बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) कक्षा 10 इतिहास
अध्याय 3: "हिन्द-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन" — 50 महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर
अति-लघु उत्तरीय प्रश्न (One-Liner / 1 अंक वाले प्रश्न)
1. हिन्द-चीन (Indo-China) क्षेत्र में कौन-कौन से आधुनिक देश शामिल हैं?
वियतनाम, लाओस और कंबोडिया।
2. अंकोरवाट के प्रसिद्ध विष्णु मंदिर का निर्माण किसने और किस शताब्दी में करवाया था?
कंबोडिया के खमेर राजा सूर्यवर्मन द्वितीय ने 12वीं शताब्दी में।
3. हिन्द-चीन में बसने वाले फ्रांसीसी नागरिकों को क्या कहा जाता था?
कोलोन (Colons)।
4. हिन्द-चीन पहुँचने वाले पहले यूरोपीय व्यापारी कौन थे?
पुर्तगाली (1510 ई. में मलाक्का पर नियंत्रण के बाद)।
5. हो-ची-मिन्ह का वास्तविक (बचपन का) नाम क्या था?
गुयेन आई क्वोक (Nguyen Ai Quoc)।
6. 'हो-ची-मिन्ह' शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?
पथ-प्रदर्शक (The Bringer of Light)।
7. वियतनामी कम्युनिस्ट पार्टी (वियतनाम कांग सान दांग) की स्थापना कब और किसने की?
फरवरी 1930 में हो-ची-मिन्ह ने।
8. 'दुई तान होई' (क्रांतिकारी समाज) नामक गुप्त संगठन की स्थापना किसने की थी?
फैन बोई चाऊ (Phan Boi Chau) ने 1903 ई. में।
9. 'द हिस्ट्री ऑफ द लॉस ऑफ वियतनाम' (The History of the Loss of Vietnam) पुस्तक के लेखक कौन थे?
फैन बोई चाऊ।
10. दीन-बिएन-फू (Dien Bien Phu) के युद्ध में किस यूरोपीय शक्ति की करारी हार हुई थी?
फ्रांस की (7 मई 1954 को, जनरल नगुयेन गियाप के नेतृत्व में वियतनामी सेना के हाथों)।
11. जिनेवा समझौता किस वर्ष हुआ था?
जुलाई 1954 ई. में।
12. जिनेवा समझौते के तहत वियतनाम को किस अक्षांश रेखा से दो हिस्सों (उत्तरी और दक्षिणी) में विभाजित किया गया था?
17वीं समानांतर रेखा (17th Parallel) से।
13. हो-ची-मिन्ह भूलभुलैया मार्ग (Ho Chi Minh Trail) किन-किन देशों से होकर गुजरता था?
उत्तरी वियतनाम से लाओस और कंबोडिया के जंगलों से होते हुए दक्षिणी वियतनाम तक।
14. रासायनिक हथियार 'एजेंट ऑरेंज' (Agent Orange) क्या था?
यह एक अत्यधिक विषैला खरपतवारनाशक (Defoliant/Dioxin) रसायन था, जिसका उपयोग अमेरिकी सेना वियतनाम के जंगलों और फसलों को नष्ट करने के लिए करती थी।
15. नापाम (Napalm) क्या था?
यह एक अत्यंत ज्वलनशील कार्बनिक रसायन (गैसोलीन जेल) बम था, जो त्वचा से चिपक जाता था और भयानक रूप से जलता था।
16. माई ली (My Lai) गांव का भीषण नरसंहार किस देश की सेना द्वारा किया गया था?
संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) की सेना द्वारा (1968 ई. में)।
17. कंबोडिया के शासक नरोत्तम सिंहानुक को 1970 में अपदस्थ कर किसने सत्ता हथिया ली थी?
जनरल लोन नोल ने (अमेरिकी समर्थन से)।
18. ख्मेर रूज (Khmer Rouge) का क्रूर नेता कौन था जिसने कंबोडिया में शासन किया?
पोल पोट (Pol Pot)।
19. वियतनाम का औपचारिक रूप से एकीकरण किस वर्ष पूरा हुआ?
1975 में युद्ध समाप्त हुआ और 2 जुलाई 1976 को समाजवादी गणराज्य वियतनाम के रूप में एकीकरण संपन्न हुआ।
20. हनोई समझौता कब और किनके बीच हुआ था?
6 मार्च 1946 को फ्रांस और हो-ची-मिन्ह के बीच।
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions / 2-3 अंक वाले प्रश्न)
21. हिन्द-चीन का भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिचय दें।
दक्षिण-पूर्व एशिया में लगभग 2.8 लाख वर्ग किमी में फैले वियतनाम, लाओस और कंबोडिया के सम्मिलित क्षेत्र को हिन्द-चीन कहा जाता है। इसके उत्तरी एवं पश्चिमी भाग (कंबोडिया और लाओस) पर भारतीय संस्कृति व धर्म (हिंदू व बौद्ध) का गहरा प्रभाव था, जबकि वियतनाम (पूर्वी भाग) पर चीनी संस्कृति और कन्फ्यूशियस दर्शन का प्रभुत्व था।
22. फ्रांसीसियों द्वारा हिन्द-चीन को अपना उपनिवेश बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- आर्थिक दोहन: वियतनाम और कंबोडिया के चावल, रबर और कोयले जैसे समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करना।
- बाजार का विस्तार: अपने औद्योगिक उत्पादों की खपत के लिए एक सुरक्षित बाजार तैयार करना।
- सामरिक प्रतिस्पर्धा: भारत में अंग्रेजों के बढ़ते प्रभुत्व का मुकाबला करने और चीन के विशाल बाजार तक अपनी पहुंच बनाने के लिए एक नौसैनिक अड्डा बनाना।
23. 'कोलोन' (Colons) किन्हें कहा जाता था और उनका स्थानीय लोगों के साथ कैसा संबंध था?
हिन्द-चीन में आकर बसने वाले फ्रांसीसी नागरिकों, व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को 'कोलोन' कहा जाता था। वे स्थानीय वियतनामी जनता को हीन और असभ्य मानते थे, उनके साथ नस्लीय भेदभाव करते थे और सरकारी नौकरियों व शिक्षा में वियतनामियों के प्रवेश का कड़ा विरोध करते थे।
24. टोंकिन फ्री स्कूल (Tonkin Free School) की स्थापना कब और क्यों की गई थी?
फ्रांसीसी औपनिवेशिक सरकार ने 1907 में वियतनामियों को पश्चिमी ढंग की शिक्षा देने के लिए हनोई में टोंकिन फ्री स्कूल खोला। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं को फ्रांसीसी भाषा, विज्ञान, स्वच्छता और पश्चिमी सभ्यता में ढालना था, जिसमें पारंपरिक लंबे बाल कटवाकर छोटे बाल रखना अनिवार्य किया गया था।
25. 'गो ईस्ट मूवमेंट' (पूरब की ओर चलो आंदोलन) क्या था?
20वीं सदी के आरंभ (1907-08) में राष्ट्रवादी नेता फैन बोई चाऊ के आह्वान पर लगभग 300 वियतनामी छात्र उच्च शिक्षा और आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करने जापान गए। इसका उद्देश्य जापान से मदद लेकर वियतनाम से फ्रांसीसियों को खदेड़ना और राजशाही की पुनर्स्थापना करना था।
26. फैन बोई चाऊ और फैन चू त्रिन्ह के विचारों में क्या मुख्य अंतर था?
- फैन बोई चाऊ: वे राजशाही के समर्थक थे और जापान जैसी विदेशी शक्ति की सैन्य सहायता से हिंसा के जरिए फ्रांसीसी शासन को उखाड़ फेंकना चाहते थे।
- फैन चू त्रिन्ह: वे राजशाही और निरंकुश सम्राट के कट्टर विरोधी थे। वे फ्रांसीसियों के लोकतांत्रिक मूल्यों (स्वतंत्रता, समानता) से प्रभावित होकर संवैधानिक लोकतंत्र और शांतिपूर्ण सामाजिक सुधारों के पक्षधर थे।
27. हो-ची-मिन्ह मार्ग (भूलभुलैया मार्ग) का वियतनाम युद्ध में क्या महत्व था?
यह घने जंगलों और पहाड़ों से होकर गुजरने वाला कच्ची सड़कों और पगडंडियों का विशाल जाल था, जो लाओस और कंबोडिया के रास्ते उत्तरी वियतनाम से दक्षिणी वियतनाम तक जाता था। इसके जरिए वियतकांग (गुरिल्ला लड़ाकों) को रसद, हथियार और सैनिकों की निरंतर आपूर्ति की जाती थी। अमेरिकी सेना द्वारा लाखों टन बम गिराने के बावजूद वियतनामी इसे तुरंत ठीक कर लेते थे।
28. दीन-बिएन-फू के युद्ध का ऐतिहासिक महत्व क्या था?
1954 में घाटी में स्थित दीन-बिएन-फू के किले पर वियतनामी सेना (जनरल गियाप के नेतृत्व में) ने फ्रांसीसी सेना को चारों तरफ से घेर लिया। 55 दिनों की भीषण घेराबंदी के बाद फ्रांस के कमांडर जनरल नवारे ने आत्मसमर्पण कर दिया। इस युद्ध ने यह सिद्ध कर दिया कि एक छोटा एशियाई देश भी आधुनिक यूरोपीय साम्राज्यवादी शक्ति को हरा सकता है।
29. जिनेवा समझौता (1954) के प्रमुख प्रावधान क्या थे?
- वियतनाम को 17वीं समानांतर रेखा के सहारे उत्तरी और दक्षिणी वियतनाम में विभाजित किया गया।
- उत्तरी वियतनाम में हो-ची-मिन्ह की कम्युनिस्ट सरकार तथा दक्षिणी वियतनाम में बाओ दाई (बाद में न्गो दीन्ह दिएम) की सरकार बनी।
- लाओस और कंबोडिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष राष्ट्र घोषित किया गया।
- पूरे वियतनाम के एकीकरण के लिए जुलाई 1956 में स्वतंत्र चुनाव कराने का निर्णय लिया गया।
30. माई ली (My Lai) गांव का नरसंहार क्या था?
मार्च 1968 में दक्षिणी वियतनाम के माई ली गांव में अमेरिकी सेना की एक टुकड़ी (लेफ्टिनेंट कैली के नेतृत्व में) ने वियतकांग लड़ाकों को छिपाने के संदेह में पूरे गांव को घेर लिया। अमेरिकी सैनिकों ने 500 से अधिक निहत्थे बूढ़ों, महिलाओं और बच्चों की नृशंस हत्या कर दी, घरों को जला दिया और मवेशियों को मार डाला। इस घटना की तस्वीरें सामने आने पर पूरी दुनिया में अमेरिका की भर्त्सना हुई।
31. रासायनिक हथियार 'एजेंट ऑरेंज' और 'नापाम' का वियतनाम पर क्या प्रभाव पड़ा?
अमेरिकी विमानों ने वियतनाम के जंगलों और खेतों पर लाखों गैलन एजेंट ऑरेंज छिड़का, जिससे घने जंगल सूख गए और कृषि नष्ट हो गई। इसमें मौजूद डायॉक्सिन जहर के कारण आज भी वियतनाम में हजारों बच्चे जन्मजात विकृतियों, कैंसर और अंधापन के साथ पैदा होते हैं। नापाम बमों ने बस्तियों को राख में तब्दील कर मासूम ग्रामीणों को जिंदा जला दिया।
32. न्गो दीन्ह दिएम (Ngo Dinh Diem) की तानाशाही और उसके पतन के क्या कारण थे?
दिएम दक्षिणी वियतनाम का एक निरंकुश और भ्रष्ट कैथोलिक शासक था। उसने देश की बहुसंख्यक बौद्ध आबादी पर कठोर पाबंदियां लगाईं और बौद्ध भिक्षुओं पर अत्याचार किए। उसने 1956 के प्रस्तावित आम चुनावों को कराने से इनकार कर दिया। बौद्धों के आत्मदाह और जनता के बढ़ते विद्रोह के बाद 1963 में एक सैन्य तख्तापलट में उसकी हत्या कर दी गई।
33. 'स्कॉलर्स रिवोल्ट' (विद्वानों का विद्रोह - 1868) क्या था?
यह 1868 में वियतनाम के शाही दरबार के अधिकारियों और कन्फ्यूशियस विद्वानों द्वारा शुरू किया गया एक प्रारंभिक औपनिवेशिक-विरोधी आंदोलन था। यह फ्रांसीसी कब्जे और ईसाई मिशनरियों के धर्म-परिवर्तन अभियानों के विरुद्ध था। इसमें लगभग एक हजार ईसाईयों को मार दिया गया था, जिसे बाद में फ्रांसीसियों ने कुचल दिया।
34. होआ-हाओ (Hoa Hao) आंदोलन क्या था?
1939 में मेकॉन्ग डेल्टा क्षेत्र में हुआइन फू सो (Huynh Phu So) द्वारा शुरू किया गया यह एक धार्मिक और सामाजिक आंदोलन था। इसके संस्थापक चमत्कारी चिकित्सा करते थे और फिजूलखर्ची, जुआ, वेश्यावृत्ति और शराब का विरोध करते थे। इस आंदोलन ने फ्रांसीसी शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष भी छेड़ा।
35. कंबोडिया में नरोत्तम सिंहानुक की तटस्थता की नीति क्या थी?
शीत युद्ध के दौरान राजकुमार नरोत्तम सिंहानुक ने कंबोडिया को अमेरिका और सोवियत संघ दोनों के गुटों से दूर रखने के लिए गुटनिरपेक्षता (तटस्थता) की नीति अपनाई। उन्होंने देश को वियतनाम युद्ध की विभीषिका से बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे गुप्त रूप से उत्तरी वियतनामी गुरिल्लों को अपने सीमावर्ती क्षेत्रों का उपयोग करने की छूट देते थे।
36. वियतकांग (Viet Cong) कौन थे?
दक्षिणी वियतनाम में न्गो दीन्ह दिएम की दमनकारी और अमेरिकी-समर्थक सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए गठित 'नेशनल लिबरेशन फ्रंट' (NLF) के गुरिल्ला लड़ाकों को अमेरिकी सेना द्वारा 'वियतकांग' (वियतनामी कम्युनिस्ट) कहा गया। ये किसान लड़ाके छापामार युद्ध में माहिर थे।
37. अमेरिका वियतनाम युद्ध में सीधे तौर पर क्यों शामिल हुआ?
अमेरिका को डर था कि यदि वियतनाम कम्युनिस्ट बन गया, तो 'डोमिनो थ्योरी' (Domino Theory) के अनुसार पूरा दक्षिण-पूर्व एशिया (लाओस, कंबोडिया, थाईलैंड आदि) एक-एक करके साम्यवाद के प्रभाव में आ जाएगा। साम्यवाद के प्रसार को रोकने (Containment Policy) के लिए अमेरिका ने अपनी सेना वियतनाम में उतारी।
38. वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी समाज पर क्या प्रतिक्रिया हुई?
अमेरिका में इस युद्ध का व्यापक विरोध हुआ। हजारों अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने, युद्ध के भारी खर्च और टीवी पर दिखाई जाने वाली क्रूरता (जैसे माई ली नरसंहार) के कारण अमेरिकी विश्वविद्यालयों में छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किए। जाने-माने दार्शनिक बर्ट्रेंड रसेल ने अमेरिका पर युद्ध अपराधों का मुकदमा चलाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल का गठन किया।
39. वियतनाम के एकीकरण में महिलाओं की क्या भूमिका थी?
वियतनामी महिलाओं ने न केवल घर संभाला बल्कि हथियार उठाकर मोर्चे पर भी लड़ीं। उन्होंने हो-ची-मिन्ह मार्ग पर रसद पहुँचाने, सड़कों और पुलों की मरम्मत करने, घायल सैनिकों की चिकित्सा करने और अमेरिकी विमानों को मार गिराने में सीधी भागीदारी निभाई। उन्हें "सशस्त्र वीरांगनाओं" के रूप में देखा गया।
40. पेरिस शांति समझौता (1973) क्या था?
जनवरी 1973 में अमेरिका, उत्तरी वियतनाम, दक्षिणी वियतनाम और वियतकांग के बीच पेरिस में शांति समझौता हुआ। इसके तहत अमेरिका ने युद्धविराम स्वीकार किया और 60 दिनों के भीतर अपनी संपूर्ण सेना को वियतनाम से वापस बुलाने पर सहमति व्यक्त की।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions / 4-5 अंक वाले प्रश्न)
41. हिन्द-चीन में फ्रांसीसी औपनिवेशिक नीतियों और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों का आलोचनात्मक विश्लेषण करें।
फ्रांसीसियों ने हिन्द-चीन पर नियंत्रण स्थापित करने के बाद अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए व्यापक नीतियां लागू कीं:
- कृषि क्षेत्र में विस्तार: मेकॉन्ग डेल्टा क्षेत्र में दलदली भूमि को सुखाकर और विशाल नहर प्रणाली का निर्माण करके चावल की खेती का भारी विस्तार किया गया। 1931 तक वियतनाम दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश बन गया, लेकिन इसका मुनाफा किसानों को न मिलकर फ्रांसीसी कंपनियों और स्थानीय जमींदारों को मिला।
- रबर बागान और बंधुआ मजदूरी: रबर के विशाल बागानों में स्थानीय वियतनामी मजदूरों से अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया गया। मजदूरों से एकतरफा अनुबंध (Indentured Labour) पर हस्ताक्षर कराए जाते थे, जहाँ मजदूरी नगण्य थी और भागने पर कठोर यातनाएं दी जाती थीं।
- रेलवे और बुनियादी ढांचा: फ्रांसीसियों ने 'ट्रांस-इंडोचाइना' रेल नेटवर्क बिछाया ताकि आंतरिक क्षेत्रों से कोयला, खनिज और रबर आसानी से बंदरगाहों तक पहुँचाए जा सकें।
- शिक्षा और संस्कृति पर प्रहार: उन्होंने वियतनाम की पारंपरिक चीनी-आधारित शिक्षा प्रणाली को ध्वस्त कर दिया और फ्रांसीसी भाषा थोपने की कोशिश की ताकि स्थानीय लोगों की राष्ट्रीय चेतना को कुचला जा सके।
42. वियतनाम के स्वतंत्रता संग्राम में हो-ची-मिन्ह के जीवन, विचारों और योगदान का समग्र मूल्यांकन करें।
हो-ची-मिन्ह वियतनामी राष्ट्रवाद और साम्यवाद के निर्विवाद प्रतीक थे:
- वैचारिक आधार: उन्होंने पेरिस और मॉस्को में रहकर लेनिन के साम्यवादी सिद्धांतों का अध्ययन किया। उनका मानना था कि साम्राज्यवाद से मुक्ति केवल संगठित किसान-मजदूर वर्ग के नेतृत्व वाली सशस्त्र क्रांति से ही संभव है।
- दल का गठन: 1930 में उन्होंने विभिन्न बिखरे हुए साम्यवादी गुटों को एकजुट कर 'वियतनामी कम्युनिस्ट पार्टी' बनाई, जिसने राष्ट्रीय आंदोलन को एक अनुशासित राजनीतिक मंच दिया।
- वियतमिन्ह (Viet Minh) की स्थापना: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब जापान ने वियतनाम पर कब्जा किया, तो हो-ची-मिन्ह ने 1941 में 'वियतनाम स्वतंत्रता लीग' (वियतमिन्ह) का गठन किया और जापान व फ्रांस दोनों के विरुद्ध गुरिल्ला संघर्ष छेड़ा।
- स्वतंत्रता की घोषणा: जापान के आत्मसमर्पण के बाद 2 सितंबर 1945 को हनोई में उन्होंने स्वतंत्र 'लोकतांत्रिक गणराज्य वियतनाम' की स्थापना की घोषणा की।
- युद्ध का कुशल नेतृत्व: उन्होंने फ्रांस के खिलाफ दीन-बिएन-फू के ऐतिहासिक युद्ध और बाद में दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका के खिलाफ वियतनामी जनता का कुशल मार्गदर्शन किया।
43. वियतनाम युद्ध में अमेरिकी हस्तक्षेप के कारण, युद्ध के तरीके और उसकी अंतिम पराजय के कारणों की विवेचना करें।
अमेरिका का वियतनाम युद्ध में प्रवेश शीत युद्ध की सबसे विनाशकारी घटनाओं में से एक था:
- हस्तक्षेप के कारण: अमेरिका दक्षिण-पूर्व एशिया में साम्यवाद के फैलाव को रोकने के लिए प्रतिबद्ध था। जिनेवा समझौते के तहत 1956 में होने वाले चुनावों में हो-ची-मिन्ह की जीत तय मानी जा रही थी, इसलिए अमेरिका ने चुनाव रुकवा दिए और दक्षिणी वियतनाम में अपनी कठपुतली सरकार को बचाने के लिए 5 लाख से अधिक सैनिक भेज दिए।
- युद्ध की बर्बर तकनीकें: अमेरिका ने वियतनाम पर द्वितीय विश्व युद्ध से भी अधिक बम बरसाए। सघन जंगलों को नष्ट करने के लिए 'एजेंट ऑरेंज' का रासायनिक छिड़काव किया और रिहायशी बस्तियों पर 'नापाम' आग लगाने वाले बम गिराए। 'सर्च एंड डेस्ट्रॉय' अभियानों में पूरे के पूरे गांव राख कर दिए गए।
- अमेरिका की विफलता के कारण:
- गुरिल्ला युद्ध रणनीति: वियतकांग लड़ाके भूमिगत सुरंगों (Cu Chi Tunnels) और घने जंगलों में छिपकर अचानक हमला करते थे, जिससे अमेरिकी सेना हताश हो गई।
- जनता का अदम्य राष्ट्रवाद: वियतनामियों के लिए यह मातृभूमि की रक्षा का धर्मयुद्ध था, जबकि अमेरिकी सैनिक एक अनजाने देश में बिना किसी स्पष्ट उद्देश्य के लड़ रहे थे।
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबाव: अमेरिका के भीतर युद्ध-विरोधी आंदोलनों और वैश्विक निंदा ने राष्ट्रपति निक्सन को सेना वापस बुलाने पर मजबूर कर दिया।
44. 1954 के जिनेवा समझौते की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वियतनाम पर इसके दूरगामी परिणामों का वर्णन करें।
दीन-बिएन-फू में फ्रांसीसी सेना के विनाशकारी पतन के बाद मई 1954 में स्विट्जरलैंड के जिनेवा में एक अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन आयोजित हुआ:
- समझौते की पृष्ठभूमि: फ्रांस युद्ध का भारी आर्थिक और मानवीय बोझ नहीं उठा पा रहा था। सोवियत संघ, चीन, ब्रिटेन, अमेरिका और वियतनाम के प्रतिनिधि हिन्द-चीन समस्या का हल निकालने के लिए एकत्र हुए।
- प्रमुख निर्णय:
- वियतनाम को सामयिक रूप से 17वीं समानांतर रेखा पर दो सैन्य क्षेत्रों में बांटा गया।
- उत्तरी वियतनाम कम्युनिस्टों (हो-ची-मिन्ह) के नियंत्रण में रहा और दक्षिणी वियतनाम पश्चिमी समर्थक बाओ दाई के अधीन।
- यह विभाजन स्थायी नहीं था; 1956 में स्वतंत्र गुप्त मतदान द्वारा पूरे देश के एकीकरण का प्रावधान था।
- दूरगामी परिणाम:
- अमेरिका ने समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और दक्षिण-पूर्व एशिया संधि संगठन (SEATO) बनाकर दक्षिणी वियतनाम को अपने सैन्य संरक्षण में ले लिया।
- न्गो दीन्ह दिएम ने 1956 के चुनाव कराने से साफ मना कर दिया, जिससे शांति की सभी संभावनाएं समाप्त हो गईं और 20 वर्षों तक चलने वाले भीषण द्वितीय वियतनाम युद्ध की नींव पड़ी।
45. कंबोडिया के इतिहास में नरोत्तम सिंहानुक की भूमिका, लोन नोल के तख्तापलट और खमेर रूज के शासन की समीक्षा करें।
कंबोडिया का आधुनिक इतिहास अत्यधिक उथल-पुथल और त्रासदियों से भरा रहा है:
- नरोत्तम सिंहानुक का दौर: 1953 में फ्रांस से आजादी मिलने के बाद सिंहानुक ने कंबोडिया को गुटनिरपेक्ष रखने का प्रयास किया। वे देश को विकास की राह पर ले जा रहे थे, लेकिन वियतनाम युद्ध के कारण कंबोडिया की सीमाएं युद्ध क्षेत्र बन गईं।
- लोन नोल का तख्तापलट (1970): जब सिंहानुक विदेश यात्रा पर थे, तब अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) के समर्थन से जनरल लोन नोल ने सत्ता पलट दी। अमेरिका ने कंबोडिया में भारी बमबारी शुरू कर दी ताकि वहां छिपे वियतनामी कम्युनिस्टों को मारा जा सके, जिससे कंबोडियाई जनता तबाह हो गई।
- खमेर रूज का खूनी शासन (1975-1979): अमेरिकी बमबारी से उपजे आक्रोश का लाभ उठाकर पोल पोट के नेतृत्व वाले साम्यवादी दल 'ख्मेर रूज' ने राजधानी नोम पेन्ह पर कब्जा कर लिया। पोल पोट ने देश को जबरन मध्यकालीन कृषि समाज में बदलने के लिए शहरों को खाली करवा दिया। बुद्धिजीवियों, डॉक्टरों, शिक्षकों और अल्पसंख्यकों का सामूहिक कत्लेआम किया गया, जिसे 'किलिंग फील्ड्स' (Killing Fields) कहा जाता है। इस नरसंहार में लगभग 15 से 20 लाख लोग (आबादी का एक-चौथाई) मारे गए। 1979 में वियतनामी सेना के हस्तक्षेप से इस शासन का अंत हुआ।
46. लाओस में राष्ट्रवादी संघर्ष और 'पाथेट लाओ' (Pathet Lao) की भूमिका का वर्णन करें।
लाओस हिन्द-चीन का एक स्थल-रुद्ध (Landlocked) पहाड़ी देश था जो शीत युद्ध का अखाड़ा बना:
- प्रारंभिक स्थिति: 1954 के जिनेवा समझौते ने लाओस को एक स्वतंत्र और तटस्थ राजतंत्र घोषित किया। देश में तीन प्रमुख गुट उभरे—दक्षिणपंथी (अमेरिकी समर्थक), तटस्थवादी (प्रिंस सुवान फुमा) और वामपंथी (पाथेट लाओ, जिसका नेतृत्व प्रिंस सूफानुवोंग कर रहे थे)।
- पाथेट लाओ का संघर्ष: पाथेट लाओ एक साम्यवादी राष्ट्रवादी संगठन था जिसे उत्तरी वियतनाम और सोवियत संघ का समर्थन प्राप्त था। इसने देश के उत्तरी और पूर्वी प्रांतों पर अपना मजबूत नियंत्रण स्थापित किया।
- गुप्त युद्ध (Secret War): अमेरिका ने हो-ची-मिन्ह मार्ग को नष्ट करने के लिए 1964 से 1973 के बीच लाओस पर 20 लाख टन से अधिक बम गिराए, जिससे लाओस दुनिया का प्रति व्यक्ति सबसे अधिक बमबारी झेलने वाला देश बन गया।
- सत्ता की प्राप्ति: वियतनाम में अमेरिकी वापसी के बाद 1975 में पाथेट लाओ ने राजधानी विएंतियाने पर कब्जा कर लिया, 600 साल पुरानी राजशाही समाप्त की और 'लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक' की स्थापना की।
47. वियतनाम के राष्ट्रवादी आंदोलन में चीनी और जापानी प्रभावों की तुलनात्मक विवेचना करें।
वियतनाम का राष्ट्रवाद अपने पड़ोसी एशियाई देशों के अनुभवों से गहराई से प्रेरित था:
- चीन का प्रभाव:
- ऐतिहासिक जुड़ाव: सदियों तक वियतनाम चीनी साम्राज्य का हिस्सा रहा, जिससे यहाँ कन्फ्यूशियस विचार, प्रशासनिक प्रणाली और भाषा शैली रची-बसी थी।
- 1911 की चीनी क्रांति: सून यात-सेन द्वारा 1911 में मांचू राजवंश को उखाड़ फेंकने से प्रेरित होकर फैन बोई चाऊ ने राजशाही की बहाली का विचार छोड़कर गणतंत्र की स्थापना के लिए 'वियतनाम पुनरुद्धार संघ' (Quang Phuc Hoi) बनाया।
- 1949 की साम्यवादी क्रांति: माओ त्से-तुंग के नेतृत्व में चीन में कम्युनिस्ट सरकार बनने के बाद वियतमिन्ह को आधुनिक हथियारों और सुरक्षित सैन्य ठिकानों की सीधी सहायता मिलने लगी।
- जापान का प्रभाव:
- आधुनिकीकरण की प्रेरणा: 1905 के रूस-जापान युद्ध में एक छोटे एशियाई देश (जापान) द्वारा विशाल यूरोपीय साम्राज्य (रूस) को हराने की घटना ने वियतनामी राष्ट्रवादियों में यह विश्वास भरा कि पश्चिमी साम्राज्यवाद को पराजित किया जा सकता है।
- गो ईस्ट आंदोलन: जापानी समर्थन की उम्मीद में वियतनामी छात्र टोक्यो गए। हालांकि 1908 के बाद फ्रांस के दबाव में जापान ने इन छात्रों को निष्कासित कर दिया, जिससे राष्ट्रवादियों का भ्रम टूट गया।
48. वियतनाम के स्वतंत्रता संग्राम में 'छापामार (गुरिल्ला) युद्ध' प्रणाली की प्रभावकारिता की समीक्षा करें।
एक दुर्बल और साधनहीन राष्ट्र ने दुनिया की सबसे सुसज्जित सेना को अपनी युद्ध नीति से पस्त किया:
- पारंपरिक ज्ञान और भूगोल का उपयोग: वियतनामी सैनिकों ने घने जंगलों, दलदली भूमि और पहाड़ों का रक्षात्मक ढाल के रूप में उपयोग किया, जहाँ अमेरिकी टैंक और भारी तोपखाने अप्रभावी हो जाते थे।
- कु ची की भूमिगत सुरंगे (Cu Chi Tunnels): वियतकांग ने जमीन के नीचे सैकड़ों मील लंबी बहुमंजिला सुरंगें खोदी थीं। इनमें रहने के कमरे, रसोई, अस्पताल, हथियार निर्माण कार्यशालाएं और कमांड सेंटर बने थे। सैनिक जमीन के नीचे से अचानक निकलकर हमला करते और गायब हो जाते थे।
- जनता का सहयोग: माओ के सिद्धांत ("सैनिक पानी में मछली की तरह होते हैं, और जनता वह पानी है") पर चलते हुए वियतकांग को स्थानीय किसानों से निरंतर भोजन, आश्रय और खुफिया जानकारी मिलती थी।
- मनोवैज्ञानिक युद्ध: बांस के नुकीले फंदे (Punji Sticks), गुप्त गड्ढे और जाल बिछाकर अमेरिकी सैनिकों के मन में हर कदम पर मौत का खौफ पैदा कर दिया गया।
49. हिन्द-चीन में उपनिवेशवाद विरोधी संघर्ष में धर्म और धार्मिक आंदोलनों की क्या भूमिका थी?
हिन्द-चीन में धर्म केवल आध्यात्मिक आस्था नहीं, बल्कि विदेशी शासन के विरुद्ध प्रतिरोध का एक बड़ा साधन बना:
- ईसाई धर्म के विरुद्ध आक्रोश: फ्रांसीसी उपनिवेशवाद की शुरुआत कैथोलिक मिशनरियों के साथ हुई थी। स्थानीय कन्फ्यूशियस विद्वानों ने ईसाई धर्म को अपनी पारंपरिक सामाजिक संरचना और पितृ-पूजा (Ancestor Worship) पर सीधा हमला माना, जिसके कारण 1868 का 'स्कॉलर्स रिवोल्ट' हुआ।
- बौद्ध धर्म एक राजनीतिक मंच के रूप में: 1960 के दशक में दक्षिणी वियतनाम के कैथोलिक तानाशाह न्गो दीन्ह दिएम द्वारा बौद्धों के धार्मिक झंडे पर प्रतिबंध लगाने और उत्पीड़न के विरोध में बौद्ध भिक्षुओं ने मोर्चा संभाला। भिक्षु थिच क्वांग डुक (Thich Quang Duc) द्वारा साइगॉन की सड़क पर किए गए आत्मदाह की तस्वीर ने वैश्विक चेतना को झकझोर दिया।
- संकर धार्मिक संप्रदाय: 'होआ-हाओ' और 'काओ दाई' (Cao Dai) जैसे स्थानीय धार्मिक आंदोलनों ने ग्रामीण किसानों को आध्यात्मिक सुरक्षा के साथ-साथ एक स्वतंत्र सशस्त्र सेना दी, जिसने विदेशी प्रभुत्व का कड़ा मुकाबला किया।
50. 1975 में वियतनाम के एकीकरण की अंतिम घटनाओं और इसके वैश्विक महत्व का विवरण दें।
1975 में आधुनिक इतिहास के सबसे लंबे और खूनी स्वतंत्रता संघर्ष का पटाक्षेप हुआ:
- अंतिम सैन्य अभियान (हो-ची-मिन्ह अभियान): 1973 में अमेरिकी सेना की वापसी के बाद दक्षिणी वियतनाम की कठपुतली सरकार कमजोर पड़ गई। 1975 की शुरुआत में उत्तरी वियतनाम और वियतकांग ने समन्वित भीषण आक्रमण शुरू किया।
- साइगॉन का पतन (30 अप्रैल 1975): उत्तरी वियतनामी टैंकों ने साइगॉन के राष्ट्रपति महल के फाटकों को तोड़ दिया। अमेरिकी राजदूत और अंतिम सैन्य अधिकारी अमेरिकी दूतावास की छत से हेलीकॉप्टरों के जरिए हताशा में भागे। साइगॉन का नाम बदलकर 'हो-ची-मिन्ह सिटी' रखा गया।
- वैश्विक महत्व:
- यह इतिहास में पहली बार था जब संयुक्त राज्य अमेरिका को किसी युद्ध में पूर्ण सैन्य और राजनीतिक पराजय का मुंह देखना पड़ा।
- इसने यह सिद्ध किया कि तकनीकी श्रेष्ठता और असीमित धन कभी भी किसी देश के जन-समर्थित राष्ट्रवाद और आत्म-निर्णय की इच्छाशक्ति को दबा नहीं सकते।
- इसने पूरे एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के उपनिवेश-विरोधी आंदोलनों को एक नई प्रेरणा और आत्मविश्वास दिया।
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