संयंत्र प्रदूषण-मुक्त ऊर्जा के सशक्त विकल्प बनकर उभरे हैं।
'आत्मनिर्भर भारत' और 2070 तक कार्बन न्यूट्रल (नेट-जीरो) बनने के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने के लिए भारत को अपनी ऊर्जा नीतियों का झुकाव तेजी से सौर, पवन और हरित ऊर्जा की ओर करना होगा।
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