BSEB Class 10 Hindi Chapter 10 "अक्षर-ज्ञान" PDF Download
बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए हिंदी (गोधूलि भाग-2) काव्य खंड का अध्याय 10 "अक्षर-ज्ञान" (Akshar Gyaan) परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण अध्याय है। यदि आप इस पाठ की PDF को ऑनलाइन पढ़ना चाहते हैं या डाउनलोड करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए एम्बेडेड PDF और डाउनलोड बटन की मदद ले सकते हैं।
| बोर्ड (Board) | बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) |
|---|---|
| कक्षा (Class) | 10वीं (Class 10th) |
| विषय (Subject) | हिंदी (गोधूलि भाग-2 - काव्य खंड) |
| अध्याय (Chapter) | अध्याय 10 (Chapter 10) - अक्षर-ज्ञान |
| कवयित्री (Poetess) | अनामिका (Anamika) |
पाठ का सारांश (Chapter Overview)
'अक्षर-ज्ञान' समकालीन हिंदी कविता की प्रमुख कवयित्री अनामिका द्वारा रचित एक संवेदनशील कविता है। इस कविता में बच्चे द्वारा प्रारम्भिक स्तर पर अक्षर सीखने की प्रक्रिया और उसमें आने वाली कठिनाइयों का अत्यंत बाल-सुलभ व मनोवैज्ञानिक वर्णन किया गया है।
कवयित्री दर्शाती हैं कि कैसे बच्चा 'क' लिखने की कोशिश करता है तो वह चौखटे से बाहर निकल जाता है, 'ख' लिखने पर उसे लगता है कि खरगोश फुदक रहा है, 'ग' से गमला टूट जाता है और 'घ' से घड़ा ढुलक जाता है। जब वह 'ङ' पर पहुँचता है, तो उसे 'ड' माँ लगती है और बगल का 'अनुस्वार' उसकी गोद में बैठा बेटा। जब बच्चा इसे सही से नहीं लिख पाता तो उसके आँसू छलक पड़ते हैं। कवयित्री के अनुसार ये आँसू विकास की पहली असफलता के नहीं, बल्कि सृष्टि के निरंतर प्रयास के प्रतीक हैं।
पढ़ें: BSEB Class 10 Hindi Chapter 10 PDF
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परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Points)
- 'अक्षर-ज्ञान' कविता की कवयित्री कौन हैं? - अनामिका।
- कविता में 'ङ' का क्या अर्थ बताया गया है? - कविता में 'ड' को माँ और बगल के अनुस्वार को उसकी गोद में बैठा बेटा माना गया है।
- कवयित्री के अनुसार बच्चे के आँसू क्यों छलकते हैं? - जब बच्चा अक्षर सीखने के प्रयास में बार-बार विफल होता है, तब उसकी आँखों से असफलता के आँसू छलक पड़ते हैं।
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