Chapter 7. व्यापार और भूमंडलीकरण | BSEB 10 History Notes


BSEB कक्षा 10 इतिहास — अध्याय 7: व्यापार और भूमंडलीकरण

1. अध्याय परिचय (Introduction)

प्राचीन काल से ही मानव समाज अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति, कच्चे माल की खोज और तैयार वस्तुओं के विपणन के लिए व्यापारिक संपर्कों पर निर्भर रहा है। समय के साथ यह व्यापारिक आदान-प्रदान स्थानीय स्तर से निकलकर वैश्विक स्तर पर विस्तृत हुआ।

अध्याय 'व्यापार और भूमंडलीकरण' आर्थिक गतिविधियों के विस्तार, औपनिवेशिक विस्तार, 19वीं-20वीं सदी के वैश्विक बाज़ार के गठन, 1929 की भीषण आर्थिक मंदी तथा आधुनिक भूमंडलीकरण (वैश्वीकरण) के उद्भव और उसके प्रभावों का क्रमबद्ध अध्ययन प्रस्तुत करता है।

2. अध्याय का संक्षिप्त विवरण (Overview)

  • प्राचीन एवं मध्यकालीन व्यापार: रेशम मार्ग (Silk Route) के जरिए एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच माल, विचार और संस्कृति का विनिमय। सिकंदरिया (Alexandria) प्राचीन काल का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र था।
  • औपनिवेशिक काल और विश्व बाज़ार का निर्माण: औद्योगिक क्रांति के बाद ब्रिटेन और यूरोपीय देशों ने कच्चे माल की आपूर्ति और निर्मित सामानों की बिक्री के लिए एशिया और अफ्रीका में बाजार तैयार किए।
  • अनुबंधित मजदूर (गिरमिटिया मजदूर): बागानों, खदानों और रेल निर्माण के लिए भारत और चीन से अनुबंधित श्रमिकों को विदेशी उपनिवेशों में भेजा गया।
  • अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकट (1929 की महामंदी): अति-उत्पादन और अमेरिकी शेयर बाजार ढहने से उत्पन्न वैश्विक आर्थिक संकट, जिसने संपूर्ण पूंजीवादी दुनिया को प्रभावित किया।
  • द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद का आर्थिक पुनर्निर्माण: ब्रेटन वुड्स सम्मेलन (1944) के अंतर्गत IMF और विश्व बैंक की स्थापना हुई, जिसने बहुपक्षीय व्यापार को संस्थागत रूप दिया।
  • भूमंडलीकरण की शुरुआत (1990 का दशक): उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG) के दौर में बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) का प्रसार और विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्थापना।

3. प्रमुख बिंदु एवं महत्वपूर्ण वन-लाइनर (Important One-Liners)

प्राचीन एवं मध्यकालीन व्यापारिक केंद्र

  • विश्व का पहला अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र: मिस्र का सिकंदरिया (Alexandria) बंदरगाह, जिसकी स्थापना सम्राट सिकंदर ने की थी।
  • रेशम मार्ग (Silk Route): प्राचीन व्यापारिक मार्ग जो एशिया (विशेषकर चीन और भारत) को मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका और यूरोप से जोड़ता था।
  • प्राचीन भारत का प्रमुख व्यापार: भारत सूती वस्त्र, मसाले, नील तथा रेशमी कपड़ों का प्रमुख निर्यातक था।

औद्योगिक क्रांति और 19वीं सदी का विश्व बाज़ार

  • विश्व बाज़ार की अवधारणा: एक ऐसा बाज़ार जहाँ विश्व के सभी देशों की वस्तुएँ आम लोगों के खरीदने के लिए उपलब्ध हों।
  • विश्व बाज़ार का स्वरूप: औद्योगिक क्रांति के कारण 18वीं सदी के उत्तरार्ध में इसका केंद्र इंग्लैंड बना।
  • कॉर्न लॉ (Corn Laws):
    • ब्रिटेन में बड़े जमींदारों के दबाव में मक्का के आयात पर लगाया गया प्रतिबंध।
    • उद्योगपतियों और शहरी निवासियों के भारी विरोध के कारण ब्रिटिश सरकार को इसे रद्द करना पड़ा।
    • कॉर्न लॉ हटने के बाद ब्रिटेन में खाद्यान्न का आयात सस्ता हुआ और ब्रिटिश कृषि को बड़ा झटका लगा।
  • गिरमिटिया मजदूर (Indentured Labour):
    • वे श्रमिक जो एक निश्चित अनुबंध (Agreement/गिरमिट) के तहत 5 वर्षों के लिए विदेशों में काम करने भेजे जाते थे।
    • भारत में प्रमुख क्षेत्र: मुख्यतः पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार (भोजपुर, चंपारण, सारण), राजस्थान और तमिलनाडु से भेजे जाते थे।
    • प्रमुख गंतव्य: मॉरीशस, त्रिनिदाद, टोबैगो, गयाना, सूरीनाम, फिजी और मलाया।
  • होसे (Hosay) मेला: त्रिनिदाद में मुहर्रम के जुलूस को एक विशाल उत्सव में बदल दिया गया, जिसमें सभी धर्मों और नस्लों के गिरमिटिया मजदूर भाग लेते थे।
  • चटनी म्यूजिक (Chutney Music): कैरेबियाई देशों (त्रिनिदाद व गयाना) में भारतीय गिरमिटिया मजदूरों द्वारा विकसित एक लोकप्रिय संगीत शैली।
  • वी. एस. नायपॉल (V. S. Naipaul): नोबेल पुरस्कार विजेता साहित्यकार, जो भारतीय मूल के गिरमिटिया मजदूरों के वंशज थे।

1929 की विश्वव्यापी आर्थिक महामंदी (The Great Depression)

  • महामंदी की अवधि: वर्ष 1929 से 1930 के दशक के मध्य तक।
  • आरंभ का स्थान: संयुक्त राज्य अमेरिका।
  • प्रारंभिक घटना: 29 अक्टूबर 1929 को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (वॉल स्ट्रीट) का क्रैश होना, जिसे इतिहास में 'काला मंगलवार' (Black Tuesday) कहा जाता है।
  • महामंदी के प्रमुख कारण:
    • कृषि क्षेत्र में अति-उत्पादन (Over-production): कीमतों में भारी गिरावट और किसानों की आय में कमी।
    • अमेरिकी ऋणों की वापसी: अमेरिका ने विदेशी सरकारों और बैंकों को दिए गए कर्ज वापस मांगना शुरू कर दिया।
    • बैंकों का दिवालियापन: अमेरिका में 4,000 से अधिक बैंक बंद हो गए और लाखों कंपनियाँ बंद हुईं।
  • महामंदी का प्रभाव:
    • बेरोजगारी, गरीबी और भुखमरी में अत्यधिक वृद्धि।
    • जर्मनी की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिसने हिटलर और नाजीवाद के उदय को गति दी।
    • भारत पर प्रभाव: कच्चे माल (कपास, जूट, गेहूं) के दाम 50% तक गिर गए, पर अंग्रेजों ने लगान में कोई छूट नहीं दी। भारत से बड़ी मात्रा में सोने का निर्यात हुआ।
  • 'न्यू डील' (New Deal): महामंदी के प्रभावों को समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट (F.D. Roosevelt) द्वारा घोषित आर्थिक सुधार नीति (1933)।

युद्धोत्तर पुनर्निर्माण एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएँ

  • ब्रेटन वुड्स सम्मेलन (Bretton Woods Conference):
    • वर्ष: जुलाई 1944।
    • स्थान: न्यू हैंपशायर, संयुक्त राज्य अमेरिका।
  • ब्रेटन वुड्स की जुड़वाँ संतान (Bretton Woods Twins):
    • अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF - International Monetary Fund): सदस्य देशों के विदेशी भुगतान संतुलन को सुधारने हेतु।
    • विश्व बैंक (World Bank / IBRD): युद्ध से नष्ट हुई अर्थव्यवस्थाओं के पुनर्निर्माण एवं विकास हेतु।
  • मुख्यालय: दोनों संस्थाओं (IMF एवं विश्व बैंक) का मुख्यालय वॉशिंगटन डी. सी. (USA) में स्थित है।
  • जी-77 (G-77): विकासशील देशों का समूह, जिसने 1970 के दशक में नई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रणाली (NIEO - New International Economic Order) की मांग उठाई।

भूमंडलीकरण (Globalization) का दौर

  • भूमंडलीकरण की परिभाषा: किसी देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ना, जिससे वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी, तकनीक और श्रम का निर्बाध प्रवाह हो सके।
  • भूमंडलीकरण शब्द का पहला प्रयोग: 1990 ई. में जॉन विलियमसन (John Williamson) द्वारा किया गया।
  • भारत में आर्थिक सुधार (LPG नीति):
    • वर्ष: 1991।
    • उदारीकरण (Liberalization), निजीकरण (Privatization) और वैश्वीकरण (Globalization)।
    • तत्कालीन नेतृत्व: प्रधानमंत्री — पी. वी. नरसिम्हा राव | वित्त मंत्री — डॉ. मनमोहन सिंह।
  • विश्व व्यापार संगठन (WTO - World Trade Organization):
    • स्थापना: 1 जनवरी 1995।
    • पूर्ववर्ती संगठन: गैट (GATT - General Agreement on Tariffs and Trade), जो 1948 में बना था।
    • मुख्यालय: जिनेवा (स्विट्जरलैंड)।
  • बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC - Multinational Corporation): वह कंपनी जो एक से अधिक देशों में उत्पादन या सेवाओं का नियंत्रण एवं स्वामित्व रखती है (जैसे — नोकिया, फोर्ड, पेप्सिको, सैमसंग, टाटा मोटर्स)।

4. महत्वपूर्ण पारिभाषिक शब्दावली (Key Terms)

शब्द अर्थ / परिभाषा
विश्व बाज़ार वह बाज़ार जहाँ विश्व भर के उत्पाद आम उपभोग के लिए आसानी से खरीदे व बेचे जाते हैं।
संरक्षणवाद (Protectionism) घरेलू उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए आयात पर भारी सीमा शुल्क (Tariff) लगाना।
आउटसोर्सिंग (Outsourcing / बाह्यस्रोतन) अपनी नियमित सेवाओं या कार्यों को किसी बाहरी संस्था या देश से सस्ती दरों पर कराना (उदा. भारत का कॉल सेंटर उद्योग)।
सिल्क रूट चीन से रेशम लेकर मध्य एशिया व यूरोप तक जाने वाला प्राचीन थल व जल व्यापारिक मार्ग।
गिरमिट अनुबंध पत्र (Agreement) जिसके तहत मजदूरों को एक निश्चित समय के लिए विदेश भेजा जाता था।

5. प्रभाव एवं परिणाम (परीक्षा उपयोगी बिंदु)

✔ सकारात्मक प्रभाव
  • विकासशील देशों में विदेशी पूंजी निवेश और आधुनिक तकनीक का आगमन।
  • उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुएँ प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होना।
  • रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होना (विशेष रूप से सेवा और आईटी क्षेत्र में)।
✖ नकारात्मक प्रभाव
  • छोटे घरेलू उद्योगों और कुटीर उद्योगों का संकट में पड़ना।
  • कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव और अमीर-गरीब के बीच आर्थिक विषमता में वृद्धि।
  • विकासशील देशों की संप्रभुता पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं का बढ़ता दबाव।

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