Chapter 6. शहरीकरण एवं शहरी जीवन | BSEB 10 History Subjective


बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) कक्षा 10 इतिहास

अध्याय 6: "शहरीकरण एवं शहरी जीवन" — 50 महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर

अति-लघु उत्तरीय प्रश्न (One-Liner / 1 अंक वाले प्रश्न)
1. शहरीकरण (Urbanisation) का क्या अर्थ है?
ग्रामीण क्षेत्रों का धीरे-धीरे कस्बों और शहरों में बदलने तथा कृषि से गैर-कृषि कार्यों की ओर जनसंख्या के स्थानांतरण की प्रक्रिया।
2. पटना का प्राचीन नाम क्या था?
पाटलिपुत्र।
3. पाटलिपुत्र की स्थापना किसने की थी?
मगध के शासक उदायिन (अजातशत्रु के पुत्र) ने गंगा, सोन और गंडक के संगम पर की थी।
4. पटना में गोलघर का निर्माण कब और किस उद्देश्य से हुआ था?
1786 ई. में कैप्टन जॉन गार्स्टिन द्वारा अनाज भंडारण (अकाल से निपटने) के लिए।
5. सिखों के दसवें और अंतिम गुरु, गुरु गोबिंद सिंह का जन्म कहाँ हुआ था?
1666 ई. में पटना साहिब (तख्त श्री हरिमंदिर जी) में।
6. इंग्लैंड में चार्टिस्ट आंदोलन किस वर्ष शुरू हुआ था?
1838 ई. में (वयस्क मताधिकार और श्रमिक अधिकारों की मांग को लेकर)।
7. लंदन में अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा कानून कब लागू हुआ?
1870 ई. में।
8. दुनिया की पहली भूमिगत रेलवे (Underground Railway) कब और कहाँ शुरू हुई?
10 जनवरी 1863 को लंदन में (पैडिंगटन से फैरिंगटन स्ट्रीट के बीच)।
9. 'द बिटर क्राई ऑफ आउटकास्ट लंदन' के लेखक कौन थे?
एंड्रयू मियर्स (Andrew Mearns) - 1883 में प्रकाशित।
10. पेरिस का पुनर्निर्माण (Haussmannisation of Paris) किसके द्वारा किया गया?
बैरन हॉसमैन (नेपोलियन तृतीय के समय 1852 में पेरिस के प्रीफेक्ट)।
11. बंबई (वर्तमान मुंबई) को प्रेसीडेंसी की राजधानी कब घोषित किया गया?
1819 ई. में (मराठों पर अंग्रेजों की विजय के बाद)।
12. बंबई में 'चाल' (Chawl) क्या थीं?
औद्योगिक मजदूरों के रहने के लिए बनाई गई बहुमंजिला, संकरी और घनी रिहायशी इमारतें।
13. बंबई पोर्ट ट्रस्ट (Bombay Port Trust) की स्थापना कब हुई?
1873 ई. में।
14. बॉम्बे इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (Bombay Improvement Trust) की स्थापना कब हुई थी?
1898 ई. में (प्लेग महामारी के बाद शहर के पुनर्विकास के लिए)।
15. भारत में पहली बार सिनेमा (चलचित्र) का प्रदर्शन कब और कहाँ हुआ?
7 जुलाई 1896 को बंबई के वाटसन होटल में (ल्यूमियर ब्रदर्स द्वारा)।
16. भारत की पहली मूक फिल्म कौन-सी थी और इसके निर्माता कौन थे?
राजा हरिश्चंद्र (1913), जिसके निर्माता दादा साहेब फाल्के थे।
17. मेगास्थनीज ने पाटलिपुत्र का वर्णन किस ग्रंथ में किया है?
इंडिका (Indica) में।
18. पाटलिपुत्र को 'अजीमाबाद' नाम किसने दिया था?
मुगल राजकुमार अजीम-उस-शान (औरंगजेब का पोता) ने 1704 ई. में।
19. गार्डन सिटी (Garden City) की अवधारणा किसने विकसित की थी?
एबेनेजर हॉवर्ड (Ebenezer Howard) ने 1898 ई. में।
20. टेनेमेंट्स (Tenements) से क्या तात्पर्य है?
कामगार वर्ग के लिए बनाए गए अत्यधिक भीड़भाड़ वाले, अस्वस्थ और छोटे-छोटे एक कमरे वाले बहुमंजिला मकान।
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions / 2-3 अंक वाले प्रश्न)
21. शहरीकरण की मुख्य प्रेरक शक्तियां क्या थीं?
  • औद्योगिकीकरण: कारखानों की स्थापना ने बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए, जिससे ग्रामीण मजदूर शहरों की ओर आकर्षित हुए।
  • व्यापार एवं वाणिज्य का विकास: बंदरगाहों, रेलवे जंक्शनों और प्रशासनिक केंद्रों के विस्तार ने शहरों को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाया।
22. लंदन को 19वीं सदी में 'फिनिशिंग सिटी' (Finishing City) क्यों कहा जाता था?
लंदन में बड़े-बड़े भारी उद्योग नहीं थे, बल्कि वहाँ परिधान, जूते, छपाई, आभूषण, फर्नीचर और धातु के बारीक सामानों को अंतिम रूप देकर तैयार करने वाली हजारों छोटी कार्यशालाएं थीं। इसलिए इसे फिनिशिंग सिटी कहा जाता था।
23. लंदन में भूमिगत रेलवे के निर्माण के क्या कारण थे?
19वीं सदी के मध्य तक लंदन की सड़कों पर घोड़ा-गाड़ियों और पैदल चलने वालों की भारी भीड़ से भयंकर ट्रैफिक जाम लग जाता था। शहर के केंद्र में रहने वाले मजदूरों को उपनगरों में बसाने और उन्हें कार्यस्थल तक तेजी से पहुँचाने के लिए भूमिगत रेलवे बनाई गई।
24. प्रारंभ में लोगों ने भूमिगत रेलवे का विरोध क्यों किया?
  • लोगों का मानना था कि इसके डिब्बों में कोयले का धुआं और दमघोंटू गंध स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
  • रेलवे लाइन बिछाने के लिए हजारों गरीबों के मकान तोड़े गए, जिससे बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए। अखबारों ने इसे "अंधेरे पाताल की यात्रा" कहा था।
25. बंबई में 'चाल' (Chawl) की बनावट और जीवन-स्थिति का वर्णन करें।
चाल बहुमंजिला इमारतें होती थीं जिनमें एक खुले बरामदे के सहारे कतार में एक-एक कमरे के घर बने होते थे। कमरों में न तो पर्याप्त हवा और रोशनी थी, न ही निजी शौचालय या पानी के नल। एक ही नल और शौचालय पर दर्जनों परिवार निर्भर रहते थे, जिससे वहां गंदगी और बीमारियां आम थीं।
26. पेरिस के 'हॉसमैनियाकरण' (Haussmannisation) से क्या तात्पर्य है?
1852 में नेपोलियन तृतीय के आदेश पर बैरन हॉसमैन ने पेरिस का पुनर्विकास किया। उसने मध्यकालीन तंग गलियों और गरीबों की बस्तियों को तोड़कर चौड़ी सीधी सड़कें (Boulevards), बड़े चौराहे, खुले पार्क और भव्य इमारतें बनवाईं, जिससे विद्रोहियों द्वारा सड़कों पर बैरिकेड लगाना असंभव हो गया।
27. गार्डन सिटी (उद्यान नगर) की योजना क्या थी?
एबेनेजर हॉवर्ड ने एक ऐसे आदर्श शहर की कल्पना की जहाँ शहर और गाँव दोनों के लाभ मिल सकें। इसमें केंद्र में सुंदर बगीचे, उनके चारों ओर रिहायशी मकान और बाहरी घेरे में कारखाने व हरित पट्टी (Green Belt) की योजना थी, ताकि प्रदूषण मुक्त स्वच्छ जीवन मिल सके।
28. 19वीं सदी में शहरों में महिलाओं की स्थिति में क्या बदलाव आए?
शुरुआत में महिलाओं को कारखानों में सस्ते श्रम के रूप में रोजगार मिला, लेकिन तकनीक के विकास के साथ उन्हें बाहर कर दिया गया। वे घरेलू नौकरानी, सिलाई-बुनाई या वेश्यावृत्ति की ओर धकेली गईं। हालांकि 20वीं सदी के आरंभ में मताधिकार और सार्वजनिक आंदोलनों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ी।
29. शहरीकरण ने पारिवारिक संरचना को किस प्रकार प्रभावित किया?
ग्रामीण संयुक्त परिवार व्यवस्था टूट गई और शहरों में एकल (Nuclear) परिवार का चलन बढ़ा। व्यक्तिवाद की भावना प्रबल हुई और परिवार के सदस्यों के बीच पारंपरिक नियंत्रण ढीला पड़ गया।
30. पटना के गोलघर का निर्माण कब, क्यों और किसके द्वारा करवाया गया था?
1770 के भीषण अकाल के बाद भविष्य में अनाज की कमी से निपटने के लिए गवर्नर-जनरल लॉर्ड कॉर्नवालिस के समय 1786 ई. में जॉन गार्स्टिन ने गोलघर का निर्माण कराया। यह विशाल गुंबदनुमा अनाज भंडार बिना किसी खंभे के 1,37,000 टन अनाज क्षमता के साथ बना है।
31. बंबई को 'मायानगरी' या 'सपनों का शहर' क्यों कहा जाने लगा?
बंबई देश की वित्तीय राजधानी, सूती वस्त्र उद्योग का केंद्र और भारतीय फिल्म उद्योग (बॉलीवुड) का जन्मस्थान था। रोजगार, धन, शोहरत और आधुनिक जीवनशैली की तलाश में पूरे देश से लोग यहाँ खिंचे चले आए, जिससे इसे सपनों का शहर कहा जाने लगा।
32. भूमि विकास (Land Reclamation) परियोजनाएं बंबई के लिए क्यों आवश्यक थीं?
बंबई मूलतः सात छोटे-छोटे दलदली द्वीपों का समूह था। बढ़ती आबादी, कपड़ा मिलों और गोदी (Docks) के विस्तार के लिए भूमि की भारी कमी हो गई थी। इसलिए समुद्र को पाटकर दलदली भूमि को समतल करने की रीक्लेमेशन परियोजनाएं चलाई गईं।
33. प्राचीन पाटलिपुत्र के नगर नियोजन की दो विशेषताएं बताएं।
  • काष्ठ दुर्ग (लकड़ी की प्राचीर): मेगास्थनीज के अनुसार नगर के चारों ओर लकड़ी की विशाल दीवार थी, जिसमें 64 द्वार और 570 बुर्ज थे।
  • सुरक्षा खाई: नगर की सुरक्षा के लिए दीवार के बाहर 60 फीट चौड़ी और 30 हाथ गहरी खाई थी, जो सोन और गंगा नदी के पानी से भरी रहती थी।
34. मध्यकालीन पटना के पतन और पुनरुत्थान के क्या कारण थे?
हर्षवर्धन के बाद और पालों के कमजोर पड़ने से पाटलिपुत्र का राजनीतिक महत्व घट गया और यह एक छोटा कस्बा रह गया। 1541 ई. में शेरशाह सूरी ने इसके सामरिक और भौगोलिक महत्व को पहचानकर यहाँ एक मजबूत दुर्ग बनवाया और इसे बिहार की प्रांतीय राजधानी बनाकर पुनः प्रतिष्ठित किया।
35. शहरीकरण से पर्यावरण पर क्या दुष्प्रभाव पड़े?
  • कारखानों की चिमनियों और रेलगाड़ियों के कोयले के धुएं से वायु प्रदूषण फैला (जैसे लंदन का प्रसिद्ध काला कोहरा)।
  • औद्योगिक कचरे और मल-मूत्र के नदियों में बहाए जाने से जल स्रोत दूषित हुए और हैजा, टायफाइड जैसी महामारियां फैलीं।
36. धुआं निरोधक कानून (Smoke Abatement Acts) क्या थे?
1840 और 1850 के दशक में इंग्लैंड में कारखानों और घरेलू चूल्हों से निकलने वाले घने धुएं को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाए गए। हालांकि मिल मालिकों के दबाव और कमजोर निगरानी के कारण ये कानून शुरुआत में प्रभावी साबित नहीं हुए।
37. 'चार्टिज्म' (Chartism) क्या था और शहरी मजदूरों के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण था?
यह 19वीं सदी के ब्रिटेन में मजदूरों का पहला संगठित राजनीतिक आंदोलन था। इसके तहत मजदूरों ने 'पीपुल्स चार्टर' प्रस्तुत किया, जिसमें सभी वयस्क पुरुषों को वोट देने का अधिकार, गुप्त मतदान और संसद सदस्यों के लिए संपत्ति की योग्यता खत्म करने की मांग की गई थी।
38. औपनिवेशिक शहरों में नस्लीय अलगाव (Racial Segregation) कैसे दिखता था?
मद्रास, बंबई और कलकत्ता जैसे शहरों को दो स्पष्ट हिस्सों में बांटा गया था—
  • व्हाइट टाउन (White Town): यूरोपियनों के लिए स्वच्छ, चौड़ी सड़कों, बंगलों और सुरक्षा से युक्त क्षेत्र (जैसे फोर्ट सेंट जॉर्ज)।
  • ब्लैक टाउन (Black Town): स्थानीय भारतीयों के लिए तंग, अव्यवस्थित और बुनियादी सुविधाओं से विहीन बस्तियां।
39. अजीमाबाद के रूप में पटना का सांस्कृतिक महत्व क्या था?
18वीं सदी में राजकुमार अजीम-उस-शान के समय पटना को 'अजीमाबाद' नाम मिला। यह काल फारसी साहित्य, उर्दू शायरी, चित्रकला (पटना कलम शैली) और सूफी संतों का एक बड़ा सांस्कृतिक केंद्र बनकर उभरा।
40. मरीन ड्राइव (Marine Drive) का निर्माण कैसे हुआ था?
1920 के दशक में 'बैक बे रिक्लेमेशन' परियोजना के तहत समुद्र के एक बड़े हिस्से को पाटकर पश्चिमी बंबई में सुंदर अर्धचंद्राकार तटबंध और सड़क तैयार की गई, जिसे आज मरीन ड्राइव कहा जाता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions / 4-5 अंक वाले प्रश्न)
41. औद्योगिकीकरण ने शहरीकरण के स्वरूप को किस प्रकार बदल दिया? लंदन के संदर्भ में विस्तार से स्पष्ट करें।
18वीं सदी के अंत में शुरू हुई औद्योगिक क्रांति ने शहरों के भूगोल और जनसांख्यिकी को पूरी तरह बदल दिया:
  • जनसंख्या का विस्फोट: इंग्लैंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बाड़ेबंदी (Enclosure Movement) के कारण किसान भूमिहीन हो गए और रोजगार की तलाश में लंदन जैसे शहरों में टूट पड़े। 1810 से 1880 के बीच लंदन की आबादी 10 लाख से बढ़कर 40 लाख हो गई।
  • श्रम बाजार का केंद्रीकरण: लंदन डॉक्स (गोदी), परिधान उद्योग, जूता निर्माण, प्रिंटिंग और फर्नीचर उद्योग का केंद्र बना जहाँ लाखों कुशल और अकुशल मजदूर काम करते थे।
  • आवासीय संकट और स्लम: मजदूरों के लिए पर्याप्त आवास नहीं थे। वे अंधेरे, हवा-विहीन टेनेमेंट्स (चाल जैसी बस्तियों) में रहने को मजबूर हुए जहाँ पेयजल और सफाई का अभाव था।
  • सामाजिक विभाजन: शहर दो वर्गों में बंट गया— एक तरफ विलासिता में जीने वाला पूंजीपति वर्ग और दूसरी तरफ नारकीय जीवन जीने वाला सर्वहारा मजदूर वर्ग।
42. बंबई (मुंबई) के विकास की ऐतिहासिक यात्रा तथा एक आधुनिक महानगर के रूप में इसके उभार का विश्लेषण करें।
बंबई एक व्यापारिक चौकी से भारत की आर्थिक राजधानी तक इस प्रकार विकसित हुआ:
  • प्रारंभिक नियंत्रण: 1661 ई. में पुर्तगाल की राजकुमारी कैथरीन के विवाह में ब्रिटेन के राजा चार्ल्स द्वितीय को बंबई दहेज में मिला, जिसे उसने 10 पाउंड के वार्षिक किराये पर ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंप दिया।
  • सूती वस्त्र उद्योग का विकास: 1854 में कावसजी नानाभाई डाबर ने पहली सूती कपड़ा मिल स्थापित की। 1920 तक शहर में 80 से अधिक मिलें चल रही थीं, जिनमें लाखों मजदूर काम करते थे।
  • सामरिक एवं व्यापारिक महत्व: 1869 में स्वेज नहर खुलने से बंबई बंदरगाह सीधे यूरोप से जुड़ गया। अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान कपास के निर्यात ने बंबई के व्यापारियों को अकूत धन दिया।
  • भूमि रिक्लेमेशन एवं विस्तार: सात द्वीपों को पाटने के लिए विभिन्न परियोजनाओं (जैसे हॉर्नबी वेल्लार्ड) के जरिए जमीन तैयार की गई और बॉम्बे इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ने रेलवे स्टेशनों, सचिवालय और आधुनिक बस्तियों का निर्माण किया।
43. पाटलिपुत्र (पटना) के प्राचीन गौरव से लेकर आधुनिक काल तक के उतार-चढ़ाव भरे इतिहास पर प्रकाश डालें।
पटना का इतिहास 2500 वर्षों से अधिक पुराना है:
  • प्राचीन स्वर्णिम काल: मगध के हर्यक वंश के राजा उदायिन ने पाटलिपुत्र बसाया। मौर्य काल में चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक के समय यह अखंड भारत की राजधानी बना। गुप्त काल तक यह राजनीति, ज्ञान (नालंदा-विक्रमशिला की समीपता) और बौद्ध धर्म का विश्व प्रसिद्ध केंद्र रहा।
  • मध्यकालीन पुनरुत्थान: पालों के बाद कमजोर पड़े शहर को 1541 ई. में शेरशाह सूरी ने नए सिरे से बसाया और बिहार की प्रांतीय राजधानी बनाया। औरंगजेब के पोते अजीम-उस-शान ने इसे 'अजीमाबाद' नाम देकर भव्य स्वरूप दिया।
  • औपनिवेशिक काल: 1764 के बक्सर युद्ध के बाद यह अंग्रेजों के नियंत्रण में आया। अंग्रेज यहाँ से अफीम, नील और शोरा (Saltpetre) का व्यापार करते थे। 1786 में अनाज भंडारण हेतु गोलघर बना। 1912 में जब बंगाल से अलग होकर बिहार-उड़ीसा प्रांत बना, तो पटना को उसकी राजधानी बनाया गया।
44. शहरी जीवन ने सामाजिक संबंधों और पारंपरिक मान्यताओं को कैसे प्रभावित किया? सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पक्षों की व्याख्या करें।
शहरीकरण ने समाज की पारंपरिक नींव को हिलाकर रख दिया:
  • सकारात्मक प्रभाव:
    • जातिगत बंधनों में शिथिलता: कारखानों, ट्रामों, ट्रेनों और होटलों में सभी जातियों के लोग एक साथ काम करते और बैठते थे, जिससे अस्पृश्यता और जातिगत कठोरता कमजोर हुई।
    • शिक्षा और चेतना का प्रसार: शहरों में स्कूल, कॉलेज और पुस्तकालय स्थापित हुए, जिससे तर्कसंगत सोच और राष्ट्रीय आंदोलनों को बल मिला।
    • महिलाओं की आत्मनिर्भरता: महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने और घर की चारदीवारी से बाहर निकलने के अवसर मिले।
  • नकारात्मक प्रभाव:
    • एकाकीपन और व्यक्तिवाद: संयुक्त परिवार टूट गए, जिससे बुजुर्गों और बच्चों की देखभाल एक गंभीर समस्या बन गई।
    • अपराध और नैतिक पतन: अत्यधिक गरीबी, बेरोजगारी और शोषण के कारण शहरों में चोरी, शराबखोरी और संगठित अपराधों में वृद्धि हुई।
    • शोषणकारी कार्यदशाएं: मजदूरों से 14-16 घंटे काम लिया जाता था और उनके स्वास्थ्य की कोई गारंटी नहीं थी।
45. लंदन में आवास संकट को दूर करने के लिए 19वीं और 20वीं सदी में क्या-क्या कदम उठाए गए?
लंदन के भयावह स्लम और बीमारियों के डर से ब्रिटिश सरकार और समाजसेवियों ने कई उपाय किए:
  • टेनेमेंट्स का विध्वंस: नगर निगमों ने सबसे गंदे और भीड़भाड़ वाले इलाकों के पुराने मकानों को गिराना शुरू किया ताकि संक्रामक रोगों (हैजा) को फैलने से रोका जा सके।
  • सार्वजनिक आवास योजनाएं: स्थानीय परिषदों (Municipal Councils) ने मजदूरों के लिए सस्ते और हवादार एक-पारिवारिक मकान (Single-family cottages) बनाए।
  • उपनगरीकरण और परिवहन: भूमिगत रेलवे और इलेक्ट्रिक ट्रामों का जाल बिछाया गया ताकि मजदूर शहर के प्रदूषित केंद्र से बाहर उपनगरों में रह सकें और काम पर आ-जा सकें।
  • हरित पट्टियां और गार्डन सिटी: एबेनेजर हॉवर्ड की तर्ज पर 'उद्यान नगर' (जैसे लेचवर्थ और वेलविन) बसाए गए जहाँ खुले मैदान, पेड़ और रिहायशी कॉलोनियां एक साथ नियोजित थीं।
46. पेरिस के नवीनीकरण (हॉसमैन के पेरिस) के राजनीतिक और सामाजिक उद्देश्यों की समीक्षा करें।
1852 में बैरन हॉसमैन द्वारा पेरिस के कायाकल्प के पीछे केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि गहरे राजनीतिक हित थे:
  • विद्रोहों पर नियंत्रण: 1789, 1830 और 1848 की क्रांतियों में विद्रोही पेरिस की संकरी गलियों में पत्थरों के बैरिकेड बनाकर सेना का रास्ता रोक लेते थे। हॉसमैन ने इन संकरी गलियों को तोड़कर अत्यंत चौड़ी सीधी सड़कें बनाईं, जिन पर घुड़सवार सेना और तोपें आसानी से चल सकें।
  • गरीबों का निष्कासन: शहर के केंद्र से लगभग 3.5 लाख गरीब मजदूरों को उनके घरों से बेदखल कर पेरिस के बाहरी इलाकों (Suburbs) में धकेल दिया गया, ताकि केंद्र केवल उच्च वर्ग के लिए सुरक्षित रहे।
  • साम्राज्यवादी शान-शौकत: नेपोलियन तृतीय पेरिस को यूरोप की सबसे भव्य और आधुनिक राजधानी बनाना चाहता था। भव्य कैफे, बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर और रोशनी वाली सड़कों ने पेरिस को 'रोशनी का शहर' (City of Lights) बना दिया।
47. औपनिवेशिक भारत में शहरों के विकास के स्वरूप की व्याख्या करें। यह पश्चिमी देशों के शहरीकरण से किस प्रकार भिन्न था?
भारत में औपनिवेशिक शहरीकरण पश्चिमी देशों की तरह औद्योगिक क्रांति का स्वाभाविक परिणाम नहीं था:
  • वि-शहरीकरण (De-urbanization): जहां ब्रिटेन में नए औद्योगिक शहर बस रहे थे, वहीं भारत में ब्रिटिश नीतियों के कारण पारंपरिक दस्तकारी केंद्र (जैसे ढाका, मुर्शिदाबाद, सूरत) उजड़ गए।
  • औपनिवेशिक हितों पर आधारित शहर: नए शहर (बंबई, कलकत्ता, मद्रास) उत्पादन के केंद्र नहीं थे, बल्कि वे कच्चे माल को ब्रिटेन भेजने और वहाँ के तैयार माल को भारतीय बाजारों में खपाने के प्रशासनिक व व्यापारिक केंद्र (बंदरगाह) थे।
  • द्वैध नगर व्यवस्था (Dual Cities): भारतीय शहरों में एक ओर यूरोपियनों के लिए आलीशान 'सिविल लाइंस' या 'कैंटोनमेंट' होते थे, तो दूसरी ओर भारतीयों के लिए बुनियादी सुविधाओं से महरूम सघन 'देसी बस्तियां' होती थीं।
48. शहरीकरण में मनोरंजन के साधनों के विकास और सिनेमा की भूमिका पर प्रकाश डालें।
औद्योगिक शहरों में कार्य के निश्चित घंटों के बाद बचे 'खाली समय' (Leisure Time) ने मनोरंजन के नए रूपों को जन्म दिया:
  • पारंपरिक से आधुनिक मनोरंजन: शुरुआत में पब (शराबखाने), संगीत सभाएं (Music Halls) और तमाशे मनोरंजन के साधन थे। 19वीं सदी के अंत तक खेल स्टेडियमों (फुटबॉल, क्रिकेट) का विकास हुआ।
  • सिनेमा का उभार: 20वीं सदी की शुरुआत में सिनेमा शहरी जनमानस का सबसे लोकप्रिय और सस्ता मनोरंजन बना। बंबई में 1913 में दादा साहेब फाल्के ने राजा हरिश्चंद्र बनाई।
  • सामाजिक प्रभाव: सिनेमा हॉल में जाति, धर्म और वर्ग का भेद मिट गया। सभी वर्गों के लोग एक साथ बैठकर फिल्में देखते थे। सिनेमा ने ग्रामीण प्रवासियों को शहर की जटिलताओं से कुछ देर की मानसिक राहत दी और राष्ट्रीय चेतना के प्रसार में भी मदद की।
49. मेगास्थनीज द्वारा वर्णित प्राचीन पाटलिपुत्र के नगर प्रशासन और भव्यता का विवरण दें।
यूनानी राजदूत मेगास्थनीज ने चंद्रगुप्त मौर्य के समय पाटलिपुत्र का विशद वर्णन किया है:
  • नगर का आकार: यह गंगा और सोन नदी के किनारे 9 मील लंबा और लगभग 1.75 मील चौड़ा समानांतर चतुर्भुज के आकार का नगर था।
  • राजप्रसाद (महल): मौर्य सम्राट का महल लकड़ी का बना था, जिस पर सुनहरी नक्काशी की गई थी। इसके चारों ओर सुंदर बगीचे और मछलियों के तालाब थे, जो सूसा और एकबताना के महलों से भी अधिक भव्य थे।
  • 30 सदस्यों की नगर परिषद: नगर का प्रशासन 6 समितियों (प्रत्येक में 5 सदस्य) द्वारा चलाया जाता था। ये समितियां उद्योग-शिल्प, विदेशियों की देखभाल, जन्म-मरण का पंजीकरण, व्यापार-वाणिज्य, माल की गुणवत्ता की जांच और बिक्री कर (Sales Tax) वसूली का कार्य करती थीं।
50. 19वीं सदी के लंदन और बंबई (मुंबई) के शहरी स्वरूप तथा मजदूरों के जीवन की तुलना करें।
आधार लंदन (ब्रिटेन) बंबई (भारत)
प्रशासनिक स्थिति एक स्वतंत्र साम्राज्यवादी देश की विशाल वैश्विक राजधानी। ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के तहत एक प्रेसीडेंसी नगर एवं बंदरगाह।
मजदूरों का आवास मजदूर मुख्यतः 'टेनेमेंट्स' (Tenements) और तंग गलियों के छोटे कमरों में रहते थे। मजदूर मुख्यतः बहुमंजिला 'चाल' (Chawls) में नारकीय स्थितियों में रहते थे।
उद्योग का प्रकार बड़े पैमाने पर परिधान, फिनिशिंग, प्रिंटिंग और गोदी (Docks) से जुड़े काम। बड़े पैमाने पर सूती वस्त्र मिलें (Cotton Mills) और जहाजी बंदरगाह।
परिवहन तंत्र 1863 में ही दुनिया की पहली भूमिगत रेलवे और बाद में ट्रामों का जाल बिछा। 1853 में उपनगरीय रेलवे (बोरीबंदर से ठाणे) और बाद में घोड़ों/इलेक्ट्रिक ट्रामों का विकास हुआ।
उपनगरीय फैलाव आवास संकट हल करने के लिए मजदूरों को उपनगरों (Suburbs) की ओर बसाया गया। जमीन की कमी के कारण समुद्र को पाटकर (रिक्लेमेशन द्वारा) शहर की सीमा बढ़ाई गई।

0 Comments