Class 10 Hindi (गोधूलि भाग-2: काव्य खंड)

अध्याय 10: अक्षर-ज्ञान (रचयिता: अनामिका)

I. कविता के साथ (प्रश्न-उत्तर)
प्रश्न 1: कविता में तीन स्थितियाँ हैं। स्पष्ट करें कि वे कौन-कौन सी हैं?
उत्तर:
कविता में बच्चे के अक्षर-ज्ञान (सीखने की प्रक्रिया) की तीन प्रमुख स्थितियाँ दर्शाई गई हैं:
  • प्रारंभिक चंचलता व असफलता की स्थिति: जब बच्चा 'क' और 'ख' जैसे वर्णों को साधने की कोशिश करता है, लेकिन चंचलता के कारण वे उससे सही तरीके से चौखटे में नहीं लिखे जाते।
  • संज्ञानात्मक बोध व संबंध स्थापित करने की स्थिति: जब बच्चा 'ङ' को सीखता है, तो वह उसके 'ड' को 'माँ' और बगल की बिंदु (·) को उसकी 'गोद में बैठा बेटा' मानकर आत्मीय संबंध स्थापित करता है।
  • विफलता और आँसुओं (प्रयास) की स्थिति: जब 'माँ-बेटा' (ङ) उससे नहीं सधता, तो निराशा में उसकी आँखों से आँसू छलक पड़ते हैं। यही आँसू सीख और विकास की पहली सीढ़ी (प्रथमाक्षर) बनते हैं।
प्रश्न 2: कविता में 'क' का विवरण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कविता में 'क' का अर्थ 'कबूतर' से जोड़ा गया है। जिस प्रकार कबूतर शांत नहीं बैठता और फुदकता रहता है, उसी प्रकार छोटे बच्चे का 'क' भी स्लेट या कॉपी की चौखट (चौखाने) में समाता नहीं है और हाथ से फिसलकर बाहर (पंक्ति से नीचे) चला जाता है।
प्रश्न 3: खालिस बेचैनी किसकी है? बेचैनी का क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
'खालिस बेचैनी' (विशुद्ध व्याकुलता) 'ख' (खरगोश) की है।

अभिप्राय: यहाँ बेचैनी का अभिप्राय बच्चे के मन की उस आतुरता और व्याकुलता से है, जिसमें वह वर्णमाला के अक्षरों को सही-सही और सीधा लिखने का निरंतर प्रयास करता है, परंतु असफलता के कारण उसका मन चंचल और व्यग्र रहता है।
प्रश्न 4: बेटे के लिए 'ङ' क्या है और क्यों?
उत्तर:
बेटे के लिए 'ङ' का 'ड' भाग 'माँ' है तथा उसके बगल का बिंदु (·) माँ की 'गोद में बैठा बेटा' है।

कारण: बच्चा 'ङ' के उच्चारण और बनावट को समझने में कठिनाई महसूस करता है। इसलिए वह अपनी बाल-सुलभ कल्पना के माध्यम से 'ङ' की आकृति में माँ और बच्चे के वात्सल्य संबंध को देखता है।
प्रश्न 5: बेटे के आँसू कब आते हैं और क्यों?
उत्तर:
जब बच्चा 'ङ' (माँ-बेटा) को सही से लिख पाने में बार-बार प्रयास करने के बाद भी असफल हो जाता है, तब उसके आँसू छलक आते हैं।

कारण: अनवरत कोशिश करने के बावजूद सफलता न मिलने पर उत्पन्न हुई पहली विफलता के दुख और हताशा के कारण उसकी आँखों में आँसू आते हैं।
प्रश्न 6: कविता के अंत में कवयित्री 'शायद' अव्यय का क्यों प्रयोग करती हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कवयित्री अनामिका 'शायद' शब्द का प्रयोग इसलिए करती हैं क्योंकि सृष्टि के विकास-क्रम या किसी भी नई सीख का प्रारंभ हमेशा पहली असफलता और उससे उपजे संघर्ष (आँसुओं) से ही होता है। 'शायद' शब्द बाल-मन की अनिश्चितता, आशा और सतत प्रयास की स्वाभाविक प्रक्रिया की ओर संकेत करता है।
प्रश्न 7: कविता किस तरह एक सांत्वना और आशा जगाती है? विचार करें।
उत्तर:
यह कविता दर्शाती है कि सीखने की प्रक्रिया में विफलता, भूल और निराशा आना स्वाभाविक है। बच्चे के छलकते आँसू उसकी हार नहीं, बल्कि उसके प्रयास और जीवटता का प्रमाण हैं। कविता यह सांत्वना देती है कि आँसू ही विकास कथा के प्रथमाक्षर हैं, जो यह आशा जगाते हैं कि निरंतर प्रयास से बच्चा एक न एक दिन अक्षर-ज्ञान अवश्य हासिल कर लेगा।
प्रश्न 8: व्याख्या करें –
"गमले-सा टूटता हुआ उसका 'ग'
घड़े-सा लुढ़कता हुआ उसका 'घ'"
प्रसंग: प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक 'गोधूलि भाग-2' की 'अक्षर-ज्ञान' शीर्षक कविता से उद्धृत हैं, जिसकी रचयिता कवयित्री अनामिका हैं।
व्याख्या: इन पंक्तियों में कवयित्री बच्चे द्वारा वर्णमाला सीखने के दौरान होने वाली गलतियों का सुंदर वर्णन करती हैं। जब बच्चा 'ग' लिखता है, तो वह सीधा न बनकर किसी टूटे हुए गमले की तरह बिखर जाता है। उसी प्रकार, जब वह 'घ' लिखने का प्रयास करता है, तो उसकी गोल बनावट सही न बनने के कारण वह किसी लुढ़कते हुए घड़े की तरह अपनी जगह से डिग जाता है।
II. कविता के आस-पास
1. कवयित्री बिहार की हैं। शिक्षक की सहायता से बिहार की अन्य समसामयिक कवयित्रियों की सूची तैयार करें।
उत्तर:
बिहार की प्रमुख समसामयिक कवयित्रियों की सूची:
  • अनामिका
  • नीलेश रघुवंशी
  • पूनम सिंह
  • उषा किरण खान
  • शांति सुमन
2. अपने संपर्क के किसी एक शिशु को अक्षर-ज्ञान कराएँ और उस दौरान के अपने अनुभव के आधार पर एक टिप्पणी लिखें।
उत्तर:
अनुभव टिप्पणी: जब मैंने अपने पड़ोस के 4 वर्षीय बच्चे को 'क' और 'ख' लिखना सिखाया, तो मैंने पाया कि बच्चों के लिए अक्षरों की बनावट को कागज पर उतारना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। वे पेंसिल को कसकर पकड़ने और सीधी रेखाएँ खींचने में संघर्ष करते हैं। अक्षर बिगड़ने पर वे झुंझला जाते हैं, लेकिन जब उन्हें किसी खिलौने या कहानी (जैसे 'क' से कबूतर) के साथ जोड़ा जाता है, तो वे उत्सुकता और खुशी के साथ पुन: प्रयास करते हैं।
III. भाषा की बात

1. निम्नांकित भिन्नार्थक शब्दों के वाक्य-प्रयोग करते हुए अर्थ स्पष्ट करें –

शब्द अर्थ / संदर्भ वाक्य प्रयोग
चौखटा चित्र/तस्वीर का ढाँचा तस्वीर को सुंदर चौखटा में लगाया गया है।
चौखट दरवाज़े की चौखट उसने घर की चौखट पर दीपक जलाया।
बेटा पुत्र राम अपने पिता का आज्ञाकारी बेटा है।
बाट रास्ता/प्रतीक्षा माँ सुबह से बेटे की बाट जोह रही है।
खालिस शुद्ध/असली स्वास्थ्य के लिए खालिस दूध पीना चाहिए।
खलासी जहाज़ या बस का कर्मचारी खलासी ने बस की छत पर सामान चढ़ाया।
खलिश चोट/टीस/दुख पुरानी बातें याद आते ही मन में खलिश होने लगती है।
थमना रुकना बारिश के थमने के बाद धूप निकली।
धमकना पहुँच जाना/दबिश देना मेहमान अचानक घर में धमक पड़े।
थामना पकड़ना/सहारा देना गिरते हुए बच्चे को पिता ने थाम लिया।
सधना सफल होना/अभ्यस्त होना अभ्यास से ही हाथ में कला सधती है।
साधना तपस्या/प्रयास कठिन साधना से ही सिद्धि प्राप्त होती है।
साध इच्छा/अभिलाषा मेरी मन में पढ़ने की साध बनी हुई है।
गोदी अंक/कोलाहल मुक्त स्थान बच्चा अपनी माँ की गोदी में सो गया।
गढ़ी छोटा किला राजा ने पहाड़ी पर एक गढ़ी बनवाई थी।
गाद कीचड़/तलछट नदी के तल में भारी गाद जमा हो गई है।
कोशिश प्रयास निरंतर कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
कशिश आकर्षण प्रकृति के सौंदर्य में एक अद्भुत कशिश है।
विफलता असफलता विफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है।
विकलता व्याकुलता दुख की घड़ी में मन में विकलता बढ़ जाती है।

2. कविता में प्रयुक्त क्रियापदों का चयन करते हुए उनसे स्वतंत्र वाक्य बनाएँ।

  • अंटा (अंटना): यह बड़ा सामान इस छोटे डिब्बे में नहीं अंटेगा।
  • फुदकना: चिड़िया डाल पर फुदक रही है।
  • उतरना: यात्री बस से नीचे उतर रहे हैं।
  • थमकना: बच्चा चलते-चलते रास्ते में थमक गया।
  • छलकना: खुशी के मारे उसकी आँखों से आँसू छलक पड़े।

3. निम्नांकित के विपरीतार्थक शब्द दें –

शब्द विपरीतार्थक शब्द
बेटा बेटी
कबूतर कबूतरी
माँ पिता
उतरना चढ़ना
टूटना जुड़ना
बेचैनी चैन / शांति
अनवरत विरतः / रुक-रुककर
आँसू मुस्कान / हँसी
विफलता सफलता
प्रथमाक्षर अंतिमाक्षर
विकास-कथा विनाश-कथा
सृष्टि प्रलय