Chapter 1. अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास | BSEB 10 Economics Book PDF Download


BSEB Class 10 Economics

अध्याय 1: अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास

बिहार बोर्ड कक्षा 10 हमारी अर्थव्यवस्था भाग-2 | सम्पूर्ण अध्याय एवं PDF डाउनलोड

अध्याय का संक्षिप्त अवलोकन

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के मैट्रिक पाठ्यक्रम का प्रथम अध्याय "अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास" अर्थशास्त्र की नींव है। इस अध्याय में अर्थव्यवस्था की मूलभूत अवधारणाओं, उसके विभिन्न स्वरूपों, संरचना के तीन प्रमुख क्षेत्रों तथा भारत और विशेष रूप से बिहार के आर्थिक विकास एवं पिछड़ेपन की समीक्षा की गई है।

अर्थव्यवस्था की परिभाषा: प्रसिद्ध अर्थशास्त्री आर्थर लुईस के अनुसार— "अर्थव्यवस्था का अर्थ किसी राष्ट्र के संपूर्ण व्यवहार से होता है, जिसके आधार पर मानवीय आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए संसाधनों का प्रयोग किया जाता है।" सरल शब्दों में: "अर्थव्यवस्था आजीविका अर्जन की एक प्रणाली है।"

इस अध्याय के मुख्य अध्ययन बिंदु:

  • अर्थव्यवस्था के प्रकार:
    • पूँजीवादी अर्थव्यवस्था (Capitalist Economy): उत्पादन के साधनों का स्वामित्व निजी व्यक्तियों के हाथों में होता है (जैसे— अमेरिका, जापान)।
    • समाजवादी अर्थव्यवस्था (Socialist Economy): उत्पादन के साधनों का स्वामित्व देश की सरकार के पास होता है और इसका उद्देश्य जनकल्याण होता है (जैसे— चीन, क्यूबा)।
    • मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy): पूँजीवाद एवं समाजवाद दोनों का समन्वय। भारत एक मिश्रित अर्थव्यवस्था वाला देश है।
  • अर्थव्यवस्था की संरचना (तीन प्रमुख क्षेत्र):
    • प्राथमिक क्षेत्र (कृषि क्षेत्र): कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वानिकी और खनन।
    • द्वितीयक क्षेत्र (औद्योगिक क्षेत्र): विनिर्माण, निर्माण, गैस और बिजली उत्पादन।
    • तृतीयक क्षेत्र (सेवा क्षेत्र): परिवहन, संचार, बैंकिंग, बीमा, शिक्षा और स्वास्थ्य।
  • सतत विकास (Sustainable Development): ऐसा विकास जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ भावी पीढ़ी की क्षमताओं से समझौता न करे।
  • आर्थिक नियोजन एवं संस्थाएँ:
    • योजना आयोग (Planning Commission): गठन 15 मार्च 1950 को हुआ। इसके पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते थे। (1 जनवरी 2015 को इसके स्थान पर नीति आयोग का गठन किया गया)।
    • प्रथम पंचवर्षीय योजना: 1951 से 1956 तक चली।
    • राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC): गठन 6 अगस्त 1952 को किया गया।
  • मानव विकास सूचकांक (HDI): महबूब-उल-हक द्वारा विकसित इस सूचकांक के तीन मुख्य घटक हैं— जीवन प्रत्याशा (दीर्घायु), ज्ञान प्राप्ति (शिक्षा) और जीवन स्तर (प्रति व्यक्ति आय)।
  • बिहार का आर्थिक पिछड़ापन: तीव्र जनसंख्या वृद्धि, कृषि पर अत्यधिक निर्भरता, बाढ़ व सूखा का प्रकोप, औद्योगिक रुग्णता, बिजली व सड़कों जैसी आधारिक संरचना की कमी आदि।
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मैट्रिक परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Board Questions)

  • लघु उत्तरीय प्रश्न: अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं? मिश्रित अर्थव्यवस्था क्या है? प्राथमिक एवं तृतीयक क्षेत्र में क्या अंतर है? सतत विकास क्या है?
  • दीर्घ उत्तरीय प्रश्न: भारत में आर्थिक नियोजन के मुख्य उद्देश्यों का वर्णन करें अथवा बिहार के पिछड़ेपन के प्रमुख कारणों की विवेचना करें तथा इसे दूर करने के उपाय सुझाएं।

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