Chapter 3. हिन्द-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन | BSEB 10 History Notes


BSEB कक्षा 10 इतिहास — अध्याय 3: हिन्द-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन

1. अध्याय परिचय (Introduction)

दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित हिन्द-चीन (Indo-China) प्रायद्वीप का आधुनिक इतिहास औपनिवेशिक शोषण और अभूतपूर्व राष्ट्रीय मुक्ति संग्राम का गवाह रहा है। इस प्रायद्वीप पर सदियों से भारत और चीन की संस्कृतियों का गहरा प्रभाव रहा, जिस कारण इसे 'हिन्द-चीन' कहा गया।

19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में फ्रांस ने इस क्षेत्र को अपना उपनिवेश बनाया और स्थानीय जनता का बर्बर आर्थिक व सामाजिक शोषण किया। इसके जवाब में उभरे वियतनामी राष्ट्रवाद ने पहले फ्रांसीसी साम्राज्यवाद को 'दिएन बिएन फू' के युद्ध में पराजित किया और बाद में दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के साथ लगभग दो दशकों तक गुरिल्ला युद्ध लड़कर 1975 में संयुक्त वियतनाम का निर्माण किया।

2. अध्याय का संक्षिप्त विवरण (Overview)

  • हिन्द-चीन की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि: इस क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल लगभग 2.8 लाख वर्ग किलोमीटर है, जिसके अंतर्गत तत्कालीन समय में तीन देश आते थे — वियतनाम, लाओस और कंबोडिया। वियतनाम के उत्तरी भाग (टोंकिन व अनाम) पर चीन की संस्कृति का प्रभाव था, जबकि लाओस और कंबोडिया पर भारतीय संस्कृति व धर्म (हिंदू व बौद्ध) का गहरा प्रभाव था।
  • अंकोरवाट का मंदिर: कंबोडिया में 12वीं सदी में सूर्यवर्मन द्वितीय द्वारा निर्मित यह विशाल मंदिर भारतीय सांस्कृतिक प्रभाव का सर्वश्रेष्ठ प्रमाण है।
  • यूरोपीय शक्तियों का आगमन एवं फ्रांसीसी आधिपत्य: सबसे पहले 1498 में पुर्तगाली आए, किंतु 19वीं सदी के उत्तरार्ध तक फ्रांस ने पूरे हिन्द-चीन को 'फ्रेंच इंडो-चाइना यूनियन' (1887) के तहत अपने सीधे नियंत्रण में ले लिया।
  • फ्रांसीसी शोषण एवं 'कोलोन': फ्रांसीसियों ने चावल और रबर की खेती को बढ़ावा दिया, नहरों का जाल बिछाया तथा रेलवे का विकास अपने आर्थिक दोहन के लिए किया। वियतनाम में रहने वाले फ्रांसीसी नागरिक 'कोलोन' (Colons) कहलाते थे।
  • प्रारंभिक राष्ट्रवाद और सुधार आंदोलन: 20वीं सदी के आरंभ में फान बोई चाऊ (दुई तान होई) और फान चू त्रिन्ह ने राष्ट्रवादी चेतना जगाई। 'टोंकिन फ्री स्कूल' (1907) और 'पूरब की ओर चलो आंदोलन' (Go East Movement) इसी दौर की देन थे।
  • हो ची मिन्ह और वियतनामी साम्यवाद: 1930 में हो ची मिन्ह ने 'वियतनाम कम्युनिस्ट पार्टी' बनाई। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापानी कब्जे का सामना किया और 1945 में 'वियतनाम लोकतांत्रिक गणराज्य' की स्थापना की।
  • दिएन बिएन फू का निर्णायक युद्ध (1954): जनरल गियाप के नेतृत्व में वियतनामी सेना (वियतमिन्ह) ने फ्रांसीसी सेना को निर्णायक शिकस्त दी, जिससे फ्रांसीसी साम्राज्य का अंत हुआ।
  • जिनेवा समझौता (1954): वियतनाम को 17वीं समानांतर रेखा द्वारा दो भागों (उत्तरी व दक्षिणी वियतनाम) में बांट दिया गया।
  • अमेरिकी हस्तक्षेप और वियतनाम युद्ध: अमेरिका ने साम्यवाद के प्रसार को रोकने के लिए दक्षिणी वियतनाम में दखल दिया। रासायनिक हथियारों (एजेंट ऑरेंज, नापाम) और 'माई ली नरसंहार' के बावजूद अमेरिका को वियतनाम से पीछे हटना पड़ा और 1975 में वियतनाम का एकीकरण हुआ।

3. प्रमुख बिंदु एवं महत्वपूर्ण वन-लाइनर (Important One-Liners)

भौगोलिक एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • हिन्द-चीन (Indo-China) के अंतर्गत आने वाले देश: वियतनाम, लाओस और कंबोडिया।
  • सांस्कृतिक प्रभाव:
    • वियतनाम पर — चीनी संस्कृति (कन्फ्यूशियस धर्म एवं प्रशासनिक व्यवस्था)।
    • कंबोडिया और लाओस पर — भारतीय संस्कृति (हिंदू एवं बौद्ध धर्म)।
  • अंकोरवाट का मंदिर:
    • निर्माणकर्ता: खमेर शासक राजा सूर्यवर्मन द्वितीय।
    • निर्माण काल: 12वीं शताब्दी (लगभग 1113–1150 ई.)।
    • समर्पित: मूल रूप से भगवान विष्णु को (बाद में बौद्ध धर्म स्थल बना)।
    • स्थान: कंबोडिया (Siem Reap)।
  • हिन्द-चीन पहुँचने वाले प्रथम यूरोपीय व्यापारी: पुर्तगाली (1510 ई. में मलक्का पर अधिकार के बाद)। बाद में स्पेनिश, डच, अंग्रेज और फ्रांसीसी आए।
  • कोलोन (Colons): हिन्द-चीन (विशेषकर वियतनाम) में बसने वाले फ्रांसीसी नागरिकों को 'कोलोन' कहा जाता था।
  • फ्रेंच इंडो-चाइना संघ की स्थापना: 1887 ई. में फ्रांस द्वारा कोचीन-चीन, अनाम, टोंकिन और कंबोडिया को मिलाकर (1893 में लाओस को भी इसमें शामिल किया गया)।
  • चावल निर्यातक के रूप में विकास: फ्रांसीसी संरक्षण में नहरों व जल निकासी के विकास से 1931 तक वियतनाम दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश बन गया था।
  • एकतरफा अनुबंध व्यवस्था (Indentured Labour): अनुबंध की ऐसी कठोर व्यवस्था जिसमें बागान और रबर मजदूरों को कोई अधिकार नहीं थे, जबकि मालिकों को असीमित कानूनी अधिकार प्राप्त थे।

प्रारंभिक राष्ट्रवादी आंदोलन एवं बुद्धिजीवी

  • फान बोई चाऊ (Phan Boi Chau):
    • 1903 ई. में क्रांतिकारी संगठन 'दुई तान होई' (Duy Tan Hoi / अभिनव क्रांति दल) की स्थापना की (जिसके नेता राजकुमार कुआंग दे थे)।
    • प्रसिद्ध पुस्तक: 'द हिस्ट्री ऑफ द लॉस ऑफ वियतनाम' (The History of the Loss of Vietnam) की रचना की।
    • विचारधारा: जापान की मदद से राजशाही के अंतर्गत वियतनाम को मुक्त कराना चाहते थे।
  • फान चू त्रिन्ह (Phan Chu Trinh):
    • राजशाही के घोर विरोधी थे और पश्चिमी लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना के समर्थक थे।
    • उन्होंने फ्रांसीसियों के समक्ष लोकतांत्रिक सुधारों और कानूनी अधिकारों की मांग उठाई।
  • 'पूरब की ओर चलो आंदोलन' (Go East Movement / डोंग दू आंदोलन): 1907-08 में लगभग 300 वियतनामी छात्रों को आधुनिक शिक्षा, सैन्य प्रशिक्षण और आजादी की प्रेरणा के लिए जापान भेजा गया।
  • टोंकिन फ्री स्कूल (Tonkin Free School): 1907 ई. में हनोई में आधुनिक और पश्चिमी विचारों की शिक्षा देने के लिए स्थापित किया गया (जिसमें विज्ञान, स्वच्छता और फ्रांसीसी भाषा के साथ बाल छोटे रखने का पश्चिमी चलन सिखाया जाता था)।
  • स्कॉलर्स रिवोल्ट (Scholars Revolt - 1868): फ्रांसीसी कब्जे और ईसाई धर्म प्रचारकों के खिलाफ शाही दरबार के अधिकारियों और कन्फ्यूशियसवादी विद्वानों का सशस्त्र विद्रोह।
  • होआ हाओ आंदोलन (Hoa Hao Movement):
    • शुरुआत: 1939 ई.।
    • संस्थापक: हुइन्ह फू सो (Huynh Phu So)।
    • स्वरूप: एक धार्मिक और सामाजिक सुधार आंदोलन, जिसमें जादू-टोना, बाल विवाह और जुए का विरोध था। इसके नेता को फ्रांसीसियों ने पागल घोषित कर 'मैड बॉन्ज' कहा और पागलखाने भेज दिया।

हो ची मिन्ह और साम्यवादी क्रांति

  • हो ची मिन्ह (Ho Chi Minh):
    • मूल नाम: गुयेन आई क्वोक (Nguyen Ai Quoc / गुयेन द पैट्रियट)।
    • 'हो ची मिन्ह' का शाब्दिक अर्थ: 'पथ प्रदर्शक' (Bringer of Light)।
    • 1920 में पेरिस में फ्रांसीसी कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे।
  • वियतनाम कम्युनिस्ट पार्टी (Vietnamese Communist Party):
    • स्थापना: फरवरी 1930 (हांगकांग में हो ची मिन्ह द्वारा)।
    • बाद में इसका नाम बदलकर 'इंडो-चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी' कर दिया गया।
  • वियतमिन्ह (Vietminh / वियतनाम स्वतंत्रता लीग): 1941 ई. में हो ची मिन्ह द्वारा जापानी कब्जे और फ्रांसीसी शासन दोनों के खिलाफ लड़ने के लिए गठित संयुक्त मोर्चा।
  • वियतनाम लोकतांत्रिक गणराज्य की घोषणा: 2 सितंबर 1945 को हनोई के बा दिन्ह चौराहे पर हो ची मिन्ह ने स्वतंत्र वियतनाम गणराज्य की घोषणा की और इसके पहले राष्ट्रपति बने।
  • बाओ दाई (Bao Dai): अनाम (मध्य वियतनाम) का कठपुतली सम्राट, जिसे 1949 में फ्रांस ने कम्युनिस्टों के प्रभाव को कमजोर करने के लिए दक्षिणी वियतनाम का शासक बनाया।
  • दिएन बिएन फू का युद्ध (Battle of Dien Bien Phu):
    • समय: मार्च – मई 1954।
    • वियतनामी सेनापति: जनरल वो गुयेन गियाप (Vo Nguyen Giap)।
    • फ्रांसीसी कमांडर: जनरल हेनरी नवारे।
    • परिणाम: पहाड़ों पर तोपें चढ़ाकर वियतमिन्ह ने अभेद्य माने जाने वाले फ्रांसीसी किले को नष्ट कर दिया। 7 मई 1954 को फ्रांसीसी सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया। यह एशिया के किसी देश द्वारा यूरोपीय औपनिवेशिक शक्ति की ऐतिहासिक पराजय थी।

जिनेवा समझौता एवं वियतनाम का विभाजन

  • जिनेवा सम्मेलन (Geneva Conference): मई – जुलाई 1954 (स्विट्जरलैंड)।
  • जिनेवा समझौते के मुख्य प्रावधान:
    • वियतनाम को 17वीं समानांतर रेखा (17th Parallel) द्वारा अस्थाई रूप से दो भागों में विभाजित किया गया:
      • उत्तरी वियतनाम: हो ची मिन्ह के नेतृत्व में साम्यवादी सरकार।
      • दक्षिणी वियतनाम: बाओ दाई और न्गो दिन्ह दिएम के नेतृत्व में अमेरिका समर्थित पूंजीवादी सरकार।
    • जुलाई 1956 में पूरे देश में चुनाव कराकर एकीकरण का फैसला लिया गया (जिसे दक्षिणी वियतनाम और अमेरिका ने मानने से इनकार कर दिया)।
    • लाओस और कंबोडिया को पूर्ण स्वतंत्र और निष्पक्ष राष्ट्र स्वीकार किया गया।

अमेरिकी हस्तक्षेप एवं वियतनाम युद्ध

  • डोमिनो थ्योरी (Domino Theory): अमेरिकी राष्ट्रपति आइजनहावर का सिद्धांत कि यदि वियतनाम साम्यवादी बन गया, तो पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया के देश ताश के पत्तों की तरह एक-एक करके साम्यवाद के प्रभाव में आ जाएंगे।
  • न्गो दिन्ह दिएम (Ngo Dinh Diem): दक्षिणी वियतनाम का क्रूर, तानाशाह और कैथोलिक समर्थक राष्ट्रपति, जिसने बौद्ध भिक्षुओं पर अत्याचार किए और 1956 के आम चुनाव कराने से इनकार कर दिया (1963 में तख्तापलट में मारा गया)।
  • नेशनल लिबरेशन फ्रंट (NLF / विएतकांग): दिसंबर 1960 में दक्षिणी वियतनाम में तानाशाही और अमेरिकी हस्तक्षेप के खिलाफ गठित छापामार संगठन, जिसे अमेरिकी 'विएतकांग' (Vietcong) कहते थे।
  • हो ची मिन्ह मार्ग (Ho Chi Minh Trail):
    • उत्तरी वियतनाम से दक्षिणी वियतनाम तक घने जंगलों, लाओस और कंबोडिया की सीमाओं से होकर गुजरने वाला गुप्त आपूर्ति मार्ग।
    • इसका उपयोग रसद, हथियार और सैनिकों को गुप्त रूप से दक्षिणी वियतनाम पहुँचाने के लिए किया जाता था।
  • अमेरिकी विनाशकारी अस्त्र एवं रसायन:
    • नापाम (Napalm): आग लगाने वाला अत्यंत ज्वलनशील जेल/बम (गैसोलीन आधारित), जो त्वचा से चिपककर जलता था।
    • एजेंट ऑरेंज (Agent Orange): एक विषैला रासायनिक खरपतवारनाशक (Dioxin युक्त), जिसे जंगलों और फसलों को नष्ट करने के लिए छिड़का गया ताकि गुरिल्ला छिप न सकें।
  • माई ली नरसंहार (My Lai Massacre):
    • घटना: 16 मार्च 1968।
    • स्थान: दक्षिणी वियतनाम का माई ली गाँव।
    • विवरण: लेफ्टिनेंट विलियम कैली के नेतृत्व में अमेरिकी सेना की एक टुकड़ी ने पूरे गाँव को घेरकर लगभग 500 निहत्थे बूढ़ों, महिलाओं और बच्चों की बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी। इस घटना के खुलासे ने पूरी दुनिया में अमेरिका की घोर भर्त्सना कराई।
  • नरोत्तम सिंहानुक (Norodom Sihanouk): कंबोडिया के शासक, जिन्होंने कंबोडिया को गुटनिरपेक्ष रखने का प्रयास किया; 1970 में अमेरिकी समर्थन से जनरल लोन नोल ने उनका तख्तापलट किया।
  • खमेर रूज (Khmer Rouge): कंबोडिया का उग्र कम्युनिस्ट विद्रोही संगठन, जिसका नेता पोल पॉट था (1975 में सत्ता पर काबिज हुआ)।
  • पेरिस शांति समझौता:
    • तिथि: 27 जनवरी 1973।
    • अमेरिकी विदेश मंत्री: हेनरी किसिंजर और उत्तरी वियतनाम के प्रतिनिधि ले डुक थो के बीच।
    • परिणाम: अमेरिका ने वियतनाम से अपनी संपूर्ण सेना वापस बुलाने पर सहमति दी।
  • वियतनाम का औपचारिक एकीकरण: 30 अप्रैल 1975 को उत्तरी वियतनामी सेना ने दक्षिणी वियतनाम की राजधानी साइगॉन (Saigon) पर कब्जा किया। साइगॉन का नाम बदलकर 'हो ची मिन्ह सिटी' रखा गया और 1976 ई. में संयुक्त वियतनाम का गठन हुआ।

4. महत्वपूर्ण पारिभाषिक शब्दावली (Key Terms)

शब्द अर्थ / व्याख्या
हिन्द-चीन (Indo-China) दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रायद्वीपीय भूभाग, जिसमें वियतनाम, लाओस और कंबोडिया शामिल थे।
कोलोन (Colons) वियतनाम में औपनिवेशिक काल के दौरान रहने वाले फ्रांसीसी नागरिक।
दुई तान होई 1903 में फान बोई चाऊ द्वारा स्थापित वियतनामी क्रांतिकारी दल (अभिनव क्रांति दल)।
वियतमिन्ह 1941 में गठित 'वियतनाम स्वतंत्रता लीग', जिसने विदेशी दासता के विरुद्ध गुरिल्ला युद्ध लड़ा।
विएतकांग दक्षिणी वियतनाम में अमेरिकी कठपुतली सरकार के विरुद्ध संघर्षरत कम्युनिस्ट गुरिल्ला लड़ाके।
हो ची मिन्ह मार्ग उत्तरी वियतनाम से लाओस-कंबोडिया होते हुए दक्षिण वियतनाम तक जाने वाला प्रसिद्ध सैन्य आपूर्ति मार्ग।
एजेंट ऑरेंज अमेरिका द्वारा प्रयुक्त घातक जहरीला रसायन, जिससे पेड़ की पत्तियाँ झड़ जाती थीं और पर्यावरण विषैला हो गया।
नापाम प्लास्टिक बमों में इस्तेमाल होने वाला अत्यंत ज्वलनशील कार्बनिक यौगिक जो तुरंत आग पकड़ता था।

5. महत्वपूर्ण तिथिवार घटनाक्रम (Timeline: 1887–1975)

वर्ष प्रमुख ऐतिहासिक घटना
1887 फ्रांस द्वारा 'फ्रेंच इंडो-चाइना संघ' का औपचारिक गठन।
1903 फान बोई चाऊ द्वारा 'दुई तान होई' की स्थापना।
1907 हनोई में 'टोंकिन फ्री स्कूल' की स्थापना; 'पूरब की ओर चलो' आंदोलन।
1930 हो ची मिन्ह द्वारा वियतनाम कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना।
1939 हुइन्ह फू सो द्वारा धार्मिक सुधारवादी 'होआ हाओ आंदोलन' की शुरुआत।
1940 द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हिन्द-चीन पर जापान का सैन्य नियंत्रण।
1941 हो ची मिन्ह द्वारा 'वियतमिन्ह' (स्वतंत्रता लीग) का गठन।
1945 जापान की पराजय; 2 सितंबर को स्वतंत्र वियतनाम लोकतांत्रिक गणराज्य की घोषणा।
1954 7 मई: दिएन बिएन फू के युद्ध में फ्रांस की ऐतिहासिक पराजय।
जुलाई: जिनेवा समझौता — 17वीं अक्षांश रेखा पर वियतनाम का दो भागों में विभाजन।
1960 दक्षिणी वियतनाम में नेशनल लिबरेशन फ्रंट (NLF / विएतकांग) का गठन।
1968 16 मार्च को अमेरिकी सेना द्वारा कुख्यात 'माई ली नरसंहार'।
1973 27 जनवरी को पेरिस शांति समझौता; अमेरिकी सैनिकों की वापसी का मार्ग प्रशस्त।
1975 30 अप्रैल: साइगॉन के पतन के साथ वियतनाम युद्ध समाप्त; दोनों वियतनाम का वास्तविक एकीकरण।
1976 एकीकृत 'समाजवादी वियतनाम गणराज्य' की विधिवत घोषणा।

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