बिहार बोर्ड कक्षा 10 गणित: अध्याय 15 — प्रायिकता (Probability)
प्रश्नावली 15.1 के प्रश्न सं. 1 से 25 तक सम्पूर्ण, सटीक एवं विस्तृत चरणबद्ध हल (NCERT आधारित)
📘 अध्याय परिचय एवं सूत्र संग्रह (Formulae Sheet)
- प्रायिकता की सैद्धांतिक परिभाषा: किसी घटना E की प्रायिकता P(E) = घटना E के अनुकूल परिणामों की संख्याप्रयोग के सभी संभव परिणामों की कुल संख्या
- प्रायिकता का मान परास: 0 ≤ P(E) ≤ 1 (प्रायिकता कभी भी ऋणात्मक नहीं हो सकती और 1 से अधिक नहीं हो सकती)।
- निश्चित घटना (Sure Event): जिसकी प्रायिकता सदैव 1 होती है।
- असंभव घटना (Impossible Event): जिसकी प्रायिकता सदैव 0 होती है।
- पूरक घटना (Complementary Event): P(E) + P(E̅) = 1 अर्थात् P(E नहीं) = 1 - P(E)
- ताश की गड्डी (52 पत्ते): 26 लाल (13 पान, 13 ईंट) और 26 काले (13 हुकुम, 13 चिड़ी)। तस्वीर वाले पत्ते (Face Cards) = 12 (4 गुलाम, 4 बेगम, 4 बादशाह)।
- पासा (Dice): एक पासे पर 6 संभव परिणाम (1, 2, 3, 4, 5, 6)। दो पासे फेंकने पर कुल संभव परिणाम = 6 × 6 = 36।
(ii) उस घटना की प्रायिकता जो घटित नहीं हो सकती ______ है। ऐसी घटना ______ कहलाती है।
(iii) उस घटना की प्रायिकता जिसका घटित होना निश्चित है ______ है। ऐसी घटना ______ कहलाती है।
(iv) किसी प्रयोग की सभी प्रारंभिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग ______ है।
(v) किसी घटना की प्रायिकता ______ से बड़ी या उसके बराबर होती है तथा ______ से छोटी या उसके बराबर होती है।
(ii) एक खिलाड़ी बास्केटबॉल को बास्केट में डालने का प्रयत्न करती है। वह बास्केट में बॉल डाल पाती है या नहीं डाल पाती है।
(iii) एक सत्य-असत्य प्रश्न का अनुमान लगाया जाता है। उत्तर सही है या गलत होगा।
(iv) एक बच्चे का जन्म होता है। वह एक लड़का है या एक लड़की है।
जब एक निष्पक्ष सिक्के को उछाला जाता है, तो केवल दो ही परिणाम संभव होते हैं—चित (Head) या पट (Tail)। ये दोनों परिणाम परस्पर समप्रायिक (Equally Likely) होते हैं, अर्थात् दोनों के आने की संभावना ठीक 12 होती है। सिक्के के गिरने से पहले कोई भी निश्चित भविष्यवाणी नहीं कर सकता। अतः सिक्का उछालना पूरी तरह निष्पक्ष और न्यायसंगत माना जाता है।
हम जानते हैं कि किसी भी घटना की प्रायिकता सदैव 0 से 1 के मध्य होती है (0 ≤ P(E) ≤ 1)।
- (A) 23 ≈ 0.67 (0 और 1 के बीच है)
- (B) -1.5 (ऋणात्मक संख्या है, जो संभव नहीं है)
- (C) 15% = 15100 = 0.15 (0 और 1 के बीच है)
- (D) 0.7 (0 और 1 के बीच है)
हम जानते हैं कि पूरक घटनाओं का सम्बंध है:
P(E) + P(E नहीं) = 1
⇒ P(E नहीं) = 1 - P(E)
⇒ P(E नहीं) = 1 - 0.05 = 0.95
(ii) नींबू की महक वाली है?
थैले में संतरे की महक वाली कोई गोली नहीं है। अनुकूल परिणामों की संख्या = 0
यह एक असंभव घटना है।
अतः P(संतरे की महक वाली गोली) = 0
थैले की सभी गोलियाँ केवल नींबू की महक वाली हैं। यह एक निश्चित घटना है।
अतः P(नींबू की महक वाली गोली) = 1
माना E = दो विद्यार्थियों का जन्मदिन एक ही दिन होने की घटना।
तो E̅ = दो विद्यार्थियों का जन्मदिन एक ही दिन न होने की घटना।
दिया है: P(E̅) = 0.992
सूत्र से: P(E) = 1 - P(E̅)
⇒ P(E) = 1 - 0.992 = 0.008
थैले में गेंदों की कुल संख्या = 3 + 5 = 8 (कुल संभव परिणाम = 8)
लाल गेंदों की संख्या (अनुकूल परिणाम) = 3
P(लाल गेंद) = 38
P(लाल नहीं) = 1 - P(लाल) = 1 - 38 = 58
(अथवा काली गेंदों की संख्या 5 है, अतः प्रायिकता = 58)
कंचों की कुल संख्या = 5 + 8 + 4 = 17 (कुल संभव परिणाम n(S) = 17)
लाल कंचों की संख्या = 5
P(लाल) = 517
सफेद कंचों की संख्या = 8
P(सफेद) = 817
हरे कंचों की संख्या = 4
हरे नहीं होने वाले कंचे (लाल + सफेद) = 5 + 8 = 13
P(हरा नहीं) = 1317
पिग्गी बैंक में सिक्कों की कुल संख्या = 100 + 50 + 20 + 10 = 180 (कुल संभव परिणाम = 180)
50 पैसे के सिक्कों की संख्या = 100
P(50 पैसे का सिक्का) = 100180 = 59
₹ 5 के सिक्के = 10
₹ 5 के नहीं होने वाले सिक्के = 180 - 10 = 170
P(₹ 5 का नहीं) = 170180 = 1718
टंकी में कुल मछलियाँ = 5 (नर) + 8 (मादा) = 13
नर मछलियों की संख्या (अनुकूल परिणाम) = 5
P(नर मछली) = अनुकूल परिणामकुल परिणाम = 513
(ii) एक विषम संख्या को करेगा?
(iii) 2 से बड़ी संख्या को करेगा?
(iv) 9 से छोटी संख्या को करेगा?
कुल संभव परिणाम = {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8} ⇒ कुल संख्या = 8
P(8) = 18
P(विषम संख्या) = 48 = 12
P(2 से बड़ी संख्या) = 68 = 34
P(9 से छोटी संख्या) = 88 = 1
एक पासे को फेंकने पर कुल संभव परिणाम S = {1, 2, 3, 4, 5, 6} ⇒ कुल परिणाम = 6
अभाज्य संख्याएँ = {2, 3, 5} (कुल 3 परिणाम)
P(अभाज्य संख्या) = 36 = 12
2 और 6 के बीच की संख्याएँ = {3, 4, 5} (कुल 3 परिणाम)
P(2 और 6 के बीच की संख्या) = 36 = 12
विषम संख्याएँ = {1, 3, 5} (कुल 3 परिणाम)
P(विषम संख्या) = 36 = 12
(iv) पान का गुलाम (v) हुकुम का पत्ता (vi) एक ईंट की बेगम
ताश की गड्डी में कुल पत्ते = 52
(ii) यदि बेगम निकल आती है, तो उसे अलग रख दिया जाता है और एक अन्य पत्ता निकाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि दूसरा निकाला गया पत्ता (a) एक इक्का है? (b) एक बेगम है?
कुल पत्ते = 5 (दहला, गुलाम, बेगम, बादशाह, इक्का)
P(बेगम) = 15
अब शेष पत्ते = 5 - 1 = 4 (दहला, गुलाम, बादशाह, इक्का)
(a) एक इक्का है: इक्कों की संख्या = 1 ⇒ P(इक्का) = 14
(b) एक बेगम है: शेष 4 पत्तों में कोई बेगम नहीं है (अनुकूल = 0) ⇒ P(बेगम) = 04 = 0
खराब पेनों की संख्या = 12
अच्छे पेनों की संख्या = 132
पेनों की कुल संख्या = 12 + 132 = 144 (कुल संभव परिणाम)
अनुकूल परिणाम (अच्छे पेन) = 132
P(अच्छा पेन) = 132144 = 1112 (12 से भाग देने पर)
(ii) मान लीजिए (i) में निकाला गया बल्ब खराब नहीं है और न ही इसे दोबारा बल्बों के साथ मिलाया जाता है। अब शेष बल्बों में से एक बल्ब यादृच्छया निकाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि यह बल्ब खराब नहीं होगा?
कुल बल्ब = 20, खराब बल्ब = 4
P(खराब बल्ब) = 420 = 15
पहला निकाला गया बल्ब खराब नहीं था (अर्थात् अच्छा था) और उसे बाहर रखा गया।
अब कुल बल्ब = 20 - 1 = 19
शुरुआत में अच्छे बल्ब = 20 - 4 = 16 थे। एक अच्छा बल्ब निकल जाने पर शेष अच्छे बल्ब = 16 - 1 = 15
P(बल्ब खराब नहीं है / अच्छा है) = 1519
1 से 90 तक कुल डिस्क की संख्या = 90 (कुल संभव परिणाम = 90)
1 से 9 तक एक अंक की 9 संख्याएँ हैं।
दो अंकों की संख्याएँ = 90 - 9 = 81 (संख्या 10 से 90 तक)
P(दो अंकों की संख्या) = 8190 = 910
1 से 90 के मध्य पूर्ण वर्ग संख्याएँ = {1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, 64, 81} (कुल 9 संख्याएँ)
P(पूर्ण वर्ग संख्या) = 990 = 110
संख्याएँ = {5, 10, 15, 20, 25, 30, 35, 40, 45, 50, 55, 60, 65, 70, 75, 80, 85, 90} (कुल 18 संख्याएँ, क्योंकि 90/5 = 18)
P(5 से विभाज्य) = 1890 = 15
पासे पर कुल फलक = 6 (कुल परिणाम = 6)
'A' अंकित फलकों की संख्या = 2
P(A) = 26 = 13
'D' अंकित फलकों की संख्या = 1
P(D) = 16
कुल क्षेत्र (आयत का क्षेत्रफल) = लंबाई × चौड़ाई = 3 m × 2 m = 6 m2
वृत्त का व्यास d = 1 m ⇒ त्रिज्या r = 12 m
वृत्त का क्षेत्रफल (अनुकूल क्षेत्र) = π r2 = π × (12)2 = π4 m2
P(पासा वृत्त के अंदर गिरे) = वृत्त का क्षेत्रफलआयत का कुल क्षेत्रफल = π / 46 = π24
पेनों की कुल संख्या = 144
खराब पेन = 20
अच्छे पेन = 144 - 20 = 124
अनुकूल परिणाम (अच्छे पेन) = 124
P(पेन खरीदना) = 124144 = 3136 (4 से विभाजित करने पर)
अनुकूल परिणाम (खराब पेन) = 20
P(पेन न खरीदना) = 20144 = 536
[अथवा 1 - 31/36 = 5/36]
(ii) एक विद्यार्थी यह तर्क देता है कि 'यहाँ कुल 11 परिणाम 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 हैं। अतः, प्रत्येक की प्रायिकता 1/11 है।' क्या आप इस तर्क से सहमत हैं? सकारण उत्तर दीजिए।
दो पासों को एक साथ फेंकने पर कुल संभव परिणाम = 6 × 6 = 36
| दोनों पासों की संख्याओं का योग | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अनुकूल परिणाम | (1,1) [1] |
(1,2),(2,1) [2] |
(1,3),(2,2),(3,1) [3] |
(1,4),(2,3),(3,2),(4,1) [4] |
(1,5),(2,4),(3,3),(4,2),(5,1) [5] |
(1,6),(2,5),(3,4),(4,3),(5,2),(6,1) [6] |
(2,6),(3,5),(4,4),(5,3),(6,2) [5] |
(3,6),(4,5),(5,4),(6,3) [4] |
(4,6),(5,5),(6,4) [3] |
(5,6),(6,5) [2] |
(6,6) [1] |
| प्रायिकता P(E) | 136 | 236 | 336 | 436 | 536 | 636 | 536 | 436 | 336 | 236 | 136 |
नहीं, हम इस तर्क से सहमत नहीं हैं। कारण यह है कि ये 11 परिणाम समप्रायिक (Equally Likely) नहीं हैं। उदाहरण के लिए, योग 2 प्राप्त होने का केवल 1 तरीका (1,1) है, जबकि योग 7 प्राप्त होने के 6 तरीके हैं। अतः प्रत्येक परिणाम की प्रायिकता 1/11 नहीं हो सकती।
एक सिक्के को 3 बार उछालने पर कुल संभव परिणाम S = {HHH, HHT, HTH, THH, HTT, THT, TTH, TTT}
कुल परिणामों की संख्या = 23 = 8
हनीफ के जीतने के अनुकूल परिणाम (तीनों परिणाम समान) = {HHH, TTT} = 2 परिणाम
अतः हनीफ के हारने के परिणाम = 8 - 2 = 6 परिणाम
(हारने वाले परिणाम: HHT, HTH, THH, HTT, THT, TTH)
P(हनीफ के हार जाने की प्रायिकता) = 68 = 34
पासे को दो बार फेंकने पर कुल संभव परिणाम = 6 × 6 = 36
वे परिणाम जिनमें '5' कम से कम एक बार आता है:
पहली बार 5 आने वाले: (5,1), (5,2), (5,3), (5,4), (5,5), (5,6) = 6 परिणाम
दूसरी बार 5 आने वाले: (1,5), (2,5), (3,5), (4,5), (6,5) = 5 परिणाम [(5,5) पहले ही गिना जा चुका है]
अतः '5' आने के कुल परिणाम = 6 + 5 = 11
अनुकूल परिणाम = 36 - 11 = 25
P(5 किसी भी बार नहीं आएगा) = 2536
अनुकूल परिणाम = 11
P(5 कम से कम एक बार आएगा) = 1136
[अथवा 1 - 25/36 = 11/36]
(ii) यदि एक पासे को फेंका जाता है, तो इसके दो संभावित परिणाम—एक विषम संख्या या एक सम संख्या हैं। अतः एक विषम संख्या ज्ञात करने की प्रायिकता 1/2 है।
कारण: जब दो सिक्कों को उछाला जाता है, तो कुल 4 संभव परिणाम होते हैं: (H, H), (H, T), (T, H), (T, T)।
यहाँ 'प्रत्येक एक बार' (एक चित और एक पट) आने के अनुकूल 2 परिणाम हैं: (H, T) और (T, H)।
अतः P(प्रत्येक एक बार) = 24 = 12, न कि 1/3। चूँकि परिणाम समप्रायिक नहीं हैं, इसलिए प्रायिकता 1/3 कहना गलत है।
कारण: एक पासे को फेंकने पर कुल 6 समप्रायिक परिणाम होते हैं: {1, 2, 3, 4, 5, 6}।
विषम संख्याएँ = {1, 3, 5} (कुल 3)
सम संख्याएँ = {2, 4, 6} (कुल 3)
P(विषम संख्या) = 36 = 12। चूँकि दोनों परिणाम समप्रायिक हैं, अतः प्रायिकता 12 बिल्कुल सही है।
🎯 बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2025-26 के लिए 'प्रायिकता' के टिप्स
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ): P(E) + P(E̅) = 1 तथा "प्रायिकता का मान 0 और 1 के बीच होता है" पर हर साल 2-3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न निश्चित पूछे जाते हैं।
- पासे और ताश के प्रश्न: प्रश्न संख्या 14 (ताश की गड्डी) और प्रश्न संख्या 22 व 24 (दो पासे) 2 अंक अथवा 5 अंक के लघु/दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में बार-बार दोहराए जाते हैं।
- ऋणात्मक मान: कभी भी प्रायिकता का उत्तर ऋणात्मक या 1 से अधिक न लिखें; ऐसा आने पर अपनी गणना दोबारा जाँचें।
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