बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) कक्षा 10 इतिहास
अध्याय 1: "यूरोप में राष्ट्रवाद" — 50 महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर
अति-लघु उत्तरीय प्रश्न (One-Liner / 1 अंक वाले प्रश्न)
1. इटली एवं जर्मनी वर्तमान में किस महादेश के अंतर्गत आते हैं?
यूरोप महादेश।
2. फ्रांस में किस शासक वंश की पुनर्स्थापना वियना कांग्रेस द्वारा की गई थी?
बूर्बो राजवंश (Bourbon Dynasty)।
3. वियना कांग्रेस (Vienna Congress) का आयोजन किस वर्ष हुआ था?
1815 ई. में।
4. वियना सम्मेलन की मेजबानी किस चांसलर ने की थी?
ऑस्ट्रिया के चांसलर मैटरनिख (Metternich) ने।
5. 'यंग इटली' (1831) और 'यंग यूरोप' (1834) की स्थापना किसने की थी?
जोसेफ मेजिनी (Giuseppe Mazzini) ने।
6. 'लाल कुर्ती' (Red Shirts) नामक सेना का गठन किसने किया था?
गैरीबाल्डी ने।
7. जर्मनी का एकीकरण किस वर्ष पूर्ण हुआ?
1871 ई. में।
8. जर्मन राइन राज्य संघ (Confederation of the Rhine) का निर्माण किसने किया था?
नेपोलियन बोनापार्ट ने।
9. 'रक्त एवं लौह की नीति' (Blood and Iron Policy) का प्रतिपादन किसने किया था?
ओटो वॉन बिस्मार्क ने।
10. फ्रैंकफर्ट की संधि कब और किन देशों के बीच हुई थी?
10 मई 1871 को फ्रांस और प्रशा (जर्मनी) के बीच।
11. सेडोन का युद्ध (Battle of Sedan) कब और किनके बीच हुआ था?
1870 ई. में फ्रांस और प्रशा के बीच।
12. सेडोवा का युद्ध (Battle of Sadowa) कब और किनके बीच हुआ था?
1866 ई. में ऑस्ट्रिया और प्रशा के बीच।
13. जालवेराइन (Zollverein) किस प्रकार की संस्था थी?
जर्मन व्यापारियों का एक आर्थिक एवं शुल्क संघ (Customs Union)।
14. काउन्ट कावूर को विक्टर इमैनुएल ने किस पद पर नियुक्त किया था?
प्रधानमंत्री के पद पर।
15. गैरीबाल्डी पेशे से क्या था?
नाविक (Sailor)।
16. यूरोप का मरीज (Sick Man of Europe) किसे कहा जाता था?
तुर्की (उस्मानी/ऑटोमन साम्राज्य) को।
17. यूनानी स्वतंत्रता संग्राम के समय किस प्रसिद्ध ब्रिटिश कवि की मृत्यु हुई थी?
लॉर्ड बायरन (Lord Byron) की।
18. कुस्तुनतुनिया की संधि (Treaty of Constantinople) किस वर्ष हुई थी?
1832 ई. में (जिसने यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र की मान्यता दी)।
19. हंगरी की राजधानी कहाँ है और वहाँ की मुख्य भाषा क्या है?
राजधानी बुडापेस्ट है और मुख्य भाषा मैग्यार (Magyar) है।
20. फ्रांस की जुलाई 1830 की क्रांति के बाद किसे गद्दी पर बैठाया गया?
ऑरलिएंस वंश के लुई फिलिप को।
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions / 2-3 अंक वाले प्रश्न)
21. राष्ट्रवाद (Nationalism) क्या है?
राष्ट्रवाद एक ऐसी सामाजिक-राजनीतिक भावना है जो किसी विशेष भौगोलिक, सांस्कृतिक या सामाजिक परिवेश में रहने वाले लोगों में एकता, साझा पहचान और अपने राष्ट्र के प्रति निष्ठा व गौरव की भावना का संचार करती है।
22. मैटरनिख युग (Metternich Era) से आप क्या समझते हैं?
1815 में नेपोलियन के पतन के बाद वियना कांग्रेस के जरिए ऑस्ट्रिया के चांसलर मैटरनिख ने यूरोप में पुरातन व्यवस्था (राजशाही और सामंतवाद) को पुनर्स्थापित किया। 1815 से 1848 ई. तक के इस कालखंड को यूरोपीय इतिहास में 'मैटरनिख युग' कहा जाता है।
23. 1848 की फ्रांसीसी क्रांति के मुख्य कारण क्या थे?
- लुई फिलिप एक महत्त्वाकांक्षी और प्रतिक्रियावादी शासक था जिसने पूंजीपतियों का पक्ष लिया और जनता के लिए कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया।
- उसने गीजो (Guizot) जैसे प्रतिक्रियावादी को प्रधानमंत्री नियुक्त किया जो किसी भी सुधार के खिलाफ था।
- देश में बेरोजगारी, भुखमरी और गंभीर आर्थिक संकट फैल गया था, जिससे मध्यम वर्ग और मजदूर दोनों भड़क उठे।
24. इटली के एकीकरण में मेजिनी का क्या योगदान था?
मेजिनी को 'इटली के एकीकरण का मसीहा या पैगंबर' कहा जाता है। वह एक लेखक, दार्शनिक और क्रांतिकारी था जिसने 1831 में 'यंग इटली' बनाकर युवाओं में राष्ट्रप्रेम और स्वाधीनता की अलख जगाई। यद्यपि उसके लोकतांत्रिक प्रयास विफल रहे, परंतु उसने एकीकरण की मजबूत वैचारिक जमीन तैयार की।
25. काउन्ट कावूर कौन था और उसने इटली के एकीकरण में क्या कूटनीतिक चाल चली?
काउन्ट कावूर सार्डिनिया-पीडमोंट के शासक विक्टर इमैनुएल का प्रधानमंत्री और एक चतुर कूट राजनीतिज्ञ था। वह जानता था कि ऑस्ट्रिया को बाहर किए बिना इटली का एकीकरण असंभव है। अतः उसने 1853 के क्रीमिया युद्ध में बिना मांगे फ्रांस की मदद की और बदले में नेपोलियन तृतीय के साथ संधि कर 1859 में ऑस्ट्रिया को पराजित किया।
26. गैरीबाल्डी के कार्यों की चर्चा करें।
गैरीबाल्डी इटली के एकीकरण का तलवार था। उसने 'लाल कुर्ती' दल के नाम से स्वयंसेवकों की एक सेना बनाई। 1860 में उसने सिसली और नेपल्स पर आक्रमण कर वहाँ के बूर्बो वंश के अत्याचारी शासन का अंत किया और इन क्षेत्रों को बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के विक्टर इमैनुएल को सौंपकर एक साधारण किसान की तरह जीवन बिताने चला गया।
27. जर्मनी के एकीकरण की प्रमुख बाधाएं क्या थीं?
- जर्मनी लगभग 300 छोटे-बड़े स्वतंत्र राज्यों में खंडित था जिनमें राजनीतिक एकजुटता का अभाव था।
- इन राज्यों में धार्मिक (प्रोटेस्टेंट एवं कैथोलिक) और सामाजिक विषमताएं थीं।
- ऑस्ट्रिया का प्रभुत्व था जो किसी भी स्थिति में एकीकृत जर्मनी का गठन नहीं होने देना चाहता था।
28. जालवेराइन (Zollverein) संघ क्या था और इसने जर्मनी के एकीकरण में कैसे मदद की?
1834 में प्रशा की पहल पर स्थापित यह जर्मन राज्यों का एक आर्थिक व सीमा-शुल्क संघ था। इसने जर्मन राज्यों के बीच लगने वाले दर्जनों आंतरिक शुल्कों को समाप्त कर दिया और मुद्राओं की संख्या घटा दी। इस आर्थिक एकीकरण ने क्षेत्रीय सीमाओं को तोड़कर राष्ट्रीय और राजनीतिक एकता की भावना को बल दिया।
29. बिस्मार्क की 'रक्त एवं लौह की नीति' (Blood and Iron Policy) क्या थी?
बिस्मार्क का स्पष्ट मानना था कि जर्मनी का एकीकरण भाषणों, आदर्शों या संसदों के बहुमत से नहीं, बल्कि प्रशा के सैन्य बल और युद्धों के जरिए ही संभव है। सेना का आधुनिकीकरण करके कड़े फैसलों और युद्ध द्वारा लक्ष्य साधने के इस दृष्टिकोण को ही 'रक्त और लौह की नीति' कहा गया।
30. फ्रैंकफर्ट संसद (Frankfurt Parliament - 1848) क्यों विफल रही?
1848 की क्रांति के दौरान जर्मन राष्ट्रवादियों ने सेंट पॉल चर्च में एक सर्व-जर्मन नेशनल असेंबली बुलाई और एक संविधान बनाकर प्रशा के राजा फ्रेडरिक विल्हेम चतुर्थ को संवैधानिक सम्राट बनने का प्रस्ताव दिया। लेकिन उसने अन्य निरंकुश राजाओं के दबाव में आकर ताज पहनने से इनकार कर दिया और संसद पर सैनिकों द्वारा दबाव डालकर उसे भंग कर दिया गया।
31. यूरोपीय राष्ट्रवाद के विकास में नेपोलियन बोनापार्ट की क्या भूमिका थी?
नेपोलियन ने अपने अभियानों द्वारा पूरे यूरोप में सदियों पुरानी सामंती व्यवस्था, विशेषाधिकारों और पादरियों के प्रभाव को समाप्त किया। उसने 'नेपोलियन कोड' लागू कर कानून के समक्ष समानता स्थापित की और जर्मनी तथा इटली के सैकड़ों बिखरे राज्यों को एकीकृत प्रशासनिक संघों में ढालकर उनमें राष्ट्रीय एकता की नींव रखी।
32. यूनानी स्वतंत्रता संग्राम का संक्षिप्त परिचय दें।
यूनान 15वीं सदी से तुर्की (ऑटोमन साम्राज्य) का गुलाम था। यूरोपीय पुनर्जागरण और राष्ट्रवाद की लहर से प्रेरित होकर 1821 में यूनानियों ने विद्रोह किया। रूस, ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर 1827 की नवारिनो की नौसैनिक लड़ाई में तुर्की को हराया, जिसके बाद 1832 की कुस्तुनतुनिया संधि द्वारा यूनान एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित हुआ।
33. हंगरी में राष्ट्रवादी आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?
हंगरी में राष्ट्रवादी आंदोलन का नेतृत्व लुई कोसुथ (Louis Kossuth) और फ्रांसिस डीक ने किया। कोसुथ ने ऑस्ट्रियाई निरंकुशता का विरोध करते हुए मैग्यार भाषा की मान्यता, स्वतंत्र संसद और नागरिक अधिकारों की मांग की, जिसके दबाव में 1867 में ऑस्ट्रिया-हंगरी का दोहरा राजतंत्र (Dual Monarchy) बना।
34. पोलैंड में 1830 के राष्ट्रवादी विद्रोह का क्या परिणाम हुआ?
1830 में फ्रांस की क्रांति से प्रेरित होकर पोलैंड के राष्ट्रवादियों ने रूसी जार के निरंकुश शासन के खिलाफ विद्रोह कर दिया। लेकिन रूसी सेना ने अत्यधिक क्रूरता से इस विद्रोह को कुचल दिया, पोलिश संविधान रद्द कर दिया गया और रूसी भाषा को जबरन थोप दिया गया।
35. मैटरनिख की नीति का मूल मंत्र क्या था?
मैटरनिख का सिद्धांत था: "किसी भी बदलाव को रोको और जैसी व्यवस्था है वैसी ही बनाए रखो" (Status Quo)। उसने उदारवाद, लोकतंत्र और राष्ट्रवाद को यूरोपीय शांति के लिए एक घातक संक्रामक रोग माना और गुप्तचरों व कठोर सेंसरशिप के जरिए इसे दबाने का प्रयास किया।
36. 1830 की जुलाई क्रांति का फ्रांस पर क्या तात्कालिक प्रभाव पड़ा?
प्रतिक्रियावादी शासक चार्ल्स दशम (Charles X) को गद्दी छोड़कर इंग्लैंड भागना पड़ा। इसके साथ ही बूर्बो वंश का निरंकुश शासन हमेशा के लिए समाप्त हो गया और उदारवादी विचारों वाले लुई फिलिप के नेतृत्व में एक संवैधानिक राजतंत्र की स्थापना हुई।
37. विलियम प्रथम के प्रशा के सम्राट बनने से जर्मनी के एकीकरण को क्या गति मिली?
1861 में विलियम प्रथम प्रशा का राजा बना। वह राष्ट्रवादी विचारों का पोषक था। उसने समझा कि सैन्य सुधार ही जर्मनी का उद्धार कर सकते हैं। उसने उदारवादी संसद के विरोध को दरकिनार करते हुए 1862 में बिस्मार्क को अपना चांसलर नियुक्त किया, जिसने आगे चलकर एकीकरण का कार्य पूर्ण किया।
38. सेडोन के युद्ध (1870) का क्या परिणाम निकला?
इस युद्ध में प्रशा ने फ्रांस के सम्राट नेपोलियन तृतीय को निर्णायक रूप से हराया। सम्राट को 83,000 सैनिकों के साथ आत्मसमर्पण करना पड़ा। फ्रांस में द्वितीय साम्राज्य का अंत होकर तृतीय गणतंत्र बना और जर्मनी के एकीकरण का अंतिम चरण पूरा हुआ।
39. वियना कांग्रेस (1815) के कोई दो मुख्य उद्देश्य बताएं।
- नेपोलियन के युद्धों से पहले की पुरानी राजनीतिक सीमाओं और राजवंशों को पुनः स्थापित करना।
- फ्रांस की सीमाओं के चारों ओर शक्तिशाली राज्यों की घेराबंदी करना ताकि वह भविष्य में फिर से आक्रामक विस्तार न कर सके।
40. कारबोनरी (Carbonari) क्या था?
यह 19वीं सदी के आरंभ में इटली में स्थापित एक गुप्त क्रांतिकारी संगठन था। इसके सदस्य (कोयले का काम करने वाले और देशभक्त) वियना व्यवस्था और निरंकुश शासकों को उखाड़ फेंकने तथा इटली को विदेशी नियंत्रण से मुक्त कराकर गणतंत्र बनाने के लिए छापामार संघर्ष करते थे।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions / 4-5 अंक वाले प्रश्न)
41. इटली के एकीकरण के विभिन्न चरणों और इसमें मेजिनी, कावूर तथा गैरीबाल्डी की भूमिका का विस्तृत वर्णन करें।
19वीं सदी के मध्य में इटली कई छोटे राज्यों में विभाजित था। इसका एकीकरण तीन महान नायकों के सम्मिलित प्रयासों का परिणाम था:
- मेजिनी (वैचारिक आधार): उसने 'यंग इटली' के जरिए युवाओं में राष्ट्रीयता, स्वतंत्रता और त्याग की भावना भरी। उसने पहली बार एक अखंड और लोकतांत्रिक इतालवी गणराज्य का सपना देखा।
- काउन्ट कावूर (कूटनीतिक नेतृत्व): कावूर ने इटली के सवाल को एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बना दिया। 1859 में फ्रांस के नेपोलियन तृतीय से कूटनीतिक तालमेल कर उसने ऑस्ट्रिया को हराया और लोम्बार्डी, परमा, मोडेना और टस्कनी को पीडमोंट राज्य में मिला लिया।
- गैरीबाल्डी (सशस्त्र संघर्ष): उसने दक्षिणी इटली (सिसली और नेपल्स) पर सशस्त्र हमला कर बूर्बो राजवंश को उखाड़ फेंका। उसने अपनी विजित भूमि विक्टर इमैनुएल द्वितीय को सौंप दी।
- अंतिम चरण: 1866 के सेडोवा युद्ध में प्रशा की मदद से वेनेशिया मिला और 1870 के सेडोन युद्ध के समय फ्रांसीसी सेना के हटते ही रोम पर अधिकार कर लिया गया। 1871 में संयुक्त इटली की राजधानी रोम बनी।
42. बिस्मार्क के नेतृत्व में जर्मनी के एकीकरण की प्रक्रिया का आलोचनात्मक विश्लेषण करें।
जर्मनी का एकीकरण बिस्मार्क की 'रक्त एवं लौह की नीति' और उसकी कूटनीतिक महारत का चरमोत्कर्ष था। उसने तीन सुनियोजित युद्धों द्वारा इसे पूरा किया:
- डेनमार्क के साथ युद्ध (1864): श्लेसविग और होल्सटीन की डचियों के मुद्दे पर बिस्मार्क ने ऑस्ट्रिया को साथ मिलाकर डेनमार्क को हराया। गास्टीन समझौते के तहत श्लेसविग प्रशा को और होल्सटीन ऑस्ट्रिया को मिला, जिसने आगे के झगड़े का बीज बोया।
- ऑस्ट्रिया के साथ युद्ध (सेडोवा का युद्ध, 1866): बिस्मार्क ने रूस, फ्रांस और इटली को तटस्थ रखकर ऑस्ट्रिया पर हमला किया। सेडोवा में ऑस्ट्रिया पराजित हुआ और प्राग की संधि द्वारा जर्मन परिसंघ से बाहर कर दिया गया। इसके बाद 'उत्तरी जर्मन महासंघ' बना।
- फ्रांस के साथ युद्ध (सेडोन का युद्ध, 1870): स्पेन के उत्तराधिकार और 'एम्स टेलीग्राफ' विवाद के जरिए बिस्मार्क ने फ्रांस को युद्ध के लिए उकसाया। सेडोन के मैदान में फ्रांस को धूल चटा दी गई।
- एकीकरण की घोषणा: 18 जनवरी 1871 को वर्साय के शीशमहल (Hall of Mirrors) में विलियम प्रथम को एकीकृत जर्मन साम्राज्य का सम्राट घोषित किया गया। फ्रैंकफर्ट की संधि द्वारा फ्रांस से अलसास और लोरेन छीन लिए गए।
43. 1848 की फ्रांसीसी क्रांति के कारण, स्वरूप और इसके संपूर्ण यूरोप पर पड़े प्रभावों की समीक्षा करें।
1848 की क्रांति ने केवल फ्रांस की सत्ता ही नहीं बदली, बल्कि पूरे महाद्वीप को हिलाकर रख दिया:
- कारण: लुई फिलिप का मध्यमवर्गीय झुकाव, मताधिकार का सीमित दायरा, खाद्य संकट, बेरोजगारी और प्रधानमंत्री गीजो का किसी भी प्रकार के सुधार से साफ इनकार।
- स्वरूप एवं घटनाक्रम: 22 फरवरी 1848 को पेरिस में थियर्स के नेतृत्व में एक विशाल विरोध भोज (Banquet) आयोजित हुआ। सेना की गोलीबारी के बाद जनता सड़कों पर उतर आई और बैरिकेड खड़े कर दिए। लुई फिलिप को गद्दी छोड़नी पड़ी और फ्रांस में द्वितीय गणतंत्र की स्थापना हुई जिसमें 21 वर्ष से ऊपर के सभी पुरुषों को मताधिकार और काम का अधिकार मिला।
- यूरोपीय प्रभाव:
- ऑस्ट्रिया में छात्र और जनता सड़कों पर आ गई; निरंकुशता का प्रतीक मैटरनिख भेष बदलकर इंग्लैंड भाग गया।
- हंगरी में कोसुथ के नेतृत्व में स्वायत्तता की मांग उठी।
- जर्मनी और इटली में संवैधानिक सरकारों और राष्ट्रीय एकीकरण के लिए संसदें बुलाई गईं। यद्यपि ये आंदोलन तात्कालिक रूप से कुचले गए, परंतु सामंतवाद का हमेशा के लिए अंत हो गया।
44. यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय के मूल कारणों की विस्तृत व्याख्या करें।
यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय एक क्रमिक ऐतिहासिक प्रक्रिया का परिणाम था:
- 1789 की फ्रांसीसी क्रांति: इसने राजशाही के 'दैवी अधिकार' को समाप्त कर सत्ता जनता के हाथों में सौंपी। "स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व" के नारों ने लोगों में साझा पहचान का निर्माण किया।
- नेपोलियन के प्रशासनिक सुधार: नेपोलियन ने सामंती व्यवस्था को खत्म कर एक समान कानून (सिविल कोड), नाप-तौल की दशमलव प्रणाली और केंद्रीकृत नौकरशाही लागू की, जिसने लोगों को एकता का व्यावहारिक अनुभव कराया।
- मध्यम वर्ग का उदय: औद्योगीकरण के कारण उभरे नए शिक्षित मध्यम वर्ग (वकील, शिक्षक, व्यापारी) ने जन्म आधारित विशेषाधिकारों का विरोध किया और राष्ट्रीय स्वतंत्रता की वकालत की।
- रोमानीवाद (Romanticism): कवियों, संगीतकारों और दार्शनिकों (जैसे योहान गॉटफ्रीड हर्डर) ने तर्क की जगह लोकगीतों, भाषा और लोक-परंपराओं को राष्ट्रीय आत्मा ('वोक्सजिस्ट') के रूप में प्रस्तुत कर जनमानस को उद्वेलित किया।
45. यूनानी स्वतंत्रता आंदोलन पर एक सारगर्भित निबंध लिखें।
यूनान का स्वतंत्रता संग्राम आधुनिक राष्ट्रवाद के इतिहास की एक गौरवमयी गाथा है:
- पृष्ठभूमि: यूनान अपनी समृद्ध दार्शनिक और सांस्कृतिक विरासत के कारण "यूरोपीय सभ्यता का पालना" कहलाता था, लेकिन वह 15वीं सदी से बर्बर ऑटोमन तुर्कों के अधीन था।
- विद्रोह का सूत्रपात: 1821 में अलेक्जेंडर यिप्सिलांती के नेतृत्व में विद्रोह शुरू हुआ। 'हेतेरिया फिलिके' नामक गुप्त संस्था ने स्वतंत्रता की आग फैलाई।
- यूरोपीय सहानुभूति: ईसाई जगत और पश्चिमी बुद्धिजीवियों ने यूनान के पक्ष में व्यापक माहौल बनाया। अंग्रेज कवि लॉर्ड बायरन स्वयं धन जुटाकर युद्ध लड़ने यूनान गए, जहाँ 1824 में बुखार से उनका निधन हो गया।
- तुर्की अत्याचार और महान शक्तियों का हस्तक्षेप: तुर्कों द्वारा किए गए कत्लेआम (जैसे चियोस द्वीप का नरसंहार) के बाद ब्रिटेन, फ्रांस और रूस ने संयुक्त मोर्चा बनाया। 1827 की नवारिनो की खाड़ी में हुए नौसैनिक युद्ध में मित्र राष्ट्रों ने तुर्की-मिस्र के साझा बेड़े को नष्ट कर दिया।
- परिणाम: 1829 में एड्रियानोपल की संधि हुई और अंततः 1832 की कुस्तुनतुनिया संधि ने बवेरिया के राजकुमार ओटो को स्वतंत्र यूनान का पहला राजा स्वीकार किया।
46. 1815 के वियना सम्मेलन की मुख्य विशेषताओं और इसके द्वारा किए गए क्षेत्रीय पुनर्गठन का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें।
नेपोलियन की पराजय के बाद विजेता शक्तियों (ब्रिटेन, रूस, प्रशा और ऑस्ट्रिया) ने यूरोप के नक्शे को फिर से खींचने के लिए वियना में बैठक की:
- मूल सिद्धांत:
- वैधता का सिद्धांत (Principle of Legitimacy): नेपोलियन द्वारा हटाए गए पुराने राजवंशों (जैसे फ्रांस और स्पेन में बूर्बो वंश) को पुनः सत्ता सौंपी गई।
- शक्ति संतुलन (Balance of Power): फ्रांस के चारों तरफ मजबूत राज्य बनाए गए ताकि वह विस्तार न कर सके (उत्तर में नीदरलैंड्स, दक्षिण में पीडमोंट-सार्डिनिया)।
- क्षतिपूर्ति और पुरस्कार: विजेताओं ने क्षेत्रों को आपस में बांटा; ऑस्ट्रिया को उत्तरी इटली (लोम्बार्डी और वेनेशिया) दिया गया और प्रशा को पश्चिमी राइनलैंड।
- मूल्यांकन और विफलता: वियना समझौते ने यूरोप की जनता की राष्ट्रीय भावनाओं, भाषाई पहचान और लोकतांत्रिक आकांक्षाओं की पूरी तरह अनदेखी की। यह इतिहास की दिशा को पीछे मोड़ने का एक अवास्तविक प्रयास था, जिसके कारण 1830 और 1848 में क्रांतियों के विस्फोट हुए।
47. जर्मन एकीकरण में 'रोमानीवाद' (Romanticism) और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की क्या भूमिका थी?
सैनिक अभियानों से बहुत पहले सांस्कृतिक चेतना ने जर्मनी के एकीकरण की मानसिक जमीन तैयार कर दी थी:
- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: जर्मन दार्शनिक योहान गॉटफ्रीड हर्डर ने दावा किया कि सच्ची जर्मन संस्कृति आम जनता ('दास वोक') में पाई जाती है। लोकगीतों, लोकनृत्यों और लोककथाओं के माध्यम से राष्ट्र की सच्ची आत्मा ('वोक्सजिस्ट') को लोकप्रिय बनाया गया।
- ग्रिम बंधुओं का योगदान: जेकब और विल्हेम ग्रिम ने गांव-गांव घूमकर पारंपरिक परियों की कहानियों (Grimm's Fairy Tales) का संकलन किया। उन्होंने इसे फ्रांसीसी सांस्कृतिक वर्चस्व के विरुद्ध शुद्ध जर्मन पहचान गढ़ने का साधन बनाया।
- भाषा का मानकीकरण: बिखरी हुई बोलियों के स्थान पर एक साझा जर्मन साहित्यिक भाषा को राष्ट्रीय चेतना की अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया गया।
- विश्वविद्यालयों में छात्र आंदोलन: जेना विश्वविद्यालय जैसे केंद्रों में 'बुर्शेनशाफ्ट' नामक छात्र संगठनों ने राष्ट्र की एकता के लिए गीत गाए और झंडे लहराए, जिससे युवाओं में राष्ट्रवाद गहराई से स्थापित हुआ।
48. बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवादी तनाव के क्या कारण थे और इसने प्रथम विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि कैसे तैयार की?
बाल्कन प्रायद्वीप दक्षिण-पूर्वी यूरोप का एक भौगोलिक और जातीय रूप से जटिल क्षेत्र था (जिसमें रोमानिया, बुल्गारिया, सर्बिया, यूनान आदि शामिल थे):
- ऑटोमन साम्राज्य की कमजोरी: ऑटोमन साम्राज्य के पतन के कारण इन क्षेत्रों में सदियों से दबी स्लाव जातियां अपनी स्वतंत्रता की मांग करने लगीं।
- आपसी जातीय संघर्ष: प्रत्येक बाल्कन राज्य अपने पड़ोसी का भूभाग हड़पकर अपने राज्य का विस्तार करना चाहता था, जिससे आपस में भयंकर अविश्वास और टकराव उत्पन्न हुआ।
- बड़ी शक्तियों की साम्राज्यवादी प्रतिद्वंद्विता: रूस, ऑस्ट्रिया-हंगरी, जर्मनी और ब्रिटेन जैसी यूरोपीय महाशक्तियां बाल्कन क्षेत्र में अपने व्यापारिक और नौसैनिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए वहां के आंतरिक मामलों में कूद पड़ीं (रूस स्लाव राष्ट्रवाद का समर्थक था तो ऑस्ट्रिया इसका विरोधी)।
- विश्व युद्ध का विस्फोट: इसी कड़वाहट के परिणामस्वरूप 1914 में साराजेवो में ऑस्ट्रिया के राजकुमार फर्डिनेंड की एक सर्बियाई राष्ट्रवादी द्वारा हत्या कर दी गई, जिसने प्रथम विश्व युद्ध का रूप ले लिया।
49. फ्रांस की क्रांति (1789) द्वारा एक सामूहिक पहचान (Collective Identity) बनाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए थे?
फ्रांसीसी क्रांतिकारियों ने नागरिकों में राष्ट्रभक्ति और साझा पहचान जगाने के लिए ठोस कदम उठाए:
- पितृभूमि और नागरिक का विचार: 'ला पात्री' (पितृभूमि) और 'ले सितोयेन' (नागरिक) जैसे विचारों पर बल दिया गया ताकि एक संविधान के अंतर्गत समान अधिकार प्राप्त एक समुदाय का निर्माण हो सके।
- नया राष्ट्रध्वज: पुराने राजसी ध्वज को हटाकर नया तिरंगा (Tricolour) अपनाया गया।
- समान कानून व्यवस्था: आंतरिक आयात-निर्यात शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिए गए और भार व माप की एक समान मीट्रिक प्रणाली लागू की गई।
- साझा भाषा: क्षेत्रीय बोलियों को हतोत्साहित किया गया और पेरिस में बोली जाने वाली फ्रेंच को राष्ट्र की साझा भाषा बनाया गया।
- राष्ट्रीय गान और शपथ: नई स्तुतियां रची गईं, राष्ट्रीय गान (मार्सेई) गाया गया और राष्ट्र के नाम पर सामूहिक शपथें ली गईं।
50. इटली और जर्मनी के एकीकरण की प्रक्रियाओं की तुलना करते हुए उनकी समानताओं और असमानताओं को स्पष्ट करें।
| आधार | इटली का एकीकरण | जर्मनी का एकीकरण |
|---|---|---|
| मुख्य नेतृत्वकर्ता | काउन्ट कावूर, मेजिनी, गैरीबाल्डी और विक्टर इमैनुएल द्वितीय। | ओटो वॉन बिस्मार्क और राजा विलियम प्रथम। |
| नेतृत्व करने वाला राज्य | सार्डिनिया-पीडमोंट राज्य। | प्रशा (Prussia) राज्य। |
| प्रक्रिया का स्वरूप | कूटनीति के साथ-साथ गैरीबाल्डी के स्वयंसेवकों और जन-आंदोलनों का व्यापक सहयोग था। | पूर्णतः 'ऊपर से थोपा गया' सैन्य तंत्र और प्रशा की शक्तिशाली राजशाही-नौकरशाही का अभियान था। |
| मुख्य विदेशी शत्रु | ऑस्ट्रिया (जो इटली के उत्तरी भागों पर काबिज था) और फ्रांस। | ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और फ्रांस। |
| समानता | दोनों ही 1871 में पूर्ण हुए और दोनों में ही ऑस्ट्रिया व फ्रांस सबसे बड़ी बाधाएं थे। | दोनों देशों में एक शक्तिशाली राज्य (पीडमोंट/प्रशा) के इर्द-गिर्द एकीकरण हुआ। |
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